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                <title>drivers - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                            <item>
                <title>चालान से भी नहीं समझ रहे वाहन चालक : पुलिस ने लिया डंडे का सहारा, वाहन चालक यातायात नियमों की कर रहे अनदेखी</title>
                                    <description><![CDATA[अब पुलिस ने सख्ती करने लिए डंडे का भी इस्तेमाल शुरू कर दिया। मंगलवार को अल्बर्ट हॉल के पास रामनिवास रोड पर बड़ी संख्या में बाइक चालक बिना हेलमेट चलते दिखाई दिए, तो पुलिसकर्मी ने उन्हें समझाने के लिए डंडे का सहारा लिया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/drivers-are-unable-to-understand-even-the-challan-police-resorted/article-143583"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/6622-copy43.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal"><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">जयपुर। जयपुर शहर में यातायात पुलिस हादसों को रोकने और सुव्यवस्थित यातायात संचालित करने के लिए आमजन को समझाइश के साथ-साथ चालान भी कर रही है, लेकिन वाहन चालक यातायात नियमों को अनदेखी कर हादसों को न्योता दे रहे हैं। </span></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">अब पुलिस ने सख्ती करने लिए डंडे का भी इस्तेमाल शुरू कर दिया। मंगलवार को अल्बर्ट हॉल के पास रामनिवास रोड पर बड़ी संख्या में बाइक चालक बिना हेलमेट चलते दिखाई दिए, तो पुलिसकर्मी ने उन्हें समझाने के लिए डंडे का सहारा लिया।</span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 18 Feb 2026 11:31:12 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कोटा उत्तर वार्ड 5 - मोहन टॉकीज रोड पर खतरा बने खुले चैंबर, ऊंचे स्पीड ब्रेकर से बढ़ा वाहन चालकों का संकट</title>
                                    <description><![CDATA[दुकानों के बाहर खड़े वाहन और संकरी गलियां जाम की बड़ी वजह हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/kota-north-ward-5---open-manholes-on-mohan-talkies-road-pose-a-danger--and-high-speed-breakers-increase-the-difficulties-for-drivers/article-131656"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-11/111-(2)1.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। नगर निगम कोटा उत्तर के वार्ड नंबर 5 की स्थिति आम नागरिकों के लिए बड़ी परेशानी का सबब बन चुकी है। यह वार्ड शहर के प्रमुख बाजारी और घनी आबादी वाले क्षेत्रों में शामिल है। यहां हर रोज जाम, गंदगी और अव्यवस्था के हालात बने रहते हैं। लोगों की शिकायत है कि क्षेत्र की समस्याओं को लेकर कई बार नगर निगम में शिकायत की गई, लेकिन अब तक किसी तरह का ठोस समाधान नहीं निकला है।</p>
<p><strong>सुलभ कॉम्प्लैक्स में नहीं लाइट-पानी की व्यवस्था</strong><br />बाढ़ क्षेत्र में बने सुलभ कॉम्प्लेक्स की स्थिति भी बेहद दयनीय है। यहां लाइट और पानी की व्यवस्था न होने से आने-जाने वाले लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। रात के समय अंधेरा और बदबू के कारण लोग इस कॉम्प्लेक्स का उपयोग करने से भी कतराते हैं। नागरिकों का कहना है कि नगर निगम ने निर्माण तो करवा दिया, लेकिन रखरखाव की जिम्मेदारी किसी ने नहीं ली।</p>
<p><strong>हरदम जाम की स्थिति</strong><br />वार्ड का अधिकांश भाग व्यावसायिक होने से यहां सुबह से देर शाम तक वाहनों की आवाजाही बनी रहती है। दुकानों के बाहर खड़े वाहन और संकरी गलियां जाम की बड़ी वजह हैं। राहगीरों और स्थानीय लोगों को हर दिन घंटों ट्रैफिक में फंसना पड़ता है। बाजारी क्षेत्र की गलियों में वाहनों की लंबी कतारें आम दृश्य बन गई हैं।</p>
<p><strong>गलियों में फैली गंदगी</strong><br />वार्ड क्षेत्र में सफाई व्यवस्था पूरी तरह से लचर नजर आती है। कई इलाकों में कचरे के ढेर लगे रहते हैं, नालियां जाम हैं और मच्छरों का प्रकोप बढ़ रहा है। नागरिकों का कहना है कि सफाई कर्मी नियमित रूप से नहीं आते, जिससे वार्ड के कई हिस्सों में गंदगी फैली रहती है। मानसून के बाद हालात और बिगड़ गए हैं, लेकिन सफाई व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ।</p>
<p><strong>वार्ड का एरिया</strong><br />पुरानी सब्जी मण्डी, हरिजन बस्ती, हजीरा कब्रिस्तान, बजरंग लाल सर्राफ, जैन पुष्प, बजरगं सिंह सिंदेल, सिंधी धर्मशाला, मछली मार्केट, गीता भवन, न्यू क्लॉथ मार्केट, फायर आॅफिस, मोहन टाकिज रोड, इंस्पेक्टरी स्कूल, बागर हाउस, कोली पाडा, पायगा स्कूल, बांस बल्ली मार्केट का क्षेत्र शामिल है।</p>
<p><strong>ऊंचे स्पीड ब्रेकर  परेशान</strong><br />वार्ड की गलियों में बने ऊंचे स्पीड ब्रेकर वाहन चालकों के लिए परेशानी का सबब बन गए हैं। कई जगहों पर बिना किसी मानक के स्पीड ब्रेकर बना दिए गए हैं, जिनसे वाहन क्षतिग्रस्त हो रहे हैं और दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ गई है।</p>
<p><strong> खुले चैंबर</strong><br />मोहन टॉकीज रोड, जो इस वार्ड का मुख्य मार्ग है, वहां जगह-जगह खुले पड़े चैंबर गंभीर हादसों का कारण बन सकते हैं। कई बार स्थानीय नागरिकों और बच्चों के गिरने की घटनाएं भी सामने आई हैं। लोगों का कहना है कि संबंधित विभाग ने कई बार निरीक्षण तो किया, लेकिन अब तक किसी ने मरम्मत का कार्य शुरू नहीं किया। खुले चैंबर न सिर्फ दुर्घटनाओं को आमंत्रण दे रहे हैं, बल्कि बरसात में इनसे बदबू और गंदगी फैलने का भी खतरा रहता है। <br /><strong> -अब्दुल मनान</strong></p>
<p><strong>जल्द हो स्थायी समाधान</strong><br />स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि वार्ड की समस्याओं का शीघ्र निराकरण किया जाए। खुले चैंबरों की मरम्मत, नियमित सफाई व्यवस्था और ट्रैफिक नियंत्रण के लिए ठोस कदम उठाए जाएं। वार्ड नंबर 5 की समस्याएं लंबे समय से अनदेखी का शिकार हैं, और अब समय आ गया है कि नगर निगम इन पर गंभीरता से कार्रवाई करे। <br /><strong>-मंगला देवी, पुष्पा, कुसुम</strong></p>
<p>वार्ड की समस्याओं के समाधान के लिए अनेक बार अधिकारियों को अवगत कराया गया, लेकिन स्थिति जस की तस बनी हुई है। पार्किंग स्थल के अभाव में आए दिन जाम की स्थिति उत्पन्न हो जाती है। सफाई व्यवस्था के तहत वार्ड में प्रतिदिन सफाई की जाती है, फिर भी लोगों की लापरवाही से गंदगी फैल जाती है। कई बार निवेदन किया गया कि कचरा निर्धारित गाड़ी में ही डालें, पर वार्डवासी बात नहीं मानते — अब ऐसे में हम क्या कर सकते हैं।<br /><strong>- रफीक अहमद, पार्षद</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 07 Nov 2025 14:33:23 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>शार्ट कट से निकल रहे दो पहिया वाहन चालक,  सड़क सुरक्षा को बता रहे धत्ता, स्प्रिंग पोस्ट डिवाइडर तक तोड़े</title>
                                    <description><![CDATA[ ट्रैफिक लाइट सिग्नल फ्री शहर में चौराहों पर भी वाहन बिना रूके तेजी से निकल रहे ।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/two-wheeler-drivers-are-taking-shortcuts--ignoring-road-safety--and-even-breaking-spring-post-dividers/article-131602"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-11/ews20.png" alt=""></a><br /><p>कोटा । शहर में एक तरफ तो सड़क सुरक्षा और शहर को दुर्घटना मुक्त बनाने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ कई वाहन चालक ऐसे हैं जो शॉर्ट कट रास्ते अपनाने के लिए स्प्रिंग पोस्ट डिवाइडर तक को तोड़ रहे हैं। शहर को ट्रैफिक लाइट सिग् नल फ्री शहर तो बना दिया है। जिसके तहत शहर के सभी प्रमुख चौराहों से ट्रैफिक लाइटों को हटा दिया है। ऐसे में चौराहों पर भी वाहन बिना रूके तेजी से निकल रहे है। जिससे दुर्घटनाओं का खतरा अधिक बना हुआ है। ऐसे में हादसों को रोकने के लिए ट्रैफिक पुलिस की सलाह पर कोटा विकास प्राधिकरण की ओर से शहर में कई जगह पर ट्रैफिक संकेतक लगाने के साथ ही स्प्रिंग पोस्ट डिवाइडर लगाए हैं। </p>
<p>हालत यह है कि हादसे रोकने के लिए लगाए गए इन डिवाइडरों तक को वाहन चालकों ने तोड़ दिया है। सीएडी चौराहे पर लगाए गए इन डिवाइडर को बीच-बीच से काटकर रास्ता बना लिया है। जिससे वाहन चालक विशेष रूप से दो पहिया वाहन चालक नगर निगम कार्यालय के सामने या डोल्फिन पार्क के पास से घूमकर आने की जगह चौराहे के मोड़ से ही डिवाइडर के बीच से शॉर्ट कट रास्ते से निकल रहे है। इसके लिए महंगे डिवाइडर तक को जमीन से काटकर हटा दिया है। इसी तरह शॉपिंग सेंटर से घोड़ा चौराहे की तरफ  मोड़ पर लगाए गए इन स्प्रिेंग पोस्ट डिवाइडरों को भी बीच से तोड़ दिया है। जिससे दो पहिया वाहन शॉर्ट कट  व रोंग साइड से वाहन निकाल रहे है। इससे दुर्घटनाओें का खतरा अधिक बना हुआ है। यही हालत नयापुरा में नवल सर्किल के पास की है। यहां रोडवेज बसों के खड़े होने से जाम की स्थिति बनी रहती है। ऐसे में मेन रोड से बसों को अंदर की तरफ खड़ा करने व लोगों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए इस तरह के डिवाइडर लगाए गए थे। लेकिन बसों की टक्कर से व लोगों ने अपनी सुविधा के लिए उन डिवाइडर तक को बीच-बीच से तोड़ दिया है। जिससे दो पहिया वाहन चालक शॉर्ट रास्ते से निकलकर हादसों का खतरा बने हुए हैं। </p>
<p><strong>वल्लभ नगर चौराहे पर भी लगाए</strong><br />शहर में पहले जहां पत्थरों के व प्लांटर वाले या बेरीकेडिंग से अस्थायी डिवाडिर बनाए जा रहे थे। वहीं अब केडीए की ओर से स्प्रिंग पोस्ट डिवाइडर बनाए जा रहे है। जिससे ये जगह भी कम घेरते हैं और इनके टकराने के बाद वाहन व  वाहन चालक को नुकसान नहीं होता है। वाहन से टकराने के बाद ये नीचे गिरकर वापस स्वत: ही पुरानी स्थिति में आ जाते है। इसे देखते हुए केडीए द्वारा हाल ही में वल्लभ नगर चौराहे से फ्लाई ओवर तक इस तरह के डिवाइडर लगाए हैं। जिससे यातायात सुचारू हो सके और दुर्घटनाओं का खतरा भी कम हो। </p>
<p><strong>वाहन चालकों ने तोड़े</strong><br />केडीए अधिकारियों का कहना है कि हादसों का खतरा कम करने के लिए केडीए ने शहर में जगह-जगह मुख्य मार्गों पर स्प्रिंग पोस्ट डिवाइडर लगाए थे। लेकिन दो पहिया वाहन चालकों ने अपनी सुविधा  के लिए शॉर्ट कट रास्ता अपनाने को देखते हुए रात के अंधेरे में इन डिवाइडरों के ऊपरी हिस्से को काट दिया है। बीच-बीच से एक या दो पोस्ट हटा दी है जिससे दो पहिया वाहन आसानी से निकल सके। ऐसा करने वालों की पहचान का प्रयास किया जा रहा है। उनकी पहचान होने पर कार्रवाई की जाएगी</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 06 Nov 2025 16:03:45 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>संकेतक बोर्डों पर नेताओं के बैनर से वाहन चालक परेशान</title>
                                    <description><![CDATA[कनवास दरा और हिंगोनिया पंचायत क्षेत्र में सरकारी इमारतों पर भी नेताओं के नाम लिखे हैं।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/drivers-are-troubled-by-banners-of-leaders-on-indicator-boards/article-123241"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-08/1ne1ws-(3)19.png" alt=""></a><br /><p>कनवास। स्टेट हाइवे पर लगे संकेतक बोर्डों पर नेताओं के फ्लेक्स और बैनरों ने वाहन चालकों की परेशानी बढ़ा दी है। इन बैनरों के कारण दूर-दराज से आने वाले वाहन चालकों को शहर या कस्बे का नाम और दूरी की जानकारी नहीं मिल पाती। जिससे उन्हें रास्ता खोजने में दिक्कत होती है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि इन अवैध बैनरों को तत्काल हटाया जाए और राजकीय संपत्ति निरूपण अधिनियम के तहत दोषियों पर मुकदमा दर्ज किया जाए। कनवास दरा और हिंगोनिया पंचायत क्षेत्र में सरकारी इमारतों की चारदीवारी पर भी नेताओं के नाम लिखे हैं। जिन्हें हटाने की आवश्यकता है।</p>
<p><strong>इस हाइवे से कई अधिकारी भी गुजरते हैं </strong><br />वाहन चालक संदीप शर्मा ने बताया कि एसडीएम, तहसीलदार, पुलिस और अन्य अधिकारी भी इस मार्ग से गुजरते हैं। लेकिन कार्रवाई नहीं करते। जय प्रताप सिंह, कपिल रेनवाल और रामावतार राठौर ने बताया कि कोटा-झालावाड़ के बीच अमझार नदी की पुलिया क्षतिग्रस्त होने से एनएच-52 का ट्रैफिक स्टेट हाइवे से होकर गुजर रहा है। मार्ग सही होने के बावजूद नेताओं के बैनर वाहन चालकों को भ्रमित कर रहे हैं। </p>
<p>पीपीपी मोड वालों से कहकर बैनर पोस्टर हटवाएंगे। राहगीरों,  वाहन चालकों को जल्द ही राहत प्रदान करेंगे। <br /><strong>- रामावतार मीणा, एसडीएम, कनवास</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 11 Aug 2025 16:34:30 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>रोडवेज का फर्स्ट एड बॉक्स खुद बीमार, कैसे मिलेगा यात्रियों को उपचार</title>
                                    <description><![CDATA[फर्स्टएड बॉक्स में दवाइयों की जगह अनावश्यक रखे सामान।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/the-first-aid-box-of-roadways-is-itself-sick--how-will-the-passengers-get-treatment/article-122621"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-08/oer-(7).png" alt=""></a><br /><p>कोटा। शहर के हृदयस्थल नयापुरा में स्थित परिवहन निगम रोडवेज की अधिकांश बसों में फर्स्टऐड बॉक्स ही नहीं है। जहां पर है उसमें दवाइयां नहीं है। ऐसे में किसी यात्री के कोई चोट या दुर्घटना होने पर प्राथमिक उपचार नहीं मिलने पर वह चोट जानलेवा बन जाती है। ऐसी स्थिति से बचने के लिए    वाहनों के साथ प्राथमिक उपचार के लिए दवाइयां से संबंधित जानकारी के लिए यात्रियों के साथ परिवहन के बसों के ड्राईवर व कंडेक्टर को भी जागरूक रहना जरूरी है। रोडवेज बस स्टैंड पर बस चालकों से जब फस्ट एड बॉक्स के लिए पूछता तो पहले तो चालक कहने लगे उपलब्ध है लेकिन जब खोल कर देखा तो उसमें रखा हुआ कुछ नहीं था। चालक कहने लगे दवाइयां आती ही नहीं। एक बस चालक ने नाम न छापने की शर्त पर कहा। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार राजस्थान सरकार की राज्य पथ परिवहन निगम की बसों में लगाए गए फस्ट एड बॉक्स शायद किसी घायल के मरहम लगाई हो। वर्षों से बसों ड्राइवर सीट के पीछे फस्ट एड बॉक्स की सार-संभाल ना के बराबर होती है। कुछ बसों में पेटिका में अनावश्यक सामान रखा हुआ है। रोडवेज बस के ड्राइवर ने नाम न छापने की स्थिति में बताया कि फर्स्टऐड बॉक्स की जानकारी न होने तथा उसका उपयोग कैसे होगा, कभी किसी ने इसकी जानकारी नहीं दी है और ना इसकी कभी सार-संभाल की जाती है। मेरी जानकारी के अनुसार एक बार यात्री को इस तरह की आवश्यकता महसूस हुई थी, रोडवेज में प्राथमिक न मिलने से उसे किसी अन्य वाहन से निजी अस्पताल में भेजा गया था।</p>
<p><strong>चालक परिचालकों के लिए भी जानकारी आवश्यक</strong><br />बस में यात्रा कर रहे अचानक किसी यात्री की तबीयत खराब हो जाए तो चालक-परिचालक को जानकारी होने पर ही मदद कर सकेंगे। बसों में फर्स्टऐड बॉक्सों की सार-संभाल नहीं होने से टूटे-फूटे या खाली पड़े है। वहीं चालक-परिचालकों को भी फर्स्टऐड बॉक्स में रखी दवाइयों की सार संभाल करनी चाहिए तथा संबंधित दवाइयों का उपयोग कैसे हो इसके लिए कार्यालय से प्रशिक्षण भी देना चाहिए। चालक-परिचालक को प्राथमिक उपचार की जानकारी होनी ही चाहिए।</p>
<p><strong>कई बसों में नहीं मिले बॉक्स</strong><br />केन्द्रीय बस स्टैंड पर खड़ी बसों में जाकर देखा तो कई बसों में मेडिकल किट भी नहीं थी। ये किट नई बस जब डिपो को हैंडल की जाती हैं तों उसमें साथ में लगी आती हंै। लेकिन कुछ महीनों में बदहाल स्थिति हो जाती है। जिन बसों में फर्स्टऐड बॉक्स में रोडवेज प्रशासन की ओर से इन्हें नहीं बदलने से यह खराब हो जाती है। जांच करने पर रोडवेज बस में एक भी बस में दवाइयां नहीं मिली जो आपात स्थिति में काम आने वाली दवाइयों हो।</p>
<p><strong>पैनिक बटन भी जरूरी</strong><br />रोडवेज की पुरानी बसों में पेनिक बटन का अभाव है। वहीं कुछ ब्लू लाइन में लगा हुआ है तो वह काम नहीं कर रहा है और किसी में काम कर रहा हैं तो उपयोग की जानकारी नहीं है। पैनिक बटन सभी गाड़ियों में होना चाहिए तथा यात्रियों को परिचालक द्वारा इसकी जानकारी उपलब्ध करवाना चाहिए। ताकि किसी के अनहोनी घटना ना हो।<br /><strong>- सुरभी शर्मा महिला यात्री</strong></p>
<p><strong>यात्रियों का ध्यान रखते हैं</strong><br />पुरानी बसों को छोड़कर अब नई ब्लू लाइन बसों में फर्स्टऐड बॉक्स लगा हुआ है तथा चालक-परिचालकों को भी यात्रियों को जरूरत पड़ने पर देने के लिए अलर्ट कर रखा हैं। पैनिक बटन भी है। कई बार अनावश्यक दबाने पर खराब भी होता है। उसकी भी सार-संभाल कर रहे हैं। यात्रियों की सुविधा के लिए हमने जीपीएस सिस्टम से भी ट्रेकिंग कर रहे है। ताकि यात्रियों को अनावश्यक परेशानी नहीं झेलनी पड़े।<br /><strong>- शूचिता गुप्ता, एमओ रोडवेज कार्यालय, कोटा</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 04 Aug 2025 16:54:43 +0530</pubDate>
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                <title>इटावा-बारां की मुख्य सीसी सड़क जगह-जगह क्षतिग्रस्त हालत, 10 साल पहले बनी सड़क की नहीं हुई मरम्मत  </title>
                                    <description><![CDATA[ अयाना से होकर गुजर रही इटावा-बारां सीसी सड़क पर जगह-जगह गड्ढे होने से वाहन चालकोें को हमेशा दुर्घटना का अंदेशा बना रहता है]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/the-main-cc-road-of-etawah-baran-is-in-damaged-condition-at-many-places/article-116846"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-06/rtroer-(4)11.png" alt=""></a><br /><p>अयाना। अयाना से होकर गुजर रही इटावा-बारां सीसी सड़क पर जगह-जगह गड्ढे होने से वाहन चालकोें को हमेशा दुर्घटना का अंदेशा बना रहता है। एक दशक पुरानी यह सीसी सड़क कई जगह से क्षतिग्रस्त हो गई है। जिससे राहगीरों व दो पहिया वाहन चालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों ने बताया कि इस सड़क पर जगह-जगह खाईनुमा गड्ढे पड़ गए हैं। रात के समय यह खाईनुमा गड्ढे वाहन चालकों को नजर नहीं आते और अचानक सामने आते हैं। जिससे वाहन चालकों को संभलने का मौका नहीं मिलता और वे इनमें गिर कर दुर्घटना का शिकार हो जाते हैं। ग्रामीणों ने बताया कि सार्वजनिक निर्माण विभाग को अवगत कराए जाने के बाद भी क्षतिग्रस्त स्थानों की मरम्मत नहीं करवाई गई है। ऐसे में दिनोंदिन बढ़ती दुर्घटनाओं से आमजन में रोष व्याप्त है। </p>
<p><strong>दस साल हो गए सड़क बने</strong><br />ग्रामीणों व राहगीरों ने बताया कि वर्ष 2016 सोलह किमी सड़क का निर्माण सार्वजनिक निर्माण विभाग द्वारा कराया गया था। इन दस वर्षों के दौरान इस सड़क मार्ग का कभी मेंटेनेंस नहीं करवाया गया। जिससे सड़क पूरी तरह जर्जर हो चुकी है। कई स्थानों पर बीच मार्ग में बड़ी-बड़ी गहरी दरारें पड़ गर्इं हैं। कई स्थानों पर बीच सड़क में गड्ढे बन गए हैं। ऐसे में इस मार्ग से गुजरने वाले वाहन चालकों को बहुत संभलकर चलना पड़ता है। फिर भी कई बार दुर्घटना घटित हो जाती है। </p>
<p><strong>रात के समय होते हैं हादसे  </strong><br />लोगों ने बताया कि रात के समय में सबसे अधिक दुपहिया चालक दुर्घनाओं का शिकार होते हैं। लोगों ने इस समस्या को पुलिस थाने में आयोजित बैठकों में भी उठाया। इसके बाद पुलिस ने दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए सार्वजनिक निर्माण विभाग को मामले से अवगत कराया। लेकिन समस्या ज्यों की त्यों बरकरार है। </p>
<p>कार से चलते समय अचानक टूटी हुई सड़क आने से कार असंतुलित हो जाती है। विभाग को इसकी मरम्मत करवानी चाहिए।<br /><strong>- हेमराज गौड, दवा व्यवसायी  </strong></p>
<p>आए दिन दुपहिया वाहन चालक इस टूटी हुई सड़क में फंसकर गिरते रहते हैं। जिससे कई बार वे चोटिल हो जाते हैं और वाहन को भी नुकसान पहुंचता है। अतिशिघ्र इसकी मरम्मत करवानी चाहिए।<br /><strong>- सत्यनारायण शर्मा, समाजसेवी</strong></p>
<p>क्षतिग्रस्त स्थानों की मरम्मत कार्य को लेकर प्रस्ताव भिजवा रखा है। अगर कहीं सडक क्षतिग्रस्त हो रही है तो जब तक मरम्मत नहीं हो जाती ऐसे स्थानों को चयनित कर संकेतक बोर्ड लगवा दिए जाएंगे।  <br /><strong>- सोनू मीणा, कनिष्ठ अभियंता, पीडब्ल्यूडी, अयाना</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 09 Jun 2025 16:13:11 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>3 साल से पुलिया क्षतिग्रस्त,हादसे का अंदेशा, विभाग नहीं दे रहा ध्यान</title>
                                    <description><![CDATA[गणपतपुरा कुंवारती मंडी रोड़ बाएं मुख्य नहर पर बनी पुलिया कई सालों से क्षतिग्रस्त हालत में है।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bundi/the-culvert-has-been-damaged-for-three-years--there-is-a-possibility-of-an-accident--the-department-is-not-paying-attention/article-113882"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-05/rtrer-(6)6.png" alt=""></a><br /><p>नमाना रोड़। गणपतपुरा कुंवारती मंडी रोड़ बाएं मुख्य नहर पर बनी पुलिया कई सालों से क्षतिग्रस्त हालत में है। उसपर से गुजरने वाले वाहन चालकों दुर्घटना का अंदेशा बना रहता हैं। गांव के किसानों की जमीन जोतने और मण्डी में जाने के लिए इस पुलिया से होकर गुजरना पड़ता हैं, जो किसी खतरे से खाली नहीं हैं। किसानों और ग्रामवासीयों ने पुलिया निर्माण की मांग की। समाजसेवी, युवानेता टीकम मीणा ने बताया कि दो तीन साल पहले जब मण्डी रोड़ का निर्माण कार्य चल था, तब भारी वाहनों के गुजरने से पुलिया क्षतिग्रस्त हुआ है। किसानों को ट्रैक्टर से खेती और खेतों में आवश्यक कार्य करने लिए इसी पुलिया से होकर गुजरना पड़ता है, जिससे दुर्घटना की संभावना बनी रहती हैं। उन्होंने सीएडी विभाग से बारिश से पहले पुलिया निर्माण करवाने की मांग की है। ताकि बारिश के दिनों में लोगों के साथ किसानों को राहत मिल सकें। </p>
<p>किसानों को ट्रैक्टर लेकर खेत में जुताई और कटाई के लिए जाना होतो पांच किलोमीटर घूमकर आना पड़ता हैं जिससे ग्रामवासीयों का सामना करना पड़ रहा हैं।<br /><strong>- युवानेता टीकम मीणा, अधिकारी कहिन </strong></p>
<p>पुलिया की चौड़ाई और लम्बाई बढ़ाकर कार्य किया जाएगा। वर्क आॅर्डर निकाल दिया है और जल्द निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा।<br /><strong>- मनीष मीणा, सहायक अभियंता। </strong></p>
<p>पुलिया दोनों साइडों से टूटी हुई हैं और सुरक्षा दीवार भी नहीं हैं जिसकी वजह कहीं बार दुपहिया वाहन चालक गिरकर चोटिल हो जाते हैं।<br /><strong>- कालूराम मीणा, एसएमसी अध्यक्ष। </strong></p>
<p>दो साल से पुलिया टूटी हुई हैं जिससे कभी बड़ा हादसा हो सकता हैं स्थानीय किसानों को आने जाने के एक मात्र रास्ता है। प्रशासन से मांग करते हैं जल्द निर्माण कार्य शुरू करके ग्रामवासीयों को राहत प्रदान करें।<br /><strong>- बलराम यादव, भाजपा खटकड़ मंडल प्रतिनिधि</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बूंदी</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 12 May 2025 17:28:52 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>55 किमी सड़क पर 6 जगह आधा-अधूरा निर्माण कार्य, गिट्टी के गुब्बार से वाहन चालक परेशान </title>
                                    <description><![CDATA[सार्वजनिक निर्माण विभाग की अनदेखी का खामीयाजा भूगतने को विवश क्षेत्रवासी। 
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bundi/construction-work-is-incomplete-at-6-places-on-55-km-road--drivers-are-troubled-by-ballast-balloons/article-113880"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-05/rtrer-(8)4.png" alt=""></a><br /><p>भण्डेड़ा। बूंदी वाया बांसी से नैनवां मुख्य मार्ग पर काफी समय से खस्ताहाल है। विभाग की अनदेखी के कारण 55 किमी के मार्ग पर 6 जगहों पर काम अधूरा पड़ा है, जिससे आमजन के साथ वाहन चालकों को काफी परेशान होना पड़ रहा है। कहीं गिट्टी तो कही पर डामर गायब है, ऐसे में वाहन चालकों का संतुलन बिगड़ने से कोई अप्रिय घटना घटित होने का अंदेशा है। बारिश का मौसम है ओर इस खस्ताहाल मार्ग से गुजरना,किसी खतरे को न्यौता देने के बराबर है, लेकिन सार्वजनिक निर्माण विभाग इस गंभीर समस्या को लेकर गंभीर नहीं है,जिससे लोगों में रोष है। जानकारी के अनुसार संबंधित विभाग ने जिला मुख्यालय आवाजाही हेतु 10 किमी मुख्य रुट बूंदी से दलेलपुरा होते हुए रामेश्वर चौराहे तक संवेदक से सीसी सड़क सहित नवीन डामरीकृत मुख्य सड़क चौड़ाईकरण एवं सुढृढ़ीकरण का निर्माण कार्य करवाया। लेकिन जैतसागर झील के निकट शनि मंदिर के पास से बाणगंगा तक तीन जगह पर अधुरा कार्य छोड़ रखा है। इन जगहों पर फैली गिट्टी में वाहन चालकों का संतुलन बिगड़ रहा है। लंबे समय से ही राहगीरों को इन जगहों पर आवागमन में परेशानी उठानी पड़ रही है। </p>
<p>पीडब्लूडी ने संवेदक से इधर केंद्रीय सड़क निधि प्रोजेक्ट के तहत धनावा-दबलाना वाया बांसी होते हुए नैनवां तक एमडीआर-183 लगभग 45 किमी मुख्य सड़क का चौड़ाईकरण एवं सुढृढ़ीकरण का निर्माण कार्य करवाया गया है। जिसकी शुरूआत 19 नवंबर 2022 से कार्य समाप्ति 18 मई 2024 को हुई है। इस नवनिर्मित सड़क की गारंटी अवधि 5 वर्ष तक की है। लेकिन संवेदक ने मुख्य रुट पर भी तीन जगह से अधूरा निर्माण कार्य छोड़ दिया है। अधूरे काम की वजह से सड़क पर फैली गिट्टी से पैदल राहगीरों को ही चलने में मुश्किल हो रहा है। वाहन चालकों को भी इस परेशानी से रूबरू होने को विवश होना पड़ रहा है। जबकि इसे मुख्य मार्ग स्टेट हाइवे-138 का दर्जा प्राप्त है। सार्वजनिक निर्माण विभाग ने मेजर डिस्ट्रिक्ट रोड पर नैनवां से वाया मानपुरा, दुगारी, बांसी होते हुए सांवतगढ़, रानीपुरा, भवानीपुरा, दबलाना वाया धनावा तक लगभग 45 किमी तक नई सड़क बनाने के लिए पीडब्ल्यूडी विभाग ने संवेदक से कार्य शुरू करवाया,जिसमें जहाँ-जहाँ आबादी नहीं वहां पर डामरीकृत सड़क कार्य संपादित कर दिया गया। </p>
<p><strong>वन विभाग बना रोड़ा</strong><br />इस मुख्य मार्ग पर दबलाना से बांसी के बीच सांवतगढ से फोकी पिपलिया से बांसी की तरफ लगभग 2 किमी 900 मीटर सड़क वन सीमा में होना बताकर कार्य बंद करवा दिया गया। अधूरा कार्य होने से सड़क के कुछ जगह पर निर्माण के दौरान पुरानी सड़क का डामर भी उखड़ गया है। वन विभाग की रोक के चलते यहां पर गहरे गढ्ढे पउÞे हुए है। गहरे गढ्ढों में बरसाती पानी जमा होेने से गुजरने वाले दोपहिया वाहन चालकों का संतुलन बिगड़ने से चोटिल हो रहे है। बांसी वाया दुगारी से नैनवां वाले इसी मुख्य मार्ग पर मानपुरा की डुंगरिया से नैनवां की तरफ लगभग तीन किमी सड़क पर भी वन विभाग रोड़ा बना होने से सड़क का निर्माण अधूरा पड़ा है। सार्वजनिक निर्माण विभाग के संवेदक द्वारा लगभग 39 किमी 100 मीटर तैयार नवीन सड़क पर अधूरे निर्माण के हिचकोले राहगीरों को रास नहीं आ रहे है। तीसरा अधूरा कार्य पिपलिया खाल से सांवतगढ़ के बीच जो कुछ मीटर पर अधुरा निर्माण पड़ा है। </p>
<p><strong>यह कहा सार्वजनिक निर्माण अधिकारी ने </strong><br />जिस जगह पर सड़क अधूरी है, वहां की सीमा वन विभाग की होने से वन विभाग ने स्वीकृति नहीं दी है। जिससे सड़क क्षेत्र में अभी तक अधूरी पड़ी है,संबंधित विभाग से स्वीकृति मिले, तो अधूरी सड़क बन जाएगी।<br /><strong>- रेवतीरमन शर्मा, जेईएन सार्वजनिक निर्माण विभाग, नैनवां। </strong></p>
<p><strong>यह कहा वन विभाग ने</strong><br />पीडब्ल्यूडी वाले एनओसी तो लेते नहीं है, डायरेक्ट सड़क निर्माण कर देते है। इससे हमारे स्टॉफ को दिक्कत आती है। निर्माण करने से पहले विभाग हमारी सीमा में निर्माण करने के लिए एफसी में आवेदन करें। डिपार्टमेंट से आदेश आएगा तो निर्माण कर लेगें, अभी तक इस कार्य के लिए आवेदन ही नही किया है। विभाग हमारी सीमा में निर्माण के लिए जल्द एफसी में आवेदन करें। जैसे आदेश आएगा अधूरा कार्य पूर्ण कर लेगें।<br /><strong>- कविता बाई जाट, रेंजर वन विभाग नैनवां। </strong></p>
<p><strong>यह कहा राहगीरों ने </strong><br />मैं चौपहिया वाहन से बूंदी से नैनवां गया, जिला मुख्यालय से धनावा वाया बांसी होते हुए नैनवां तक आवाजाही के दौरान छह जगह पर अधूरा निर्माण कार्य का सामना करना पड़ा है। गिट्टी में हिचकोले भरते वाहन से आवागमन में परेशानी हुई है। बांसी से फोकी पिपलिया खाल तक सड़क से डामर ही गायब है। <br /><strong>- विजय कुमार शर्मा, राहगीर निवासी सीतापुरा। </strong></p>
<p>बूंदी से दलेलपुरा तक इस मुख्य रुट पर अपने निजी काम से गया था। इस मार्ग पर तीन जगहों पर अधूरा निर्माण कार्य है। इधर सांवतगढ़ वाया बांसी होकर नैनवां वाले मुख्य रुट पर भी तीन जगहों पर अधूरा कार्य है। संबंधित विभागीय जिम्मेंदारी नहीं लेने से लोग परेशान है। <br /><strong>- नवनीत कुमार गौत्तम, राहगीर निवासी गोठड़ा। </strong></p>
<p>बांसी से वाया धनावा होते हुए बून्दी आवाजाही के दौरान पांच जगहों पर अधूरा निर्माण है। जिला मुख्यालय सड़क सहित एमडीआर-183 मुख्य सड़क पर छह जगह अधूरे निर्माण में फैली गिट्टी आएं दिन राहगीरों का बैलेंस बिगाड़ रही है। संबंधित विभाग सहित क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों ने भी इस समस्या का अभी तक निर्माण नहीं करवाया है। विभाग को इसकी समस्या का संज्ञान लेकर समाधान करवाना चाहिए।<br /><strong>- सोनू प्रतिहार, क्षेत्रीय निवासी डोड़ी। </strong></p>
<p>जिला मुख्यालय से बांसी वाया दुगारी-नैनवां मुख्य रुट की इस सड़क पर छह जगह अधुरा कार्य होने से परेशान है। क्षेत्रवासियों को जिला मुख्यालय-धनावा वाया बांसी होते हुए नैनवां तक जोड़ने वाली लगभग 55 किमी मुख्य सड़क पर 6 जगहों पर अधूरा निर्माण होने से राहगीरों को उड़ते गिट्टी के गुब्बार का सामना करना पड़ता है। इस समस्या का जल्द निवारण होना चाहिए।  <br /><strong>- बद्रीविशाल पुरोहित, क्षेत्रीय निवासी बांसी</strong></p>
<p>जिला मुख्यालय के लिए यह बहुप्रतीक्षित मुख्य मार्ग है। दशकों बाद इस सड़क का चौड़ाईकरण व सुढृढ़ीकरण नवनिर्माण कार्य पूरा हुआ है। बून्दी से दलेलपुरा तक, सांवतगढ़ वाया बांसी से नैनवां तक कुल छह जगहों पर अधूरे निर्माण है। यह मार्ग स्टेट हाइवे-138 के अंतर्गत आता है। संबंधित विभागीय उच्चाधिकारियों को भी क्षेत्रवासियों की इस समस्या को लेकर अवगत करवाएंगे। उम्मीद है कि सभी के समन्वय से जल्द-ही सभी अधूरे कार्य पूर्ण हो जाएंगे। <br /><strong>- अर्चना कंवर हाड़ा, क्षेत्रीय जनप्रतिनिधी पंसस हिण्डोली</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बूंदी</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bundi/construction-work-is-incomplete-at-6-places-on-55-km-road--drivers-are-troubled-by-ballast-balloons/article-113880</link>
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                <pubDate>Mon, 12 May 2025 17:12:18 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>दो साल से टूटी सीसी सड़क : वाहन चालक परेशान, हादसे का बना रहता है खतरा</title>
                                    <description><![CDATA[जगह-जगह गहरी और लम्बी-लम्बी दरारें पड़ चुकी हैं।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/cc-road-broken-for-two-years--drivers-troubled/article-109956"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-04/news-(1)13.png" alt=""></a><br /><p>सुकेत। ग्राम पंचायत सुकेत में दो साल पूर्व आमजन की सुविधा के लिए तैयार की गई सीसी सड़क जगह-जगह से क्षतिग्रस्त हो चुकी है। सीसी रोड पर गहरी दरारें पड़ गई हैं। जिससे बाइक सवार आए दिन गिर कर चोटिल होते रहते हैं। जानकारी के अनुसार करीब आधा किलोमीटर की इस सड़क में जगह-जगह गहरी और लम्बी-लम्बी दरारें पड़ चुकी हैं। लाखों रुपए की राशि खर्च कर बनाई गई यह सड़क दो साल में ही पूरी तरह जर्जर हो चुकी है। </p>
<p>2023-2024 में लाखों रुपए का बजट जारी कर पायली रास्ते से आहू नदी तक करीब आधा किलोमीटर सीसी सड़क का निर्माण किया गया था। यह सड़क कस्बे में होने वाले धार्मिक आयोजनों में किए जाने वाले विसर्जन सहित अन्य आयोजनों के काम आती है। <br /><strong>- महेंद्र महावर, ग्रामीण</strong></p>
<p>पहले सुकेत ग्राम पंचायत थी। लेकिन अब नगर पालिका बन चुकी है। जिसके चलते सभी दस्तावेज जमा करवा दिए गए हैं। ऐसे में रिकॉर्ड नहीं मिल पा रहा है।<br /><strong>- हरेंद्र सांखला, ईओ, नगर पालिका, सुकेत</strong></p>
<p>यहां हर समुदाय से जुड़े लोग जुलूस के माध्यम से आहू नदी पहुंचकर ताजियों को ठंडा और भगवान की मूर्तियों का विसर्जन करते हैं। इन्ही लोगों की आस्था और राह में आने वाली मुश्किलों को आसान बनाने के लिए ग्राम पंचायत ने लाखों रुपए की राशि खर्च कर सीसी सड़क का निर्माण करवाया। लेकिन आज इस सड़क को बने 2 साल भी पूरे नही हुए और यह सड़क जगह-जगह से दरार युक्त हो चुकी है। <br /><strong>- दीपक, ग्रामीण</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 07 Apr 2025 15:47:55 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>ऐ भाई! जरा देखके चलो... ये है चौमहला की सड़क, वाहन के अलावा पैदल राहगीर भी हो रहे परेशान </title>
                                    <description><![CDATA[ ग्रामीणों सहित स्थानीय नागरिकों व्यापारियों द्वारा इस सड़क का चौड़ाई कारण नया बनाने की मांग की जा रही है।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jhalawar/hey-brother--please-be-careful-while-walking----this-is-the-road-of-chaumahala/article-96229"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-11/257rtrer-(7)6.png" alt=""></a><br /><p>चौमहला। चौमहला से साकरिया व्याहा रावतपुरा सड़क काफी क्षतिग्रस्त हो रही है। सड़क में बड़े बड़े गड्ढे हो रहे है, जिस कारण वाहन चालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। चौमहला से साकरिया करीब 6 किमी  सड़क मार्ग पूरा क्षतिग्रस्त हो रहा है। इस मार्ग पर जगह जगह गहरे गड्ढे हो रहे है, जिससे चार पहिया वाहन तो क्या दो पहिया वाहन भी सही नहीं चल पाते है, इनके साथ साथ पैदल राहगीर भी परेशान हो रहे है। वाहन चालक यह 6 किमी की दूरी दस मिनिट की बजाय 30 से 40 मिनिट में पूरी कर रहे है, जिससे वाहन चालकों का काफी समय व ईधन बर्बाद हो रहा है। चौमहला सीतामऊ मार्ग पर चंबल नदी पर बनी पुलिया टूट जाने के बाद चौमहला से मंदसौर जाने वाले यात्री इसी मार्ग से सुवासरा होकर मंदसौर जाते है। इस मार्ग लगातार यातायात का दवाब बना रहता है ,चौमहला से साकरिया जाने वाले ग्रामीण बाइक से रावतपुरा से कच्चे रास्ते पगडंडी मार्ग से गुजर रहे है वो लोग सड़क मार्ग से इस कच्चे मार्ग को अच्छा मानते है। सड़क खराब होने से स्कूल के छात्र छात्राओं,दूध वाहन चालक भी यह परेशानी झेल रहे है। साथ ही आए दिन इस मार्ग पर दुर्घटनाएं होती रहती है काफी लंबे समय से यह मार्ग क्षतिग्रस्त होने के बाद भी सार्वजनिक निर्माण विभाग द्वारा इस सड़क की मरम्मत नहीं की ओर ना ही इस सड़क का नवीनीकरण नही किया गया। ग्रामीणों सहित स्थानीय नागरिकों व्यापारियों द्वारा इस सड़क का चौड़ाई कारण नया बनाने की मांग की जा रही है।</p>
<p>साकरिया से चौमहला तक सड़क काफी खराब हो रही है, जिस कारण काफी परेशानी उठानी पड़ रही है। <br /><strong>- भगवान सिंह ग्रामीण निवासी साकरिया</strong></p>
<p>ये सड़क मार्ग चौमहला को सुवासरा शामगढ़ मंदसौर को जोड़ता है, सड़क पूरी तरह के क्षतिग्रस्त हो चुकी है, आए दिन दुर्घटना होती रहती है, इसका शीघ्र समाधान हो। साथ ही इस मार्ग पर छोटी कालीसिंध नदी पर बनी रपट को ऊंचा किया जाए। <br /><strong>- संजय जैन ट्रांसपोर्टर चौमहला</strong></p>
<p>चौमहला से साकरिया तक चौड़ा नया रोड बनाया जाए, सड़क खराब होने से व्यापारियों नागरिकों को काफी परेशानी उठानी पड़ रही है।<br /><strong>- मोहम्मद बोहरा, हार्डवेयर व्यवसाई चौमहला</strong></p>
<p>चौमहला से साकरिया सड़क काफी खराब है, लोगों को आने जाने में परेशानी हो रही है। इस सड़क को टू लेन में नया बनाया जाए।<br /><strong>- अशोक मीणा, सीमेंट व्यवसाई चौमहला</strong><br /> <br />इस सड़क को मुख्यमंत्री द्वारा बजट में स्वीकृत किया है,स्वीकृति अपेक्षित है। स्वीकृति मिलते है टेंडर प्रक्रिया शुरू कर नया रोड बनाया जाएगा।<br /><strong>- गजानंद मीणा, एक्सईएन , सार्वजनिक निर्माण विभाग चौमहला</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>झालावाड़</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 29 Nov 2024 16:21:33 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>नेशनल हाइवे 27 पर सुखाने के लिए फैलाई जिंस</title>
                                    <description><![CDATA[समस्या से नेशनल हाइवे विभाग अधिकारी कर्मचारियों को कई बार अवगत करा दिया है।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/baran/groats-spread-on-national-highway-27-for-drying/article-93571"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-10/27rtrer-(4)1.png" alt=""></a><br /><p>राजपुर। सहरिया अंचल क्षेत्र से गुजर रहे राष्ट्रीय राजमार्ग 27 को किसानों ने खलिहान में तब्दील कर दिया है। जिला मुख्यालय से मध्यप्रदेश बॉर्डर तक जगह-जगह राष्ट्रीय राजमार्ग पर किसानो ने फसल सुखाने के लिए जिंस फैला रखी है। फसल खाने के लिए जानवर हाइवे आते हैं तो जानवरों भगाने के लिए किसान दौड़ते हैं तो फसल हाइवे पर चारों तरफ फैल जाती है। इससे दो पहिया वाहन चालक रोड पर पड़ी फसल से फिसल जाते हैं और दुर्घटना के शिकार हो जाते हैं। गौरतलब है कि हाइवे पर बरसात के दिनों में जानवरों का जमावड़ा लगा रहता है। जैसे ही बारिश का दौर थमता है, किसान जींस सुखाने के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग पर डाल देते हैं। ऐसे में वाहनों चालकों की मुश्किलें और बढ़ जाती हैं और आए दिन किसान अपनी फसलों को तैयार कर मंडी में पहुंचाने के लिए हाइवे पर ही तोल करवाते दिखाई देते हैं। वाहन चालक विक्रम सिंह, प्रकाश ,करतार सिंह, गुरमीत सिंह ने बताया कि राष्ट्रीय राजमार्ग 27 वाहन चालक सुरक्षित सफर नहीं कर पा रहे। हाइवे पर किसानों की फसलें सूख रही हैं। </p>
<p><strong>किसानों से कर रहे समझाइश</strong><br />हाइवे पेट्रोलिंग सूत्रों ने बताया कि हाइवे पर किसानों ने अपनी जिंस सूखने के लिए डाल रखी है। उनको हटाने के लिए कई बार समझाइश की गई है। इस संबंध में कई बार पुलिस प्रशासन से भी मदद की गुहार लगाई गई है। </p>
<p><strong>पूर्व में दो सगे भाइयों की ट्रक से कुचल कर हो चुकी है मौत</strong><br />कोटा शिवपुरी नेशनल हाइवे 27 खुशियारा गांव के पास फसल सूखने के लिए हाइवे पर डाल रखी थी। वहीं रात्रि को रखवाली करने के लिए हाइवे किनारे चारपाई पर सोए हुए दो सगे भाइयों को तेज रफ्तार ट्रक ने कुचल दिया था। जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।  </p>
<p><strong>लड़ाई-झगड़े की आ जाती है नौबत</strong><br />वाहन चालकों ने बताया कि अगर वाहन का पहिया फसल पर चला जाता है तो किसान लड़ाई झगड़ा करने पर भी उतारू हो जाते हैं। समस्या से नेशनल हाइवे विभाग अधिकारी कर्मचारियों को कई बार अवगत करा दिया है। फिर भी समस्या का समाधान नहीं हुआ है। भंवरगढ़, केलवाड़ा, समरानिया, शाहाबाद, देवरी, कस्बाथाना, मुंडियार, मामोनी सहित अन्य गांवों के किसान खेतों से लाकर अपनी जिंस राष्ट्रीय राजमार्ग पर सुखाने के लिए डाल देते हैं। ऐसे में कई बार वाहनों को निकलने के लिए रास्ता नहीं मिल पाता। इससे समय के साथ वाहन चालकों को र्इंधन का भी नुकसान होता है। </p>
<p>राष्ट्रीय राजमार्ग पर किसान अपनी फसलों को सुखाने के लिए डाल रहे हैं, यह गलत है। किसानों के साथ पुलिस समझाइश करती आ रही है। ताकि किसानों के साथ हाइवे पर किसी प्रकार की अप्रिय घटना घटित ना हो। किसान भाइयों को इस पर ध्यान देना चाहिए।<br /><strong>- रिछपाल मीणा, पुलिस उपाधीक्षक, शाहाबाद </strong></p>
<p>किसानों का इस तरीके से नेशनल हाइवे पर फसलें सुखाना गलत है। ऐसे लापरवाह किसानों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी और फसलों को हाइवे से हटाया जाएगा। <br /><strong>- उमाकांत मीणा, प्रोजेक्ट डायरेक्टर, ग्वालियर</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बारां</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 21 Oct 2024 16:21:04 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>बीए पास गीता कोटा में चला रही ऑटो</title>
                                    <description><![CDATA[महिलाओं ने भी इस रोजगार को इसलिए चुना क्योंकि यह उनके लिए चलता फिरता  एटीएम है। सड़क पर ऑटो लेकर निकलने पर ये महिलाएं एक दिन में 500 से 700 रुपए तक कमा रही है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/ba-pass-geeta-is-driving-an-auto-in-kota/article-92720"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-10/4427rtrer-(4)9.png" alt=""></a><br /><p>कोटा । काम कोई भी हो , छोटा या बड़ा नहीं होता। उस काम को करने की इच्छा शक्ति होनी चाहिए। हर व्यक्ति को नया काम शुरू करने में कई समस्याओं का सामना भी करना पड़ता है विशेष रूप से महिलाओं को वह भी ऐसा काम जो अधिकतर पुरुष ही करते रहे है। लेकिन कोटा की बेटियों ने शादी के बाद भी घर परिवार के साथ ही लोगों का सामना करते हुए अपने लिए एक सुरक्षित रोजगार चुना वह है ऑटो चलाना। कोटा शहर में ऑटो चलाने का काम पहले अधिकतर पुरुष ही करते थे। लेकिन वर्तमान में करीब दो दर्जन से अधिक महिलाएं भी ऑटो चला रही है। उन महिला ऑटो चालकों को देखकर अकेली महिला, परिवार के लोग व स्टूडेंट हाथ देकर रोकते है। कहीं भी आने-जाने में वे महिला ऑटो चालक के साथ स्वयं को अधिक सुरक्षित भी महसूस कर रहे है। महिलाओं ने भी इस रोजगार को इसलिए चुना क्योंकि यह उनके लिए चलता फिरता  एटीएम है। सड़क पर ऑटो लेकर निकलने पर ये महिलाएं एक दिन में 500 से 700 रुपए तक कमा रही है। </p>
<p><strong>18 साल नर्सिंग की नौकरी की, अब ऑटो चला रही</strong><br />भीमगंजमंडी निवासी गीता शर्मा स्रातक तक शिक्षित है और कम्प्जूटर कोर्स भी किया हुआ है। उन्होंने निजी अस्पताल में करीब 18 साल तक नर्सिंग क्षेत्र में नौकरी की लेकिन अब दो साल से शहर में ऑटो चला रही है। उनके पति राकेश शर्मा भी ऑटो चलाते है। 19 व 15 साल के दो बच्चे है। गीता ने बताया कि नौकरी के दौरान बिना गलती के भी कई बार बहुत कुछ सुनना पड़ता था। लेकिन एक दिन ख्याल आया कि क्यों किसी की गुलामी की जाए और नौकरी छोड़ ऑटो थाम लिया। घर का ऑटो, बेकार नहीं खड़ा रहेगा: गीता ने बताया कि नौकरी छोड़ने के बाद उन्होंने सोना कि घर का ऑटो है। कभी यदि कोई विपरीत परिस्थिति होती है तो घर का ऑटो बेकार तो खड़ा नहीं रहेगा। उससे परिवार का गुजारा चलाया जा सकता है। इस मकसद से तीन माह का प्रशिक्षण लिया। उसके बाद लाइसेंस बनवाया और दो साल से शहर में ऑटो चला रही है। </p>
<p><strong>घर व देश चला रही महिलाएं</strong><br />गीता ने बताया कि शुरुआत में उन्हें कई लोगों के ताने सुनने पड़े। हर कोई यही कहता था कि ऑटो चलाना महिलाओं का काम है क्या। यहां तक की उनके बच्चों को भी लोग यही कहते थे कि तुम्हारी मम्मी को ऑटो चलाने की क्या जरूरत है। गीता ने बताया कि उन्होंने सभी परिस्थितियों का सामना किया। बच्चों को इसके लिए तैयार किया। फिर जो भी उनसे कहता तो सभी को वे यही जवाब देने लगी कि जब महिला घर और देश चला सकती है तो ऑटो चलाने में क्या बुराई है। किसी के आगे हाथ फेलाने से तो खुद का काम करना अच्छा है। आज जब भी वे घर से निकलती है तो रोजाना 700 से 800 रुपए कमाकर ही लाती है। </p>
<p><strong>बच्चों को इंगलिश मीडियम में पढ़ा रही ऑटो चालक रेखा</strong><br /><strong>ऑटो चलाकर दे रही परिवार को आर्थिक सम्बल</strong><br />विज्ञान नगर निवासी रेखा बारोही (37) पिछले 8 साल से ऑटो चला रही है। इससे पहले वे ऑटो यूनियन में रिसेप्सनिस्ट का काम करती थी। वहां से ही उन्हें ऑटो चलाने की प्रेरणा मिली। रेखा ने बताया कि घर की आर्थिक स्थिति काफी कमजोर थी। अकेले पति की कमाई से घर नहीं चलता। 12 वीं तक पढ़ी होने से कहीं अच्छी नौकरी भी नहीं मिली। 12, 9 व 5 साल के तीन बच्चे भी है। ऐसे में ऑटो चलाने का प्रशिक्षण लिया और सड़क पर निकल पड़ी।  रेखा ने बताया कि वे पहले 250 रुपए रोजाना पर और अब 300 रुपए रोजाना किराए पर ऑटो लेकर चलाती है। शुरुआत में उन्होंने स्कूल व कोचिंग के बच्चों को लाने ले जाने का काम किया। वह काम अभी भी जारी है। साथ ही अब शहर में सुबह से रात 8 बजे तक ऑटो चला रही है। </p>
<p><strong>मार्शल आर्ट सीखा, हर स्थिति का कर रही सामना:</strong> रेखा ने बताया कि ऑटो चलाने के दौरान हर तरह के लोग मिलते है। कई बार गलत लोग भी मिले।  लेकिन उनसे निपटने के लिए सभी महिला ऑटो चालकों ने मार्शल आर्ट सीखा हुआ है। इससे आत्म विश्वास आया है। अब कोई भी स्थिति आए उसका सामना कर सकती है। </p>
<p><strong>अकेली महिला व स्टूडेंट के लिए सुरक्षित</strong><br />रेखा ने बताया कि महिलाओं का ऑटो चलाना लोगों को अखतरा है। लेकिन अकेली महिला व कोचिंग स्टूडेंट महिला ऑटो चालकों को अधिक सुरक्षित  महसूस करती है। महिला ऑटो चालक देखकर हाथ देकर रोकती है। रात के समय या सुबह जल्दी बाहर से ट्रेन से आनी वाली स्टूडेंट उन्हें कई बार फोन करके बुलाती है। </p>
<p><strong>किराया निकालकर 500 रुपए रोजाना कमा रही</strong><br />रेखा ने बताया कि वे 300 रुपए रोजाना किराए का ऑटो लेकर चलाती है। जब भी घर से बाहर निकलती है तो कमाकर ही आती है।। ऑटो मतलब चलता फिरता एटीएम है। किराया निकालने के बाद रोजाना करीब 500 रुपए कमाकर ही लाती है।  तीनों बच्चों को इंगलिश मीडियम स्कूल में पढ़ा रही है। दूसरे बच्चों को स्कूल कोचिंग लाने ले जाने के अलावा खुद के बच्चों को भी स्कूल छोड़ने व लाने का काम करती है। </p>
<p><strong>काम के साथ घर भी संभाल रही</strong><br />रेखा ने बताया कि वे काम के साथ घर भी पूरी मेहनत से संभाल रही है। सुबह जल्दी घर से निकलने से पहले बच्चों के लिए टिफिन तैयार करती है। खुद के लिए भी टिफिन लेकर निकलती है। जहां भी समय मिलता है वहां खाना खाती है। रात के घर आने पर फिर खाना बनाना व परिवार को समय देती है।  रेखा ने बताया कि काम कोई भी छोटा नहीं होता।  महिलाएं यदि ठान लें तो कोई भी काम कर सकती है। </p>
<p><strong>25 से अधिक महिलाएं चला रही ऑटो</strong><br />नगर निगम में डेएनयूएलएम की प्रबंधक हेमलता गांधी ने बताया कि निगम में नौकरी करने से पहले वे भी ऑटो चलाती थी। शहर में सबसे पहले काली बाई ने ऑटो चलाया था। वर्तमान में उनकी उम्र 71 साल है और देखने में समस्या होने से उन्होंने ऑटो चलाना कम कर दिया है। वहीं एक महिला गुड्डी बाई रात में ही ऑटो चलाती थी लेकिन उनका कुछ समय पहले निधन हो चुका है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 10 Oct 2024 15:17:45 +0530</pubDate>
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