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                <title>library - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                            <item>
                <title>शिक्षा के विकास में श्याम धणी इंडस्ट्रीज का बड़ा योगदान, 20 लाख की नई लाइब्रेरी का शिलान्यास</title>
                                    <description><![CDATA[श्याम धणी इंडस्ट्रीज ने ग्राम पंचायत कानपुरा के स्कूल में ₹13.75 लाख के टिनशेड का लोकार्पण और ₹20 लाख की लाइब्रेरी का शिलान्यास किया। इस मौके पर ग्रामीणों ने कंपनी के सामाजिक सरोकारों की सराहना करते हुए अतिथियों का 51 किलो की माला और 100 फीट लंबे साफे से भव्य अभिनंदन किया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/big-contribution-of-shyam-dhani-industries-in-the-development-of/article-153464"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/11-(630-x-400-px)-(3).png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। शिक्षा और सामाजिक सरोकारों को मजबूती देने की दिशा में श्याम धणी इंडस्ट्रीज लिमिटेड ने एक और महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया है। कंपनी की ओर से ग्राम पंचायत कानपुरा के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, डेहरा में विभिन्न विकास कार्यों का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम के दौरान 13.75 लाख रुपये की लागत से निर्मित टिनशेड का लोकार्पण किया गया, वहीं विद्यार्थियों के बेहतर शैक्षणिक वातावरण के लिए 20 लाख रुपये की लागत से बनने वाली नई लाइब्रेरी का शिलान्यास भी किया गया। इस अवसर पर आयोजित समारोह में ग्रामीणों और ग्राम पंचायत की ओर से अतिथियों का भव्य स्वागत किया गया।</p>
<p>समाज सेवा और शिक्षा के क्षेत्र में योगदान के लिए सम्मान स्वरूप 51 किलो की विशाल माला पहनाकर अभिनंदन किया गया तथा राजस्थानी परंपरा के अनुसार 100 फीट लंबे साफे से सम्मानित किया गया। आयोजन के दौरान मौजूद ग्रामीणों ने इसे क्षेत्र के लिए प्रेरणादायक पहल बताते हुए कंपनी के प्रयासों की सराहना की। कार्यक्रम में उपस्थित वक्ताओं ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में इस प्रकार के विकास कार्य ग्रामीण विद्यार्थियों के भविष्य को नई दिशा देंगे। नई लाइब्रेरी बनने से विद्यार्थियों को अध्ययन के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी, वहीं टिनशेड से विद्यालय परिसर में आवश्यक आधारभूत सुविधाओं का विस्तार होगा। श्याम धणी इंडस्ट्रीज लिमिटेड की ओर से कहा गया कि कंपनी आगे भी सामाजिक दायित्वों के निर्वहन के तहत शिक्षा, विकास और जनहित से जुड़े कार्यों में सक्रिय योगदान देती रहेगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 11 May 2026 18:23:40 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>दिल्ली क्या, बूंदी में भी लोग मर जाएं तो इन्हें क्या?</title>
                                    <description><![CDATA[नगर परिषद ने फौरी कार्रवाई करते हुए औपचारिकता कर दी।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bundi/what-do-they-care-if-people-die-in-delhi-or-even-in-bundi/article-86526"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-08/6.png" alt=""></a><br /><p>बून्दी। नई दिल्ली में बेसमेंट में संचालित लाइब्रेरी में तीन छात्र-छात्राओं की मौत की घटित घटना के बाद फौरी कार्यवाही करते हुए नगर परिषद की अग्निशमन दस्ते ने बूंदी शहर मे जगह जगह चल रहे बेसमेंटों की जांच कर किसी भी प्रकार  की गतिविधि नहीं करने के दिशा निर्देश दिए। हालांकि शहर मे जगह जगह बने बेसमेंटों में अधिकांश अवैध रूप से बनाए गए हैं, जिनमें अवैध रूप से ही लाइब्रेरी, कैफे, पैथोलॉजी लैब, जिम, रेस्टोरेंट सहित कई व्यावसायिक गतिविधियां संचालित हैं। इनके पास अनापत्ति प्रमाण पत्रों सहित फायर सेफ्टी के कोई सुरक्षा इंतजाम भी उपलब्ध नहीं हैं और नहीं इनके पास किसी वाहन पार्किंग के कोई उपयुक्त व्यवस्था है, ऐसे में इनके बाहर दिनभर जाम की स्थिति बनी रहती है।</p>
<p><strong>बेसमेंट की जांच कर समझाइश की</strong><br />बुधवार को नगर परिषद आयुक्त के निर्देश पर सहायक अग्निशमन अधिकारी अब्दुल मतीन मंसूरी के नेतृत्व में  अग्निशमन दस्ते ने बहादुर सर्किल के पास देव क्लास, लंका गेट पर चाणक्य लाइब्रेरी, कोटा रोड स्थित जय महावीर एवं श्री महावीर आइसक्रीम फैक्ट्री सहित अन्य जगह पर बेसमेंट में जांच की। इस दौरान जांच करते हुए मौके पर बेसमेंट में संचालित गतिविधि को समझाइश कर बंद करवाया गया और आगे से बेसमेंट में किसी भी प्रकार की गतिविधि नहीं करने के लिए निर्देश दिए। </p>
<p><strong>सख्त कार्यवाही की चेतावनी, लेकिन आदेश की पालना में लचर रवैया</strong><br />बुधवार को नगर परिषद आयुक्त के निर्देश पर फोरी कार्यवाही करते हुए सहायक अग्निशमन अधिकारी अब्दुल मतीन मंसूरी सख्त कार्यवाही की बात कह रहे हैं। लेकिन इनकी सख्त कार्यवाही कैसी हैं, इसकी बानगी पूर्व में शहर में घटित अग्निकांड के बाद स्वयं के द्वारा दिए गए नोटिसों की पालना तक नहीं करवा पाए हैं। इनसे बात किए जाने पर कार्यवाही के नाम पर गोलमोल जवाब देते हुए सख्त कार्यवाही की बात दोहराई जाती हैं, लेकिन बिना फायर एनओसी के लगातार शहर मे व्यावसायिक गतिविधियां संचालित हो रही है। शायद प्रशासन और नगर परिषद को शहनाई मैरिज गार्डन जैसे किसी बड़े हादसे का इंतजार हैं।</p>
<p><strong>इनका कहना है </strong><br />बेसमेंट में अवैध रूप से चल रही गतिविधियों के खिलाफ आगे भी यह कार्यवाही जारी रहेगी। पालना नहीं करने वालों पर नगर परिषद बूंदी द्वारा सख्ती के साथ सीज की कार्यवाही अमल में लाई जाएगी।<br /><strong>- अब्दुल मतीन मंसूरी, सहायक अग्निशमन अधिकारी नगर परिषद बून्दी</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बूंदी</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 01 Aug 2024 16:51:06 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कोचिंग-लाइब्रेरी को अल्टीमेटम, सीएम बोले- नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर होगी कठोरतम कार्रवाई</title>
                                    <description><![CDATA[बेसमेंट में चल रही कोचिंग और लाइब्रेरी को सरकार की तरफ से 15 दिन का अल्टीमेटम दिया गया है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/cm-gave-ultimatum-to-coaching-library-strictest-action-will/article-86403"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-12/cm-bhajan-lal-shara.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने कहा कि दिल्ली में कोचिंग संस्थान के बेसमेंट में हुए दुर्भाग्यपूर्ण हादसे में संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों की मृत्यु का समाचार अत्यंत व्यथित करने वाला है। बेसमेंट में चल रही कोचिंग और लाइब्रेरी को सरकार की तरफ से 15 दिन का अल्टीमेटम दिया गया है। </p>
<p>इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के उद्देश्य से, हमारी सरकार द्वारा नगरीय क्षेत्रों में जन सुरक्षा सुनिश्चित करने हेतु प्राधिकरणों, न्यासों, नगर निगमों, परिषदों एवं पालिकाओं को सख्त कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए हैं। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित व्यक्तियों एवं कोचिंग संस्थाओं के विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/cm-gave-ultimatum-to-coaching-library-strictest-action-will/article-86403</link>
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                <pubDate>Wed, 31 Jul 2024 15:06:50 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>स्कूल रिपोर्ट 2: सैकडों सरकारी विद्यालयों में मौजूद नहीं खेल मैदान और लाइब्रेरी</title>
                                    <description><![CDATA[जिले के सैंकड़ों विद्यालयों में ना तो लाइब्रेरी मौजूद है और ना ही खेल का मैदान। 
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/school-report-2--playground-and-library-not-present-in-hundreds-of-government-schools/article-81147"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-06/photo-size-(7)4.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। शिक्षा विभाग की ओर से जारी विद्यालय रिपोर्ट में कोटा के सरकारी स्कूलों में सत्र 2021-22 की तुलना में सत्र 2022-23 में विद्यार्थियों की संख्या घट गई। इसके अलावा रिपोर्ट के अनुसार कोटा में कई विद्यालय ऐसे हैं जो या तो एक शिक्षक के भरोसे हैं या एक ही कमरे में संचालित हो रहे हैं। वहीं दूसरी ओर कई विद्यालयों में आज भी आधारभूत सुविधाओं की कमी है या उपलब्ध ही नहीं है। जिले के सैंकड़ों विद्यालय आज भी लाइब्रेरी, सुलभघर, बिजली कनेक्शन, नल कनेक्शन, खेल मैदान और कम्प्यूटर लेब जैसी सुविधाओं से वंचित है। ऐसे में शिक्षा विभाग एक ओर तो प्रदेश के सरकारी विद्यालयों को उत्कृष्ट बनाने की बात करता है वहीं दूसरी ओर सैंकड़ों विद्यालयों में मूलभूत सुविधाएं तक उपलब्ध नहीं करा पा रहा है।</p>
<p><strong>सबसे जरूरी खेल मैदान और लाइब्रेरी ही मौजूद नहीं</strong><br />विद्यालयों में शिक्षा के साथ विद्यार्थी का मानसिक और शारीरिक विकास होना भी आवश्यक है, ताकि विद्यार्थी भविष्य के अनुरूप खुद को ढाल सकें। लेकिन जिले के सैंकड़ों विद्यालयों में ना तो लाइब्रेरी मौजूद है और ना ही खेल का मैदान। ऐसे में इन विद्यालयों में विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास होना बड़ी चुनौती है। सत्र 2021-22 में जिले के 1078 में से 707 विद्यालयों में ही खेल का मैदान मौजूद था वहीं सत्र 2022-23 में 1056 विद्यालयों में से केवल 770 विद्यालयों में ही खेल के मैदान हैं। इसी तरह सत्र 2021-22 में जिले के 1078 विद्यालयों में से 863 और सत्र 2022-23 के दौरान 1056 विद्यालयों में से केवल 852 विद्यालयों में ही लाइब्रेरी मौजूद है। ऐसे में विद्यालयों में लाइब्रेरी नहीं होने की स्थिति में विद्यार्थी शैक्षणिक शिक्षा के अलावा अन्य विषयों में जानकारी लेने के लिए अन्य स्त्रोतों पर निर्भर रहना पड़ता है।</p>
<p><strong>कंप्यूटर लैब और बिजली कनेक्शन की भी कमी</strong><br />वर्तमान में राज्य सरकार और केंद्र सरकार दोनों डिजिटलाइजेशन की ओर अग्रसर हैं। शिक्षा के क्षेत्र में भी तकनीक को बढ़ावा दिया जा रहा है बावजूद इसके सत्र 2021-22 के दौरान जिले के 1078 विद्यालयों में से केवल 205 विद्यालयों में ही कंप्यूटर लैब मौजूद थी, हालांकि सत्र 2022-23 के दौरान इनकी संख्या में थोड़ा इजाफा हुआ जो बढ़कर 247 हो गई। लेकिन इसके अभी भी जिले के करीब 800 विद्यालयों में कंप्यूटर लैब मौजूद नहीं है। इसी तरह सत्र 2021-22 के दौरान कुल 1078 विद्यालयों में से केवल 941 विद्यालयों में बिजली कनेक्शन था वहीं सत्र 2022-23 के दौरान 1056 में से केवल 988 विद्यालयों में ही बिजली कनेक्शन मौजूद है। </p>
<p><strong>कई विद्यालयों में बाउंड्री वॉल नहीं </strong><br />शिक्षा विभाग ने इसी जनवरी माह में सभी जिला शिक्षा अधिकारियों से जिन विद्यालयों में पर्याप्त बाउंड्री वॉल मौजूद नहीं है या जिन विद्यालयों में अतिक्रमण हो रहा है उनकी जानकारी मांगी थी। लेकिन विभाग की ओर से अभी तक उस पर कोई कारवाई नहीं की गई है, और मामला अभी तक अधर में है। इसी बीच जारी हुई सरकारी रिपोर्ट के अनुसार सत्र 2021-22 में जिले के 71 विद्यालयों और 2022-23 के दौरान 54 विद्यालयों में बाउंड्री वॉल मौजूद नहीं है। जहां या तो अतिक्रमण हो रहा है, या अतिक्रमण होने की संभावना है। वहीं कोटा के 1056 विद्यालयों में से अभी भी 25 विद्यालयों में पीने का साफ पानी उपलब्ध नहीं है। </p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />जिले के सरकारी विद्यालयों की वास्तविक विद्यालयों की रिपोर्ट विभाग को भेजी जा चुकी है। जिन विद्यालयों में समस्याएं मौजूद हैं। उन पर कोई भी उच्च स्तरीय पर ही किया जा सकता है। जिला स्तर पर जितना हो सकता है उतनी कोशिश की जाती है।<br /><strong>- के. के. शर्मा, जिला शिक्षा अधिकारी कोटा</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 11 Jun 2024 16:07:07 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>स्टेट सेंट्रल लाइब्रेरी में बढ़ेंगी पुस्तक प्रेमियों की सुविधाएं</title>
                                    <description><![CDATA[ स्कूल शिक्षा, भाषा एवं पुस्तकालय विभाग के शासन सचिव नवीन जैन ने रीडर्स फ्रेंडली माहौल और व्यवस्थाओं को चाक-चौबंद बनाने के निर्देश दिए है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/facilities-will-increase-in-state-central-library/article-48436"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-06/630-400-size-(5)4.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। जेएलएन मार्ग स्थित डॉ. राधाकृष्णन स्टेट सेंट्रल लाइब्रेरी से पुस्तक प्रेमियों के लिए अच्छी खबर सामने आई है, कि अब इस लाइब्रेरी में सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा। स्कूल शिक्षा, भाषा एवं पुस्तकालय विभाग के शासन सचिव नवीन जैन ने रीडर्स फ्रेंडली माहौल और व्यवस्थाओं को चाक-चौबंद बनाने के निर्देश दिए है। लाइब्रेरी स्टॉफ की ओर से पुस्तकालय में विशेष स्वच्छता अभियान चलाया गया।</p>
<p><strong>आसानी से मिले पुस्तकें</strong><br />जैन ने कहा कि लाइब्रेरी में आने वाले हर वर्ग के रीडर्स को अपनी आवश्यकता के अनुरूप पुस्तकों को ढूढ़ने में आसानी हो, इसके लिए सॉफटवेयर के ठीक तरह से उपयोग, डिस्पले सिस्टम, इंडेक्सिंग एवं नम्बरिंग में सुधार करते हुए इनोवेटिव आईडियाज के साथ कार्य करने की आवश्यकता है। अलग-अलग सेक्शन में प्रतिदिन जो पुस्तकें प्रयोग में ली जाती है, उनको नियमित तौर पर वापस यथास्थान पर रखने की व्यवस्था को सुचारू बनाए, जिससे अगले दिन इन बुक्स को  तलाशने में कोई दिक्कत नहीं आए। पुस्तकालय में साफ-सफाई व्यवस्था, शनिवार एवं रविवार को स्वच्छता अभियान चलाया जाए। इसके लिए स्टूडेंट्स को भी प्रेरित किया जाए। वहीं नई किताबों की सूची को लगातार अपडेट करते हुए उसे नोटिस बोर्ड सहित कॉमन स्पेस पर चस्पा की जाए। </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 11 Jun 2023 10:44:13 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पुस्तकालय भवन मामले में आयुक्त नगर निगम दक्षिण को नोटिस </title>
                                    <description><![CDATA[दादाबाड़ी स्थित नगर निगम कोटा द्वारा बनवाया गया पुस्तकालय भवन घटिया निर्माण और रखरखाव के अभाव में बनने के 6 वर्ष में ही जर्जर हो गया। इससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है ।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/notice-to-commissioner-nagar-nigam-south-in-library-building-case/article-45210"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-05/court-hammer051.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। स्थाई लोक अदालत ने पुस्तकालय भवन के घटिया निर्माण और रखरखाव के अभाव में जर्जर होने के मामले में सुनवाई करते हुए आयुक्त नगर निगम दक्षिण  को नोटिस जारी कर 30 मई तक जवाब तलब किया है । इस मामले में एडवोकेट लोकेश कुमार सैनी ने एक जनहित याचिका दायर करते हुए बताया कि दादाबाड़ी स्थित नगर निगम कोटा द्वारा बनवाया गया पुस्तकालय भवन घटिया निर्माण और रखरखाव के अभाव में बनने के 6 वर्ष में ही जर्जर हो गया। इससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है । इस भवन का उद्घाटन 18 दिसंबर 2016 को किया गया था ।</p>
<p>इसके बाद देखरेख के अभाव में इसकी छत का प्लास्टर दो स्थानों से गिर गया। दीवारों का प्लास्टर भी अब नीचे आने लगा है । फर्नीचर  बेकार हो रहा है । नगर निगम  आयुक्त (दक्षिण) की अनदेखी से आए दिन रेलिंग ,गेट ,खिड़कियां, पंखे चोरी हो रहे हैं। खंडहर में तब्दील हो चुके इस भवन में दिन-रात असामाजिक तत्वों का जमावड़ा रहता है। इस मामले में अदालत ने सुनवाई करते हुए आयुक्त नगर निगम दक्षिण को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 10 May 2023 16:43:11 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>एबीवीपी के कार्यकर्ताओं ने लाइब्रेरी का तोड़ा ताला </title>
                                    <description><![CDATA[अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने राजस्थान विश्वविद्यालय में कई सालों से बंद नई लाइब्रेरी बीआर अंबेडकर सेंट्रल लाइब्रेरी का ताला तोड़ दिया। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jaipur-abvp-workers-broke-the-lock-of-library-in-university/article-12041"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/abvp-copy.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने राजस्थान विश्वविद्यालय में कई सालों से बंद नई लाइब्रेरी बीआर अंबेडकर सेंट्रल लाइब्रेरी का ताला तोड़ दिया। विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ता विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार पर एकत्रित हुए और नारे लगाते हुए सेंट्रल लाइब्रेरी की तरफ बढ़ते गए। कार्यकर्ताओं ने वहां लगे हुए ताले को तोड़कर लाइब्रेरी में प्रवेश किया।</p>
<p>इस दौरान पुलिस प्रशासन ने विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं पर लाठीचार्ज किया। कई कार्यकर्ताओं को चोट आई, लेकिन विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं ने लाइब्रेरी का निरीक्षण किया। लाइब्रेरी में लाइट और फर्नीचर नहीं है। विद्यार्थी परिषद ने विश्वविद्यालय प्रशासन को आगाह किया कि लाइब्रेरी में यह सारी सुविधाएं की जाए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 13 Jun 2022 15:55:51 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>35 लाख रुपए की लागत से बनेगा स्टेडियम व पुस्तकालय</title>
                                    <description><![CDATA[निकट गांव रामसरा में देश की युवा पीढ़ी को खेलों से जोड़ने के लिए स्टेडियम व शिक्षा से जोड़ने के लिए लाईब्रेरी का नींव पत्थर सरपंच रमनदीप कौर, सामाजिक कार्यकर्ता हरदीप, रोडी कपूरा ग्राम पंचायत सचिव कृष्ण गोदारा, पूर्व सचिव विमला स्वामी सहित समस्त ग्रामवासियों द्वारा रखी गई।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/hanumangarh/stadium-and-library-to-be-built-at-a-cost-of/article-11439"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/ramsara.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>हनुमानगढ़।</strong> निकट गांव रामसरा में देश की युवा पीढ़ी को खेलों से जोड़ने के लिए स्टेडियम व शिक्षा से जोड़ने के लिए लाईब्रेरी का नींव पत्थर सरपंच रमनदीप कौर, सामाजिक कार्यकर्ता हरदीप, रोडी कपूरा ग्राम पंचायत सचिव कृष्ण गोदारा, पूर्व सचिव विमला स्वामी सहित समस्त ग्रामवासियों द्वारा रखी गई। गुरूद्वारा साहिब से पाठी बाबा प्रेम सिंह द्वारा क्षेत्र की सुख स्मृद्धि व खुशहाली की कामना को लेकर अरदास की गई, जिसके पश्चात नींव पत्थर रखा गया। सरपंच रमनदीप कौर ने बताया कि गांव की प्रतिभाओं को अभ्यास के लिए शहर जाना पड़ता था और अब गांव में उक्त स्टेडियम बनने से गांव की अनेकों प्रतिभाओं को उचित मार्गदर्शन तो मिलेगा साथ ही अनेकों प्रतिभाएं राष्ट्रीय व अर्न्तराष्ट्रीय<strong> </strong>स्तर पर अपना उत्कृष्ट प्रदर्शन कर गांव, जिला व राज्य का नाम रोशन करेंगे। उन्होने बताया कि 2 बीघा भूमि पर चार खेल मैदान जिसमें बॉस्केट बॉल, कबडडी, खोखो, टेनिस, बालीबॉल के खेल मैदान आधुनिक सुख सुविधाओं के साथ 35 लाख रूपये की लागत से तैयार होंगे व साथ ही विद्यार्थियों के लिए आधुनिक पुस्तकालय का निर्माण भी करवाया जा रहा है जिससे कि विद्यार्थियों को शिक्षा ग्रहण करने के लिए कहीं दूर न जाना पड़े। उन्होंने बताया कि खेलों को बढ़ावा देने के उद्देश्य इस 2 बीघा भूमि पर लाखों रूपये खर्च कर इसे देश की युवा पीढ़ी के लिए तैयार किया गया है। इस मौके पर सरदार महेन्द्र सिंह लम्बडदार, वार्ड पंच धर्म सिंह, जगमोहन सिंह, मलकीत राम बाजीगर, उपसरंपच रघुवीर, हरभजन सिंह रोडीकपूरा, हरभगवान सिंह, रसपिन्द्र सिंह, गुरलाल सिंह, जोरा सिंह चन्दभान वाला, रामसिंह भुल्लर, मनीराम मंगलाव, रत्तीराम सूडा, तेज सिंह ढिल्लो, लाभ सिंह भुल्लर, हरनेक सिंह भुल्लर आदी मौजूद थे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>हनुमानगढ़</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 06 Jun 2022 14:34:53 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पुरातत्व विभाग की लाइब्रेरी में बसा 11 हजार से अधिक किताबों का संसार, कई किताबें 100 साल से ज्यादा पुरानी </title>
                                    <description><![CDATA[कहते हैं कि किताबें ही आदमी की सच्ची दोस्त होती हैं और दोस्तों से ही आदमी की पहचान भी। कुछ ऐसी ही खास किताबों का संग्रह पुरातत्व एवं संग्रहालय विभाग की लाइब्रेरी में है, जहां 11 हजार 070 प्राचीन और ऐतिहासिक किताबों का संसार है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jaipur-11-thousand-books-in-library-of-department/article-8427"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-04/465654646.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। कहते हैं कि किताबें ही आदमी की सच्ची दोस्त होती हैं और दोस्तों से ही आदमी की पहचान भी। कुछ ऐसी ही खास किताबों का संग्रह पुरातत्व एवं संग्रहालय विभाग की लाइब्रेरी में है, जहां 11 हजार 070 प्राचीन और ऐतिहासिक किताबों का संसार है। इनमें मूर्तिकला, चित्रकला, मध्यकालीन इतिहास, स्थापत्य कला, पुरातत्व शास्त्र, ललिता कला, मुद्रा शास्त्र और इतिहास विषय पर 100 से 130 साल पुरानी किताबों का अच्छा संग्रह देखने को मिलता है। इनमें मुख्यतय 1894 में मुंशी हरदास सिंह भार्गव द्वारा लिखी ‘राजस्थान ज्योग्राफी’, हैंडले द्वारा 1895 में लिखी किताब हैंडबुक ऑफ जयपुर म्यूजियम, 1890 में लिखी पुस्तक जयपुर पोर्टफोलियो’ सहित अन्य शामिल हैं। कहा जाए, तो यहां 19वीं शताब्दी के उतरार्द्ध से वर्तमान तक की किताबों का संग्रह है।  </p>
<p><strong>25 किताबों का डिजिटलाइजेशन</strong><br />पुरातत्व एवं संग्रहालय विभाग ने आधिकारिक वेबसाइट पर ई-पुस्तकालय का विकल्प भी दिया है। जहां शोधार्थी आहाड में उत्खनन, भारत के देसी राज्य, संरक्षण नियमावली, चन्द्रावती, पुरातात्विक अवशेष और खुदाई सांभर, द ममी, जयपुर शहर का इतिहास, रायर की खुदाई, जयपुर संग्रहालय के लिए हाथ पुस्तिका, भारत के वस्त्र निर्माण के चित्रण, उल्वर और इसकी कला खजाने, एशियाई कालीन, सरकार जयपुर अधिनियम, 1944 सहित 25 किताबों की जानकारी दी गई है।</p>
<p><strong>कई किताबें हैं 100 साल से ज्यादा पुरानी</strong><br />विभाग की लाइब्रेरी में 100 से अधिक साल पुरानी किताबों की संग्रह है, जहां अध्ययन में रूचि रखने वाले शोधार्थी आकर इन्हें पढ़ते हैं।<br /><strong>- खड़गावत, निदेशक, पुरातत्व एवं संग्रहालय विभाग</strong><br /><br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jaipur-11-thousand-books-in-library-of-department/article-8427</link>
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                <pubDate>Sat, 23 Apr 2022 12:13:07 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पुस्तकालय किसी भी समाज के ज्ञान मंदिर</title>
                                    <description><![CDATA[राष्ट्रीय  पुस्तकालय  सप्ताह  पर  विशेष]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E0%A4%AA%E0%A5%81%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%A4%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%B2%E0%A4%AF-%E0%A4%95%E0%A4%BF%E0%A4%B8%E0%A5%80-%E0%A4%AD%E0%A5%80-%E0%A4%B8%E0%A4%AE%E0%A4%BE%E0%A4%9C-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%9C%E0%A5%8D%E0%A4%9E%E0%A4%BE%E0%A4%A8-%E0%A4%AE%E0%A4%82%E0%A4%A6%E0%A4%BF%E0%A4%B0/article-2567"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-11/libary_pustkalay.jpg" alt=""></a><br /><p>भारत में राष्ट्रीय पुस्तकालय सप्ताह 14-20 नवंबर को मनाया जाता है। भारतीय राष्ट्रीय पुस्तकालय आंदोलन के प्रणेता आई। वी. रमैय्या द्वारा 1912 में 14 नवंबर को मद्रास में पुस्तकालय गोष्ठी का आयोजन किया गया था। 1968 से 14-20 नवंबर के बीच राष्ट्रीय पुस्तकालय सप्ताह का आयोजन किया जाता है। पुस्तकालय किसी भी समाज के ज्ञान के मंदिर की  तरह है। 15वीं शताब्दी में प्रेस मशीन के आविष्कार के साथ पुस्तकालयों की तस्वीर बदली और पुस्तकों, समाचार पत्रों और पत्रिकाओं के प्रकाशन में उल्लेखनीय वृद्धि हुई। ब्रिटिश शासन के दौरान भारत में इंपीरियल पब्लिक लाइब्रेरी की स्थापना की गई थी। कुछ वर्षों तक यह पुस्तकालय केवल विशिष्ट व्यक्तियों के उपयोग तक ही सीमित था। लेकिन 1930 में इसे सामान्य लोगों के उपयोग के लिए मंजूरी दे दी गई। कोनीमारा पब्लिक लाइब्रेरी चेन्नई में और एशियाटिक सोसाइटी लाइब्रेरी मुंबई में खुली। इन पुस्तकालयों के विकास में अंग्रेजों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। लेकिन ये पुस्तकालय भारतीय नागरिकों के लिए बहुत उपयोगी नहीं थे, क्योंकि इनमें रखी अधिकांश पुस्तकें विदेशी भाषाओं में थीं। हालांकि पुस्तकालय का उपयोग केवल शिक्षित लोग ही करते थे, खासकर वे लोग जिन्हें विदेशी भाषाओं का ज्ञान था। फिर भी इन पुस्तकालयों का भारत की स्वतंत्रता में महत्वपूर्ण योगदान था। उदाहरण के लिए अन्य देशों के शासन और स्वतंत्रता के बारे में पुस्तकों में पढ़कर स्वतंत्र होने की भावना जागृत हुई।</p>
<p>पिछले दिनों राजस्थान के दूरदराज के गांव और ढ़ाणियों में बच्चों के लिए जोधपुर जिले के 30 गांवों में रूम टू रीड और जिला प्रशासन की ओर से चलाए जा रहे अंतरराष्ट्रीय रीडिंग कैंपेन के तहत ऊंट गाड़ी पर पहली मोबाइल लाइब्रेरी शुरू हुई। इसमें करीब 1500 किताबें हैं, जिनमें सबसे ज्यादा स्टोरी और ड्राइंग की हैं। इस लाइब्रेरी में एक स्टोरी टेलर है, जो बच्चों को कहानियां सुनाएगा। लाइब्रेरी जहां जाती है, वहां यदि टीचर नहीं है तो पैरेंट्स को बच्चों को किताब पढ़कर विषय के बारे में समझाना होता है। यदि आसपास कोई टीचर होता है तो पैरेंट्स की जगह वह बच्चों को कहानियां पढ़कर सुनाता है और मतलब समझाता है। यह लाइब्रेरी जहां जाती है, वहां के स्कूल में किताबें रखकर आ जाती है। यदि किसी बच्चे को किताब पढ़ना हो तो स्कूल से इशू करा सकते हैं। विकासशील देशों की तुलना में विकसित देशों में अधिक शोध कार्य किया जाता है। अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस जैसे विकसित देशों के पीछे रिसर्च की अहम भूमिका है। नए शोध के परिणामस्वरूप इन देश के निवासियों के जीवन स्तर में सुधार हो रहा है, साथ ही इस तकनीक के अन्य देशों में स्थानांतरित हो जाने से अन्य देशों को भी लाभ मिल रहा है। इसलिए पुस्तकालय विभिन्न माध्यमों से अपने उपयोगकर्ताओं को नए शोधों के बारे में अद्यतन जानकारी प्रसारित करते रहते हैं।डिजिटल लाइब्रेरी के इस युग में शोधकर्ता न केवल अपने देश के पुस्तकालयों से बल्कि अन्य देशों के पुस्तकालयों से भी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। पुस्तकालय अनुसंधान एवं विकास तथा उद्योग व व्यापार के प्रचार-प्रसार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। किसी देश का विकास उसके उद्योगों और व्यापार पर निर्भर करता है। उद्योगों के विकास के लिए निरंतर अनुसंधान की आवश्यकता होती है, जैसे-कम लागत, उत्पादित माल का उचित वितरण, उत्पाद गुणवत्तापरक, पर्यावरणीय क्षति से बचाव आदि। इस तरह उद्योग व व्यापार की ज्ञानपरक सूचनाएं देने का कार्य विशिष्ट पुस्तकालय ही करते हैं। अत: विशिष्ट पुस्तकालय किसी विशिष्ट समूह के लिए उनके आवश्यकतानुसार पाठ्य सामग्री उपलब्ध करवाते हैं। जैसे-उद्योग एवं व्यापार, शोध एवं तकनीकी विकास आदि के पुस्तकालय। वैज्ञानिकों को अपने शोध कार्यों में लगे रहने के कारण उनके पास समयाभाव रहता है। अत: नवीन प्रकाशित सूचनाएंउनके आवश्यकतानुसार छांटकर पुस्तकालय ही प्रदान करता है। इस तरह ये पुस्तकालय विषयानुसार सूचनाओं को अलग करके उनको संबद्ध प्रयोगकर्ताओं तक पहुंचाते हैं।वर्तमान में पुस्तकालयों का तेजी से विकास हुआ है। चाहे वह शैक्षणिक संस्थानों में पुस्तकालयों को अनिवार्य बनाने की बात हो या विभिन्न स्तरों पर सार्वजनिक पुस्तकालयों की स्थापना, जैसे कि जिला स्तर पर, ब्लॉक स्तर पर और ग्राम स्तर पर। जिन राज्यों में पुस्तकालय अधिनियम पारित किया गया है, वहां पुस्तकालयों का तेजी से विकास हो रहा है। सरकार पुस्तकालय शिक्षा पर अधिक जोर दे रही है। विश्वविद्यालय स्तर पर पुस्तकालय एवं सूचना विभाग खोला गया है। दूरस्थ शिक्षा प्रणाली में पुस्तकालय विज्ञान विभाग भी उपलब्ध है, जहां से पुस्तकालय में कार्यरत कर्मचारी अपनी उच्च शिक्षा जारी रख सकते हैं। आज पुस्तकालय नई सूचना संचार प्रौद्योगिकी को अपनाकर उपयोगकर्ताओं की विभिन्न प्रकृति की जरूरतों को पूरा करने का प्रयास करते हैं। पुस्तकालय भी आपसी सहयोग के माध्यम से उपयोगकर्ताओं को संतुष्ट करने का प्रयास करते हैं।भारत के पुस्तकालय विज्ञान को एक अलग विषय के रूप में मान्यता देने में डॉ. एस.आर. रंगनाथन का विशेष योगदान है। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने अकादमिक पुस्तकालयों के विकास के लिए डॉ. एस.आर. रंगनाथन की अध्यक्षता में एक पुस्तकालय समिति का भी गठन किया। इस समिति के सुझावों ने पुस्तकालयों के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इसके बाद 1964 में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग द्वारा कोठारी आयोग का गठन किया गया।<br />         <strong>-देवेन्द्रराज सुथार<br /> (ये लेखक के अपने विचार हैं)</strong><br /> <br /> जिसका सबसे महत्वपूर्ण सुझाव यह था कि प्रत्येक विश्वविद्यालय में एक केंद्रीय पुस्तकालय के साथ-साथ प्रत्येक विभाग के लिए एक विभागीय पुस्तकालय भी होना चाहिए। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने 1991 में प्रोफेसर यशपाल की अध्यक्षता में सूचना और पुस्तकालय नेटवर्क की स्थापना की। जिसका उद्देश्य अकादमिक पुस्तकालयों का विकास करना है और पुस्तकालयों के बीच आपसी समन्वय हो ताकि पुस्तकालयों में संचालित होने वाले कार्यों की पुनरावृत्ति न हो, शैक्षणिक पुस्तकालयों के कार्यों में एकरूपता बनी रहे तथा सूचना संचार तकनीक का प्रयोग अधिकतम हो।<br /> <br /> <br /> प्राचीन काल से लेकर अब तक पुस्तकालयों का उत्तरोत्तर विकास हुआ है। आज पुस्तकालय में संग्रहित पुस्तकें सजावट के लिए नहीं बल्कि समाज के सभी वर्गों के उपयोग के लिए उपलब्ध है। पुस्तकालयों के तीव्र विकास के लिए समाज के सभी वर्गों को आगे आना चाहिएए विशेषकर पुस्तकालय से संबंधित छात्रोंए अध्यापकों व अन्य कर्मचारियों तथा पुस्तकालय संगठन को। आधुनिक पुस्तकालय ज्ञान एवं सूचनाप्रद सामग्री का अधिग्रहण करके उनको इस तरह व्यवस्थित करें ताकि सूचनाओं का अधिकतम उपयोग हो सके। पुस्तकालय न केवल पठनीय सामग्री से भरपूर बल्कि पुस्तकालय भवन भी सुविधा संपन्न होना चाहिए ताकि पाठकों को आकर्षित कर सके। सूचना संचार एवं प्रौद्योगिकी का प्रयोग करके पुस्तकालयों के सेवाओं को कंप्यूटरों तथा दूरसंचार नेटवर्क के माध्यम से अंतिम उपयोगकर्ता तक सूचना की पहुंच हो सकेए यही पुस्तकालयों की आधुनिक अवधारणा है। विकसित देशों की तुलना में भारत में पुस्तकालय का विकास धीमा रहा हैए इसके पीछे मुख्य कारण निरक्षरता है। निरक्षरता के कारण यहां के लोगों में पुस्तकालयों के प्रयोग और उपयोग की भावना विकसित नहीं हो सकी। दूसरा मुख्य कारण अनुदान की कमी है। आज भी अधिकांश रा’यों में पुस्तकालय अधिनियम पारित नहीं हुआ हैए इसलिए पुस्तकालयों के लिए अनुदान प्राप्त करने में कठिनाई आती है। जहां पुस्तकालय अधिनियम पारित किया गया हैए वहां पुस्तकालयों की स्थिति बेहतर हैं।<br /> <span style="color:#ff0000;"><br /> वर्तमान में पुस्तकालयों का तेजी से विकास हुआ है</span>। चाहे वह शैक्षणिक संस्थानों में पुस्तकालयों को अनिवार्य बनाने की बात हो या विभिन्न स्तरों पर सार्वजनिक पुस्तकालयों की स्थापना, जैसे कि जिला स्तर पर, ब्लॉक स्तर पर और ग्राम स्तर पर। जिन राज्यों में पुस्तकालय अधिनियम पारित किया गया है, वहां पुस्तकालयों का तेजी से विकास हो रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
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                <pubDate>Sat, 20 Nov 2021 14:06:00 +0530</pubDate>
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