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                <title>Gaming Platforms - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>आतंकी गेमिंग प्लेटफॉर्म्स का कर रहे इस्तेमाल, बच्चे निशाने पर</title>
                                    <description><![CDATA[संयुक्त राष्ट्र की आतंकवाद विरोधी समिति की रिपोर्ट में चेतावनी दी कि आतंकी संगठन युवाओं और बच्चों को प्रभावित करने के लिए गेमिंग प्लेटफॉर्म, हिंसक कंटेंट और ऑनलाइन उपसंस्कृतियों का इस्तेमाल कर रहे। रिपोर्ट के अनुसार, दुष्प्रचार भर्ती, कट्टरपंथ, फंडिंग और परिचालन गतिविधियों का प्रमुख साधन बन चुका। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/terrorists-are-targeting-children-using-gaming-platforms/article-165575"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-09/cycber4.png" alt=""></a><br /><p>न्यूयार्क। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की आतंकवाद विरोधी समिति कार्यकारी निदेशालय की एक नवीनतम ट्रेंड्स रिपोर्ट से खुलासा हुआ है कि आतंकवादी समूह अब युवाओं और बच्चों को निशाना बनाने के लिए गेमिंग प्लेटफॉर्म्स, वीभत्स हिंसक कंटेंट और नकारवादी आनलाइन उप संस्कृति का सहारा ले रहे हैं। ‘बियॉन्ड मैसेजिंग: टेररिस्ट प्रोपेगैंडा ऐज आपरेशनल इंफ्रास्ट्रक्चर’ शीर्षक वाली इस रिपोर्ट में बताया गया है कि आतंकी संगठन भर्ती, कट्टरपंथ फैलाने, फंडिंग जुटाने, परिचालन योजना और यहां तक कि अपने प्रभाव वाले क्षेत्रों में शासन संबंधी गतिविधियों को मजबूत करने के लिए दुष्प्रचार का इस्तेमाल कर रहे हैं।</p>
<p>रिपोर्ट के अनुसार, इस दुष्प्रचार  का उपयोग केवल संचार माध्यम के रूप में नहीं, बल्कि अपने अभियानों के प्रमुख बुनियादी ढांचे के रूप में कर रहे हैं। हिंसक चरमपंथी विचारधाराओं को दे रहे बढ़ावा।</p>
<p>रिपोर्ट में कहा गया है कि आतंकवादी युवा पीढ़ी को प्रभावित करने के लिए गेमिंग प्लेटफॉर्म्स, के अलावा, आनलाइन इकोसिस्टम में हिंसक चरमपंथी विचारधाराओं का बढ़ता तालमेल और तकनीक-आधारित लैंगिक हिंसा और महिला-विरोधी आनलाइन मंचों का उपयोग भी चिंता का विषय बना हुआ है। विशेष रूप से अफ्रीका, मध्य और दक्षिण एशिया में सक्रिय आतंकी समूह स्थानीय शिकायतों को भुनाने, अपनी वैधता साबित करने और धन जुटाने के लिए दुष्प्रचार का व्यापक उपयोग कर रहे हैं।</p>
<p><strong>आतंकवाद के मुख्य संचालक के रूप में निपटना होगा :</strong></p>
<p>निदेशालय ने चेतावनी दी है कि आतंकी गुटों के तेजी से बदलने के तरीकों और सदस्य देशों, कानूनी ढांचों तथा डिजिटल प्लेटफॉर्मों की प्रतिक्रियात्मक क्षमता के बीच एक बड़ा ‘अंतर’ पैदा हो गया है। रिपोर्ट में जोर दिया गया है कि आतंकवाद रोधी उपायों को अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार कानूनों के दायरे में रहते हुए, दुष्प्रचार को केवल एक सामग्री न मानकर आतंकवाद के मुख्य संचालक के रूप में निपटना होगा।</p>
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                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 14 Sep 2026 12:17:10 +0530</pubDate>
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