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                <title>फिटनेस आदेश से थमे व्यवसायिक वाहनों के पहिए</title>
                                    <description><![CDATA[अधिकृत फिटनेस सेंटर से ही वाहनों की फिटनेस अनिवार्य की गई।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bundi/commercial-vehicles-grounded-due-to-fitness-order/article-142040"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/(1200-x-600-px)-(2)8.png" alt=""></a><br /><p>नमाना रोड। परिवहन कमिश्नर के हालिया आदेश ने बूंदी जिले के वाहन स्वामियों की मुश्किले बढ़ा दी हैं। जिला परिवहन कार्यालय में पिछले छह दिनों से व्यवसायिक वाहनों का फिटनेस प्रमाण पत्र वाहन स्वामियों के लिए गले की फांस बन गया है। आदेश के अनुसार अब केवल अधिकृत फिटनेस सेंटर से ही वाहनों की फिटनेस अनिवार्य कर दी गई है, जबकि जिले में न तो कोई सरकारी और न ही अधिकृत फिटनेस सेंटर मौजूद है। ऐसे में वाहन स्वामी फिटनेस के लिए अन्य जिलों का रुख करने को मजबूर हैं। उन्हें 100 से 150 किलोमीटर तक की दूरी तय करनी पड़ रही है, जिससे ईंधन खर्च बढ़ रहा है और समय की  बबार्दी हो रही है। दूसरी ओर, जिले से बाहर जाने पर आॅनलाइन चालान की कार्रवाई का भी डर बना हुआ है।</p>
<p>फिटनेस प्रमाणपत्र के अभाव में ट्रक, बस और आॅटो जैसे व्यवसायिक वाहनों का संचालन ठप पड़ा है। इससे वाहन स्वामियों और चालकों की रोजी-रोटी पर सीधा संकट खड़ा हो गया है। कई परिवारों के सामने आर्थिक तंगी की स्थिति उत्पन्न हो गई है।वाहन स्वामियों ने प्रशासन के प्रति रोष जताते हुए कहा कि जब तक जिले में फिटनेस सेंटर स्थापित नहीं किया जाता, तब तक वैकल्पिक व्यवस्था की जानी चाहिए। यदि शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो वाहन स्वामी आंदोलन करने को मजबूर होंगे, जिसकी जिम्मेदारी सरकार की होगी। परिवहन विभाग का कहना है कि यह कार्रवाई उच्च आदेशों के तहत की जा रही है, लेकिन बिना बुनियादी संसाधन विकसित किए ऐसे आदेश लागू करना प्रशासनिक संवेदनहीनता को दशार्ता है।</p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />सरकार द्वारा बिना सेन्टर संचालित के ही फरमान जारी कर दिया हैं। वाहन स्वामी के साथ दोहरी मार पड़ रही हैं। फिटनेस करवाने के लिए अन्य जिलों में जाने के लिए 100-200किलोमीटर की दूरी तय करना और टोल प्लाजा पार करने पर आॅनलाइन चालान कट रहे।<br /><strong>-राजू अरोड़ा, अध्यक्ष,  आल इंडिया मोटर व्यवसाय एसोसिएशन, बूंदी</strong></p>
<p> सरकार ने बिना फिटनेस सेन्टर खोले ही आदेश जारी कर दिया हैं, जिसके कारण आर्थिक नुक्सान उठाना पड़ रहा हैं। इसके लिए सरकार को वैकल्पिक व्यवस्था शुरू करना चाहिए और अगर नहीं करते हैं तो सभी वाहन स्वामी मिलकर आंदोलन करेंगे।<br /><strong>-बुद्धिप्रकाश शर्मा, अध्यक्ष, मीरा गेट वेलफेयर सोसाइटी प्राइवेट बस स्टैंड </strong></p>
<p>हाई कोर्ट के आदेश की पालना करते हुए कार्यालय से फिटनेस करना बन्द किया है। लगभग दो महीने में एटीएस सेन्टर चालू हो जायेगा, तब तक वाहन स्वामी नजदीकी सेन्टर पर  ही फिटनेस करवाएं। वाहनों का समय पर ही फिटनेस करवाए जिससे चालान भी नहीं होंगे।<br /><strong>-सौम्या शर्मा, जिला परिवहन अधिकारी, बूंदी  </strong> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बूंदी</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 05 Feb 2026 15:20:12 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>बिना गुजरे कट रहा टोल, धड़कनें बढ़ा रहा फास्टैग,  शिकायत के बावजूद समाधान नहीं </title>
                                    <description><![CDATA[आए दिन हो रही घटनाएं, एनएचएआई के सिस्टम पर उठे सवाल।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/toll-deducted-without-crossing-the-plaza--fastag-causing-anxiety--no-solution-despite-complaints/article-141442"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/(1200-x-600-px)11.png" alt=""></a><br /><p> कोटा । शहर में इन दिनों फास्टैग से जुड़े ऐसे चौंकाने वाले मामले सामने आ रहे हैं, जो वाहन मालिकों की सुरक्षा और सिस्टम की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर रहे हैं। घर की पार्किंग में खड़ी गाड़ियों के फास्टैग से हजारों किलोमीटर दूर स्थित टोल प्लाजा पर टैक्स कटने के मैसेज लोगों के होश उड़ा रहे हैं। यह समस्या अब इक्का-दुक्का मामलों तक सीमित नहीं रही, बल्कि लगातार बढ़ती जा रही है। मामला, सिर्फ 50झ्र60 रुपए के टैक्स का नहीं, बल्कि उस रिकॉर्ड का है, जो गाड़ी के बिना चले ही एनएचएआई सिस्टम में उसकी मौजूदगी दर्ज कर देता है। ऐसे संदेश वाहन मालिकों को डर, उलझन और मानसिक तनाव में डाल रहे हैं। जहन में एक ही सवाल हैं, जब गाड़ी घर से बाहर निकली ही नहीं, तो टोल प्लाजा के रिकॉर्ड में वह कैसे गुजर गई?हालांकि लोग इसकी शिकायत एनएचएआई के टोल फ्री व वेबसाइट पर दिए गए नम्बरों पर कर रहे हैं लेकिन वहां से संतोषजनक जवाब नहीं मिल रहा और न ही बिना गुजरे टैक्स कटने का संतोषजनक कारण बता रहे।</p>
<p><strong>केस : 1 एक माह से घर में कार खड़ी और कट गया टोल</strong><br />10 जुलाई 2024: स्टेशन निवासी आसिफ बैग ने बताया कि टोल प्लाजा से 55 रुपए टैक्स कटने का मैसेज आया। जबकि, कॉलोनी में सीवरेज पाइप लाइन डलने का काम चलने से सड़क पूरी खुदी पड़ी थी। ऐसे में कार एक माह से घर में ही खड़ी थी। इसके बावजूद टोल कट गया।</p>
<p><strong>केस  : 2 गाड़ी गैराज में और कट गया टोल</strong><br />संजय नगर निवासी व्यवसायी पुष्पेंद्र सिंह ने बताया कि गत 17 अक्टूबर को कार सर्विस के लिए मैकेनिक के गैराज में खड़ी की थी। इसके अगले दिन रात को गजनपुरा टोल प्लाजा से टोल कटने का मैसेज आया। जिसे देखते ही कार चोरी का डर सताया। इस पर तुरंत मैकेनिक को फोन कर मामले की जानकारी दी तो वह भी सकते में आ गया और रात को ही वह गैराज पहुंचा तो ताला लगा मिला तो सांस आई। घटना को लेकर एनएचएआई के टोल फ्री नम्बर 1033 पर सम्पर्क कर कारण तलाशने का प्रयास किया लेकिन उन्होंने संतोषजनक जवाब नहीं मिलता।</p>
<p><strong>केस : 3 सात दिन में दो बार कटा</strong><br />रायपुरा निवासी ईरशाद अली ने बताया कि घर में खड़ी कार के दो बार टोल टैक्स कट गया। पहली बार 27 नवम्बर 2024 को सुबह 8.40 मिनट पर लिंगलापुर टोल प्लाजा से 50 रुपए टैक्स कटने का मोबाइल पर मैसेज आया। इसके बाद 4 दिसम्बर को सुबह 8.4 मिनट पर जहूर टोल प्लाजा से 35 रुपए टैक्स कटने का फिर से मैसेज आया। इस तरह घर में खड़ी गाड़ी का 7 दिन में दो बार टोल टैक्स कट गया। जब इसकी शिकायत एनएचएआई के हेल्पलाइन नम्बर 1033 पर की तो उन्होंने बैंक से सम्पर्क करने की बात कहकर फोन काट दिया।</p>
<p><strong> केस : 4 घर पर खड़ी गाड़ी का कटा टोल</strong></p>
<p>30 नवंबर 2025 को दादाबाड़ी निवासी एडवोकेट संजय पाटोदी की घर पर खड़ी आल्टो कार का 80 किमी दूर इंदरगढ़ टोल प्लाजा पर चालान कट गया था। जबकि गाड़ी घर से बाहर निकली ही नहीं, इसके बावजूद फास्टैग अकाउंट से 75 रुपए टोल टैक्स कट गया। इसकी शिकायत टोल फ्री नंबर 1033 पर की लेकिन समाधान नहीं हुआ।</p>
<p><strong>केस : 5 फ्लैट पर खड़ी गाड़ी का कटा टोल</strong><br />2 दिसंबर 2025 को कोटा निवासी रिटायर्ड टीचर हुकम चंद की कार बेटे के फ्लैट पर खड़ी थी। इसके बाद भी दो अलग-अलग जगहों पर टोल कट गया।</p>
<p><strong>केस 6 : 421 किमी दूर भिवाड़ी में कटा टोल</strong><br />26 जनवरी 2026 को नयापुरा स्थित दोस्तपुरा निवासी विष्णु की घर में खड़ी कार का टोल 421 किमी दूर भिवाडी टोल प्लाजा पर टोल कट गया। पीड़ित कार मालिक ने बताया कि मेरी कर घर पर खड़ी थी। शाम को मोबाइल पर फास्ट टैग अकाउंट से 60 रुपए कट गए। मैसेज आते ही गाड़ी चोरी होने का डर सताया। आॅनलाइन शिकायत दर्ज करवाई है।</p>
<p><strong>डर, उलझन और मानसिक तनाव में डाल रहा मैसेज</strong><br />डीसीएम निवासी शिक्षक जमना शंकर प्रजापति कहते हैं, फास्टेग लगा वाहन घर में खड़ा होने के बावजूद टोल काटने का मैसेज इस और इशारा करता है कि वाहन टोल प्लाजा से गुजरा है, ऐसे में वाहन मालिक के जहन में सबसे पहले वाहन के चोरी होने का ख्याल आता है। जिससे वह डर, उलझन और मानसिक तनाव से धिर जाता है। ऐसी स्थिति में वह वाहन घर में है या नहीं, यह पता करने को हड़बड़ी में मार्केट से भरे ट्रैफिक के बीच घर की और दौड़ता है। ऐसे में हादसे का खतरा बना रहता है।</p>
<p><strong>2021 में फास्टैग किया था अनिवार्य</strong><br />केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने गत 16 फरवरी 2021 से देशभर में टोल से गुजरने वाले वाहनों पर फास्टैग लगाना अनिवार्य कर दिया था। इसके पीछे कैशलेस लेन-देन के अलावा तय रकम से ज्यादा वसूली को रोकना था। वहीं, टोल प्लाजा पर टैक्स चुकाने में लगने वाले लंबे जाम से मुक्ति दिलाने के लिए भी यह व्यवस्था शुरू की थी। ऐसे में वाहन चालकों ने बैंकों और निजी कंपनियों से फास्टैग बनवाकर अपने चार पहिया वाहनों पर चस्पा करा लिए, लेकिन तकनीकी दिक्कतों के चलते वाहन चालकों के साथ समस्या शुरू हो गई।</p>
<p><strong>क्राइम हो जाए तो निर्दोष साबित करना चूनौतिपूर्ण</strong><br />मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के क्षेत्रिय सह संयोजक ईरशाद अली का कहना है, बात टोल टैक्स के 50-60 रुपए की नहीं है। यदि, संबंधित टोल प्लाजा क्षेत्र में कोई क्राइम हो जाए और उसी दरमियान घर में खड़ी कार का टैक्स कट जाए।यानी टैक्स कटने का मैसेज आने का मतलब टोल रिकॉर्ड में गाड़ी संबंधित टोल प्लाजा से गुजरना दर्शा दिया जाएगा। ऐसे में वारदात में खुद को निर्दोष साबित करना ही पीड़ित के लिए चुनौति व संघर्षपूर्ण हो जाएगा। एनएचएआई को इस तरह के मामलों की रोकथाम के लिए सख्त कदम उठाने चाहिए।</p>
<p><strong>ऐसे वापस पा सकते हैं फास्टैग से कटा पैसा</strong><br />एनएचएआई के अधिकारियों के अनुसार, गलत तरीके से फास्टैग से कटी राशि वापस पाने के लिए वाहन चालकों के पास कई विकल्प मौजूद हैं।<br />- जिस बैंक या कंपनी से फास्टैग जारी हुआ है, वहां सबसे पहले शिकायत दर्ज कराएं।<br />- फास्टैग पोर्टल के हेल्प डेस्क पर आॅनलाइन शिकायत की जा सकती है।<br />- फास्टैग के पीछे कस्टमर केयर का नंबर होता है जिस पर तत्काल मामले की शिकायत दर्ज करनी चाहिए।<br />- एनएचएआई के टोल फ्री नंबर 1033 पर कॉल कर भी समस्या दर्ज कराई जा सकती है।<br />- यदि यहां से समाधान नहीं मिले, तो एनएचएआई की आधिकारिक वेबसाइट पर संबंधित मैनेजर के मोबाइल नंबर या ई-मेल आईडी पर शिकायत भेजी जा सकती है।<br />- इसके बाद भी मामला हल न होने पर संबंधित क्षेत्र के प्रोजेक्ट डायरेक्टर से सीधे शिकायत की जा सकती है।</p>
<p>इस तरह के मामलों में कोई एक कारण नहीं होता, इसके कई कारण हो सकते हैं। कई बार स्कैनर फास्टेग को रीड नहीं कर पाता। ऐसी स्थिति में टोल प्लाजा पर कार्यरत कर्मचारी मैन्युअल नंबर टाइप करते हैं, इस दौरान कोई नंबर ऊपर नीचे होने पर गलती हो सकती है। ऐसी घटना होने पर वाहन मालिक एनएचएआई के टोल फ्री नंबर 1033 व आॅफिशली वेबसाइट पर कंप्लेन कर सकते हैं।<br /><strong>- संदीप अग्रवाल, प्रोजेक्ट डायरेक्टर एनएचएआई कोटा डिवीजन</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 31 Jan 2026 16:03:28 +0530</pubDate>
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                <title>सालभर में जर्जर हुआ पापड़ी ओवरब्रिज, भारी वाहनों की आवाजाही से पुल में कंपन</title>
                                    <description><![CDATA[पुल पर तेज रफ्तार में चढ़ने वाले वाहन कमजोर हिस्सों को और नुकसान पहुंचा रहे हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bundi/papri-overbridge-deteriorates-within-a-year--heavy-vehicle-traffic-causes-vibrations-in-the-bridge/article-138860"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/1200-x-600-px)-(1)1.png" alt=""></a><br /><p>देईखेड़ा। क्षेत्र में दिल्ली-मुंबई रेलवे मार्ग पर कोटा-दौसा मेगा हाईवे स्थित पापड़ी गांव के समीप निर्मित ओवरब्रिज सालभर में ही बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है। वाहनों का आवागमन शुरू होने के कुछ ही महीनों बाद पुल की सीसी सतह में गहरे गड्ढे बन गए हैं, जिससे लोहे के सरिए बाहर निकल आए हैं। कई स्थानों पर डामर उखड़कर सड़क गड्ढों में तब्दील हो चुकी है। एक्सप्रेसवे के भारी वाहनों की आवाजाही से पुल में कंपन महसूस किया जा रहा है, जिससे दरारें और टूट-फूट बढ़ती जा रही हैं। इससे ग्रामीणों में हादसे की आशंका को लेकर भय का माहौल है।</p>
<p><strong>भारी वाहनों से बढ़ा दबाव, जाम की स्थिति</strong><br />जिला परिषद सदस्य केसी वर्मा एवं सहकारी अध्यक्ष सुरेंद्र शर्मा ने बताया कि रोजाना हजारों वाहन इस ओवरब्रिज से गुजरते हैं। क्षतिग्रस्त स्थिति के चलते कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। खरायता सरपंच बद्री लाल मीणा व लबान सरपंच बुद्धि प्रकाश मीणा ने बताया कि दिल्ली- मुंबई एक्सप्रेस वे के भारी वाहन भी इसी पुल से गुजर रहे हैं। तेज रफ्तार में चढ़ने वाले वाहन कमजोर हिस्सों को और नुकसान पहुंचा रहे हैं। पुल की एप्रोच सड़कें गहरे गड्ढों से भरी हैं, जिससे दुपहिया वाहन चालक रोज दुर्घटना से बाल-बाल बच रहे हैं।</p>
<p><strong>डिजाइन पर भी सवाल</strong><br />लबान निवासी रामावतार मीणा व गुहाटा निवासी रामहेत मीणा ने बताया कि एल-आकार की डिजाइन और तीखे घुमावों के कारण बड़े लोडिंग वाहन आसानी से मुड़ नहीं पाते, जिससे बार-बार जाम की स्थिति बनती है।</p>
<p><strong>निर्माण अवधि पर उठे सवाल</strong><br />जानकारी के अनुसार ओवरब्रिज का प्रस्ताव 2012 में स्वीकृत हुआ, 2018 में निर्माण शुरू हुआ और 2025 की शुरूआत में इसे जनता के लिए खोला गया, लेकिन छह माह में ही यह जर्जर होने लगा। ग्रामीणों व जनप्रतिनिधियों ने जिला प्रशासन, पीडब्ल्यूडी व रेलवे विभाग से तत्काल मरम्मत और समाधान की मांग की है।</p>
<p> एक्सप्रेस-वे के ट्रैफिक को मेगा हाइवे से डायवर्ड करने के लिये उच्चाधिकारियों को लिखा जा चुका है,जल्द ही समाधान की उम्मीद है।<br /><strong> - राहुल पाटील, मैनेजर, रिडकोर मेगाहाइवे</strong></p>
<p>उच्च स्तर पर अधिकारों को समस्या की गम्भीरता से अवगत करवा रखा है। एक्सप्रेस के ट्रैफिक को डायवर्ड करने पर ही समस्या का समाधान होगा। समय-समय पर मरम्मत करवाई जाती है।<br /><strong> - एस के सिंघल, अधिशाषी अभियंता,लाखेरी</strong></p>
<p>समस्या के स्थायी समाधान के लिये एक्सप्रेस के दूसरे खण्ड के अधूरे निर्माण को त्वरित गति करवाया जा रहा है। मार्च महीने तक लबान से सवाईमाधोपुर के बीच एक्सप्रेस पर वाहनों का आवागमन शुरू करने के प्रयास है।<br /><strong> - संजीव अग्रवाल, प्रोजेक्ट मैनेजर, एक्सप्रेस-वे एनएचआई</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बूंदी</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 08 Jan 2026 15:44:34 +0530</pubDate>
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                <title>बंद रोडवेज बसों ने बढ़ाई यात्रियों की मुश्किल, निजी वाहनों का किराया मंहगा</title>
                                    <description><![CDATA[खानपुर में बारां-झालावाड़ मेगा हाइवे पर बस स्टैण्ड की दरकार]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jhalawar/roadways-buses-have-been-suspended--increasing-passenger-hardship--and-private-vehicle-fares-have-become-more-expensive/article-129013"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-04/roadways1.png" alt=""></a><br /><p> खानपुर। खानपुर में कोरोना काल से रोडवेज की कुछ बसें बंद चल रही थी जिसके चलते राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जानकारी अनुसार खानपुर में बारां झालावाड़ मेगा हाइवे पर ना तो कोई बस स्टैंड बना हुआ है और ना ही यात्रियों को बसों की सुविधा मिल पा रही है। रोडवेज की कुछ बसें ऐसी है जो पहले चलती थी जैसे हिंडौन गाड़ी जो की खानपुर से सुबह 5 रवाना होती थी और उधर से कोटा से आते समय लगभग 6:30 बजे कोटा से रवाना होती थी।  इससे व्यापारी कृषक व विद्यार्थी भी सुबह से जाने वाला विद्यार्थी शाम को घर वापस आ जाता था उसके लिए हिंडौन गाड़ी बहुत ही अच्छी गाड़ी थी क्योंकि उसमें कोटा जाने वाला व्यापारी पूरा कार्य करके और 9 बजे भी तैयार होकर वहां से बैठ जाता था और खानपुर पहुंच जाता था। मजबूरन रोजाना झालावाड़ या कोटा जाने वालों को निजी वाहनों में सफर करना पड़ रहा है और निजी वाहनों का किराया भारी पड़ता है जो एक गरीब व्यक्ति उसका वहन नहीं कर सकता। निजी वाहन में सफर करना महंगा और असुरक्षित है परिवहन की बसों की गारंटी है निजी वाहनों की कोई सुरक्षा नहीं है। खानपुर कस्बे वासियों का कहना है की जो बसें बंद हुई है अगर वह बसे वापस चालू हो जाती है जैसे हिंडौन बस झालावाड़ से रात्रि सेवा सुविधा और भी कुछ बसे हैं जो पहले चलती थी तो यात्रियों को थोड़ी <br />राहत मिलेगी। </p>
<p>इधर से तो हम कोटा चले जाते हैं लेकिन कोटा से खरीदारी करने के बाद जब वापस आते हैं तो उधर से आने के लिए कोई बस नहीं है इसलिए हिंडौन गाड़ी वापस चालू की जाए।<br /><strong>-बंटी गौतम, कस्बेवासी </strong></p>
<p>अभी बीच में झालावाड़ जाने के लिए खानपुर से सुबह 7 बजे दो या तीन महीने पहले बस चल रही थी लेकिन वह बस बंद हो गई है उसे चालू किया जाए।<br /><strong>-मुकेश मालव, कस्बेवासी </strong></p>
<p>कोटा से रात को आने के लिए हिंडौन बस चलती थी वह बस खानपुर के लिए एक बहुत अच्छी सेवा थी उसे सेवा को वापस चालू की जाए।<br /><strong>-टोनी मीणा, कस्बेवासी</strong></p>
<p>कोरोना काल के बाद कुछ बसें खानपुर से बंद हो गई है उन बंद बसों को चालू किया जाए ताकि यात्री परिवहन की बस में सफर कर सके।<br /><strong>-राजाराम गुर्जर, कस्बेवासी</strong></p>
<p>बच्चों को खानपुर से झालावाड़ कॉलेज भी जाना पड़ता है और कोई आॅफिसर खानपुर से झालावाड़ डेली अप डाउन भी करता है तो उनको परेशानी का सामना करना पड़ता है अत: बंद बसों को चालू करने की कृपा करें।<br /><strong>-पपला गुर्जर, कस्बेवासी</strong></p>
<p>कोरोना के बाद कुछ बसें बंद हो गई थी उन बसों को सुचारू रूप से चालू की जाए ताकि निजी वाहनों से बचकर परिवहन की बसों में यात्रा कर सके।<br /><strong>-नरेंद्र मालव, कस्बेवासी</strong></p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />रोडवेज बस जो कुछ समय पहले बंद हो गई थी, वह संसाधन तुरंत चालू किए जाएंगे और जहां तक हो सके तो फरवरी में स्थाई रूप से खानपुर में बस स्टैंड भी बन जाएगा।  खानपुर में हमें जमीन भी मिल गई है बाउंड्री को रोडवेज के नाम करवा लिया है इसलिए हो सके तो बस स्टैंड फरवरी में लगभग बन सकता है इसका पट्टा भी बन चुका है।<br /><strong>-पवन सैनी यातायात प्रबंधक, झालावाड़</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>झालावाड़</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 07 Oct 2025 16:27:37 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>मोरक्को में टाटा का बख्तरबंद वाहन प्लांट : मेक इन इंडिया से मेक फॉर द वर्ल्ड की ओर भारत, सार्वजनिक और निजी क्षेत्र का योगदान</title>
                                    <description><![CDATA[यह दिखाता है कि भारत मेक इन इंडिया से मेक फॉर द वर्ल्ड की ओर बढ़ रहा है। ऑपरेशन सिंदूर के बाद कई देशों ने भारतीय हथियारों में रुचि दिखाई।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/tatas-ardent-vehicle-plant-in-morocco-indias-public-and-private/article-127627"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-09/11-(3)8.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह मोरक्को में टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स के पहले मैन्युफैक्चरिंग प्लांट का उद्घाटन करने वाले हैं। यह बेरेचिड में व्हील्ड आर्मर्ड प्लेटफॉर्म के लिए है। यह अफ्रीका में भारत का पहला रक्षा उत्पादन केंद्र है। यह दिखाता है कि भारत मेक इन इंडिया से मेक फॉर द वर्ल्ड की ओर बढ़ रहा है। ऑपरेशन सिंदूर के बाद कई देशों ने भारतीय हथियारों में रुचि दिखाई। </p>
<p><strong>2014 से रक्षा क्षेत्र में बदलाव</strong><br />2014 से भारत का रक्षा क्षेत्र बहुत बदला है। पहले ज्यादातर आयात पर निर्भर थे। अब स्वावलंबन और स्वदेशी उत्पादन पर जोर है। मेक इन इंडिया और नीतिगत बदलावों से घरेलू उत्पादन बढ़ा। विदेशी खरीद कम हुई। भारत अब उन्नत सैन्य तकनीक बनाने का केंद्र बन रहा है। वित्तीय वर्ष 2024-25 में रक्षा निर्यात रिकॉर्ड 23,622 करोड़ रुपए (लगभग 2.76 अरब डॉलर) पहुंचा। पिछले साल के 21,083 करोड़ से 12.04% या 2,539 करोड़ की बढ़ोतरी हुई।</p>
<p><strong>सार्वजनिक और निजी क्षेत्र का योगदान</strong><br />रक्षा सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रम के निर्यात 42.85% बढ़े। यह दिखाता है कि भारतीय उत्पाद वैश्विक बाजार में स्वीकार्य हो रहे। भारतीय रक्षा उद्योग वैश्विक सप्लाई चेन का हिस्सा बन रहा।</p>
<p><strong>निजी क्षेत्र: </strong>15,233 करोड़ रुपए (पिछले साल 15,209 करोड़)<br /><strong>डीपीएसयूएस: </strong>8,389 करोड़ रुपए (पिछले साल 5,874 करोड़)।<br />सरकारी नीतियों, कारोबार आसानी और स्वावलंबन से भारत अब 100 से ज्यादा देशों को निर्यात करता है। 2023-24 के शीर्ष तीन गंतव्य: अमेरिका, फ्रांस और आर्मेनिया।</p>
<p><strong>2029 का लक्ष्य</strong><br />2029 तक रक्षा निर्यात 50,000 करोड़ रुपये का लक्ष्य है। भारत वैश्विक रक्षा साझेदार बनेगा। एक बड़ा मील का पत्थर मेक इन बिहार बूट रूसी सेना में शामिल। यह भारत के उच्च निर्माण मानकों को दिखाता है। 2029 तक रक्षा उत्पादन 3 लाख करोड़ और निर्यात 50,000 करोड़ का लक्ष्य है। अफ्रीका में डब्ल्यूएचएपी प्लांट भारत के विदेशी रक्षा उत्पादन की शुरूआत है। यह प्लांट भारत की वैश्विक रक्षा उपस्थिति बढ़ाएगा। मोरक्को के साथ साझेदारी मजबूत होगी। भारत अब न सिर्फ खुद के लिए, बल्कि दुनिया के लिए हथियार बनाएगा।</p>
<p><strong>निर्यात में क्या शामिल?</strong><br />निर्यात में हथियार, गोला-बारूद और फ्यूज हैं, लेकिन पूर्ण हथियार सिस्टम भी जैसे- ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल, तोपें, चेतक हेलीकॉप्टर, डोर्नियर-228 विमान, रडार, आकाश एयर डिफेंस मिसाइल, पिनाका रॉकेट, तेज इंटरसेप्टर बोट, हल्के टॉरपीडो और बख्तरबंद वाहन।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 23 Sep 2025 09:59:32 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>खतरनाक सफर: नेशनल हाइवे 27 पर मौत के गड्ढे, अव्यवस्था से बढ़ रहे हादसे</title>
                                    <description><![CDATA[ अव्यवस्थित डिवाइडर और मवेशियों का जमावड़ा दुर्घटना का कारण]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/baran/dangerous-journey--death-potholes-on-national-highway-27--accidents-increasing-due-to-chaos/article-126545"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-09/_400-px)-(1)5.png" alt=""></a><br /><p>राजपुर। कोटा-शिवपुरी नेशनल हाईवे 27 पर लगातार बढ़ती समस्याएं वाहन चालकों के लिए खौफनाक सफर का कारण बन रही हैं। खस्ताहाल सड़क, डिवाइडर में उगे पेड़-पौधे, गहरे गड्ढे और मवेशियों की मौजूदगी हाईवे को रोजाना खतरनाक बना रही है। कई वाहन चालक दुर्घटना का शिकार हो चुके हैं, लेकिन विभागीय अधिकारी अब तक गंभीरता नहीं दिखा पाए हैं। </p>
<p><strong> गड्ढों से मौत कागढ़ बना हाईवे</strong><br />सड़क की हालत बेहद खराब हो चुकी है। वाहन चालक अक्सर गहरे गड्ढों में फंस जाते हैं या अचानक घूमते मवेशियों से टकराकर हादसे का शिकार हो जाते हैं। लोगों का कहना है कि लंबे समय से सड़क की मरम्मत नहीं हुई है। हादसों की संभावना दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही है।</p>
<p><strong>डिवाइडर में पेड़-पौधे, खतरे का कारण</strong><br />डिवाइडर में उगे पेड़-पौधों की कटाई महीनों से नहीं हुई। टहनियां सड़क पर झुक जाती हैं और अचानक वाहन चालकों के सामने आ जाती हैं। मवेशी भी इन्हीं पेड़ों के बीच छिपकर सड़क पर आ जाते हैं। इससे दुर्घटनाएं बढ़ रही हैं, लेकिन विभाग ने ध्यान नहीं दिया है।</p>
<p><strong>जनप्रतिनिधियों की चुप्पी</strong><br />लोगों का कहना है कि स्थानीय जनप्रतिनिधि भी इस मुद्दे पर मौन हैं। अब जनता उच्च अधिकारियों से तत्काल कार्रवाई की उम्मीद कर रही है।</p>
<p><strong> टोल वसूली लेकिन मरम्मत नहीं</strong><br />स्थानीय लोगों ने बताया कि टोल प्लाजा पर वसूली तो की जाती है, लेकिन मरम्मत व साफ-सफाई पर खर्च नहीं किया जाता। वाहन चालक भारत सिंह, राहुल, देवेंद्र, पवन, श्रीकृष्ण, अकरम खान, मूनब्बर खान ने कहा कि सड़क पर सुरक्षा संकेत बोर्ड भी नहीं लगे हैं।<br /> <br /><strong> दुर्घटनाओं का बढ़ता आंकड़ा</strong><br />कोटा से झांसी तक इस हाईवे पर प्रतिदिन दर्जनों दुर्घटनाएं होती हैं। कई हादसे जानलेवा साबित होते हैं। लोगों ने हाईवे विभाग के अधिकारियों से सड़क की मरम्मत, डिवाइडर की सफाई, संकेत बोर्ड लगाने और मवेशियों की रोकथाम की मांग की है।</p>
<p>कार्यकारी एजेंसी को दिशा-निर्देश दे दिए गए हैं। जल्द ही हाईवे पर बनी समस्याओं का समाधान किया जाएगा।<br /><strong>- उमाकांत मीणा, प्रोजेक्ट डायरेक्टर। </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बारां</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 11 Sep 2025 14:59:20 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कचरा गाड़ी आती है पर हार्न नहीं बजाती है</title>
                                    <description><![CDATA[वार्डवासियों को कचरा बाहर डालना पड़ता है साथ झूलते बिजली के तारों से हादसे का अंदेशा रहता है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/the-garbage-vehicle-comes-but-does-not-blow-the-horn/article-119286"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-07/news-(1)7.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। शहर के कोटा दक्षिण के वार्ड एक  में वैसे तो अनेक विकास के कार्य हुए पर वार्ड की समस्या में छोटी नालियां व टूटे डिवाइडर वहीं छोटी कचरा गाड़ी आती है पर वहां हॉर्न नहीं लगाती ना ही आवाज लगाती है। जिसे वार्डवासियों को कचरा बाहर डालना पड़ता है साथ झूलते बिजली के तारों से हादसे का अंदेशा रहता है। और कुछ जगह पर प्लास्टिक के लगे हुए डिवाइडर टूट गए है जिसे बारिश में बाइक सवारों के फिसलने का अंदेशा बना रहता है। </p>
<p><strong>यहां है वार्ड का इलाका  </strong><br />अफीम गोदाम, पट्टा बुर्ज अखाड़ा, रेतवाली, पदमनाथ मंदिर,नीलकंठ मंदिर, कैथूनीपोल थाना।</p>
<p><strong>कॉम्पलेक्स की नल की टोटियां गायब </strong><br />वार्डवासी तीर्थराज गोदवानी ने बताया कि वार्ड में स्थित महिला स्रान घर पर ताला लगा हुआ है। जिसे महिलाओं को परेशानी का सामना करना पड़ता है।  साथ ही कॉम्पलेक्स के नल की टोटियां गायब व दरवाजों को मरम्मत की दरकार है।  वहीं कैथूनीपोल थाने के पास सड़क को खोद व केबल डालकर खुदी सड़क की मरम्मत करना भूल गए। </p>
<p><strong>वार्ड में पक्की नालियों की दरकार </strong><br />वार्ड में कुछ हिस्सों में नालियां छोटी - छोटी व कच्ची बनी हुई है। जिसे बारिश का पानी निकलने में परेशानी का सामना करना पड़ता है। व वार्ड की अधिकतर नालियों पर ढकान करके गाड़िया खड़ी करने लगा गए है। जिसे नालियों की सफाई करने में परेशान का सामना करना पड़ता है। </p>
<p><strong>टूटे डिवाइडर दे रहे दर्द</strong><br />वार्ड में कुछ स्थानों पर डिवाइडर टूटे हुए जिसे वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। और टूटे डिवाइडर लोगों को परेशानी व दर्द दे रहे है।  वहीं वार्डवासियों ने बताया कि बारिश के समय टूटे डिवाइडर से बाइक सवारों को फिसलने का खतरा बना रहता है। </p>
<p><strong>पार्क का कचरा पात्र गंदगी से भरा पड़ा</strong><br />पार्क में घूमने आने वाले दिनेश, अरविंद ने बताया कि पार्क के कचरा पात्र में खाली बोतल, डिस्पोजल,  वेस्ट पेपर सहित अन्य बेकार की वस्तुएं पड़ी हुई है। पार्क के कुछ हिस्सें में पेड़ की कटी हुई लकड़िया व पत्ते रख हुए है साथ ही बिजली का पैनल बॉक्स भी खुल है जिसे  पार्क में खेलने आने वालों के साथ हादसे का अंदेशा रहता है। </p>
<p><strong> छोटी कचरा गाड़ी को माइक की आवश्यकता</strong><br />वार्ड में रहने वाले ने बताया कि हमारे मकान तक छोटी कचरा गाड़ी आती है, पर वहां कचरें के लिए आवाज नहीं लगाती है और ना ही किसी प्रकार का जो अन्य जगहों पर कचरे वाला गाना बजता है वहां भी नहीं बजता है। जिसे हमें परेशानी का सामना करना पड़ता है व छोटी कचरा गाड़ी को भी माइक देना चाहिए। <br /><strong>- अब्दुल रशीद, वार्ड वासी </strong></p>
<p>वार्ड वासी ने बताया कि वार्ड मे समय - समय पर सफाई होती है साथ ही लाइट व नल भी समय पर आता है।<br /><strong>- बंटी वार्डवासी</strong></p>
<p>मेरे मकान के सामने जो जर्जर भवन है उसमें से बारिश में प्लास्टर गिरता है जिसे नीचे खड़े राहगीरों को परेशानी होती है साथ ही हम भी डर के साये में जी रहे है। साथ ही कई बार अधिकारियों को शिकायत कर दी पर कोई ध्यान नहीं देता है। <br /><strong>- भुवनेश मोदी, वार्ड वासी</strong> </p>
<p>वार्ड में अधिकतर बंदरों का आतंक हमारे तरफ केकिस भी घर पर खाने पीने की चीज यदि खुले में रख हुई है तो वह अचानक से आकर बंदर ले जाते है। जिसे कई बार डर का माहौल बना रहता है। <br /><strong>महावीर सुमन, वार्डवासी </strong></p>
<p>मेरे वार्ड में विकास के काम करीब - करीब हो चुके है साथ ही पार्क भी पूर्ण रूप से विकसित है। महिला स्रान गृह को पट्टा बुर्जुग में शिफ्ट कर दिया है। कुछ जगहों पर अधूरी नालियों को पूर्ण कर दिया जाएगा। <br /><strong>- दिलीप अरोड़ा, वार्ड पार्षद 1</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 03 Jul 2025 16:00:16 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title> सड़कों के गड्ढों में भरा पानी, वाहन चालक फिसल रहे</title>
                                    <description><![CDATA[वाहन धारियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/water-filled-in-potholes-on-roads--drivers-slipping/article-118800"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-06/rtroer145.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। शहर के मुख्य मार्गो पर बारिश के कारण गड्ढे हो गए है जिनमें बारिश का पानी भर जाने से कई बार वाहन चालकों को यह दिखाई भी नहीं देते, जिससे वाहन गड्ढ़ो में फंस कर वाहन चालक चोटिल भी हो जातें है। प्रशासन गड्ढों की मरम्मत के नाम पर  गिट्टी व मिट्टी डालकर खानापूर्ति कर रहा है। जिससे वाहन धारियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। </p>
<p><strong>गिट्टी व सीमेंट से खानापूर्ति</strong><br />वाहन चालकों का कहना है कि गड्ढ़ो को सही से भरा नहीं जा रहा है। गड्ढ़ो को भरने के नाम पर केवल खानापूर्ति की जा रहीं है। गिट्टीं व सीमेंट का उपयोग कर गड्ढ़ो को भर तो दिया जाता है बारिश के पानी के कारण गड्ढ़ो में भरा मसाला बह जाता है। जिससे गड्ढ़ो और भी गहरे हो जाते है।<br /><strong>-अनिकांत जैन, वाहन चालक</strong></p>
<p><strong>इन मार्गो पर है ज्यादा गड्ढ़े</strong><br />शहर के स्टेशन, मालाफाटक, नयापुरा जेडिबी रोड़, गुमानपुरा लिंक रोड़, वल्लभ नगर लिंक रोड इन क्षेत्रों में सड़को पर अधिक गड्ढ़े होने के कारण वाहन चालकों को अधिक परेशानी का सामना करना पड़ता है।<br /><strong>-शुभम मेहरा, वाहन चालक</strong></p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />अभी प्री मानसून की बारिश का दौर चल रहा है। बारिश थमने और मानसून के सक्रिय होने के पहले गड्ढे भरने का  कार्य शुरू कर दिया जाएगा। हमारी टीम तैयार है अगले सप्ताह तक शहर में हो रहे सड़कंो के सारे गड्ढ़ो को सही से भरकर ठीक कर दिया जाएगा।<br /><strong>-रविन्दÑ माथुर, निदेशक अभियांत्रकी कोटा विकास प्राधिकरण</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 28 Jun 2025 18:55:38 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>मावठ की पहली बौछारों से ही छलनी हुआ डीसीएम लिंक रोड, जगह-जगह बने गढ्ड़े</title>
                                    <description><![CDATA[अचानक गड्ढ़ों से गुजरने के कारण हादसे का खतरा बना रहता है।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/the-dcm-link-road-was-riddled-with-the-first-showers-of-mawth/article-101401"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-01/5554-(1)46.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। थोक फल सब्जीमंडी से एयरपोर्ट लिंक रोड मावट की पहली बरसात में ही छलनी हो गई। राजकीय पॉलीटेक्निक कॉलेज से सटा 2 किमी लिंक रोड पर ढाई माह पहले ही केडीए द्वारा पेचवर्क करवाए गए थे, जो कुछ दिन पहले हुई बारिश में ही जगह-जगह से उखड़ गई। सड़क पर जगह - जगह गहरे गड्ढ़े हो रहे हैं। वहीं, सड़क किनारे नाला निर्माण कार्य होने से निर्माण सामग्री भी फैली हुई है। ऐसे में सड़क की चौड़ाई कम होने और जगह जगह गहरे गड्ढ़े होने से वाहन चालकों के हादसे का शिकार होने का खतरा बना रहता है। </p>
<p><strong>जगह-जगह गहरे गढ्ड़े, हादसे का रहता डर  </strong><br />थोक फल सब्जीमंडी चौराहे से एयरपोर्ट की ओर गुजर रहा लिंक रोड पर जगह-जगह गहरे गड्ढ़े हो रहे हैं। जिससे वाहन चालकों के हादसे की आशंका बनी रहती है। छावनी निवासी इदरीस व अनिल कुमार ने बताया कि देर रात व अल सुबह कोहरे के कारण गड्ढ़े दिखाई नहीं देते। अचानक गड्ढ़ों से गुजरने के कारण हादसे का खतरा बना रहता है। जबकि, इस सड़क पर ढाई से तीन माह पहले ही पेचवर्क किया गया था। लेकिन, मावट  की पहली बारिश में ही गड्ढ़े हो गए और जगह जगह डामर की बारिक गिट्टियां फैल गई। जिससे हादसे का खतरा बना रहता है। </p>
<p><strong>कोहरे में नहीं दिखती सड़क पर पड़ी निर्माण सामग्री </strong><br />फल व्यापारी कैलाश विजयवर्गीय, शंभू दयाल नागर ने बताया कि अल सुबह थोक फल सब्जीमंडी में  सब्जियों से भरे वाहन लेकर आते हैं। एयरपोर्ट के सामने लॉयंस क्लब व अपना घर आश्रम के बीच निर्माण सामग्री गिट्टी और बजरी के ढेर लगे हुए हैं,जो कोहरे के कारण दिखाई नहीं देते। ऐसे में कई बार सब्जियों से भरे वाहन बजरी के ढेर पर चढ़ जाते हैं। वहीं, गहरे गड्ढ़ों के कारण वाहन से सब्जियां गिर जाती है। </p>
<p><strong>गड्ढ़ों से असंतुलित हुई बाइक, हाथ फ्रेक्चर</strong><br />मैकेनिक रईस अहमद ने बताया कि गत माह पहले मोटर मार्केट से काम  खत्म कर मैं और साथी कालू पांचाल शाम 7 बजे बाइक से घर लौट रहे थे। पॉलिटेक्निक कॉलेज के पास गड्ढ़ों में बाइक असंतुलित होकर फिसल गई। जिससे बाइक पर पीछे बैठे कालू का हाथ फ्रैक्चर हो गया। जिसे आॅटो कर तुरंत हॉस्पिटल लेकर पहुंचा। यहां गड्ढ़ों  के आसपास डामर की बारीक गिट्टियां फैली हुई है। जिससे बाइक फिसलने से हादसे हो रहे हैं। </p>
<p>पूर्व में भी गड्ढ़े सही करवाने के लिए पेचवर्क करवाए गए थे, अभी काम चल रहा है, जिसके पूरे होते ही फिर से सड़क की मरम्मत करवा दी जाएगी। <br /><strong>- रविंद्र माथूर, निदेशक अभियांत्रिकी कोटा विकास प्राधिकरण </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 20 Jan 2025 15:03:49 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>पुलिस ने वाहन चोर किए गिरफ्तार, 6 बाइक बरामद</title>
                                    <description><![CDATA[शिप्रापथ में राहुल बर्मन को गिरफ्तार कर 5  दुपहिया और प्रताप नगर में कमलेश जाट को गिरफ्तार कर एक वाहन जब्त किया है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/police-arrested-vehicle-thieves-and-recovered-6-bikes/article-99655"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-01/6688-copy1.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। कमिश्नरेट की सीएसटी टीम ने शिप्रापथ और प्रताप नगर थाना इलाके में दो शातिर वाहन चोरों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से चोरी के छह वाहन बरामद किए हैं। शिप्रापथ में राहुल बर्मन को गिरफ्तार कर 5  दुपहिया और प्रताप नगर में कमलेश जाट को गिरफ्तार कर एक वाहन जब्त किया है। </p>
<p>गिरफ्तार राहुल बर्मन कूच बिहार पश्चिम बंगाल हाल कच्ची बस्ती मालवीय नगर और कमलेश जाट निवाई बरौनी टोंक का रहने वाला है। कमिश्नर बीजू जोसफ ने बताया कि शिप्रापथ में राहुल के कब्जे से 4 बाइक और एक एक्टिवा और प्रताप नगर में कमलेश के कब्जे से एक बाइक जब्त की है। कमलेश ने स्वीकार किया कि उसने प्रतापनगर, सांगानेर और  सांगानेर सदर इलाके से अन्य 5 और दुपहिया वाहनों की चोरी  की है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 05 Jan 2025 10:39:04 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पशुपालकों की लापरवाही से रोज हो रहे हादसे</title>
                                    <description><![CDATA[हाइवे पर नहीं हो रही मूलभूत सुविधाएं मुहैया ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/baran/accidents-are-happening-every-day-due-to-the-negligence-of-cattle-keepers/article-96786"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-12/257rtrer-(28).png" alt=""></a><br /><p>राजपुर। राष्ट्रीय राजमार्ग 27 कोटा शिवपुरी मार्ग पर कई छोटे बड़े गांव आते हैं। इन गांवों के पशुपालक अपने मवेशियों को दूध निकालने के बाद उन्हें चरने के लिए छोड़ देते हैं। यह मवेशी जंगल में चरने के बाद राष्ट्रीय राजमार्ग पर विचरण करते हुए नजर आते हैं। इससे राष्ट्रीय राजमार्ग 27 से निकलने वाले वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। इन मवेशियों के कारण हुए हादसों में कई लोगों की जान भी जा चुकी है। इसके बाद भी राष्ट्रीय राजमार्ग 27 से लेकर ग्रामीण क्षेत्र  की सड़कों पर दिन रात मवेशी घूमते रहते हैं। कस्बे के हर मौहल्ले, गली और मुख्य सड़क पर आवारा मवेशी बैठे रहते हैं। यह मवेशी अक्सर एक-दूसरे से लड़ते रहते हैं। इससे कई बार सड़क किनारे खड़े वाहन आदि क्षतिग्रस्त हो जाते हैं। इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्र की मुख्य सड़क पर सब्जी आदि लेकर जाने वाले लोगों के हाथ से सब्जी की थैली आदि को भी यह मवेशी मुंह मारकर छीन कर खा जाते हैं। इससे लोगों को नुकसान हो जाता है। सबसे ज्यादा मवेशी नेशनल हाईवे 27 और अहिंसा सर्किल बस स्टैंड से लेकर विभिन्न गांव के चौराहे और राष्ट्रीय राजमार्ग तक देखने को मिलते हैं।</p>
<p><strong>अचानक मवेशी आने से वाहन चालकों का बिगड़ता है संतुलन</strong><br />लोडिंग वाहन चालकों का कहना है कि मवेशियों के चक्कर में कई बार वाहन चालक का संतुलन बिगड़ जाता है और वाहन पलट जाते हैं। जिससे गाड़ी के नुकसान के साथ-साथ परिवहन करने वाले माल का भी नुकसान झेलना पड़ता है। हाईवे पर सफर करना मुसीबत का कारण बना हुआ है और टोल वसूली के नाम पर हाईवे टोल प्लाजा वाहन चालकों से वसूली पूरी करते हैं लेकिन हाईवे पर मूलभूत सुविधाएं मुहैया नहीं कर पाते हैं। इसके चलते वाहन चालकों को काफी परेशानियों भरा सफर करना पड़ता है। इसके चलते वाहन चालकों में टोल प्लाजा मेंटेनेंस कर्मचारियों के प्रति रोष व्याप्त है।</p>
<p><strong>हाइवे पर बन जाती है जाम की स्थिति</strong><br />वाहन चालक राजकुमार शाक्यवाल, जितेंद्र शर्मा, भरत सिंह, हेमंत खत्री, पदमचंद ओझा, रामकुमार, मुनव्वर खान, शकील आदि ने बताया कि सर्दी का सीजन शुरू हो चुका है। ऐसे में रात के समय राष्ट्रीय राजमार्ग से लेकर ग्रामीण मार्ग की सड़क पर बैठे मवेशी दिखाई नहीं देते हैं। कई स्थानों पर तो मवेशी पूर्ण तरीके से रोड पर जाम की स्थिति बना देते है। इससे वाहनों को निकालने में परेशानी होती है। इसके बाद भी क्षेत्र के कई पशुपालक ऐसे हैं जो अपने पशुओं को खुले में छोड़ देते हैं। दिनभर यह मवेशी हाईवे और ग्रामीण क्षेत्र की सड़कों पर घूमते रहते हैं।</p>
<p><strong>जिम्मेदार टोल प्लाजा, पेट्रोलिंग कर्मचारी नहीं है गंभीर</strong><br />रात के समय सड़कों पर बैठे मवेशियों के कारण आए दिन हादसे होते रहते हैं। इन हादसों में कई बार दोपहिया वाहन चालकों की जान भी चले जाती है। वहीं कई बार बड़े वाहन से हुए हादसों के कारण कई बार मवेशियों की भी मौत हो जाती है। इसके बाद भी जिम्मेदार टोल प्लाजा पेट्रोलिंग कर्मचारी इस मामले को गंभीरता से नहीं देते हैं और और राष्ट्रीय राजमार्ग 27 पर हुए हादसे के बाद पशु पालक जिस वाहन से हादसा होता है उससे अपने मवेशी की मौत पर मनमाने रुपए की भी मांग करते हैं और जब वाहन चलाक रुपए नहीं देते हैं तो लड़ाई झगड़ा करने पर उतारू कर मारपीट कर देते हैं।  </p>
<p>राष्ट्रीय राजमार्ग 27 पर मवेशियों का जमावड़ा वाहन चालकों के लिए दुर्घटना का सबब बना हुआ है। इस मामले को लेकर कोई गंभीर नहीं है।<br /><strong>- रामदयाल मेहता, मंडल अध्यक्ष, भाजपा किसान मोर्चा मंडल,  शाहाबाद। </strong></p>
<p>राष्ट्रीय राजमार्ग पर कई जानवर और वाहन चालक दुर्घटना में अकाल मौत के शिकार हो चुके हैं। किसान भी अपने मवेशियों को दूध निकाल कर खुला छोड़ देते हैं। ऐसे में दुर्घटनाएं बढ रही हैं। जिम्मेदारों को प्रभावी कार्रवाई करना चाहिए।<br /><strong>- राहुल शर्मा, दुकानदार।</strong></p>
<p>हाइवे पर सफर करने वाले यात्रियों के लिए मवेशी जानलेवा साबित हो रहे हैं। हाईवे विभाग की पट्रोलिंग व्यवस्था ठीक नहीं होने के कारण हाईवे पर मवेशियों का जमघट देखा जाता है।<br /><strong>- भरत मेहता, उपसरपंच, खांडा सहरोल।</strong><br />    <br />इस वर्ष राष्ट्रीय राजमार्ग पर सबसे ज्यादा दुर्घटना मवेशियों की वजह से हुई हैं। हाइवे पर जगह-जगह मवेशियों का जमावड़ा लगा रहता है। ऐसे में हाइवे पर सफर करना परेशानी भरा साबित हो रहा है।<br /><strong>- राहुल शिवहरे, समाजसेवी, मुड़ियर। </strong></p>
<p>नेशनल हाइवे 27 पर टोल वसूली पूरी वसूल की जा रही है लेकिन सुविधाएं आधी अधूरी मुहैया कराई जा रही हैं। वाहन चालकों को हाइवे पर मवेशी आने पर स्पीड कम करनी पड़ती है। ऐसे में ईंधन और समय की बर्बादी भी होती हैं।<br /><strong>- कल्लाराम प्रजापति, ग्रामीण, राजपुर। </strong></p>
<p>राष्ट्रीय राजमार्ग 27 पर मवेशियों को हटाने के लिए पेट्रोलिंग के कर्मचारी लगे हुए हैं जो हाईवे से मवेशियों को हटाने का काम करते हैं। अगर कहीं पर मवेशी बैठे रहते हैं तो पेट्रोलिंग कर्मचारी से मवेशियों को हटवाने को और प्रभावी पेट्रोलिंग के साथ-साथ मवेशियों को रिफ्लेक्टर लगाने के दिशा-निर्देश दिए जाएंगे। <br /><strong>- उमाकांत मीणा, प्रोजेक्ट, डायरेक्टर एनएचएआई, ग्वालियर। </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बारां</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 05 Dec 2024 15:16:10 +0530</pubDate>
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                            </item>
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                <title>गौरव पथ के बीच लगा बिजली का खंभा बना मुसीबत </title>
                                    <description><![CDATA[हादसों का हर समय खतरा बना रहता है।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/baran/electricity-pole-installed-in-the-middle-of-gaurav-path-becomes-a-problem/article-95396"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-11/257rtrer1.png" alt=""></a><br /><p>कवाई। कस्बे में नेशनल हाईवे से स्टेट हाईवे को मिलने वाले गौरव पथ सड़क पर विद्युत खंभा होने से वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। रामपाल गुर्जर मुरारी सुमन सहित मौहल्ले वासियों ने बताया कि गौरव पथ स्टेट हाईवे से नेशनल हाईवे को मिलाने वाली गौरव पथ पर बिजली  खंभे के कारण हादसों का हर समय खतरा बना रहता है। </p>
<p><strong>वाहन चालक परेशान, हादसे का डर</strong><br />सड़क पर बीच में बिजली का खंभा होने से रात्रि में खंभे से वाहन चालकों को टकराने का भय रहता है। जिससे किसी बडे हादसे का डर बना रहता है। अचानक खंभा आने पर कई बार वाहन चालक अनियंत्रित होकर चोटिल हो जाते है। लगता है प्रशासन को किसी बडे हादसे का इंतजार है। </p>
<p><strong>दिन और रात निकलते है सैंकडों वाहन</strong><br />दिन और रात के समय यहां दुपहिया, तिपहिया और चार पहिया वाहनों की आवाजाही रहती है। सड़क से कई बार बड़े वाहन निकालने के दौरान यह खंभा वाहन चालकों के लिए परेशानी बना हुआ है। यहां से सैकड़ों की संख्या में वाहन निकलते हैं। इसको यहां से हटाकर एक साइड में लगवाया जाए। खंभे की वजह से सड़क काफी चौड़ी होने के बावजूद भी काफी सकड़ी हो गई है। </p>
<p>कई बार इस सड़क से निकलते समय बीच में लगे खंभे पर ध्यान नहीं जाता। जिससे खंभे से टकराकर घायल होने का डर बना रहता है। <br /><strong>- रामस्वरूप मेरोठा, वाहन चालक। </strong></p>
<p>यहां दिन और रात में वाहनों का निकलना लगा रहता है। जल्द ही इस विद्युत खंभे को बीच सड़क से हटाकर एक तरफ लगवाया जाए। जिससे किसी बडे हादसे से बचा जा सके। <br /><strong>- रामबाबू, स्थानीय निवासी। </strong></p>
<p>गौरव पथ सड़क के खंभे को हटाकर एक तरफ लगाया जाए ताकि आवागमन में कोई परेशानी नहीं हो। गौरव पथ मुख्य सड़क पर इस खंभे से दुर्घटना भी हो सकती है। इसको लेकर बिजली विभाग को अवगत करवा देंगे। <br /><strong>- चंपालाल चंदेल, सरपंच,  ग्राम पंचायत कवाई। </strong></p>
<p>पहले ऐसी कोई जानकारी नहीं थी।  अब जानकारी मिली है। समस्या को दिखावा कर नियम अनुसार कार्यवाही करेंगे।<br /><strong>- राजेश कुमार मीणा,  जेईएन, बिजली निगम, कवाई। </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बारां</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 20 Nov 2024 16:00:00 +0530</pubDate>
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