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                <title>has - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                            <item>
                <title>पहले कैंसर पर जीत की हासिल अब दूसरों के लिए बने प्रेरणा</title>
                                    <description><![CDATA[एक कैंसर पीड़ित मरीज को काफी शारीरिक और मानसिक पीड़ा से गुजरना पड़ता है, लेकिन जब एक कैंसर मरीज इस बीमारी से जंग जीत लेता है तो फिर वह दूसरों के लिए प्रेरणा बन जाता है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/first-victory-over-cancer-has-now-become-an-inspiration-for/article-11446"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/caner-servivors-day.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>जयपुर।</strong> एक कैंसर पीड़ित मरीज को काफी शारीरिक और मानसिक पीड़ा से गुजरना पड़ता है, लेकिन जब एक कैंसर मरीज इस बीमारी से जंग जीत लेता है तो फिर वह दूसरों के लिए प्रेरणा बन जाता है। इस बीमारी से लड़ रहे अन्य लोगों को उम्मीद देने देने के लिए हर साल जून के पहले रविवार को नेशनल कैंसर सर्वाईवर्स डे मनाया जाता है। इस बार नेशनल कैंसर सर्वाईवर्स डे पर शहर के कैंसर विशेषज्ञों से बात की और उनके अनुभव जाने।</p>
<p><strong>पहला केस</strong></p>
<p>सीनियर कंसल्टेंट एडल्ट एवं पीडियाट्रिक मेडिकल आॅन्कोलॉजिस्ट एंड हेमेटो आॅन्कोलॉजिस्ट डॉ. दिवेश गोयल ने बताया कि अलवर निवासी 15 वर्षीय किशोर ने ब्लड कैंसर को हराया है। उसे एक्यूट लिंफोब्लास्टिक ल्यूकेमिया यानी ब्लड कैंसर था। इसमें प्रति एक हजार में से एक व्यक्ति इस बीमारी का शिकार होता है। यहां फोर्टिस में उस किशोर का दो सालों तक इलाज चला। वह इलाज के लिए भी मानसिक रूप से तैयार नहीं था, लेकिन उसके परिजनों ने उसे रास्ता दिखाया, जिससे वह तेजी से स्वास्थ्य होने लगा। अब वह पिछले तीन साल से पूरी तरह स्वस्थ है।</p>
<p><strong>दूसरा केस</strong></p>
<p>दूसरे मामले के बारे में डॉ. दिवेश गोयल ने बताया कि एक नवविवाहिता को शादी के कुछ समय बाद ही स्तन कैंसर हो गया। इससे उसका मानसिक स्वास्थ्य भी प्रभावित हुआ। महिला ने कैंसर को हरा दिया, क्योंकि उसके कैंसर का निदान शुरुआती चरण में ही हो गया। अब इस मरीज को हार्मोनल थैरेपी दी जा रही है, जिससे वह जल्द ही स्वस्थ हो जाएगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वास्थ्य</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 06 Jun 2022 14:50:39 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मिलर ने गुजरात को फाइनल में पहुंचाया, राजस्थान के पास एक और मौका, मिलर रहे प्लेयर ऑफ द मैच</title>
                                    <description><![CDATA[कोलकाता। सलामी बल्लेबाज डेविड मिलर (अवि. 68) और कप्तान हार्दिक पांड्या (अवि.40) के बीच चौथे विकेट की अविभाजित साझेदारी में बनाए 106 रन की मदद से गुजरात टाइटंस ने मंगलवार को यहां राजस्थान रॉयल्स को पहले क्वालीफायर में तीन गेंदें शेष रहते 7 विकेट से पराजित कर इंडियन प्रीमियर लीग 2022 के फाइनल में प्रवेश कर लिया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/khel/sports-news--miller-takes-gujarat-to-the-final--rajasthan-has-one-more-chance--miller-is-the-player-of-the-match/article-10386"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-05/manoj2.gif" alt=""></a><br /><p>कोलकाता। सलामी बल्लेबाज डेविड मिलर (अवि. 68) और कप्तान हार्दिक पांड्या (अवि.40) के बीच चौथे विकेट की अविभाजित साझेदारी में बनाए 106 रन की मदद से गुजरात टाइटंस ने मंगलवार को यहां राजस्थान रॉयल्स को पहले क्वालीफायर में तीन गेंदें शेष रहते 7 विकेट से पराजित कर इंडियन प्रीमियर लीग 2022 के फाइनल में प्रवेश कर लिया।<br /><br /><strong>बटलर ने बनाए धमाकेदार 89 रन</strong><br />गुजरात के कप्तान हार्दिक पांड्या ने टास जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। जोस बटलर की 89 रन की धमाकेदार पारी के दम राजस्थान ने 6 विकेट के नुकसान पर 188 रन का स्कोर खड़ा किया और गुजरात को जीत के लिए 189 रन का लक्ष्य दिया। इसके जवाब में गुजरात ने तीन गेंद शेष रहते राजस्थान रॉयल्स को सात विकेट से हराकर फाइनल में जगह बना ली। गुजरात की जीत में डेविड मिलर की ताबड़तोड़ बल्लेबाजी का बड़ा योगदान रहा। 38 गेंदों पर बनाए गए 68 रन के कारण डेविड मिलर को प्लेयर आफ द मैच भी चुना गया।<br /><br /><strong>डेविड मिलर का हैट्रिक छक्का, गुजरात फाइनल में पहुंची</strong><br />डेविड मिलर ने 20 ओवर की पहली तीन गेंदों पर छक्के लगा अपनी टीम को जीत दिला दी। गुजरात टाइटंस  पहली बार आईपीएल में शामिल हुई है और बड़े शान के साथ फाइनल में भी पहुंची। राजस्थान के खिलाफ इस टीम ने 19.3 ओवर में 3 विकेट पर 191 रन बनाकर मैच में जीत दर्ज की। राजस्थान की टीम को बेशक इस मैच में हार मिली, लेकिन संजू सैमसन के पास अभी एक और मौका फाइनल में पहुंचने का है। एलिमिनेटर मुकाबले में आरसीबी और लखनऊ में से जिसे जीत मिलेगी उस टीम को अब क्वालीफायर दो में राजस्थान के खिलाफ खेलना होगा। अगर उस मैच में राजस्थान को जीत मिल जाती है तो वो फाइनल में पहुंच जाएगी।<br /><br /><strong>डेविड मिलर का अर्धशतक</strong><br />गुजरात की टीम को पहला झटका दूसरी पारी के पहले ही ओवर में लग गया जब ट्रेंट बोल्ट ने साहा को सिल्वर डक पर आउट कर दिया। शुभमन गिल ने 35 रन पर रन आउट हो गए। मैथ्यू वेड ने 35 रन की पारी खेली और मैककाय की गेंद पर जोस बटलर को अपना कैच थमा बैठे। डेविड मिलर ने 35 गेंदों पर अपना अर्धशतक पूरा किया। उन्होंने 38 गेंदों पर 5 छक्के व 3 चौकों की मदद से नाबाद 68 रन की पारी खेली जबकि कप्तान हार्दिक पांड्या ने 27 गेंदों पर 5 चौकों की मदद से नाबाद 40 रन बनाए। इन दोनों के बीच चौथे विकेट के लिए 100 रन से ज्यादा की साझेदारी हुई।</p>
<table style="width:566px;">
<tbody>
<tr>
<td style="text-align:center;width:559px;" colspan="5"><strong>स्कोर बोर्ड:</strong></td>
</tr>
<tr>
<td style="width:381.917px;">राजस्थान रॉयल्स : </td>
<td style="width:46.0833px;">रन</td>
<td style="width:46px;">गेंद</td>
<td style="width:42px;">4</td>
<td style="width:43px;">6</td>
</tr>
<tr>
<td style="width:381.917px;">जायवाल को. साहा बो. दयाल   </td>
<td style="width:46.0833px;">3</td>
<td style="width:46px;">8</td>
<td style="width:42px;">0</td>
<td style="width:43px;">0</td>
</tr>
<tr>
<td style="width:381.917px;">बटलर रन आउट   </td>
<td style="width:46.0833px;">89</td>
<td style="width:46px;">56</td>
<td style="width:42px;">12</td>
<td style="width:43px;">2</td>
</tr>
<tr>
<td style="width:381.917px;">सैमसन को. जोसफ बो. किशोर  </td>
<td style="width:46.0833px;">47</td>
<td style="width:46px;">26</td>
<td style="width:42px;">5</td>
<td style="width:43px;">3</td>
</tr>
<tr>
<td style="width:381.917px;">पडिकल बो. हार्दिक   </td>
<td style="width:46.0833px;">28</td>
<td style="width:46px;">20</td>
<td style="width:42px;">2</td>
<td style="width:43px;">2</td>
</tr>
<tr>
<td style="width:381.917px;">हेत्मायर को. तेवतिया बो. शमी  </td>
<td style="width:46.0833px;">4</td>
<td style="width:46px;">7</td>
<td style="width:42px;">0</td>
<td style="width:43px;">0</td>
</tr>
<tr>
<td style="width:381.917px;">पराग रन आउट   </td>
<td style="width:46.0833px;">4</td>
<td style="width:46px;">3</td>
<td style="width:42px;">0</td>
<td style="width:43px;">0</td>
</tr>
<tr>
<td style="width:381.917px;">अश्विन अविजित  </td>
<td style="width:46.0833px;">2</td>
<td style="width:46px;">1</td>
<td style="width:42px;">0</td>
<td style="width:43px;">0</td>
</tr>
<tr>
<td style="width:381.917px;">बोल्ट अविजित  </td>
<td style="width:46.0833px;">0</td>
<td style="width:46px;">0</td>
<td style="width:42px;">0</td>
<td style="width:43px;">0</td>
</tr>
<tr>
<td style="width:381.917px;" colspan="5">अतिरिक्त :     11</td>
</tr>
<tr>
<td style="width:381.917px;" colspan="5">कुल : 20 ओवर में 6 विकेट पर 188 रन।</td>
</tr>
<tr>
<td style="width:381.917px;" colspan="5">विकेट पतन : 1-11 (जायवाल), 2-79 (सैमसन), 3-116 (पडिकल), 4-161 (हेत्मायर), 5-185 (बटलर), 6-186 (पराग).</td>
</tr>
<tr>
<td style="width:381.917px;" colspan="5">गेंदबाजी : शमी 4-0-43-1, दयाल 4-0-46-1, जोसफ 2-0-27-0, राशिद 4-0-15-0, किशोर 4-0-43-1, हार्दिक 2-0-14-1.</td>
</tr>
</tbody>
</table>
<table style="width:566px;">
<tbody>
<tr style="height:41px;">
<td style="text-align:center;width:560px;height:41px;" colspan="5"><strong>स्कोर बोर्ड:</strong></td>
</tr>
<tr style="height:41px;">
<td style="width:354px;height:41px;">गुजरात टाइटंस :    </td>
<td style="width:53.8333px;height:41px;">रन</td>
<td style="width:50.1667px;height:41px;">गेंद</td>
<td style="width:53px;height:41px;">4</td>
<td style="width:49px;height:41px;">6</td>
</tr>
<tr style="height:41px;">
<td style="width:354px;height:41px;">साहा को. सैमसन बो. बोल्ट   </td>
<td style="width:53.8333px;height:41px;">0</td>
<td style="width:50.1667px;height:41px;">2</td>
<td style="width:53px;height:41px;">0</td>
<td style="width:49px;height:41px;">0</td>
</tr>
<tr style="height:41px;">
<td style="width:354px;height:41px;">शुभमन रन आउट    </td>
<td style="width:53.8333px;height:41px;">35</td>
<td style="width:50.1667px;height:41px;">21</td>
<td style="width:53px;height:41px;">5</td>
<td style="width:49px;height:41px;">1</td>
</tr>
<tr style="height:41px;">
<td style="width:354px;height:41px;">वेड को.बटलर बो. मैकॉय   </td>
<td style="width:53.8333px;height:41px;">35</td>
<td style="width:50.1667px;height:41px;">30</td>
<td style="width:53px;height:41px;">6</td>
<td style="width:49px;height:41px;">0</td>
</tr>
<tr style="height:41px;">
<td style="width:354px;height:41px;">हार्दिक अविजित    </td>
<td style="width:53.8333px;height:41px;">40</td>
<td style="width:50.1667px;height:41px;">27</td>
<td style="width:53px;height:41px;">5</td>
<td style="width:49px;height:41px;">0</td>
</tr>
<tr style="height:41px;">
<td style="width:354px;height:41px;">मिलर अविजित   </td>
<td style="width:53.8333px;height:41px;">68</td>
<td style="width:50.1667px;height:41px;">38</td>
<td style="width:53px;height:41px;">3</td>
<td style="width:49px;height:41px;">5</td>
</tr>
<tr style="height:40.8px;">
<td style="width:560px;height:40.8px;" colspan="5">अतिरिक्त :     13</td>
</tr>
<tr style="height:41px;">
<td style="width:560px;height:41px;" colspan="5">कुल : 19.3 ओवर में 3 विकेट पर 191 रन।</td>
</tr>
<tr style="height:41px;">
<td style="width:354px;height:41px;" colspan="5">विकेट पतन : 1-0 (साहा), 2-72 (शुभमन), 3-85 (वेड).</td>
</tr>
<tr style="height:41px;">
<td style="width:354px;height:41px;" colspan="5"><br />गेंदबाजी : बोल्ट 4-0-38-1, कृष्णा 3.3-0-40-0, अश्विन 4-0-40-0, चहल 4-0-32-0, मैकॉय 4-0-40-1.<br />प्लेयर ऑफ द मैच : डेविड मिलर (गुजरात टाइटंस)</td>
</tr>
</tbody>
</table>
<p><br /><br /><br /><br /><br /><br /><br /><br /><br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>खेल</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 25 May 2022 12:28:30 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>दुनिया के पास मात्र 70 दिन का गेहूं! </title>
                                    <description><![CDATA[भारत के गेहूं निर्यात पर बैन लगाने से पश्चिमी देश टेंशन में आए]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/washington-news--the-world-has-only-70-days-of-wheat/article-10292"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-05/genhu.jpg" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन। यूरोप की रोटी की टोकरी कहे जाने वाले यूक्रेन पर रूस के हमले से खाद्यान सप्लाइ को लेकर हालात भयानक होते जा रहे हैं। इस महासंकट पर संयुक्त राष्ट्र ने चेतावनी दी है कि दुनिया के पास मात्र 10 सप्ताह यानि 70 दिन का ही गेहूं शेष बचा है। यह साल 2008 के बाद अपने सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया है।</p>
<p><br />संयुक्त राष्ट्र ने कहा कि दुनिया में खाद्यान का ऐसा संकट एक पीढ़ी में एक ही बार होता है। इस बीच अब दुनिया की निगाहे जापान में होने जा रहे क्वॉड देशों की बैठक पर टिक गई है जहां गेहूं संकट का मुद्दा प्रमुखता से उठ सकता है। भारत के गेहूं के निर्यात पर बैन से अमेरिका समेत यूरोपीय देश टेंशन में आ गए हैं। अमेरिका और यूरोपीय देशों के टेंशन की वजह भी है। गो इंटेलिजेंस की रिपोर्ट बताती है कि दुनिया में अब मात्र 10 सप्ताह तक ही गेहूं की सप्लाइ का स्टॉक बचा है। दरअसल, रूस और यूक्रेन दुनिया के एक चौथाई गेहूं की आपूर्ति करते हैं और पश्चिमी देशों को डर है कि पुतिन गेहूं को एक हथियार के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं। रूस में इस साल गेहूं की फसल शानदार हुई है और पुतिन इसे नियंत्रित कर सकते हैं। वहीं खराब मौसम की वजह से यूरोप और अमेरिका में गेहूं की फसल को नुकसान पहुंचा है।<br /><br />गो इंटेलिजेंस की मुख्य कार्यकारी अधिकारी सारा मेनकर ने चेतावनी दी कि खाद्यान की सप्लाइ कई असाधारण चुनौतियों से जूझ रही है। इसमें फर्टिलाइजर की कमी, जलवायु परिवर्तन और खाद्यान तेल तथा अनाज का रेकॉर्ड कम भंडार इसकी वजह है। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद से कहा कि बना तत्काल और आक्रामक वैश्विक प्रयास के हम इंसानों के लिए असाधारण मानवीय त्रासदी और आर्थिक नुकसान की ओर बढ़ रहे हैं। उन्होंने बताया कि ऐसा संकट एक पीढ़ी में केवल एक ही बार आता है और यह भूराजनीतिक दौर को नाटकीय तरीके से बदल सकता है। पश्चिमी देशों को डर सता रहा है कि रूसी राष्ट्रपति जानबूझकर वैश्विक खाद्यान सप्लाइ को नुकसान पहुंचाना चाहते हैं और यूक्रेन के कृषि उपकरणों को नष्ट कर रहे हैं, उनके गेहूं को चुरा रहे हैं। इस बीच भारत के गेहूं निर्यात पर बैन लगाने से पश्चिमी देश टेंशन में आ गए हैं। बताया जा रहा है कि अमेरिकी राष्ट्रपति क्वॉड की जापान में हो रही बैठक में गेहूं के निर्यात के मुद्दे को पीएम मोदी से उठा सकते हैं। अमेरिका ने कहा है कि क्वॉड बैठक में गेहूं संकट पर चर्चा होगी। बाइडन पीएम मोदी से गेहूं के निर्यात पर बैन हटाने के लिए गुहार लगा सकते हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/world/washington-news--the-world-has-only-70-days-of-wheat/article-10292</link>
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                <pubDate>Mon, 23 May 2022 15:58:35 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बीजेपी की राष्ट्रीय पदाधिकारियों की बैठक: परिवारवाद पर पीएम मोदी का निशाना, कहा, 'सरकारों पर जनता का भरोसा 2014 के बाद कायम हुआ, भाजपाइयों को थकने का हक नहीं है, अगले 25 साल का लक्ष्य तय करें'</title>
                                    <description><![CDATA[केंद्र सरकार के 8 साल पूरे, घर - घर जाए, हर नागरिक को भाजपा में अपना प्रतिबिम्ब दिखना चाहिए: मोदी]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jaipur-news--bjp-s-national-office-bearers-meeting--people-s-trust-in-governments-has-been-established-after-2014--bjp-has-no-right-to-be-tired--set-a-target-for-the-next-25-years--modi/article-10083"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-05/modi4.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान में 2023 में होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले सियासी दंगल में राजनीतिक पार्टियों ने अपनी ताकत दिखाना शुरू कर दिया है।  कांग्रेस के चिंतन शिविर के बाद अब बीजेपी राष्ट्रीय पदाधिकारियों की बैठक के माध्यम से पार्टी कार्यकर्ता से लेकर राजस्थान की जनता को साधने में जुटी है।  </p>
<p>भारतीय जनता पार्टी की जयपुर में शुक्रवार को शुरू हुई राष्ट्रीय पदाधिकारी की बैठक के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि देश में 2014 से पहले जनता की वही स्थिति थी, जैसी किसी गंभीर बीमारी से ग्रसित व्यक्ति की हुआ करती थी। वह बीमारी को अपनी नियति मान लेता था। लेकिन 2014 में भाजपा की सरकार आने के बाद जनता का सरकारों पर भरोसा बढ़ा है और अपनी आकांक्षाओं और उम्मीदों को पूरा करने का विश्वास आया है। उन्होंने कहा कि भाजपा की वर्तमान में 18 प्रदेशों में सरकार है। 400 से ज्यादा सांसद और 13 सौ से ज्यादा विधायक है लेकिन हमें रुकना नहीं है थमना नहीं है। भाजपा के कार्यकर्ताओं को उन सभी सपनों को पूरा करना है जो हमारे पूर्व नेताओं ने देखा था। भाजपा को अगले 25 सालों का लक्ष्य तय करना है। इसके अनुरूप ही आगे काम करना है। देश की जनता को भाजपा से बड़ी उम्मीदें हैं। इसलिए हमें काम करना अनिवार्य हो जाता है।</p>
<p><span style="background-color:#ffcc99;color:#ff6600;"><strong> भाजपा की केंद्र सरकार को 8 साल पूरे</strong> </span></p>
<p>उन्होंने कहा कि भाजपा की केंद्र सरकार को 8 साल पूरे होने वाले हैं। इस तरह के चुनाव में भाजपा बूथ स्तर पर घर-घर जाती है । उसी तरह से भाजपाइयों को घर-घर जाकर केंद्र सरकार की योजनाओं और कामों को हर नागरिक तक पहुंचाना है। हर नागरिक को उसका फायदा देना है। हमारा लक्ष्य है कि केंद्र की योजनाओं के लाभार्थी शत प्रतिशत हो हर व्यक्ति को उसका लाभ मिले। उन्होंने कांग्रेस का नाम लिए बगैर कहा कि देश में भाजपाई है। जिसने राजनीति को विकासमुखी बनाया है। देश को समाज में जहर घोलने वाली ,तनाव पैदा करने वाली, जनता को भटकाने वाली, पार्टियों को भी विकास की राजनीति करने पर मजबूर कर दिया है। हमें इनका आगे भी मुकाबला करना है। ताकि देश में विकास की राजनीति हो। देश में वंशवाद और परिवारवाद की राजनीति ने भयंकर नुकसान पहुंचाया है। परिवारबाद की पार्टियां परिवार से शुरू होती है और उनके सभी लक्ष्य परिवार तक ही सीमित रहते हैं। लेकिन भाजपा को देश को इस राजनीति से मुक्त करवाना है।</p>
<p><strong> विकास की राजनीति पर जोर</strong></p>
<p>जिन लोगों ने कभी राजनीति करने की सोची भी नहीं है, उन लोगों को राजनीति में आगे लाना है। भाजपा के देश में रिकॉर्ड सदस्य हैं, लेकिन हमें हर नागरिक तक पहुंचना है। देश को जातिवाद, क्षेत्रवाद, भेदभाव, भाई-भतीजावाद, तुष्टिकरण के बाहर निकालना है। समाज को तोड़कर राजनीति करने वालों को विकास की राजनीति पर ही लाने पर मजबूर करना है । उन्होंने कहा कि भाजपा के नेताओं को अपनी पुरानी नीतियों सोचों को लगातार बरकरार रखना है और उन पर ही आगे बढ़ना है ।  जब भाजपा को कोई नहीं जानता था तब भी हमारे नेता पार्टी की नीतियों पर टिके रहे ।</p>
<p><strong>देश की राजनीति में कोई शॉर्टकट नहीं अपनाना</strong></p>
<p>राष्ट्रबाद, राष्ट्र हित और राष्ट्र निर्माण का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ते रहे।  तब भी इस तरह के लोग भाजपा को चुनौती नहीं दे पाते थे। हमें देश की राजनीति में कोई शॉर्टकट नहीं अपनाना है। वंशवाद की राजनीति करने वाले, समाज मे जहर घोलने वाले, भाषावाद से लोगों को भटकाने वाले लोगों से सतर्क रहना है। उनके जाल में भाजपाइयों को नहीं फसना है। देश में ज्यादा से ज्यादा लोगों को भाजपा से जोड़ना है। हमें रुकना नहीं है। हर वोटर और नागरिक भाजपा को अपना माने और भाजपा में अपना प्रतिबिंब देखें । हर व्यक्ति को भाजपा में अपना सपना नजर आए इस लक्ष्य के साथ आगे बढ़ना है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 20 May 2022 12:05:26 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>गहलोत सरकार ने मंत्रियों की छह कमेटियों को किया रिवाइज,  शिक्षक भर्ती, संविदा कर्मियों, अधिवक्ताओं की समस्याओं से जुड़े मामलों पर सरकार को देंगी सुझाव</title>
                                    <description><![CDATA[तृतीय श्रेणी शिक्षक व नर्स भर्ती संबंधी समिति का पुनर्गठन]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jaipur-news--gehlot-government-has-revised-six-committees-of-ministers--will-give-suggestions-to-the-government-on-matters-related-to-teacher-recruitment--problems-of-contract-workers--advocatesa/article-9700"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-05/secretariat.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने विभिन्न मामलों को  लेकर मंत्रियों की छह कमेटियों को रिवाइज कर दिया है। यह कमेटियां तृतीय तृतीय श्रेणी शिक्षक भर्ती, अधिवक्ताओं की समस्याओं और संविदा कर्मियों से जुड़े मसले पर विभिन्न पहलुओं का अध्ययन करते हुए सरकार को अपनी रिपोर्ट देंगी। <br /><br /><strong>कौनसी कमेटी में कौन शामिल:-</strong><br />- विभिन्न सरकारी विभागों में कार्यरत संविदा कर्मियों की समस्या निवारण के लिए बनी समिति का पुनर्गठन किया है, जिसमें मंत्री बुलाकी दास कल्ला समिति के संयोजक तथा मंत्री महेश जोशी, रामलाल जाट ममता भूपेश, अशोक चांदना समिति के सदस्य होंगे। इसका प्रशासनिक विभाग कार्मिक विभाग होगा और इसके सदस्य सचिव कार्मिक प्रमुख सचिव होंगे।</p>
<p><br />-- तृतीय श्रेणी शिक्षक व नर्स भर्ती संबंधी समिति का पुनर्गठन कर मंत्री बुलाकी दास कल्ला को समिति अध्यक्ष बनया, परसादी लाल मीणा, गोविंद राम मेघवाल ,जाहिदा खान और  सुभाष गर्ग इस समिति के सदस्य होंगे जबकि प्रशासनिक विभाग  कार्मिक विभाग  होगा। इसके सदस्य सचिव कार्मिक विभाग प्रमुख सचिव होंगे।</p>
<p><br />--  राज्य की सारी नजूल संपत्तियों के शीघ्र निस्तारण के लिए गठित समिति का पुनर्गठन किया है, जिसमें शांति धारीवाल कमेटी के संयोजक  होंगे। परसादी लाल मीणा, रामलाल जाट, भजन लाल जाटव,मुरारी लाल मीणा समिति के सदस्य होंगे, जबकि प्रशासनिक विभाग संपदा विभाग  होगा और सदस्य सचिव संपदा सचिव होंगे।</p>
<p><br />-- अधिवक्ताओं के समय समय पर उठाए मुद्दों का परीक्षण के लिए गठित कैबिनेट उपसमिति का पुनर्गठन किया है। इसमें मंत्री शांति धारीवाल कमेटी के संयोजक, मंत्री लालचंद कटारिया, महेश जोशी रामलाल जाट,प्रताप सिंह खाचरियावास, डॉ सुभाष गर्ग कमेटी के सदस्य होंगे। यह समिति जल्द ही रिपोर्ट सीएम को प्रस्तुत करेगी । विधि विभाग इसका प्रशासनिक विभाग होगा। विधि प्रमुख सचिव इसके सदस्य सचिव होंगे।</p>
<p><br />--गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति के मध्य सहमति के बिंदुओं की समीक्षा के लिए गठित कैबिनेट समिति का पुनर्गठन किया गया। इसमें मंत्री बुलाकी दास कल्ला संयोजक होंगे, जबकि मंत्री रामलाल जाट,विश्वेंद्र सिंह, शकुंतला रावत,राजेंद्र गुढ़ा, अशोक चांदना होंगे समिति के सदस्य होंगे। सामाजिक न्याय होगा समिति का प्रशासनिक विभाग और सामाजिक न्याय सचिव समिति के सदस्य सचिव होंगे।</p>
<p><br />-- यूडीएच,LSG और उद्योग विभाग के लंबित प्रकरणों के निस्तारण के लिए गठित समिति का पुनर्गठन होगा। मंत्रिमंडलीय एंपावर्ड समिति का पुनर्गठन किया। इसमें मंत्री शांति धारीवाल  समिति के संयोजक होंगे। इसमें मंत्री परसादी लाल मीणा, मंत्री रामलाल जाट, ममता भूपेश,भजन लाल जाटव शकुंतला रावत, अर्जुन सिंह बामनिया और राजेंद्र सिंह यादव समिति के सदस्य होंगे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 13 May 2022 16:37:45 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title> चूरू जिले के श्रम कल्याण अधिकारी पर सूचना देने में कोताही बरतने पर पांच हजार रुपये का जुर्माना</title>
                                    <description><![CDATA[आयोग ने जुर्माने के साथ ही श्रम अधिकारी को सूचना उपलब्ध कराने का आदेश दिया है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jaipur-news--state-information-commission-has-imposed-a-fine-of-five-thousand-rupees-on-the-labor-welfare-officer-of-churu-district-for-negligence-in-giving-information/article-8377"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-04/ric.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राज्य सूचना आयोग ने चूरू जिले के श्रम कल्याण अधिकारी पर सूचना देने में कोताही बरतने पर पांच हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। आयोग ने छह अन्य अलग अलग  मामलों में  अधिकारियों पर पांच पांच हजार रूपये का जुर्माना लगाया है। इसमें ग्रामीण विकास ,चिकित्सा और शिक्षा विभाग शामिल है। <br /><br />चूरू के सम्पतलाल ने आयोग में शिकायत की कि श्रम विभाग मृत्यु सहायता योजना में लाभान्वित लोगो के बारे में अनेक तकाजों के बाद भी सूचना नहीं दे रहा है। सुनवाई के दौरान पता चला कि विभाग में ही प्रथम अपील में आदेश देने के बावजूद  श्रम अधिकारी ने सूचना नहीं दी। इस पर सूचना आयुक्त नारायण बारेठ ने नाराजगी जाहिर की और कहा यह लोक हित से जुड़ा मामला है। आयोग ने जुर्माने के साथ ही श्रम अधिकारी को सूचना उपलब्ध कराने का आदेश दिया है। <br /><br /><br />आयोग ने बांसवाड़ा जिले के प्राथमिक शिक्षा अधिकारी पर भी पांच हजार रूपये का जुर्माना लगाया है।आयोग में गमीर चंद ने अपील दाखिल कर कहा वे स्थायीकरण के संबध में सूचना मांग रहे है। लेकिन डेढ़ साल गुजर जाने के बाद भी उन्हें सूचना नहीं दी गई है। सूचना आयुक्त बारेठ ने शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिया है कि वे गमीर चंद को  रिकॉर्ड का अवलोकन कराने के बाद वांछित सूचना मुहैया करवाए। <br /><br />सूचना आयोग ने बांसवाड़ा में परतापुर  ,बीकानेर में खाजूवाला  और श्री गंगानगर जिले में रायसिंहनगर के  विकास अधिकारी पर पांच पांच हजार रूपये का जुर्माना लगाने का आदेश दिया है। इनमे रायसिंहनगर और खाजूवाला के विकास अधिकारियो के खिलाफ स्थानीय नागरिको ने आयोग में अपील दाखिल कर आरोप लगाया कि उन्हें दो  साल से भी अधिक समय गुजर जाने के बाद भी सूचना नहीं दी जा रही है। आयोग ने इसे गंभीरता से लिया और सूचना मुहैया कराने का निर्देश दिया है। <br /><br />आयोग ने   इन अधिकारियों को अपना पक्ष रखने का कई बार मौका दिया लेकिन उन्होंने न तो जवाब दिया न ही सूचना उपलब्ध करवाई। इस पर सूचना आयुक्त बारेठ ने कहा ये आम अवाम से जुड़े विभाग है और सूचना देने में कोताही से सीधा आम आदमी प्रभावित होता है। आयोग ने अपने आदेश की प्रति इन अधिकारियो के विभागों को भेजने की हिदायत भी दी है। <br />आयोग ने सूचना आयोग के निर्देश की पालना करने पर बांसवाड़ा में मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी पर पांच हजार रूपये का जुर्माना लगाया है। ऐसे ही एक मामले में चूरू के मुख्य  चिकित्सा और स्वास्थ्य अधिकारी पर पांच हजार रूपये का  जुर्माना लगाया है। जुर्माने की यह राशि अधिकारियो के वेतन से वसूल की जाएगी। आयोग की इस कड़ाई के बाद इन विभागों में सूचना और जवाब देने की कार्यवाही में तेजी आई है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 22 Apr 2022 15:59:20 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>देश में बेरोजगारी की दर घटी, गुजरात और कर्नाटक में रही सबसे कम 1.8 प्रतिशत</title>
                                    <description><![CDATA[हरियाणा में बेरोजगारी की दर सबसे अधिक 26.7 प्रतिशत]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/rajasthan-and-jammu-and-kashmir-have-25-25-percent-unemployed--unemployment-rate-decreased-in-the-country--lowest-in-gujarat-and-karnataka-at-1-8-percent--haryana-has-the-highest-unemployment-rate-of-26-7-percent/article-7316"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-04/jobs.jpg" alt=""></a><br /><p>कोलकाता। अर्थव्यवस्था के धीरे-धीरे सामान्य स्थिति की ओर लौटने के साथ देश में बेरोजगारी की दर घट रही है। सेंटर फॉर मानिटरिंग इंडियन इकॉनमी के आंकड़ों से यह जानकारी मिली है। सीएमआइई के मासिक आंकड़ों के अनुसार, देश में बेरोजगारी की दर फरवरी में 8.10 प्रतिशत थी, जो मार्च में घटकर 7.6 प्रतिशत रह गई। दो अप्रैल को यह अनुपात और घटकर 7.5 प्रतिशत रह गया। शहरी बेरोजगारी की दर 8.5 प्रतिशत और ग्रामीण क्षेत्रों के लिए यह 7.1 प्रतिशत रही। एक्सपर्ट का कहना है कि बेरोजगारी अनुपात में गिरावट से पता चलता है कि कोविड-19 महामारी के बाद अर्थव्यवस्था पटरी पर लौट रही है। सरकार ने कहा, लेकिन भारत जैसे गरीब देश के लिए बेरोजगारी दर अभी काफी ऊंची है। खासकर ग्रामीण क्षेत्रों के लोग बेरोजगारी को नहीं झेल सकते। इसलिए उनको खाने-कमाने के लिए जो भी रोजगार मिल रहा है, वे उसके लिए तैयार हो जाते हैं। आंकड़ों के अनुसार, मार्च में हरियाणा में बेरोजगारी की दर सबसे अधिक 26.7 प्रतिशत रही। उसके बाद राजस्थान और जम्मू-कश्मीर में यह 25-25 प्रतिशत रही। बिहार में बेरोजगारी की दर 14.4 प्रतिशत, त्रिपुरा में 14.1 प्रतिशत और पश्चिम बंगाल में 5.6 प्रतिशत रही। अप्रैल, 2021 में कुल बेरोजगारी की दर 7.97 प्रतिशत थी। पिछले साल मई में यह 11.84 प्रतिशत के उच्चस्तर पर पहुंच गई थी। वहीं, मार्च, 2022 में कर्नाटक और गुजरात में बेरोजगारी की दर सबसे कम 1.8-1.8 प्रतिशत रही।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 04 Apr 2022 12:54:36 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नियुक्तियों को कैबिनेट मंत्री दर्जा पर सियासत: खाचरियावास बोले, राठौड़ को कसम है, वे कोर्ट की शरण लेकर साबित करें</title>
                                    <description><![CDATA[ खाचरियावास राजनैतिक नियुक्तियों पर रार से लेकर यूक्रेन में भारतीय छात्रों की स्थिति और स्मार्टफोन को लेकर भाजपा के भीतर मचे घमासान पर जमकर बोले।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/politics-on-cabinet-minister-status-for-appointments--khachariyawas-said--rathod-has-an-oath--he-should-prove-it-by-taking-shelter-of-the-court/article-5341"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-03/pratap-singh-khachariyawas.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। कैबिनेट मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास बुधवार को विधानसभा के बाहर भाजपा पर जमकर बरसे। खाचरियावास राजनैतिक नियुक्तियों पर रार से लेकर यूक्रेन में भारतीय छात्रों की स्थिति और स्मार्टफोन को लेकर भाजपा के भीतर मचे घमासान पर जमकर बोले। वरिष्ठ नेता राजेन्द्र राठौड़ को उन्होंने एक कसम भी दी।<br /> राजनीतिक नियुक्ति देने के बाद कांग्रेस के तीन नेताओं को कैबिनेट मंत्री का दर्जा दिए जाने को संविधान के प्रावधानों के खिलाफ बताने वाले भाजपा के वरिष्ठ नेता राजेंद्र राठौड़ को कैबिनेट मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने कोर्ट की शरण लेने की नसीहतदी है। खाचरियावास ने कहा कि राजेंद्र राठौड़ केवल इस निर्णय को संविधान के खिलाफ बताकर कोर्ट में जाने का बयान ही देते हैं, लेकिन उन्हें कसम है कि वो जल्द ही कोर्ट की शरण में ले लें ताकि दूध का दूध और पानी का पानी हो जाए। राजेंद्र राठौड़ और बीजेपी के लोग केवल बयानों और लेटर बाजी करके ही आरोप लगाते हैं ताकि मीडिया में छप सकें। राज्य सरकार ने अगर संविधान के खिलाफ कोई काम किया है तो राठौड़ को कोर्ट की शरण लेनी चाहिए जिससे सब कुछ साफ हो जाए केवल आरोप लगाने से ही आरोप सही नहीं हो जाते।</p>
<p><br /> जयपुर में राजस्थान देवस्थान विभाग के भागवत कथा आयोजन पर खाचरियावास ने कहा कि गहलोत सरकार के राज में प्रदेश में राम राज्य है। राम राज्य का मतलब भी यही है कि जनता सुखी हो और विकास की गंगा बहे। हिंदू मुस्लिम की बात बीजेपी करती है, जबकि कांग्रेस सभी 36 कौमों के साथ चलती है। उन्होंने कहा कि स्मार्टफोन वापस देने पर भाजपा नेताओं में आपस में झगड़े हो रहे हैं। दावा किया कि इस वापसी को लेकर भाजपा में हाथापाई होते होते भी बची है। बीजेपी नेता खुद कह रहे हैं कि पहले लैपटॉप क्यों लिया मकान क्यों लिया। खाचरियावास ने तंज कसा कि केवल अखबार में छपने के लिए ही स्मार्ट फोन वापस दिए जा रहे हैं विरोध में भी भाजपा के नेता एकजुट नहीं होते।</p>
<p><br />भाजपा के पास कांग्रेस के खिलाफ कोई एक्शन प्लान नहीं है। विरोध तो राहुल गांधी करते हैं जिन्होंने राफेल का मुद्दा उठाया तो आज भी वे राफेल का मुद्दा ही उठाते रहते हैं। इसी तरह से वे भी पेगासस का भी मुद्दा अक्सर उठाते हैं. बीजेपी कांग्रेस के खिलाफ एक्शन प्लान तक तैयार नहीं कर पा रही है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 02 Mar 2022 15:11:00 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
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                <title>समृद्ध राजस्थानी भाषा की उपेक्षा कब तक</title>
                                    <description><![CDATA[अन्य भाषाओं की तरह राजस्थानी भाषा की अपनी विशिष्ट परम्पराएं एवं परिवेश रहा है। राजस्थानी बोलने वालों की संख्या आज विश्व में 16 करोड़ तक पहुंच गई है।  ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/how-long-has-the-rich-rajasthani-language-been-neglected/article-4663"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-02/rajasthan_new.jpg" alt=""></a><br /><p>भाषा व्यक्ति के भावों की अभिव्यक्ति का सशक्त माध्यम होती है। पशु-पक्षी,कीट-पतंगे आदि सब जीवों की अपनी-अपनी भाषाएं हैं। ईश्वर की सर्वोतम कृति होने के नाते मानव ने अपनी भाषा का इतना विकास कर लिया कि वो छोटी से छोटी एवं बड़ी से बड़ी बात को अपने शब्दों से प्रकट कर देता है। अन्य भाषाओं की तरह राजस्थानी भाषा की अपनी विशिष्ट परम्पराएं एवं परिवेश रहा है। राजस्थानी बोलने वालों की संख्या आज विश्व में 16 करोड़ तक पहुंच गई है।  हिन्दी, बंगला,तेलगू,तमिल और मराठी के बाद इस दृष्टि से राजस्थानी का ही नाम आता है। मध्यकाल में मेवाड़,ढूंढाड़,हाड़ोती,गोड़वाड़, मेरवाड़ा, शेखावाटी,जंगळधर,मेवात व सवाळख अदि नाम शुरू हुए। कर्नल जेम्स टॉड की पुस्तक एनाल्स एण्ड एंटीक्रिटीज ऑफ  राजस्थान में सर्वप्रथम राजस्थान का नाम आया, उससे पहले यह प्रदेश राजपूताना के नाम से पुकारा जाता था। आजादी मिलने के बाद इस प्रदेश का नाम राजपूताना की जगह राजस्थान रखा गया। राजस्थान के स्थानवासी नाम से यहां की भाषा का नाम राजस्थानी रखा गया। इससे स्पष्ट है कि राजस्थानी अति प्राचीन भाषा है। इसका राजस्थानी नाम जरूर नया है, पहले यह मरूभाषा के नाम से जानी जाती थी। मध्यकाल में यह मरू गुर्जर कहलाई और स्वतंत्रता प्राप्ति के पश्चात इसका नाम राजस्थानी पड़ा।</p>
<p><br />सर जॉर्ज ग्रियर्सन नें जब लिग्विस्टिक सर्वे ऑफ  इण्डिया नामक महान ग्रन्थ लिखा तो उन्होंने राजस्थान में बोली जाने वाली इकसार व्याकरण के ढांचे के सभी बोलियों का एक कुटुम्ब एक परिवार माना और जैसे गुजरात की गुजराती है वैसे ही राजस्थानी भाषा को राजस्थानी नाम दिया। ग्रियर्यन के सामने भी सम्भवत: कर्नल टॉड की पुस्तक का आधार था। भाषा-भूगोल की दृष्टि से राजस्थान के पूर्व में (उत्तर-दक्षिण तक) ब्रज भाषा, दक्षिण में (पूर्व से पश्चिम तक) बुन्देली,मराठी, भीली, खानदेसी और गुजराती, पश्चिम  में (दक्षिण से उत्तर तक) सिंधी, लहंदा और उत्तर में (पश्चिम से पूर्व तक)   लहंदा,पंजाबी और बांगरू है। विंध्याचल और आबू पर्वत के बीच के पर्वतों में भीली बोली जाती है। अंग्रेजों ने अपनी राजनैतिक सुविधा के लिए मालवा को राजस्थान से अलग कर दिया, परन्तु लोक के संस्कारों, रहन-सहन, बोलचाल, वेशभूषा आदि की दृष्टि से वह राजस्थान का स्वाभाविक अंश है।  मध्यप्रदेश के सात  जिले मन्दसौर, रतलाम, राजगढ़ , उज्जैन, देवास , इन्दौर व धार को मध्यप्रदेश सरकार आज भी मालवी भाषी मानती है। हरियाणा के रोहतक, सोनीपत, हिसार, सिरसा, गुड़गांव, जीन्द ,महेन्द्रगढ़ आदि की भाषा बांगड़ू बोली राजस्थानी भाषा का ही एक रूप है। इससे यह स्पष्ट होता है कि राजस्थानी भाषा का  विस्तार कई दूसरे प्रदेशों तक है। राजनैतिक व्यवस्था और व्यवस्था के स्वरूप ने इस भाषा के विस्तार क्षेत्र को कुंठित कर दिया। स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद राजनैतिक तौर पर मनचाहे ढंग से राजस्थानी को हिन्दी की उप भाषा मानकर इसके विकास को बहुत बड़ी क्षति पहुंचाई गई, जो आज भी पूरी नहीं हो पा रही है।</p>
<p><br />राजस्थानी समस्त राजस्थान की अपनी भाषा है। राष्ट्रभाषा हिन्दी की इस बहन का कहीं किसी तरह का विरोध नहीं है। अंतर इतना ही है कि राजस्थानी राजस्थान की धरती के वासियों की मातृभाषा है। मातृभाषा से राष्ट्रभाषा का हमेशा मान बढ़ा हैै। लेकिन राजस्थान में बाहर से आए शिक्षित लोगों ने जो कि इस धरती की प्रकृति और भाषा से अंजान थे, हिन्दी को मातृभाषा बतलाना और पढ़ाना शुरू कर दिया। बिना इस अंतर को जाने या जानते हुए भी सरकारी सर्वेक्षणों में मातृभाषा के हाशिए में हिन्दी को लिख शुरू से ही राजस्थान वासियों को भ्रमित करना शुरू कर दिया। बाल मानस पर धरी यह छाप राजस्थानी भाषा की महत्ता को राजस्थान की नई पीढ़ी को निरन्तर न समझने के लिए तैयार कर दिया। इसके दुष्परिणाम स्वरूप राजस्थानी भाषा की गति और विकास को भारी धक्का लगा। बाद में इस गति को सुधारने के लिए राजस्थान वासियों को आंदोलन का सहारा लेना पड़ा। सन् 2000 में एक राष्ट्र स्तरीय संगठन खड़ा कर राजस्थानी भाषा को संवैधानिक मान्यता दिलाने के लिए पूरे प्रदेश में जागृति लाई गई। जगह-जगह धरने, प्रदर्शन सम्मेलन हुए। आम जन की आवाज जयपुर तक पहुंची, सुपरिणाम स्वरूप 25 अगस्त 2003 को राजस्थान विधानसभा नें सर्वसम्मति से राजस्थानी भाषा की संवैधानिक मान्यता का संकल्प (प्रस्ताव) पारित कर केन्द्र सरकार को भेज दिया। </p>
<p><br />राजनैतिक उदासीनता के कारण राजस्थान सरकार की ओर से  भेजा गया वह संकल्प केन्द्र सरकार के ठंडे बस्ते में है। यदि राजस्थान सरकार चाहे तो सर्वसम्मति से पारित संकल्प को आधार मानते हुए राजस्थानी भाषा को प्रदेश में द्वितीय राजभाषा का दर्जा दे सकती है, इसमें कोई कानूनी अड़चन नहीं है। पूर्व में छत्तीसगढ़ प्रदेश में ऐसा ही हो चुका है। विश्व मातृ भाषा दिवस पर राजस्थान प्रदेश के समस्त प्रदेशवासियों का नैतिक दायित्व बनता है कि वो अपने क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों, विधायकों ,सांसदों एवं राजनेताओं से अपनी मातृभाषा को मान्यता का सम्मान शीघ्र दिलवाने हित दबाव बनाएं।  शांतिप्रिय आंदोलन को सरकारें हमेशा नजरअंदाज करती आई हंै,इसलिए अब आर-पार की लड़ाई लड़ने के लिए बाल, युवा, प्रौढ़ ,वृद्ध एवं महिलाओं को अपनी ताकत दिखााने का समय आ गया है।  </p>
<p><strong>      -पवन पहाड़िया<br />(ये लेखक के अपने विचार हैं)</strong><br />    <br /><br /><span style="color:#ff0000;">राजस्थानी समस्त राजस्थान की अपनी भाषा है।</span> राष्ट्रभाषा हिन्दी की इस बहन का कहीं किसी तरह का विरोध नहीं है। अंतर इतना ही है कि राजस्थानी राजस्थान की धरती के वासियों की मातृभाषा है। मातृभाषा से राष्ट्रभाषा का हमेशा मान बढ़ा हैै। लेकिन राजस्थान में बाहर से आए शिक्षित लोगों ने जो कि इस धरती की प्रकृति और भाषा से अंजान थे। हिन्दी को मातृभाषा बतलाना और पढ़ाना शुरू कर दिया।</p>
<p><br /><br /><br /><br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>ओपिनियन</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 19 Feb 2022 15:38:38 +0530</pubDate>
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                <title>कांग्रेस के हालात</title>
                                    <description><![CDATA[अश्विनी कुमार से पहले ज्योतिरादित्य सिंधिया, जितिन प्रसाद, आरपीएन सिंह, अमरिंदर सिंह जैसे बहुत से बड़े नेता कांग्र्रेस से किनारा कर चुके हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/opinion/620f8bbf6a645/article-4623"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-02/congress_new.jpg" alt=""></a><br /><p>कांग्रेस छोड़कर जाने वाले बड़े नेताओं में मनमोहन सरकार में कानून मंत्री और अनेक बड़े पदों पर सुशाभित अश्विनी कुमार का नाम भी जुड़ गया है। अश्विनी कुमार से पहले ज्योतिरादित्य सिंधिया, जितिन प्रसाद, आरपीएन सिंह, अमरिंदर सिंह जैसे बहुत से बड़े नेता कांग्र्रेस से किनारा कर चुके हैं। पंजाब चुनाव से कुछ दिन पहले अश्विनी कुमार का पार्टी छोड़ना इसलिए महत्वपूर्ण और अलग है, क्योंकि वह सोनिया गांधी और परिवार के बेहद निकट थे। जी-23 के नाम से संगठित कांग्र्रेस नेताओं का भी उन्होंने विरोध किया था, लेकिन इतने नेताओं के पार्टी छोड़ने के बाद भी राहुल गांधी या वर्तमान कांग्र्रेस की कार्यशैली में बदलाव आने की संभावना नहीं है। कांग्र्रेस लगातार जनाधार खो रही है और अपने पुराने और अनुभवी नेताओं को भी। अश्विनी कुमार ने पार्टी से इस्तीफा देते हुए परोक्ष रूप से टिप्पणी की है कि राहुल गांधी राष्ट्रीय स्तर के नेता के दौर पर देश के जनमानस को स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी में प्रतिभाशाली व वरिष्ठ नेताओं का कोई महत्व नहीं रह गया है। इसका एक तरह से सीधा मतलब यही निकलता है कि केवल परिवार के चाटुकारों का वर्चस्व है। अश्विनी कुमार चार दशक से अधिक समय तक पार्टी से जुड़े रहे हैं और विभिन्न पदों पर रहकर सत्ता का सुख लेते रहे हैं, लेकिन अब जब वैसा पुराना सुख नहीं मिल रहा है, तो फिर सुख प्राप्ति की चाह में पार्टी को छोड़ने को मजबूर हुए हैं। पार्टी से इस्तीफा देने के बाद उन्होंने अपने आगे के कदम के बारे में कोई संकेत नहीं दिया है। बहरहाल, अश्विनी कुमार स्वयं कोई बड़े जनाधार वाले नेता नहीं हैं। पंजाब में वह नगर पालिका तक का चुनाव भी नहीं जीत पाए हैं। पार्टी छोड़कर जाने वाले एक-दो नेताओं को छोड़कर लगभग सभी नेता गांधी परिवार के करीबी बनकर कांग्र्रेस की सत्ता में बार-बार सत्ता का सुख लेते रहे हैं। अब कांग्र्रेस सत्ता में नहीं है तो कांग्र्रेस के नेता अपने नए राजनीतिक सुख की खातिर पार्टी छोड़कर चले गए हैं। दरअसल यह कांग्र्रेस का इतिहास रहा है कि समय-समय पर इसका साथ ऐसे नेता छोड़ते रहे हैं जिन्हें सिर्फ सत्ता की राजनीति से ही मोह होता है। कांग्र्रेस कई बार टूटी है तो फिर सशक्त रूप से खड़ी भी हुई है। लेकिन तत्कालीन केन्द्रीय नेतृत्व भी सशक्त था। लेकिन आज कांग्र्रेस जैसी राष्ट्रीय स्तर की बड़ी पार्टी की हालत दयनीय है। जनाधार का दायरा काफी घटा है। ऐसे में राष्ट्रीय नेतृत्व को सारे हालात पर गंभीरता से विचार करना चाहिए और पलायन के कारणों पर गहन विचार करना चाहिए। गंभीर आत्म मंथन व पार्टी के काया कल्प की सख्त जरूरत हो चली है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ओपिनियन</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/opinion/620f8bbf6a645/article-4623</link>
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                <pubDate>Fri, 18 Feb 2022 17:51:32 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
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                <title>नींद में ही मौत का कारण बन सकता ऑब्सट्रेक्टिव स्लीप एपनिया</title>
                                    <description><![CDATA[
संगीतकार बप्पी लहरी की इसी बीमारी से हुई है मौत]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/obstructive-sleep-apnea-can-cause-death-in-sleep--musician-bappi-lahiri-has-died-of-this-disease--osa-is-a-sleep-disorder--frequently-stops-breathing/article-4611"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-02/sleep-apnia-2.new.jpg" alt=""></a><br /><p> जयपुर। मोटापा वैसे तो कई बीमारियों की जड़ है और कई बार जानलेवा भी हो सकता है। इन दिनों एक ऐसी बीमारी की चर्चा है जो कि मोटे लोगों में ज्यादा देखी जाती है, इसका नाम है आॅब्सट्रेक्टिव स्लीप एपनिया (ओएसए)। रिपोर्ट्स के मुताबिक संगीतकार और गायक बप्पी लहरी का इसी बीमारी के कारण निधन हुआ है। चिकित्सकों की मानें तो मोटे लोगों को इसकी सही जानकारी न होने के कारण अक्सर इलाज नहीं हो पाता। स्थिति गंभीर होने के बाद इसके कारण हाइपरटेंशन, हार्टअटैक, स्ट्रोक, अनियमित धड़कन, डायबिटीज एवं कार्डियोमायोपैथी जैसी बीमारियां हो सकती हैं जो मरीज के लिए जानलेवा भी साबित हो सकती है। <br /><br />नारायणा हॉस्पिटल की पल्मनोलॉजिस्ट और निंद्रा रोग विशेषज्ञ डॉ. शिवानी स्वामी ने बताया कि यह नींद से संबंधित एक ब्रीदिंग डिस्आॅर्डर है, इससे सोते समय श्वास बार-बार रुकती है। इस बीमारी में व्यक्ति की श्वास नींद में ही रुक जाती है और उसे पता भी नहीं चलता है। यह दिक्कत 10 सेकंड्स या उससे अधिक समय तक हो सकती है। इससे खून में आॅक्सीजन की कमी होने लगती है। ऐसा होने पर दिमाग सक्रिय हो जाता है और आपको कुछ सेकेंड्स के लिए जगाता है ताकि आप अपने वायुमार्ग को खोल सकें। समस्या बढ़ने पर मरीज रात में कई बार उठता है और गला सूखना, बाथरूम जाना, खर्राटे बंद होने के बाद वापस चालू होने जैसे लक्षण भी आ सकते हैं। <br /><strong><br />जा सकती है जान </strong><br />ओएसए में गले की मांसपेशियां नींद के दौरान ढीली पड़ जाती हैं और एयर फ्लो में रुकावट डालती हैं। इसकी वजह से मरीज तेज-तेज खर्राटे लेता है। सांस लेने में रुकावट देर तक रहने पर खून में आॅक्सीजन का स्तर कम होने लगता है और मरीज की मौत हो सकती है।</p>
<p><br /><strong>संभव है इलाज</strong><br />इस बीमारी का इलाज संभव है। इसमें एक ऐसे डिवाइस का इस्तेमाल किया जाता है जो सोते समय आपके वायुमार्ग को खुला रखता है। एक और तरीका है जिसमें एक माउथपीस के जरिए निचले जबड़े पर दबाव डाला जाता है। कुछ मामलों में इसकी सर्जरी भी करनी पड़ती है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>स्वास्थ्य</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 18 Feb 2022 16:10:42 +0530</pubDate>
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                <title>प्रदेश में बेरोजगारी का यह है आलम : राज्य में 16 लाख रजिस्टर्ड बेरोजगार भत्ता सिर्फ चार लाख को मिला</title>
                                    <description><![CDATA[<p>  जयपुर। प्रतियोगी परीक्षाओं का पहले तो समय पर नहीं होना और फिर पेपर लीक होने की घटनाओं से साल दर साल नौकरी की चाह रखने वाले युवाओं की संख्या में भारी इजाफा हो रहा है। यह इस बात से अंदाजा लगाया जा सकता है कि प्रदेश के जिला रोजगार कार्यालयों में 31 जनवरी 2022 तक कुल 16 लाख 54 हजार 106 बेरोजगार पंजीकृत है। इनमें से 13 लाख 64 हजार 290 पंजीकृत स्नातक तथा अधिस्नातक बेरोजगार आशार्थी है। इन बेरोजगारों में से मुख्यमंत्री युवा संबल योजना के तहत 4 लाख 2 हजार 826 पंजीकृत बेरोजगारों को बेरोजगारी भत्ता दिया</p>
<p><br />दरअसल,</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%A6%E0%A5%87%E0%A4%B6-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%AC%E0%A5%87%E0%A4%B0%E0%A5%8B%E0%A4%9C%E0%A4%97%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A5%80-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%AF%E0%A4%B9-%E0%A4%B9%E0%A5%88-%E0%A4%86%E0%A4%B2%E0%A4%AE---%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%9C%E0%A5%8D%E0%A4%AF-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-16-%E0%A4%B2%E0%A4%BE%E0%A4%96-%E0%A4%B0%E0%A4%9C%E0%A4%BF%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%9F%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%A1-%E0%A4%AC%E0%A5%87%E0%A4%B0%E0%A5%8B%E0%A4%9C%E0%A4%97%E0%A4%BE%E0%A4%B0-%E0%A4%AD%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%A4%E0%A4%BE-%E0%A4%B8%E0%A4%BF%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%AB-%E0%A4%9A%E0%A4%BE%E0%A4%B0-%E0%A4%B2%E0%A4%BE%E0%A4%96-%E0%A4%95%E0%A5%8B-%E0%A4%AE%E0%A4%BF%E0%A4%B2%E0%A4%BE/article-4538"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-02/unemployment_berojgar1.jpg" alt=""></a><br /><p> जयपुर। प्रतियोगी परीक्षाओं का पहले तो समय पर नहीं होना और फिर पेपर लीक होने की घटनाओं से साल दर साल नौकरी की चाह रखने वाले युवाओं की संख्या में भारी इजाफा हो रहा है। यह इस बात से अंदाजा लगाया जा सकता है कि प्रदेश के जिला रोजगार कार्यालयों में 31 जनवरी 2022 तक कुल 16 लाख 54 हजार 106 बेरोजगार पंजीकृत है। इनमें से 13 लाख 64 हजार 290 पंजीकृत स्नातक तथा अधिस्नातक बेरोजगार आशार्थी है। इन बेरोजगारों में से मुख्यमंत्री युवा संबल योजना के तहत 4 लाख 2 हजार 826 पंजीकृत बेरोजगारों को बेरोजगारी भत्ता दिया गया।</p>
<p><br />दरअसल, सरकार के मंत्री प्रताप सिंह, महेश जोशी, शांति धारीवाल, टीकाराम जूली, शकुंतला रावत, अशोक चांदना, विश्वेन्द्र सिंह, रमेश मीणा के गृह जिलों में भी पंजीकृत बेरोजगारों की संख्या कम नहीं है। वैसे तो सर्वाधिक बेरोजगारों की संख्या जयपुर जिले में एक लाख 73 हजार 383 है, जबकि अलवर में एक लाख 16 हजार 687 और सीकर में एक लाख 35 हजार 348 हैं। वहीं दूसरी ओर बेरोजगारी भत्ते से सर्वाधिक लाभान्वित होने वालों की संख्या अलवर में 32426, जयपुर में 33128 और दौसा में 28401 हैं। विधानसभा के एक सवाल में यह जानकारी दी गई है।<br /><strong><br />प्रदेश के जिला रोजगार कार्यालय में 31 जनवरी 2022 तक पंजीकृत आशार्थियों की जिलेवार स्थिति और जिलेवार बेरोजगारी भत्ता लेने वालों की संख्या कुछ इस प्रकार हैं</strong><br /><strong>जिला    पंजीकृत बेरोजगार    योजना से लाभान्वितों की संख्या</strong><br />अजमेर    44615    10481<br />अलवर    116687    32426<br />बांसवाड़ा    30851    7014<br />बारां    31030    9421<br />बाड़मेर    24667    4217<br />भरतपुर    75314    21606<br />भीलवाड़ा    31727    2326<br />बीकानेर    41981    7560<br />बूंदी    31838    7373<br />चित्तौडगढ़    19624    4741<br />चूरू    68180    19991<br />दौसा    74895    28401<br />धौलपुर    28415    7257<br />डूंगरपुर    22129    6672<br />गंगानगर    54791    9890<br />हनुमानगढ़    61891    15703<br />जयपुर    173383    33128<br />जैसलमेर    8027    2535<br />जालौर    21287    5631<br />झालावाड़    30313    6786<br />झुंझुनूं    96346    21356<br />जोधपुर    65321    19980<br />करौली    46146    15389<br />कोटा    46918    6151<br />नागौर    82384    23502<br />पाली    33359    5323<br />प्रतापगढ़    12255    2674<br />राजसमंद    14368    2649<br />सवाईमाधोपुर    41829    11932<br />सीकर    135348    30190<br />सिरोही    17429    3969<br />टोंक    37688    4249<br />उदयपुर    33070    7303<br />कुल    1654106    402826<br /><br /><strong>बेरोजगारी भत्ते के नियम</strong><br />योजना के अर्न्तगत एक वर्ष में अधिकतम 2 लाख पंजीकृत स्नातक तथा पात्र आशार्थियों को बेरोजगारी भत्ता देकर लाभान्वित किया जा सकता है। आशार्थियों की निर्धारित अधिकतम आयु सीमा पूर्ण होना, भत्ता स्वीकृति की अधिकतम समय सीमा 2 वर्ष पूर्ण होना, लाभार्थी को रोजगार प्राप्त होना, लाभार्थी के अन्य विभागों की योजनाओं का लाभ लेना, इंटर्नशिप के लिए स्वीकृति प्रदान नहीं करना, नियमित शिक्षा प्राप्त करना तथा परिवार की आय दो लाख से अधिक होने के कारण बेरोजगारी भत्ते आवेदन निरस्त किए जाते हैं।<br /><br />सरकार बेरोजगारों को रोजगार देने के नाम पर ही सत्ता में आर्इं थी, लेकिन बेरोजगारी भत्ता देने में छलावा किया है। सरकार की अपनी कार्यप्रणाली से लोगों को बेवकूफ बना रही है और उसका सबसे ज्यादा खामियाजा युवाओं को भुगतना पड़ रहा है। भत्ते के लिए इंटर्नशिप की शर्त भी लगा रहे है, उन्हें पूरी तनखाह पर क्यूं नहीं रख लेते, वे तो तैयार हैं।<br />-<strong>अनिता भदेल, विधायक भाजपा (अजमेर साउथ)</strong><br /><br />पंजीकृत बेरोजगारों में से कुल 6 लाख 11 हजार 831 युवाओं ने बेरोजगारी भत्ते के लिए आवेदन किया, जिसमें चार लाख से अधिक आशार्थियों को लाभान्वित किया गया। कौशल प्रशिक्षण के लिए 7623 तथा इंटर्नशिप के लिए 31525 आशार्थियों से सहमति प्राप्त की गई। योजना में मार्च 2019 से 31 जनवरी 2022 तक 1346.34 करोड़ व्यय किए गए हैं।<br />-<strong>अशोक चांदना, राज्यमंत्री, कौशल एवं नियोजन एवं उद्यमिता विभाग</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 16 Feb 2022 18:19:42 +0530</pubDate>
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