<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://dainiknavajyoti.com/defense/tag-9408" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Dainik Navajyoti Rising Rajasthan RSS Feed Generator</generator>
                <title>defense - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
                <link>https://dainiknavajyoti.com/tag/9408/rss</link>
                <description>defense RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>घरेलू रक्षा उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए अमेरिका ने लागू की नई हथियार हस्तांतरण रणनीति : घरेलू रक्षा उत्पादन को बढ़ावा देना उद्देश्य, कहा- तकनीकी बढ़त बनाए रखने के लिए आ गया समय</title>
                                    <description><![CDATA[यह पहल अमेरिकी रक्षा औद्योगिक आधार को मजबूत करेगी, ताकि उसमें अमेरिकी सेना, उसके सहयोगियों और साझेदारों का समर्थन करने की पर्याप्त क्षमता बनी रहे।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/america-implemented-new-arms-transfer-strategy-to-promote-domestic-defense/article-142287"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/ttrump-.png" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal"><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">वॉशिंगटन। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर कर अमेरिका फर्स्ट आर्म्स ट्रांसफर स्ट्रेटेजी की स्थापना की है, जिसका उद्देश्य विदेशी सैन्य बिक्री में अमेरिकी हितों को प्राथमिकता देना और घरेलू रक्षा उत्पादन को बढ़ावा देना है। राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी सैन्य प्रभुत्व और तकनीकी बढ़त बनाए रखने के लिए अब समय आ गया है कि अमेरिका को आगे रखने वाली हथियार हस्तांतरण रणनीति को स्थापित, लागू और क्रियान्वित किया जाए। उन्होंने कहा कि यह रणनीति एक तकनीकी रूप से श्रेष्ठ, तैयार और लचीले राष्ट्रीय सुरक्षा औद्योगिक उद्यम को आगे बढ़ाएगी। </span></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">उन्होंने कहा कि यह पहल अमेरिकी रक्षा औद्योगिक आधार को मजबूत करेगी, ताकि उसमें अमेरिकी सेना, उसके सहयोगियों और साझेदारों का समर्थन करने की पर्याप्त क्षमता बनी रहे, विशेष रूप से ऐसे समय में जब अमेरिका साझा रक्षा बोझ बढ़ाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। इस आदेश के तहत युद्ध, विदेश और वाणिज्य विभागों को आपसी समन्वय से काम करने का निर्देश दिया गया है, ताकि अमेरिकी निर्मित सैन्य उपकरणों का उपयोग एक ओर विदेश नीति के साधन के रूप में किया जा सके और दूसरी ओर देश के रक्षा औद्योगिक आधार को सशक्त बनाया जा सके। आदेश में कहा गया है, अमेरिका में निर्मित सैन्य उपकरण दुनिया में सर्वश्रेष्ठ हैं।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">आदेश में कहा गया है कि यह रणनीति सुनिश्चित करेगी कि भविष्य में होने वाले हथियार हस्तांतरण घरेलू उत्पादन, तकनीकी श्रेष्ठता और राष्ट्रीय सुरक्षा को समर्थन दें। रणनीति के तहत संघीय एजेंसियों के लिए समय-सीमा तय की गई है, जिसके भीतर उन्हें विदेशी बिक्री के लिए प्राथमिक हथियारों और प्रणालियों की पहचान करनी होगी, उद्योग सहभागिता योजनाएं तैयार करनी होंगी और निर्यात प्रक्रियाओं को सरल बनाना होगा। इसके अलावा, विदेशी सेनाओं द्वारा अमेरिकी हथियारों के उपयोग की निगरानी में सुधार और एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय पर भी जोर दिया गया है, ताकि हथियार हस्तांतरण में मौजूद अक्षमताओं को कम किया जा सके।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">रणनीति के क्रियान्वयन की निगरानी के लिए प्रोमोटिंग अमेरिकन मिलिटरी सेल्स टास्क फोर्सÞ नामक एक नया कार्यबल गठित किया जाएगा, जो त्रैमासिक बैठक करेगा और अमेरिकी उद्योग तथा विदेशी साझेदारों के लिए पारदर्शिता बढ़ाने के लिए प्रदर्शन मानकों पर रिपोर्ट देगा। आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि हथियार बिक्री को उन देशों के पक्ष में प्राथमिकता दी जाएगी जो अपनी रक्षा क्षमताओं में निवेश करते हैं, रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण स्थानों पर स्थित हैं या अमेरिकी आर्थिक सुरक्षा में योगदान देते हैं। साथ ही, नवाचार और प्रतिस्पर्धा को प्रोत्साहित करने के लिए नये और गैर-पारंपरिक रक्षा कंपनियों की भागीदारी को भी बढ़ावा दिया जाएगा।</span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/world/america-implemented-new-arms-transfer-strategy-to-promote-domestic-defense/article-142287</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/world/america-implemented-new-arms-transfer-strategy-to-promote-domestic-defense/article-142287</guid>
                <pubDate>Sat, 07 Feb 2026 16:58:33 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-01/ttrump-.png"                         length="1238365"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पाकिस्तान में सुरक्षा बलों को बड़ी कामयाबी, बलूचिस्तान में 92 आतंकवादी ढ़ेर</title>
                                    <description><![CDATA[पाकिस्तान के बलूचिस्तान में सुरक्षा बलों ने आतंक रोधी अभियानों में 92 आतंकवादी मारे। हालिया हिंसा नाकाम हुई, नागरिकों-सैनिकों की मौत के बीच अभियान तेज रखे जाएंगे, सरकार सख्त रुख।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/big-success-for-security-forces-in-pakistan-92-terrorists-killed/article-141539"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/500-px)-(4).png" alt=""></a><br /><p>इस्लामाबाद। पाकिस्तान के सुरक्षा बलों ने शनिवार को देश के दक्षिण-पश्चिमी बलूचिस्तान प्रांत में 92 आतंकवादियों को मार गिराया और आतंकवादियों के बुरे इरादे को सफलतापूर्वक नाकाम कर दिया है। सेना ने एक बयान में यह जानकारी दी है। बयान में कहा गया है कि आतंकवादियों ने कल पूरे प्रांत में कई आतंकवादी गतिविधियां कीं, और कहा कि हमलों का मकसद स्थानीय लोगों के जीवन और बलूचिस्तान के विकास में रुकावट डालना था।</p>
<p>सेना ने कहा कि ग्वादर और खारान जिलों में 18 निर्दोष नागरिक 15 सैनिक मारे गए। बयान में आगे कहा गया, पिछले दो दिनों में इन सफल अभियानों के साथ, बलूचिस्तान में चल रहे अभियानों में मारे गए आतंकवादियों की कुल संख्या 133 हो गई है और इनमें से 41 शुक्रवार को प्रांत में मारे गए।</p>
<p>बयान में कहा गया है कि इन इलाकों में लगातार आतंक रोधी अभियान चलाए जा रहे हैं, और इन आतंकवादी कामों को अंजाम देने वालों और उन्हें मदद देने वालों को सजा दी जाएगी। सेना ने कहा कि खुफिया रिपोर्ट ने साफ तौर पर पुष्टि की है कि ये हमले पाकिस्तान के बाहर से काम कर रहे आतंकवादी समूह के नेताओं ने करवाए और उन्हें निर्देशित किया था। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/world/big-success-for-security-forces-in-pakistan-92-terrorists-killed/article-141539</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/world/big-success-for-security-forces-in-pakistan-92-terrorists-killed/article-141539</guid>
                <pubDate>Sun, 01 Feb 2026 14:27:47 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-02/500-px%29-%284%29.png"                         length="1051224"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ईरान में होने वाला है कुछ बड़ा! ट्रंप ने कहा 'कई बेहद कड़े विकल्पों' पर विचार कर रहा है अमेरिका</title>
                                    <description><![CDATA[राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ईरान के खिलाफ कड़े विकल्पों, संभावित सैन्य कार्रवाई सहित, पर विचार कर रहा है और स्थिति पर करीबी नजर बनाए हुए है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/something-big-is-going-to-happen-in-iran-trump-said/article-139356"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-11/trump-big-disi.png" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को कहा कि उनका प्रशासन ईरान के खिलाफ कई बेहद कड़े विकल्पों पर विचार कर रहा है, जिनमें संभावित सैन्य कार्रवाई भी शामिल है। राष्ट्रपति के आधिकारिक विमान 'एयर फोर्स वन' में पत्रकारों द्वारा यह पूछे जाने पर कि क्या ईरान ने किसी ऐसी लाल रेखा को पार कर लिया है जिससे जवाबी कार्रवाई जरूरी हो जाए, ट्रंप ने कहा, ऐसा लगता है कि वे ऐसा करना शुरू कर रहे हैं। हम इस पर बहुत गंभीरता से नजर रखे हुए हैं। सेना भी इस पर विचार कर रही है और हम कई बेहद कड़े विकल्पों पर काम कर रहे हैं। हम जल्द ही कोई फैसला करेंगे।</p>
<p>राष्ट्रपति ने यह भी बताया कि उन्हें ईरान की स्थिति पर हर घंटे रिपोर्ट दी जा रही है। ट्रंप ने यह खुलासा भी किया कि ईरान के नेताओं ने उनसे संपर्क किया है और बातचीत की इच्छा जताई है। उन्होंने कहा, ईरान के नेताओं ने फोन किया। वे बातचीत करना चाहते हैं। वॉल स्ट्रीट जर्नल ने रविवार को अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से बताया कि ट्रंप को ईरान में हो रही अशांति पर जवाब देने के विकल्पों के बारे में मंगलवार को जानकारी दी जाएगी।</p>
<p>रिपोर्ट में अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से कहा गया है कि विदेश मंत्री मार्को रुबियो, रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ और जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के अध्यक्ष जनरल डैन केन इस बैठक में शामिल होंगे। हालांकि रिपोर्ट के अनुसार, विचार-विमर्श शुरुआती चरण में होने के कारण इस बैठक में ट्रंप के किसी अंतिम निर्णय की उम्मीद नहीं है।</p>
<p>रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप प्रशासन के विकल्पों में ईरान में सरकार विरोधी ऑनलाइन स्रोतों को बढ़ावा देना, ईरानी सैन्य और नागरिक ठिकानों पर गुप्त साइबर हथियारों का इस्तेमाल, देश पर और अधिक प्रतिबंध लगाना तथा सैन्य हमले शामिल हो सकते हैं। इसके अलावा एलन मस्क की सैटेलाइट आधारित इंटरनेट सेवा स्टारलिंक के टर्मिनल ईरान भेजने की संभावना भी शामिल है।</p>
<p>पेंटागन ने संभावित सैन्य हमलों की तैयारी में किसी भी बल की तैनाती नहीं की है। रिपोर्ट में कहा गया है कि हमले शुरू करने के साथ-साथ क्षेत्र में तैनात अमेरिकी बलों की सुरक्षा के लिए भी संसाधन जुटाने होंगे। हाल ही में अमेरिका ने अपने विमानवाहक पोत यूएसएस जेराल्ड आर. फोर्ड और उसके स्ट्राइक ग्रुप को भूमध्य सागर से लैटिन अमेरिका भेज दिया है, जिसके बाद फिलहाल न तो मध्य पूर्व और न ही यूरोप में कोई अमेरिकी विमानवाहक पोत तैनात है।</p>
<p>इस बीच, ईरान की संसद के स्पीकर ने रविवार को कथित तौर पर चेतावनी दी कि यदि अमेरिका ने पहले कार्रवाई की, तो ईरान मध्य पूर्व में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमला करेगा। विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने शनिवार को ईरान, सीरिया और अन्य मध्य पूर्वी मुद्दों को लेकर इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से फोन पर बातचीत की।</p>
<p>ट्रंप ने शुक्रवार को कहा कि अगर ईरान इसमें शामिल होता है, तो अमेरिका वहां सेना नहीं भेजेगा। उन्होंने कहा, अगर वे पहले की तरह लोगों की हत्या शुरू करते हैं, तो हम हस्तक्षेप करेंगे। हम उन्हें वहां बहुत जोरदार तरीके से निशाना बनाएंगे, इसका मतलब है बहुत गंभीर  वार करना।</p>
<p>गौरतलब है कि रियाल की भारी गिरावट और लंबे समय से चली आ रही आर्थिक कठिनाइयों के विरोध में दिसंबर के अंत से ईरान के कई शहरों में प्रदर्शन हो रहे हैं। इन प्रदर्शनों के दौरान मरने वालों की संख्या लगातार बढऩे की रिपोर्टें हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/world/something-big-is-going-to-happen-in-iran-trump-said/article-139356</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/world/something-big-is-going-to-happen-in-iran-trump-said/article-139356</guid>
                <pubDate>Mon, 12 Jan 2026 18:55:27 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2025-11/trump-big-disi.png"                         length="505194"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जोधपुर में तैनात हुआ एएच-64 अपाचे अटैक हेलिकॉप्टर का फ्लीट, इन्हीं हेलिकॉप्टरों ने वेनेजुएला में बरपाया था कयामत </title>
                                    <description><![CDATA[भारतीय वायुसेना ने पंजाब और राजस्थान सीमा पर घातक एएच-64 अपाचे हेलिकॉप्टर तैनात किए हैं। अत्याधुनिक सेंसर और मारक क्षमता से लैस ये हेलिकॉप्टर दुश्मन की हर हरकत को नाकाम करने में सक्षम हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jodhpur/fleet-of-ah-64-apache-attack-helicopter-deployed-in-jodhpur-these/article-138293"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/ah-64.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। भारत पंजाब और राजस्थान से लगती पाकिस्तानी सीमा पर अपने एएच-64 अपाचे अटैक हेलिकॉप्टर और सीएच-47 ट्रांसपोर्ट हेलिकॉप्टर तैनात कर रहा है। उल्लेखनीय है कि इन्हीं हेलिकॉप्टरों ने अभी वेनेजुएला की राजधानी काराकास में अपने सटीक हमलों से कयामत ही बरपा कर दी है। एएच-64 अपाचे अटैक हेलिकॉप्टर दुनिया के सबसे खतरनाक हेलिकॉप्टर माने जाते हैं। इन्हीं अपाचे के एडवांस वर्जन अमेरिका की ओर से भारत को भी मिले हैं, जिन्हें भारतीय वायुसेना पश्चिमी मोर्चे पर तैनात करने जा रही है।</p>
<p>इन अपाचे की काबिलियत को देखते हुए अमेरिकी सेना ने हाल ही में इसे बनाने वाली कंपनी बोइंग को 2030 तक एएच-64 अपाचे अटैक हेलीकॉप्टर फ्लीट को बनाए रखने के लिए 2.7 बिलियन डॉलर का कॉन्ट्रैक्ट दिया है। बीते 16 दिसंबर को भारतीय सेना को भी अमेरिका से तीन एएच-64 अपाचे अटैक हेलीकॉप्टरों का आखिरी बैच मिला, जिससे राजस्थान के जोधपुर में 451 आर्मी एविएशन स्क्वाड्रन में छह यूनिट का बेड़ा पूरा हो गया। सर्विस में शामिल होने से पहले ये हेलीकॉप्टर गाजियाबाद के हिंडन एयर फोर्स स्टेशन पर उतरे थे।</p>
<p><strong>पाकिस्तान के बरक्श निर्णायक ताकत मिली</strong></p>
<p>सूत्रों ने बताया कि छह एडवांस्ड अटैक हेलीकॉप्टर जोधपुर में तैनात किए जाएंगे, जिससे पाकिस्तान की तरफ पश्चिमी सेक्टर में सेना की स्ट्राइक और जासूसी क्षमताएं काफी बढ़ जाएंगी। इस स्क्वाड्रन को पिछले साल मार्च में पश्चिमी मोर्चे पर आॅपरेशनल जरूरतों को पूरा करने के लिए खास तौर पर बनाया गया था। यह डिलीवरी इस साल जुलाई में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ के बीच हुई टेलीफोन पर बातचीत के बाद हुई है, जिसमें दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय रक्षा सहयोग को मजबूत करने के लिए चल रही और आने वाली पहलों की समीक्षा की थी। बातचीत के दौरानअमेरिका ने भारत को दो हफ्तों के भीतर तीन अपाचे हेलीकॉप्टरों का पहला बैच और बाकी तीन इस साल नवंबर तक देने का आश्वासन दिया था।</p>
<p><strong>रेडीनेस, विश्वसनीयता और उपलब्धता पर केंद्रित</strong></p>
<p>अमेरिकी सेना इस लॉन्ग-टर्म अपाचे सपोर्ट कॉन्ट्रैक्ट के जरिए सस्टेनमेंट डिसिप्लिन लागू कर रही है, जो रेडीनेस, विश्वसनीयता और उपलब्धता पर केंद्रित है। यह कोशिश अमेरिकी सेना के सबसे जरूरी कॉम्बैट एविएशन प्लेटफॉर्म में से एक को सपोर्ट करती है। एएच-64 अपाचे एक ट्विन-इंजन, चार-ब्लेड वाला अटैक हेलीकॉप्टर है। एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार इसे हाई-इंटेंसिटी ऑपरेशन्स के लिए डिजाइन किया गया है, जिसमें एक टैन्डम कॉकपिट होता है जो दोनों क्रू मेंबर्स को आजादी से उड़ने और हथियार चलाने की सुविधा देता है, जिससे बचने की संभावना और मिशन की मजबूती बेहतर होती है। बाद के अपाचे वेरिएंट, जैसे एएच-64 एपाचे और सीएच-64 में मेन रोटर के ऊपर लॉन्गबो फायर कंट्रोल रडार लगा होता है। यह रडार सभी मौसम में और युद्ध के मैदान में धुंध या रुकावटों के बावजूद टारगेट का पता लगाने, उन्हें पहचानने और उन पर हमला करने की सुविधा देता है। भारत के पास भी यही एडवांस वर्जन एएच-64  हेलिकॉप्टर हैं। इंटीग्रेटेड हेलमेट एंड डिस्प्ले साइटिंग सिस्टम क्रू को सिर हिलाकर 30 एमएम एम230 चेन गन को कंट्रोल करने की सुविधा देता है।</p>
<p><strong>दुनिया का सबसे एडवांस्ड मल्टी-रोल कॉम्बैट हेलिकॉप्टर </strong></p>
<p>भारत को मिले एएच-64 अपाचे को दुनिया का सबसे एडवांस्ड मल्टी-रोल कॉम्बैट हेलिकॉप्टर माना जाता है, जो अत्याधुनिक एवियोनिक्स, सेंसर और हथियार प्रणालियों से लैस है। ये सभी मौसम और इलाके की स्थितियों में काम करने में सक्षम है। इसके शामिल होने से पश्चिमी सीमा पर भारतीय सेना की हमला करने और दुश्मन को रोकने की क्षमताओं को बड़ा बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। रक्षा प्रणालियों में रडार चेतावनी रिसीवर, लेजर चेतावनी प्रणाली, जैमिंग उपकरण और इन्फ्रारेड काउंटरमेजर शामिल हैं, जिनका मकसद मुश्किल माहौल में जीवित रहने में मदद करना है। एक न्यूज चैनल की रिपोर्ट के अनुसार, भारत को अमेरिका से मिलने वाले अपाचे हेलीकॉप्टरों का कॉन्ट्रैक्ट फरवरी 2020 में 600 मिलियन डॉलर की डील के तहत किया गया था। तीन हेलीकॉप्टरों का पहला बैच इस साल की शुरूआत में डिलीवर किया गया था और आखिरी खेप के आने से आर्मी के डेडिकेटेड अपाचे स्क्वाड्रन का पूरी तरह से आॅपरेशनल होना पक्का हो जाएगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जोधपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jodhpur/fleet-of-ah-64-apache-attack-helicopter-deployed-in-jodhpur-these/article-138293</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jodhpur/fleet-of-ah-64-apache-attack-helicopter-deployed-in-jodhpur-these/article-138293</guid>
                <pubDate>Sun, 04 Jan 2026 11:47:13 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-01/ah-64.png"                         length="1299060"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सेना की मारक शक्ति को नई धार, 79 हजार करोड़ रुपए के रक्षा सौदों को मंजूरी</title>
                                    <description><![CDATA[सरकार ने सशस्त्र बलों की क्षमता बढ़ाने के लिए करीब 79,000 करोड़ रुपए के रक्षा खरीद प्रस्तावों को मंजूरी दी है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में रक्षा खरीद परिषद की बैठक में तीनों सेनाओं के लिए लॉयटर म्यूनिशन, पिनाका रॉकेट, ड्रोन डिटेक्शन सिस्टम, रडार, मिसाइल, सिम्युलेटर और अन्य उन्नत उपकरणों की आवश्यकता को स्वीकृति दी गई।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/defense-deals-worth-rs-79-thousand-crore-approved-to-give/article-137705"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/500-px)-(7)2.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। सरकार ने सशस्त्र बलों की क्षमता बढ़ाने के लिए 79,000 करोड़ रुपए के रक्षा खरीद सौदों के प्रस्तावों को मंजूरी दी है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में सोमवार को हुई रक्षा खरीद परिषद की बैठक में तीनों सेनाओं के लिए आवश्यकता के आधार पर खरीद के इन प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।</p>
<p><strong>इन रक्षा सौदों की दी गई मंजूरी : </strong>इस वर्ष की अंतिम बैठक में मंजूर किए गए इन खरीद सौदों की कुल अनुमानित लागत लगभग 79,000 करोड़ रुपए है और इनमें सेना की तोपखाना रेजिमेंट के लिए लॉयटर म्यूनिशन सिस्टम, लो लेवल लाइट वेट रडार, पिनाका मल्टीपल लॉन्च रॉकेट सिस्टम के लिए लंबी दूरी के निर्देशित रॉकेट एम्युनिशन तथा इंटीग्रेटेड ड्रोन डिटेक्शन एंड इंटरडिक्शन सिस्टम मार्क-11,बोलार्ड पुल टग्स, हाई फ्रीक्वेंसी सॉफ्टवेयर डिफाइंड रेडियो मैनपैक तथा हाई एल्टीट्यूड लॉन्ग रेंज रिमोटली पायलटेड एयरक्राफ्ट सिस्टम, ऑटोमैटिक टेक-ऑफ लैंडिंग रिकॉर्डिंग सिस्टम, अस्त्र मार्क-11 मिसाइलें, फुल मिशन सिम्युलेटर तथा स्पाइस-1000 लॉन्ग रेंज गाइडेंस किट्स आदि की खरीद को आवश्यकता की स्वीकृति दी गई।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/leads/defense-deals-worth-rs-79-thousand-crore-approved-to-give/article-137705</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/leads/defense-deals-worth-rs-79-thousand-crore-approved-to-give/article-137705</guid>
                <pubDate>Tue, 30 Dec 2025 11:11:53 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2025-12/500-px%29-%287%292.png"                         length="1570335"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur KD]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>डिफेंस सेक्टर में भारत पहले से और ज्यादा बनेगा ताकतवर : चेतक-चीता को बदलने की तैयारी, 200 नए हल्के हेलीकॉप्टर बढ़ाएंगे इंडियन एयरफोर्स की ताकत</title>
                                    <description><![CDATA[वास्तविक समय में स्थिति की जानकारी प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ये हेलीकॉप्टर भारतीय सेना और वायुसेना दोनों के लिए होंगे। सेना को 120 और वायुसेना को 80 हेलीकॉप्टरों की जरूरत है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/india-will-be-more-than-before-in-the-defense-sector/article-123088"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-08/1ne1ws-(8)1.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। डिफेंस सेक्टर में भारत पहले से और ज्यादा ताकतवर होने वाला है। दरअसल रक्षा मंत्रालय अपनी पुरानी चेतक और चीता हेलीकॉप्टरों को बदलने की तैयारी कर रहा है। इसके लिए लगभग 200 नए हल्के हेलीकॉप्टर खरीदे जाएंगे। इन हेलीकॉप्टरों को टोही और निगरानी हेलीकॉप्टर कहा जाता है। ये हेलीकॉप्टर खुफिया जानकारी इकट्ठा करने और वास्तविक समय में स्थिति की जानकारी प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ये हेलीकॉप्टर भारतीय सेना और वायुसेना दोनों के लिए होंगे। सेना को 120 और वायुसेना को 80 हेलीकॉप्टरों की जरूरत है।</p>
<p><strong>सूचना का अनुरोध जारी किया </strong><br />मंत्रालय ने इसके लिए सूचना का अनुरोध जारी किया है। इसका मकसद तकनीकी जरूरतों को तय करना, खरीद का तरीका तय करना और संभावित सप्लायरों की पहचान करना है। इसमें भारतीय कंपनियां भी शामिल हो सकती हैं जो मूल उपकरण निमार्ताओं के साथ मिलकर काम कर रही हैं। ये हेलीकॉप्टर दिन और रात दोनों समय काम करेंगे।</p>
<p><strong>यह है खासियत?</strong><br />नए हेलीकॉप्टर कई काम करेंगे। ये टोही और निगरानी करेंगे। छोटे सैनिकों या क्विक रिएक्शन टीमों को स्पेशल मिशन के लिए ले जाएंगे। ये ग्राउंड आॅपरेशन में मदद करेंगे, अंदरूनी और बाहरी सामान ले जाएंगे। ये अटैक हेलीकॉप्टरों के साथ स्काउटिंग करेंगे। घायल लोगों को निकालेंगे, जिसमें खोज और बचाव भी शामिल है। जरूरत पड़ने पर नागरिक अधिकारियों की भी मदद करेंगे।</p>
<p><strong>156 लाइट कॉम्बैट हेलीकॉप्टर खरीदने की मिली मंजूरी</strong><br />भारतीय वायुसेना ने पहले ही कई यूटिलिटी हेलीकॉप्टर खरीदने की योजना बनाई थी। संसद में पेश रक्षा संबंधी स्थायी समिति की रिपोर्ट के अनुसार, 2025-26 के लिए कुछ खास योजनाएं हैं। इनमें लो-लेवल रडार, लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट, लाइट यूटिलिटी हेलीकॉप्टर, मल्टीरोल हेलीकॉप्टर और लीज पर लिए गए मिड-एयर रिफ्यूलिंग एयरक्राफ्ट शामिल हैं। कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी ने हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड से 45,000 करोड़ रुपये से ज्यादा के 156 लाइट कॉम्बैट हेलीकॉप्टर खरीदने की मंजूरी दी है।</p>
<p>ये हेलीकॉप्टर सेना और वायुसेना दोनों के लिए होंगे। इनका इस्तेमाल चीन और पाकिस्तान की सीमाओं पर किया जाएगा। रक्षा सूत्रों ने बताया कि इससे देश में रोजगार बढ़ेगा और एयरोस्पेस इकोसिस्टम का विस्तार होगा।</p>
<p><strong>भारत रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनेगा </strong><br />यह कदम भारत को रक्षा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने में मदद करेगा। इससे देश में रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। साथ ही, भारतीय सेना और वायुसेना की ताकत भी बढ़ेगी। नए हेलीकॉप्टर आधुनिक तकनीक से लैस होंगे और हर तरह की परिस्थिति में काम करने में सक्षम होंगे। इससे देश की सुरक्षा और भी मजबूत होगी। सरकार का यह फैसला देश के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण है।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/leads/india-will-be-more-than-before-in-the-defense-sector/article-123088</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/leads/india-will-be-more-than-before-in-the-defense-sector/article-123088</guid>
                <pubDate>Sat, 09 Aug 2025 12:06:47 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2025-08/1ne1ws-%288%291.png"                         length="237234"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>एक लाख करोड़ से अधिक के रक्षा सौदों को मंजूरी : वायु रक्षा प्रणाली होगी मजबूत, आपूर्ति श्रृंखला का प्रबंधन बनेगा बेहतर </title>
                                    <description><![CDATA[रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में यहां हुई रक्षा खरीद परिषद की बैठक में इससे संबंधित प्रस्तावों को आवश्यकता के आधार पर खरीद की मंजूरी दी गयी। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/defense-deals-of-more-than-one-lakh-carore-will-be/article-119364"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-07/home_ministry.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। रक्षा मंत्रालय ने तीनों सेनाओं को अत्याधुनिक स्वदेशी हथियारों तथा उपकरणों और रक्षा साजो सामान से लैस करने के लिए एक लाख 5 हजार करोड़ रूपये के 10 रक्षा सौदों को मंजूरी दी है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में यहां हुई रक्षा खरीद परिषद की बैठक में इससे संबंधित प्रस्तावों को आवश्यकता के आधार पर खरीद की मंजूरी दी गयी। </p>
<p>रक्षा मंत्रालय ने बताया कि यह खरीद (भारतीय-स्वदेशी रूप से डिजाइन, विकसित और निर्मित) श्रेणी के तहत स्वदेशी रक्षा उद्योग से की जायेगी। इनमें सेना के लिए बख्तरबंद रिकवरी वाहनों, इलेक्ट्रॉनिक युद्ध प्रणाली, तीनों सेनाओं के लिए एकीकृत कॉमन इन्वेंट्री मैनेजमेंट सिस्टम और सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलों की खरीद शामिल है। इससे देश की वायु रक्षा प्रणाली मजबूत होगी, आपूर्ति श्रृंखला का प्रबंधन बेहतर बनेगा और सशस्त्र बलों की संचालन तैयारी मजबूत होंगी। </p>
<p>इसके अलावा नौसेना के लिए समुद्री बारूदी सुरं , बारूदी सुरंग रोधी नौका , मिसाइल रोधी तोप प्रणाली और समुद्री क्षेत्र के लिए रोबोट के खरीद प्रस्तावों को भी मंजूरी दी गयी है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/leads/defense-deals-of-more-than-one-lakh-carore-will-be/article-119364</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/leads/defense-deals-of-more-than-one-lakh-carore-will-be/article-119364</guid>
                <pubDate>Thu, 03 Jul 2025 18:48:53 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2021-07/home_ministry.jpg"                         length="45567"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>रक्षा क्षेत्र को मजबूत करने में मोल्दोवा का समर्थन करेगा नॉर्वे </title>
                                    <description><![CDATA[ग्राम ने कहा कि यह समझौता हमारे दोनों देशों के बीच (रक्षा) सहयोग को मजबूत करने की हमारी प्रतिबद्धता की पुष्टि करता है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/norway-to-support-moldova-in-strengthening-defense-sector%C2%A0/article-94266"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-11/6633-copy3.jpg" alt=""></a><br /><p>ओस्लो। नॉर्वे सरकार ने कहा कि नॉर्वे अपने रक्षा क्षेत्र को मजबूत करने में मोल्दोवा का समर्थन करेगा। नॉर्वे के रक्षा मंत्री ब्योर्न अरिल्ड ग्राम ने मोल्दोवा का दौरा किया। अपनी यात्रा के दौरान ग्राम और उनके मोल्दोवन समकक्ष अनातोली नोसैटी ने एक आशय पत्र पर हस्ताक्षर किए।</p>
<p>ग्राम ने कहा कि यह समझौता हमारे दोनों देशों के बीच (रक्षा) सहयोग को मजबूत करने की हमारी प्रतिबद्धता की पुष्टि करता है। हम विशेष रूप से प्रशिक्षण, शिक्षा, नीति विकास, योजना और अनुभव-साझाकरण में अवसरों का पता लगाएंगे।''</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/leads/norway-to-support-moldova-in-strengthening-defense-sector%C2%A0/article-94266</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/leads/norway-to-support-moldova-in-strengthening-defense-sector%C2%A0/article-94266</guid>
                <pubDate>Fri, 01 Nov 2024 12:51:56 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2024-11/6633-copy3.jpg"                         length="101278"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पुलिस के प्रशिक्षकों ने छात्राओं को सिखाए आत्मरक्षा के गुर</title>
                                    <description><![CDATA[शारदा पाई ऑडिटोरियम में आयोजित इस कार्यक्रम में प्रतिभागियों को अपना आत्मविश्वास बढ़ाने और व्यक्तिगत सुरक्षा के गुर सिखाए गए। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/police-trainers-taught-self-defense-tricks-of-students/article-92890"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-10/6633-copy28.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। व्यक्तिगत सुरक्षा और सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण पहल के तहत जयपुर पुलिस ने मणिपाल विश्वविद्यालय में महिला छात्राओं और फैकल्टी मेम्बर्स के लिए सेल्फ डिफेंस कार्यशाला का आयोजन किया। शारदा पाई ऑडिटोरियम में आयोजित इस कार्यक्रम में प्रतिभागियों को अपना आत्मविश्वास बढ़ाने और व्यक्तिगत सुरक्षा के गुर सिखाए गए। </p>
<p>कार्यशाला के दौरान जयपुर पुलिस के विशेषज्ञ प्रशिक्षकों ने आवश्यक आत्मरक्षा रणनीतियों की जानकारी दी। उन तकनीकों पर ध्यान केंद्रित किया, जिन्हें वास्तविक जीवन की स्थितियों में लागू किया जा सकता है। प्रतिभागियों को संभावित खतरों से स्वयं को बचाने के लिए प्रैक्टिकल स्किल्स से परिचित कराया गया। इसके साथ ही उन्हें संकट की स्थिति में मानसिक रूप से तैयारी के महत्व के बारे में भी बताया गया। सेशन में सिचुएशनल ट्रेनिंग पर भी प्रशिक्षण दिया गया, जो खतरे को बढ़ने से पहले पहचानने और उससे बचने के लिए महत्वपूर्ण है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/police-trainers-taught-self-defense-tricks-of-students/article-92890</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/police-trainers-taught-self-defense-tricks-of-students/article-92890</guid>
                <pubDate>Sat, 12 Oct 2024 16:58:20 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2024-10/6633-copy28.jpg"                         length="211718"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बजट में रक्षा मंत्रालय के लिए 6,21,940 करोड़ का आवंटन, सशस्त्र बलों की क्षमता बढाने में मिलेगी मदद</title>
                                    <description><![CDATA[अंतरिम बजट में किये गये रक्षा क्षेत्र के प्रावधान के करीब करीब बराबर ही है। वर्ष 2023-24 में रक्षा मंत्रालय का आवंटन 5,93,537.64 करोड़ रूपये था। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/allocation-of--621940-carore-for-defense-ministry-in-the/article-85679"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-07/111u1rer-(7)6.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। सरकार ने आम बजट में रक्षा मंत्रालय के लिए अब तक का सर्वाधिक 6 लाख 21 हजार 940 करोड़ रुपये का आवंटन किया है, जो कुल बजट का 12.9 प्रतिशत है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा लोकसभा में पेश बजट का स्वागत करते हुए कहा कि इस बार रक्षा मंत्रालय के लिए सर्वाधिक  6,21,940.85 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है, जो इस वर्ष के शुरू में आये अंतरिम बजट में किये गये रक्षा क्षेत्र के प्रावधान के करीब करीब बराबर ही है। वर्ष 2023-24 में रक्षा मंत्रालय का आवंटन 5,93,537.64 करोड़ रूपये था। </p>
<p>इस वर्ष के रक्षा बजट में पूंजीगत व्यय के लिए 172000 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है। सिंह ने कहा कि इससे सशस्त्र बलों की क्षमता बढाने में मदद मिलेगी। रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता बढाने के लिए घरेलू पूंजीगत खरीद के लिए 105518.43 रुपये आवंटित किये गये हैं। रक्षा मंत्री ने कहा कि सीमा सड़क संगठन के लिए 6500 करोड़ रूपये का आवंटन किया गया है, जो पिछले बजट की तुलना में 30 प्रतिशत अधिक है और इससे सीमावर्ती क्षेत्रों में ढांचा विकसित करने के कार्य में तेजी आयेगी। </p>
<p>उन्होंने कहा कि स्टार्टअप और नवाचार तथा छोटी इकाइयों को प्रौद्योगिकी समाधान तथा उन्नयन के लिए आईडेक्स योजना के तहत 518 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है। सिंह ने कहा कि यह आम बजट देश को उत्कृष्ट, समृद्ध और आत्मनिर्भर विकसित भारत बनाने की दिशा में आगे बढऩे में मदद करेगा। उन्होंने कहा कि समावेशी और तेज गति वाले विकास की दृष्टि से यह बजट भारत के आर्थिक परिवर्तन को गति देगा।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/bharat/allocation-of--621940-carore-for-defense-ministry-in-the/article-85679</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/bharat/allocation-of--621940-carore-for-defense-ministry-in-the/article-85679</guid>
                <pubDate>Tue, 23 Jul 2024 16:08:28 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2024-07/111u1rer-%287%296.png"                         length="501386"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भारत का रक्षा उत्पादन 1.27 लाख करोड रुपए के रिकार्ड स्तर पर पहुंचा : राजनाथ</title>
                                    <description><![CDATA[पिछले वित्तीय वर्ष के रक्षा उत्पादन की तुलना में 16.7 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है। वित्त वर्ष 2022-23 में रक्षा उत्पादन का मूल्य 1,08,684 करोड़ रुपये था।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/india-defense-production-at-the-record-level--says-rajnath/article-83749"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-02/rajnath-singh1.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। भारत का वार्षिक रक्षा उत्पादन वर्ष 2023) 24 में 1 . 27 लाख करोड रुपए के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है। रक्षा मंत्रालय के अनुसार रक्षा उत्पादन में   पिछले वर्ष की तुलना में 16.7 प्रतिशत की वृद्धि हुई है और यह वर्ष 2019-20 की तुलना में 60 प्रतिशत की वृद्धि है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में इस उपलब्धि पर कहा है कि सरकार भारत को  अग्रणी वैश्विक रक्षा विनिर्माण केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है। रक्षा मंत्रालय ने कहा है कि रक्षा क्षेत्र  के सभी सार्वजनिक  उपक्रमों , रक्षा वस्तुओं का निर्माण करने वाले अन्य सार्वजनिक उपक्रमों और निजी कंपनियों से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, देश में रक्षा उत्पादन का मूल्य रिकॉर्ड-उच्च आंकड़े यानी 1,26,887 करोड़ रुपये तक बढ़ गया है, जो  पिछले वित्तीय वर्ष के रक्षा उत्पादन की तुलना में 16.7 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है। वित्त वर्ष 2022-23 में रक्षा उत्पादन का मूल्य 1,08,684 करोड़ रुपये था।</p>
<p>सिंह ने कहा कि मेक इन इंडिया कार्यक्रम साल-दर-साल नए मील के पत्थर पार कर रहा है। उन्होंने भारत को एक अग्रणी वैश्विक रक्षा विनिर्माण केंद्र के रूप में विकसित करने के सरकार के अटूट संकल्प को दोहराया। वर्ष 2023-24 में उत्पादन के कुल मूल्य  में, लगभग 79.2 प्रतिशत का योगदान सरकारी और 20.8 प्रतिशत निजी क्षेत्र द्वारा किया गया है। आंकड़ों से पता चलता है कि पूर्ण मूल्य के संदर्भ में सरकारी और निजी क्षेत्र दोनों ने रक्षा उत्पादन में लगातार वृद्धि दर्ज की है। उन्होंने रक्षा उत्पादन को सर्वकालिक उच्चतम स्तर पर ले जाने के लिए रक्षा वस्तुओं का निर्माण करने वाले  सार्वजनिक उपक्रमों और निजी उद्योग सहित उद्योग को बधाई दी। रक्षा मंत्रालय के अनुसार आत्मनिर्भरता  पर ध्यान देने के साथ पिछले 10 वर्षों में सरकार द्वारा लाए गए नीतिगत सुधारों/पहलों और व्यापार करने में आसानी के कारण यह उपलब्धि हासिल की गई है। स्वदेशीकरण के प्रयासों को निरंतर आधार पर आक्रामक तरीके से आगे बढ़ाया गया है। </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/leads/india-defense-production-at-the-record-level--says-rajnath/article-83749</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/leads/india-defense-production-at-the-record-level--says-rajnath/article-83749</guid>
                <pubDate>Fri, 05 Jul 2024 14:40:14 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2024-02/rajnath-singh1.png"                         length="371649"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title> भारत 85 देशों को रक्षा उत्पादों का कर रहा है निर्यात </title>
                                    <description><![CDATA[यह पिछले वित्त वर्ष की तुलना में 3000 करोड़ रुपए ज्यादा है। जबकि 2016-17 की तुलना में 10 गुना ज्यादा है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/india-is-exporting-defense-products-to-85-countries/article-65133"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-12/mmd-(1).png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। भारतीय रक्षा मंत्रालय ने बताया है कि इस साल पिछले साल की तुलना में 3000 करोड़ रुपए से ज्यादा का रक्षा निर्यात हुआ है। साथ ही देश में एक लाख करोड़ रुपए का रक्षा उत्पादन हुआ है। इस साल पूरी दुनिया से एलसीए तेजस, हल्के लड़ाकू हेलिकॉप्टर, एयरक्राफ्ट कैरियर और अन्य चीजों की डिमांड रही। भारतीय सेनाओं को आधुनिक बनाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर मिशन के तहत ज्यादातर चीजों, हथियारों, उपकरणों को भारत में ही बनाने पर जोर दिया जा रहा है। इससे भारत की सीमाएं सुरक्षा बढ़ी है। रक्षा मंत्रालय के अनुसार वित्त वर्ष यानी 2022-23 में करीब 16 हजार करोड़ रुपए का रक्षा निर्यात हुआ है। यह पिछले वित्त वर्ष की तुलना में 3000 करोड़ रुपए ज्यादा है। जबकि 2016-17 की तुलना में 10 गुना ज्यादा है। </p>
<p><strong>85 से अधिक देशों को रक्षा उत्पादों का निर्यात </strong><br />भारत इस समय 85 से अधिक देशों को रक्षा उत्पादों का निर्यात कर रहा है। भारत ने पूरी दुनिया को दिखा दिया है कि कैसे उसकी डिजाइन, तकनीक और विकास का तरीका शानदार है। इस समय देश की 100 से ज्यादा कंपनियां रक्षा उत्पादों को दूसरे देशों में निर्यात कर रही हैं। इनमें हथियार से लेकर विमान, मिसाइल से लेकर रॉकेट लॉन्चर्स तक हैं। जो चीजें निर्यात हो रही हैं- उनमें डॉर्नियर-228 एयरक्राफ्ट, 155एमएम एटीएजीएस, ब्रह्मोस मिसाइल, आकाश मिसाइल सिस्टम, राडार, सिमुलेटर्स, बारूदी सुरंगों से बचाने वाली गाड़ियां, बख्तरबंद गाड़ियां, पिनाका रॉकेट और लॉन्चर्स, हथियार, थर्मल इमेजर, बॉडी आॅर्मर इसके अलावा एवियोनिक्स और कई हथियार और उपकरण शामिल है।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/bharat/india-is-exporting-defense-products-to-85-countries/article-65133</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/bharat/india-is-exporting-defense-products-to-85-countries/article-65133</guid>
                <pubDate>Tue, 26 Dec 2023 15:12:37 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2023-12/mmd-%281%29.png"                         length="537510"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        