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                <title>effect of news - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                            <item>
                <title>असर खबर का - नहर कट बंद, किसानों को मिली राहत</title>
                                    <description><![CDATA[नवज्योति ने इस समस्या को प्रमुखता से प्रकाशित किया था।  
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bundi/effect-of-news---canal-cut-closed--farmers-got-relief/article-126200"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-09/untitled-design-(15)1.png" alt=""></a><br /><p>नमाना रोड। काफी दिनों से टूटी पड़ी नहर की दीवार को आखिरकार विभाग ने दुरुस्त कर किसानों को राहत दी। नहर में कट लगने से सैकड़ों बीघा धान की फसल खराब होने की आशंका बनी हुई थी। दैनिक नवज्योति ने इस समस्या को प्रमुखता से उठाते हुए 5 सितंबर के अंक में समाचार प्रकाशित किया था। खबर का असर हुआ और सीएडी विभाग ने त्वरित संज्ञान लेते हुए कोटा से पोकलैंड मशीन मंगवाई। रविवार को मौके पर पहुंची मशीन से झाड़ियां व बबूल डालकर कट को बड़ी मशक्कत से बंद किया गया। इससे किसानों की चिंताएं कम हुईं।</p>
<p><strong>किसानों ने जताया आभार</strong><br />मुख्य नहर दीवार के कट बंद होने पर क्षेत्र के किसान हेमंत मीणा, हरिराम मेघवाल, मुकेश मीणा आदि ने दैनिक नवज्योति द्वारा समस्या उठाने के लिए धन्यवाद व्यक्त किया है। </p>
<p><strong>अधिकारियों ने कही यह बात</strong><br />शिकायत मिलते ही कोटा से पोकलैंड मशीन मंगवाकर दीवार के कट को बंद किया गया। साथ ही तालेड़ा-बूंदी उपखंड की नहरों को नियंत्रित कर चलाया जा रहा है ताकि आबादी क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति न बने।<br /><strong>- अरविंद मीणा, अधिशासी अभियंता, सीएडी विभाग बूंदी।  </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बूंदी</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 08 Sep 2025 16:25:30 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>असर खबर का - गंदगी की समस्या का समाधान: नालियों का सफाई अभियान शुरू </title>
                                    <description><![CDATA[कस्बेवासियों और मोहल्लेवासियों ने नवज्योति का आभार जताया है। 
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/baran/effect-of-news---solution-to-the-problem-of-dirt--cleaning-campaign-of-drains-started/article-125412"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-09/1ne1ws4.png" alt=""></a><br /><p>शाहाबाद। शाहाबाद कस्बे के मोहल्लों में गंदगी और नालियों के जाम की समस्या को लेकर दैनिक नवज्योति ने 19 अगस्त को कागजों में ही दौड़ रहे सफाई के घोडेÞ शीर्षक से खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। जिसका असर यह हुआ कि  ठेकेदार और सरपंच ने नालियों की सफाई के लिए अभियान शुरू किया है, जिसमें नालियों की सफाई और मलबा हटाने का कार्य किया जा रहा है। इसके साथ ही, डोल ग्यारस के अवसर पर देव विमान के मार्ग की सफाई ग्राम पंचायत द्वारा कराई जाएगी ताकि मार्ग में कोई रुकावट न हो। </p>
<p><strong>मोहल्लवासियों को मिल सकेगी अब राहत </strong><br />पहले मोहल्लेवासियों को नालियों में हो रही गंदगी से परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। नालियों के बाहर नालियों में जमा मलबा और गंदगी बाहर निकल रही थी। जिससे रास्ते से होकर निकलने में भी परेशानी हो रही थी। वहीं वाहन चालक भी रास्ते में फैले कीचड़ में फिसलकर चोटिल हो रहे थे। वहीं फैल रही गंदगी से बीमारियां फैलने का डर भी बना हुआ था लेकिन नवज्योति में खबर प्रकाशित होने के बाद जब नालियों का सफाई कार्य शुरू हुआ तो मोहल्लेवासियों ने राहत की सांस ली। इसके लिए कस्बेवासियों और मोहल्लेवासियों ने नवज्योति का आभार जताया है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बारां</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 01 Sep 2025 15:16:36 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>असर खबर का - खस्ताहाल सड़क पर लगा मरहम, सरपट दौड़ेंगे वाहन</title>
                                    <description><![CDATA[ग्रामीणों ने समस्या का समाधान होने पर आभार जताया। 
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jhalawar/effect-of-news---balm-applied-on-dilapidated-road--vehicles-will-run-fast/article-124370"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-08/1ne1ws81.png" alt=""></a><br /><p>खानपुर। खानपुर क्षेत्र में डूंडी के गणेश जी जाने वाली सड़क क्षतिग्रस्त थी और आए दिन हादसे की आशंक बनी हुई थी। जिसको लेकर नवज्योति टीम ने मुद्दा उठाया था, जिसके बाद प्रशासन हरकत में आया और तुरंत प्रभाव से समस्या का निस्तारण कर दिया।</p>
<p>अब आगामी त्यौहार गणेश चतुर्थी को कस्बेवासियों को मंदिर जाने के लिए समस्या का समाधान नहीं करना पड़ेगा। ग्रामीणों ने समस्या का समाधान होने पर आभार जताया। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>झालावाड़</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 22 Aug 2025 16:14:19 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>असर खबर का - नीदरलैंड, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड व ब्राजील में सीखेंगे हाइटेक खेती</title>
                                    <description><![CDATA[किसानों के विदेश भ्रमण व प्रशिक्षण को सरकार ने दी हरी झंडी।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/effect-of-news---will-learn-high-tech-farming-in-netherlands--australia--new-zealand-and-brazil/article-123233"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-08/1ne1ws-(4)12.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। हाड़ौती सहित प्रदेश के 100 किसान नॉलेज एनहांसमेंट प्रोग्राम के तहत विदेशों में खेती के गुर सीखेंगे। नवंबर से भ्रमण शुरू होगा। सात दिवसीय भ्रमण के लिए प्रदेश के दस कृषि संभागों से दस-दस किसानों का चयन किया गया। भ्रमण के दौरान किसान कम भूमि और कम पानी में पॉलीहाउस व ऑफ सीजन में बेहतर खेती व पशुपालन करने के तरीके सीखेंगे। सरकार ने नॉलेज इनहांसमेंट प्रोग्राम के तहत प्रदेश के 100 किसानों के विदेश भ्रमण और प्रशिक्षण की स्वीकृति दे दी है। प्रोग्राम के तहत एफपीओ के किसान नीदरलैंड, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड और ब्राजील का भ्रमण करेंगे। इस एक्सपोजर विजिट में किसान नवीनतम तकनीकों एवं नवाचार के बारे में जानकारी लेंगे। चयनित किसानों को नवंबर 2025 से मार्च 2026 के बीच अलग-अलग बैच में कराया जाएगा।</p>
<p>- अलग-अलग बैच में कराएंगे भ्रमण<br />- नवीनतम तकनीकों के बारे में लेंगे जानकारी<br />- 7 दिन का रहेगा नॉलेज एनहांसमेंट प्रोग्राम</p>
<p><strong>हाड़ौती के 10 किसानों का किया चयन</strong><br />उद्यानिकी विभाग के अधिकारियों के अनुसार प्रोग्राम के तहत किसान विदेशों में जाकर उन्नत कृषि तकनीकों और वैश्विक नवाचारों के बारे में जानकारी हासिल कर उसका लाभ अपनी खेती में कर सकें। इस प्रोगाम के अंतर्गत किसान न केवल तकनीकी दृष्टि से समृद्ध होंगे, बल्कि वे यह भी जान सकेंगे कि कैसे सीमित संसाधनों का अधिकतम उपयोग कर बेहतर उत्पादन लिया जा सकता है। विदेश की कृषि सहकारी समितियों की कार्यशैली और संगठनात्मक ढांचे का अध्ययन करके राज्य के एफपीओ (फार्मर्स प्रोड्यूसर ऑगेर्नाइजेशन) भी अपने स्तर पर मजबूती हासिल कर सकेंगे। उद्यान आयुक्तालय के निर्देशों के बाद कोटा संभाग से दस किसानों का भ्रमण के लिए चयन किया जा चुका है।गौरतलब है कि इससे पूर्व राजस्थान के किसानों का दल इजराइल में तकनीकी प्रशिक्षण हासिल करने गया था।</p>
<p><strong>पिछले साल मांगे थे आवेदन</strong><br />जानकारी के अनुसार किसानों को विदेशों में भेजने की घोषणा राजस्थान सरकार ने वित्तीय वर्ष 2024-25 के बजट में की थी। इस सम्बंध में किसानों से दस सितम्बर तक आवेदन मांगे गए थे। विदेशों यात्रा को देखते हुए कोटा संभाग से काफी संख्या में किसानों ने आवेदन किए थे। प्रत्येक संभाग स्तर पर विभिन्न मापदंडों के आधार पर चयनित होने वाले किसानों में एसटी, एससी, महिला कृषक के साथ-साथ बीस प्रतिशत पशुपालकों को शामिल किया गया। पूरे प्रदेश में कुल अस्सी किसानों व बीस पशुपालकों का चयन किया गया है। इस योजना के तहत प्रथम चरण में कुल सौ किसान विदेश जाएंगे। वहां नई तकनीक सीखकर राजस्थान में अन्य किसानों को सिखाएंगे व खुद भी उसका उपयोग करेंगे। </p>
<p><strong>नवज्योति ने प्रमुखता से उठाया था मामला</strong><br />एक साल पहले आवेदन करने के बाद भी विदेश भ्र्रमण की अनुमति नहीं मिलने के सम्बंध में दैनिक नवज्योति में 10 जुलाई के अंक में प्रमुखता से समाचार प्रकाशित किया गया था। इसमें बताया था कि नीदरलैंड जाकर आधुनिक खेती तकनीक सीखने के लिए कोटा संभाग सहित प्रदेश के 100 प्रगतिशील व युवा किसानों को पिछले दस माह से अपनी उड़ान का इंतजार है। विदेश यात्रा के लिए किसानों के चयन सहित अन्य प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, लेकिन अभी तक उनकी उड़ान को सरकार की हरी झंडी नहीं मिली है। चयनित किसान विदेश जाकर उन्नत कृषि तकनीक से रूबरू होने का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। राज्य सरकार ने नॉलेज एनहांसमेंट प्रोग्राम के तहत प्रदेश के प्रगतिशील और युवाओं को विदेशों की उन्नत कृषि तकनीक के गुर सिखाने का निर्णय किया था,  ताकि वहां की हाईटेक कृषि तकनीक का यहां की धरा पर भी उपयोग हो सके।  </p>
<p>हाड़ौती सहित प्रदेश के 100 किसान नॉलेज एनहांसमेंट प्रोग्राम के तहत विदेशों में खेती के गुर सीखेंगे। नवंबर से भ्रमण शुरू होगा। सात दिवसीय भ्रमण के लिए प्रदेश के दस कृषि संभागों से दस-दस किसानों का चयन किया गया। सरकार ने अब किसानों के विदेश भ्रमण और प्रशिक्षण की स्वीकृति दे दी है।<br /><strong>- आर.के. जैन, संयुक्त निदेशक, उद्यान विभाग, कोटा</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 11 Aug 2025 15:55:56 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>असर खबर का - अब राशन से नहीं होंगे वंचित, बुजुर्गों को मिली राहत</title>
                                    <description><![CDATA[बायोमैट्रिक वेरिफिकेशन की प्रक्रिया बुजुर्गों के लिए चुनौती बनी रही थी।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/effect-of-news---now-they-will-not-be-deprived-of-ration--elderly-people-got-relief/article-121857"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-07/news-(1)56.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। राशन कार्ड से जुड़ी ई-केवाईसी प्रक्रिया की तकनीकी पेचीदगियों के कारण महीनों से परेशान बुजुर्गों को आखिरकार सरकार ने बड़ी राहत दी है। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत मिलने वाले राशन के लिए अब 70 वर्ष से अधिक उम्र के वरिष्ठ नागरिकों को ई-केवाईसी से छूट दी गई है। यह फैसला कोटा जिले जैसे क्षेत्रों के लिए बेहद अहम साबित हो रहा है, जहां अधिकांश घर में कोई न कोई सदस्य इस श्रेणी में आता है। जिले में अधिकांश बुजुर्ग लाभार्थी अब इस फैसले से सीधे लाभान्वित होंगे। पिछले कुछ महीनों में ई-केवाईसी के तहत बायोमैट्रिक वेरिफिकेशन की प्रक्रिया बुजुर्गों के लिए बड़ी चुनौती बनी रही थी। अंगूठे के निशान स्कैन न हो पाना, आंखें झपकने से फेस स्कैन असफल होना आम बात हो गई थी। कई बुजुर्ग घंटों लाइन में लगने के बावजूद सिस्टम से 'अयोग्य' घोषित किए जा रहे थे। जिले में काफी संख्या में बुजुर्गों की ई-केवाईसी अब तक नहीं हो पाई थी।</p>
<p><strong>शिकायतें बढ़ी तो जारी किया आदेश</strong><br />जानकारी के अनुसार बुजुर्गों और बच्चों को राशन से वंचित होते देख पूरे प्रदेश भर से शिकायतें राज्य सरकार तक पहुंच रही थी। राशन डीलरों, पंचायत प्रतिनिधियों और आमजन से मिले फीडबैक के आधार पर रसद विभाग ने इस बदलाव की सिफारिश की, जिसे अब औपचारिक मंजूरी मिल गई है। इसमें 5 साल से कम आयुवर्ग के बच्चों को भी ई-केवाईसी से छूट मिली है, लेकिन जैसे ही वे 5 वर्ष पूरे करेंगे, ई-केवाईसी अनिवार्य हो जाएगी। इस श्रेणी में आने वाले परिवारों को समय पर जानकारी अपडेट करनी होगी। 5 व 10 साल के बच्चों और 70 साल से कम उम्र के वयस्कों की ई-केवाईसी अनिवार्य रूप से जारी रहेगी। कई जगह नेटवर्क की समस्या, मशीन खराबी या सर्वर डाउन जैसी तकनीकी बाधाएं आ रही हैं। कोटा जिला में आबादी का बड़ा हिस्सा ग्रामीण है और बुजुर्गों पर ही परिवार की जिम्मेदारी होती है, वहां यह निर्णय राहत बनकर आया है।</p>
<p><strong>नवज्योति ने प्रमुखता से उठाया था मामला</strong><br />खाद्य सुरक्षा योजना के तहत पात्र लाभार्थी को मुफ्त राशन वितरण करने के लिए सरकार ने बायोमैट्रिक सिस्टम लागू किया था, लेकिन बुजुर्गो के हाथों के निशान और आंखों की आयरिस नहीं आने से कई लाभार्थियों को गेहूं नहीं मिल पा रहा है। इस सम्बंध में दैनिक नवज्योति में 21 जुलाई को प्रमुखता से समाचार प्रकाशित किया था। जिसमें बताया था कि बढ़ती उम्र के साथ कई बुजुर्गो के हाथों की अंगुलियों के निशान घिस चुके हैं। ऐसे में पोस मशीन में फिंगरप्रिंट नहीं आ पा रहे हैं। इसके अलावा मोतियाबिंद का आपॅरेशन होने से आयरिश भी खराब हो चुकी है। इससे यह विकल्प भी कई  बुजुर्गो के लिए बाधा बन रहा है। इसके चलते शहरी और ग्रामीण क्षेत्र के कई लाभार्थी सरकारी विभागों के चक्कर लगाने को मजबूर हो रहे हैं।</p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />अधिक उम्र होने से बायोमेट्रिक सत्यापन नहीं हो पाता है। अंगुलियों में झुर्रियां ज्यादा होने से वे मशीन में स्कैन नहीं हो पाती है। ऐसे में कई बार गेहूं से वंचित रहना पड़ता है। अब सरकार द्वारा बुजुर्गो को ई-केवाईसी में छूट प्रदान करने से राहत मिलेगी।<br /><strong>- जानकी देवी, बुजुर्ग लाभार्थी</strong></p>
<p>खाद्य सुरक्षा योजना में पारदर्शिता जरूरी है, लेकिन तकनीकी बाधाओं के चलते जिन्हें बार-बार सिस्टम बाहर कर रहा था, उनके लिए छूट दी गई है। अब 70 वर्ष से अधिक और 5 वर्ष से कम उम्र के लाभार्थियों को ई-केवाईसी नहीं करवानी होगी। बाकी लोगों के लिए यह अनिवार्य है।<br /><strong>- ब्रह्मानंद, उपायुक्त, खाद्य विभाग</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 28 Jul 2025 14:37:56 +0530</pubDate>
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                <title>असर खबर का - मौसम खुला तो खेतों में पहुंचे अधिकारी</title>
                                    <description><![CDATA[नवज्योति ने बारिश से फसलों के नुकसान की खबर को प्रकाशित किया था।  
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/effect-of-news---officials-reached-the-fields-when-the-weather-cleared/article-121172"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-07/news-(2)33.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। मानसून की लगातार बारिश ने किसानों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। खेत पानी से भरे हुए हैं। समय रहते पानी की निकासी नहीं हो पाने से  सोयाबीन व उड़द की फसलें खराब हो गई हैं। अब मौसम साफ होने के बाद कृषि विभाग ने नुकसान का सर्वे शुरू कर दिया है। रविवार को अवकाश होने के बाद विभाग की टीमें जिले के विभिन्न क्षेत्रों में पहुंची और फसलों में खराबे की स्थिति का आकलन किया। इस दौरान कई खेतों में पानी भरा नजर आया। वहां पर खरीफ फसलें ज्यादा प्रभावित हुई हैं। कोटा जिले सहित हाड़ौती में सबसे ज्यादा सोयाबीन की बुवाई होती है। ऐसे में लगातार बारिश के कारण अधिक नुकसान सोयाबीन को पहुंचा है। इस बार कई किसान तो दो-दो बार सोयाबीन की बुवाई कर चुके हैं। अब बुवाई की प्रक्रिया अनिश्चित काल के लिए टल गई है। </p>
<p><strong>कहीं सोयाबीन तो कहीं मूंग में नुकसान</strong><br />किसानों ने समय पर रात दिन मेहनत करके फसल की बुवाई की, लेकिन इसके बाद लगातार हुई मूसलाधार बारिश से खेतों में पानी भर गया। जिससे खरीफ की फसलें खासकर सोयाबीन को भारी नुकसान हुआ है। खेतों में पानी भरने से फसलें गल गई हैं। बीज अंकुरित नहीं हो रहे हैं। जो अंकुरित हो भी रहे हैं, वे कुछ ही दिनों में नष्ट हो रहे हैं। विभागीय अधिकारियों के अनुसार प्रारंभिक सर्वे में सामने आया कि कोटा जिले के अनेक गांवों में खेत जलमग्न हैं, जिससे फसलों की जड़ों में सड़न शुरू हो गई है। वहीं बारां में सोयाबीन और मक्का की फसलें सबसे ज्यादा प्रभावित हुई हैं। झालावाड़ में भारी बारिश के कारण मूंग की फसलें पूरी तरह से गल गई हैं। कई जगह तो बारिश इतनी अधिक हुई कि खेतों की मेड़ें टूट गईं और पानी निकलने का रास्ता नहीं रहा।</p>
<p><strong>अब क्या करेंगे कुछ समझ नहीं आ रहा</strong><br />इटावा क्षेत्र के किसान मांगीलाल, भरोसीलाल ने बताया कि इस साल क्षेत्र में लगातार बारिश हुई है। इससे फसलों को व्यापक नुकसान पहुंचा है। इस क्षेत्र में अधिकांश किसानों ने सोयाबीन की फसल पर दांव लगाया है। इसके बाद धान की बुवाई की थी। तेज बारिश के कारण खेतों में पानी का भराव होने से सोयाबीन की फसल तो पूरी तरह से बर्बाद हो चुकी है। बड़ी मुश्किल से बीज लेकर खेतों में बुवाई की थी। अब तो सब कुछ बर्बाद हो चुका है। अब समझ नहीं आ रहा कि क्या करें। दुबारा से बुवाई करने के लिए फिर से खाद-बीज की व्यवस्था करनी पड़ेगी। इसके लिए रुपयों की व्यवस्था करना मुश्किल होगा। ऐसे में अब तो खेतों को खाली रखने की नौबत आ गई है। </p>
<p><strong>नवज्योति ने उठाई थी किसानों की पीड़ा</strong><br />इस साल लगातार बारिश होने से फसलों को काफी नुकसान होने के सम्बंध में 17 जुलाई को किसानों की पीड़ा से सम्बंधित समाचार प्रमुखता से प्रकाशित किया गया था। इसमें बताया था कि जिले सहित संभाग के कई क्षेत्रों में सैंकड़ों किसानों को काफी नुकसान पहुंचा है। पिछले दिनों लगातार बारिश ने किसानों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया। खेत लबालब पानी से भरे हुए हैं। समय रहते पानी की निकासी नहीं हो पाई। इसके चलते सोयाबीन व उड़द की फसलें खराब गई है। कई किसान तो दो-दो बार सोयाबीन की बुवाई कर चुके हैं। किसान प्रकृति के आगे बेबस सा नजर आ रहा है। पिछले वर्ष भी किसानों की खरीफ की फसल अतिवृष्टि की भेट चढ़ गई थी। इसके बाद कृषि विभाग ने बीमा कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ टीम बनाकर नुकसान का सर्वे करने का निर्णय किया। इसके बाद टीमों ने सर्वे शुरू कर दिया है।</p>
<p>हमने 12 बीघा में सोयाबीन बोई थी, मगर लगातार पानी भरे रहने से पौधे गलने लगे हैं। बीमा करवाने से पहले ही फसल खत्म हो गई। अब दोबारा बुवाई की स्थिति नहीं है।<br /><strong>- गणेशलाल, किसान </strong></p>
<p>मौसम खुलने के बाद खेतों में फसलों को हुए नुकसान को लेकर सर्वे शुरू कर दिया है। जिन खेतों में पानी लम्बे समय तक भराव रहा है वहां पर ज्यादा नुकसान होने की संभावना है। सर्वे पूरा होने के बाद ही खराबे का सही आकलन हो सकेगा।<br /><strong>- अतीश कुमार शर्मा, संयुक्त निदेशक, कृषि विभाग</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 21 Jul 2025 15:02:53 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>असर खबर का - 24 घंटे में पेयजल समस्या से मिली निजात, मिलेगा स्वच्छ पानी </title>
                                    <description><![CDATA[खानपुर कस्बे में दूषित जलापूर्ति की समस्या काफी दिनों से ग्रामीणों के लिए परेशानी का सबब बनी हुई थी]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jhalawar/effect-of-news---got-rid-of-drinking-water-problem-in-24-hours--will-get-clean-water/article-120409"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-07/news-(2)18.png" alt=""></a><br /><p>खानपुर। खानपुर कस्बे में दूषित जलापूर्ति की समस्या काफी दिनों से ग्रामीणों के लिए परेशानी का सबब बनी हुई थी और लगातार गंदा पानी नलों में आ रहा था, जिसके बाद दैनिक नवज्योति टीम ने इस मुद्दे को उठाया तो तुरंत प्रशासन 24 घंटे में हरकत आ गया। प्रशासन के आला अधिकारियों ने दूषित जलापूर्ति की समस्या के बारे में जलदाय विभाग से जानकारी प्राप्त कर तुरंत प्रभाव से दूषित जलापूर्ति की समस्या से निजात दिलाकर कर ग्रामीणों को राहत पहुंचाई। जिससे ग्रामीणों को दूषित जलापूर्ति की समस्या से राहत मिली। कस्बेवासी अभिषेक वर्मा, त्रिलोक राठौर, केशव लक्षकार, राहुल राठौर, सोनू पारीक, मुकेश सेन आदि ने बताया कि खानपुर कस्बे में दूषित जलापूर्ति की समस्या कई समय से बनी हुई थी जिसके चलते ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था, वहीं कई दिनों से नलों में पानी नहीं आने की समस्या भी बनी हुई थी।</p>
<p>दूषित जलापूर्ति को लेकर ग्रामीणों में गंभीर बीमारियों का खतरा मंडरा रहा था, जिसके बाद नवज्योति टीम ने पेयजल समस्या का मुद्दा उठाया, तो 24 घंटे में ही प्रशासन हरकत में आया और पानी की समस्या का निराकरण हो गया। जिससे ग्रामीणों को राहत मिली है। मुस्ताक पठान एईएन जलदाय विभाग खानपुर ने बताया कि दूषित जलापूर्ति की समस्या का निराकरण कर दिया गया है। अब ग्रामीणों को स्वच्छ जल पीने को मिलेगा। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>झालावाड़</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 14 Jul 2025 15:17:09 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>असर खबर का - फिर से रोशन हो उठा डीसीएम मार्ग व नई धानमंडी चौराहा </title>
                                    <description><![CDATA[नवज्योति में समाचार प्रकाशित होने के बाद केडीए प्रशासन हरकत में आया। 
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/effect-of-news---dcm-marg-and-new-dhanmandi-square-are-lit-up-again/article-114300"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-05/asar-khabar-ka---fr-s-roshan-ho-utha-dcm-marg-va-nyi-dhanmandi-choraha...kota-news-16-05-2025.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। शहर के सबसे व्यस्ततम चौराहे में शामिल नई धानमंडी चौराहा और डीसीएम रोड पर कई दिनों से गुल रोड लाइटों की बत्ती अब फिर से जल गई है। यहां पर लम्बे समय से रोड लाइटें बंद होने के कारण राहगीरों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। रात के समय आए दिन दुर्घटनाएं होने लगी थी। वहीं रात को फलों व सब्जियों से भरे वाहनों को भी निकलने में दिक्कत हो रही थी और आए दिन जाम की स्थिति होने लगी थी। अब केडीए ने इस मार्ग और चौराहे की सुध लेते हुए खराब रोड लाइटों को ठीक करवा दिया है। रात के समय फिर से मार्ग और चौराहा रोड लाइटों से रोशन हो गया है। इससे अब रात के समय में आवागमन की राह आसान हो गई है। </p>
<p><strong>रात को जाम से मिली निजात</strong><br />डीसीएम रोड पर स्थित थोक फलसब्जी मंडी में रात के समय सब्जियों से भरे वाहन आते हैं। मंडी में तड़के से ही सब्जियों की खरीद-फरोख्त का कार्य शुरू हो जाता है। इस कारण बाहरी राज्यों और लोकल किसान वाहनों में फल और सब्जियां लेकर आते हैं। रात के समय रोड लाइट नहीं होने से इस चौराहे पर रोजाना जाम की स्थिति बन रही थी। रात को करीब नौ बजे के बाद सब्जियों से भरे ट्रक काफी संख्या में आते हैं। इनमें से कई चालक तो गलत साइड में ट्रक को घुसा देते हैं, जिससे कई बार हादसे भी हो जाते थे। अब रोड लाइटें चालू होने के बाद रात को जाम लगने से निजात मिल गई है। बड़े वाहनों का आसानी से आवागमन होने लगा है। </p>
<p><strong>चौराहे पर हो रहे थे चक्करघिन्नी</strong><br />डीसीएम रोड पर थोक फलसब्जीमंडी होने के कारण चौराहा बनाया गया है। इस चौराहे पर रात होने के बाद यातायात के सभी नियम गौण हो जाते हैं। यहां पर अपनी सुविधा के अनुसार वाहन चालक चौराहे से निकलने की कोशिश करते हैं, जिससे कई बार दुर्घटनाएं तक हो जाती है। चौराहे से निकलने के लिए प्रशासन ने चारों तरफ आवागमन की सुविधा दे रही है, लेकिन कई छोटे और भारी वाहन नियमों को दरकिनार कर निकलने की कोशिश करते हैं, जिससे हादसों की संभावना बन जाती है। इस चौराहे पर गलत साइड से कई वाहन निकलते रहते हैं। इसके चलते कई बार चौराहे पर दुर्घटनाएं तक हो चुकी है। रात को रोड लाइट बंद होने के कारण राहगीरों की परेशानी और बढ़ गई थी। अब रोड लाइट चालू होने से राहगीरों को राहत मिल गई है।</p>
<p><strong>नवज्योति ने उजागर की थी समस्या</strong><br />नई धानमंडी चौराहा और डीसीएम रोड पर रोड लाइटें बंद होने के सम्बंध में दैनिक नवज्योति में 1 मई को प्रमुखता से समाचार प्रकाशित किया गया था। जिसमें बताया था कि शहर के बीच में स्थित नई धानमंडी चौराहा और डीसीएम रोड की, जहां पर पिछले कई दिनों से रोड लाइटें बंद पड़ी हुई है। यह शहर का सबसे व्यस्ततम मार्ग है, जिस पर वाहनों का लगातार आवागमन होता है। दिन-रात वाहन गुजरने रहते हैं। इसके बावजूद रोड लाइटों की सुध नहीं ली जा रही है। जिससे रात के समय दुर्घटना का खतरा बना हुआ है। एक-दो दिन पहले रात के समय चौराहें पर वाहन टकराने की घटनाएं हो चुकी है। समाचार प्रकाशित होने के बाद केडीए प्रशासन हरकत में आया और खराब रोड लाइटों को ठीक करवा दिया। </p>
<p><strong>इनका कहना</strong><br />थोक फल सब्जीमंडी में रात के समय ही माल से भरी गाड़ियां आती है। ऐसे में चौराहे पर रोड लाइट नहीं होने से दुर्घटना का खतरा बढ़ गया था। अब रोड लाइटों को ठीक करवाने से आवागमन आसान हो गया है।<br /><strong>- शब्बीर वारसी, महासचिव, थोक फलसब्जी विक्रेता यूनियन</strong></p>
<p>डीसीएम रोड और धानमंडी चौराहे पर रोड लाइट बंद होने की जानकारी मिलते ही सम्बंधित अधिकारियों को दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए थे। अब वहां की रोड लाइटों को ठीक करवा दिया गया है।<br /><strong>- पवन शर्मा, एक्सईएन, केडीए</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 16 May 2025 15:02:29 +0530</pubDate>
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                <title>असर खबर का - राहत: स्वास्थ्य केन्द्र में समस्याओं से मिली निजात</title>
                                    <description><![CDATA[अस्पताल की समस्या को लेकर कई दिन पहले नवज्योति टीम ने मुद्दा उठाया था।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jhalawar/-effect-of-news---relief--relief-from-problems-in-the-health-center/article-113831"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-05/news25.png" alt=""></a><br /><p>उन्हैल। छोटी सुनेल क्षेत्र के प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र माथनिया में करोड़ों रुपए की लागत से नया अस्पताल तो बना दिया था, लेकिन उपचार के लिए यहां डॉक्टर रोज नहीं आते थे। आते भी हैं तो समय पर नहीं थे। लैब टेक्नीशियन और असिस्टेंट भी समय पर नहीं आते थे। ग्रामीण रामकिशन, विष्णु लाल, नरेंद्र सिंह ने बताया कि गर्मी और लू लगने वाले मरीज, उल्टी-दस्त, बुखार, पेट-दर्द, टाइफाइड, शुगर से प्रभावित लोग इलाज के लिए प्राइवेट क्लीनिकों  में मोटी रकम देकर इलाज कराना पड़ रहा था। अस्पताल की समस्या को लेकर कई दिन पहले नवज्योति टीम ने मुद्दा उठाया था, जिसके बाद खबर का असर हुआ। अब अस्पताल में डॉक्टर अस्पताल में टाइम से आने लग गए, जिससे अब मरीजों को बाहर क्लीनिकों पर इलाज कराने के लिए जाना नहीं पड़ेगा। समस्या का समाधान होने के बाद मरीजों ने राहत की सांस ली। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>झालावाड़</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 12 May 2025 12:58:28 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>असर खबर का - राजकीय महात्मा गांधी स्कूलों में एडमिशन शेड्यूल जारी, अभिभावकों को राहत </title>
                                    <description><![CDATA[19 जून तक प्रवेश प्रक्रिया संपन्न होगी और एक जुलाई से शिक्षण कार्य शुरू किया जाएगा।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/effect-of-news---admission-schedule-released-in-government-mahatma-gandhi-schools/article-113065"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-05/gggg1.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। शिक्षा विभाग ने राजकीय महात्मा गांधी इंग्लिश मीडियम स्कूलों में प्रवेश कार्यक्रम जारी कर दिया है। जिससे अभिभावकों को बड़ी राहत मिली है। इन स्कूलों में समय पर एडमिशन होने के साथ पढ़ाई शुरू हो सकेगी। बता दें, प्राइवेट स्कूलों में एडमिशन प्रक्रिया अप्रेल माह से ही शुरू हो गई थी। ऐसे में अभिभावक महात्मा गांधी स्कूलों में प्रवेश प्रक्रिया शुरू किए जाने का इंतजार कर रहे थे। इसको लेकर पूर्व में अभिभावकों द्वारा शिक्षा अधिकारियों से मांग भी की गई थी। इस पर विभाग ने प्रवेश प्रक्रिया शुरू कर अभिभावकों को राहत प्रदान की। </p>
<p><strong>यह रहेगा एडमिशन शेड्यूल: </strong>बीएलओ शिक्षक संघर्ष समिति के प्रदेशाध्यक्ष गजराज  सिंह ने बताया कि माध्यमिक शिक्षा निदेशालय बीकानेर ने सत्र 2025-26 के लिए अंग्रेजी माध्यम विद्यालयों में प्रवेश प्रक्रिया का कार्यक्रम जारी किया है। इसके तहत 7 मई से 15 जून तक ऑनलाइन आवेदन किए जा सकेंगे। 16 जून को ऑनलाइन प्राप्त आवेदन की सूची स्कूल बोर्ड पर चस्पा होगी। 17 जून को लॉटरी और 18 जून को प्रवेश मिलने वालों की अंतिम सूची विद्यालयों द्वारा जारी की जाएगी। 19 जून तक प्रवेश प्रक्रिया संपन्न होगी और एक जुलाई से शिक्षण कार्य शुरू किया जाएगा।</p>
<p><strong>कम नामांकन वाले स्कूलों का फैसला नहीं</strong><br />उन्होंने बताया कि प्रदेशभर में कम नामांकन वाले महात्मा गांधी अंग्रेजी माध्यम वाले विद्यालयों को हिन्दी में परिवर्तित करने या बंद करने का फैसला  अभी नहीं हुआ है, जिससे असमंजस की स्थिति बनी हुई है। शिक्षा विभाग ने परिवर्तित होने वाले विद्यालयों के बारे में अभी तक कोई आदेश जारी नहीं किया है। जबकि, प्रदेश में 3700 महात्मा गांधी विद्यालय है, जिनमें करीब 800 विद्यालयों को हिन्दी में परिवर्तित करना प्रस्तावित है।  </p>
<p><strong>विद्यालयों में बढ़ेगा नामांकन  </strong><br />महात्मा गांधी अंग्रेजी माध्यम विद्यालयों में प्रवेश प्रक्रिया शुरू होने का अभिभावकों को लंबे समय से इंतजार था। शिक्षा विभाग ने एडमिशन शेड्यूल जारी कर राहत प्रदान की है। समय पर दाखिला मिलने से स्कूल के नामांकन में वृद्धि हो सकेगी।<br /><strong>- गजराज सिंह, प्रदेशाध्यक्ष बीएलओ शिक्षक संघर्ष समिति </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>शिक्षा जगत</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 05 May 2025 15:07:47 +0530</pubDate>
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                <title>असर खबर का - कृषि अवशेष जलाए तो अब वसूलेंगे जुर्माना, कृषि विभाग ने शुरू की कवायद</title>
                                    <description><![CDATA[नवज्योति ने प्रमुखता से किया था समाचार प्रकाशित।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/effect-of-news---now-a-fine-will-be-levied-if-agricultural-residue-is-burnt--agriculture-department-has-started-the-exercise/article-112716"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-05/rtrer-(3)2.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। कृषि अवशेषों में आग लगाने के मामलों में कृषि विभाग ने सख्ती करने का निर्णय किया है। अब खेतों में कृषि अवशेष जलाने पर सम्बंधित किसान से जुर्माना वसूल किया जाएगा। वहीं विभाग की ओर से इस सम्बंध में किसानों को जागरूक करने के लिए जागरूकता रथ शुरू किया है, जो जिले के गांवों में घूमकर कृषि अवशेषों को नहीं जलाने के सम्बंध में समझाइश करेगा। इस दौरान गांवों में गोष्ठियां भी आयोजित की जाएगी। जिसमें किसानों को फसल अवशेषों के उपयोग के बारे में जानकारी दी जाएगी। गेहूं फसल की कटाई के बाद खेत खाली हो चुके हैं। इसके बाद किसान फसलों अवशेषों को जलाने में जुट जाते हैं, जिससे वायु प्रदूषण की मात्रा भी बढ़ जाती है। अब कृषि विभाग ने इस सम्बंध में प्रभावी कार्रवाई करने का निर्णय किया है। </p>
<p><strong>296 गांवों में घूमेगा जागरूकता रथ</strong><br />कृषि विभाग के अधिकारियों के अनुसार कार्बनिक पदार्थ मृदा का एक महत्वपूर्ण घटक है जो मृदा में सूक्ष्म जीवों के लिए भोजन, नाइट्रोजन एवं सल्फर का प्राकृतिक स्त्रोत एवं मृदा की जल धारण क्षमता में वृद्धि के लिए अत्यन्त महत्वपूर्ण है। फसल अवशेषों को जलाने से यह अमूल्य पदार्थ नष्ट हो जाता है। साथ ही मृदा का तापमान बढ़ने से लाभदायक सूक्ष्म जीव मर जाते हैं एवं फसल अवशेष जलाने से भारी मात्रा में हानिकारक गैस्ंो जैसे मीथेन, कार्बन-डाई-आॅक्साइड, सल्फर डाई आॅक्साइड आदि गैसों का उत्सर्जन होता है। इसलिए फसल अवशेषों के समुचित प्रबंधन एवं फसल अवशेष प्रबंधन के लाभ से कृषकों को जागरूक करने के लिए आईटीसी मिशन सुनहरा कल, संस्था एनसीएचएसई के सहयोग से जागरूकता रथ को रवाना किया गया है। यह रथ अगले 15 दिनों तक जिले के 296 गांव में घूम कर लोगों को फसल अवशेष नहीं जलाने के लिए जागरूक करेगा।</p>
<p><strong>फिर भी नहीं माने तो वसूलेंगे जुर्माना </strong><br />विभागीय अधिकारियों के अनुसार कृषि अवशेषों में आग लगाने के मामलों में अब सरकार ने सम्बंधित किसानों पर जुर्माना राशि दोगुना कर दी है। अब यदि किसान फसल अवशेष जलाते हुए पाए जाते हैं तो प्रदुषण की रोकथाम और नियंत्रण अधिनियम के तहत फसल अवशेषों को जलाने पर भूमि स्वामित्व के अनुसार 5 हजार रुपए (एक एकड से कम) पर, 10 हजार रुपए, (दो से पांच एकड) पर एवं 30 हजार रुपए (पांच एकड से अधिक) पर जुर्माना वसूला जाएगा। इसके लिए गांवों में टीमें भेजकर मॉनिटरिंग करवाई जाएगी। इस दौरान कहीं पर भी फसल अवशेष जलाने की तस्दीक होने पर कार्रवाई की जाएगी। </p>
<p><strong>नवज्योति ने प्रमुखता से उठाया था मामला</strong><br />कृषि अवशेषों में आग लगाने के मामलों में यूं तो राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण (एनजीटी) ने संबंधित किसानों पर सख्ती से कार्रवाई के निर्देश जारी कर रखे हैं, लेकिन स्थानीय स्तर पर इन निर्देशों की पालना नहीं हो रही है। दैनिक नवज्योति में 30 अप्रैल को प्रमुखता से समाचार प्रकाशित कर बताया था कि खेतों की सफाई के नाम पर आए दिन किसान खेतों की नौलाइयों (फसल अवशेष) में आग लगा रहे है। जिससे दमकलकर्मियों के साथ पुलिस एवं प्रशासन की भी मशक्कत बढ़ रही है। पूर्व में ऐसे मामलों में प्रशासन ने काफी सख्ती दिखाई थी, अब कार्रवाई ठंडे बस्ते में है। ऐसे में किसानों द्वारा धड़ल्ले से नौलाइयां जलाई जा रही है। नौलाइयों का धुआं स्वच्छ वायु को भी प्रदूषित कर रहा है। इस पर रोक लगाने के लिए कोई प्रभावी कदम नहीं उठाए जा रहे हैं।</p>
<p>अब खेतों में कृषि अवशेष जलाने पर सम्बंधित किसान से जुर्माना वसूल किया जाएगा। वहीं विभाग की ओर से इस सम्बंध में किसानों को जागरूक करने के लिए जागरूकता रथ शुरू किया है, जो जिले के गांवों में घूमकर कृषि अवशेषों को नहीं जलाने के सम्बंध में समझाइश करेगा।<br /><strong>- आतिश कुमार शर्मा, संयुक्त निदेशक, कृषि विभाग कोटा</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 02 May 2025 15:44:06 +0530</pubDate>
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                <title>असर खबर का - कोटा में भरे भंडार, अब दूसरे जिलों में भेज रहे गेहूं</title>
                                    <description><![CDATA[खरीद केन्द्रों पर तेज गति से होने लगा माल का उठाव।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/effect-of-news---stores-full-in-kota--now-wheat-is-being-sent-to-other-districts/article-112265"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-04/news-(2)35.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। हाड़ौती में समर्थन मूल्य पर इस साल गेहूं की बम्पर खरीद होने से कोटा में स्थित एफसीआई के सभी गोदाम फुल हो गए हैं। अब स्थिति यह हो गई कि यहां से गेहूं को राजस्थान के अन्य जिलों में भेजा जा रहा है। वहीं अब खरीद केन्द्रों से माल का उठाव भी तेज गति से होने लगा है। जिससे किसानों को काफी राहत मिली है। पूर्व में केन्द्रों पर संसाधनों की कमी के कारण खरीदे गए गेहूं का पर्याप्त उठाव नहीं होने से व्यवस्था बिगड़ रही थी। जिससे किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। अब हाड़ौती में खरीदे जा रहे गेहूं को हाथों-हाथ ट्रकों के माध्यम से प्रदेश के अन्य जिलों में भेजा जा रहा है। इस कारण खरीद केन्द्रों पर व्यवस्था फिर से सुधरने लगी है।</p>
<p><strong>लक्ष्य के करीब पहुंची गेहूं की खरीद</strong><br />एफसीआई के अधिकारियों के अनुसार कोटा संभाग को इस साल समर्थन मूल्य पर सवा तीन लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदने का लक्ष्य मिला था। इस साल सरकार ने गेहूं खरीद पर समर्थन मूल्य और बोनस की राशि में बढ़ोतरी की है। ऐसे में किसान सरकारी केन्द्रों पर गेहूं बेचने के लिए उमड़ रहे हैं। कोटा संभाग में अब तक तीन लाख मीट्रिक टन से अधिक गेहूं की खरीद हो चुकी है। इसके बाद भी रोजाना काफी संख्या में किसान अपनी उपज बेचने के लिए सरकारी केन्द्रों पर पहुंच रहे हैं। आगामी कुछ दिनों में ही कोटा संभाग का गेहूं खरीद का लक्ष्य पूरा हो जाएगा। अप्रैल माह में ही गेहूं की बम्पर खरीद होने से कोटा शहर में स्थित एफसीआई के सभी गोदाम भर चुके हैं। अब गेहूं को अन्य जिलों में भेजा रहा है।</p>
<p><strong>इन जिलों में भेजा जा रहा गेहूं</strong><br />विभागीय अधिकारियों के अनुसार हाड़ौती के सरकारी केन्द्रों पर गेहूं की बम्पर खरीद होने से अब ट्रकों और रैक के माध्यम से माल को प्रदेश के अन्य जिलों में स्थित एफसीआई के गोदामों में भेजा रहा है। जयपुर, जोधपुर, डूंगरपुर, बांसवाड़ा, राजसमंद, अजमेर, उदयपुर, किशनगढ़ सहित प्रदेश के अन्य जिलों में प्रतिदिन ट्रकों के माध्यम से गेहूं भेजा जा रहा है। पहले खरीद केन्द्रों पर गेहूं कोटा के गोदामों में जमा किया जा रहा था। अब गोदाम फुल होने के कारण  सीधे खरीद केन्द्रों से गेहूं को दूसरे जिलों में पहुंचाया जा रहा है। सरकार की ओर से हाड़ौती में एफसीआई और राजफैड सहित अन्य सरकारी एजेंसियों को समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदने का जिम्मा सौंपा गया है। </p>
<p><strong>अब कम हुई ट्रकों की कतारें </strong><br />पूर्व में माल की आवक ज्यादा होने से ठेकेदार फर्म के पास उठाव करने वाले संसाधनों की कमी बनी हुई थी। उनके पास मजदूरों और गेहूं परिवहन करने वाले ट्रक ज्यादा नहीं थे। जिससे माल का उठाव नहीं हो पा रहा था। एफसीआई के गोदामों के बाहर रोजाना डेढ़ सौ से दो सौ ट्रक संभाग के विभिन्न क्षेत्रों से गेहूं लेकर पहुंच रहे थे। यहां भी ट्रकों से पर्याप्त मात्रा में माल खाली नहीं हो पा रहा है। इससे ट्रकों की कतारें गोदामों के बाहर बनी हुई थी। अब गेहूं को अन्य जिलों में भेजने से खरीद केन्द्रों की व्यवस्थाएं सुधरनी लगी है। माल का उठाव तेज गति से होने लगा है। वहीं अब गोदामों के बाहर ट्रकों की कतारें भी कम होने लगी है। इससे डीसीएम रोड पर आए दिन लगने वाले जाम की समस्या का भी समाधान हो गया है।    </p>
<p><strong>नवज्योति ने प्रमुखता से उठाया था मामला</strong><br />हाड़ौती में समर्थन मूल्य के केन्द्रों पर गेहूं की बम्पर खरीद के कारण व्यवस्थाएं बिगड़ने के सम्बंध में दैनिक नवज्योति में 24 अप्रैल के अंक में प्रमुखता से समाचार प्रकाशित किया गया था। इसमें बताया था कि विभिन्न सरकारी एजेंसियों की ओर की जा रही गेहूं की सरकारी खरीद किसानों व व्यापारियों को पीड़ा दे रही है। रोजाना काफी संख्या में किसान अपनी उपज बेचने के लिए सरकारी केन्द्रों पर पहुंच रहे हैं, लेकिन उनके माल की तुलाई नहीं हो रही है। ऐसे में कई किसानों को बैरंग लौटना पड़ रहा है। इसका कारण यह है कि सरकारी केन्द्रों पर खरीदे गए माल का पर्याप्त मात्रा में उठाव नहीं हो पा रहा है। बाद में एफसीआई के अधिकारियों द्वारा गेहूं को अन्य जिलों में भेजने से व्यवस्थाओं में सुधार हो गया है।  </p>
<p>पंजीकरण कराने के बाद भी उसका गेहूं बेचने के लिए नम्बर नहीं आ पाया  था। इससे चिंता बढ़ती जा रही थी। अब खरीद केन्द्रों पर माल का उठाव होने से व्यवस्थाएं सुधर गई है। उसके पास गेहूं बेचने का मैसेज आ गया है।  <br /><strong>- मौजेन्द्र सुथार, किसान</strong></p>
<p>पूर्व में केन्द्रों पर संसाधनों की कमी के कारण खरीदे गए गेहूं का पर्याप्त उठाव नहीं होने से व्यवस्था बिगड़ रही थी। अब हाड़ौती में खरीदे जा रहे गेहूं को हाथों-हाथ रैक के माध्यम से प्रदेश के अन्य जिलों में भेजा जा रहा है। <br /><strong>- संजय मीना, जनसम्पर्क अधिकारी, एफसीआई</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 28 Apr 2025 14:49:20 +0530</pubDate>
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