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                <title>असर खबर का... गणेश पूजन के साथ दशहरा मेले की तैयारियों का शुभारंभ कल से</title>
                                    <description><![CDATA[दशहरा मेला भारतीय संस्कृति, सनातन मूल्यों और लोक परंपराओं का जीवंत मंच माना जाता है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/impact-of-the-news----preparations-for-the-dussehra-fair-to-kick-off-tomorrow-with-the-worship-of-lord-ganesha/article-157835"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/1200-x-600-px)-(1)6.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। कोटा के 133 वें राष्ट्रीय दशहरा मेले का आयोजन इस वर्ष 11 अक्टूबर से 5 नवम्बर तक किया जाएगा। इस ऐतिहासिक मेले की तैयारियों का विधिवत शुभारंभ बुधवार को गणेश स्थापना व पूजन के साथ होगा।नगर निगम आयुक्त ओमप्रकाश मेहरा ने बताया कि कोटा का दशहरा मेला राजस्थान ही नहीं, बल्कि देश के प्रमुख सांस्कृतिक आयोजनों में शामिल है। लगभग एक माह तक चलने वाले इस महोत्सव के दौरान पूरा शहर उत्सवमय वातावरण में रंग जाता है। मेले में लोक कलाकारों की आकर्षक प्रस्तुतियां, सांस्कृतिक संध्याएं, पारंपरिक हस्तशिल्प प्रदर्शनी, मनोरंजन गतिविधियां और विविध आयोजन आकर्षण का केंद्र रहते हैं।</p>
<p>दशहरा मेला भारतीय संस्कृति, सनातन मूल्यों और लोक परंपराओं का जीवंत मंच माना जाता है। यह आयोजन राजस्थान की समृद्ध सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। हर वर्ष देश-विदेश से लाखों पर्यटक मेले में पहुंचकर भारतीय संस्कृति की विविध रंगों से रूबरू होते हैं। इस वर्ष का मेला पहले से भी अधिक भव्य और आकर्षक बन सके इसके लिए 24 जून को सुबह 10.30 बजे दशहरा मैदान स्थित श्रीराम रंगमंच परिसर में विघ्नहर्ता व रिद्धि-सिद्धि के दाता भगवान गणेश के पूजन-अर्चन के साथ मेले की तैयारियों की शुरूआत होगी।</p>
<p>आयुक्त मेहरा ने बताया कि प्रशासन का उद्देश्य है कि जनप्रतिनिधियों, गणमान्य प्रबुद्धजन, सामाजिक कार्यकर्ताओं, संगठनों, स्वयं सेवी संस्थाओं, पर्यटन और विविध क्षेत्रों के विशेषज्ञो के साथ आमजन के भी सुझाव और सहयोग से इस वर्ष भी मेले का आयोजन सुव्यवस्थित, सुरक्षित और भव्य रूप में किया जाए, ताकि प्रदेश की इस अमूल्य सांस्कृतिक धरोहर का आयोजन निर्विघ्न व सफलतापूर्वक संपन्न हो सके।</p>
<p><strong>25 जुलाई को देवशयनी एकादशी</strong><br />इस वर्ष 25 जुलाई को देव शयनी एकादशी है। इस दिन से करीब चार माह तक शुभ व मांगलिक कार्यक्रम नहीं हो सकते। ऐसे में इसी अवधि में दशहरा मेला होने से उसके आयोजनों पर भी संकट मंडराने लगता है। इसे देखते हुए हर साल नगर निगम की ओर से देव शयनी एकादशी से पहले ही गणेश स्थापना व पूजन किया जाता है। जिससे देव शयनी के बावजूद मेले की तैयारियां की जा सके।</p>
<p><strong>नवज्योति ने किया था प्रकाशित</strong><br />गौरतलब है कि गणेश स्थापना व पूजन से संबंधिरत समाचार दैनिक नवज्योति ने प्रमुखता से प्रकाशित की थी। समाचार पत्र में 19 जून के अंक में पेज 4 पर' देवशयनी एकादशी से पहले होगी मेले की गणेश स्थापना शीर्षक से समाचार प्रकाशित किया था। जिसमें बताया था कि गत वर्ष 30 मई को गणेश स्थापना कर दी गई थी। इस बार अभी तक नहीं हुई है। जबकि निगम अधिकारियों का कहना था कि इस संबंध में शीघ्र ही आदेश जारी कर दिया जाएगा। नवज्योति में समाचार प्रकाशित होते ही आयुक्त ओम प्रकाश मेहरा ने सोमवार को ही गणेश स्थापना व पूजन का आदेश जारी कर दिया। जिसमें 24 जून को सुबह 10.30 बजे श्रीराम रंगमंच पर गणेश स्थापना व पूजन का कार्यक्रम रखा गया है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 23 Jun 2026 15:08:12 +0530</pubDate>
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                <title>यह कैसी गुणवत्ता जांच, प्रयोगशाला पर ही बरसों से ताला</title>
                                    <description><![CDATA[निगम ने कई साल पहले हाड़ौती उद्यान में प्रयोगशाला स्थापित की थी।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/what-kind-of-quality-check-is-this--the-laboratory-has-remained-locked-for-years/article-156781"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/111200-x-600-px)-(1)9.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। नगर निगम की ओर से करवाए जाने वाले निर्माण कार्य में उपयोग होने वाली निर्माण सामग्री की गुणवत्ता जांच के लिए निगम की प्रयोगशाला तो है लेकिन उस पर बरसों से ताला लटका हुआ है। जिससे निगम की निजी प्रयोगशाला में जांच करवानी पड़ रही है। नगर निगम की ओर से शहर में सड़क व अन्य निर्माण कार्य संवेदकों के माध्यम से करवाए जा रहे हैं। निर्माण कार्य के दौरान उपयोग होने वाली सामग्री की गुणवत्ता का पता लगाने के लिए निर्माण सामग्री की जांच प्रयोगशाला में करवाई जाती है। इसके लिए नगर निगम की ओर से कई साल पहले हाड़ौती उद्यान में प्रयोगशाला स्थापित की थी। उस समय यहां जांच के लिए उपकरण व तकनीकी स्टाफ भी लगाए गए थे। जिससे कुछ समय तक तो इसका उपयोग हुआ। लेकिन उसके बाद इस पर एक बार ताला लगा तो उसके बाद से खुला ही नहीं।</p>
<p>वर्तमान में हालत यह है कि प्रयोगशाला पर बरसों से ताला ही लटका हुआ है। नगर निगम के अधिकारियों ने कुछ समय पहले इसे खोलकर देखा था तो अधिकतर जांच उपकरण या तो खराब हो गए हैं या फिर चोरी हो गए। जिससे इस प्रयोगशाला में निर्माण सामग्री की गुणवत्ता जाच ही नहीं की जा रही। निर्माण कार्य में उपयोग होने वाली सामग्री की जांच निगम अभियंताओं व अधिकारियों को निजी प्रयोगशालाओं में राशि खर्च करके करवानी पड़ रही है।</p>
<p><strong>निगम आयुक्त ने किया था निरीक्षण</strong><br />नगर निगम आयुक्त ओम प्रकाश मेहरा ने कुछ समय पहले निगम अधिकारियों व अभियंताओं के साथ इस प्रयोगशाला का निरीक्षण किया था। उस समय वहां की स्थिति देखकर वे भी दंग रह गए थे। उन्होंने अभियंताओं से कहा कि जब निगम के पास प्रयोगशाला है तो इसे चालू किया जाए। लेकिन उसके बाद भी काफी समय हो गया अभी तक इसे चालू नहीं किया गया है। अभी भी प्रयोगशाला के मुख्य द्वार पर ताला ही लटका हुआ है।</p>
<p><strong>सार्वजनिक निर्माण विभाग की है लैब</strong><br />इधर शहर में सार्वजनिक निर्माण विभाग की अपनी प्रयोगशाला है। जहां उनके द्वारा करवाए जाने वाले निर्माण कार्यों की सामग्री की गुणवत्ता जांच करवाई जा रही है। जबकि निगम की प्रयोगशाला होने के बावजूद उसका उपयोग नहीं हो पा रहा है।</p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />कुछ समय पहले प्रयोगशाला का निरीक्षण किया था। उस समय जानकारी मिली कि यहां जांच के लिए उपयकरण व मशीनशरी की आवश्यकता है। इस पर इसे चालू करने के लिए आवश्यक कार्यवाही करने व उपकरण व मशीनरी खरीदने के आदेश दिए थे। उसके बाद टेंडर प्रक्रिया में समय लगा। लेकिन यह फाइनल होने के बाद मशीनरी व उपकरण क्रय करने का कार्यादेश जारी किया जा चुका है। करीब दस लाख की लागत से एक सप्ताह में उपकरण आ जाएंगे। जिससे दस दिन के भीतर प्रयोगशाला को शुरु किया जा सकेगा।<br /><strong>- ओम प्रकाश मेहरा, आयुक्त ,नगर निगम कोटा</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 12 Jun 2026 14:34:20 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>असर खबर का : हिन्दू धर्मशाला की सुधर रही दशा, एक माह बाद नए स्वरूप में नजर आएगी धर्मशाला</title>
                                    <description><![CDATA[निगम की ओर से संचालित हिन्दू धर्मशाला काफी पुरानी  है और कई सालों से मरम्मत नहीं हुई थी। 
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/impact-of-news---condition-of-hindu-dharamshala-improving--will-appear-in-a-new-avatar-in-a-month/article-156067"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/1111200-x-600-px)19.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। नगर निगम की ओर से रामपुरा के आर्य समाज रोड स्थित हिन्दू धर्मशाला की दशा सुधारी जा रही है। यहां करीब 40 लाख रुपए की लागत से इसकी मरम्मत व नवीनीकरण का कार्य कराया जा रहा है। नगर निगम की ओर से संचालित हिन्दू धर्मशाला काफी पुरानी बनी हुई है। जिसकी कई सालों से मरम्मत नहीं हुई थी। ऐसे में इसके बाहर से लेकर अंदर तक, कमरों से लेकर बाथरूम तक, छत से लेकर फर्श तक सभी की हालत इतनी अधिक खराब हो गई थी कि देखने से यह किसी जर्जर भवन की तरह नजर आ रही थी। लेकिन अब जैसे ही नगर निगम ने इसकी सुध ली तो इसकी दशा सुधरने लगी है।</p>
<p><strong>यह हो रहा काम</strong><br />धर्मशाला में ऊपर और नीचे करीब 35 कमरे हैं। जिनमें से 5 कमरे अधिकािरयों के लिए रिजर्व हैं। इन सभी कमरों में प्लास्टर करने के साथ ही दीवारों पर टाइल्स लगाई जा रही है। कमरे में पुताई कर नयापन लाया जा रहा है। वहीं लाइट की वायरिंग से लेकर खिड़की दरवाजे तक सुधारे जा रहे हैं।धर्मशाला में प्रवेश करते ही आंगन के फर्श के पुराने पत्थरों को हटाकर ग्रेनाइट के नए पत्थर लगाए गए हैं। ग्राउंड व पहली मंजिल के पूरे फर्श को नया रूप दिया जा रहा है। छत पर भी दूजड़ा किया गया है। जिससे बरसात में पानी टपकने की समस्या नहीं रहेगी।</p>
<p><strong>बाथरूम भी किए जा रहे नए</strong><br />धर्मशाला में पुरुषों व महिलाओं के लिए जन सुविधा व बाथरूम अलग-अलग बने हुए हैं। लेकिन उनकी हालत काफी खराब थी। अब निगम की ओर से बाथरूम की दशा सुधारी जा रही है। यहां नई शीट लगाने के साथ ही मरम्मत व दरवाजें भी बदले जा रहे हैं। वहीं पुरुषों के लिए आंगन के पास ही नए शौचालय भी बनाए जाएंगे।वहीं नालियों को सही किया जा रहा है। उनका निकास बाहर की तरफ किया जा रहा है। जिससे बरसात में पानी भरने की समस्या नहीं रहेगी। वहीं रिसेप् शन को भी नया रूप दिया जाएगा।</p>
<p><strong>अन्नपूर्णा रसोई की जगह भी सुधरेगी</strong><br />धर्मशाला में काम चलने से फिलहाल यहां कोई रात्रि विश्राम के लिए नहीं आ रहा था। यहां कमरों का काम पूरा होने के बाद अन्नपूर्णा रसोई की जगह की दशा भी सुधारी जाएगाी । फिलहाल यहां रसोई संचालित होने से इसका काम अभी शुरु नहीं किया गया है।</p>
<p><strong>पहले हो रही थी दुर्दशा</strong><br />पुराने शहर के रामपुरा में होने से इस धर्मशाला में पहले काफी लोग आकर रात में ठहरते थे। निगम की ओर से यहां कमरों का किराया मात्र 50 रुपए होने से लोगों के लिए यह सुविधा जनक भी थी। लेकिन इसकी हालत खराब होने से यहां आने वालों की संख्या कम हो गई थी।<br />यहां के कमरों की हालत इतनी अधिक खराब थी कि प्लास्टर उखड़ा हुआ था। दीवारों पर सीलन आ रही थी। बिजली की लाइनें उखड़ी हुई थी। लाइटें व पंखे पुराने होने से उनके कभी की गिरने का खतरा बना हुआ था। वहीं बाथरूम की हालत ऐसी थी कि उनका उपयोग करना तो दूर वहां जाने तक में शर्म महसूस होती थी। कमरों के ही नहीं बाथरूम तक के दरवाजे टूटे हुए थे। खिड़कियां टूटी हुई थी। छत से बरसात में पानी टपकता था।</p>
<p><strong>नवज्योति ने किया था मामला प्रकाशित</strong><br />गौरतलब है कि धर्मशाला की दुर्दशा के संबंध में दैनिक नवज्योति ने समाचार प्रकाशित किया था। जिसमें इसकी दुर्दशा व लोगों को होने वाली समस्या को उजागर किया था। समाचार प्रकाशित होने के बाद निगम अधिकारियों ने इसकी सुध ली थी। सूत्रों के अनुसार शुरुआत में इसकी मरम्मत व जीर्णोद्धार का करीब 90 लाख रुपए का एस्टीमेट तैयार किया गया था। लेकिन बाद में इसे घटाकर 40 लाख रुपए कर दिया गया था। निगम ने टेंकर कर इसका काम शुरु कराया। कुछ समय से इसका काम तेजी से चल रहा है। इसका काम पूरा होने में अभी करीब एक माह का समय लगने की संभावना है। सूत्रों के अनुसार धर्मशाला की दशा सुधरने के बाद यहा कमरों मेंं बिस्तर व पलंग भी बदले जाएंगे। जिससे यहां आने वालों को सुविधा मिलेगी तो नगर निगम की ओर से कमरों में ठहरने का किराया भी संशोधित कर बढ़ाया जा सकता है। नगर निगम की ओर से यहां दो पारियों में तो निगम के कर्मचारी लगाए हुए हैं। जबकि रात के समय सुरक्षा के लिए होमगार्ड तैनात किया गया है।</p>
<p><strong>आयुक्त ने अधिकारियों के साथ किया निरीक्षण</strong><br />धर्मशाला में चल रहे जीर्णोद्धार कार्य का गुरुवार शाम को नगर निगम आयुक्त ओम प्रकाश मेहरा ने अधिकारियों के साथ निरीक्षण किया। वर्तमान में यहाँ फ्रंट एलिवेशन को सुंदर बनाने, दीवारों की पुताई, टाइल्स लगाने और कमरों की बुनियादी मरम्मत का कार्य किया जा रहा है। अधिकारियों ने गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखते हुए कार्य को समय पर पूरा करने की बात कही। निरीक्षण के दौरान अधिशाषी अभियंता कुलदीप प्रेमी व सहायक अभियंता मोतीलाल चौधरी भी मौजूद थे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 05 Jun 2026 12:59:13 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>असर खबर का : 10 लाख से चमक रहा लक्खी बुर्ज का सौन्दर्य, अगले 15 दिन में नजर आएगा निखरा स्वरूप</title>
                                    <description><![CDATA[नवज्योति में समाचार प्रकाशित होने के दिन ही निगम आयुक्त ने अधिकारियों के साथ मौका निरीक्षण किया था। 
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/impact-of-news---lakkhi-burj%E2%80%99s-beauty-enhanced-by-a-10-lakh-project--a-rejuvenated-look-expected-within-15-days/article-156068"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/1111200-x-600-px)-(1)8.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। शहर की ऐतिहासिक धरोहरों और सांस्कृतिक विरासत को सहेजने के लिए नगर निगम ने अभिनव पहल की है। लक्खी बुर्ज के साथ ही घंटाघर का जीर्णोद्धार करवाया जा रहा है, जिनसे इनका स्वरूप नया और निखरा हुआ नजर आएगा। आयुक्त ओमप्रकाश मेहरा ने बताया कि लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के निर्देश पर निगम ने ऐतिहासिक इमारतों के जीर्णोद्धार का काम हाथ में लिया है। लक्खी बुर्ज के जीर्णोद्धार के लिए निर्माण शाखा की ओर से करीब 10 लाख रूपए की लागत से विभिन्न नवीनीकरण कार्य किए जा रहे हैं। इसमें सीढिय़ों की मरम्मत, नवीन कलात्मक दरवाजे, टाइल्स लगाने, कलात्मक फव्वारे, विशेष लाइटिंग, इन-बिल्ट म्यूजिक सिस्टम वाले पोल स्थापित करने और सुविधाओं के सुधार सहित आकर्षक रंग-रोगन का कार्य शामिल है। निरीक्षण के दौरान इस काम को अगले 15 दिन में पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।</p>
<p>आयुक्त मेहरा ने बताया कि विद्युत अनुभाग द्वारा शहर की प्रमुख ऐतिहासिक इमारतों पर अत्याधुनिक फसाड़ लाइटिंग लगाने की योजना है। इस लाइटिंग के प्रभाव को और अधिक निखारने के लिए निर्माण शाखा द्वारा महात्मा गांधी स्कूल, महारानी स्कूल और घंटाघर टावर की विशेष केमिकल वॉशिंग करवाई जाएगी। इससे पत्थरों पर समय के साथ आई धूल-मिट्टी साफ हो जाएगी और इनका मूल सौंदर्य पुन: उभरकर सामने आएगा। इस कार्य को भी जल्द पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। निरीक्षण के दौरान अधिशाषी अभियंता कुलदीप प्रेमी, सचिन यादव ,तनुज शर्मा, सहायक अभियंता मोतीलाल चौधरी, विष्णु वैष्णव व संबंधित क्षेत्र के कनिष्ठ अभियंता उपस्थित थे।</p>
<p><strong>नवज्योति ने किया था मामला प्रकाशित</strong><br />गौरतलब है कि शहर के प्रमुख एतिहासिक व पर्यटन स्थल लक्खी बुर्ज की दुर्दशा का मामला दैनिक नवज्योति ने प्रमुखता से प्रकाशित किया था। समाचार पत्र में 27 व 28 अप्रैल को समाचार प्रकाशित किए थे। 27 को पेज दो पर एक लाख में बना था इसलिए नाम रखा लक्खी बुर्ज शीर्षक से समाचार प्रकाशित किया था। जिसमें यहां हो रही दुर्दशा को उजागर किया था। समाचार प्रकाशित होने के दिन ही निगम आयुक्त ने अधिकारियों के साथ मौका निरीक्षण किया था। उसके बाद 28 अप्रैल को पेज दो पर' लोटेगा लक्खी बुर्ज का पुराना वैभव शीर्षक से समाचार प्रकाशित किया था। जिसमें आयुक्त ने इसकी मरम्मत समेत अन्य कार्य करवाने के निर्देश दिए थे। उसके बाद यहां काम शुरु हुए और अब इस माह तक काम पूरे होने के बाद लोगों के लिए यह पर्यटन स्थल के रूप में निखरकर आएगा। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 05 Jun 2026 12:47:51 +0530</pubDate>
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                <title>असर खबर का :  बरसात से पहले साफ हो जाएगा पत्थरों का पहाड़</title>
                                    <description><![CDATA[नगर निगम ने किया पत्थर उठाने का टेंडर, आज से शुरु होगा काम।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/impact-of-news--the--mountain-of-stones--will-be-cleared-before-the-monsoon-arrives/article-155807"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/856.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। दादाबाड़ी स्थित नाले में करीब छह माह से अधिक समय से लगे पत्थरों का पहाड़ बरसात से पहले साफ हो जाएगा। नगर निगम ने इसके टेंडर करने के बाद मंगलवार को कार्यादेश भी जारी कर दिया। अब बुधवार से पत्थर हटाने का काम शुरु होगा। जिससे बरसात में यह बाधक नहीं बनेगा। </p>
<p>नगर निगम की ओर से बसंत विहार से दादाबाड़ी धोकड़े वाले हनुमानजी मंदिर तक बड़े बरसाती नाले का काम कराया जा रहा है। जिसके तहत नाले में सीसी बैड बनाना है। साथ ही बीच में ड्राई वैदर चैनल बनाई जा रही है। जिससे पूरे साल चैनल के माध्यम से और बरसात में पूरे नाले से पानी का निर्वाध बहाव हो सके। इस काम के दौरान नाले की खुदाई से निकले बड़ी मात्रा में पत्थरों का नाले में ही अम्बार लग गया। जिससे वहां ऐसा लग रहा है मानो पत्थरों का पहाड़ खड़ा हो। निगम की ओर से उस पत्थर को नहीं हटाने से इससे बरसात में पानी का बहाव में रूकावट होने पर दादाबाड़ी, बसंत विहार व जवाहर नगर समेत कई क्षेत्रों में पानी भरने की समस्या हो सकती है। लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। नगर निगम ने पत्थर हटाने के लिए टेंडर कर इसकी नीलामी की प्रक्रिया शुरु की थी। जिसके फाइनल होने के बाद मंगलवार को उसका कार्यादेश जारी कर दिया गया। निगम अधिकारियों के अनुसार चुनाई के इस पत्थर को 416 रुपए प्रति टन के हिसाब से बेचा जाएगा। संवेदक द्वारा बुधवार से इसे हटाने का काम शुरु कर दिया जाएगा।</p>
<p><strong>नवज्योति ने किया था मामला प्रकाशित</strong><br />गौरतलब है कि दादाबाड़े नाले में लगे पत्थरों के पहाड़ व इससे बरसात में होने वाली समस्या का मामला दैनिक नवज्योति ने प्रमुखता से प्रकाशित किया था। समाचार पत्र में 16 मई को पेज 8 पर' बरसात में बाधक बनेगा नाले में पत्थरों का पहाड़ शीर्षक से समाचार प्रकाशित किया था। जिसमें इससे होने वाले प्रभाव व लोगों की समस्या को उजागर किया था।<br />समाचार प्रकाशित होने के बाद निगम अधिकारी हरकत में आए। उन्होंने पत्थरों के पहाड़ को हटाने के लिए इसके टेंडर व नीलामी प्रक्रिया शुरु की। यह प्रक्रिया पूरी होने के बाद मंगलवार को पत्थर हटाने का कार्यादेश भी जारी कर दिया गया।</p>
<p>नगर निगम आयुक्त ओम प्रकाश मेहरा ने बताया कि माइनिंग विभाग की परमीशन समेत कई औपचारिकताएं पूरी करने में समय लगा। नीलामी पूरी होने के बाद मंगलवार को कार्यादेश जारी कर दिया गया है। बुधवार से पत्थर उठाने का काम शुरु हो जाएगा।आयुक्त ने बताया कि संवेदक को 20 से 25 दिन का समय दिया गया है। जिससे बरसात शुरु होने से पहले पत्थरों का पहाड़ साफ हो जाएगा। उसके बाद मिट्टी को तो साफ कर देंगे। जिससे बरसात में लोगों को परेशानी नहीं होगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 03 Jun 2026 11:27:33 +0530</pubDate>
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                <title>12 साल बाद भी कोटा सहित राज्य का एक भी शहर नहीं हो सका कचरा मुक्त</title>
                                    <description><![CDATA[गारबेज फ्री सिटी के सर्वेक्षण के लिए आएगी टीम।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/even-after-12-years--not-a-single-city-in-the-state%E2%80%94including-kota%E2%80%94has-achieved--garbage-free--status/article-155642"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/12-saal-bd-bhi-kota-sahit-rajya-ka-ek-bhi-sheher-nhi-ho-ska-kachra-mukt...kota-news-01.06.2026.jpg.jpeg" alt=""></a><br /><p>कोटा। स्वच्छता सर्वेक्षण वर्ष 2014 से किया जा रहा है। करीब 12 साल से अधिक का समय हो गया। अभी तक कोटा ही नहीं राज्य का एक भी शहर चाहे वह जयपुर हो या जोधपुर या फिर उदयपुर जैसा शहर हो एक भी शहर कचरा मुक्त नहीं हो सका है। हालांकि 50 हजार से कम की आबादी वाले शहरों में शामिल डूंगरपुर साफ शहरों में तो शामिल है लेकिन वह भी कचरा मुक्त नहीं है। अब फिर कचरा मुक्त शहर का सर्वे करने के लिए भी टीम कोटा आएगी। कचरा मुक्त शहर(जीएफसी) में अभी प्रदेश का कोई शहर शामिल नहीं है। स्वच्छता सर्वेक्षण में जीएफसी के एक हजार अंक निर्धारित हैं।</p>
<p>आवास और शहरी कार्य मंत्रालय की ओर से हर साल स्वच्छता सर्वेक्षण किया जाता है। इसके लिए जनसंख्या के हिसाब से अलग-अलग शहर व नगर निकायों को लिया गया है। 50 हजार से अधिक, 1 लाख से अधिक और 5 लाख से अधिक की आबादी वाले निकायों में होने वाले सर्वेक्षण के लिए हाल ही में सफाई का भौतिक सत्यापन केन्द्रीय टीम द्वारा हाल ही में किया जा चुका है। वहीं सर्वेक्षण में ही एक घटक है गारबेज फ्री सिटी(कचरा मुक्त शहर)। जिसका सर्वेक्षण करने के लिए भी टीम कोटा आएगी। इस टीम के जून में आने की संभावना है।जानकारी के अनुसार कोटा में रोजाना करीब पांच सौ टन से अधिक कचरा निकल रहा है।</p>
<p><strong>जगह-जगह कचरे का अम्बार</strong><br />कोटा जैसे शहर में जो संभागीय मुख्यालय होने के साथ ही स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट में भी शामिल रहा है। अरबों रुपए शहर को स्मार्ट बनाने में खर्च किए जा चुके हैं। लेकिन अभी तक न तो शहर स्मार्ट बन सका है और न ही स्वच्छ। नगर निगम की ओर से हर साल सफाई पर करोड़ों रुपए खर्च किए जा रहे हैं। घर-घर कचरा संग्रहण से लेकर कचरा परिवहन तक के कार्य की मॉनिटरिंग भी सख्ती से की जा रही है। उसके बाद भी शहर में अंदरूनी इलाकों के अलावा मुख्य मार्गों पर भी जगह-जगह कचरे के अम्बार देखे जा सकते हैं। हालांकि निगम अधिकारियों का दावा है कि कचरा रोजाना साफ हो रहा है। सफाई के बाद कचरा डलने से वह दिनभर पड़ा रहता है। लेकिन कारण कुछ भी हो शहर में अभी भी कचरा खुले में पड़ा देखा जा सकता है। फिर चाहे वह छावनी बंगाली कॉलोनी में हो या कोटड़ी नहर के किनारे। चम्बल रिवर फ्रंट नयापुरा रोड पर भी कचरे का ढेर देखा जा सकता है।</p>
<p><strong>कचरा पात्रों के बाहर भी कचरे के ढेर</strong><br />नगर निगम की ओर से शहर में जगह-जगह पर कचरा पॉइंट निर्धारित किए हुए हैं। जिससे वहां से कचरा समय पर उठ सके। वहीं उनके अलावा जगह-जगह पर कचरा पात्र भी रखे गए हैं। जिससे लोग उनमें ही कचरा डालें। यहां तक कि उन कचरा पात्रों में कचरा नजर ही नहीं आए। इसके लिए नगर निगम की ओर से दादाबाड़ी मेन रोड पर अंडर ग्राउंड कचरा पात्र तक बनाया गया है। इसी तरह का दूसरा अंडरग्राउंड कचरा पात्र किशोरपुरा मुक्तिधाम में बनाने की योजना है। नयापुरा में भी बाग स्कूल के पास इसी तरह का प्रयास किया गया था। यहां तक कि निगम की ओर से जगह-जगह पर प्लास्टिक के कचरा पात्र रखे गए लेकिन लोगों ने उन्हें ही तोड़ दिया था चोरी कर लिया। जिससे उनका भी उपयोग नहीं हो पा रहा है। हालत यह है कि कचरा पात्रों के होने के बावजूद कचरा उनके बाहर तक बिखरा रहता है।</p>
<p><strong>इंदौर पहला कचरा मुक्त शहर</strong><br />शहरी आवास और कार्य मंत्रालय की ओर से हर साल कचरा मुक्त शहर के लिए सर्वे किया जाता है। मंत्रालय की ओर से देश में करीब 1170 शहरों को स्टार रेटिंग के हिसाब से कचरा मुक्त शहर घोषित किया गया है। जिनमें इंदौर सफाई के मामले में तो देश में पिछले कई सालों से सबसे स्वच्छ शहर है ही। वहीं 7 स्टार रैकिंग के साथ ही यह देश का पहला कचरा मुक्त शहर भी है।</p>
<p><strong>खुले में शौच मुक्त शहर</strong><br />स्वच्छता सर्वेक्षण के तहत जिस तरह से जीएफसी के एक हजार अंक निर्धारित हैं। उसी तरह से खुुले में शौच मुक्त(ओडीएफ) के भी एक हजार अंक है। कोटा ओडीएफ में तो प्लस-प्लस है।ऐसे में अगले माह जून में टीम कोटा आएगी। जिसमें ओडीएफ व जीएफसी का भी भौतिक सत्यापन करेगी। जिससे दो हजार अंक में से निगम को अंक मिलेगी।</p>
<p><strong>सिटीजन फीडबैक का आज अंतिम दिन</strong><br />नगर निगम की स्वास्थ्य अधिकारी ऋचा गौतम ने बताया कि स्वच्छता सर्वेक्षण के तहत सिटीजन फीडबैक चल रहा है। अब तक कोटा में करीब पौने तीन लाख लोग एप व बार कोड के माध्यम से शहर की सफाई के संबंध में फीडबैक दे चुके हैं। सिटीजन फीडबैक का रविवार को अंतिम दिन है। वहीं अब अगले माह तक ओडीएफ व जीएफसी सर्वे के लिए टीम के आने की संभावना है। इन दोनों के ही एक -एक हजार अंक निर्धारित है। कोटा नगर निगम ओडीएफ में तो प्लस-प्लस है। लेकिन जीएफसी में अभी राज्य का कोई भी शहर शामिल नहीं है। यह रेटिंग के हिसाब से तय होता है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 01 Jun 2026 15:35:28 +0530</pubDate>
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                <title>अब एआई जला रहा कोटा की  रोड लाइट्स</title>
                                    <description><![CDATA[सूर्यास्त होते ही जलती हैं और सूर्योदय के साथ ही बंद हो रही लाइटें।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/now--ai-powers-kota-s-streetlights/article-155645"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/ab-ai-jala-rha-kota-ki-road-lights...kota-news-01.06.2026.jpg.jpeg" alt=""></a><br /><p>कोटा। शहर में अभी तक जहां कई जगह पर रात को अंधेरा होने पर भी रोड लाइटें नहीं जलती थी और सुबह दिन निकलने के बावजूद बंद नहीं होती थी। वहीं अब ऐसा नहीं होगा। वरन् सूर्यास्त होते ही रोड लाइटें स्वत:जलने लगी हैं और सूर्योदय के साथ ही लाइटें बंद हो रही है। यह सभव हुआ है एआई बेस्ड बिजली पैनल से। शहर में नगर निगम और कोटा विकास प्राधिकरण की ओर से हजारों रोड लाइटें लगाई हुई है। केडीए की ओर से अधिकतर मुख्य मार्गों पर और केडीए एरिया में लाइटें लगाई गई है। जबकि नगर निगम की ओर से वार्डों के अंदरूनी इलाकों में लाइटें लगाई गई है।</p>
<p>हमेशा से रोड लाइटों को मेनुअल ही संचालित किया जा रहा था। जिसमें शाम होने से पहले कर्मचारी लाइटों के पैनल चालू करते थे और सुबह होने के बाद पैनल बंद करते थे। जिससे कई बार अंधेरा होने के बाद तक भी लाइटें चालू नहीं होती थी और दिन निकलने के बाद भी लाइटें जलती रहती थी। जिससे बिजली की खपत अधिक हो रही थी और लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। इसके बाद टाइमर वाले पैनल से लाइटों को जोड़ा गया। जिससे भी काफी समय से लाइटें सही चली लेकिन बाद में इसमें भी समस्या होने लगी।</p>
<p><strong>अब सनराइज व सनसैट से हो रहे पैनल संचालित</strong><br />कोटा विकास प्राधिकरण की ओर से शहर में मुख्य मार्गों पर अधिकतर डेकोरेटिव लाइटें लगाई गई है। वहीं अधिकतर लाइटें एलईडी कर दी गई है। जिससे बिजली की बचत तो की जा रही है। साथ ही बिजली के पैनल को भी एआई बेस्ड किया गया है। जिसे सनराइज व सनसैट से जोड़ा गया है। अब रोजाना ऑनलाइन सनसैट होने पर रोड लाइटें जल रही हैं और सनराइज होने पर लाइटें बंद हो रही हैं।</p>
<p><strong>94 पैनल जुड़े, 250 जुडऩे हैं</strong><br />केडीए के अधिशाषी अभियंता(विद्युत) ललित कुमार मीणा ने बताया कि केडीए की ओर से रोड लाइटों के पैनल को एआई बेस्ड बनाया गया है। अभी तक 94 पैनल तो जुड़ चुके हैं। जिससे 5 हजार डेकोरेटिव समेत करीब 9 हजार लाइटें एआई बेस्ड पैनल से संचालित हो रही है। जबकि करीब 250 पैनल जोडऩे हैं। जिससे मुख्य मार्गों के साथ ही केडीए की सभी लाइटें इससे कनेक्ट हो जाएंगी।</p>
<p><strong>यह हो रहा फायदा</strong><br />एक्सईएन ललित मीणा ने बताया कि एआई बेस्ड पैनल से संचालित हो रही रोड लाइटों से एक तो समय पर सभी लाइटें जल रही हैं और समय पर ही बंद हो रही हैं। इससे मेनुअल चालू बंद करने में लगने वाले समय की समस्या समाप्त हो गई है। वहीं दिन के समय अनावश्यक रूप से जलने वाली लाइटों से अधिक हो रही बिजली की खपत की भी बचत हो रही है। साथ ही लोगों को भी परेशानी नहीं हो रही। अब शाम को सूर्यास्त होते ही स्वत: लाइटें जल रही हैं और सुबह सूर्योदय होते ही लाइटें बंद हो रही है।</p>
<p><strong>ऑनलाइन हो रही मॉनिटरिंग</strong><br />ललित मीणा ने बताया कि रोड लाइटों के जलने व बंद होने की प्रक्रिया की ऑनलाइन ही मॉनिटरिंग की जा रही है। संबंधित अधिकारी व कर्मचारी द्वारा लाइटों के चालू बंद होने की जानकारी ऑनलाइन की जा रही है। जिससे यदि कहीं लाइटों के जलने व बंद होने की समस्या आती है तो उसका पता चल जाता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 01 Jun 2026 15:35:17 +0530</pubDate>
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                <title>कोटा : अगले माह से हमारे शहर में दौड़ने लगेंगी ई-बसें</title>
                                    <description><![CDATA[वर्तमान में 34 सिटी बसों में  से फिलहाल करीब 27 बसों का नियमित संचालन हो रहा है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/e-buses-set-to-hit-the-roads-in-our-city-starting-next-month/article-154770"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/1111200-x-600-px)-(4)40.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। देश में एक ओर जहां पेट्रोल -डीजल की किल्लत होने वाली है। वहीं इसे बचाने के प्रयास भी शुरु हो गए हैं। उसी दिशा में कारगर साबित होंगी कोटा में आने वाली ई बसें। कोटा में अगले माह जून तक ई बसों के आने की संभावना है। जिससे वर्तमान में संचालित सिटी बसे बंद हो जाएंगे। ऐसे में हर महीने लाखों रुपए के डीजल की बचत होने लगेगी। कोटा में नगरीय परिवहन सेवा के तहत वर्तमान में 34 सिटी बसें हैं। जिनमें से फिलहाल करीब 27 बसों का नियमित संचालन हो रहा है। स्टेशन से खड़े गणेशजी मंदिर व अन्य स्थानों तक इन बसों के माध्यम से लोगों को सस्ती व सुलभ परिवहन सेवा उपलब्ध हो रही है।नगर निगम अधिकारियों के अनुसार इन बसों के संचालन से वर्तमान में करीब 40 से 50 लाख रुपए महीने के डीजल की खपत हो रही है।</p>
<p><strong>ई बसें आएंगी तो सिटी बसें होंगी बंद</strong><br />निगम अधिकारियों के अनुसार कोटा में प्रधानमंत्री ई बस योजना के तहत 100 बसें आनी हैं। जिनमें 95 तो 9 मीटर वाली हैं और 5 बसें 12 मीटर वाली हैं। ये बसें पूरी तरह से एसी होंगी। शहर में केडीए सीमा तक 20 निर्धारित मार्गों पर इन बसों का संचालन किया जाएगा। प्रति बस प्रति दिन करीब 180 से 200 कि.मी. चलेगी। ई बसों के आने के बाद सिटी बसों का संचालन बंद हो जाएगा। जिससे नगर निगम को तो लाभ नहीं होगा। इसका कारण सिटी बसों में डीजल का खर्चा संवेदक फर्म द्वारा ही वहन किया जा रहा है।</p>
<p><strong>भविष्य में नहीं होगी डीजल की जरूरत</strong><br />नगर निगम के अधिशाषी अभियंता गैराज रविन्द्र सैनी ने बताया कि शुरुआत में 20 से 25 ई बसों के आने की संभावना है। इतनी बसें आने पर सिटी बसों का संचालन बंद नहीं हो पाएगा। ई बसें 20 मार्गों पर चलेंगी। यदि ई बसों की संख्या अधिक होगी तो सिटी बसें बंद हो जाएंगी।<br />सैनी ने बताया कि वर्तमान में सिटी बसों में हर महीने औसत 40 से 50 लाख रुपए के डीजल की खपत हो रही है। ई बसों के आने के बाद इतना डीजल तो बचेगा ही साथ ही भविष्य में बसों में डीजल पेट्रोल की जरूरत नहीं होगी। इससे कोटा के साथ ही राष्ट्रीय स्तर पर पेट्रोल-डीजल की खपत कम होगी।</p>
<p><strong>इस माह तक पूरा होना है बस स्टॉप का काम</strong><br />नगर निगम कोटा के आयुक्त ओम प्रकाश मेहरा ने बताया कि इस माह के अंत तक सुभाष नगर में ई बस स्टॉप का निर्माण कार्य पूरा होना है। साथ ही बसों के लिए चार्जिंग पॉइंट भी लग जाएंगे। उसके बाद जून के पहले सप्ताह तक ई बसों के आने की संभावना है। बसों के आने के बाद उनका संचालन किया जाएगा। सिटी बसों की तुलना में ई बसें पूरी तरह से एसी होंगी। ऐसे में इनका किराया भी संशोधित करने पर विचार किया जा रहा है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 23 May 2026 14:32:35 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>असर खबर का : एक दर्जन जगहों पर शुरु हुई प्याऊ, पानी के कैम्पर रखवाए</title>
                                    <description><![CDATA[जहां अभी भी प्याऊ शुरु नहीं हुई हैं वहां भी प्याऊ शुरु की जाएंगी।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/impact-of-news---water-kiosks-launched-at-a-dozen-locations--water-campers-installed/article-154631"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/kota-1.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। नगर निगम की ओर से गुरुवार को शहर में करीब एक दर्जन से अधिक स्थानों पर एक साथ प्याऊ शुरु कर दी गई। जिससे भीषण गर्मी में राहगीरों को ठंडा पानी मिलने लगा है। नगर निगम की ओर से पूर्व में हर साल गर्मी के सीजन में मटकों वाली अस्थायी प्याऊ लगाई जाती थी। लेकिन वाटर कूलर लगने के बाद से प्याऊ लगाना बंद सा हो गया था। वहीं नगर निगम आयुक्त ओम प्रकाश मेहरा ने भीषण गर्मी को देखते हुए 28 अप्रैल को शहर में डेढ़ दर्जन स्थानों पर प्याऊ संचालित करने के आदेश तो जारी कर दिए थे लेकिन एक दिन पहले तक प्याऊ शुरु नहीं हो सकी थी। नगर निगम की ओर से कई जगह पर प्याऊ के लिए स्ट्रक् चर तो बना दिए थे लेकिन वहां पीने के पानी के लिए कैम्पर नहीं रखे गए थे। जिससे लोगों को राहत नहीं मिल रही थी।</p>
<p><strong>नवज्योति ने किया मामला प्रकाशित</strong><br />गौरतलब है कि दैनिक नवज्योति ने इस संबंध में समाचार प्रकाशित किया था। समाचार पत्र में 21 मई के अंक में पेज 6 पर' भीषण गर्मी के बावजूद नहीं लगाई अस्थायी प्याऊ शीर्षक से समाचार प्रकाशित किया था। समाचार प्रकाशित होते ही गुरुवार को नगर निगम आयुक्त ने इस मामले को गम्भीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों व प्याऊ के लिए नियुक्त प्रभारियों को प्याऊ शुरु करने के निर्देश दिए। आयुक्त का निर्देश मिलते ही अधिकारियों ने तुरंत अधिकतर प्याऊ पर पानी के कैम्पर रखवाए। घोड़े वाले बाबा चौराहा, सीएडी चौराहा, चम्बल गार्डन के सामने और तलवंडी व कॉमर्स कॉलेज रोड समेत कई जगह पर पानी के कैम्पर रखवाए। जिन पर सुबह से शाम तक लोगों ने शीतल जल का आनंद लिया और अपनी प्यास बुझाई।<br />नगर निगम आयुक्त ओम प्रकाश मेहरा ने बताया कि उन्होंने प्याऊ शुरु करने के आदेश कई दिन पहले ही दे दिए थे। लेकिन जैसे ही उनकी जानकारी में आया कि अभी तक वहां पानी की व्यवस्था नहीं की है तो संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया। जिसके बाद अधिकतर स्थानों पर प्याऊ को शुरु कर दिया है। साथ ही जहां अभी भी प्याऊ शुरु नहीं हुई हैं वहां भी शुरु करवा दी जाएंगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 22 May 2026 14:26:46 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>बरसात में बाधक बनेगा नाले में पत्थरों का पहाड़, स्थानीय लोगों की बढ़ी चिंता</title>
                                    <description><![CDATA[दादाबाड़ी से जवाहर नगर तक कई इलाकों में भरेगा बरसाती पानी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/a-mountain-of-stones-in-the-drain-will-become-an-obstacle-during-the-rainy-season/article-154046"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/1111200-x-600-px)-(3)35.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। नगर निगम की ओर से बरसात में नाले से पानी की निकासी की समुचित व्यवस्था के लिए बनाई जा रही चैनल ही परेशानी का कारण बन सकती है। चैनल के लिए नाले में खोदे गए पत्थरों का इतना अधिक पहाड़ जमा हो गया है कि वह बरसात में नाले के पानी की निकासी में बाधक बन सकता है। नगर निगम कोटा दक्षिण की ओर से तत्कालीन बोर्ड के समय में ही बसंत विहार से ज्योति मंदिर होते हुए धोकड़े वाले हनुमानजी मंदिर के पीछे दादाबाड़ी तक नाले में ड्राई वैदर चैनल बनाने का काम शुरु किया गया था। हालांकि यह काम काफी लम्बा हो गया है। </p>
<p>बसंत विहार से ज्योति मंदिर तक नाले में चैनल तो बना दी गई है। साथ ही नाले में आरसीसी की बैड भी बनाई जा रही है। यह बैड कुछ ही हिस्से में बन सकी। उसके आगे नाले की खुदाई कर पत्थरों को निकाला जा रहा था। लेकिन पत्थर इतनी अधिक मात्रा में एकत्र हो गए कि उन्हें हटाए बिना न तो काम आगे बढ़ पा रहा है और न ही काम पूरा हो पा रहा ह। अधरझूल में काम अटकने से जिस मकसद से यह काम शुरु किया गया था वह भी पूरा होता नहीं दिख रहा है। वरन् बरसात आने पर जब नाले में पानी का बहाव आएगा तो उसे निकलने की जगह ही नहीं मिलेगी। पत्थरों का पहाड़ इसमें बाधक बनेगा। जिससे वह पानी बसंत विहार,ई दादाबाड़ी, बालाकुंड, केशवपुरा व जवाहर नगर समेत आस-पास के क्षेत्रों में पानी भरने की संभावना है। जिससे स्थानीय लोगों व व्यापारियों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा। वहीं केशवपुरा से दादाबाड़ी के बीच के मुख्य मार्ग पर भी भरने की संभावना है। जिससे यातायात भी बाधित हो सकता है।</p>
<p><strong>यह था मकसद</strong><br />नगर निगम कोटा दक्षिण के तत्कालीन महापौर राजीव अग्रवाल के समय में इस बरसाती नाले का काम शुरु किया गया था। उस समय प्रयास था कि बरसात के समय तो नाले में पूरे बहाव के साथ पानी निकल सके। साथ ही सालभर इस चैनल के माध्यम से पानी बहता रहे। वहीं बरसात के बाद इस नाले में की गई सीसी बैड का उपयोग पार्किंग, वेंडिग जोन, प्ले जोन व वॉकिंग के रूप में किया जा सके।लेकिन हालत यह है कि बोर्ड का कार्यकाल समाप्त हुए 6 माह का समय हो चुका है। न तो यह काम पूरा हुआ और न ही अभी तक मसकद पूरा होता दिख रहा है।</p>
<p><strong>स्थानीय लोगों की बढ़ी चिंता</strong><br />दादाबाड़ी नाले में करीब 6 माह से लगे पलतथरों के पहाड़ को देखकर दादाबाड़ी व जवाहर नगर समेत कई क्षेत्रों के लोगों को चिंताएं बढ़ गई है। लोगों का कहना है कि नगर निगम इन पत्थरों को हटाने के लिए अभी तक कुछ नहीं कर पाया है। इससे तो पहले वाला नाला ही सही था। जानकारों के अनुसार स्थानीय लोगों ने गत दिनों लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मुलाकात कर इस पर चिंता जातते हुए इन पत्थरों को हटवाकर नाले की सफाई करवाने की गुहार भी लगाई थी। लोगों को चिंता है कि यदि ये पत्थर नहीं हटे इस क्षेत्र में आने वाला पानी उनके क्षेत्र में भरकर परेशानी पैदा कर सकता है।</p>
<p><strong>अधिकारियों को करना चाहिए प्रयास</strong><br />पूर्व महापौर राजीव अग्रवाल का कहना है कि नाले का काम तो काफी समय से चल रहा था। लेकिन नाले के पत्थर खुदाई का काम नवम्बर में शुरु किया गया था। कुछ समय बाद ही बोर्ड का कार्यकाल समाप्त हो गया। जब तक बोर्ड था तब तक तो इसकी मॉनिटरिंग होती रही। लेकिन उसके बाद अधिकारियों ने ध्यान नहीं दिया। जबकि पत्थर खुदाई के बाद उसे वहां से हटवाना निगम का काम था। उन्होंने बताया कि निगम अधिकारी बरसात से पहले इन पत्थरों को यहां से हटवाकर अन्य स्थान पर डलवाकर वहां से इनकी नीलामी करवा सकते हैं। लेकिन इसी जगह पर पड़े पत्थरों की नीलामी करने में माइनिंग समेत अन्य समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। जिससे बरसात का समय आने तक यदि पत्थरों को नहीं हटाया गया तो सुविधा के लिए किया जा रहा काम लोगों के लिए परेशानी का कारण बन सकता है।</p>
<p><strong>ऑनलाइन नीलामी प्रक्रिया शुरु</strong><br />नगर निगम के अधिशाषी अभियंता ए.क्यू कुरैशी का कहना है कि पत्थरों की नीलामी के प्रयास तो काफी समय से किए जा रहे हैं। लेकिन कई कारणों से नीलामी नहीं हो सकी थी। मॉइनिंग विभाग द्वारा पत्थरों की नालामी से रॉयल्टी की डिमांड को मान लिया गया है। साथ ही ऑनलाइन नीलामी की प्रक्रिया शुरु हो गई है। दो दिन में इसके लिए आवेदन करना है। उसके बाद नीलामी की जाए$गी। अधिक बोली दाता को कार्यादेश देकर शीघ्र ही इन पत्थरों को हटाने के लिए कहा जाएगा। इस माह के अंत तक यह काम पूरा होने की संभावना है। जिससे बरसात से पहले नाले की सफाई की जा सकेगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 16 May 2026 15:02:14 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>नगर निगम में एसीबी की बड़ी कार्रवाई : हेल्थ इंस्पेक्टर और दलाल रिश्वत लेते ट्रैप, कार्यालय में हड़कंप </title>
                                    <description><![CDATA[राजस्थान एंटी करप्शन ब्यूरो ने नगर निगम में बड़ी कार्रवाई करते हुए हेल्थ इंस्पेक्टर दिनेश कुमार को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार। कार्रवाई के दौरान एक दलाल को भी पकड़ा गया है, जो रिश्वत के लेन-देन में शामिल। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/big-action-by-acb-in-municipal-corporation-health-inspector-and/article-153816"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/acb.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने नगर निगम में बड़ी कार्रवाई करते हुए हेल्थ इंस्पेक्टर दिनेश कुमार को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। कार्रवाई के दौरान एक दलाल को भी पकड़ा गया है, जो रिश्वत के लेन-देन में शामिल बताया जा रहा है। जानकारी के अनुसार, एसीबी टीम ने दोनों आरोपियों को पांच हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए ट्रैप किया।</p>
<p>शिकायत के सत्यापन के बाद एसीबी ने योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई को अंजाम दिया। फिलहाल एसीबी की टीम दोनों आरोपियों से पूछताछ कर रही है और मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है। कार्रवाई के बाद नगर निगम कार्यालय में हड़कंप मच गया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/big-action-by-acb-in-municipal-corporation-health-inspector-and/article-153816</link>
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                <pubDate>Thu, 14 May 2026 16:29:13 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur PS]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>असर खबर का :  नगर निगम ने 37 भवन मालिकों व विज्ञापन दाताओं को दिए नोटिस, जानें पूरा मामला </title>
                                    <description><![CDATA[कई जगह से लोगों ने खुद ही हटाए होर्डिग्स व वॉलड्रॉप। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/impact-of-the-report--municipal-corporation-issues-notices-to-37-building-owners-and-advertisers/article-153221"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/1111200-x-600-px)-(1)38.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। शहर में निजी भवनों की छतों व दीवारों पर लगे अवैध होर्डिंग्स व वॉल ड्रॉप के मामले में नगर निगम के राजस्व अनुभाग की ओर से शुक्रवार को 37 भवन मालिकों व विज्ञापन दाताओं को नोटिस जारी किए गए। वहीं कई जगह पर लोगों ने खुद ही वॉल ड्रॉप हटा लिए।<br />शहर में पुराने शहर से लेकर नए शहर के पॉश इलाकों तक में और झालावाड़ रोड से लेकर बूंदी रोड तक बड़ी संख्या में निजी भवनों व प्रतिष्ठानों की छतों पर अवैध रूप से होर्डिग्स लगे हुए हैं। साथ ही कई भवनों व दुकानों की दीवारों पर भारी भरकम वॉल ड्रॉप लगाए हुए हैं। जिससे मौसम में बदलाव होने पर आंधी तूफान व बरसात के समय में तेज हवा से ये उड़कर सड़क पर गिर रहे हैं या गिरने का खतरा बना हुआ है। जिससे राह चलते लोगों के साथ कभी भी हादसे का खतरा बना हुआ है।</p>
<p>इसे देखते हुए नगर निगम आयुक्त ओम प्रकाश मेहरा के निर्देश पर नगर निगम के राजस्व अनुभाग द्वारा जहां भी इस तरह के होर्डिग्स व वॉलड्रॉप लगे हुए मिले उन सभी को नोटिस जारी किए गए। विशेष रूप से एरोड्राम चौराहे से अनंतपुरा तक कार्रवाई करते हुए 37 लोगों को नोटिस जारी किए गए।</p>
<p><strong>नवज्योति ने किया था मामला प्रकाशित</strong><br />शहर में निजी भवनों की छतों पर अवैध होडिंग्स व वॉल ड्रॉप लगाने का मामला दैनिक नवज्योति ने प्रकाशित किया था। समाचार पत्र में 7 मई को पेज 6 पर: छतों पर लगे अवैध होडिंग्स व वॉल ड्रॉप से दुर्घटनाओं का खतरा शीर्षक से समाचार प्रकाशित किया था। जिसमें हाल ही में बदले मौसम से स्टेशन क्षेत्र में गिरे एक होर्डिग्स को लेकर शहर में इस तरह के कई जगह पर होने का मामला प्रकाशित किया था। समाचार प्रकाशित होते ही नगर निगम प्रशासन हरकत में आया।आयुक्त ओम प्रकाश मेहरा ने बताया कि जिन भी जगह पर इस तरह से अवैध होडिंग्स व वॉलड्रॉप लगे हुए हैं। वहां कार्रवाई करने के लिए संबंधित उपायुक्तों को निर्देशित किया गया है।</p>
<p>वहीं उपायुक्त राजस्व धीरज सोनी के मार्गदर्शन में निगम के फायर अनुभाग की टीम हरकत में आई। टीम ने शुक्रवार को एक ही दिन में सुबह से शाम तक एरोड्राम चौराहे से झालावाड़ रोड पर अनंतपुरा तक 37 जनों को नोटिस जारी किए। जिनमें से अधिकतर को तो नोटिस थमाए। वहीं कई जगह पर दुकान व मकान बंद होने पर वहां नोटिस चस्पा भी किए गए हैं। निगम अधिकारियों के अनुसार नोटिस के डर से कई लोगों ने तो खुद ही होर्डिग्स व वॉल ड्रॉप तुरंत हटा दिए।</p>
<p><strong>आम सूचना भी की प्रकाशित</strong><br />निगम अधिकारियों के अनुसार नगर निगम की ओर से इस संबंध में आम सूचना भी जारी की गई है। जिसमें सभी को अवगत कराया गया कि निगम की ओर से भवनों की छतों पर विज्ञापन होर्डिग्स व वॉल ड्रॉप लगाना अवैध व प्रतिबंधित किया हुआ है। साथ ही सभी को चेताया है कि यदि कहीं ऐसा हो रहा है तो वे स्वयं उन्हें हटा लें वरना निगम के स्तर पर नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 09 May 2026 14:24:50 +0530</pubDate>
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