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                <title>US Tariff Threat - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>US Tariff Threat RSS Feed</description>
                
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                <title>खड़गे का केंद्र पर हल्लाबोल: अमेरिकी शुल्क बढ़ा तो निर्यात और किसानों पर पड़ेगी दोहरी मार, पहले 25 फिर 50 और अब 100 टैरिफ की धमकी</title>
                                    <description><![CDATA[कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने अमेरिका द्वारा भारत पर 100 प्रतिशत टैरिफ लगाने की चेतावनी पर केंद्र सरकार की विदेश और व्यापार नीति की विफलता का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि सरकार अमेरिकी दबाव में देश के किसानों के हितों से समझौता कर रही है और यूपीआई पर शुल्क लगाकर आम जनता पर बोझ डाल रही है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/kharges-hue-and-cry-at-the-center-if-us-duty/article-165764"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-09/111200-x-600-px)-(8)4.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा है कि अमेरिका के भारत पर 100 प्रतिशत तक शुल्क लगाने की धमकी से भारतीय निर्यात और किसानों के हित प्रभावित होंगे इसलिए सरकार को उसके दबाव के आगे झुकने की बजाय देशहित को महत्व देना चाहिए। खरगे ने बुधवार को सोशल मीडिया एक्स पर कहा कि अमेरिका की भारतीय वस्तुओं पर 100 प्रतिशत तक शुल्क लगाने की धमकी से केंद्र सरकार की विदेश और व्यापार नीति की विफलता सामने आती है। उनका कहना था कि दवा, कपड़ा, इंजीनियरिंग सामान, रसायन, वाहन कलपुर्जे, रत्न एवं आभूषण तथा इलेक्ट्रॉनिक्स और प्रौद्योगिकी क्षेत्र को शुल्क में भारी बढ़ोतरी का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि पहले 25 प्रतिशत और फिर 50 प्रतिशत शुल्क लगाया गया तथा अब 100 प्रतिशत शुल्क की धमकी दी जा रही है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि सरकार ने ऐसे व्यापार ढांचे पर सहमति दी है, जिससे अमेरिकी कृषि उत्पादों के लिए भारत में बाजार बढ़ेगा और किसानों के हित प्रभावित होंगे। उनके अनुसार, इस ढांचे के तहत अगले पांच वर्षों में करीब 500 अरब डॉलर के अमेरिकी सामान खरीदने के लिए भारत पर दबाव होगा। कांग्रेस अध्यक्ष ने यूपीआई पर शून्य एमडीआर की व्यवस्था खत्म करने के सरकार के फैसले को अमेरिकी दबाव से जोड़ते हुए कहा कि शुल्क, व्यापार, एच-1बी वीजा, वीजा व्यवस्था और डिजिटल भुगतान सहित विभिन्न क्षेत्रों में अमेरिका का दबाव बढ़ रहा है।</p>
<p>इससे पहले कांग्रेस संचार विभाग के प्रभारी जयराम रमेश ने आज लिखा कि अमेरिकी प्रतिनिधि सभा में भारत पर 100 प्रतिशत शुल्क लगाने वाले विधेयक पर बुधवार को मतदान होना है, जबकि अमेरिकी सीनेट इसे पहले ही मंजूरी दे चुकी है। ट्रंप प्रशासन भारतीय प्रवासियों के खिलाफ सख्ती करते हुए एच-1बी वीजा की लागत बढ़ा चुका है। बदली व्यवस्था के तहत वीजाधारकों के बेरोजगार होने पर उन्हें तत्काल देश से बाहर किया जा सकता है। रमेश ने कहा कि सरकार ने अमेरिका की मांग के आगे झुकते हुए यूपीआई पर शून्य एमडीआर की व्यवस्था खत्म कर शुल्क लगाने का रास्ता खोल दिया है। उन्होंने सवाल किया कि 0.4 प्रतिशत एमडीआर क्यों है और क्या यह इसलिए है क्योंकि डेबिट कार्ड पर भी एमडीआर 0.4 प्रतिशत है। उन्होंने पूछा कि क्या यह अमेरिकी कार्ड कंपनियों को यूपीआई के साथ प्रतिस्पर्धा करने में सक्षम बनाने के लिए किया जा रहा है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि क्या इससे यूपीआई 'टिकाऊ' बनेगा, जैसा कि सरकार का दावा है। उन्होंने यह भी कहा कि पूरे यूपीआई पारिस्थितिकी तंत्र को चलाने की अनुमानित लागत करीब 20,000 करोड़ रुपये सालाना है और यह राशि पिछले कुछ वर्षों में भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा केंद्र सरकार को हस्तांतरित की गई राशि के 10 प्रतिशत से भी कम है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 16 Sep 2026 18:35:57 +0530</pubDate>
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                <title>रूस से तेल खरीदने वाले देशों पर 100% तक टैरिफ का प्रस्ताव, भारत समेत दस देशों का संशोधन में नाम</title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिकी प्रतिनिधि सभा में ‘लिंडसे ओ. ग्राहम सैंक्शनिंग रशिया एंड ईरान एक्ट 2026’ पर मतदान की तैयारी है। इसके तहत रूसी तेल खरीदने वाले भारत सहित 10 देशों पर 100% तक टैरिफ लगाने का प्रावधान है। हालांकि, यह टैरिफ तुरंत लागू नहीं होगा और विधेयक के कानून बनने के बाद राष्ट्रपति ट्रंप के फैसले पर निर्भर करेगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/proposal-of-up-to-100-tariff-on-countries-purchasing-oil/article-165716"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-07/trump-(2).png" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन। अमेरिकी हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स रूस पर नए प्रतिबंधों से जुड़े विधेयक पर मतदान की तैयारी में है। ‘लिंडसे ओ. ग्राहम सैंक्शनिंग रशिया एंड ईरान एक्ट ऑफ 2026’ में रूसी तेल खरीदने वाले देशों पर 100 प्रतिशत तक टैरिफ लगाने का प्रावधान है। प्रस्तावित संशोधन में भारत समेत 10 देशों को संभावित शुल्क के दायरे में रखा गया है। इनमें चीन, तुर्किए, अजरबैजान, हंगरी, स्लोवाकिया, संयुक्त अरब अमीरात, सिंगापुर, कजाकिस्तान और किर्गिज रिपब्लिक भी शामिल हैं। डेमोक्रेटिक कांग्रेसमैन स्टेनी होयर ने यह संशोधन पेश किया है। </p>
<p>हालांकि, भारत पर तत्काल 100 प्रतिशत शुल्क लागू नहीं होगा। विधेयक के कानून बनने और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा अधिकार का इस्तेमाल करने पर ही ऐसा टैरिफ लगाया जा सकेगा। अमेरिकी सीनेट ने पिछले महीने विधेयक को 86-11 मतों से पारित किया था। हाउस रूल्स कमेटी ने भी इसे आगे बढ़ा दिया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 16 Sep 2026 11:03:14 +0530</pubDate>
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