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                <title>कहीं अधूरे कामों पर नाराजगी, कहीं मूलभूत सुविधाओं का इंतजार</title>
                                    <description><![CDATA[जनता का सवाल : वादे फिर होंगे, लेकिन क्या इस बार वे पूरे भी होंगे?
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/resentment-over-incomplete-projects--a-long-wait-for-basic-amenities/article-163732"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-08/111200-x-600-px)-(5)29.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। नगर निगम चुनाव प्रक्रिया चलने के साथ ही शहर के छह वार्डों की ग्राउंड ऑडिट में विकास कार्यों की जमीनी हकीकत सामने आई है। कई क्षेत्रों में सड़क, सफाई, नालियों के निर्माण और मूलभूत सुविधाओं से जुड़ी समस्याएं आज भी जस की तस बनी हुई हैं। लोगों का कहना है कि चुनाव के समय जिन उम्मीदों और विकास के वादों के साथ जनप्रतिनिधि उनके बीच पहुंचे थे, उन वादों को पूरी तरह धरातल पर उतारा नहीं जा सका। कहीं विकास कार्य शुरू होकर अधूरे रह गए, कहीं काम तो हुए लेकिन गुणवत्ता और रखरखाव की कमी सामने आई, जबकि कुछ इलाकों में जरूरी काम अब तक शुरू ही नहीं हो सके। ऐसे में लोगों की नाराजगी चुनावी माहौल से पहले साफ दिखाई देने लगी है। अगले महीने होने वाले वार्ड पार्षद चुनाव से पहले यह ग्राउंड रिपोर्ट नए और पुराने, दोनों तरह के दावेदारों के लिए एक संदेश है। जनता अब केवल आश्वासनों से संतुष्ट होने के बजाय काम का हिसाब और भविष्य की स्पष्ट योजना जानना चाहती है। सड़क, सफाई, नाली, स्ट्रीट लाइट, पार्क और सामुदायिक भवन जैसे मुद्दे सीधे लोगों के दैनिक जीवन से जुड़े हैं। ऐसे में इस बार चुनावी मैदान में उतरने वाले जनप्रतिनिधियों के सामने चुनौती केवल वोट मांगने की नहीं, बल्कि भरोसा जीतने और विकास को जमीन पर साबित करने की होगी।</p>
<p><strong>कोटड़ी से बजरंग नगर तक समस्याओं की अलग तस्वीर</strong><br />वार्डों की पड़ताल में अलग-अलग इलाकों में समस्याओं का स्वरूप भले ही अलग नजर आया, लेकिन मूल चिंता सुविधाओं की कमी ही रही। कोटड़ी क्षेत्र में सफाई व्यवस्था और स्पीड ब्रेकर से जुड़ी समस्याओं को लेकर लोग परेशान हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि नियमित सफाई नहीं होने से कई स्थानों पर गंदगी बनी रहती है, वहीं जरूरत वाले स्थानों पर उचित ब्रेकर नहीं होने से आवागमन और सुरक्षा को लेकर भी चिंता बनी रहती है।<br />उधर, बजरंग नगर क्षेत्र में कई स्थानों पर कचरा सड़कों और खुले स्थानों पर फैला नजर आया। लोगों का कहना है कि सफाई व्यवस्था को नियमित और प्रभावी बनाने की जरूरत है, क्योंकि गंदगी केवल क्षेत्र की सुंदरता ही खराब नहीं करती, बल्कि बारिश के दिनों में नालियों के जाम होने और बीमारियों की आशंका भी बढ़ा देती है। सरस्वती कॉलोनी में सड़क पर बने चैंबरों के क्षतिग्रस्त ढक्कन लोगों के लिए परेशानी और हादसे का कारण बन सकते हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि इन समस्याओं की जानकारी कई बार संबंधित विभागों और जनप्रतिनिधियों तक पहुंचाई गई, लेकिन स्थायी समाधान की प्रतीक्षा अब भी बनी हुई है।</p>
<p><strong>गार्डन और सामुदायिक भवनों की भी दरकार</strong><br />कई इलाकों में लोगों ने गार्डन और सामुदायिक भवनों की कमी को भी जाहिर किया। जिन क्षेत्रों में ये सुविधाएं नहीं हैं, वहां स्थानीय लोगों को सामाजिक और सामुदायिक आयोजनों के लिए उचित स्थान नहीं मिल पाता। वहीं जहां गार्डन बने हुए हैं, वहां भी पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था नहीं होने से शाम के समय लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों के लिए सुरक्षित और सुविधायुक्त सार्वजनिक स्थानों की मांग लगातार उठ रही है। लोगों का कहना है कि वे विकास के विरोध में नहीं, बल्कि अधूरे विकास के खिलाफ सवाल उठा रहे हैं। उनकी सबसे बड़ी अपेक्षा यही है कि चुनावी वादे केवल मंचों और प्रचार तक सीमित न रहें, बल्कि उनकी समयबद्ध समीक्षा हो। ह्लजिस उम्मीद के साथ जनप्रतिनिधि वोट मांगने आए थे और जिस भरोसे के साथ हमने उन्हें वोट दिया, वह उम्मीद पूरी नहीं हो सकी,ह्व यह समस्या कई वार्डों के लोगों की बातचीत में साफ सुनाई दी।</p>
<p><strong>वार्ड नंबर व एरिया</strong><br /><strong>वार्ड नंबर 66</strong> में फकीरों की मस्जिद के पीछे का क्षेत्र, कन्या छात्रावास के पीछे का क्षेत्र, सामुदायिक भवन के आसपास का क्षेत्र, भूतेश्वर मंदिर, हरदौल बेहरमशाला, शमशान के बांये भाग का क्षेत्र शामिल है।</p>
<p><strong>वार्ड नंबर 67</strong> में रेगर मोहल्ला, कोटड़ी बड़ी मस्जिद, छोटी मस्जिद, चित्तौड़ा की दुकान, जनता डेयरी, खंडेलवाल धर्मशाला का समस्त क्षेत्र, पेट्रोल पंप के पीछे का क्षेत्र और दादी शाल्लो का चौक शामिल हैं।</p>
<p><strong>वार्ड नंबर 68</strong> में पंचवटी कॉलोनी, अल्फा कॉम्प्लेक्स, न्यू गोपाल विहार, गणपति कॉलोनी, अटवाल नगर, आदित्य आवास कॉलोनी, वैभव नगर, बजरंग नगर, पुलिस लाइन, नयागांव और केसर बाग आदि क्षेत्र शामिल हैं।</p>
<p><strong>वार्ड नंबर 69 </strong>में ग्रामीण पुलिस लाइन रोड प्रथम, लाजपत नगर, सूर्य नगर, जय अंबे नगर, अटवाल नगर लिंक रोड, आदित्य नगर, फ्रेंड्स कॉलोनी, भारत विहार, सुखधाम कॉलोनी, जय हिंद नगर और गोपाल विहार प्रथम क्षेत्र शामिल हैं।</p>
<p><strong>वार्ड नंबर 70</strong> में प्रगति स्कूल, प्रगति नगर, रेलवे सोसाइटी, 80 बीघा जमीन, आरके नगर, जय हिंद नगर, पुलिस लाइन, शिव नगर, गायत्री विहार प्रथम एवं द्वितीय, एसपी कार्यालय, मन्ना कॉलोनी, शमशान, सुलभ कॉम्प्लेक्स, गणेश नगर, सरकारी स्कूल, अमृत कॉलोनी, खारा कुआं, बालाजी की बगीची, मस्जिदवास और सैन्य क्षेत्र शामिल हैं।</p>
<p><strong>वार्ड नंबर 71</strong> में सरस्वती कॉलोनी, जेडीबी कॉलेज, राजेंद्र विहार, आकाशवाणी कॉलोनी, अमृत कलश, गुलाब बाग और गायत्री विहार शामिल हैं।</p>
<p><strong>वार्डवासी उदयभान सिंह ने बताया</strong><br />वार्ड क्षेत्र में साफ-सफाई की समस्या लगातार बनी हुई है। कई बार लोगों को अपनी समस्याओं का समाधान खुद ही निकालना पड़ता है। चुनाव के बाद जनप्रतिनिधि भी क्षेत्र में कम नजर आते हैं, ऐसे में वार्डवासियों को अपनी समस्याएं किसके सामने रखें, यह सबसे बड़ी परेशानी है। उन्होंने नियमित सफाई व्यवस्था और जनप्रतिनिधियों की सक्रियता की मांग की।</p>
<p><strong>वार्डवासी जुबेर पठान ने बताया</strong><br />वार्ड की स्थिति संतोषजनक नहीं है। कई स्थानों पर नालियां टूटी हुई हैं और स्पीड ब्रेकर भी क्षतिग्रस्त पड़े हैं। क्षेत्र में साफ-सफाई का अभाव बना रहता है, जिससे लोगों को परेशानी उठानी पड़ती है। उन्होंने कहा कि समय पर नालियों और टूटे ब्रेकरों की मरम्मत के साथ नियमित सफाई व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिए।</p>
<p><strong>पूर्व पार्षद राजेंद्र सुवालका का कहना</strong><br />कार्यकाल में वार्ड क्षेत्र की हर कॉलोनी तक सीसी रोड का निर्माण करवाने का प्रयास किया गया। गायत्री विहार में ठेकेदार अधूरा काम छोड़कर चला गया, जिससे कुछ विकास कार्य पूरे नहीं हो सके। इसके बाद सरकार बदलने के कारण भी शेष कार्य आगे नहीं बढ़ पाए और कई योजनाएं अधूरी रह गईं।</p>
<p><strong>पूर्व पार्षद विजय लक्ष्मी का कहना</strong><br />वार्ड क्षेत्र में नियमित रूप से कचरा संग्रहण के लिए वाहन चार-पांच बार आते हैं, लेकिन स्वच्छता के लिए जनता की भागीदारी भी जरूरी है। उन्होंने लोगों से वार्ड में गंदगी नहीं फैलाने की अपील की। वार्ड क्षेत्र में सुलभ शौचालय का निर्माण भी करवाया गया और पांच साल के कार्यकाल में विकास कार्यों के लिए लगातार प्रयास किए गए।</p>
<p><strong>पूर्व पार्षद जियाउद्दीन का कहना</strong><br />उनके कार्यकाल में वार्ड क्षेत्र में पानी की पाइपलाइन डलवाने के साथ आवश्यक विकास कार्य करवाए गए। गणपति लाइन के अंदर सीसी रोड का निर्माण भी कराया गया, जिससे क्षेत्रवासियों को बेहतर आवागमन की सुविधा मिली। पूरे कार्यकाल के दौरान साफ-सफाई व्यवस्था पर विशेष ध्यान रखा गया और वार्ड की मूलभूत समस्याओं के समाधान के प्रयास किए गए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 24 Aug 2026 15:20:42 +0530</pubDate>
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                <title>कहीं सफाई-रोशनी बेहाल, कहीं चंबल के शहर में पानी का इंतजार</title>
                                    <description><![CDATA[ जमीनी हकीकत में सामने आईं मूलभूत सुविधाओं की तस्वीरें ।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/sanitation-and-lighting-in-disarray-in-some-areas--a-wait-for-water-in-this-city-by-the-chambal/article-163409"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-08/111200-x-600-px)-(4)27.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। शहर के नए वार्डों की हकीकत जानने के लिए की गई ग्राउंड रिपोर्टिंग में अलग-अलग तस्वीरें सामने आईं। छह वार्डों में लोगों से बातचीत के दौरान सबसे ज्यादा शिकायतें सफाई, सड़क और स्ट्रीट लाइट से जुड़ी मिलीं। कई इलाकों में लोगों का कहना है कि जनप्रतिनिधि चुनाव के दौरान समस्याएं दूर करने के दावे तो करते हैं, लेकिन चुनाव जीतने के बाद वही समस्याएं जस की तस रह जाती हैं। वहीं कुछ वार्ड ऐसे भी मिले, जहां लोगों ने मूलभूत सुविधाओं को लेकर संतोष जताया और जनप्रतिनिधि के उपलब्ध रहने को बड़ी उपलब्धि बताया। छह वार्डों की जमीनी तस्वीर बताती है कि एक ही शहर में सुविधाओं को लेकर अलग-अलग तस्वीरें मौजूद हैं।</p>
<p><strong>वार्ड 35 में सफाई और लाइट की समस्या से परेशान लोग</strong><br />वार्ड नंबर 35 में आने वाले इलाकों में लोगों ने सबसे ज्यादा परेशानी सफाई व्यवस्था और स्ट्रीट लाइट को लेकर बताई। स्थानीय लोगों के अनुसार कई जगह नियमित सफाई नहीं होने से गंदगी की समस्या बनी रहती है। वहीं रात के समय कई स्थानों पर पर्याप्त रोशनी नहीं होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। स्थानीय लोगों की मांग है कि सफाई व्यवस्था नियमित की जाए और खराब पड़ी स्ट्रीट लाइट को समय पर दुरुस्त किया जाए, ताकि रात में आवागमन करने वालों को परेशानी नहीं हो।</p>
<p><strong>चंबल किनारे बसे शहर में पानी को तरस रही पूनम कॉलोनी</strong><br />वार्ड नंबर 37 की पूनम कॉलोनी में ग्राउंड रिपोर्टिंग के दौरान पानी की समस्या सबसे बड़ी चुनौती बनकर सामने आई। कॉलोनीवासियों का कहना है कि जिस शहर में चंबल नदी बहती है, उसी शहर की एक कॉलोनी के लोगों को आज तक चंबल का पानी नसीब नहीं हो पा रहा है। लोगों के मुताबिक कॉलोनी में अब तक पाइपलाइन तक नहीं डाली गई है। वर्षों से समस्या झेल रहे परिवार अब केवल आश्वासन नहीं, बल्कि स्थायी समाधान चाहते हैं।</p>
<p><strong>मूलभूत सुविधाएं व्यवस्थित, पार्षद से सीधे संवाद से लोग संतुष्ट</strong><br />छह वार्डों की ग्राउंड रिपोर्ट में वार्ड नंबर 40 की तस्वीर बाकी वार्डों से अलग नजर आई। यहां वार्डवासियों ने क्षेत्र की स्थिति को संतोषजनक बताया। लोगों के अनुसार वार्ड में सामुदायिक भवन, पार्क, सड़क, स्ट्रीट लाइट और सफाई व्यवस्था जैसी मूलभूत सुविधाएं व्यवस्थित हैं। स्थानीय लोगों ने सबसे सकारात्मक बात पार्षद की उपलब्धता को बताया। उनका कहना है कि जब भी पार्षद से मिलने का समय तय होता है, वे उस समय उपलब्ध रहते हैं और लोगों की समस्याएं सुनते हैं। वार्डवासियों के अनुसार समस्याओं के समाधान के लिए जनप्रतिनिधि तक सीधी पहुंच होना भी विकास का महत्वपूर्ण हिस्सा है।</p>
<p><strong>वार्ड नंबर व शामिल क्षेत्र</strong><br />-वार्ड नंबर 35| चित्रेश नगर, पार्वतीपुरम, महात्मा गांधी कॉलोनी, खारी बावड़ी, मण्दीपाड़ा, रेल विहार कॉलोनी, कृषि फार्म, सुमन नगर, श्रीजी विहार आदि क्षेत्र।<br />-वार्ड नंबर 36| रामदास नगर, लक्ष्मी नगर, गोपाल विहार, काला तालाब, रंग तालाब, चौथ माता मंदिर, बाबड़ी, लोको कॉलोनी, रजा नगर, श्रीराम विहार, कृष्ण विहार, पुरोहित नगर आदि क्षेत्र।<br />-वार्ड नंबर 37| पूनम कॉलोनी, छोटा सोगरिया, सोगरिया ग्राम पंचायत का भाग, गणपति नगर, दुर्गा नगर, प्रताप टाउनशिप आदि क्षेत्र।<br />-वार्ड नंबर 38| न्यू रेलवे कॉलोनी, सरस्वती कॉलोनी, रेलवे अस्पताल, रेलवे वर्कशॉप ग्राउंड, तुल्लापुरा, रेलवे कॉलोनी, पुरानी रेलवे कॉलोनी, वर्कशॉप, जेपी कॉलोनी, उड़िया बस्ती, हरिजन बस्ती, रेलवे प्लेटफॉर्म नंबर 4 के सामने का समस्त क्षेत्र, शिवाजी कॉलोनी, पुरोहित जी की टापरी, सुंदर नगर आदि क्षेत्र।<br />-वार्ड नंबर 39| जनकपुरी, इंदिरा कॉलोनी, आदर्श कॉलोनी, रेलवे सोसाइटी, सेंट पॉल स्कूल, माला फाटक, कच्ची बस्ती क्षेत्र, राम मंदिर, गुरुद्वारा स्कूल, डाक बंगला स्कूल, राज केसर होटल क्षेत्र आदि।<br />-वार्ड नंबर 40| महाराजा भीम सिंह कॉलोनी, चंबल कॉलोनी, दरबार की कोठी, संपूर्ण आर्मी क्षेत्र, जैन मंदिर क्षेत्र, पोस्ट ऑफिस रोड, मयूर कॉलोनी, रबर फैक्ट्री रोड, मंगलायतन, सनफ्लावर रेस्टोरेंट, उम्मेद भवन आदि क्षेत्र।</p>
<p>पहली बार पार्षद बनने के बाद पहली प्राथमिकता वार्ड की मूलभूत सुविधाओं को बेहतर करना रही। उन्होंने खारी बावड़ी स्थित प्राथमिक विद्यालय का जीर्णोद्धार करवाया। इसके साथ ही वार्ड में रोड़ लाइटें लगवाईं, सीसी रोड का निर्माण करवाया और नालियों का निर्माण कराया। वार्ड में सामुदायिक भवन या पार्क के लिए पर्याप्त भूमि नहीं है, जिसके चलते इन सुविधाओं का विकास संभव नहीं हो पाया।<br /><strong>- रचना शर्मा, पूर्व पार्षद</strong></p>
<p>वार्ड में सबसे बड़ी समस्या खराब सड़कों की थी। इसे दूर करने के लिए मेरे कार्यकाल में कई जगह सीसी रोड का निर्माण करवाया गया। श्मशान के पास और कब्रिस्तान के सामने बने कचरा पॉइंट को हटाना भी बड़ी चुनौती थी, जिसे मेनें हटवाया। वार्ड में रोड लाइट की समस्या भी लंबे समय से बनी हुई थी, जिसे दूर करते हुए नई रोड लाइटें लगवाई गई। वार्ड में सुविधाओं को बेहतर बनाने के लगातार प्रयास किए गए।<br /><strong>- हुकुमचंद, पूर्व पार्षद</strong></p>
<p>कांग्रेस शासन के दौरान वार्डवासियों की मूलभूत सुविधाओं का लगातार ध्यान रखा गया, लेकिन सरकार बदलने के बाद वार्ड में समस्याएं बढ़ने लगीं। अब वार्डवासियों को छोटे-छोटे कामों के लिए भी परेशानी उठानी पड़ रही है। किसी फार्म पर हस्ताक्षर करवाने जैसे सामान्य कार्य के लिए भी लोगों को नगर निगम के चक्कर लगाने पड़ते हैं। इसके बावजूद वहां भी उनकी समस्याओं की सुनवाई नहीं होती। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधि और प्रशासन के बीच समन्वय की कमी का खामियाजा आमजन को भुगतना पड़ रहा है।<br /><strong>- साजिश खान, निवर्तमान पार्षद</strong></p>
<p>शहर को स्मार्ट सिटी के रूप में पहचान दिलाने की बात की जाती है, लेकिन हमारे वार्ड में स्मार्ट सिटी जैसी सुविधाएं नजर नहीं आतीं। वार्ड में ऐसा कोई पार्क नहीं है, जहां बच्चे खेल सकें और झूला झूल सकें या लोग सुबह-शाम सुकून से टहल सकें। इसी तरह सामुदायिक भवन का भी अभाव है। कई परिवार ऐसे हैं, जो निजी स्तर पर बड़े स्थान पर कार्यक्रम आयोजित करने में सक्षम नहीं हैं। ऐसे में सामुदायिक भवन की सुविधा उनके लिए बेहद जरूरी है।<br /><strong>- राहुल शर्मा, वार्डवासी</strong></p>
<p>भाजपा सरकार के कार्यकाल में वार्ड की सफाई व्यवस्था बदहाल हो गई है। नियमित सफाई नहीं होने से जगह-जगह कचरा जमा रहता है। कचरा संग्रहण के लिए दो वार्डों में एक ही गाड़ी लगा रखी है, जिसके कारण समय पर कचरा नहीं उठ पाता और लोगों को परेशानी होती है। वार्डवासी आज भी सड़क, सफाई और अन्य मूलभूत सुविधाओं के लिए जूझ रहे हैं। नगर निगम में शिकायत करने के बावजूद समस्याओं का समाधान नहीं हो रहा है।<br /><strong>- मोहम्मद शरीफ, वार्डवासी</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 20 Aug 2026 15:05:43 +0530</pubDate>
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                <title>नए वार्ड, पुरानी समस्याएं : 10 से 15 किलोमीटर में फैले वार्ड, सुविधाएं अब भी दूर</title>
                                    <description><![CDATA[चंद्रेसल का मुख्य मार्ग बदहाल व अंधेरा बना परेशानी का कारण।
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/new-wards--old-problems--wards-spanning-10-to-15-kilometers--amenities-remain-out-of-reach/article-163317"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-08/6622-copy49.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। नगर निगम के नए परिसीमन के बाद वार्डों की तस्वीर भले ही बदली हो, लेकिन वार्ड नंबर 9 में कोई खास बदलाव नजर नहीं आता। पहले जितना क्षेत्र वार्ड में शामिल था, लगभग वही क्षेत्र अब भी वार्ड नंबर 9 का हिस्सा है। करीब 15 किलोमीटर के दायरे में फैले इस वार्ड में दूरी के साथ समस्याओं का दायरा भी बड़ा है। कहीं सड़कें जवाब दे रही हैं तो कहीं पानी की समस्या लोगों को परेशान कर रही है। अर्जुनपुरा क्षेत्र में सड़क की हालत खराब है और रात के समय पर्याप्त रोड लाइट नहीं होने से लोगों को आवाजाही में परेशानी होती है। सबसे गंभीर स्थिति श्मशान तक जाने वाले रास्ते की है। रास्ता खराब होने के साथ श्मशान की व्यवस्थाएं भी बदहाल बताई जा रही हैं। ऐसे में अंतिम संस्कार के लिए पहुंचने वाले लोगों को भी परेशानी उठानी पड़ती है।</p>
<p>वार्डवासियों को अब उम्मीद है कि निगम प्रशासन सड़क, पानी, प्रकाश व्यवस्था और अतिक्रमण जैसी मूलभूत समस्याओं को प्राथमिकता से लेकर समाधान की दिशा में ठोस कदम उठाएगा। लोगों का कहना है कि शहर का हिस्सा होने के बावजूद यदि किसी क्षेत्र में आज भी सड़क, रोशनी और बुनियादी सुविधाओं के लिए इंतजार करना पड़े, तो विकास की तस्वीर अधूरी ही मानी जाएगी।</p>
<p><strong> शिकायतों के बाद भी नहीं बदली तस्वीर</strong><br />अर्जुनपुरा क्षेत्र में मूलभूत सुविधाओं को लेकर लोगों में नाराजगी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क की स्थिति लंबे समय से खराब है। बारिश के दौरान परेशानी और बढ़ जाती है। श्मशान तक पहुंचने वाला मार्ग भी दुरुस्त नहीं होने से बुजुर्गों और महिलाओं को विशेष परेशानी होती है। इसके अलावा अतिक्रमण और सड़क संबंधी शिकायतें भी लगातार सामने आती रहती हैं।</p>
<p><strong>चंद्रेसल का मुख्य मार्ग भी बदहाल, रोड लाइट भी नहीं</strong><br />वार्ड नंबर 10 में आने वाले चंद्रसाल ग्राम की स्थिति भी लोगों के लिए चिंता का कारण बनी हुई है। गांव में जाने वाला मुख्य मार्ग क्षतिग्रस्त हो रहा है। सड़क की खराब हालत के साथ इस मार्ग पर रोड लाइट की सुविधा भी पर्याप्त नहीं है। स्थानीय लोगों का कहना है कि शाम ढलने के बाद मार्ग पर अंधेरा छा जाता है। ऐसे में वाहन चालकों और राहगीरों को परेशानी होती है। लोगों ने बताया कि अंधेरे का फायदा उठाकर इस मार्ग पर कई बार लूटपाट की वारदातें भी हो चुकी हैं। केवल वार्डों का परिसीमन बदलने से समस्याएं खत्म नहीं होंगी। जरूरत इस बात की है कि नए दायरे के हिसाब से विकास और निगरानी भी मजबूत कि जाए।</p>
<p><strong>वार्ड नंबर, क्षेत्र व जनसंख्या</strong><br />-वार्ड नंबर 6 जनसंख्या 12,951 क्षेत्र: मीरा बस्ती, मवासा पुलिया क्षेत्र, संजय नगर, भीमपुरा ग्राम, कोर्ट मोहल्ला, सम्मलेश्वर मंदिर, नयाखेड़ा मोहल्ला, वैद्ययनाथ मंदिर, गाड़ीगाल आदि।</p>
<p>-वार्ड नंबर 7 जनसंख्या 12,732 क्षेत्र: न्यू कॉलोनी, हरिजन बस्ती, कृषि उपजमंडी, किशनपुरा बस्ती, बूटा सिंह कॉलोनी, मेला बस स्टैंड, अहिरवाड़ा, आजाद नगर आदि क्षेत्र शामिल है।</p>
<p>-वार्ड नंबर 8 जनसंख्या 12,710 क्षेत्र: धाकड़खेड़ी, चण्डीन्दा, भोजपुरा, आरामपुरा, जालखेड़ा, खेड़ा रसूलपुर, चैनपुरा आदि क्षेत्र शामिल है।</p>
<p>-वार्ड नंबर 9 जनसंख्या 11,284 क्षेत्र: अर्जुनपुरा, दसलाना, झालीपुरा, जगन्नाथपुरा, बोरखंडी छोटी व बड़ी, मण्डानिया, आदि क्षेत्र शामिल है।</p>
<p>-वार्ड नंबर 10 जनसंख्या 11393 क्षेत्र: बड़ा सोगरिया, मधुबन कॉलोनी, रोटेदा ग्राम, चंदेशल ग्राम, मानसिंह बस्ती आदि शामिल है।</p>
<p>पार्षद कार्यकाल में कई क्षेत्रों में सड़क सहित विभिन्न विकास कार्य करवाए गए। निगम प्रशासन ने सीवरेज लाइन डालने के दौरान पहले से बनी सड़कों को तोड़ दिया। सीवरेज लाइन डाले हुए करीब तीन साल बीत चुके हैं, लेकिन अब तक कई जगह कनेक्शन नहीं दिए गए हैं। इससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।<br /><strong>-मनोज सैनी ,पूर्व पार्षद</strong></p>
<p>वार्ड में लगभग सभी मूलभूत सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं को दूर करने का प्रयास किया गया है। वार्डवासियों की ओर से समय-समय पर सामने आने वाली समस्याओं का प्राथमिकता से समाधान कराया गया। उनका कहना है कि क्षेत्र के विकास और लोगों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए लगातार काम किया गया है।<br /><strong>- सोनम,पूर्व पार्षद</strong></p>
<p>वार्ड में सामुदायिक भवन की सुविधा नहीं है और सड़क की समस्या सबसे ज्यादा बनी हुई है। कई जगह लोगों को आने-जाने में परेशानी होती है। समस्या को लेकर कई बार लिखित और मौखिक रूप से शिकायत की जा चुकी है, लेकिन अब तक अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। लोगों को उम्मीद है कि नगर निगम क्षेत्र की समस्याओं को गंभीरता से लेकर सड़क और अन्य मूलभूत सुविधाओं में सुधार कराएगा।<br /><strong>-महेंद्र गुर्जर ,वार्डवासी </strong></p>
<p>वार्ड काफी बड़े दायरे में फैला हुआ है, इसलिए यहां समस्याओं का दायरा भी बड़ा है। अलग-अलग क्षेत्रों में अलग-अलग तरह की परेशानियां सामने आती हैं, लेकिन सबसे बड़ी समस्या पानी की रहती है। कई बार लोगों को पानी की समस्या से जूझना पड़ता है। बड़े वार्ड में रहने वाले लोगों को समय पर सुविधाएं मिलें, इसके लिए प्रशासन को नियमित रूप से क्षेत्रों का निरीक्षण कर समस्याओं का समाधान करना चाहिए।<br /><strong> -विजय शर्मा,वार्डवासी</strong></p>
<p>पहले वार्ड की पार्षद ईना मीणा थीं,आमजन को छोटे-छोटे कामों के लिए भी परेशान होना पड़ा। यहां तक कि एक साइन करवाने के लिए भी लोगों को इधर-उधर दौड़ लगानी पड़ती थी। जनप्रतिनिधि से उम्मीदें थीं, लेकिन वार्ड में समस्याओं का अंबार लगा रहा और लोगों की सुनवाई तक नहीं हुई।<br /><strong>-शरद कुशवाह,वार्डवासी  </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/new-wards--old-problems--wards-spanning-10-to-15-kilometers--amenities-remain-out-of-reach/article-163317</link>
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                <pubDate>Wed, 19 Aug 2026 14:27:12 +0530</pubDate>
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                <title>शहर में शामिल, फिर भी गांव जैसे हालात</title>
                                    <description><![CDATA[बोले- नगर निगम में शामिल होने के बाद भी नहीं मिलीं शहर जैसी सुविधाएं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/included-in-the-city--yet-conditions-resemble-a-village/article-163224"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-08/111200-x-600-px)-(6)12.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। नगर निगम कोटा शहर की सीमा में शामिल होने के बावजूद वार्ड नंबर 1 से 5 तक के कई इलाकों की तस्वीर आज भी गांव जैसी नजर आती है। शहर का हिस्सा होने के बावजूद यहां रहने वाले लोगों को सड़क, पानी, बिजली, नाली और स्ट्रीट लाइट जैसी मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। कई जगह मुख्य सड़कें क्षतिग्रस्त हैं तो कहीं नालियों का पानी सड़कों पर बहता रहता है। बारिश के दिनों में हालात और खराब हो जाते हैं। सड़क पर जमा गंदा पानी पैदल राहगीरों के साथ वाहन चालकों के लिए भी परेशानी का कारण बन रहा है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि उन्होंने अपनी समस्याओं के समाधान और क्षेत्र के विकास की उम्मीद में जनप्रतिनिधि चुने, लेकिन उम्मीद के मुताबिक काम नहीं हो पाया। कई इलाकों में आज भी विकास कार्यों की दरकार है। लोगों का कहना है कि नगर निगम क्षेत्र में आने के बाद भी यदि मूलभूत सुविधाएं नहीं मिलें तो शहर और गांव में अंतर ही क्या रह जाता है।</p>
<p><strong>कहीं सड़क बदहाल तो कहीं नालियों का पानी सड़कों पर</strong><br />इन वार्डों के कई क्षेत्रों में सड़कें लंबे समय से क्षतिग्रस्त हैं। जगह-जगह गड्ढे होने से वाहन चालकों को परेशानी होती है। कई स्थानों पर नालियों की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण घरों और गलियों का पानी सड़क पर आ जाता है। इससे लोगों को पैदल निकलने में भी परेशानी होती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार संबंधित अधिकारियों तक शिकायत पहुंचाने के बावजूद स्थायी समाधान नहीं हुआ। स्ट्रीट लाइटों की स्थिति भी चिंता का विषय बनी हुई है। लोगों का कहना है कि कई स्थानों पर पोल तो लगे हैं, लेकिन लाइटें नियमित रूप से नहीं जलतीं। रात के समय अंधेरा रहने से लोगों को परेशानी होती है। ग्रामीण क्षेत्र से शहर का हिस्सा बने इन इलाकों में तेजी से विकास की जरूरत है, लेकिन सुविधाओं का विस्तार उस गति से नहीं हुआ है।</p>
<p><strong>शहर जैसी सुविधाओं की उम्मीद, विकास अंतिम छोर तक पहुंचे</strong><br />क्षेत्रों के लोगों की सबसे बड़ी मांग अब शहर जैसी मूलभूत सुविधाओं की है। लोगों का कहना है कि केवल वार्ड सीमा में शामिल करना पर्याप्त नहीं, बल्कि विकास का लाभ भी अंतिम छोर तक पहुंचना चाहिए। मुख्य सड़कों की मरम्मत, नालियों की नियमित सफाई, जलभराव का स्थायी समाधान और खराब स्ट्रीट लाइटों को दुरुस्त करना प्राथमिकता होनी चाहिए। स्थानीय लोगों को ऐसे प्रतिनिधि की उम्मीद है, जो उनके बीच रहकर समस्याएं सुने और अधिकारियों से समन्वय कर समाधान करवाए। लोगों का कहना है कि अब गांव जैसी बदहाली नहीं, बल्कि शहर जैसी सुविधाएं चाहिए।</p>
<p><strong>वार्ड नंबर और क्षेत्र</strong><br /><strong>वार्ड नंबर 1-</strong> शंभूपुरा, गिरधरपुरा एवं गोवर्धनपुरा ग्राम<br /><strong>वार्ड नंबर 2-</strong> कबीर आश्रम, विजय राजे सिंधिया चौराहा, ज्ञान सरोवर कॉलोनी, नयागांव उर्फ दौलतगंज, रोझड़ी का आंशिक भाग, पटवार ट्रेनिंग स्कूल, मोदी इंस्टीट्यूट, कौटिल्य कॉलेज आदि<br /><strong>वार्ड नंबर 3- </strong>ग्राम आमली, रथकांकरा, बंधा, धरमपुरा की समस्त राजस्व सीमा, देवनारायण योजना, रोझड़ी राजस्व ग्राम का आंशिक भाग, धरमपुरा रोड की समस्त कॉलोनियां<br /><strong>वार्ड नंबर 4- </strong>रानपुर, पुनिया देवरी, रानपुर एजुकेशन एरिया, रेतिया चौकी, लखावा, जगपुरा, खेड़ा जगपुरा, भीमपुरा, उमेदपुरा, भामाशाह मंडी, रानपुर औद्योगिक क्षेत्र, कोयला तलाई आदि<br /><strong>वार्ड नंबर 5-</strong> कंवरपुरा ग्राम, श्रीराम नगर, कच्ची बस्ती, कहारों की बस्ती, डीसीएम कॉलोनी, डीसीएम श्रीराम फैक्ट्री, श्रीराम कॉलोनी, उमेदगंज गांव का संपूर्ण क्षेत्र, राजनगर का आंशिक क्षेत्र, मानसरोवर कॉलोनी, कोटा क्लब, गायत्री विहार एवं रायपुरा क्षेत्र शामिल है।</p>
<p>घर-घर पाइपलाइन पहुंचाने के साथ सड़क निर्माण, स्कूल निर्माण और सफाई व्यवस्था को दुरुस्त करवाया गया। वार्डवासियों की सुविधा के लिए पट्टे बनवाने का काम भी किया गया। उन्होंने कहा कि वार्ड के लोगों की समस्याओं को सुनकर उनका समाधान करवाने का हरसंभव प्रयास किया गया और जरूरत के अनुसार विकास कार्यों को गति दी गई।<br /><strong>-पवन मीणा,पूर्व पार्षद </strong></p>
<p>पार्षद कार्यकाल के दौरान राजनीतिक फेरबदल के कारण उनके साथ भेदभाव किया गया, जिसके चलते वार्ड में प्रस्तावित कई विकास कार्य पूरे नहीं हो सके। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधि के रूप में उनकी प्राथमिकता हमेशा वार्डवासियों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध करवाना और उनकी समस्याओं का समय पर समाधान करना रही।<br /><strong>- सोनू भील,पूर्व पार्षद </strong></p>
<p>वार्ड की स्थिति आज भी गांव जैसी बनी हुई है। नगर निगम क्षेत्र में शामिल होने के बावजूद यहां मूलभूत सुविधाओं का अपेक्षित विकास नहीं हो पाया है। जनप्रतिनिधियों के साथ निगम के अधिकारियों ने भी वार्ड की समस्याओं पर गंभीरता से ध्यान नहीं दिया। इसके कारण स्थानीय लोगों को सड़क, सफाई और अन्य जरूरी सुविधाओं को लेकर लगातार परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।<br /><strong>-कपिल गुर्जर,वार्डवासी</strong></p>
<p>वार्ड में सड़कें लगातार क्षतिग्रस्त हो रही हैं और जगह-जगह बड़े गड्ढे बने हुए हैं। बारिश के दौरान इन गड्ढों में पानी भरने से वाहन चालकों और राहगीरों को काफी परेशानी होती है। उन्होंने बताया कि वार्ड में रोड लाइटें तो लगाई गई हैं, लेकिन कई जगह रात के समय ये जलती नहीं हैं। इससे अंधेरा रहने के कारण लोगों को आवागमन में परेशानी होती है और दुर्घटना की आशंका भी बनी रहती है।<br /><strong>- भागचंद,वार्डवासी</strong></p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 18 Aug 2026 14:31:12 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>मंडी का जाम, सफाई-पानी की किल्लत, आवारा कुत्ते बने परेशानी</title>
                                    <description><![CDATA[बिना पार्षद के अधर में अटकीं जनसमस्याएं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/traffic-jams-caused-by-the-market--shortages-of-water-and-sanitation-services--and-the-menace-of-stray-dogs/article-162943"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-08/111200-x-600-px)-(2)44.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। नगर निगम के नए परिसीमन के बाद शहर के वार्डों की तस्वीर बदल गई है। वार्डों की सीमाएं बदलने के साथ लोगों को उम्मीद है कि व्यवस्थाएं भी बेहतर होंगी, लेकिन जमीनी हकीकत में समस्याएं अब भी जस की तस नजर आ रही हैं। कहीं सड़कें क्षतिग्रस्त हैं तो कहीं बिना मानक के बनाए गए ब्रेकर लोगों के लिए परेशानी बने हुए हैं। कई कॉलोनियों में पानी की समस्या है, जबकि जगह-जगह झूलते बिजली के तार हादसे का खतरा बढ़ा रहे हैं। स्टेशन क्षेत्र की मस्जिद गली में लगने वाली मंडी के कारण लंबे समय तक जाम लगा रहता है। वहीं भीमगंज मंडी क्षेत्र में सफाई व्यवस्था को लेकर लोग परेशान हैं। वार्डवासियों का कहना है कि समस्याओं को लेकर शिकायतें तो होती हैं, लेकिन स्थायी समाधान नहीं निकलता और फिलहाल वार्ड पार्षद भी नहीं हैं। ऐसे में लोग अपनी समस्या लेकर नगर निगम पहुंचें भी तो आखिर सुनवाई और जिम्मेदारी किसकी तय होगी?</p>
<p><strong>आवारा कुत्तों का बढ़ता आतंक, रात में घर से निकलना मुश्किल</strong><br />वार्ड में आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या से वार्डवासी परेशान हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि गली-मोहल्लों में दिनभर कुत्तों के झुंड घूमते रहते हैं, जिससे बच्चों, बुजुर्गों और राहगीरों में डर बना रहता है। रात के समय स्थिति और गंभीर हो जाती है। लोगों के अनुसार कई बार वाहन चालकों पर आवारा कुत्ते हमला कर चुके हैं, जिससे हादसे की आशंका बनी रहती है। वार्डवासियों का आरोप है कि समस्या को लेकर नगर निगम में कई बार शिकायत की जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। लोगों ने निगम से अभियान चलाकर आवारा कुत्तों की समस्या का स्थायी समाधान करने की मांग की है।</p>
<p><strong>मस्जिद गली में जाम से राहगीरों होती परेशानी</strong><br />स्टेशन क्षेत्र में मस्जिद गली में लगने वाली मंडी स्थानीय लोगों और राहगीरों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है। मंडी के दौरान सड़क पर भीड़ और वाहनों का दबाव बढ़ जाता है, जिससे कई बार लंबे समय तक जाम की स्थिति बनी रहती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि मंडी के लिए व्यवस्थित व्यवस्था और यातायात प्रबंधन किया जाए तो समस्या काफी हद तक कम हो सकती है।</p>
<p><strong>पार्षद नहीं, अब शिकायत लेकर जाएं कहां?</strong><br />परिसीमन के बाद वार्ड तो नए बन गए, लेकिन फिलहाल पार्षद नहीं हैं। ऐसे में स्थानीय लोगों के सामने अपनी समस्याएं रखने को लेकर असमंजस की स्थिति है। वार्डवासियों का कहना है कि नगर निगम में शिकायत करने के बाद भी यह स्पष्ट नहीं रहता कि समस्या के समाधान की जिम्मेदारी किसकी है। लोगों की मांग है कि चुनाव और नई व्यवस्था तक निगम को प्रत्येक वार्ड में शिकायतों की प्रभावी मॉनिटरिंग के लिए स्पष्ट व्यवस्था करनी चाहिए।</p>
<p><strong>झूलते तार दे रहे हादसे को न्योता</strong><br />वार्डों के कई क्षेत्रों में बिजली के झूलते तार भी बड़ी समस्या हैं। तार कई जगह नीचे तक लटक रहे हैं। इससे हादसे का खतरा बना रहता है। लोगों ने बिजली निगम से ऐसे तारों को व्यवस्थित करने और जर्जर विद्युत व्यवस्था को दुरुस्त करने की मांग की है।</p>
<p><strong>नए वार्ड और वार्ड नंबर के क्षेत्र</strong><br /><strong>वार्ड नंबर 11: </strong>नया भदाना, बेरवा का मोहल्ला, रिद्धि-सिद्धि नगर, समस्त सरस्वती कॉलोनी, आदर्श कॉलोनी, अंबेडकर नगर, जगदंबा कॉलोनी, पुराना भदाना, भदाना की टापरियां, आरके कॉलोनी, शहीद भगत सिंह कॉलोनी, बाबा कॉलोनी।</p>
<p><strong>वार्ड नंबर 12: </strong>बापू कॉलोनी, शास्त्री कॉलोनी, बोहरा की बगीची, कैलाशपुरी, गणेशपुरा, राजीव नगर, कच्ची बस्ती, पार्वती कॉलोनी, प्रताप कॉलोनी, मिल वाले बाबा, गोपाल मिल, महावीर कॉलोनी।</p>
<p><strong>वार्ड नंबर 13:</strong> मस्जिद गली, सब्जी मंडी, रेलवे स्टेशन क्षेत्र, नेहरू नगर, हरिजन बस्ती, तेलघर, इमामबाड़ा, संजय नगर, हुसैनी नगर।</p>
<p><strong>वार्ड नंबर 14: </strong>संपूर्ण चोपड़ा फार्म, मानसिंह बिल्डिंग, राधा-कृष्ण मंदिर, शंकर भवन, लालबाई माता मंदिर, विजयवर्गीय मेडिकल, दानमलजी का आहता क्षेत्र।</p>
<p><strong>वार्ड नंबर 15: </strong>मॉडल टाउन, आदर्श कॉलोनी, तिलक कॉलोनी, विवेकानंद कॉलोनी, सुरपीन होटल, मिलिट्री क्षेत्र, भीमगंज मंडी थाना, अजय आहूजा स्कूल, नगर निगम सेक्टर कार्यालय, जवाहरलाल नेहरू स्कूल, आर्य समाज, चर्च, निर्मला स्कूल, इनामी भवन, राजेंद्र होटल, आनंद विहार, मुर्गी फार्म हाउस, शांति नगर, सॉयल कंजर्वेशन क्षेत्र।</p>
<p>जब उन्होंने चुनाव लड़ा था, तब वार्ड में महज 10 से 20 प्रतिशत तक ही विकास कार्य हुए थे। इसके बाद उन्होंने अपने कार्यकाल में करीब 90 प्रतिशत विकास कार्य करवाए। वार्डवासियों के राशन कार्ड और आधार कार्ड बनवाने से लेकर हर गली में सड़क निर्माण तक, उन्होंने जनसुविधाओं से जुड़े कार्य प्राथमिकता से करवाए।<br /><strong>- संदीप नायक, पूर्व पार्षद</strong></p>
<p>पार्षद बनने के बाद शुरुआती ढाई साल में वार्ड में तेजी से विकास कार्य करवाए गए। इसके बाद सरकार बदलने के साथ ही विकास कार्य लगभग ठप हो गए। उनका आरोप है कि अधिकारी आम पार्षदों की समस्याओं पर ध्यान नहीं देते थे और उन्हीं कार्यों को प्राथमिकता मिलती थी, जिनके लिए कैंप कार्यालय से फोन आता था।<br /><strong>- हेमलता गौतम, पूर्व पार्षद</strong></p>
<p>पूर्व पार्षद के कार्यकाल में वार्ड में करोड़ों रुपए के विकास कार्य करवाए गए। सफाई व्यवस्था को लेकर समय-समय पर समस्या जरूर रही, लेकिन शिकायतों के बाद इसमें भी सुधार करवाया गया।<br /><strong>-प्रदीप राठौर, वार्डवासी</strong></p>
<p>वार्ड नंबर 15 में आने वाले भीमगंज मंडी क्षेत्र में सफाई व्यवस्था को लेकर लोगों में नाराजगी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि नियमित सफाई नहीं होने से जगह-जगह गंदगी दिखाई देती है। उनका कहना है कि सफाई व्यवस्था की नियमित मॉनिटरिंग होनी चाहिए, ताकि क्षेत्र में गंदगी जमा नहीं हो।<br /><strong>-गोपाल लाल, वार्डवासी</strong></p>
<p>नए वार्डों में शामिल कई क्षेत्रों में पेयजल की समस्या भी सामने आ रही है। स्थानीय लोगों के अनुसार कई बार पानी की पर्याप्त आपूर्ति नहीं होने से परेशानी होती है। वहीं कई इलाकों की सड़कें क्षतिग्रस्त हैं। लोगों का कहना है कि सड़क निर्माण और मरम्मत में गुणवत्ता का ध्यान रखा जाए। कई स्थानों पर बिना मानक के बने ब्रेकर भी वाहन चालकों के लिए परेशानी बने हुए हैं।<br /><strong>-जेडी सिकरवार, वार्डवासी</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 14 Aug 2026 15:13:07 +0530</pubDate>
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                <title>वार्डों का नक्शा नया, समस्याएं पुरानी</title>
                                    <description><![CDATA[नए नक्शे में शामिल हुए कई इलाके, अब हर बस्ती तक सुविधाएं पहुंचाना निगम के लिए चुनौती।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/new-ward-map--old-problems/article-162846"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-08/111200-x-600-px)-(4)18.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। शहर की सरकार का नक्शा बदल गया है। डेढ़ सौ वार्डों से अब कोटा शहर 100 वार्डों में सिमट गया है। कोटा उत्तर और कोटा दक्षिण की अलग-अलग व्यवस्था खत्म होने के बाद वार्डों की सीमाएं भी बदल गई हैं। कई वार्डों का दायरा पहले की तुलना में काफी बढ़ गया है। ऐसे में एक ही वार्ड में पुरानी कॉलोनियों से लेकर नई बस्तियां, गांव, संस्थान और विकसित हो रहे क्षेत्र तक शामिल हो गए हैं। नवज्योति ने नए वार्डों की जमीनी हकीकत जानने के लिए वार्ड 16 से 20 तक का जायजा लिया तो तस्वीर सामने आई कि वार्ड बदले हैं, सीमाएं बदली हैं, लेकिन नागरिकों की मूलभूत समस्याएं अब भी जस की तस हैं।</p>
<p><strong>दृश्य-1 : वार्ड 16... कॉलोनियों और पुराने मोहल्लों का मेल</strong><br />यहां सड़क, पानी, सफाई और अन्य मूलभूत सुविधाओं की नियमित व्यवस्था सबसे अहम है। बढ़े हुए क्षेत्र के चलते निगम के सामने हर इलाके तक समान रूप से सुविधाएं पहुंचाने की चुनौती रहेगी। वार्ड 16 में सुभाष कॉलोनी, नंदा जी की बाड़ी, तेल वाली गली, सरस्वती कॉलोनी, बालाजी टाउन, विधाता कॉलोनी, श्मशान, घूम चक्कर, गणेश चौक, कुम्हारों का मोहल्ला और सरकारी स्कूल क्षेत्र शामिल हैं। वार्ड में पुराने मोहल्लों के साथ नई कॉलोनियां भी हैं।</p>
<p><strong>दृश्य-2 : वार्ड 17... आवारा कुत्ते और सफाई बनी परेशानी</strong><br />स्थानीय लोगों ने आवारा कुत्तों और साफ-सफाई को लेकर परेशानी बताई। कई जगह नियमित सफाई और कचरा उठाने की व्यवस्था को लेकर भी लोगों में नाराजगी नजर आई। लोगों का कहना है कि आवारा कुत्तों की संख्या बढ़ने से खासकर बच्चों और बुजुर्गों को परेशानी होती है। वहीं सफाई व्यवस्था में सुधार की जरूरत महसूस की जा रही है। वार्ड 17 में मोहन निवास, खंड गावड़ी, पारिवारिक न्यायालय, सिविल लाइन, सुखधाम, दोस्तपुरा और ऑफिसर क्लब क्षेत्र शामिल हैं।</p>
<p><strong>दृश्य-3 : वार्ड 18... टूटी सड़कें और खाली प्लॉटों में पानी</strong><br />इलाके में लोगों की सबसे बड़ी शिकायतों में क्षतिग्रस्त सड़कें, खाली प्लॉटों में भरा पानी और पेयजल की समस्या शामिल है। खाली प्लॉटों में बारिश का पानी जमा होने से मच्छर और गंदगी की समस्या पैदा होने की बात भी सामने आई। वहीं कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त सड़कें आवाजाही में परेशानी बढ़ा रही हैं। स्थानीय लोगों की मांग है कि निगम केवल मुख्य सड़कों पर ही नहीं, बल्कि कॉलोनियों की अंदरूनी सड़कों पर भी ध्यान दे। वार्ड 18 में आदर्श नगर, सुमन विहार, बालाजी टाउन प्रथम व द्वितीय, कैलाशपुरी, पार्श्वनाथ एनक्लेव, गिरधर एंक्लेव, पार्वतीपुरम, एग्जॉटिका मैरिज गार्डन, महावीर मिशन हॉस्पिटल, मारडिया बस्ती, रामचंद्रपुर, बालिका ग्राम और स्वीट होम कॉलोनी सहित कई क्षेत्र आते हैं।</p>
<p><strong>दृश्य-4 : वार्ड 19... खाली प्लॉटों का पानी और टूटे रास्ते</strong><br />यहां भी खाली प्लॉटों में पानी भरने, क्षतिग्रस्त सड़कों और विद्युत पोल की समस्या सामने आई। बारिश के बाद खाली प्लॉटों में पानी जमा होने से आसपास रहने वाले लोगों को परेशानी होती है। कई स्थानों पर सड़कें खराब हैं तो विद्युत पोल से जुड़ी समस्याएं भी लोगों के लिए चिंता का विषय बनी हुई हैं। बढ़े हुए वार्ड में इन समस्याओं को चिन्हित कर प्राथमिकता के आधार पर समाधान करना निगम के लिए चुनौती होगी।<br />वार्ड 19 में मित्तल मैरिज गार्डन, हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी, पेट्रोल पंप, राधा-कृष्ण मंदिर, लॉरियट पब्लिक स्कूल, रिद्धि-सिद्धि नगर, चंचल विहार, लक्ष्मण विहार, विकास नगर, रिद्धि-सिद्धि प्रथम, कमला उद्यान, एसजीएन मैरिज गार्डन और लैंडमार्क सिटी जैसे क्षेत्र शामिल हैं।</p>
<p><strong>दृश्य-5 : वार्ड 20... सबसे बड़ा दायरा, समस्याओं की भी लंबी फेहरिस्त</strong><br />इतने बड़े क्षेत्र में समस्याओं का स्वरूप भी अलग-अलग है। यहां क्षतिग्रस्त सड़कें, गंदगी, टे्चिंग ग्राउंड की समस्या और जगह-जगह बस्तियों में जलभराव प्रमुख समस्याओं के रूप में सामने आ रही हैं। कई बस्तियों में बारिश का पानी जमा होने से लोगों की परेशानी बढ़ जाती है। वहीं सड़कें क्षतिग्रस्त होने से आवाजाही प्रभावित होती है।वार्ड 20 का दायरा इन पांच वार्डों में सबसे विस्तृत नजर आता है। यहां मेनाल रेजिडेंसी, गणेश पाल, नांता, वीर दुर्गादास स्टेडियम, भैरूजी मंदिर, तेजाजी मंदिर, नांता गढ़, जेटियों का मोहल्ला, नांता रोड, पार्श्वनार्थ मल्टी स्टोरी, ईदगाह, कोली मोहल्ला, नारी निकेतन, क्रेशर बस्ती, मेंढकी पाल धाम, कालबेलिया बस्ती, गुरुद्वारा, पत्थर मंडी, अभेड़ा महल, करणी माता मंदिर, बायोलॉजिकल पार्क, करणी नगर, बड़गांव, देव नगर, सिलिकॉन सिटी, गोकुलधाम सहित कई क्षेत्र शामिल हैं।</p>
<p>पहले वार्ड छोटे होते थे, इसलिए क्षेत्र सीमित होने के कारण सफाई, सड़क और अन्य मूलभूत सुविधाओं से जुड़ी शिकायतों पर भी तुरंत ध्यान दिया जा सकता था। उन्होंने कहा कि अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने सबसे ज्यादा प्राथमिकता सफाई व्यवस्था को दी। इसके साथ ही वार्ड में जरूरत के अनुसार कई विकास कार्य भी करवाए गए। उनका कहना है कि छोटे वार्ड होने से पार्षद और जनता के बीच सीधा संपर्क बना रहता था और समस्याओं की जानकारी भी समय पर मिल जाती थी।<br /><strong>-हरिओम सुमन, पूर्व पार्षद</strong></p>
<p>शहर में करीब 150 वार्ड थे, जबकि अब वार्डों की संख्या 100 हो गई है। उनका मानना है कि इससे कामकाज पर बहुत ज्यादा फर्क नहीं पड़ेगा। उन्होंने कहा कि अपने कार्यकाल में उन्होंने वार्ड की समस्याओं पर लगातार ध्यान दिया और किसी तरह की बड़ी परेशानी सामने नहीं आई। पार्षद की जिम्मेदारी होती है कि वह उपलब्ध संसाधनों के साथ हर व्यवस्था को बेहतर तरीके से मैनेज करे। उनका कहना है कि इच्छाशक्ति और बेहतर प्रबंधन से वार्ड की समस्याओं का समाधान संभव है।<br /><strong>- उषा ठाकुर, पूर्व पार्षद</strong></p>
<p>शहर में वार्डों की संख्या बढ़ाकर 100 करना व्यवस्था की दृष्टि से एक अच्छा कदम हो सकता है, लेकिन इसके साथ सुविधाओं और संसाधनों का विस्तार भी जरूरी है। अब एक नगर निगम होगा और जवाबदेही तय हो सकेगी। पहले वार्ड सीमा को लेकर असमंजस की स्थिति बनी रहती थी। विकास के कामों को लेकर हम सतर्क हैं।<br /><strong>-लव शर्मा, पूर्व पार्षद</strong></p>
<p>आगामी चुनाव में ऐसे जनप्रतिनिधि का चुनाव होना चाहिए, जो केवल चुनाव जीतने तक सीमित न रहे, बल्कि पूरे कार्यकाल वार्डवासियों के बीच मौजूद रहे। प्रतिनिधि ऐसा हो, जो वार्ड को अपना घर और यहां रहने वाले लोगों को अपने परिवार की तरह समझे। वार्ड की छोटी-बड़ी समस्याओं को अपनी जिम्मेदारी मानकर उनके समाधान के लिए लगातार प्रयास करे। जनता को ऐसे ही सक्रिय और संवेदनशील प्रतिनिधि की जरूरत है।<br /><strong>-शुभम मेहरा, वार्डवासी</strong></p>
<p>परिसीमन के बाद इस बार वार्ड का क्षेत्र काफी बड़ा हो गया है। क्षेत्र बढ़ने के साथ समस्याएं भी बढ़ने की संभावना है। ऐसे में सबसे बड़ी चुनौती यही होगी कि नया वार्ड किस तरह व्यवस्थित होता है और जनप्रतिनिधि हर इलाके की समस्या तक कितनी आसानी से पहुंच पाते हैं। अब देखना होगा कि यह नया परिसीमन वार्डवासियों की उम्मीदों और उनकी जरूरतों पर कितना खरा उतरता है।<br /><strong>-देवेंद्र सिंह, वार्डवासी</strong></p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 13 Aug 2026 15:20:53 +0530</pubDate>
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                <title>असर खबर का... अब न कमानी टूटेगी और न ही बिगड़ेगा वाहनों का संतुलन</title>
                                    <description><![CDATA[कई वाहन रोजाना इन गड्ढ़ों के कारण दुर्घटनाग्रस्त हो रहे थे।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/impact-of-the-report----no-more-broken-suspension-springs-or-loss-of-vehicle-balance/article-162841"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-08/111200-x-600-px)-(5)16.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। टिपटा स्थित गढ़ पैलेस के पास अब न तो वाहनों का संतुलन बिगड़ेगा और न ही किसी वाहन की कमानी टूटेगी। अब वाहन आसानी से निकल रहे हैं। यह संभव हुआ है नगर निगम की ओर से उन गड्ढ़ों को भरने से। किशोरपुरा स्थित एलिवेटेड पुुलिया से टिपटा गढ़ पैलेस की तरफ जाते समय सड़क के मोड पर बड़े-बड़े गड्ढ़े हो रहे थे। पिछले काफी समय से हो रहे इन गड्ढ़ों से रोजाना भारी भरकम वाहनों के साथ ही दो पहिया व ई रिक् शा जैसे वाहन भी निकल रहे हैं। जिससे गड्ढ़ों का साइज बढ़ता ही गया। हालत यह हो गई कि कई वाहन रोजाना इन गड्ढ़ों के कारण दुर्घटनाग्रस्त हो रहे थे। साथ ही गड्ढ़ों के कारण वाहनों की गति धीमी होने से वहां दिन के समय कई बार ट्रैफिक जाम तक की समस्या का सामना करना पड़ रहा था। इस मार्ग से गुजरने वाले सभी वाहन चालक परेशान हो रहे थे।</p>
<p><strong>नवज्योति ने किया था मामला प्रकाशित</strong><br />गौरतलब है कि लोगों की इस समस्या को दैनिक नवज्योति ने प्रमुखता से प्रकाशित किया था। समाचार पत्र में 9 अगस्त को पेज 8 पर' किसी की कमानी टूट रही तो किसी वाहन का बिगड़ रहा संतुलन शीर्षक से समाचार प्रकाशित किया था। समाचार प्रकाशित होने के साथ ही नगर निगम के अधिकारी हरकत में आए। उन्होंने इन गड्ढ़ों को भरने व सड़क को सही करने का निर्णय किया।</p>
<p>नगर निगम के अधिषाषी अभियंता ए.क्यू कुरैशी ने बताया कि इन गड्ढ़ों में रेडी मिक्स बिटुमिन कॉफ्रींट डाली गई है। एलिवेटेड पुलिया से लेकर बैराज के समानांतर पुल व शक्ति नगर के आस-पास तक के सभी गड्ढ़ों को इससे भरा गया है। करीब 35 कट्टे मैटेरियल का उपयोग किया गया है। इससे ये बरसात में नहीं उखड़ेंगा और लम्बे समय तक टिका रहेगा।</p>
<p><strong>नाला व इंटर लोकिंग होगी</strong><br />एक्सईएन कुरैशी ने बताया कि इस सड़क पर इनटरलोकिग की जाएगी। साथ ही किशोरपुरा दवराजे तक आरसीसी का नाला भी बनाया जाएगा। जिससे यहां पानी नहीं भरेगा और सड़क भी क्षतिग्रस्त नहीं होगी। इसके लिए टेंडर जारी कर बरसात के बाद काम शुरू किया जाएगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 13 Aug 2026 15:15:00 +0530</pubDate>
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                <title>नगर निगम शहर में शुरू करेगा दो अम्बेडकर ई लाइब्रेरी</title>
                                    <description><![CDATA[युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में रहेंगी सहयोगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/municipal-corporation-to-launch-two-ambedkar-e-libraries-in-the-city/article-162837"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-08/111200-x-600-px)-(6)8.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। नगर निगम की ओर से शहर में संचालित लाइब्रेरी व वाचनालयों के अलावा प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं के लिए शहर में दो स्थानों पर अम्बेडकर ई लाइब्रेरी भी शुरू की जाएंगी। राज्य सरकार के निर्देश पर शुरू की जाने वाली इन लाइब्रेरियों में शहर के किसी भी क्षेत्र के युवा प्रतियोगी परीक्षाओं से संबंधित तैयारी सबंधी जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। नगर निगम की ओर से स्टेशन क्षेत्र स्थित सुभाष लाइब्रेरी परिसर और विज्ञान नगर स्थित राम रहीम पार्क में इन ई लाइब्रेरियों को शुरू किया जाएगा।</p>
<p><strong>कम्प्यूटर व इंटरनेट की मिलेगी सुविधा</strong><br />नगर निगम की ओर से इन अम्बेडकर ई लाइब्रेरियों में आने वाले युवाओं को कम्प्यूटर व इंटरनेट की सुविधा मिलेगी। जिससे युवा प्रतियोगी परीक्षा से संबंधित जानकारी इंटरनेट के माध्यम से भी प्राप्त कर सकेंगे। ऑनलाइन जानकारी की सुविधा के साथ ही पुस्तकों के माध्यम से भी ऑफ लाइन जानकारी कर अभ्यर्थी ज्ञान अर्जित कर सकेंगे।</p>
<p><strong>आयुक्त ने देखा मौका, आमजन से की चर्चा</strong><br />राज्य सरकार की ओर से कोटा में नगर निगम के माध्यम से दो स्थानों पर अम्बेडकर ई लाइब्रेरी शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं। ये लाइब्रेरी निगम के अपने भवनों में ही संचालित की जानी है। इसे देखते हुए निगम आयुक्त ने स्टेशन क्षेत्र स्थित सुभाष लाइब्रेरी को इसके लिए चिन्हित किया है। उन्होंने बुधवार को स्वयं मौका देखा। साथ ही वहां पूर्व में संचालित वाचनालय में मौजूद लोगों से चर्चा भी की। इसके अलावा विज्ञान नगर स्थित राम रहीम पार्क में नए सिरे से लाइब्रेरी शुरू की जाएगी। हालांकि यहां पूर्व में वाचनालय था लेकिन <br />वह लम्बे समय से बंद है।</p>
<p><strong>आचार संहिता से पहले शुरू होने की संभावना</strong><br />नगर निगम द्वारा शहर में इन दोनों ही लाइब्रेरी को निकाय चुनाव की आचार संहिता से पहले और 15 अगस्त के बाद शुरू करने की संभावना है। जिससे शहर के युवाओं को अपना भविलषय संभावने के लिए अध्ययन का एक बेहतर स्थान उपलब्ध हो सकेगा।</p>
<p><strong>प्रदेश में शुरू होनी हैं 200 ई लाइब्रेरी</strong><br />जानकारी के अनुसार पूरे प्रदेश में करीब 200 अम्बेडकर ई लाइब्रेरी शुरू करने की योजना है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने अप्रेल में आयोजित एक कार्यक्रम में इसकी घोषणा की थी। उसी घोषणा की पालना में इनकी शुरू की जा रही है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 13 Aug 2026 15:11:44 +0530</pubDate>
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                <title>असर खबर का...आधुनिक मोटर मार्केट में निगम ने शुरू की सफाई</title>
                                    <description><![CDATA[मोटर मार्केट बनने के बाद से सफाई न होने से कचरे के ढेर लगे हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/impact-of-the-report--municipal-corporation-begins-cleanup-at-the-modern-motor-market/article-162532"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-08/333331.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। डीसीएम रोड स्थित संजय नगर आरओबी के पास बने आधुनिक मोटर मार्केट में आखिरकार नगर निगम ने शनिवार को सफाई शुरू करवा ही दी। जेसीबी डम्पर की सहायता से कचरा साफ किया जा रहा है।पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के समय में तत्कालीन नगर विकास न्यास की ओर से डीसीएम रोड पर आधुनिक मोटर मार्केट का निर्माण कराया था। इस मार्केट में करीब 400 से अधिक दुकानें बनाई गई। साथ ही यहां चौड़ी सड़कें, रोशनी, जन सुविधा और प्रवेश व निकास के लिए अलग-अलग द्वार समेत अन्य सुविधाएं भी विकसित की। जिससे इसे आधुनिक मोटर मार्केट का नाम दिया गया। इस मार्केट में एरोड्राम चौराहे के पास पूर्व में संचालित मोटर मार्केट में काम करने वाले मिस्त्रियों व मैकेनिकों का पुनर्वास किया गया। एक निर्धारित राशि में मैकेनिकों को सुविधा जनक दुकानें मार्केट के रूप में उपलब्ध करवाई गई। जिससे एरोड्राम चौराहे के पास धानमंडी के सामने की सड़क को चौड़ा किया जा सका।</p>
<p><strong>सफाई नहीं होने से लगे कचरे के ढेर</strong><br />मोटर मार्केट बनने के बाद से वहां नियमित सफाई नहीं होने से वहां कचरे के ढेर जमा हो गए। प्रवेश द्वार से लेकर पूरे मार्केट में जगह-जगह कचरे के ढेर लगे हुए हैं। साथ ही चारों तरफ की नालियां जाम हैं। जिससे वहां काम करने वाले दुकानदारों के साथ ही आने वाले लोगों को भी दुर्गंध का सामना करना पड़ रहा है और बीमारियां फेलने का खतरा बना हुआ है।</p>
<p>नवज्योति में समाचार प्रकाशित होने के साथ ही नगर निगम प्रशासन हरकत में आया और मार्केट में शनिवार को सफाई शुरू करवा दी गई है। स्थानीय दुकानदारों ने बताया कि शनिवार को निगम की ओर से जेसीबी डम्पर आए। जिन्होंने कचरा उठाने के साथ ही नालियों को भी साफ किया। इससे दुकानदारों को राहत मिलेगी।</p>
<p><strong>निगम को नहीं हुआ मार्केट हैंडओवर</strong><br />नगर निगम के स्वास्थ्य अधिकारी मोतीलाल चौधरी ने बताया कि आधुनिक मोटर मार्केट का निर्माण तो केडीए ने करवाया है। लेकिन अभी तक उसे निगम को हैंड ओवर नहीं किया है। जिससे वहां निगम के सफाई संसाधन नियमित नहीं जा पा रहे हैं। हालांकि सम्पति केडीए की हो या अन्य विभाग की। उनकी सफाई की जिम्मेदारी नगर निगम की है। समाचार पत्र में मामला प्रकाशित होने के बाद आयुक्त के निर्देश पर मार्केट में जेसीबी डम्पर भेजकर सफाई शुरू करवा दी है। हालांकि वहां कचरा अधिक होने से पूरी सफाई होने में कुछ समय लगेगा।</p>
<p><strong>नवज्योति ने किया था मामला प्रकाशित</strong><br />डीसीएम रोड स्थित आधुनिक मोटर मार्केट के गंदगी से अटे होने का मामला दैनिक नवज्योति ने प्रमुखता से प्रकाशित किया था। समाचार पत्र में 6 अगस्त को पेज 4 पर' गाडिय़ां ठीक करवाने आ रहे,सेहत खराब करवा कर जा रहे लोगÓ शीर्षक से समाचार प्रकाशित किया था। जिसमें बताया था कि कहने को तो यह आधुनिक मोटर मार्केट है। लेकिन यहां इतनी अधिक गंदगी, कचरे के ढेर व नालियां जाम है। जिससे गाडिय़ां ठीक करवाने आने वाले लोग और वहां काम करने वाले मिस्त्री अपने साथ बीमारियां लेकर जा रहे हैं। समाचार प्रकाशित होने के बाद नगर निगम प्रशासन हरकत में आया और मार्केट में सफाई शुरू करवाई है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 10 Aug 2026 16:03:28 +0530</pubDate>
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                <title>नीचे कुर्सी, ऊपर मंडरा रहा खतरा</title>
                                    <description><![CDATA[ तेज बरसात होने पर टूटी फॉल्स सीलिंग की जगह से पानी  टपकता  है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/a-chair-sits-below--while-danger-looms-overhead/article-162356"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-08/111200-x-600-px)-(2)25.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। सरकारी कार्यालयों में सुंदरता बढ़ाने के लिए लगाई जा रही फॉल्स सीलिंग आमजन के लिए खतरा भी बन सकती है। नगर निगम कार्यालय में तीसरी मंजिल की क्षतिग्रस्त फाल्स सीलिंग बरसात में कर्मचारियों व वहां आने वाले आमजन के लिए खतरा बन सकती है। नगर निगम कार्यालय की बिल्डिंग बनने के समय यहां कमरों के साथ ही गैलेरियों में भी फॉल्स सीलिंग की गई थी। हालत यह है कि तीसरी मंजिल की अधिकतर फॉल्स सीलिंग क्षतिग्रस्त हो गई है। पिछले कई सालों से जगह-जगह से क्षतिग्रस्त हो रही है। जिसे बार-बार सही करवाने के बाद फिर से वही स्थिति हो रही है।</p>
<p>वर्तमान में भी तीसरी मंजिल पर कई जगह से विशेष रूप से एनयूएलएम की तरफ वाली गैलेरी में दो जगह से फॉल्स सीलिंग टूटी हुई है। इतना ही नहीं उसके नजदीक ही नीचे लोगों के बैठने के लिए बैंच भी लगी हुई है। जिससे बरसात के समय में कभी भी फाल्स सीलिंग टूटकर गिरने से बड़ा हादसा होने का खतरा बना हुआ है। जानकारों के अनुसार तेज बरसात होने पर टूटी फॉल्स सीलिंग की जगह से पानी भी टपकता रहता है। जिससे फर्श गीला होने पर लोगों के फिसलने का खतरा बना हुआ है। इस तीसरी मंजिल पर पीएम स्वनिधि से संबंधित ऋण के सिलसिले में लोगों की आवाजाही अधिक बनी रहती है। साथ ही यहां कई अन्य अनुभाग है। जेरोक्स मशीन भी इसी मंजिल पर लगी हुई है। जिससे जेरोक्स करवाने के लिए भी लोग आते रहते है। जानकारों के अनुसार कई बार तो स्थिति इतनी विकट हो जाती है कि बरसात में अधिक पानी टपकने पर टूटी फाल्स सीलिंग की जगह पर बाल्टी तक रखनी पड़ती है।</p>
<p><strong>छत की कमजोरी फाल्स सीलिंग से ढकने का प्रयास</strong><br />जानकारों का कहना है कि बिल्डिंग बनाने के समय छत पर जिस तरह का काम होना चाहिए था वैसा नहीं हुआ। साथ ही पानी निकासी के लिए जो पाइप डाले गए थे वह खराब हो चुके है। जिससे बरसात के समय छत पर पानी भर जाता है। उससे वजन अधिक होने पर टूटे पाइप से पानी फॉल्स सीलिंग पर पड़ता है। ऐसे में फाल्स सीलिंग कमजोर होकर टूट जाती है। जब तक छत की सही ढंग से मरम्मत नहीं होगी तब तक फाल्स सीलिंग को सही करवाने पर बार-बार टूटती ही रहेगी। वहीं जानकारों का कहना है कि छत पर सोलर पैनल लगाने के दौरान की गई खुदाई से भी छत के गड्ढ़ों में पानी भरता है।</p>
<p>इधर नगर निगम अधिकारियों का कहना है कि पहले तो कई जगह से ïफाल्स सीलिंग टूटी हुई थी। ऐसे में छत और फाल्स सीलिंग को सही कराया गया था। यदि फिर भी कहीं से टूटी हुई है तो उसे भी सही करवा दिया जाएगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 08 Aug 2026 14:23:05 +0530</pubDate>
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                <title>करोड़ों की आधुनिक मोटर मार्केट गंदगी की चपेट में, कचरे से बढ़ा बीमारियों का खतरा</title>
                                    <description><![CDATA[ पेट्रोल पंप के पास कई बार लग चुकी आग, सफाई व्यवस्था पर उठे सवाल।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/state-of-the-art-motor-market--built-at-a-cost-of-crores--plagued-by-filth--garbage-increases-disease-risk/article-162182"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-08/motor.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। डीसीएम रोड पर संजय नगर आरओबी के पास बने आधुनिक मोटर मार्केट में लगा गंदगी का अम्बार बीमारियों का घर बन रहा है। यहां रोजाना हजारों लोग अपनी गाडिय़ां ठीक करवाने आ रहे हैं। वहीं  कचरे व गंदगी के कारण अपने साथ बीमारियां लेकर जा रहे हैं। तत्कालीन नगर विकास न्यास की ओर से एरोड्राम स्थित मोटर मार्केट के मैकेनिकों को यहां से शिफ्ट करने के लिए डीसीएम रोड पर नया मोटर मार्केट बनाया था। इस मार्केट में करीब 400 से अधिक दुकानें बनाकर मैकेनिकों को यहां पुनर्वास किया गया।</p>
<p>करोड़ों रुपए की लागत से बने इस मोटर मार्केट को आधुनिक मोटर मार्केट का नाम दिया गया था। यहां चौड़ी सड़क से लेकर रोशनी और जन सुविधा से लेकर सभी तरह की सुविधाएं विकसित की गई थी। लेकिन वर्तमान में देखरेख व नियमित सफाई नहीं होने से यह कचरे से अटा पड़ा है।</p>
<p><strong>मुख्य द्वार से लेकर नालियां तक जाम</strong><br />स्थानीय दुकानदारों ने बताया कि मोटर मार्केट बना था उस समय तो अच्छा था। लेकिन वर्तमान में यहां न तो केडीए की ओर से ध्यान दिया जा रहा है और न ही नगर निगम की ओर से सफाई करवाई जा रही है। जिससे मुख्य द्वार से प्रवेश करते ही कचरे का ढेर देखा जा सकता है। उसके बाद अंदर जगह-जगह पर हर थोड़ी दूरी पर कचरे के ढेर लगे हुए हैं। दुकानदार दुकानों में सफाई करके कचरा बाहर निकाल रहे हैं। साथ ही गाडिय़ां सही होने से भी कचरा निकल रहा है। लेकिन उस कचरे को उठाने के लिए यहां टिपर तक नहीं आ रहे हैं।</p>
<p>इतना ही नहीं मार्केट की सभी नालियां तक कचरे से जाम हो रही हैं। अभी बरसात का सीजन है। ऐसे में बरसात अधिक होने पर नालियों से पानी की निकासी नहीं होने पर सारा गंदा पानी मार्केट में जमा होगा। जिससे पहले से ही कचरे की गंदगी से दुर्गंध का सामना करना पड़ रहा है। वहीं आने वाले समय में बदबू से बीमारियां अधिक होने का खतरा बढ़ गया है।</p>
<p><strong>पास में पेट्रोल पम्म, गर्मी में लग चुकी आग</strong><br />स्थानीय दुकानदार मोहम्मद एजाज ने बताया कि मार्केट में करीब तीन सौ से अधिक दुकानें हैं। जहां दुकानदारों के अलावा वहां काम करने वाले मैकैनिक भी हैं। वहीं रोजाना गाडिय़ां ठीक करवाने के लिए आठ सौ से हजार लोग आ रहे हैं। ऐसे में सभी को कचरे व दुर्गंध का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि मार्केट के पास ही पेट्रोल पम्प है। गर्मी के समय मार्केट में लगे कचरे के ढेर में कई बार आग लग चुकी है। जिससे पेट्रोल पम्प पर भी आग पहुंचने का खतरा बन गया था। ऐसे में वहां के कर्मचारी भी मार्केट में सफाई करवाने के बारे में कह चुके हैं। लेकिन अभी तक भी कुछ नहीं हुआ है। दुकानदारों का कहना है कि केडीए ने तो मार्केट बनाकर दिया है। लेकिन यहां साफ सफाई करवाने की जिम्मेदारी नगर निगम की है।</p>
<p>इधर नगर निगम अधिकारियों का कहना है कि हर जगह पर टिपर जा रहे हैं। मोटर मार्केट में नियमित टिपर नहीं जाने की जानकारी नहीं है। इसकी जानकारी करके वहां भी सफाई करवा दी जाएगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 06 Aug 2026 14:57:06 +0530</pubDate>
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                <title>असर खबर का : टूटी नालियों व खुले चैंबरों की मरम्मत का काम शुरू</title>
                                    <description><![CDATA[प्राथमिकता के आधार पर अति-खतरनाक व इमरजेंसी पॉइंट्स पर कार्य शुरू।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/impact-of-news--repair-work-on-broken-drains-and-open-manholes-begins/article-161057"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-07/111200-x-600-px)5.png" alt=""></a><br /><p>कोटा । शहर के निचले और घने रिहायशी इलाकों में आमजन व राहगीरों के लिए मुसीबत का सबब बनी टूटी नालियां, खुले चैंबर और खराब सड़कें की अब नगर निगम ने सुध लेना शुरू कर दिया है। गोवर्धनपुरा क्षेत्र में क्रॉस रोड टूटी नालियों के रिपेयरिंग का काम शुुरू होने के कारण स्थानीय निवासीयों और वाहन चालकों कों आए दिन हो रही परेशानी व दुर्घटनाओं से राहत मिलेगी। दरअसल क्षेत्र में रास्ते पर नालियों के ढक्कन पूरी तरह टूट जाने से वाहन गिरकर पलट रहे थे। स्थानीय निवासियों द्वारा कई बार अवगत कराए जाने के बावजूद स्थानीय जमादार से लेकर निगम अधिकारी तक लगातार बजट न होने का रटा-रटाया जवाब देकर पल्ला झाड़ लेते थे।</p>
<p><strong>बजट आने के बाद होंगे बड़े काम</strong><br />एईएन विनोद मेहरा ने बताया कि मेन्टिनेंस के लिए लोकल स्तर पर संवेदक को एडवांस काम करने के लिए तैयार किया गया है, क्षेत्र में काम कराने के लिए एस्टीमेट बनाकर दिया गया है। जैसे ही पैसा आएगा काम शुरू हो जाएगा। वही नगर निगम की एक्सईएन शिल्पा चित्तौड़ा ने बताया कि फिलहाल आमजन की परेशानियों को देखते हुए निगम की टीम ने अति-खतरनाक और इमरजेंसी पॉइंट्स को चिह्नित कर प्राथमिकता के आधार पर काम शुरू करवा दिया है।</p>
<p><strong>कई बार दुर्घटनाग्रस्त हो चुके थे वाहन</strong><br />गोरधनपुरा क्षेत्र में स्टील ब्रिज नहर से चौथ माता मंदिर मार्ग की दुर्दशा इन टूटी नालियों के कारण 14 जुलाई को भी एक ई-रिक्शा नाली पर से गुजरते समय पलट गया था, जिसके नीचे दबने से चालक बोरखेड़ा निवासी रफीक के पैर में गंभीर चोट आई थी। इसके अलावा लोडिंग से सामान गिरने और कारें फंसने जैसी घटनाएं भी लगातार सामने आ रही थीं। कोटड़ी, गोवर्धनपुरा, छावनी, रामचंद्रपुरा और दाल मिल रोड सहित स्टील ब्रिज नहर से चौथ माता मंदिर मार्ग की दुर्दशा को प्रमुखता से सामने रखा था। क्षेत्र के स्थानीय निवासी नरेश सुमन ने चिंता जताते हुए बताया था कि स्टील ब्रिज नहर से चौथ माता मंदिर वाले रास्ते पर तीन-चार क्रॉस रोड नालियों के ढकान टुटे पड़े थे। इससे वाहन चालक गिरकर घायल हो रहे थे तथा रात के अंधेरे में बच्चों के गिरने व चोटिल होने का खतरा बना हुआ था।</p>
<p><strong>नवज्योति ने प्रमुखता से उठाया था मामला</strong><br />जनहित से जुड़े इस गंभीर मुद्दे को 'खुले चेम्बर,टुटी नालियां,खतरनाक सडकें' शीर्षक में 'बजट या जानलेवा, जनता के जान-माल के काम तो होने ही चाहिए' उप शीर्षक में प्रमुखता से उजागर किया था। खबर के प्रकाशित होने के बाद नगर निगम प्रशासन ने दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में मरम्मत कार्य शुरू करवा दिया। नगर निगम द्वारा कार्य शुरू करवाए जाने पर स्थानीय निवासी नरेश सुमन, गोलू प्रजापति और बालचंद मेहरा ने 'दैनिक नवज्योति' का आभार व्यक्त किया।</p>
<p>स्थानीय निवासियों को सुगम व सुरक्षित रास्ते के लिए सभी आवश्यक स्थानों पर रिपेयरिंग करवाई जा रही है। अभी हमारे द्वारा ज्यादा जरूरी स्थानों को चिन्हित करवाकर काम शुरू करवाया गया है। आगे बजट स्वीकृत होने पर अन्य शेष विकास व मरम्मत कार्य भी करवाए जाएंगे।<br /><strong>-शिल्पा चित्तौडा, एक्सईएन नगर निगम कोटा</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 27 Jul 2026 12:01:21 +0530</pubDate>
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