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                <title>forest area - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>forest area RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>सरिस्का वन क्षेत्र लगी आग पर पाया काबू,  100-150 हैक्टेयर वन क्षेत्र हुआ प्रभावित</title>
                                    <description><![CDATA[ बाघ परियोजना सरिस्का अधीन टहला रेंज के उमरी, देवरी, थांई एनीकट के सामने के पहाडी क्षेत्र में 31 मार्च को आग लग गई थी]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/sariska-forest-area-caught-on-fire-100-150-hectare-forest-area/article-109465"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-04/57478.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। बाघ परियोजना सरिस्का अधीन टहला रेंज के उमरी, देवरी, थांई एनीकट के सामने के पहाडी क्षेत्र में 31 मार्च को आग लग गई थी। दुर्गम स्थान पर होने, आवागमन के रास्ते व साधन नहीं होने से आग बुझाने में वन विभाग को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। बुधवार को सुबह तक वन विभाग के स्टाफ ने आग पर काबू पाया।</p>
<p>इस दौरान रेंज सरिस्का, टहला, अकबरपुर, तालवृक्ष, अलवर बफर, उडनदस्ता के स्टाफ व स्थानीय व्यक्तियों ने भी सहयोग किया। वन क्षेत्र में आग लगने से लगभग 100-150 हैक्टेयर वन क्षेत्र प्रभावित हुआ है। जिसमें सूखे पत्ते, झाड, बांस व कुछ वनस्पति का नुकसान हुआ है। वहीं इसमें किसी भी वन्यजीव की क्षति नहीं हुई है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 02 Apr 2025 18:46:03 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
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                <title>वन क्षेत्र में खुले आम हो रही है पेड़ों की कटाई, सरकार हर साल पौधारोपण के लिए करती है लाखों खर्च</title>
                                    <description><![CDATA[राज्य सरकार के वन मंत्री द्वारा हर साले पर्यावरण बचाने के लिए पेड़ लगाने का अभियान चलाया जाता है, वहीं दूसरी ओर से कई लोग पेड़ों की अवैध कटाई कर जंगल साफ करने में लगे हुए हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/trees-are-being-cut-openly-in-the-forest-area/article-102791"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-02/257rtrer.png" alt=""></a><br /><p>बूढ़ादीत। बूढ़ादीत थाना क्षेत्र के वन विभाग क्षेत्र में धड़ल्ले के साथ अवैध रूप से पेड़ों की कटाई का कार्य किया जा रहा है। जानकारी के अनुसार बूढ़ादीत क्षेत्र के ग्राम पंचायत बिसलाई व धनसुरी गांवों में अवैध रूप से नियमों को ताक पर रखकर वन क्षेत्र में पेड़ों कटाई की जा रही है। एक ओर तो राज्य सरकार के वन मंत्री द्वारा हर साले पर्यावरण बचाने के लिए पेड़ लगाने का अभियान चलाया जाता है, वहीं दूसरी ओर से कई लोग पेड़ों की अवैध कटाई कर जंगल साफ करने में लगे हुए हैं। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला भी हर वर्ष पौधारोपण अभियान चलाकर लाखों पौधे लगाने की कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी सौंपते हैं।  </p>
<p>वन विभाग के अधिकारी कुछ जनप्रतिनिधियों की मिली भगत से प्लांटेशन के नाम पर धनसुरी एवं बिसलाई गांव में सैंकड़ों बीघा के जंगल काटकर मोटी कमाई करने में जुटे हुए हैं। यहां रोज लकड़ी से भरे ट्रक खुले आम गुजरते हैं। इन पर कार्रवाई नहीं की गई तो सुल्तानपुर वन विभाग कार्यालय के बाहर धरना दिया जाएगा। <br /><strong>-हेमंत मीणा, जिला परिषद सदस्य, बिसलाई</strong></p>
<p>लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला हर वर्ष ग्रीन कोटा के लिए पौधारोपण अभियान चलाकर हजारों पौधों का रोपण करवाते हैं। अगर हमारे क्षेत्र में वन विभाग की लापरवाही एवं मिली भगत से जंगल को नष्ट किया जा रहा है तो इनके विरुद्ध उच्च अधिकारियों को कार्रवाई करनी चाहिए। यदि अवैध जंगल कटाई को नहीं रोका गया तो वन मंत्री को लिखित में अवगत कराएंगे।<br /><strong>-देवेश भारद्वाज, भाजपा नेता, धनवां</strong></p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br /> बिसलाई ग्राम में अवैध रूप से जंगल कटाई की सूचना पर मौके पर पहुंचे तो पाया कि वहां पर लकड़ी कटाई की गई थी। जिसको जब्त किया गया। साथ ही धनसुरी गांव में प्लांटेशन का कार्य चल रहा है। फिर भी यदि जंगल कटाई अवैध रूप से की गई है तो उसकी जांच कर कार्रवाई करेंगे। <br /><strong>-मोनिका मीणा, रेंजर, वन विभाग, सुल्तानपुर  </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 01 Feb 2025 17:28:10 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>वन विनाश जारी, कुंभकरणी निद्रा में लीन वन अधिकारी</title>
                                    <description><![CDATA[वन विभाग के कोई भी अधिकारी यहां जंगलों में सुरक्षा गश्त के लिए आते ही नही।   ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/baran/forest-destruction-continues-in-kota-rajasthan-forest-officer/article-56830"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-09/van-vinash-jaari,-kumbhkarni-nidra-mei-leen-van-adhikari...kelwada-news-baran...11.9.2023.jpg" alt=""></a><br /><p>केलवाड़ा। केलवाड़ा वन क्षेत्र अंतर्गत अवैध पेड़ कटाई से वनों का उजाड़ना आज भी बदस्तूर जारी है। वनों का विलुप्त होना ये कोई नई बात नही बल्कि ये सिलसिला केलवाड़ा वन क्षेत्र में लंबे समय से चला आ रहा है। विडंबना ही है कि जिन लोगों पर वनों की सुरक्षा का भार सौंपा जाता रहा है। वही लोग वनों के विनाश का खेल  देख रहे है। इसका प्रमाण क्षेत्र के जंगलों को देख कर लगाया जा सकता है। आखिर सरकार और उसके नुमाइंदे वनों के महत्व को क्यो नजरंदाज कर रहे है। वे उनकी सुरक्षा व्यवस्था के प्रति इतने लापरवाह क्यों है? अफसोस तो इस बात का है कि जंगल के अधिकारियों ने वनभूमि को अतिक्रमियों व अवैध खननकर्ताओं के हाथों मानो बेच दिया हो। लेकिन वन क्षेत्र के जंगल में पेड़ों की कटाई की जा रही है उसके कटे हुए ठुठ को देख साफ जाहिर होता है कि वनोंं की सुरक्षा में तैनात अधिकारी ने वनों को भू माफियाओं के हवाले कर दिया हैं।</p>
<p><strong>वृक्षों की अवैध कटाई हो रही बेधड़क</strong><br />वन परिक्षेत्र केलवाड़ा में खांखरा रोड पर बेशकीमती सागौन के वृक्षों की अधिकता है जिनकी अवैध कटाई चोरो द्वारा बेधड़क की जा रही है एवं सरकार द्वारा इनकी सुरक्षा के लिए बनाई चार दीवारी को सरेआम अवैध खननकर्ताओं द्वारा बेचा जा रहा है इतना ही नही यहां वनों की सुरक्षा के लिए रेंज अफसर मौजूद है, किन्तु वन विभाग के कोई भी अधिकारी यहां जंगलों में सुरक्षा गश्त के लिए आते ही नही, इसलिए दिन व रात में पेड़ों को काटने का खेल सरेआम खेला जा रहा है वन विभाग के आला अधिकारी तमाशबीन बन सारा खेल मजे से देख रहे है। ऐसा लगता है कि ये जंगल की कटाई अधिकारी और भूमाफिया के मेलजोल का ही परिणाम है। केलवाड़ा वन विभाग के अधीन जंगलों में इन दिनों  दिनदहाड़े अवैध कटाई  की जा रही है। ये सरकार को ध्यान देना चाहिए। इतना ही नही वन विभाग के अधिकारी मौके पर जाकर मुआयना भी नही करते है। दर्जनों बीघा वन भूमि का भू-माफियाओं ने वनों का स्वरूप बिगाड दिया है। इस वर्ष भूमाफियाओं ने केलवाड़ा वन रेंज के गणेशपुरा, पीपलखेड़ी, केलवाड़ा, भंवरगढ़, समरानियां, खंडेला समेत दर्जनों नाको की वन भूमि  में इस वर्ष करीबन 2000 से 3000 बीघा वन भूमि पर अतिक्रमण हुआ है। मुहाल के पास तो भूमापियाओं ने 700 से 800 बीघा वन भूमि पर नया अतिक्रमण किया है। खुशियारा पॉलिटेक्निक महाविद्यालय के पीछे करीबन 300 से 500 बीघा वन भूमि पर,चन्दनहेड़ा के पास प्लांटेशन पर ही भूमाफियाओं ने कब्जा कर लिया है। इसके अलावा सूखा सेमली,गणेशपुरा, अजरोंडा के पास भी बड़े पैमाने पर अतिक्रमण हुआ है। महीने में एक दो बार अवैध खनन में लिप्त ट्रैक्टर ट्राली को पकड़ लिया जाता है तो बिना रशीद काटे ट्रैक्टर  ट्रॉलियों को छोड़ दिया जाता है। आए दिन दिनदहाड़े जेसीबी पोकलैंड एवं दर्जनों ट्रैक्टर ट्रोलियो की मदद से अवैध खनन को अंजाम दिया जा रहा है।<br /><br /><strong>वन भूमि पर लहलहा रही फसल</strong><br />जंगलों की सुरक्षा में नियुक्त अधिकारी एवं कर्मचारियों द्वारा वनों की सुरक्षा में लापरवाही का ही परिणाम है कि जंगलों में परिपक्व  पेड़ों पर सरेआम कुल्हाडियां चल रही एवं वन विभाग के कार्यालय से कुछ ही दूरी पर बड़े पैमाने पर अवैध खनन किया जा रहा है। सबसे बड़ी बात तो यह है कि वन विभाग के रेंज कार्यालय के पास वन भूमि पर फसल लहरा रही है अपने कर्तव्यों के प्रति लापरवाह होने की तरफ इंगित करता है और वन विभाग को सवालों के कटघरे खड़ा करने के लिये पर्याप्त है।    </p>
<p><strong>क्षेत्र के दर्जनों प्लांटेशन की चारदीवारी हुई गायब</strong><br />वर्तमान में राज्य सरकार एवं केंद्र सरकार द्वारा पेड़ों को बचाने के लिए कई प्रकार के कदम उठाए जा रहे हैं जिलों में लव कुश वाटिका बनाई जा रही है। इसके अलावा भी वृक्षों को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएं चलाई जा रही हैं एवं वृक्षों को बचाने के लिए सरकार द्वारा लाखों रुपए खर्च कर चार दिवारी की जा रही है लेकिन इन चार दिवारीयों पर अवैध खनन कतार्ओं की नजर मात्र से ही देखते ही देखते चार दिवारी गायब हो जाती है। केलवाड़ा बन क्षेत्र में बनाए गए दर्जनो प्लांटेशन की चार दिवारी को अब तक गायब कर दिया है। दिनदहाड़े ट्रैक्टर ट्राली की मदद से केलवाड़ा समेत केलवाड़ा के आसपास के गांव में खुलेआम बेचा जा रहा है ऐसा नहीं है कि यह मामला वन विभाग के अधिकारियों को मालूम नहीं हो सब कुछ उनकी मिली भगत से हो रहा है। पर्यावरण प्रेमियों द्वारा कई बार इसकी शिकायत की परंतु मौके पर जाने से पहले ही भू-माफियाओं को सूचना दे दी जाती है एवं सबसे लंबे रास्ते से मौके पर वन विभाग द्वारा पहुंचने का प्रयास किया जाता है ताकि भूमाफियाओं को पर्याप्त समय भगाने के लिए मिल सके।</p>
<p><br />अतिक्रर्मियों एवं भू-माफियाओं पर सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी जगह-जगह वन विभाग के कर्मचारियों द्वारा गश्ती की जाएगी। <br /><strong>- रामकिशन नागर, फॉरेस्टर, केलवाड़ा।</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बारां</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 11 Sep 2023 16:24:15 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>मालवीय नगर में तीन घंटे लेपर्ड की दहशत</title>
                                    <description><![CDATA[झालाना वन क्षेत्र से निकलकर घुसा आबादी क्षेत्र में, ट्रेंकुलाइज कर घर से बाहर लाने पर लोगों ने भारत माता की जय के लगाए नारे]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E0%A4%AE%E0%A4%BE%E0%A4%B2%E0%A4%B5%E0%A5%80%E0%A4%AF-%E0%A4%A8%E0%A4%97%E0%A4%B0-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%A4%E0%A5%80%E0%A4%A8-%E0%A4%98%E0%A4%82%E0%A4%9F%E0%A5%87-%E0%A4%B2%E0%A5%87%E0%A4%AA%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%A1-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%A6%E0%A4%B9%E0%A4%B6%E0%A4%A4/article-3354"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-12/painthor1.jpg" alt=""></a><br /><p> जयपुर। झालाना वन क्षेत्र से एक मेल लेपर्ड मालवीय नगर स्थित आबादी क्षेत्र में आ धमका, जिससे स्थानीय निवासियों में हड़कम्प मच गया।  रविवार सुबह 8 बजे मालवीय नगर के सेक्टर-5 और सेक्टर-7 के स्थानीय निवासियों को लेपर्ड की मूवमेंट देखी तो वन विभाग को सूचित किया।  क्षेत्रीय वन अधिकारी जनेश्वर चौधरी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और करीब तीन घंटे की मशक्कत के बाद सुबह 11 बजे सेक्टर-7 के मकान नम्बर 7/225 से लेपर्ड को ट्रेंकुलाइज कर रेस्क्यू किया।  इस दौरान डॉ.अशोक तंवर ने लेपर्ड को ट्रेंकुलाइज किया।   इसकी पहचान झालाना रिजर्व के मेल लेपर्ड सुल्तान के रूप में हुई है, जिसे रेस्क्यू कर झालाना रेंज ले जाकर स्वाथ्य परीक्षण किया गया।  इससे पहले लेपर्ड मालवीय नगर के सेक्टर-5 के मकान नम्बर 5/04 की छत से होते हुए लॉबी तक पहुंचा।  घर के सदस्यों के शोर मचाने पर लेपर्ड सेक्टर-7 की ओर भागा। इस दौरान मेन रोड पर एक सेलून के गेट का शीशा तोड़ कर पीछे घरों की ओर भागा। गनीमत ये रही कि लेपर्ड ने किसी को नुकसान नहीं पहुंचाया।<br /> <br /> <strong>एक से दूसरे मकान पर लगाई छलांग</strong><br /> लेपर्ड अमूमन रात के अंधेरे में ही मूवमेंट करते हैं। ऐसा ही नर लेपर्ड सुल्तान के साथ हुआ। जो झालाना लेपर्ड रिजर्व से निकलकर मालवीय नगर की आबादी क्षेत्र की ओर आ गया। इस दौरान सेक्टर-5 के कई घरों की छतों पर मूवमेंट करने के बाद सेक्टर 7 की ओर आया। यहां मकान नम्बर 7/224 खाली प्लाट से मकान नम्बर 7/225 की छत पर चढ़ गया। आगे बढ़ते हुए दो मकानों के बीच गैप में फंस गया। लेपर्ड के मूवमेंट के दौरान कॉलोनी की छतों पर लोगों का हुजूम रहा। <br /> <br /> <br />  </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 20 Dec 2021 10:47:27 +0530</pubDate>
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                <title>खंडार वन क्षेत्र में पैंथर की मौत</title>
                                    <description><![CDATA[वन कर्मचारियों ने पैंथर की मौत के कारणों का फिलहाल खुलासा नहीं किया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/sawai-madhopur/%E0%A4%96%E0%A4%82%E0%A4%A1%E0%A4%BE%E0%A4%B0-%E0%A4%B5%E0%A4%A8-%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B7%E0%A5%87%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%B0-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%AA%E0%A5%88%E0%A4%82%E0%A4%A5%E0%A4%B0-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%AE%E0%A5%8C%E0%A4%A4/article-2909"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-12/painthor.jpg" alt=""></a><br /><p>सवाईमाधोपुर। सवाईमाधोपुर के रणथंभौर  की खंडार रेंज के सुखवास गांव के नजदीक एक पैंथर का शव मिलने से वनाधिकारियों में हड़कंप मच गया। जानकारी के अनुसार सुखवास गांव के समीप रणथम्भौर राष्ट्रीय अभ्यारण्य की सीमा के अंदर स्थित जींद बाबा की तलाई के समीप मृत पैंथर का शव ग्रामीणों को पड़ा हुआ दिखाई दिया । जिसकी सूचना रणथंभौर के बोदल रेंज के अधिकारियों को दी गयीं। सूचना पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुचीं और पैंथर के शव को कब्जे में लिया। इस दौरान पैंथर को देखने के लिए मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गयीं। वहीं मौके पर पहुँचे वन कर्मचारियों ने पैंथर की मौत के कारणों का फिलहाल खुलासा नहीं किया। वन विभाग द्वारा पोस्टमार्टम के बाद शव का दाह संस्कार किया जाएगा ।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>सवाई माधोपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 03 Dec 2021 15:54:46 +0530</pubDate>
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                <title>100 फीट से अधिक गहरे कुएं से पैंथर को किया रेस्क्यू</title>
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/100-%E0%A4%AB%E0%A5%80%E0%A4%9F-%E0%A4%B8%E0%A5%87-%E0%A4%85%E0%A4%A7%E0%A4%BF%E0%A4%95-%E0%A4%97%E0%A4%B9%E0%A4%B0%E0%A5%87-%E0%A4%95%E0%A5%81%E0%A4%8F%E0%A4%82-%E0%A4%B8%E0%A5%87-%E0%A4%AA%E0%A5%88%E0%A4%82%E0%A4%A5%E0%A4%B0-%E0%A4%95%E0%A5%8B-%E0%A4%95%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A4%BE-%E0%A4%B0%E0%A5%87%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A5%82/article-2568"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-11/painthor.jpg" alt=""></a><br /><p><strong> जयपुर।</strong> नायला के राहोरी गांव के ग्रामीणों ने शुक्रवार को कुएं में पैंथर गिरने की सूचना वन विभाग को दी। सूचना मिलने पर जयपुर जू से रेस्क्यू टीम दोपहर करीब 3.30 बजे मौके पर पहुंची। टीम ने करीब 2 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद शाम करीब 5.30 बजे पैंथर को ट्रेंकुलाइज कर रेस्क्यू किया। वरिष्ठ पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ.अशोक तंवर ने बताया कि पैंथर तकरीबन 100 फीट से अधिक गहरे कुएं में गिर गया था। जिसे रेस्क्यू करने के लिए वन विभाग के स्टाफ सुरेश चौधरी को पिंजरे में बंद कर रस्सी के सहारे कुएं के अंदर उतारा। कुएं के सूख जाने के कारण अंदर छोटी-छोटी गुफाओं के कारण ट्रेंकुलाइज करने में थोड़ी परेशानी का सामना करना पड़ा, लेकिन इसके बावजूद चौधरी ने कुएं के पैंदे में बैठे पैंथर को सफल ट्रेंकुलाइज किया। डॉ.तंवर ने बताया कि ये नर पैंथर था, जिसकी उम्र करीब साढ़े तीन साल है। इसका स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। जिसमें पैंथर स्वस्थ पाया गया। इसके बाद देर रात पैंथर को वन क्षेत्र में छोड़ दिया गया। रेस्क्यू कार्य के दौरान टीम के राजेन्द्र सिंह, सागर चौधरी का भी सराहनीय सहयोग रहा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>दौसा</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 20 Nov 2021 14:21:41 +0530</pubDate>
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