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                <title>balanced - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>balanced RSS Feed</description>
                
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                <title>विकासशील देशों पर वैश्विक संघर्षों का असर अधिक : संरक्षण के लिए संतुलित वैश्विक उपायों की जरूरत, ग्लोबल कन्वर्जेंस फॉर ग्रोथ समिट की बैठक में बोली सीतारमण</title>
                                    <description><![CDATA[वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने ग्लोबल कन्वर्जेंस फॉर ग्रोथ समिट में कहा कि भू-राजनीतिक संघर्षों का सबसे ज्यादा असर विकासशील देशों और ग्लोबल साउथ पर पड़ता है। उन्होंने समन्वित वैश्विक कार्रवाई, मजबूत आपूर्ति श्रृंखलाओं और बहुपक्षीय सहयोग पर जोर दिया। सीतारमण ने भारत की मजबूत घरेलू मांग आधारित अर्थव्यवस्था, लगभग 7% वृद्धि दर और समावेशी वैश्विक विकास के प्रति प्रतिबद्धता को रेखांकित किया।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/impact-of-global-conflicts-on-developing-countries-is-greater-balanced/article-156743"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-11/sitaraman.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal"><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">नई दिल्ली। केंद्रीय वित्त एवं कार्पोरेट मामलों की मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा है कि भू-राजनीतिक संघर्षों का सबसे अधिक दुष्प्रभाव विकासशील देशों और दक्षिण की दुनिया पर पड़ता है और उन्हें ऐसे प्रभावों से बचाने के लिए समन्वित वैश्विक कदमों की जरूरत है। सीतारमण ग्लोबल कन्वर्जेंस फॉर ग्रोथ समिट की वर्चुअल बैठक को यहां से संबोधित कर रही थीं। जी7 की बैठक से पहले मेजबान फ्रांस की अध्यक्षता में गुरुवार शाम हुई इस बैठक में शीर्ष सात बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के अलावा भारत, ब्राजील, चीन, दक्षिण कोरिया, केन्या और अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष के प्रतिनिधि शामिल हुए। कल हुई इस बैठक में विकासशील देशों को संतुलित वृद्धि के बारे में अपनी राय प्रस्तुत करने का अवसर मिला। </span></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">सीतारमण ने कहा, हाल के घटनाक्रमों ने लचीली, विविधीकृत और भौगोलिक रूप से वितरित आपूर्ति श्रृंखलाओं के महत्व को रेखांकित किया है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था मुख्य रूप से घरेलू मांग पर आधारित है और वर्तमान वैश्विक भू-राजनीतिक संकटों के बीच भी मजबूती के साथ आगे बढ़ रही है। वैश्विक अनिश्चितताओं से विशेष रूप से दक्षिणी गोलार्ध के विकासशील और गरीब देशों पर पडऩे वाले असंतुलित प्रभावों के बारे में वित्त मंत्री ने कहा, आज की परस्पर जुड़ी हुई दुनिया में समृद्धि और चुनौतियां साझा हैं, लेकिन संघर्षों और अनिश्चितताओं के दुष्परिणाम विकासशील देशों और ग्लोबल साउथ पर असमान रूप से अधिक पड़ते हैं। यह स्थिति समन्वित वैश्विक कार्रवाई की मांग करती है। हमें मजबूत अर्थव्यवस्थाओं के निर्माण, सतत विकास को गति देने और सभी के लिए लाभकारी समावेशी विकास सुनिश्चित करने हेतु बहुपक्षीय सहयोग को सु²ढ़ करना होगा। </span></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">वैश्विक असंतुलन के मुद्दे पर केंद्रीय वित्त मंत्री ने कहा, सभी प्रकार के असंतुलन एक जैसे नहीं होते। कुछ असंतुलन जनसंख्या के आकार-प्रकार में अंतर, विकास की अवस्था, संसाधनों की उपलब्धता या आर्थिक प्रणाली की भिन्नता को दर्शाते हैं। इसलिए हमारा ध्यान ऐसे संतुलनों पर होना चाहिए, जो बहुत अधिक है और लगातार बने रहने वाले हैं। सीतारमण ने साथ ही यह स्वीकार किये जाने पर भी बल दिया कि विभिन्न देशों की घरेलू आवश्यकताएं और इन आवश्यकताओं का स्तर में बड़ा भेद होता है। उन्होंने कहा, इन (वैश्विक) असंतुलनों को दूर करने का बोझ उन देशों पर असमान रूप से नहीं पडऩा चाहिए, जो इनके मूल कारण नहीं हैं। भारत, अन्य कई विकासशील अर्थव्यवस्थाओं की तरह, वैश्विक असंतुलनों की उत्पत्ति और प्रसार दोनों में अपेक्षाकृत सीमित भूमिका निभाता है, फिर भी हमें इनके दुष्प्रभावों का सामना करना पड़ता है। </span></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">सीतारमण ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में हाल के वर्षों में भारत की उल्लेखनीय आर्थिक प्रगति तथा रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म (सुधार , कार्य-प्रदर्शन और कायाकल्प) के मंत्र के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को रेखांकित करते हुए कहा कि भारतीय अर्थव्यस्था अपनी आंतरिक मांग से चलती है तथा देश की मुद्रा की दर बाजार पर निभर करती और ऐसी परिस्थिति में भारत की वृद्धि दर ऊंची बनी हुई है। वित्त मंत्री ने कहा, हमारी आर्थिक वृद्धि मुख्यत: घरेलू मांग द्वारा संचालित है और हमारी विनिमय दर काफी हद तक बाजार द्वारा निर्धारित होती है। भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में बना हुआ है और मध्यम अवधि में जीडीपी वृद्धि दर लगभग सात प्रतिशत के आसपास मजबूत रहने का अनुमान है। सीतारमण ने बहुपक्षीय संस्थानों में विश्वास को मजबूत करने तथा यह सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर बल दिया कि वे विकासशील देशों की जरूरतों के प्रति संवेदनशील बने रहें। उन्होंने ऐसे बेहतर, बड़े, अधिक प्रभावी और अधिक प्रतिनिधित्व वाले बहुपक्षीय विकास बैंकों की आवश्यकता बताई, जो विकासशील देशों और उभरती अर्थव्यवस्थाओं को कहीं अधिक वित्तीय सहायता प्रदान कर सकें। उन्होंने कहा कि इन संस्थानों की वित्तीय क्षमता, परिचालन दक्षता और त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता को बढ़ाना अत्यंत महत्वपूर्ण होगा।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">केंद्रीय वित्त मंत्री ने कहा कि हाल के घटनाक्रमों ने विशेष रूप से महत्वपूर्ण खनिजों के लिए तगड़ी, विविधीकृत और भौगोलिक रूप से वितरित आपूर्ति श्रृंखलाओं के महत्व को उजागर किया है। उन्होंने कहा कि पुनर्चक्रण पर आधारित अर्थव्यवस्था, पुनर्चक्रण और शहरी खनन पर ध्यान केंद्रित करके दुनिया जिन आपूर्ति-संबंधी चुनौतियों का सामूहिक रूप से सामना कर रही है, उनका समाधान किया जा सकता है। वित्त मंत्री ने कहा, भारत सभी साझेदार देशों के साथ मिलकर एक अधिक मजबूत, समावेशी और समृद्ध वैश्विक अर्थव्यवस्था के निर्माण तथा साझा विकास के लिए साझा समाधानों को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।</span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 12 Jun 2026 18:33:13 +0530</pubDate>
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                <title>एमएसएमई सेक्टर ने देश के आर्थिक विकास को समावेशी एवं संतुलित बनायाः मनोज सिन्हा</title>
                                    <description><![CDATA[जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने यह बातें गुरुवार को नई दिल्ली के प्रगति मैदान में शुरू हुए तीन दिवसीय नौवें भारतीय अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेला एवं शिखर सम्मेलन, एमएसएमई एक्स्पो- 2023 के शुभारंभ के अवसर पर कहीं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/business/msme-sector-has-made-the-countrys-economic-development-inclusive-and/article-54273"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-08/expo.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। एमएसएमई सेक्टर ने देश के आर्थिक विकास को समावेशी एवं संतुलित बनाया है। समाज में समरसता का यह महत्वपूर्ण क्षेत्र है। जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने यह बातें गुरुवार को नई दिल्ली के प्रगति मैदान में शुरू हुए तीन दिवसीय नौवें भारतीय अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेला एवं शिखर सम्मेलन, एमएसएमई एक्स्पो- 2023 के शुभारंभ के अवसर पर कहीं।</p>
<p>मनोज सिन्हा ने कहा कि आज भारत में कुल उत्पाद का करीब 45 प्रतिशत इसी क्षेत्र से आता है। यह क्षेत्र मैन्यूफेक्चरिंग, रोजगार सृजन एवं निर्यात में अहम है। इसमें पारदर्शिता होना जरुरी है। यह भारतीय अर्थव्यवस्था का गतिशील एवं जीवंत क्षेत्र है। आज देश में 6.30 करोड़ एमएसएमई इकाईयां काम कर रही हैं।</p>
<p>इस मौके पर एमएसएमई डेवलपमेंट फोरम के ग्लोबल चेयरमैन रजनीश गोयनका ने कहा कि कोई भी सरकार किसी भी क्षेत्र पर तब ध्यान देती है जब उसका संबंध वोटों से हो। आज भारत में करीब 11 करोड़ से ज्यादा लोगों को रोजगार इसी क्षेत्र से मिला हुआ। यानी करीब 60 करोड़ की आबादी किसी न किसी रुप में इससे जुड़ी हुई है। उन्होंने कहा कि वह बीते नौ सालों से एमएसएमई, स्टार्टअप, व्यापार, उद्योग, सेवा प्रदाताओं, युवाओं, महिलाओं, एसटी-एससी, गांव और आदिवासी उद्यमियों के विकास, प्रचार और कल्याण के लिए लगातार लघु उद्यमियों की राष्ट्रीय स्तर पर एक सशक्त एवं संयुक्त आवाज के रुप में काम कर रहे हैं।</p>
<p>वहीं, भारत में रूस के विशेष प्रतिनिधि ( ट्रेड) एलेक्जेंडर राइबाज ने कहा कि रूस इस क्षेत्र में सहयोग को तैयार है। क्योंकि हमारे द्विपक्षीय एवं व्यापारिक संबंध बहुत मजबूत रहे हैं। जिसमें एमएसएमई क्षेत्र की महत्वपूर्ण भमिका रहती है। इस 9वें एमएसएई एक्स्पो- 2023 में रूस एक विशेष पैवेलियन लगाकर ग्लोबल समिट सेशन में भाग ले रहा है। रूस को भारत से 500 से अधिक वस्तुओं की आवश्यकता है। इसलिए, भारतीय एमएसएमई उद्योगों के साथ कई बी-टू-बी बैठकें आयोजित की गई हैं। एक्स्पो- 2023 में रूस से कई खरीददारों और निवेशकों के आने की उम्मीद है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 10 Aug 2023 18:39:49 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
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                <title>नए मंत्री बोले : अपने-अपने खेमे के नेताओं ने बनवाया मंत्री</title>
                                    <description><![CDATA[

संतुलित टीम से आमजन को होगा फायदा: 2023 में कांग्रेस के दोबारा सरकार बनाने पर रहेगा फोकस]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E0%A4%A8%E0%A4%8F-%E0%A4%AE%E0%A4%82%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A5%80-%E0%A4%AC%E0%A5%8B%E0%A4%B2%E0%A5%87---%E0%A4%85%E0%A4%AA%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%85%E0%A4%AA%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%96%E0%A5%87%E0%A4%AE%E0%A5%87-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%A8%E0%A5%87%E0%A4%A4%E0%A4%BE%E0%A4%93%E0%A4%82-%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%AC%E0%A4%A8%E0%A4%B5%E0%A4%BE%E0%A4%AF%E0%A4%BE-%E0%A4%AE%E0%A4%82%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A5%80/article-2608"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-11/24.jpg" alt=""></a><br /><p> जयपुर। मंत्रिमंडल पुनर्गठन में शामिल नए मंत्रियों ने विभाग बंटवारे के बाद संतुलित टीम बनाकर जनता को फायदा पहुंचाने का वादा किया है। इन मंत्रियों ने अपने-अपने खेमे के नेताओं को उन्हें यहां तक पहुंचने का श्रेय दिया है। अधिकांश नए मंत्रियों ने कहा है कि जनता के हित के सभी काम किए जाएंगे, ताकि वर्ष 2023 में कांग्रेस की सरकार दोबारा बन सके। <strong><br /></strong><br /><strong><br />ईमानदारी से निभाऊंगा जिम्मेदारी: हेमाराम</strong><br />कैबिनेट में शामिल गुढ़ामलानी के विधायक और पूर्व मंत्री हेमाराम चौधरी ने कहा कि मैं पहले भी मंत्री रह चुका हूं। सरकार में जिस विभाग की जिम्मेदारी मिलेगी, उसे पूरी ईमानदारी से निभाऊंगा। पहले इस्तीफा देने के सवाल पर उन्होंने कहा कि मैंने मंत्री बनने के लिए इस्तीफा नहीं दिया था। मैंने जनता से जुड़े जो मुद्दे उठाए थे, उनके निदान में काफी हद तक सफलता मिली है। कुछ समस्याओं का समाधान जल्द हो जाएगा। मंत्री बनने में पायलट की भूमिका पर कहा कि पायलट हमारे नेता हैं। उनका जनाधार है और लोग उन्हें पसंद करते हैं। पायलट और हमारा फोकस अब 2023 में वापस कांग्रेस की सरकार बनाने पर है।<br /><br /><strong>चार दलित मंत्री बनने से जाएगा अच्छा संदेश: टीकाराम जूली</strong><br />राज्यमंत्री से कैबिनेट मंत्री बने टीकाराम जूली ने कहा कि राजस्थान में ऐसा पहली बार हुआ है, जब दलित वर्ग के चार प्रतिनिधि कैबिनेट मंत्री बने हैं। इसका संदेश पूरे प्रदेश में जाएगा। दलित-पिछड़ों को भी सम्बल मिलेगा। सरकार में अस्थिरता वाली कोई बात नहीं है। एक संतुलित टीम बन गई है, जिसका फायदा आमजन को होगा। पार्टी में कोई खेमेबाजी नहीं है। पायलट कांग्रेस के लिए काम कर रहे हैं। <br /><strong><br />गहलोत की जादूगरी से कोई असंतोष नहीं हुआ: मालवीय</strong><br />कैबिनेट मंत्री बने महेन्द्रजीत मालवीय ने सीएम अशोक गहलोत को जादूगर बताते हुए फिर से सरकार बनाने का दावा किया है। उन्होंने कहा कि भाजपा नेताओं ने बयान दिए कि पुनर्गठन के बाद कांग्रेस में बड़ा असंतोष पनपेगा, लेकिन सीएम गहलोत की जादूगरी से ऐसा संतुलन बना कि पार्टी में कोई असंतोष नहीं हुआ। मेरी प्राथमिकता में उदयपुर संभाग क्षेत्र में होने वाले बरसात के जल को बचाने और सिंचाई व्यवस्था को माकूल करना होगा। <br /><strong><br />सभी को सब कुछ मिले संभव नहीं: मुरारीलाल</strong><br />राज्य मंत्री बने मुरारीलाल मीणा ने कहा है कि यह जरूरी नहीं है कि लोग ज्यादा हैं तो अपेक्षाएं भी ज्यादा रहती हैं। सभी को सब कुछ मिले यह संभव नहीं, लेकिन इस बार पुनर्गठन ठीक हुआ है। प्रदेश की जनता कांग्रेस सरकार के कामकाज से खुश है। मंत्रिमंडल में सभी का ध्यान रखा गया है। कोई नाराजगी नहीं है। </p>
<p> </p>
<p><strong>शपथ के बाद ये बोले नए मंत्री</strong><br />सीएम के नेतृत्व में मिलकर कामों को आगे बढ़ाएंगे। बिना विभाग के मंत्री से लेकर जिस विभाग का जिम्मा मिलेगा, उस काम को पूरा करने में जुटे जाएंगे। - <strong>महेश जोशी, कैबिनेट मंत्री </strong></p>
<p><br />कांग्रेस घोषणापत्र पर फोकस रखकर काम करेंगे। जो भी जिम्मेदारी मिलेगी, उस पर खरा उतरने और जाति-धर्म से ऊपर उठकर सभी वर्ग के लिए काम करेंगे। - <strong>रामलाल जाट, कैबिनेट मंत्री </strong><br />जनता की आवाज जैसे उठाते रहे हैं, वैसे ही उठाते रहेंगे। कांग्रेस में सब मिलकर काम करेंगे। सीएम का जैसा निर्देश होगा, जो काम देंगे पूरी ईमानदारी के साथ निभाएंगे। एक बार हारे और जीतें का रिकॉर्ड तोड़ने को फोकस कर काम करेंगे, कांगं्रेस की फिर सरकार बनाएंगे। - <strong>रमेश मीणा, कैबिनेट मंत्री</strong> <br /><br /><strong>महिलाओं और दलितों का बढ़ा है प्रतिनिधित्व: भूपेश</strong><br />राज्य मंत्री से कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ लेने वाली ममता भूपेश ने कहा कि पहली बार महिलाओं और दलित समाज का प्रतिनिधित्व बढ़ा है। कैबिनेट में सभी वर्गों का समावेश हुआ। महिलाओं के प्रतिनिधित्व बढ़ाने की सोच कांग्रेस पार्टी में है। अब हमारा लक्ष्य सरकारी योजनाओं से जनता को अधिक फायदा पहुंचाने और 2023 में कांग्रेस की सरकार वापस बनाने पर रहेगा। <br /><strong><br />बसपा से कांग्रेस में आए विधायक नाराज नहीं: गुढ़ा</strong><br />बसपा से कांग्रेस में आए विधायकों में से केवल एक को मंत्री बनाए जाने पर नाराजगी के सवाल पर राज्यमंत्री बने राजेन्द्र गुढ़ा ने कहा कि किसी भी विधायक में कोई नाराजगी नहीं है। पार्टी में सभी को मौका देने पर मंथन चल रहा है। मेरी प्राथमिकता दलित, शोषित और गरीबों के विकास की रहेगी। <br /><br /><strong>मुस्लिम समुदाय में नहीं है नाराजगी: जाहिदा खान</strong><br />मंत्रिमंडल में अल्पसंख्यक समाज को कम प्रतिनिधित्व मिलने पर राज्यमंत्री जाहिदा खान ने कहा कि पहली बार बने विधायकों को मंत्री नहीं बनाने के नियम के कारण मुस्लिम विधायक मंत्री नहीं बन पाए, लेकिन मुस्लिम समुदाय में इसको लेकर नाराजगी नहीं है। पहले सालेह मोहम्मद को मौका मिल चुका है। मुस्लिम वर्ग में एक से अधिक बार जीते हुए विधायक होते तो शायद मौका मिल सकता था। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
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                <pubDate>Mon, 22 Nov 2021 13:29:17 +0530</pubDate>
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