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                <title>municipal corporation - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>असर खबर का :  बरसात से पहले साफ हो जाएगा पत्थरों का पहाड़</title>
                                    <description><![CDATA[नगर निगम ने किया पत्थर उठाने का टेंडर, आज से शुरु होगा काम।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/impact-of-news--the--mountain-of-stones--will-be-cleared-before-the-monsoon-arrives/article-155807"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/856.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। दादाबाड़ी स्थित नाले में करीब छह माह से अधिक समय से लगे पत्थरों का पहाड़ बरसात से पहले साफ हो जाएगा। नगर निगम ने इसके टेंडर करने के बाद मंगलवार को कार्यादेश भी जारी कर दिया। अब बुधवार से पत्थर हटाने का काम शुरु होगा। जिससे बरसात में यह बाधक नहीं बनेगा। </p>
<p>नगर निगम की ओर से बसंत विहार से दादाबाड़ी धोकड़े वाले हनुमानजी मंदिर तक बड़े बरसाती नाले का काम कराया जा रहा है। जिसके तहत नाले में सीसी बैड बनाना है। साथ ही बीच में ड्राई वैदर चैनल बनाई जा रही है। जिससे पूरे साल चैनल के माध्यम से और बरसात में पूरे नाले से पानी का निर्वाध बहाव हो सके। इस काम के दौरान नाले की खुदाई से निकले बड़ी मात्रा में पत्थरों का नाले में ही अम्बार लग गया। जिससे वहां ऐसा लग रहा है मानो पत्थरों का पहाड़ खड़ा हो। निगम की ओर से उस पत्थर को नहीं हटाने से इससे बरसात में पानी का बहाव में रूकावट होने पर दादाबाड़ी, बसंत विहार व जवाहर नगर समेत कई क्षेत्रों में पानी भरने की समस्या हो सकती है। लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। नगर निगम ने पत्थर हटाने के लिए टेंडर कर इसकी नीलामी की प्रक्रिया शुरु की थी। जिसके फाइनल होने के बाद मंगलवार को उसका कार्यादेश जारी कर दिया गया। निगम अधिकारियों के अनुसार चुनाई के इस पत्थर को 416 रुपए प्रति टन के हिसाब से बेचा जाएगा। संवेदक द्वारा बुधवार से इसे हटाने का काम शुरु कर दिया जाएगा।</p>
<p><strong>नवज्योति ने किया था मामला प्रकाशित</strong><br />गौरतलब है कि दादाबाड़े नाले में लगे पत्थरों के पहाड़ व इससे बरसात में होने वाली समस्या का मामला दैनिक नवज्योति ने प्रमुखता से प्रकाशित किया था। समाचार पत्र में 16 मई को पेज 8 पर' बरसात में बाधक बनेगा नाले में पत्थरों का पहाड़ शीर्षक से समाचार प्रकाशित किया था। जिसमें इससे होने वाले प्रभाव व लोगों की समस्या को उजागर किया था।<br />समाचार प्रकाशित होने के बाद निगम अधिकारी हरकत में आए। उन्होंने पत्थरों के पहाड़ को हटाने के लिए इसके टेंडर व नीलामी प्रक्रिया शुरु की। यह प्रक्रिया पूरी होने के बाद मंगलवार को पत्थर हटाने का कार्यादेश भी जारी कर दिया गया।</p>
<p>नगर निगम आयुक्त ओम प्रकाश मेहरा ने बताया कि माइनिंग विभाग की परमीशन समेत कई औपचारिकताएं पूरी करने में समय लगा। नीलामी पूरी होने के बाद मंगलवार को कार्यादेश जारी कर दिया गया है। बुधवार से पत्थर उठाने का काम शुरु हो जाएगा।आयुक्त ने बताया कि संवेदक को 20 से 25 दिन का समय दिया गया है। जिससे बरसात शुरु होने से पहले पत्थरों का पहाड़ साफ हो जाएगा। उसके बाद मिट्टी को तो साफ कर देंगे। जिससे बरसात में लोगों को परेशानी नहीं होगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 03 Jun 2026 11:27:33 +0530</pubDate>
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                <title>12 साल बाद भी कोटा सहित राज्य का एक भी शहर नहीं हो सका कचरा मुक्त</title>
                                    <description><![CDATA[गारबेज फ्री सिटी के सर्वेक्षण के लिए आएगी टीम।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/even-after-12-years--not-a-single-city-in-the-state%E2%80%94including-kota%E2%80%94has-achieved--garbage-free--status/article-155642"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/12-saal-bd-bhi-kota-sahit-rajya-ka-ek-bhi-sheher-nhi-ho-ska-kachra-mukt...kota-news-01.06.2026.jpg.jpeg" alt=""></a><br /><p>कोटा। स्वच्छता सर्वेक्षण वर्ष 2014 से किया जा रहा है। करीब 12 साल से अधिक का समय हो गया। अभी तक कोटा ही नहीं राज्य का एक भी शहर चाहे वह जयपुर हो या जोधपुर या फिर उदयपुर जैसा शहर हो एक भी शहर कचरा मुक्त नहीं हो सका है। हालांकि 50 हजार से कम की आबादी वाले शहरों में शामिल डूंगरपुर साफ शहरों में तो शामिल है लेकिन वह भी कचरा मुक्त नहीं है। अब फिर कचरा मुक्त शहर का सर्वे करने के लिए भी टीम कोटा आएगी। कचरा मुक्त शहर(जीएफसी) में अभी प्रदेश का कोई शहर शामिल नहीं है। स्वच्छता सर्वेक्षण में जीएफसी के एक हजार अंक निर्धारित हैं।</p>
<p>आवास और शहरी कार्य मंत्रालय की ओर से हर साल स्वच्छता सर्वेक्षण किया जाता है। इसके लिए जनसंख्या के हिसाब से अलग-अलग शहर व नगर निकायों को लिया गया है। 50 हजार से अधिक, 1 लाख से अधिक और 5 लाख से अधिक की आबादी वाले निकायों में होने वाले सर्वेक्षण के लिए हाल ही में सफाई का भौतिक सत्यापन केन्द्रीय टीम द्वारा हाल ही में किया जा चुका है। वहीं सर्वेक्षण में ही एक घटक है गारबेज फ्री सिटी(कचरा मुक्त शहर)। जिसका सर्वेक्षण करने के लिए भी टीम कोटा आएगी। इस टीम के जून में आने की संभावना है।जानकारी के अनुसार कोटा में रोजाना करीब पांच सौ टन से अधिक कचरा निकल रहा है।</p>
<p><strong>जगह-जगह कचरे का अम्बार</strong><br />कोटा जैसे शहर में जो संभागीय मुख्यालय होने के साथ ही स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट में भी शामिल रहा है। अरबों रुपए शहर को स्मार्ट बनाने में खर्च किए जा चुके हैं। लेकिन अभी तक न तो शहर स्मार्ट बन सका है और न ही स्वच्छ। नगर निगम की ओर से हर साल सफाई पर करोड़ों रुपए खर्च किए जा रहे हैं। घर-घर कचरा संग्रहण से लेकर कचरा परिवहन तक के कार्य की मॉनिटरिंग भी सख्ती से की जा रही है। उसके बाद भी शहर में अंदरूनी इलाकों के अलावा मुख्य मार्गों पर भी जगह-जगह कचरे के अम्बार देखे जा सकते हैं। हालांकि निगम अधिकारियों का दावा है कि कचरा रोजाना साफ हो रहा है। सफाई के बाद कचरा डलने से वह दिनभर पड़ा रहता है। लेकिन कारण कुछ भी हो शहर में अभी भी कचरा खुले में पड़ा देखा जा सकता है। फिर चाहे वह छावनी बंगाली कॉलोनी में हो या कोटड़ी नहर के किनारे। चम्बल रिवर फ्रंट नयापुरा रोड पर भी कचरे का ढेर देखा जा सकता है।</p>
<p><strong>कचरा पात्रों के बाहर भी कचरे के ढेर</strong><br />नगर निगम की ओर से शहर में जगह-जगह पर कचरा पॉइंट निर्धारित किए हुए हैं। जिससे वहां से कचरा समय पर उठ सके। वहीं उनके अलावा जगह-जगह पर कचरा पात्र भी रखे गए हैं। जिससे लोग उनमें ही कचरा डालें। यहां तक कि उन कचरा पात्रों में कचरा नजर ही नहीं आए। इसके लिए नगर निगम की ओर से दादाबाड़ी मेन रोड पर अंडर ग्राउंड कचरा पात्र तक बनाया गया है। इसी तरह का दूसरा अंडरग्राउंड कचरा पात्र किशोरपुरा मुक्तिधाम में बनाने की योजना है। नयापुरा में भी बाग स्कूल के पास इसी तरह का प्रयास किया गया था। यहां तक कि निगम की ओर से जगह-जगह पर प्लास्टिक के कचरा पात्र रखे गए लेकिन लोगों ने उन्हें ही तोड़ दिया था चोरी कर लिया। जिससे उनका भी उपयोग नहीं हो पा रहा है। हालत यह है कि कचरा पात्रों के होने के बावजूद कचरा उनके बाहर तक बिखरा रहता है।</p>
<p><strong>इंदौर पहला कचरा मुक्त शहर</strong><br />शहरी आवास और कार्य मंत्रालय की ओर से हर साल कचरा मुक्त शहर के लिए सर्वे किया जाता है। मंत्रालय की ओर से देश में करीब 1170 शहरों को स्टार रेटिंग के हिसाब से कचरा मुक्त शहर घोषित किया गया है। जिनमें इंदौर सफाई के मामले में तो देश में पिछले कई सालों से सबसे स्वच्छ शहर है ही। वहीं 7 स्टार रैकिंग के साथ ही यह देश का पहला कचरा मुक्त शहर भी है।</p>
<p><strong>खुले में शौच मुक्त शहर</strong><br />स्वच्छता सर्वेक्षण के तहत जिस तरह से जीएफसी के एक हजार अंक निर्धारित हैं। उसी तरह से खुुले में शौच मुक्त(ओडीएफ) के भी एक हजार अंक है। कोटा ओडीएफ में तो प्लस-प्लस है।ऐसे में अगले माह जून में टीम कोटा आएगी। जिसमें ओडीएफ व जीएफसी का भी भौतिक सत्यापन करेगी। जिससे दो हजार अंक में से निगम को अंक मिलेगी।</p>
<p><strong>सिटीजन फीडबैक का आज अंतिम दिन</strong><br />नगर निगम की स्वास्थ्य अधिकारी ऋचा गौतम ने बताया कि स्वच्छता सर्वेक्षण के तहत सिटीजन फीडबैक चल रहा है। अब तक कोटा में करीब पौने तीन लाख लोग एप व बार कोड के माध्यम से शहर की सफाई के संबंध में फीडबैक दे चुके हैं। सिटीजन फीडबैक का रविवार को अंतिम दिन है। वहीं अब अगले माह तक ओडीएफ व जीएफसी सर्वे के लिए टीम के आने की संभावना है। इन दोनों के ही एक -एक हजार अंक निर्धारित है। कोटा नगर निगम ओडीएफ में तो प्लस-प्लस है। लेकिन जीएफसी में अभी राज्य का कोई भी शहर शामिल नहीं है। यह रेटिंग के हिसाब से तय होता है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 01 Jun 2026 15:35:28 +0530</pubDate>
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                <title>अब एआई जला रहा कोटा की  रोड लाइट्स</title>
                                    <description><![CDATA[सूर्यास्त होते ही जलती हैं और सूर्योदय के साथ ही बंद हो रही लाइटें।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/now--ai-powers-kota-s-streetlights/article-155645"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/ab-ai-jala-rha-kota-ki-road-lights...kota-news-01.06.2026.jpg.jpeg" alt=""></a><br /><p>कोटा। शहर में अभी तक जहां कई जगह पर रात को अंधेरा होने पर भी रोड लाइटें नहीं जलती थी और सुबह दिन निकलने के बावजूद बंद नहीं होती थी। वहीं अब ऐसा नहीं होगा। वरन् सूर्यास्त होते ही रोड लाइटें स्वत:जलने लगी हैं और सूर्योदय के साथ ही लाइटें बंद हो रही है। यह सभव हुआ है एआई बेस्ड बिजली पैनल से। शहर में नगर निगम और कोटा विकास प्राधिकरण की ओर से हजारों रोड लाइटें लगाई हुई है। केडीए की ओर से अधिकतर मुख्य मार्गों पर और केडीए एरिया में लाइटें लगाई गई है। जबकि नगर निगम की ओर से वार्डों के अंदरूनी इलाकों में लाइटें लगाई गई है।</p>
<p>हमेशा से रोड लाइटों को मेनुअल ही संचालित किया जा रहा था। जिसमें शाम होने से पहले कर्मचारी लाइटों के पैनल चालू करते थे और सुबह होने के बाद पैनल बंद करते थे। जिससे कई बार अंधेरा होने के बाद तक भी लाइटें चालू नहीं होती थी और दिन निकलने के बाद भी लाइटें जलती रहती थी। जिससे बिजली की खपत अधिक हो रही थी और लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। इसके बाद टाइमर वाले पैनल से लाइटों को जोड़ा गया। जिससे भी काफी समय से लाइटें सही चली लेकिन बाद में इसमें भी समस्या होने लगी।</p>
<p><strong>अब सनराइज व सनसैट से हो रहे पैनल संचालित</strong><br />कोटा विकास प्राधिकरण की ओर से शहर में मुख्य मार्गों पर अधिकतर डेकोरेटिव लाइटें लगाई गई है। वहीं अधिकतर लाइटें एलईडी कर दी गई है। जिससे बिजली की बचत तो की जा रही है। साथ ही बिजली के पैनल को भी एआई बेस्ड किया गया है। जिसे सनराइज व सनसैट से जोड़ा गया है। अब रोजाना ऑनलाइन सनसैट होने पर रोड लाइटें जल रही हैं और सनराइज होने पर लाइटें बंद हो रही हैं।</p>
<p><strong>94 पैनल जुड़े, 250 जुडऩे हैं</strong><br />केडीए के अधिशाषी अभियंता(विद्युत) ललित कुमार मीणा ने बताया कि केडीए की ओर से रोड लाइटों के पैनल को एआई बेस्ड बनाया गया है। अभी तक 94 पैनल तो जुड़ चुके हैं। जिससे 5 हजार डेकोरेटिव समेत करीब 9 हजार लाइटें एआई बेस्ड पैनल से संचालित हो रही है। जबकि करीब 250 पैनल जोडऩे हैं। जिससे मुख्य मार्गों के साथ ही केडीए की सभी लाइटें इससे कनेक्ट हो जाएंगी।</p>
<p><strong>यह हो रहा फायदा</strong><br />एक्सईएन ललित मीणा ने बताया कि एआई बेस्ड पैनल से संचालित हो रही रोड लाइटों से एक तो समय पर सभी लाइटें जल रही हैं और समय पर ही बंद हो रही हैं। इससे मेनुअल चालू बंद करने में लगने वाले समय की समस्या समाप्त हो गई है। वहीं दिन के समय अनावश्यक रूप से जलने वाली लाइटों से अधिक हो रही बिजली की खपत की भी बचत हो रही है। साथ ही लोगों को भी परेशानी नहीं हो रही। अब शाम को सूर्यास्त होते ही स्वत: लाइटें जल रही हैं और सुबह सूर्योदय होते ही लाइटें बंद हो रही है।</p>
<p><strong>ऑनलाइन हो रही मॉनिटरिंग</strong><br />ललित मीणा ने बताया कि रोड लाइटों के जलने व बंद होने की प्रक्रिया की ऑनलाइन ही मॉनिटरिंग की जा रही है। संबंधित अधिकारी व कर्मचारी द्वारा लाइटों के चालू बंद होने की जानकारी ऑनलाइन की जा रही है। जिससे यदि कहीं लाइटों के जलने व बंद होने की समस्या आती है तो उसका पता चल जाता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 01 Jun 2026 15:35:17 +0530</pubDate>
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                <title>कोटा : अगले माह से हमारे शहर में दौड़ने लगेंगी ई-बसें</title>
                                    <description><![CDATA[वर्तमान में 34 सिटी बसों में  से फिलहाल करीब 27 बसों का नियमित संचालन हो रहा है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/e-buses-set-to-hit-the-roads-in-our-city-starting-next-month/article-154770"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/1111200-x-600-px)-(4)40.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। देश में एक ओर जहां पेट्रोल -डीजल की किल्लत होने वाली है। वहीं इसे बचाने के प्रयास भी शुरु हो गए हैं। उसी दिशा में कारगर साबित होंगी कोटा में आने वाली ई बसें। कोटा में अगले माह जून तक ई बसों के आने की संभावना है। जिससे वर्तमान में संचालित सिटी बसे बंद हो जाएंगे। ऐसे में हर महीने लाखों रुपए के डीजल की बचत होने लगेगी। कोटा में नगरीय परिवहन सेवा के तहत वर्तमान में 34 सिटी बसें हैं। जिनमें से फिलहाल करीब 27 बसों का नियमित संचालन हो रहा है। स्टेशन से खड़े गणेशजी मंदिर व अन्य स्थानों तक इन बसों के माध्यम से लोगों को सस्ती व सुलभ परिवहन सेवा उपलब्ध हो रही है।नगर निगम अधिकारियों के अनुसार इन बसों के संचालन से वर्तमान में करीब 40 से 50 लाख रुपए महीने के डीजल की खपत हो रही है।</p>
<p><strong>ई बसें आएंगी तो सिटी बसें होंगी बंद</strong><br />निगम अधिकारियों के अनुसार कोटा में प्रधानमंत्री ई बस योजना के तहत 100 बसें आनी हैं। जिनमें 95 तो 9 मीटर वाली हैं और 5 बसें 12 मीटर वाली हैं। ये बसें पूरी तरह से एसी होंगी। शहर में केडीए सीमा तक 20 निर्धारित मार्गों पर इन बसों का संचालन किया जाएगा। प्रति बस प्रति दिन करीब 180 से 200 कि.मी. चलेगी। ई बसों के आने के बाद सिटी बसों का संचालन बंद हो जाएगा। जिससे नगर निगम को तो लाभ नहीं होगा। इसका कारण सिटी बसों में डीजल का खर्चा संवेदक फर्म द्वारा ही वहन किया जा रहा है।</p>
<p><strong>भविष्य में नहीं होगी डीजल की जरूरत</strong><br />नगर निगम के अधिशाषी अभियंता गैराज रविन्द्र सैनी ने बताया कि शुरुआत में 20 से 25 ई बसों के आने की संभावना है। इतनी बसें आने पर सिटी बसों का संचालन बंद नहीं हो पाएगा। ई बसें 20 मार्गों पर चलेंगी। यदि ई बसों की संख्या अधिक होगी तो सिटी बसें बंद हो जाएंगी।<br />सैनी ने बताया कि वर्तमान में सिटी बसों में हर महीने औसत 40 से 50 लाख रुपए के डीजल की खपत हो रही है। ई बसों के आने के बाद इतना डीजल तो बचेगा ही साथ ही भविष्य में बसों में डीजल पेट्रोल की जरूरत नहीं होगी। इससे कोटा के साथ ही राष्ट्रीय स्तर पर पेट्रोल-डीजल की खपत कम होगी।</p>
<p><strong>इस माह तक पूरा होना है बस स्टॉप का काम</strong><br />नगर निगम कोटा के आयुक्त ओम प्रकाश मेहरा ने बताया कि इस माह के अंत तक सुभाष नगर में ई बस स्टॉप का निर्माण कार्य पूरा होना है। साथ ही बसों के लिए चार्जिंग पॉइंट भी लग जाएंगे। उसके बाद जून के पहले सप्ताह तक ई बसों के आने की संभावना है। बसों के आने के बाद उनका संचालन किया जाएगा। सिटी बसों की तुलना में ई बसें पूरी तरह से एसी होंगी। ऐसे में इनका किराया भी संशोधित करने पर विचार किया जा रहा है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 23 May 2026 14:32:35 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>असर खबर का : एक दर्जन जगहों पर शुरु हुई प्याऊ, पानी के कैम्पर रखवाए</title>
                                    <description><![CDATA[जहां अभी भी प्याऊ शुरु नहीं हुई हैं वहां भी प्याऊ शुरु की जाएंगी।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/impact-of-news---water-kiosks-launched-at-a-dozen-locations--water-campers-installed/article-154631"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/kota-1.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। नगर निगम की ओर से गुरुवार को शहर में करीब एक दर्जन से अधिक स्थानों पर एक साथ प्याऊ शुरु कर दी गई। जिससे भीषण गर्मी में राहगीरों को ठंडा पानी मिलने लगा है। नगर निगम की ओर से पूर्व में हर साल गर्मी के सीजन में मटकों वाली अस्थायी प्याऊ लगाई जाती थी। लेकिन वाटर कूलर लगने के बाद से प्याऊ लगाना बंद सा हो गया था। वहीं नगर निगम आयुक्त ओम प्रकाश मेहरा ने भीषण गर्मी को देखते हुए 28 अप्रैल को शहर में डेढ़ दर्जन स्थानों पर प्याऊ संचालित करने के आदेश तो जारी कर दिए थे लेकिन एक दिन पहले तक प्याऊ शुरु नहीं हो सकी थी। नगर निगम की ओर से कई जगह पर प्याऊ के लिए स्ट्रक् चर तो बना दिए थे लेकिन वहां पीने के पानी के लिए कैम्पर नहीं रखे गए थे। जिससे लोगों को राहत नहीं मिल रही थी।</p>
<p><strong>नवज्योति ने किया मामला प्रकाशित</strong><br />गौरतलब है कि दैनिक नवज्योति ने इस संबंध में समाचार प्रकाशित किया था। समाचार पत्र में 21 मई के अंक में पेज 6 पर' भीषण गर्मी के बावजूद नहीं लगाई अस्थायी प्याऊ शीर्षक से समाचार प्रकाशित किया था। समाचार प्रकाशित होते ही गुरुवार को नगर निगम आयुक्त ने इस मामले को गम्भीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों व प्याऊ के लिए नियुक्त प्रभारियों को प्याऊ शुरु करने के निर्देश दिए। आयुक्त का निर्देश मिलते ही अधिकारियों ने तुरंत अधिकतर प्याऊ पर पानी के कैम्पर रखवाए। घोड़े वाले बाबा चौराहा, सीएडी चौराहा, चम्बल गार्डन के सामने और तलवंडी व कॉमर्स कॉलेज रोड समेत कई जगह पर पानी के कैम्पर रखवाए। जिन पर सुबह से शाम तक लोगों ने शीतल जल का आनंद लिया और अपनी प्यास बुझाई।<br />नगर निगम आयुक्त ओम प्रकाश मेहरा ने बताया कि उन्होंने प्याऊ शुरु करने के आदेश कई दिन पहले ही दे दिए थे। लेकिन जैसे ही उनकी जानकारी में आया कि अभी तक वहां पानी की व्यवस्था नहीं की है तो संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया। जिसके बाद अधिकतर स्थानों पर प्याऊ को शुरु कर दिया है। साथ ही जहां अभी भी प्याऊ शुरु नहीं हुई हैं वहां भी शुरु करवा दी जाएंगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 22 May 2026 14:26:46 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>बरसात में बाधक बनेगा नाले में पत्थरों का पहाड़, स्थानीय लोगों की बढ़ी चिंता</title>
                                    <description><![CDATA[दादाबाड़ी से जवाहर नगर तक कई इलाकों में भरेगा बरसाती पानी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/a-mountain-of-stones-in-the-drain-will-become-an-obstacle-during-the-rainy-season/article-154046"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/1111200-x-600-px)-(3)35.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। नगर निगम की ओर से बरसात में नाले से पानी की निकासी की समुचित व्यवस्था के लिए बनाई जा रही चैनल ही परेशानी का कारण बन सकती है। चैनल के लिए नाले में खोदे गए पत्थरों का इतना अधिक पहाड़ जमा हो गया है कि वह बरसात में नाले के पानी की निकासी में बाधक बन सकता है। नगर निगम कोटा दक्षिण की ओर से तत्कालीन बोर्ड के समय में ही बसंत विहार से ज्योति मंदिर होते हुए धोकड़े वाले हनुमानजी मंदिर के पीछे दादाबाड़ी तक नाले में ड्राई वैदर चैनल बनाने का काम शुरु किया गया था। हालांकि यह काम काफी लम्बा हो गया है। </p>
<p>बसंत विहार से ज्योति मंदिर तक नाले में चैनल तो बना दी गई है। साथ ही नाले में आरसीसी की बैड भी बनाई जा रही है। यह बैड कुछ ही हिस्से में बन सकी। उसके आगे नाले की खुदाई कर पत्थरों को निकाला जा रहा था। लेकिन पत्थर इतनी अधिक मात्रा में एकत्र हो गए कि उन्हें हटाए बिना न तो काम आगे बढ़ पा रहा है और न ही काम पूरा हो पा रहा ह। अधरझूल में काम अटकने से जिस मकसद से यह काम शुरु किया गया था वह भी पूरा होता नहीं दिख रहा है। वरन् बरसात आने पर जब नाले में पानी का बहाव आएगा तो उसे निकलने की जगह ही नहीं मिलेगी। पत्थरों का पहाड़ इसमें बाधक बनेगा। जिससे वह पानी बसंत विहार,ई दादाबाड़ी, बालाकुंड, केशवपुरा व जवाहर नगर समेत आस-पास के क्षेत्रों में पानी भरने की संभावना है। जिससे स्थानीय लोगों व व्यापारियों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा। वहीं केशवपुरा से दादाबाड़ी के बीच के मुख्य मार्ग पर भी भरने की संभावना है। जिससे यातायात भी बाधित हो सकता है।</p>
<p><strong>यह था मकसद</strong><br />नगर निगम कोटा दक्षिण के तत्कालीन महापौर राजीव अग्रवाल के समय में इस बरसाती नाले का काम शुरु किया गया था। उस समय प्रयास था कि बरसात के समय तो नाले में पूरे बहाव के साथ पानी निकल सके। साथ ही सालभर इस चैनल के माध्यम से पानी बहता रहे। वहीं बरसात के बाद इस नाले में की गई सीसी बैड का उपयोग पार्किंग, वेंडिग जोन, प्ले जोन व वॉकिंग के रूप में किया जा सके।लेकिन हालत यह है कि बोर्ड का कार्यकाल समाप्त हुए 6 माह का समय हो चुका है। न तो यह काम पूरा हुआ और न ही अभी तक मसकद पूरा होता दिख रहा है।</p>
<p><strong>स्थानीय लोगों की बढ़ी चिंता</strong><br />दादाबाड़ी नाले में करीब 6 माह से लगे पलतथरों के पहाड़ को देखकर दादाबाड़ी व जवाहर नगर समेत कई क्षेत्रों के लोगों को चिंताएं बढ़ गई है। लोगों का कहना है कि नगर निगम इन पत्थरों को हटाने के लिए अभी तक कुछ नहीं कर पाया है। इससे तो पहले वाला नाला ही सही था। जानकारों के अनुसार स्थानीय लोगों ने गत दिनों लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मुलाकात कर इस पर चिंता जातते हुए इन पत्थरों को हटवाकर नाले की सफाई करवाने की गुहार भी लगाई थी। लोगों को चिंता है कि यदि ये पत्थर नहीं हटे इस क्षेत्र में आने वाला पानी उनके क्षेत्र में भरकर परेशानी पैदा कर सकता है।</p>
<p><strong>अधिकारियों को करना चाहिए प्रयास</strong><br />पूर्व महापौर राजीव अग्रवाल का कहना है कि नाले का काम तो काफी समय से चल रहा था। लेकिन नाले के पत्थर खुदाई का काम नवम्बर में शुरु किया गया था। कुछ समय बाद ही बोर्ड का कार्यकाल समाप्त हो गया। जब तक बोर्ड था तब तक तो इसकी मॉनिटरिंग होती रही। लेकिन उसके बाद अधिकारियों ने ध्यान नहीं दिया। जबकि पत्थर खुदाई के बाद उसे वहां से हटवाना निगम का काम था। उन्होंने बताया कि निगम अधिकारी बरसात से पहले इन पत्थरों को यहां से हटवाकर अन्य स्थान पर डलवाकर वहां से इनकी नीलामी करवा सकते हैं। लेकिन इसी जगह पर पड़े पत्थरों की नीलामी करने में माइनिंग समेत अन्य समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। जिससे बरसात का समय आने तक यदि पत्थरों को नहीं हटाया गया तो सुविधा के लिए किया जा रहा काम लोगों के लिए परेशानी का कारण बन सकता है।</p>
<p><strong>ऑनलाइन नीलामी प्रक्रिया शुरु</strong><br />नगर निगम के अधिशाषी अभियंता ए.क्यू कुरैशी का कहना है कि पत्थरों की नीलामी के प्रयास तो काफी समय से किए जा रहे हैं। लेकिन कई कारणों से नीलामी नहीं हो सकी थी। मॉइनिंग विभाग द्वारा पत्थरों की नालामी से रॉयल्टी की डिमांड को मान लिया गया है। साथ ही ऑनलाइन नीलामी की प्रक्रिया शुरु हो गई है। दो दिन में इसके लिए आवेदन करना है। उसके बाद नीलामी की जाए$गी। अधिक बोली दाता को कार्यादेश देकर शीघ्र ही इन पत्थरों को हटाने के लिए कहा जाएगा। इस माह के अंत तक यह काम पूरा होने की संभावना है। जिससे बरसात से पहले नाले की सफाई की जा सकेगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 16 May 2026 15:02:14 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>नगर निगम में एसीबी की बड़ी कार्रवाई : हेल्थ इंस्पेक्टर और दलाल रिश्वत लेते ट्रैप, कार्यालय में हड़कंप </title>
                                    <description><![CDATA[राजस्थान एंटी करप्शन ब्यूरो ने नगर निगम में बड़ी कार्रवाई करते हुए हेल्थ इंस्पेक्टर दिनेश कुमार को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार। कार्रवाई के दौरान एक दलाल को भी पकड़ा गया है, जो रिश्वत के लेन-देन में शामिल। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/big-action-by-acb-in-municipal-corporation-health-inspector-and/article-153816"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/acb.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने नगर निगम में बड़ी कार्रवाई करते हुए हेल्थ इंस्पेक्टर दिनेश कुमार को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। कार्रवाई के दौरान एक दलाल को भी पकड़ा गया है, जो रिश्वत के लेन-देन में शामिल बताया जा रहा है। जानकारी के अनुसार, एसीबी टीम ने दोनों आरोपियों को पांच हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए ट्रैप किया।</p>
<p>शिकायत के सत्यापन के बाद एसीबी ने योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई को अंजाम दिया। फिलहाल एसीबी की टीम दोनों आरोपियों से पूछताछ कर रही है और मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है। कार्रवाई के बाद नगर निगम कार्यालय में हड़कंप मच गया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/big-action-by-acb-in-municipal-corporation-health-inspector-and/article-153816</link>
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                <pubDate>Thu, 14 May 2026 16:29:13 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur PS]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>असर खबर का :  नगर निगम ने 37 भवन मालिकों व विज्ञापन दाताओं को दिए नोटिस, जानें पूरा मामला </title>
                                    <description><![CDATA[कई जगह से लोगों ने खुद ही हटाए होर्डिग्स व वॉलड्रॉप। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/impact-of-the-report--municipal-corporation-issues-notices-to-37-building-owners-and-advertisers/article-153221"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/1111200-x-600-px)-(1)38.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। शहर में निजी भवनों की छतों व दीवारों पर लगे अवैध होर्डिंग्स व वॉल ड्रॉप के मामले में नगर निगम के राजस्व अनुभाग की ओर से शुक्रवार को 37 भवन मालिकों व विज्ञापन दाताओं को नोटिस जारी किए गए। वहीं कई जगह पर लोगों ने खुद ही वॉल ड्रॉप हटा लिए।<br />शहर में पुराने शहर से लेकर नए शहर के पॉश इलाकों तक में और झालावाड़ रोड से लेकर बूंदी रोड तक बड़ी संख्या में निजी भवनों व प्रतिष्ठानों की छतों पर अवैध रूप से होर्डिग्स लगे हुए हैं। साथ ही कई भवनों व दुकानों की दीवारों पर भारी भरकम वॉल ड्रॉप लगाए हुए हैं। जिससे मौसम में बदलाव होने पर आंधी तूफान व बरसात के समय में तेज हवा से ये उड़कर सड़क पर गिर रहे हैं या गिरने का खतरा बना हुआ है। जिससे राह चलते लोगों के साथ कभी भी हादसे का खतरा बना हुआ है।</p>
<p>इसे देखते हुए नगर निगम आयुक्त ओम प्रकाश मेहरा के निर्देश पर नगर निगम के राजस्व अनुभाग द्वारा जहां भी इस तरह के होर्डिग्स व वॉलड्रॉप लगे हुए मिले उन सभी को नोटिस जारी किए गए। विशेष रूप से एरोड्राम चौराहे से अनंतपुरा तक कार्रवाई करते हुए 37 लोगों को नोटिस जारी किए गए।</p>
<p><strong>नवज्योति ने किया था मामला प्रकाशित</strong><br />शहर में निजी भवनों की छतों पर अवैध होडिंग्स व वॉल ड्रॉप लगाने का मामला दैनिक नवज्योति ने प्रकाशित किया था। समाचार पत्र में 7 मई को पेज 6 पर: छतों पर लगे अवैध होडिंग्स व वॉल ड्रॉप से दुर्घटनाओं का खतरा शीर्षक से समाचार प्रकाशित किया था। जिसमें हाल ही में बदले मौसम से स्टेशन क्षेत्र में गिरे एक होर्डिग्स को लेकर शहर में इस तरह के कई जगह पर होने का मामला प्रकाशित किया था। समाचार प्रकाशित होते ही नगर निगम प्रशासन हरकत में आया।आयुक्त ओम प्रकाश मेहरा ने बताया कि जिन भी जगह पर इस तरह से अवैध होडिंग्स व वॉलड्रॉप लगे हुए हैं। वहां कार्रवाई करने के लिए संबंधित उपायुक्तों को निर्देशित किया गया है।</p>
<p>वहीं उपायुक्त राजस्व धीरज सोनी के मार्गदर्शन में निगम के फायर अनुभाग की टीम हरकत में आई। टीम ने शुक्रवार को एक ही दिन में सुबह से शाम तक एरोड्राम चौराहे से झालावाड़ रोड पर अनंतपुरा तक 37 जनों को नोटिस जारी किए। जिनमें से अधिकतर को तो नोटिस थमाए। वहीं कई जगह पर दुकान व मकान बंद होने पर वहां नोटिस चस्पा भी किए गए हैं। निगम अधिकारियों के अनुसार नोटिस के डर से कई लोगों ने तो खुद ही होर्डिग्स व वॉल ड्रॉप तुरंत हटा दिए।</p>
<p><strong>आम सूचना भी की प्रकाशित</strong><br />निगम अधिकारियों के अनुसार नगर निगम की ओर से इस संबंध में आम सूचना भी जारी की गई है। जिसमें सभी को अवगत कराया गया कि निगम की ओर से भवनों की छतों पर विज्ञापन होर्डिग्स व वॉल ड्रॉप लगाना अवैध व प्रतिबंधित किया हुआ है। साथ ही सभी को चेताया है कि यदि कहीं ऐसा हो रहा है तो वे स्वयं उन्हें हटा लें वरना निगम के स्तर पर नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 09 May 2026 14:24:50 +0530</pubDate>
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                <title>फिर पुराना राग, हादसे के बाद चेता अनुभाग</title>
                                    <description><![CDATA[आज से होगी मॉल व शॉपिंग कॉम्पलेक्स में फायर सुरक्षा की जांच।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/the-same-old-story--department-wakes-up-only-after-a-tragedy/article-152325"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/1111200-x-600-px)-(1)2.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। झालावाड़ रोड स्थित सिटी मॉल में एक दिन पहले हुई अग्नि दुर्घटना से सबक लेते हुए एक बार फिर हादसे के बाद निगम का फायर अनुभाग चेता है। इस हादसे के बाद अब शहर के सभी मॉल व शॉपिंग कॉम्पलेक्स में फायर सुरक्षा की जांच की जाएगी।विज्ञान नगर थाना क्षेत्र स्थित सिटी मॉल के एक स्टोर में बुधवार को सुबह अचानक शॉर्ट सर्किट से आग लग गई थी। आग इतनी अधिक भीषण थी कि उससे पूरा मॉल आग व धुए़ं की चपेट में आ गया था। हालांकि गनीमत रही कि मॉल में स्टोर के अलावा अन्य दुकानों तक आग नहीं पहुंची लेकिन धुएं व आग बुझाने के दौरान दमकलों के पानी से मॉल में गिरी फॉल्स सीलिंग, आग बुझाने व धुआं निकालने के लिए तोड़े गए कांच से मॉल में करोड़ों रुपए का नुकसान हुआ है। नतीजा कई दिन तक मॉल बंद रहेगा। आमजन को वहां प्रवेश नहीं मिलेगा और दुकानदार अपनी दुकानों से ग्राहकी नहीं कर सकेंगे।हालत यह है कि इस हादसे के बाद नगर निगम का फायर अनुभाग चेता और सभी मॉल व शॉपिंग कॉम्पलेक्स में फायर उरकरणों, सिस्टम व आग से सुरक्षा की जांच व सर्वे किया जाएगा।</p>
<p><strong>दो टीमों का किया गठन</strong><br />हादसे के बाद मॉल व शॉपिंग कॉम्पलेक्स में आग से सुरक्षा की जांच व सर्वे के लिए उपायुक्त फायर राकेश व्यास ने गुरुवार को फायर अनुभाग की दो टीमों का गठन किया है। निगम आयुक्त ओम प्रकाश मेहरा के निर्देश पर टीम का गठन किया गया है।</p>
<p><strong>ये हैं टीम में शामिल</strong><br />उपायुक्त फायर राकेश व्यास ने बताया कि एक टीम में अग्नि शमन अधिकारी मोहम्मद अजहर खान को प्रभारी बनाया गया है। इनके साथ 6 फायरमैन को लगाया गया है। वहीं दूसरी टीम में सहायक अग् िनशमन अधिकारी सीता चौबदार को प्रभारी बनाया गया है। इनके साथ 5 फायरमैन को लगाया गया है।</p>
<p><strong>चार दिन में देंगे रिपोर्ट</strong><br />उपायुक्त फायर व्यास ने बताया कि दोनों टीमें अपने-अपने जोन में मॉल, शॉपिंग कॉम्पलेक्स व मरकेंटायल भवनों का आग से सुरक्षा की दृष्टि से सर्वे व निरीक्षण करेंगी। इसके बाद 4 दिन में विस्तृत रिपोर्ट पेश करेंगे। जिसके आधार पर आगामी कार्रवाई की जाएगी। सर्वे व निरीक्षण का काम शुक्रवार से शुरु होगा।</p>
<p><strong>पहले भी हादसों के बाद ही चेतता रहा है प्रशासन</strong><br />यह पहला मौका नहीं है जब आग लगने के बाद निगम का फायर अनुभाग चेता है और सभी मॉल व शॉपिंग कॉम्पलेक्स में आग से सुरक्षा की जांच की जाएगी। इससे पहले भी शहर या अन्य जगहों पर जिस भी तरह के हादसे हुए हैं। उसी तरह के मामलों की जांच, सर्वे व नोटिस के साथ ही कार्रवाई की जाती रही है।<br />गत दिनों इंद्र विहार में नॉनवेज रेस्टोरेंट के धराशाही होने के बाद निगम व केडीए प्रशासन हरकत में आया था और सभी अवैध निर्माणों पर कार्रवाई करते हुए नोटिस दिए गए और सीजिंग की गई। हालांकि उसके बाद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।</p>
<p><strong>लाइब्रेरियों व हॉस्टलों की हुई थी जांच</strong><br />इसी तरह से गत दिनों एक अंडरग्राउंड लायब्रेरी में पानी भरने से कई अभ्यर्थियों की मौत होने के बाद कोटा में निगम प्रशासन हरकत में आया था। यहां सभी अंडर ग्राउंड लायब्रेरियों की कुछ दिन तक जांच की गई। जांच में अधिकतर के अवैध पाए जाने पर उन्हें बंद भी कराया गया। लेकिन उसके बाद फिर से सभी जगह पर ये संचालित हो रही है।वहीं नदी पार कुन्हाड़ी स्थित चंचल विहार के एक हॉस्टल में आग लगने पर निगम के फायर अनुभाग की ओर से सभी हॉस्टलों में आग से सुरक्षा की जांच की गई। अधिकतर में कमियां मिलने पर किसी को नोटिस दिया गया तो किसी को सीज किया गया। लेकिन उसके बाद फिर से वही ढाक के तीन पात वाली स्थिति बनी हुई है।</p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />मॉल के स्टोर में आग लगने के बाद शहर के सभी मॉल व शॉपिंग कॉम्पलेक्स में आग से सुरक्षा के उपायों व संसाधनों का सर्वे व निरीक्षण किया जाएगा। इसके लिए आयुक्त के निर्देश पर दो टीमों का गठन किया गया है। ये टीमें शुक्रवार से अपना काम करेंगी। जिस भी तरह की रिपोर्ट आएगी उसके अनुसार संबंधित के खिलाफ ठोस व प्रभावी कार्रवाई की जाएगी।<br /><strong>- राकेश व्यास, उपायुक्त फायर नगर निगम कोटा</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 01 May 2026 14:14:17 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>नगर निगम कैथून में भी बनाएगा गौशाला, आयुक्त ने अधिकारियों के साथ देखी जमीन</title>
                                    <description><![CDATA[कैथून नगर पालिका और तीन पंचायतें नगर निगम में शामिल हुई है।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/municipal-corporation-to-establish-a-gaushala-in-kathun-as-well/article-152080"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/111200-x-600-px)-(2)46.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। नगर निगम की ओर से कैथून में भी गौशाला बनाने की योजना है। इसके लिए नगर निगम आयुक्त ने अधिकारियों के साथ कई जगह पर जमीन देखी है।नगर निगम आयुक्त ओम प्रकाश मेहरा ने सोमवार को कैथून क्षेत्र का दौरा किया था। इस दौरान उन्होंने नगर पालिका और कोटा विकास प्राधिकरण की कई जमीनों को देखा। जहां गौशाला बनाई जा सकती है।</p>
<p>आयुक्त ओम प्रकाश मेहरा ने बताया कि कैथून नगर पालिका और तीन पंचायतें नगर निगम में शामिल हो गई है। ऐसे में यहां भी बड़ी संख्या में निराश्रित मवेशी हैं। उन्हें यहां से पकड़कर बंधा धर्मपुरा स्थित निगम की गौशाला में ले जाना काफी भारी पड़ रहा है। कैथून से गौशाला की दूरी करीब पचास किमी. है। ऐसे में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कैथून में ही गौशाला की संभावना तलाशने के निर्देश दिए थे। उनके निर्देशों की पालना में ही यहां कई जगह पर जमीन देखी है।</p>
<p><strong>एक हजार गायों के लिए बनेगी गौशाला</strong><br />आयुक्त मेहरा ने बताया कि कैथून में करीब एक हजार गायों को रखने के लिए गौशाला बनाने की योजना है। जिससे इस क्षेत्र से निराक्षित गौवंश को पकड़कर यहीं रखा जा सकेगा। उन्हें बंधा गौशाला नहीं ले जाया जा सकेगा। इसके लिए उतनी बड़ी जमीन की तलाश की जा रही है। कुछ जमीन देखी हैं उन पर विचार कर निर्णय किया जाएगा।</p>
<p><strong>बंधा गौशाला में होंगे एक करोड़ के काम</strong><br />इधर नगर निगम की बंधा धर्मपुरा स्थित गौशाला में करीब एक करोड़ रुपए के कार्य करवाए जाएंगे।आयुक्त मेहरा ने बताया कि वर्तमान में करीब 28 लाख रुपए के टेंडर तो हो चुके हैं। 80 लाख रुपए और स्वीकृत करवाए जाएंगे। जिनसे यहां शेड, पानी की टंकी, प्रशासनिक भवन, टॉयलेट्स , चार दीवारी निर्माण समेत अन्य सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा।</p>
<p><strong>डेढ़ हजार की क्षमता होगी विस्तारित गौशाला की</strong><br />आयुक्त मेहरा ने बताया कि निगम की बंधा गौशाला में वर्तमान में करीब दो हजार गौवंश हैं। वहीं इसके पास ही करीब 25 बीघा जमीन केडीए से प्राप्त हुई है। जिसका विस्तार किया जा रहा है। इस विस्तारित गौशाला में भी करीब डेढ़ हजार गौवंश को रखा जाएगा। इस तरह से बंधा गौशाला की क्षमता भी बढ़ जाएगा।</p>
<p><strong>गर्मी से बचाव के इंतजाम किए जा रहे</strong><br />शहर में पड़ रही भीषण गर्मी का असर जहां इंसानों पर हो रहा है। वहीं जानवर भी इससे अधूते नहीं है। नगर निगम की बंधा धर्मपुरा गौशाला और किशोरपुरा स्थित कायन हाउस में गौवंश को गर्मी से बचाने के प्रयास किए जा रहे हैं। कायन हाउस में ग्रीन नेट लगाई गई है। जबकि गौशाला में पुरानी नेट तो लगी हुई है। नई ग्रीन नेट भी लगाई जा रही है। साथ ही गौशाला में अलग-अलग बाड़ों के हिसाब से 20से अधिक पंखे व कूलर भी लगाए गए हैं।</p>
<p> शहर की तुलना में बंधा की तरफ तापमान अधिक रहता है। ऐसे में जहां गौवंश को गर्मी से राहत के इंतजाम किए जा रहे हैं। वहीं ट्रेक्टर से फव्वारा पद्धति से गौवंश पर व बाड़ों में पानी का छिड़काव भी किया जा रहा है।<br /><strong>-जितेन्द्र सिंह ,पूर्व अध्यक्ष गौशाला समिति</strong></p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 29 Apr 2026 15:00:28 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>असर खबर का : लौटेगा लक्खी बुर्ज का पुराना वैभव, नगर निगम करवाएगा सौंदर्यीकरण कार्य</title>
                                    <description><![CDATA[पर्यटकों के आकर्षण के लिए कई प्रकार की व्यवस्थाएं और सुविधाएं की जाएंगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/impact-of-the-news--lakhi-burj%E2%80%99s-former-glory-to-return--municipal-corporation-to-undertake-beautification-work/article-151935"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/asar-khabar-ka---lautega-lakhi-burj’-ka-purana-vaibhav,-nagar-nigam-karavaega-saundaryekaran-kary...kota-news-28.04.2026.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। शहर के प्रमुख पर्यटक स्थलों में शामिल लक्खी बुर्ज का पुराना वैभव पुन: नजर आएगा। नगर निगम लक्खी बुर्ज के सौंदर्यीकरण की कार्ययोजना बना रहा है। इसको लेकर आयुक्त ओमप्रकाश मेहरा ने सोमवार को लक्खी बुर्ज का निरीक्षण भी किया।आयुक्त ओमप्रकाश मेहरा ने बताया कि कोटा के पर्यटक स्थलों में लक्खी बुर्ज की प्रमुखता से गिनती होती है। पूर्व में इसका वैभव बड़ी संख्या में पर्यटकों को आकर्षित करता था। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के निर्देश पर अब लक्खी बुर्ज के सौंदर्यीकरण की योजना नए सिरे से तैयार की जा रही है। उन्होंने बताया कि लक्खी बुर्ज में नाइट ट्यूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए फसाड लाइट्स लगाने के कार्यादेश पूर्व में ही जारी किए जा चुके हैं। लेकिन दोपहर और शाम के समय भी यहां पर्यटकों के आकर्षण के लिए कई प्रकार की व्यवस्थाएं और सुविधाएं की जाएंगी।</p>
<p><strong>कैफेटेरिया भी होगा शुरु</strong><br />लक्खी बुर्ज पर जल्द ही कैफेटेरिया प्रारंभ किया जाएगा। जिससे यहां आने वाले पर्यटक किशोर सागर और आसपास की खूबसूरती को निहारते हुए खाने-पीने का आंनद भी ले सकेंगे। इसके अलावा यहां एक भव्य फ व्वारा और बच्चों के लिए झूले भी लगाए जाएंगे। रात के समय लक्खी बुर्ज पर पर्याप्त रोशनी रहे इसके लिए एलईडी लाइट्स लगाई जाएंगी। लक्खी बुर्ज की मरम्मत और रंगरोगन भी किया जाएगा।</p>
<p><strong>दूरबीन भी बनेगी आकर्षण का केन्द्र</strong><br />काफी वर्षो पहले लक्खी बुर्ज पर आने वाले पर्यटकों के लिए दूरबीन भी बड़ा आकर्षण होती थी। विशेष प्रकार की इस दूरबीन से काफी दूर तक नजारा देखा जा सकता था। सौंदर्यीकरण की प्रक्रिया में लक्खी बुर्ज पर फि र से दूरबीन लगाने का भी निर्णय लिया गया है। यह दूरबीन पर्यटकों के अनुभव को और अधिक आनंदित बनाएगी। लक्खी बुर्ज में टेलीस्कोप लगाने की भी संभावनाएं तलाशी जाएंगी। निरीक्षण के दौरान उनके साथ अधिशाषी अभियंता कुलदीप प्रेमी, राजस्व अधिकारी विजय अग्निहोत्री और स्वास्थ्य अधिकारी मौतीलाल चौधरी समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।</p>
<p><strong>नवज्योति ने किया था मामला प्रकाशित</strong><br />गौरतलब है कि लक् खी बुर्ज की दुर्दशा का मामला दैनिक नवज्योति ने प्रकाशित किया था। समाचार पत्र में 27 अप्रैल को पेज दो पर' एक लाख में बना इसलिए नाम रखा लक्खी बुर्ज, 100 फीट ऊंचा साथ ही देखरेख के अभाव में दुर्दशा का शिकार हो रहा लक्खी बुर्ज शीर्षक से समाचार प्रकाशित किया था। जिसमें इस पुराने एतिसाहिक पर्यटन स्थल के बारे में बताया गया है। समाचार प्रकाशित होने के बाद नगर निगम आयुक्त स्वयं मौके पर पहुंचे और वहां की स्थिति को देखा। इसके बाद उन्होंने कहा कि नगर निगम इसका सौन्दर्यीकरण करवाकर इसके पुराने वैभव को लौटाएगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 28 Apr 2026 14:29:46 +0530</pubDate>
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                <title>बदहाल हो रहे पार्क : चोरी हो रहे सामान ; सुरक्षा दीवारों के साथ झूले भी टूटे, मैदान में हो रहे गड्ढ़े</title>
                                    <description><![CDATA[पार्क हरियाली की जगह गंदगी, अव्यवस्था और असामाजिक तत्वों के जमावड़े का केंद्र बना। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/parks-fall-into-disrepair--equipment-stolen--boundary-walls-and-swings-broken--grounds-riddled-with-potholes/article-151434"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/111200-x-600-px)-(3)28.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। विज्ञान नगर क्षेत्र के पार्क बदहाल हो रहे हैं। न केवल झूले बल्कि सुरक्षा दीवारें भी टूट रही हैं। वहीं, पार्क का मैदान भी गड्ढ़ों से उबड़-खाबड़ हो रहा है। जहां खेलते वक्त बच्चों के पैर मुड़ जाने से चोटिल हो रहे हैं। हालात यह हैं कि पार्क में लगे सामान तक चोरी हो गए। जिम्मेदारों की लापरवाही से पार्क अब हरियाली की जगह गंदगी, अव्यवस्था और असामाजिक तत्वों के जमावड़े का केंद्र बन गए हैं। परेशान क्षेत्रवासियों ने सुरक्षा दीवारें बनवाने व पार्क के विकास को लेकर जिला कलक्टर से गुहार लगाई।</p>
<p><strong>रेलिंग काटकर पटकी, कहीं सुरक्षा दीवार तोड़ी</strong></p>
<p>महात्मा गांधी पर्यावरण विकास समिति के अध्यक्ष एडवोकेट अमजद खान ने बताया कि पिछले एक साल में पार्कों की स्थिति पूरी तरह बिगड़ गई। कई जगहों पर बाउंड्री वॉल तोड़ दी गई तो कई जगहों पर रेलिंग काटकर पटक दी गई। पार्क खुले मैदान की तरह लावारिस हालत में छोड़ दिए गए हैं। जिससे सरकारी सम्पतियों के चोरी होने का डर बना रहता है।</p>
<p><strong>पार्कों में गंदगी का ढेर, असमाजिक तत्वो का जमावड़ा</strong></p>
<p>स्थानीय लोगों का कहना है कि पहले पार्कों की देखरेख नगर निगम के अधीन थी, जो अब केडीए के अधीन है। जिम्मेदारों की लापरवाही से चल रहे विकास कार्य भी रुके पड़े हैं। न लेबर आती है और न ही ठेकेदारों का अता-पता है। पार्क पूरी तरह से लावारिस हालत में हैं। जिसकी वजह से पार्कों में असमाजिक तत्वों का जमावड़ा लगा रहता है, जो शोर-शराबा व गाली-गलौच करते हैं। ऐसे में मॉर्निंग वॉक व इवनिंग वॉक पर आने वाले लोगों द्वारा टोकने पर झगड़ा करने पर उतारू हो जाते हैं। पार्क में जगह-जगह गंदगी के ढेर लगे हैं। सुरक्षा दीवारें टूटने से मवेशी पार्क में घुस जाते हैं। जिससे हादसे की आशंका बनी रहती है।</p>
<p><strong>लोहे के डस्टबीन हो गए चोरी</strong></p>
<p>क्षेत्रवासियों का कहना है कि माहत्मा गांधी पार्क-(छोटा) में लगाए गए लोहे के डस्टबीन नशेडी चोरी कर ले गए। वहीं, पार्क में लोहे की जालियां पड़ी हुई हैं, ऐस में उसके चोरी होने का खतरा बना रहता है। शिकायत के बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई और न ही पार्क की दशा सुधारने पर ध्यान दिया जा रहा।</p>
<p><strong>सफाई कर्मचारी हटाए, सफाई व्यवस्था ठप</strong></p>
<p>पार्क समिति के अध्यक्ष मुकेश मेवाड़ा का कहना है कि पार्क केडीए के अधीन आने के बाद से ठेकेदार ने सफाई कर्मचारियों को हटा दिया, जिससे नियमित सफाई बंद हो गई और पार्क कचरे से भर गए हैं। शिकायत करने पर जिम्मेदार अधिकारी भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। वहीं, क्षेत्रवासी अनीता ने बताया कि पार्क के सामने घर होने के कारण असामाजिक तत्वों की गतिविधियों से परिवार को काफी दिक्कत होती है। नशे का धुआं घरों तक पहुंचता है और विरोध करने पर गाली-गलौज की जाती है।</p>
<p><strong>खुले पड़े बिजली तार, पैनल टूटे</strong></p>
<p>स्थानीय निवासी रमेशचंद्र नागर ने बताया कि असामाजिक तत्वों ने पार्कों की लाइटें और पैनल तक तोड़ दिए हैं, जिससे पार्क में अंधेरा होने से संदिग्ध गतिविधियां बढ़ रही हैं। पुलिस को शिकायत देने के बावजूद गश्त नहीं बढ़ाई जा रही है। समिति सदस्यों व स्थानीय लोगों ने जिला कलक्टर से बदहाल पार्कों की स्थिति सुधरवाने की मांग की है। छत्रपुरा तालाब व गांधी गृह के पार्कों के हालात बदतर हो रहे हैं। जगह-जगह पार्क की दीवारें टूटी हुई हैं तो कहीं जगहों पर लोहे की जालियां यूं ही पटक रखी है, जबकि जिम्मेदार केडीए अधिकारी को इसे गोदाम में जमा करवाना चाहिए ताकि, सरकारी सम्पति चोरी होने से बच सके। इलाके के 3 वार्डों में करीब 6 से ज्यादा पार्क हैं, जिनमें ठेकेदार द्वारा मात्र 3-4 ही लेबर ही लगा रखी है, जो कभी-कभी आती है। वहीं, ठेकेदार के भी अते पते नहीं है। पार्कों की दशा बिगड़ रही है। संबंधित अधिकारी को कई बार लिखित व मौखिक शिकायत कर चुके हैं, इसके बावजूद सुनवाई नहीं हो रही।</p>
<p><strong>-कपिल शर्मा, पूर्व पार्षद</strong></p>
<p>पार्कों में विकास कार्य करवाए जा रहे हैं। यदि, कहीं कार्य में कोई कमी है तो मौका स्थिति देखकर दुरुस्त करवाया जाएगा।</p>
<p><strong>-सतीश तोमर, एईएन केडीए</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
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                <pubDate>Thu, 23 Apr 2026 14:56:07 +0530</pubDate>
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