<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://dainiknavajyoti.com/portal/tag-9263" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Dainik Navajyoti Rising Rajasthan RSS Feed Generator</generator>
                <title>portal - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
                <link>https://dainiknavajyoti.com/tag/9263/rss</link>
                <description>portal RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>ऑनलाइन गेमिंग के नाम पर साइबर ठगी: 3 आरोपी गिरफ्तार, लैपटॉप-टैबलेट समेत कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त </title>
                                    <description><![CDATA[जयपुर पुलिस ने ऑनलाइन गेमिंग के नाम पर धोखाधड़ी करने वाले तीन शातिर ठगों को गिरफ्तार किया है। आरोपी लोगों को मोटा मुनाफा कमाने का झांसा देकर फंसाते थे और जीत की राशि न देकर खिलाड़ियों की आईडी ब्लॉक कर देते थे। पुलिस ने इनके पास से भारी मात्रा में गैजेट्स, डेबिट कार्ड और सिम बरामद किए हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/3-accused-of-cyber-fraud-in-the-name-of-online/article-156968"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/1200-x-600-px2.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। रामनगरिया थाना पुलिस ने ऑनलाइन गेमिंग आईडी बनाकर साइबर ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से एक लैपटॉप, एक टैबलेट, पांच मोबाइल फोन, आठ सिम कार्ड, पांच डेबिट कार्ड, दो चेकबुक, बैंक डिटेल से जुड़े दस्तावेज और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए हैं। पुलिस उपायुक्त पूर्व रंजिता शर्मा ने बताया कि पुलिस ने इस मामले में सीकर जिले के खंडेला निवासी हरफूल यादव (33), जाजोद निवासी राजेंद्र कुमार रूलानियां (23) तथा झुंझुनूं जिले के गुढ़ागोड़जी क्षेत्र निवासी विजेंद्र कुमार (35) को गिरफ्तार किया है। </p>
<p>पुलिस ने रामनगरिया के जगतपुर स्थित चंद्रविला के एक फ्लैट में कुछ युवक ऑनलाइन गेमिंग और साइबर फ्रॉड से जुड़ी गतिविधियां संचालित कर रहे हैं। सूचना के सत्यापन के बाद पुलिस ने मौके पर दबिश दी। ऐसे देते थे ठगी को अंजाम पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी लोगों को ऑनलाइन गेमिंग के जरिए मोटा मुनाफा कमाने का लालच देकर अपने पोर्टल से जोड़ते थे। खिलाड़ियों से पैसे लेकर उन्हें कॉइन उपलब्ध कराए जाते थे। गेम हारने पर रकम आरोपियों के पास रह जाती थी, जबकि जीतने वाले खिलाड़ियों की आईडी ब्लॉक कर दी जाती थी और उन्हें जीती गई राशि का भुगतान नहीं किया जाता था। इस तरह ऑनलाइन गेमिंग के नाम पर लोगों से धोखाधड़ी की जाती थी। आरोपियों द्वारा अलग-अलग लोगों के नाम पर जारी सिम कार्ड और बैंक खातों का भी उपयोग किया जाता था। मामले में आगे की जांच जारी है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/3-accused-of-cyber-fraud-in-the-name-of-online/article-156968</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/3-accused-of-cyber-fraud-in-the-name-of-online/article-156968</guid>
                <pubDate>Sun, 14 Jun 2026 16:01:14 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-06/1200-x-600-px2.png"                         length="429026"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>प्रदूषण पर सरकार का बड़ा प्रहार: दिल्ली-एनसीआर में पुराने कमर्शियल वाहनों को बदलने के लिए 9,585 करोड़ की योजना मंजूर, टैक्स में भारी छूट</title>
                                    <description><![CDATA[केंद्रीय कैबिनेट ने दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण घटाने के लिए ₹9,585 करोड़ की ऐतिहासिक योजना को मंजूरी दी है। इसके तहत पुराने बीएस-4 या उससे पहले के ट्रकों और बसों को इलेक्ट्रिक या बीएस-6 वाहनों से बदला जाएगा। वाहन मालिकों को 5% ब्याज सब्सिडी, ईंधन वाउचर और टैक्स में भारी छूट मिलेगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/cm-rekha-gupta-approves-plan-to-replace-old-trucks-and/article-155890"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/rekha-guprta.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण कम करने के लिए पुराने बीएस-4 या उससे पुराने ट्रकों और बसों को बदलने हेतु 9,585 करोड़ की योजना को मंजूरी दी है। यह योजना राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र योजना बोर्ड (एनसीआरपीबी) द्वारा लागू की जाएगी। केंद्रीय सूचना प्रसारण मंत्री अश्वनी वैष्णव ने बुध्जवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में वायु प्रदूषण कम करने और स्वच्छ परिवहन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक ऐतिहासिक दो वर्षीय योजना को मंजूरी दी है। इस योजना का वित्तपोषण आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय के अधीन राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र योजना बोर्ड (एनसीआरपीबी) करेगी तथा इसका कार्यान्वयन सड़क परिवहन, राजमार्ग मंत्रालय और पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय द्वारा किया जाएगा। यह योजना दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के भागीदार राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के सहयोग से कार्यान्वित की जाएगी।</p>
<p>उन्होंने कहा कि इस योजना के लिए कुल 9,585 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया है, जिसमें केंद्र सरकार द्वारा 5,041 करोड़ रुपये और भागीदार राज्यों द्वारा कर छूट के रूप में अनुमानित 1,601 करोड़ रुपये शामिल हैं। इसका उद्देश्य दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में पंजीकृत उन ट्रकों और बसों के मालिकों को प्रोत्साहित करना है जो बीएस-4 या उससे पहले के उत्सर्जन मानकों का पालन करते हैं, ताकि वे उन्हें बीएस-6 या उससे भी सख्त उत्सर्जन मानकों का पालन करने वाले वाहनों या इलेक्ट्रिक वाहनों से बदल सकें। स्वच्छ परिवहन प्रौद्योगिकियों की ओर बदलाव को गति देकर इस योजना से वाहनों से होने वाले उत्सर्जन में उल्लेखनीय कमी आने और दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में वायु गुणवत्ता में सुधार होने की उम्मीद है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण सर्दियों के मौसम में एक गंभीर जन स्वास्थ्य चुनौती बना हुआ है। ऑटोमोटिव रिसर्च एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एआरएआई) और द एनर्जी एंड रिसोर्सेज इंस्टीट्यूट (टीईआरआई) द्वारा अगस्त 2018 में प्रकाशित "एनसीआर में पार्टिकुलेट मैटर (पीएम 2.5 और पीएम 10) के स्रोत निर्धारण" नामक रिपोर्ट के अनुसार दिल्ली-एनसीआर में पीएम 2.5 का 14 प्रतिशत, कार्बन मोनोऑक्साइड का 40 प्रतिशत और नाइट्रोजन ऑक्साइड का 63 प्रतिशत उत्सर्जन परिवहन क्षेत्र से होता है। परिवहन क्षेत्र में कुल वाहनों की संख्या का केवल 3 प्रतिशत होने के बावजूद ट्रक और बसें पीएम 2.5 उत्सर्जन का 36 प्रतिशत हिस्सा है। बीएस-III या उससे पुराने वाहनों के लिए पंजीकृत वाहन स्क्रैपिंग सुविधाओं पर स्क्रैप कराना अनिवार्य है, जबकि बीएस-4 वाहनों को एनसीआर के बाहर गैर-एनसीएपीशहरों/कस्बों में स्क्रैप या बेचा जा सकता है। इसके बाद मालिकों को एनसीआर के भीतर बीएस-6 या उससे भी सख्त मानकों के अनुरूप या इलेक्ट्रिक वाहन खरीदना और पंजीकृत कराना होगा। दिल्ली में हालांकि इस योजना के तहत खरीदे गए हल्के मालवाहक वाहन इलेक्ट्रिक होने चाहिए, जबकि बसें केवल बीएस-6 सीएनजी या इलेक्ट्रिक होनी चाहिए। सरकारी वाहन इस योजना से बाहर हैं।</p>
<p>इस योजना में सरकार पांच साल के लिए ऋण पर 5 प्रतिशत ब्याज सब्सिडी, वाहन की श्रेणी के आधार पर 4,800 रुपये तक के मासिक ईंधन वाउचर और इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने या जमा प्रमाणपत्र के व्यापार के लिए एकमुश्त लाभ प्रदान करेगी। राज्य सरकारें पंजीकरण शुल्क माफ करेंगी और नए वाहनों पर शत-प्रतिशत तक तथा पुराने वाहनों पर 50 प्रतिशत तक मोटर वाहन कर में छूट प्रदान करेंगी। यह छूट 10 वर्षों के लिए लागू होगी। राज्य सरकार योजना में शामिल पुराने वाहनों पर लंबित देनदारियों को भी माफ कर देगी। ऑटो निर्माता एक्स-शोरूम कीमतों पर 8 प्रतिशत की छूट प्रदान करेंगे।</p>
<p>उन्होंने कहा कि इसका कार्यान्वयन पूरी तरह से डिजिटल होगा और इसके लिए एक एकीकृत पोर्टल बनाया जाएगा, जो वास्तविक समय में पात्रता की जांच, स्वचालित ब्याज सब्सिडी दावों, मासिक ईंधन वाउचर क्रेडिट और प्रदूषण में कमी के परिणामों की निगरानी को सक्षम करेगा। केंद्र सरकार द्वारा दिए जाने वाले लाभ नए वाहन के पंजीकरण की तारीख से 5 वर्षों तक जारी रहेंगे, जिससे दो साल की नामांकन अवधि के बाद भी इसका निरंतर प्रभाव सुनिश्चित होगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/bharat/cm-rekha-gupta-approves-plan-to-replace-old-trucks-and/article-155890</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/bharat/cm-rekha-gupta-approves-plan-to-replace-old-trucks-and/article-155890</guid>
                <pubDate>Wed, 03 Jun 2026 17:37:28 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-04/rekha-guprta.png"                         length="874359"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>RUHS CUET-2026 रिजल्ट जारी: राजस्थान के 216 मेडिकल संबद्ध कॉलेजों में प्रवेश का रास्ता साफ, अभ्यर्थी वेबसाइट पर डाउनलोड कर सकेंगे स्कोरकार्ड</title>
                                    <description><![CDATA[राजस्थान स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय (RUHS) ने आरयूएचएस सीयूईटी 2026 के परिणाम घोषित कर दिए हैं। अभ्यर्थी रोल नंबर की मदद से स्कोरकार्ड डाउनलोड कर सकते हैं। इसके आधार पर राज्य के 216 कॉलेजों की करीब 80,000 नर्सिंग और पैरामेडिकल सीटों पर काउंसलिंग प्रक्रिया जल्द शुरू होगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/ruhs-cuet-2026-result-released-paving-the-way-for-admission/article-155820"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/rush.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय (RUHS) ने आरयूएचएस सीयूईटी 2026 परीक्षा का परिणाम जारी कर दिया है। परीक्षा में शामिल अभ्यर्थी अब आधिकारिक वेबसाइट ruhscuet2026.com पर जाकर अपना स्कोरकार्ड डाउनलोड कर सकते हैं। इसके लिए छात्रों को रोल नंबर और जन्मतिथि की सहायता से लॉगिन करना होगा।</p>
<p>यह प्रवेश परीक्षा राज्य के नर्सिंग, फार्मेसी और अन्य पैरामेडिकल कोर्सेज में दाखिले के लिए आयोजित की जाती है। विश्वविद्यालय के अनुसार, इस वर्ष परिणाम के आधार पर राज्य के 216 संबद्ध कॉलेजों में प्रवेश प्रक्रिया पूरी होगी। काउंसलिंग के जरिए करीब 80 हजार सीटों पर योग्य अभ्यर्थियों को प्रवेश दिया जाएगा। जल्द ही अंतरिम सीट मैट्रिक्स भी जारी की जाएगी।</p>
<p>विश्वविद्यालय ने छात्रों को स्कोरकार्ड में नाम, रोल नंबर और प्राप्त अंकों सहित सभी विवरणों का सावधानीपूर्वक मिलान करने की सलाह दी है। साथ ही स्कोर-वाइज पीडीएफ सूची भी शीघ्र वेबसाइट पर अपलोड की जाएगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>शिक्षा जगत</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/ruhs-cuet-2026-result-released-paving-the-way-for-admission/article-155820</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/ruhs-cuet-2026-result-released-paving-the-way-for-admission/article-155820</guid>
                <pubDate>Wed, 03 Jun 2026 11:59:29 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-06/rush.png"                         length="514430"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>एसआई भर्ती पुनः परीक्षा के लिए डेढ़ लाख से ज्यादा अभ्यर्थियों ने किए आवेदन अपडेट, 20 सितंबर को होगी परीक्षा</title>
                                    <description><![CDATA[राजस्थान लोक सेवा आयोग द्वारा एसआई भर्ती पुनः परीक्षा का आयोजन 20 सितंबर को किया जाएगा। फॉर्म एडिट करने की अंतिम तिथि 30 मई तक 1.53 लाख अभ्यर्थियों ने अपने आवेदन अपडेट किए। इस दौरान अभ्यर्थियों को लाइव फोटो, थंब इम्प्रेशन और सिग्नेचर सुधारने का मौका दिया गया था।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/ajmer/more-than-15-lakh-candidates-applied-for-si-recruitment-re-examination/article-155791"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-11/rpsc.jpg" alt=""></a><br /><p>अजमेर। उप निरीक्षक भर्ती पुनः परीक्षा-2021 के लिए अंतिम तिथि 30 मई तक एक लाख 53 हजार अभ्यर्थियों ने अपने आवेदन पत्र को एडिट कर अपने फॉर्म सबमिट कर दिया। एसआई भर्ती परीक्षा 2021 का पुनः आयोजन 20 सितम्बर (रविवार) को किया जाएगा। आयोग ने एसआई परीक्षा 2021 के 3 लाख 83 हजार 97 अभ्यर्थियों को उनके पूर्व में भरे गए आवेदन पत्रों में आवश्यक सुधार और अपडेट करने का 16 मई से 30 मई तक अवसर दिया था। इस दौरान अभ्यर्थियों को मोबाइल नंबर और ईमेल एड्रेस तथा पत्राचार का पता, लाइव फोटो, थम्ब इम्प्रेशन, सिग्नेचर सहित अन्य जानकारियों में बदलाव का अवसर दिया गया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>शिक्षा जगत</category>
                                            <category>अजमेर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/ajmer/more-than-15-lakh-candidates-applied-for-si-recruitment-re-examination/article-155791</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/ajmer/more-than-15-lakh-candidates-applied-for-si-recruitment-re-examination/article-155791</guid>
                <pubDate>Tue, 02 Jun 2026 18:29:44 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2023-11/rpsc.jpg"                         length="74193"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>परिवहन विभाग में बंद होगी इन्वार्ड व्यवस्था: मिलीभगत पर लगेगी लगाम ; 58 सेवाएं अब सिटीजन पोर्टल पर हुई उपलब्ध, अब  घर बैठे हो सकेंगे आवेदन</title>
                                    <description><![CDATA[राजस्थान परिवहन विभाग ने 1 जून से सामान्य इन्वार्ड व्यवस्था बंद करने का बड़ा प्रशासनिक सुधार किया है। अब आमजन को दलालों से मुक्ति मिलेगी। वाहन और सारथी पोर्टल की 58 सेवाएं सीधे सिटीजन पोर्टल व ई-मित्र पर ऑनलाइन उपलब्ध होंगी, जिससे प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ेगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/inward-system-will-be-closed-in-transport-department-collusion-will/article-155535"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/parivahn.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान परिवहन विभाग में पारदर्शिता बढ़ाने और आमजन को दलालों के चंगुल से मुक्त कराने की दिशा में बड़ा प्रशासनिक सुधार किया गया है। 1 जून से प्रदेश के सभी परिवहन कार्यालयों में प्रचलित सामान्य इन्वार्ड व्यवस्था बंद कर दी जाएगी। परिवहन आयुक्त पुरुषोत्तम शर्मा के निर्देश पर यह निर्णय लागू किया जा रहा है, जिसके तहत अब अधिकांश सेवाओं के लिए कार्यालयों में कर्मचारियों की ओर से इन्वार्ड नहीं किया जाएगा। इस व्यवस्था के बाद अब लोग ऑनलाइन माध्यम से सेवाओं का लाभ उठा सकेंगे। विभाग ने नई व्यवस्था के तहत वाहन पोर्टल की 26 और सारथी पोर्टल की 32 सेवाएं, यानी कुल 58 सेवाएं, सिटीजन पोर्टल पर उपलब्ध कराई हैं। </p>
<p>आमजन इन सेवाओं के लिए स्वयं ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। इसके अलावा ई-मित्र केंद्रों के माध्यम से भी आवेदन की सुविधा उपलब्ध रहेगी। अधिकारियों का मानना है कि वर्षों से परिवहन कार्यालयों में सक्रिय दलालों और कुछ कर्मचारियों की कथित मिलीभगत के कारण आम नागरिकों को अनावश्यक परेशानी का सामना करना पड़ता था। कई मामलों में आवेदन इन्वार्ड कराने के नाम पर सुविधा शुल्क लेने की शिकायतें भी सामने आती रही हैं। नई व्यवस्था से ऐसी प्रवृत्तियों पर प्रभावी रोक लगने की उम्मीद है।</p>
<p><strong>अब तक यह थी व्यवस्था </strong></p>
<p>विभिन्न  सेवाओं के लिए आवेदन कार्यालयों में जमा होते थे। कर्मचारियों की आईडी से आवेदन इन्वार्ड किए जाते थे। दलालों और कुछ कर्मचारियों की कथित मिलीभगत की शिकायतें रहती थीं। आवेदकों को अक्सर बिचौलियों का सहारा लेना पड़ता था। इन्वार्ड प्रक्रिया के नाम पर सुविधा शुल्क वसूले जाने के आरोप लगते रहे हैं।</p>
<p><strong>1 जून से यह होगा बदलाव </strong></p>
<p>परिवहन कार्यालयों की सामान्य इन्वार्ड आईडी बंद होंगी। केवल विशेष और अत्यंत आवश्यक मामलों में ही इन्वार्ड की अनुमति होगी। अधिकृत आरटीओ-डीटीओ स्तर की आईडी से ही प्रक्रिया संभव होगी। मुख्यालय स्तर पर इन्वार्ड की नियमित निगरानी होगी। नागरिक स्वयं सिटीजन पोर्टल या ई-मित्र के माध्यम से आवेदन कर सकेंगे। पारदर्शिता और जवाबदेही की ओर बड़ा कदम परिवहन विभाग का मानना है कि  ऑनलाइन प्रणाली से प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, समयबद्ध और जवाबदेह बनेगी। नागरिक आवेदन की स्थिति भी ऑनलाइन ट्रैक कर सकेंगे। इससे कार्यालयों में भीड़ कम होगी, कार्यों के निस्तारण में तेजी आएगी और वर्षों से चली आ रही दलाली व्यवस्था पर बड़ा प्रहार होगा। प्रशासनिक सुधार की दृष्टि से इस फैसले को परिवहन विभाग की महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।</p>
<p><strong>ये सेवाएं पोर्टल पर उपलब्ध</strong></p>
<p>परिवहन कार्यालय में 1 जून से इन्वार्ड व्यवस्था बंद होगी। विभाग ने 58 सेवाएं सिटीजन पोर्टल पर उपलब्ध करवा दी है। जिससे आमजन को फायदा मिलेगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/inward-system-will-be-closed-in-transport-department-collusion-will/article-155535</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/inward-system-will-be-closed-in-transport-department-collusion-will/article-155535</guid>
                <pubDate>Sun, 31 May 2026 12:02:57 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-05/parivahn.png"                         length="927512"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>JDA की नई पहल: भूमि आवंटन से जुड़ी हर जानकारी अब आमजन के लिए उपलब्ध, बढ़ेगी जवाबदेही और पारदर्शिता</title>
                                    <description><![CDATA[जयपुर विकास प्राधिकरण (जेडीए) ने पारदर्शिता बढ़ाने के लिए वर्ष 2014 से 2026 तक के भूमि आवंटन का पूरा रिकॉर्ड अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर सार्वजनिक कर दिया है। आमजन अब घर बैठे आवंटन तिथि, भूखंड संख्या और आवेदक का नाम देख सकेंगे। वर्ष 2002 से 2013 तक का डेटा भी जल्द अपलोड होगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jdas-new-initiative-every-information-related-to-land-allocation-will/article-154643"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/jda.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। पारदर्शिता और सुशासन को मजबूत करने की दिशा में जयपुर विकास प्राधिकरण (जेडीए) ने बड़ा कदम उठाया है। अब वर्ष 2014 से 2026 तक भूमि के बदले भूमि आवंटन तथा विभिन्न संस्थाओं को किए गए भूमि आवंटन की पूरी जानकारी जेडीए की वेबसाइट पर सार्वजनिक कर दी गई है। इससे आमजन घर बैठे आवंटनों का विस्तृत ब्यौरा देख सकेंगे। जेडीए आयुक्त सिद्धार्थ महाजन ने बताया कि वेबसाइट पर जोन, योजना का नाम, भूखंड संख्या, साइज, भूमि उपयोग, प्रॉपर्टी आईडी, आवेदक का नाम और आवंटन तिथि सहित सभी महत्वपूर्ण जानकारियां उपलब्ध कराई गई हैं।</p>
<p>इसके अलावा शिक्षा, चिकित्सा, सामाजिक सेवा, खेल, शोध और जनसुविधाओं से जुड़ी संस्थाओं को आवंटित भूमि का रिकॉर्ड भी सार्वजनिक किया गया है। उन्होंने बताया कि इससे भूमि आवंटन प्रक्रियाओं में पारदर्शिता बढ़ेगी और भ्रांतियों की गुंजाइश खत्म होगी। जेडीए आयुक्त ने यह भी स्पष्ट किया कि वर्ष 2002 से 2013 तक के रिकॉर्ड को भी वेबसाइट पर अपलोड करने की प्रक्रिया जारी है। तकनीकी कार्य पूरा होते ही यह जानकारी भी आमजन के लिए उपलब्ध करा दी जाएगी।इस पहल से प्रशासन के प्रति लोगों का विश्वास मजबूत होगा और संस्थागत विकास के साथ रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jdas-new-initiative-every-information-related-to-land-allocation-will/article-154643</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jdas-new-initiative-every-information-related-to-land-allocation-will/article-154643</guid>
                <pubDate>Fri, 22 May 2026 14:52:37 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-03/jda.png"                         length="1145502"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जनगणना-2027 में स्व-गणना के लिए सरकारी कर्मचारियों की शत-प्रतिशत भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश</title>
                                    <description><![CDATA[राजस्थान में जनगणना-2027 के पहले चरण के लिए मुख्य सचिव ने सभी सरकारी कर्मचारियों को 15 मई तक स्व-गणना (Self-Enumeration) पूरी करने का निर्देश दिया है। राज्यपाल और मुख्यमंत्री की पहल के बाद अब प्रशासन की बारी है। वेब पोर्टल के माध्यम से सटीक आंकड़े जुटाना इस राष्ट्रीय मिशन की प्राथमिकता है, जिससे विकास की नई राह खुलेगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/instructions-to-ensure-100-participation-of-government-employees-for-self-enumeration/article-153068"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/v.-srinivass.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने जनगणना-2027 के प्रथम चरण मकानसूचीकरण एवं मकानों की गणना के तहत राज्य के समस्त राजकीय अधिकारियों और कर्मचारियों की स्व-गणना में भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने सभी विभागाध्यक्षों और अधिकारियों से कहा है कि वे अपने अधीनस्थ कर्मचारियों को 15 मई 2026 से पूर्व स्व-गणना प्रक्रिया पूर्ण करने के लिए प्रेरित करें और आवश्यक निर्देश जारी करें। जारी निर्देशों के अनुसार जनगणना-2027 का प्रथम चरण राजस्थान में 16 मई 2026 से 14 जून 2026 तक संचालित किया जाएगा।</p>
<p>इससे पहले 1 मई से 15 मई 2026 तक निर्धारित वेब पोर्टल सेल्फ एन्यूमरेशन पोर्टल⁠ पर स्व-गणना का विकल्प उपलब्ध रहेगा। पोर्टल के माध्यम से नागरिक स्वयं अपनी जानकारी दर्ज कर सकेंगे। मुख्य सचिव ने कहा कि यह गर्व का विषय है कि 1 मई को महामहिम राज्यपाल, मुख्यमंत्री, विधानसभा अध्यक्ष सहित कई जनप्रतिनिधियों और वरिष्ठ अधिकारियों ने स्वयं स्व-गणना कर प्रदेशवासियों के सामने अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि जनगणना जैसे राष्ट्रीय महत्व के कार्य में शत-प्रतिशत एवं सटीक आंकड़े सुनिश्चित करने के लिए सभी सरकारी कार्मिकों की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/instructions-to-ensure-100-participation-of-government-employees-for-self-enumeration/article-153068</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/instructions-to-ensure-100-participation-of-government-employees-for-self-enumeration/article-153068</guid>
                <pubDate>Thu, 07 May 2026 18:27:12 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-04/v.-srinivass.png"                         length="774428"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पहली डिजिटल जनगणना आज से शुरू: ‘स्व-गणना’ की खिड़की खुली, प्रगणक को घर पर दिखानी होगी एसई आईडी</title>
                                    <description><![CDATA[देश की पहली पूर्णतः डिजिटल जनगणना शुरू हो गई है। वाराणसी के नागरिक 21 मई तक पोर्टल पर जाकर अपनी 'स्व-गणना' कर सकते हैं। 33 सवालों के बाद प्राप्त 11 अंकों की SE ID भविष्य के सर्वे को आसान बनाएगी। यह प्रक्रिया विकास का आधार है, न कि नागरिकता का प्रमाण।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/first-digital-census-starts-from-today-self-enumeration-window-opened-enumerator/article-152984"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/jan-ga.png" alt=""></a><br /><p>वाराणसी। देश की पहली पूर्णतः डिजिटल जनगणना-2027 गुरुवार से शुरु हो गयी। इसके पहले चरण के तहत ‘स्व-गणना’ की खिड़की खुल गई है, जो 21 मई तक चलेगी। नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने जनपदवासियों से इस ऐतिहासिक प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने की अपील की है। नागपाल ने बताया कि केंद्र सरकार की इस पहल के तहत नागरिकों को पहली बार आधिकारिक पोर्टल (https:e.census.gov.in) पर जाकर स्वयं अपना और अपने परिवार का विवरण दर्ज करने की सुविधा दी गई है। उन्होंने बताया कि नागरिक अपने मोबाइल नंबर और नाम के माध्यम से पोर्टल पर पंजीकरण कर सकते हैं। ओटीपी सत्यापन के बाद उन्हें 33 सवालों की प्रश्नावली भरनी होगी। विवरण सफलतापूर्वक जमा होने पर एक 11 अंकों की ‘एसई आईडी’ प्राप्त होगी, जिसे सुरक्षित रखना अनिवार्य है।</p>
<p>नगर आयुक्त ने कहा कि ‘स्व-गणना’ करने वाले परिवारों को 22 मई से शुरू होने वाले जमीनी सर्वे के दौरान काफी सुविधा मिलेगी। जब प्रगणक घर पहुंचेंगे, तो उन्हें केवल अपनी एसई आईडी दिखानी होगी। यदि डेटा रिकॉर्ड से मेल खाता है, तो उसे तुरंत स्वीकार कर लिया जाएगा, जिससे समय की बचत होगी। नगर आयुक्त ने जनता को आश्वस्त करते हुए कहा कि जनगणना की पूरी प्रक्रिया सुरक्षित है और डेटा एन्क्रिप्शन के जरिए सुरक्षित रखा गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनगणना के दौरान आपसे किसी भी प्रकार की बैंक जानकारी या आधार संख्या जैसे दस्तावेज नहीं मांगे जाएंगे। प्रगणक के आने पर उनका आधिकारिक पहचान पत्र अवश्य देख लें। उन्होंने कहा कि यह प्रक्रिया विकास योजनाओं की नींव तैयार करने का आधार है, न कि नागरिकता का प्रमाण।</p>
<p>(हाउसलिस्टिंग और हाउसिंग) मई-जून 2026 में चलेगा। इसके बाद दूसरा चरण फरवरी 2027 में होगा, जिसमें जनसंख्या, साक्षरता, रोजगार और जातिगत डेटा जैसे महत्वपूर्ण आंकड़े जुटाए जाएंगे। नगर निगम प्रशासन ने इस डिजिटल जनगणना को सफल बनाने के लिए प्रगणकों का प्रशिक्षण पूरा कर लिया है और आम जनता से इस ‘जन अभियान’ में जुड़ने की अपील की है। नगर आयुक्त ने कहा, “वाराणसी को एक स्मार्ट और व्यवस्थित शहर बनाने के लिए सटीक डेटा अनिवार्य है। मेरा शहरवासियों से अनुरोध है कि सात से 21 मई के बीच पोर्टल पर जाकर स्वयं अपनी जानकारी दर्ज करें और डिजिटल इंडिया के इस महाकुंभ में सहभागी बनें।”</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/bharat/first-digital-census-starts-from-today-self-enumeration-window-opened-enumerator/article-152984</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/bharat/first-digital-census-starts-from-today-self-enumeration-window-opened-enumerator/article-152984</guid>
                <pubDate>Thu, 07 May 2026 18:09:27 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-05/jan-ga.png"                         length="2442366"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>गांव का नाम बदला तो एमएसपी पोर्टल पर अटका पंजीयन, किसान परेशान</title>
                                    <description><![CDATA[खेड़ारसूलपुर से खेड़ारामपुर होने के बाद आ रही तकनीकी दिक्कत, समर्थन मूल्य पर गेहूं बेचने से वंचित किसान।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/-village-renaming-stalls-registration-on-msp-portal--farmers-distressed/article-148550"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/12200-x-60-px)-(2)6.png" alt=""></a><br /><p>खेड़ारामपुर। खेड़ारामपुर गांव के किसानों को सरकारी समर्थन मूल्य पर गेहूं बेचने के लिए ऑनलाइन पंजीकरण में तकनीकी समस्या का सामना करना पड़ रहा है। गांव का नाम बदलने के बाद रिकॉर्ड और पोर्टल में अंतर होने से सैकड़ों किसान परेशान हैं। खेड़ारामपुर गांव के किसानों को सरकारी समर्थन मूल्य गेहूं खरीद केंद्र पर फसल बेचने के लिए एमएसपी पोर्टल पर ऑनलाइन पंजीकरण नहीं हो पा रहा है। इसका मुख्य कारण गांव के नाम में बदलाव बताया जा रहा है। जानकारी के अनुसार राज्य सरकार द्वारा कुछ समय पहले ग्राम खेड़ारसूलपुर का नाम बदलकर खेड़ारामपुर कर दिया गया। इसके बाद भू-राजस्व रिकॉर्ड, जमाबंदी और गिरदावरी में नया नाम दर्ज हो गया है, लेकिन सरकारी खरीद केंद्र और एमएसपी पोर्टल पर अभी भी पुराने नाम खेड़ारसूलपुर से ही डाटा संचालित हो रहा है। किसान विष्णु अजमेरा और चंदन गहलोत ने बताया कि इस समस्या को लेकर राजफैड सहित संबंधित विभागों और अधिकारियों को अवगत कराया जा चुका है, लेकिन अब तक समाधान नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि जिम्मेदार अधिकारियों की अनदेखी का खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ रहा है।</p>
<p><strong>किसानों ने जिला कलेक्टर से लगाई गुहार</strong><br />किसानों ने जिला कलेक्टर से मांग की है कि एमएसपी पोर्टल और खरीद केंद्रों पर गांव के नाम में सुधार कर जल्द से जल्द ऑनलाइन पंजीकरण शुरू कराया जाए, ताकि किसान अपनी फसल समर्थन मूल्य पर बेच सकें।</p>
<p>जब वे पंजीकरण के लिए एमएसपी पोर्टल पर गिरदावरी अपलोड करते हैं, तो गांव के नाम में अंतर के कारण दस्तावेज अपलोड नहीं हो पाते और तकनीकी त्रुटि सामने आ जाती है। इससे खेड़ारामपुर के सैकड़ों किसान पंजीकरण नहीं कर पा रहे हैं और समर्थन मूल्य पर गेहूं बेचने से वंचित हो रहे हैं।<br /><strong>- सुरेश गुर्जर, किसान, खेड़ारामपुर</strong></p>
<p>एमएसपी पोर्टल पर गांव का नाम बदलने से आ रही पंजीकरण की समस्या को लेकर उच्च अधिकारियों को अवगत कराया जाएगा और शीघ्र समाधान किया जाएगा।<br /><strong>- विष्णु शर्मा, राजफैड अधिकारी</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/-village-renaming-stalls-registration-on-msp-portal--farmers-distressed/article-148550</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/-village-renaming-stalls-registration-on-msp-portal--farmers-distressed/article-148550</guid>
                <pubDate>Tue, 31 Mar 2026 15:28:36 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-03/12200-x-60-px%29-%282%296.png"                         length="939761"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>शिक्षा विभाग की लापरवाही, सपने चकनाचूर</title>
                                    <description><![CDATA[विभाग की इस लापरवाही से हजारों अभिभावकों का बच्चों के एडमिशन के सपने पर पानी फिर गया। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/education-department-s-negligence--dreams-shattered/article-118593"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-06/74582.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। शिक्षा विभाग की लापरवाही से हजारों अभिभावकों का सपना चकनाचूर हो रहा है। महात्मा गांधी इंग्लिश मीडियम स्कूलों में एडमिशन के लिए विभाग का शाला दर्पण पोर्टल कक्षावार रिक्त सीटों की संख्या वास्तविक सीटों से तीन गुना अधिक बता रहा है। जिससे अभिभावक भ्रमित हो रहे हैं और पोर्टल पर प्रदर्शित रिक्त सीटों के आधार पर संबंधित स्कूलों में दाखिले के लिए रिपोर्टिंग कर रहे हैं। क्योंकि, पोर्टल पर प्रदर्शित सीटों की संख्या के अनुसार लॉटरी में चयनित बच्चों का नंबर आसानी से आ रहा होता है। जब अभिभावक स्कूलों में दस्तावेज जमा करवाने पहुंचते हैं, तब उन्हें वास्तिविक सीटों का पता लगता है, जो नाममात्र की होती है। विभाग की इस लापरवाही से हजारों अभिभावकों का बच्चों के एडमिशन के सपने पर पानी फिर गया। </p>
<p><strong>पोर्टल पर 25 रिक्त सीटें, वास्तविक सात ही</strong><br />महात्मा गांधी इंग्लिश मीडियम स्कूलों में इन दिनों प्रवेश प्रक्रिया चल रही है। गत 17 जून को लॉटरी निकलने के बाद से अभिभावक वरियता क्रम के अनुसार पांच स्कूलों का चयन कर रिपोर्टिंग कर रहे हैं। लेकिन, शाला दर्पण पर प्रदर्शित हो रही रिक्त सीटों की संख्या  वास्तविक संख्या से 3 गुना अधिक है। महात्मा गांधी इंग्लिश मीडियम स्कूल आरएसी कॉलोनी में पोर्टल पर कक्षा-6 के लिए 25 सीटें रिक्त दिखा रहा है। जबकि, वास्तिविक में यहां मात्र 7 ही सीटें हैं। इसी तरह श्रीनाथपुरम स्कूल की सीटें-27 दिख रही है, लेकिन यहां 9 ही सीट रिक्त है।  वहीं, कक्षा-1 में 24 सीटें नजर आ रही लेकिन हकीकत में 9 ही रिक्त हैं। यह स्थिति जिले के अधिकांश स्कूलों में बनी हुई है।</p>
<p><strong>गलती विभाग की, खामियाजा भुगत रहे अभिभावक</strong><br />अभिभावकों का कहना है कि शाला दर्पण पोर्टल पर  प्रदर्शित हो रही कक्षावार रिक्त सीटों की संख्या के आधार पर ही तो हम संबंधित स्कूलों का चयन करेंगे। लेकिन पोर्टल तो वास्तविक सीटों से तीन गुना ज्यादा सीटें रिक्त दिखा रहा है। ऐसे में जिन बच्चों का लॉटरी में 20 नंबर है, उनके अभिभावक पोर्टल के आधार पर एडमिशन को लेकर आश्वस्त होकर रिपोर्टिंग कर दी। लेकिन, दस्तावेज जमा करवाने स्कूल जाते हैं तो पता लगता है कि वहां तो 9 ही सीटें रिक्त थी। लेकिन, तब तक अभिभावक आवेदन लॉक करवा चुका होता है। ऐसी स्थिति में वह दूसरे स्कूल में भी रिपोर्टिंग से वंचित हो जाता है। शिक्षा विभाग की लापरवाही से हजारों विद्यार्थी एडमिशन से वंचित हो रहे हैं। </p>
<p><strong>शिक्षा विभाग के चक्कर काट रहे परिजन</strong><br />शिक्षा विभाग की गलती का खामियाजा अभिभावकों को भुगतना पड़ रहा है। गुमानपुरा निवासी सत्येंद्र पारीक ने बताया कि  मामले को लेकर तीन दिन से जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय के चक्कर लगा रहे हैं लेकिन वहां न तो अधिकारी मिल रहे और न ही कोई समाधान बता रहा। छावनी के पुष्पेंद्र नायक का कहना है कि पिछले दिनों से डीओ सैकंडरी व एलीमेंट्री के चक्कर लगा रहा हूं। वहां मौजूद कर्मचारी बीकानेर मुख्यालय का हवाला देकर पल्ला झाड़ बैरंग लौटा रहे हैं। कहीं भी सुनवाई नहीं हो रही। </p>
<p><strong>अनलॉक का मिले ऑप्शन, दोबारा निकले लॉटरी</strong><br />शिवपुरा निवासी महेश प्रजापति, दादाबाड़ी के सुरेंद्र गोयल, अखिलेश मेहरा का कहना है कि गलती विभाग की है, उनका पोर्टल गलत आंकड़ा दिखा रहा है। अभिभावक परेशान हो रहे हैं। पोर्टल के आंकड़ों के आधार पर संबंधित स्कूल में एक बार रिपोर्टिंग किए जाने पर आवेदन लॉक हो जाता है। जिससे दूसरे स्कूल में रिपोर्टिंग का अवसर भी खत्म हो जाता है। ऐसे में शिक्षा विभाग पोर्टल की गलती सुधारें और अनलॉक का ऑप्शन भी देकर अभिभावकोें को दूसरे स्कूलों में रिपोर्टिंग का मौका दिया जाए। </p>
<p><strong>क्या कहते हैं अभिभावक</strong><br />20 जून को हमने महात्मा गांधी इंग्लिश मीडियम स्कूल आरएसी कॉलोनी में कक्षा-6 के लिए की थी। यहां शाला दर्पण पोर्टल पर 25 सीटे रिक्त दिखाई दी। जबकि, बेटे का लॉटरी में 27 नंबर था। ऐसे में एडमिशन की उम्मीद थी। रिपोर्टिंग के बाद आवेदन जमा करवाने स्कूल पहुंचे तो वहां बताया कि सीटें तो 7 ही खाली थी, जो भर गई। ऐसे में बच्चे का प्रवेश नहीं हो पाया। शिक्षा विभाग को अपनी गलती सुधार कर दोबारा लॉटरी निकालनी चाहिए।<br /><strong>-वर्षा शर्मा, दादाबाड़ी</strong></p>
<p>जब हम रिपॉर्टिंग के लिए श्रीनाथपुरम-बी स्कूल गए तो हम आश्वस्त थे कि बच्चे का एडमिशन हो जाएगा। क्योंकि पोर्टल पर कक्षा के लिए 27 सीटें रिक्त थी, जबकि, लॉटरी में बच्चे का नंबर 21 था। लेकिन, स्कूल जाने पर पता चला कि यहां तो 9 ही सीटें खाली हैं। अब हम क्या करें, बच्चे का एडमिशन नहीं हो पा रहा। जिला शिक्षाधिकारी कार्यालय में भी सम्पर्क किया लेकिन कहीं भी सुनवाई नहीं हुई। सरकार को हस्तक्षेप कर दोबारा लॉटरी निकालनी चाहिए ताकि, विद्यार्थी शिक्षा से वंचित न रह सके।<br /><strong>-लीला प्रजापति, शिवपुरा</strong></p>
<p>मामला संज्ञान में आया है। शाला दर्पण पोर्टल पर प्रदर्शित रिक्त पदोें की संख्या में सुधार के लिए संबंधित स्कूल से पत्र मिला है। जिससे उच्चाधिकारियों को अवगत करा रहे हैं।<br /><strong>-संतराम वर्मा, सहायक निदेशक महात्मा गांधी प्रकोष्ठ</strong></p>
<p>शाला दर्पण पर रिक्त सीटों की संख्या वास्तविक सीटों से अधिक प्रदर्शित हो रही है। इसमें सुधार के लिए हमने जिला शिक्षाधिकारी माध्यमिक को पत्र भेजा है।<br /><strong>- लोकेश जैन, शिक्षक आरएसी कॉलोनी स्कूल </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/education-department-s-negligence--dreams-shattered/article-118593</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/education-department-s-negligence--dreams-shattered/article-118593</guid>
                <pubDate>Thu, 26 Jun 2025 15:03:30 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2025-06/74582.png"                         length="538270"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>18 दिन बाद भी पोर्टल पर शो नहीं हो रहे परिणाम, फर्स्ट ग्रेड एग्जाम की पात्रता पर लटकी तलवार  </title>
                                    <description><![CDATA[ कोटा यूनिवर्सिटी ने यूजी व पीजी के सैकंड और फोर्थ सेमेस्टर के  परिणाम तो जारी कर दिए लेकिन रिवोलेशन के रिजल्ट पोर्टल पर शो नहीं हो रहे]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/results-not-showing-on-portal-even-after-18-days/article-118102"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-06/news-(1)42.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। कोटा यूनिवर्सिटी ने यूजी व पीजी के सैकंड और फोर्थ सेमेस्टर के  परिणाम तो जारी कर दिए लेकिन रिवोलेशन के रिजल्ट पोर्टल पर शो नहीं हो रहे। जबकि, विवि ने इन्हीं सेमेस्टर के एग्जाम फॉर्म भी निकाल दिए हैं। ऐसे में विद्यार्थी असमंजस में है कि पुन:मूल्यांकन में नंबर बढ़ने पर पास होते हैं तो अगले सेमेस्टर की तैयारी करें या फेल होने पर इसी सेमेस्टर के एग्जाम फॉर्म फिर से भरें। यह तय नहीं हो पा रहा। विवि की लेटलतीफी से परेशान विद्यार्थियों को यूनिवर्सिटी के चक्कर काटने को मजबूर हो रहे हैं। </p>
<p><strong>रात 9.30 बजे तक भी अपलोड नहीं हुए रिजल्ट </strong><br />विश्वविद्यालय ने 2 जून को पीजी में सैकंड व फोर्थ सेमेस्टर  के पुन:मूल्यांकन का परिणाम जारी किया था। इसके बाद 12 जून को यूजी के सैकंड सेमस्टर रिवोलेशन का रिजल्ट जारी किया था, जो 20 जून की रात 9.30 बजे तक भी पोर्टल पर अपलोड नहीं हुए। ऐसे में 18 दिन से विद्यार्थी परेशान हो रहे हैं। </p>
<p><strong>40% विद्यार्थी हो रहे परेशान</strong><br />राजकीय महाविद्यालय कोटा के निर्वतमान छात्रसंघ अध्यक्ष आशीष मीणा का कहना है कि विवि की लेटलतीफी के कारण 40% विद्यार्थियों के परिणाम शो नहीं हो रहे। गत 8 व 9 जून को सवाईमाधोपुर सहित शहर के कई विद्यार्थी यूनिवर्सिटी के परीक्षा में स्थित शिकायत समाधान  विंडों पर गए तो वहां कार्यरत कर्मचारियों ने 15 जून तक पोर्टल पर रिजल्ट अपलोड किए जाने की बात कही थी लेकिन अब तक रिजल्ट का अता पता नहीं है। ऐसे में दूर-दराज से आने वाले विद्यार्थियों को परेशानियो का सामना करना पड़ रहा है। </p>
<p><strong>इधर, एग्जाम फॉर्म भरें या नहीं, असमंजस में विद्यार्थी </strong><br />यूनिवर्सिटी ने यूजी व पीजी के सैकंड व फोर्थ सेमेस्टर के एग्जाम फॉर्म निकाल दिए हैं। जिसकी अंतिम तिथि 26 जून है। ऐसे में विद्यार्थियों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है कि वह परीक्षा फॉर्म भरे या नहीं। क्योंकि, जो विद्यार्थियों पुन:मूल्यांकन   के परिणाम का इंतजार कर रहे हैं, उनमें असमंजस बना हुआ है कि यदि, वह पास हो जाते हैं तो वे अगले सेमेस्टर के एग्जाम फॉर्म भरेंगे यदि फेल हो जाते हैं तो फिर से सेकंड व फोर्थ सेमेस्टर के परीक्षा फॉर्म भरेंगे। इसी कशमकश में आवेदन की अंतिम तिथि निकल गई तो यह विद्यार्थी न इधर के रहेंगे न उधर के।  </p>
<p><strong>रोल नंबर डालते ही पोर्टल बता रहा इनवेलिड </strong><br />छात्र कैलाश कुमार, योगेंद्र नथावत ने बताया कि विवि के पोर्टल पर सही रोल नंबर डालने पर भी इनवेलिड बता रहा है। जबकि, पूर्व में यूनिवर्सिटी जाकर बात की तो वहां कर्मचारियों ने जवाब दिया कि रिलोवेशन के रिजल्ट अभी कंप्लीट नहीं हुए हैं, कंप्लीट होने पर अपलोड कर दिए जाएंगे।  </p>
<p><strong>करौली व सवाई माधोपुर तक के विद्यार्थी काट रहे चक्कर </strong><br />विद्यार्थियों का कहना था कि यूनिवर्सिटी प्रशासन का कहना है कि हम चरणबद्ध तरीके से परिणाम जारी करते हैं, यदि, ऐसा है तो विवि को नोटिफिकेशन जारी करना चाहिए ताकि करौली,सवाई माधोपुर,गंगापुर सिटी,झालावाड़ दूर-दूराज से किराया लगाकर विवि आने वाले छात्रों को चक्कर नहीं काटने पड़े।</p>
<p><strong>फर्स्ट ग्रेड शिक्षक भर्ती परीक्षा से वंचित होने का खतरा</strong><br />राजस्थान लोकसेवा आयोग की ओर से माध्यमिक शिक्षा विभाग में फर्स्ट ग्रेड शिक्षक भर्ती परीक्षा का आयोजन 23 जून से होना है। जिसके लिए विद्यार्थियों की यूजी व पीजी दोनों की डिग्री कम्पलीट होना  जरूरी है। लेकिन, कई विद्यार्थी ऐसे हैं, जो एमए, एमएससी व एमकॉम के सैकंड व फोर्थ सेमेस्टर के पुन:मूल्यांकन का फॉर्म भरा था, जिनका परिणाम अब तक नहीं आने से उनकी डिग्री अधूरी पड़ी है।  यदि, नंबर बढ़ने पर पास होते हैं तो उनकी पीजी की डिग्री कम्पलीट हो जाएगी और वे भर्ती परीक्षा देने के पात्र हो सकेंगे। ऐसे में विवि को विद्यार्थियों के हितों को देखते हुए जल्द से जल्द पुन:मूल्यांकन के परिणाम अपलोड करने चाहिए। <br /><strong>-आशीष मीणा, निवर्तमान छात्रसंघ अध्यक्ष, राजकीय महाविद्यालय कोटा</strong></p>
<p><strong>एग्जाम फॉर्म भरुं या अगले सेमेस्टर की तैयारी करुं</strong><br /> मैं बीएससी फोर्थ सेमेस्टर का छात्र हूं। सेकंड सेमेस्टर में पुन:मूल्यांकन का फॉर्म भरा था। मेरा अभी तक भी रिजल्ट साइड पर अपलोड नहीं हुआ है। ऐसे में 7 दिन पूर्व सवाईमाधोपुर से कोटा आकर विवि गया था तो वहां कार्यरत कर्मचारियों ने एक-दो दिन में रिजल्ट अपलोड करने की बात कही थी। लेकिन अब तक नहीं हुआ। वहीं, यूनिवर्सिटी में हमारे एग्जाम फॉर्म भी निकल दिए हैं, अब असमंजस की स्थिति बनी हुई है कि मैं फिर से फोर्थ सेमेस्टर का एग्जाम फॉर्म भरुं या अगले सेमेस्टर कीतैयारी करुं। <br /><strong>-अभिषेक कुमार, छात्र सवाईमाधोपुर  </strong></p>
<p><strong> फर्स्ट ग्रेड के पेपर का क्या होगा</strong><br />मैं एमएससी फोर्थ सेमेस्टर की छात्रा हूं। मेरा थर्ड सेमेस्टर के रिवोलेशन का रिजल्ट अब तक नहीं आया। जबकि, मेरा फोर्थ सेमेस्टर क्लियर हो गया है। इन दिनों स्कूल भर्ती परीक्षा फर्स्ट ग्रेड की तैयारी कर रही हूं, जिसका पेपर 23 जून को है। ऐसे में जल्द से जल्द रिजल्ट अपलोड होना जरूरी है ताकि डिग्री कम्पलीट होने पर मैं एग्जाम के लिए पात्र हो सकूं।  <br /><strong>-नीतेश कुमारी, छात्रा एमएससी गवर्नमेंट साइंस कॉलज कोटा</strong></p>
<p>मेरा सेकंड सेमेस्टर का रिजल्ट 12 तारीख को आ चुका है। जिसमें एक विषय में बैक आई थी। इसलिए मैंने पुन:मूल्यांकन के लिए आवेदन किया था। लेकिन, अब तक रिजल्ट अपलोड नहीं हुआ। इस वजह से फोर्थ सेमेस्टर का एग्जाम फॉर्म भरने में दिक्कत आ रही है। विवि को जल्द रिजल्ट अपलोड करना चाहिए। <br /><strong>-लक्की नागर, छात्र गवर्नमेंट कॉलेज कोटा </strong></p>
<p>हमारी तरफ से सभी विद्यार्थियों के पुन:मूल्यांकन के परिणाम  शुक्रवार को ही वेबसाइड पर अपलोड कर दिए गए हैं। अब परिणाम शो हो रहे हैं। <br /><strong>-प्रवीण भार्गव, परीक्षा नियंत्रक कोटा यूनिवर्सिटी </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/results-not-showing-on-portal-even-after-18-days/article-118102</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/results-not-showing-on-portal-even-after-18-days/article-118102</guid>
                <pubDate>Sat, 21 Jun 2025 16:48:21 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2025-06/news-%281%2942.png"                         length="545979"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>असर खबर का - किसान सम्मान निधि पोर्टल पर वर्षों बाद आया मोईकलां का नाम</title>
                                    <description><![CDATA[फॉर्मर आईडी के लिए किसानों को करना पड़ सकता है इंतजार । 
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/impact-of-news---moikalan-s-name-appeared-on-the-kisan-samman-nidhi-portal-after-years/article-116352"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-06/rtroer-(2)10.png" alt=""></a><br /><p>मोईकलां। दैनिक नवज्योति में खबर प्रकाशित होने के तुरंत बाद पीएम किसान सम्मान निधि पोर्टल पर मोईकलां का नाम आने से एक तरफ जहां किसानों की बड़ी समस्या का समाधान हो गया है, वहीं फॉर्मर आईडी के लिए अभी उनको इंतजार करना पड़ सकता है। जानकारी के अनुसार 03 जून के अंक में दैनिक नवज्योति ने क्षेत्र के किसानों की इस समस्या को उठाते हुए प्रमुखता के साथ खबर प्रकाशित की थी। खबर प्रकाशित होने वाले दिन ही पोर्टल पर मोईकलां का नाम आने से किसानों ने राहत की सांस ली है। लेकिन पोर्टल में मोईकलां का नाम नहीं आने से पूर्व में इस क्षेत्र के किसानों की फॉर्मर आईडी नहीं बन पाई थी। साथ ही अब फॉर्मर आईडी के लिए लगने वाले शिविर भी बंद कर दिए गए हैं। जिससे फॉर्मर आईडी के लिए अब यहां के किसानों को इंतजार करना पड़ेगा।  </p>
<p>गौरतलब है कि कई वर्ष से पीएम किसान सम्मान निधि पोर्टल पर मोईकलां का नाम प्रकाशित नहीं होने से किसानों को योजना का लाभ लेने के लिए परेशान होना पड़ रहा था। अभी तक पोर्टल पर मोईकलां की जगह मोरियाहेड़ी गांव का नाम आता था। सांगोद तहसील क्षेत्र में इस नाम का कोई गांव ही नहीं है। यह गांव कनवास तहसील का हिस्सा बताया जा रहा है। पीएम किसान सम्मान निधि पोर्टल पर कोई भी किसान योजना का लाभ लेने के लिए आवेदन करता था तो मोईकलां का नाम ही प्रकाशित नहीं होता था। जिसके चलते सैंकड़ों किसानों को परेशान होना पड़ रहा था। समस्या को लेकर किसानों की ओर से उर्जा मंत्री हीरालाल नागर को अवगत करवाया गया था। वहीं पीएम किसान सम्मान निधि के नोडल अधिकारी बलविंदर सिंह गिल ने बताया कि उर्जा मंत्री नागर के निर्देश पर राज्य एवं जिला स्तर पर निरंतर पत्राचार के चलते आखिरकार मोईकलां का नाम पीएम किसान सम्मान निधि पोर्टल पर प्रकाशित हो गया। </p>
<p><strong>अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुई समस्या </strong><br />किसानों की एक बड़ी समस्या भले ही खत्म हो गई। परन्तु दूसरी समस्या अभी किसानों के सामने खड़ी हुई है। जो भी किसान पीएम किसान सम्मान निधि पोर्टल पर योजना का लाभ लेने के लिए आवेदन करेगा तो उसको किसान फॉर्मर आईडी के नम्बर डालना होता है। वैसे लगभग मोईकलां को छोड़कर सभी पंचायतों पर फॉर्मर आईडी शिविर लगाए जा चुके हैं। यहां पर शिविर इसलिए नही लगाया गया कि किसान फॉर्मर आईडी पोर्टल पर भी मोईकलां का नाम नहीं आ रहा है। </p>
<p><strong>योजना का लाभ लेने में होगी आसानी</strong><br />मोईकलां निवासी पवन यादव, राकेश यादव व ई-मित्र संचालक योगेन्द्र मेरोठा ने बताया कि पोर्टल पर मोईकलां का नाम प्रदर्शित होने के बाद अब किसानों को योजना का लाभ लेने में आसानी होगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/impact-of-news---moikalan-s-name-appeared-on-the-kisan-samman-nidhi-portal-after-years/article-116352</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/impact-of-news---moikalan-s-name-appeared-on-the-kisan-samman-nidhi-portal-after-years/article-116352</guid>
                <pubDate>Wed, 04 Jun 2025 17:12:59 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2025-06/rtroer-%282%2910.png"                         length="525682"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        