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                <title>plan - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>टाइगर-लॉयन को मल्टी विटामिन तो भालू खा रहा अंडे-पिंड खजूर, सर्दियां आते ही अभेड़ा बायोलॉजिकल पार्क में वन्यजीवों का बदला डाइट प्लान</title>
                                    <description><![CDATA[शाकाहारी वन्यजीवों की मौज, ताजी हरी सब्जियों के साथ मौसमी फलों का उठा रहे लुत्फ।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/tigers-and-lions-are-getting-multivitamins--while-bears-are-eating-eggs-and-dates--the-diet-plan-for-wildlife-at-abheda-biological-park-changes-with-the-arrival-of-winter/article-138237"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/tiger-or-lion-multivitamins-to-bhalu-kha-raha-ande-pind-khajoor,-sardiyan-ate-he-abheda-biological-park-mein-vanyajeevon-ka-badala-diet-plan...kota-news-03.01.2026.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। सर्दी के तेवर तीखे होने के साथ ही अभेड़ा बायॉलोजिकल पार्क में वन्यजीवों के रहन-सहन व डाइट प्लान भी बदल गया है। सुबह-शाम हो रही गलन व सर्द हवाओं के झौंके से बचाव के लिए वन्यजीव विभाग ने विशेष इंतजाम किए हैं। एनक्लोजर व पिंजरों में वन्यजीवों को गमार्हाट देने के लिए जहां एक ओर हीटर लगाए हैं वहीं, चावल की पराल बिछाई गई है। साथ ही इंफेक्शन से बचाव के लिए हल्दी का छिड़काव भी किया जा रहा है। खुराक भी बढ़ा दी गई है। दरअसल, सर्दियों की दस्तक के साथ ही प्रदेशभर के चिड़ियाघर और बायोलॉजिकल पार्क में वन्यजीवों के डाइट प्लान में बदलाव किया जाता है। जिसके तहत ही सर्दियों का शेड्यूल लागू किया जाता है, जो फरवरी तक जारी रहता है।</p>
<p><strong>शाकाहारी व मांसाहारी वन्यजीवों की हो रही मौज</strong><br />सर्दियों का शेडयूल लागू होते ही अभेड़ा बायोलॉजिकल पार्क में शाकाहारी व मांसाहारी वन्यजीवों की मौज हो गई। उन्हें वीआईपी ट्रीटमेंट दिया जा रहा है। मांसाहारियों को मांस के साथ अंडे, मल्टीविटामिन, मल्टी मिनरल्स, कैल्शियम परोसा जा रहा है। जबकि, शाकाहारी ताजी सब्जियों के साथ पशुआहार, मौसमी फल, गुड़ व अजवाइन का लुफ्त उठा रहे हैं। वहीं, भालू दूध, दलिया, फल, शहद और पिंडखजूर की दावत उड़ा रहे हैं ।</p>
<p><strong>बायोलॉजिकल पार्क में हैं 86 वन्यजीव</strong><br />बायलॉजिकल पार्क में मांसाहारी व शाकाहारी मिलाकर कुल 86 वन्यजीव हैं। मांसाहारी में लॉयनेस- 1, बाघिन- 1, भेड़िया-2, सियार-4, भालू-2, लेपर्ड-4, जरख-4 हैं। इसी तरह शाकाहारी में नीलगाय-16, चिंकारा-2, चितल 39, ब्लैक बक 27 है।</p>
<p><strong>मांसाहारियों के नाइट शेल्टर में लगाए हीटर</strong><br />अभेड़ा बायोलॉजिकल पार्क के वनकर्मियों ने बताया कि सर्दियों की शुरूआत के साथ ही शाकाहारी व मांसाहारी वन्यजीवों के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। सभी वन्यजीवों के नाइट शेल्टरों में पर्दें लगवा दिए गए हैं। लॉयनेस, टाइग्रेस, जरख, सियार, भेडिया व भालू के नाइट शेल्टर से 10 फीट की दूरी पर हीटर लगाए गए हैं। साथ ही खिड़कियों पर पर्दे लगाए गए हैं ताकि, सर्द हवाओं से बचाव हो सके।</p>
<p><strong>मांसाहारी वन्यजीवों का डाइट प्लान- </strong>लॉयनेस व टाइगे्रस को 10 किलो मांस के साथ मल्टी विटामिन<br />लॉयनेस व बाघ-बाघिन को 8 किलो पाड़ा मांस और 1 मुर्गा (प्रति एनिमल) दिया जा रहा है। इसके अलावा मल्टी विटामिन, मल्टी मिनरल्स व लीवर टॉनिक व कैल्शियम अलग से दिए जा रहे हैं। यह सप्लीमेंट्स 10 एमएल परडे मांस के टुकड़ों पर मिलाकर दिया जा रहा है। इससे शरीर में ऊर्जा का संचार बेहतर होने के साथ पाचन तंत्र भी मजबूत रहता है।<br /><strong>भेडिया :</strong> 2 किलो प्रति पाड़ा मांस, 1 अंडा सहित मल्टी विटामिन व मिनरल्स दिए जा रहे हैं।<br /><strong>सियार :</strong> 1.25 किलो मांस प्रति सियार, 1 अंडा व सप्लीमेंट्स<br /><strong>जरख :</strong> 3 किलो प्रति एनिमल्स, 1 अंडा व सप्लीमेंट्स</p>
<p><strong>3.5 किलो मांस के साथ कैल्शियम खा रहा पैंथर</strong><br />बायोलॉजिकल पार्क में मांसाहारी वन्यजीवों की डाइट में हैल्दी पोषक तत्व शामिल किए हैं। यहां 4 लेपर्ड हैं। मेल लेपर्ड को 3.5 किलो व फिमेल लेपर्ड को 2.5 किलो मांस प्रतिदिन दिया जा रहा है। इसके अलावा 1-1 अंडा व मल्टी विटामिन व कैल्शियम दिया जा रहा है। इसी तरह सभी 4 सियार को 1.25 किलो के हिसाब से प्रतिदिन 5 किलो मांस परोसा जा रहा है। वहीं, प्रत्येक भेड़िए को 2 किलो के हिसाब से 4 किलो तथा चारों हायना को 3 किलो के हिसाब से 12 किलो मीट प्रतिदिन खिलाया जा रहा है।</p>
<p><strong>ढाई लीटर दूध के साथ अंडे और खजूर खा रहा भालू</strong><br />सर्दियों में सबसे ज्यादा मजे भालू के हैं। यहां 2 भालू हैं, जिसे डाइट में प्रतिदिन 2.5 लीटर दूध के साथ 1 किलो चावल, 1.75 किलो दलिया, 2 अंडे, 200 ग्राम गुड़, 200 ग्राम शहद, 200 ग्राम शहद प्रतिदिन डाइट में दिए जा रहे हैं। साथ ही मल्टीविटामिन, कैल्शियम व मिनरल्स भी दिए जाते हैं।</p>
<p><strong>इंफेक्शन से बचाव के भी किए उपाए</strong><br />बायॉलोजिकल पार्क में तैनात कर्मचारियों ने बताया कि शाकाहारी व मांसाहारी वन्यजीवों के एनक्लोजर और नाइट शेल्टरों में हल्दी का छिड़काव किए गए हैं। हल्दी की तासीर गर्म होने के साथ एंटी बायटिक भी रहती है। यदि, उनके शरीर पर कोई चोट लग जाए तो हल्दी लगने से इंफेक्शन नहीं होगा। सर्दियों में वन्यजीवों की साइटिंग होने से पर्यटक रोमांचित हो रहे हैं।</p>
<p><strong>एनक्लोजर में बिछाई पराल</strong><br />शाकाहारियों के नाइट शेल्टर में पराल बिछाई गई है। ताकि, एनिमल के चलने फिरने व बैठने पर फर्श ठंडा न लगे। पराल से शेल्टर में गमार्हाट बनी रहती है। इसके अलावा एनक्लोजर की जालियों व पिंजरों को ग्रीन नेट से कवर किया गया है। ताकि, सर्द हवाओं के झौंकों से बच सके।</p>
<p><strong>हरी सब्जियों के साथ नमक का भी चख रहे स्वाद</strong><br />मांसाहारी वन्यजीवों के मुकाबले शाकाहारियों का डाइट प्लान बड़ा है। उन्हें गाजर, मूली, खीरा, टमाटर, ककड़ी, गोभी, लौकी, पालक, पत्ता गोभी सहित मौसमी सब्जियां, हरा चारा, पशु आहार, फल-फू्रट, गुड़, आजवाइन के साथ मल्टीविटामिन व न्यूट्रिशियन दिए जा रहे हैं। शाकाहारी वन्यजीवों का डाइट चार्ट एक ही है लेकिन डाइट की मात्रा अलग-अलग है। हैल्दी डाइट से सभी वन्यजीव सर्दियों में तंदरुस्त रहेंगे।</p>
<p>सर्दी की शुरूआत होने के साथ ही बायोलॉजिकल पार्क में मौजूद सभी वन्यजीवों की डाइट में परिवर्तन कर दिया है। इन दिनों वन्यजीवों की खुराक बढ़ जाती है। डाइट में जरूरी पोषक तत्वों को शामिल कर जरूरत के मुताबिक उनकी मात्रा में बढ़ोतरी की गई है। वहीं, सर्द हवाओं से बचाव के लिए मांसाहारी वन्यजीवों के नाइट शेल्टर के पास हीटर व शाकाहारियों के शेल्टरों में पराल बिछाई गई है और खिड़कियों पर पर्दे लगाए गए हैं। वैसे तो वन्यजीवों को इस तरह की आवश्यकता नहीं होती, क्योंकि जंगल में तो वह अपने हिसाब से अपना हैबीटाट जैसे-गुफाएं, पेड़ों के नीचे, धूप में बैठकर सर्दी से खुद का बचाव करते हैं। वहीं, अलग-अलग तरह के जानवरों का शिकार करते हैं, जिससे वैराइटिज आॅफ फूड मिल जाता है लेकिन चिड़ियाघरों में इनका एरिया सीमित होता है। इसलिए यह सुविधाएं उपलब्ध करवानी पड़ती है।<br /><strong>-अनुराग भटनागर, डीएफओ वन्यजीव विभाग कोटा</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 03 Jan 2026 16:31:13 +0530</pubDate>
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                <title>प्रोजेक्ट्स की हर 15 दिन में सरकार ने मांगी रिपोर्ट, हर माह का वर्क प्लान अनिवार्य</title>
                                    <description><![CDATA[ संशोधित पार्वती-कालीसिंध-चम्बल लिंक परियोजना के तहत विभिन्न पैकेजों के तहत रामगढ़, महलपुर, नवनेरा बैराज और फीडर नहरों के निर्माण के लिए 9,600 करोड़ रुपए की स्वीकृति जारी हो चुकी है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/government-sought-reports-every-month-work-plan-mandatory-every-month/article-111737"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-02/jal-sansadhan-department.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। जल संसाधन की प्रगतिरत परियोजनाओं की सरकार ने फील्ड अभियंताओं से हर 15 दिन में फोटो सहित प्रगति रिपोर्ट मांगी है। वृहद परियोजनाओं के लिए प्रोजेक्ट इंजीनियरों को हर माह वर्क प्लान तैयार करने और वरिष्ठ अभियंताओं को स्थल निरीक्षण का निर्देश दिया गया।</p>
<p>विभाग के अनुसार परवन सिंचाई परियोजना में देरी पर नाराजगी जताते हुए सरकार ने कार्य में तेजी लाने और डूब क्षेत्र के पुनर्वास को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए है। संशोधित पार्वती-कालीसिंध-चम्बल लिंक परियोजना के तहत विभिन्न पैकेजों के तहत रामगढ़, महलपुर, नवनेरा बैराज और फीडर नहरों के निर्माण के लिए 9,600 करोड़ रुपए की स्वीकृति जारी हो चुकी है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 23 Apr 2025 12:56:23 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>  बस कागजों में हिला डुला, क्रूज ना यहां चला न वहां चला </title>
                                    <description><![CDATA[  औद्योगिक से शिक्षा नगरी और अब पर्यटन नगरी के रूप में विकसित हो रहे कोटा शहर से गुजर रहे चम्बल नदी में क्रूज चलाने की योजना तो है। कोटा बैराज से गरड़िया महादेव तक और चम्बल रिवर फ्रंट दोनों जगह में से अभी तक कहीं पर भी क्रूज नदी में नहीं उतर पाया है सिर्फ कागजों में ही इधर से उधर हिल रहा है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/just-shook-in-the-papers--cruise-neither-went-here-nor-went-there/article-14149"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-07/bas-kaagazo-mei-hila-dula,-...kota-news-12.7.2022.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा । औद्योगिक से शिक्षा नगरी और अब पर्यटन नगरी के रूप में विकसित हो रहे कोटा शहर से गुजर रहे चम्बल नदी में क्रूज चलाने की योजना तो है। केन्द्र व रा’य सरकार की इन दोनों योजनाओं पर काम तो हो रहा है लेकिन अभी तक वह मूर्त रूप नहीं ले सकी है। कोटा बैराज से गरड़िया महादेव तक और चम्बल रिवर फ्रंट दोनों जगह में से अभी तक कहीं पर भी क्रूज नदी में नहीं उतर पाया है सिर्फ कागजों में ही इधर से उधर हिल रहा है। कोटा में जिस तरह से विकास कार्य करवाए जा रहे हैं। उससे कोटा को पर्यटन नगरी बनाने का दावा किया जा रहा है। नगर विकास न्यास की ओर से चम्बल रिवर फ्रंट व आॅक्सीजोन के तहत सिटी पार्क का निर्माण करने पर यहां देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों की संख्या काफी अधिक बढ़ने की संभावना जताई जा रही है। उसे देखते हुए कोटा को पर्यटन नगरी के रूप में विकसित भी किया जा रहा है। ऐसे में यहां आने वाले पर्यटकों को आकर्षित करने और चम्बल नदी के आस-पास के स्थानों को नदी में सवारी के माध्यम से दिखाने की योजना है। इस योजना को साकार करने के लिए केन्द्र व राज्य सरकार की ओर से नदी में क्रूज चलाने की योजनाएं बनाई गई हैं।  <br /><br /><strong>कोटा बैराज से जवाहर सागर तक हुआ सर्वे</strong><br />केन्द्र की योजना के तहत वन विभाग के माध्यम से चम्बल नदी में कोटा बैराज से जवाहर सागर तक क्रूज चलाने की योजना बनी थी। चम्बल नदी प्राकृतिक सुंदरता के लिए जानी जाती है।   कोटा में टाइगर रिजर्व स्थापित होने के बाद यहां नदी में जंगल सफारी के साथ यहां क्रूज चलाने की भी योजना बनी थी। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के प्रयासों से दिल्ली में जहाजरानी मंत्रालय के राज्यमंत्री के साथ चर्चा भी की गई थी। उसके बाद इसके लिए  प्रारम्भिक सर्वे भी किया जा चुका है। इसमें कोटा बैराज से जवाहर सागर तक के क्षेत्र को क्रूज के लिए उपयुक्त माना गया था। करीब 30 किमी. लम्बे इस मार्ग में कोटा बैराज, गढ़ पैलेस, हैंगिंगब्रिज, कोडिया भील का महल, गेपरनाथ  व गरड़िया महादेव जैसे दर्शनीय स्थलों को शामिल किए जाने की योजना है। इस योजना पर अभी काम किया जा रहा है। लेकिन यह योजना अभी तक कागजों से बाहर नहीं निकल पाई है। जानकारों के अनुसार वन विभाग की आपत्ती व केन्द्र के स्तर पर ही इसकी आगे की प्रक्रिया को पूरा किया जाना है।<br /><br /><strong>चम्बल रिवर फ्रंट में भी क्रूज चलाने की योजना</strong><br />नगर विकास न्यास की ओर से चम्बल नदी के दोनों किनारों पर कोटा बैराज से रियासतकालीन पुलिया तक रिवर फ्रंट का निर्माण कराया जा रहा है। करीब 800 करोड़ रुपए की लागत से पहले फेज में बन रहे इसका काम पहले मार्च में पूरा होना था। लेकिन अब इसका काम दिसम्बर तक पूरा होने का दावा किया जा रहा है। प्रोजेक्ट के आर्किटेक्ट अनूप भरतरिया ने रिवर फ्रंट पर आने वो देशी विदेशी पर्यटकों को लुभाने के लिए नदी में क्रूज चलाने की भी योजना बनाई है। जिस पर न्यास अधिकारी काम कर रहे हैं। इसके लिए चम्बल नदी में नयापुरा की तरफ एक एनिकट भी बनाया गया है। जिससे बैराज से आने वाले पानी को वहां रोककर रिवर फ्रंट क्षेत्र में जल स्तर को बढ़ाया जा सके। कोटा बैराज से नयापुरा की तरफ बने एनिकट के बीच में ही क्रूज चलाने की योजना है। लेकिन यह योजना  भी कब तक मूर्त रूप लेगी। इस बारे में कुछ भी कहना संभव नहीं है। <br /><br />चम्बल रिवर फ्रंट प्रोजेक्ट के तहत नदी में क्रूज चलाने की योजना तो है। उस पर काम भी हो रहा है। लेकिन पहले रिवर फ्रंट का काम पूरा होगा उसके बाद ही उसका काम गति पकड़ेगा। <br /><strong>- आर.डी. मीणा, विशेषाधिकारी, नगर विकास न्यास</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 12 Jul 2022 14:46:37 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>ईआरसीपी पर गुमराह कर रहे हैं मुख्यमंत्री, सब चाहते हैं योजना को मंजूरी मिले :राठौड़</title>
                                    <description><![CDATA[जयपुर। विधानसभा में उपनेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ ने ईआरसीपी प्रोजेक्ट को लेकर सरकार को घेरा है। उन्होंने कहा है कि  मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ईआरसीपी प्रोजेक्ट को लेकर जनता को गुमराह कर रहे हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/chief-minister-is-misleading-on-ercp--everyone-wants-the-plan-to-be-approved--rathod/article-13754"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-07/rr.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। विधानसभा में उपनेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ ने ईआरसीपी प्रोजेक्ट को लेकर सरकार को घेरा है। उन्होंने कहा है कि  मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ईआरसीपी प्रोजेक्ट को लेकर जनता को गुमराह कर रहे हैं। केंद्र सरकार ने राजस्थान सरकार को प्रोजेक्ट को लेकर जिन कमियों को बताया है, राजस्थान सरकार को चाहिए कि वह उन कमियों को दूर करें ताकि इस प्रोजेक्ट को राष्ट्रीय परियोजना की मंजूरी मिल सके। मुख्यमंत्री लेकिन अपने घटते जनाधार को बढ़ाने के लिए इस तरह की राजनीति करते रहे हैं, वे केंद्र सरकार की डीपीआर में बताई तकनीकी खामियों को दूर करें और केंद्र सरकार की मंत्रालय से बात करें। उन्हें अगर हमारी जरूरत होगी तो हम भी इसके बाद उनके साथ हैं। मुख्यमंत्री चाहे तो सर्वदलीय बैठक भी इस मुद्दे पर बुला सकते हैं। प्रोजेक्ट का मसला अंतर राज्य भी है, इसलिए मिल बैठकर ही इस मामले में सरकार को राह निकालकर काम करना चाहिए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 06 Jul 2022 16:39:42 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ईआरसीपी को लेकर कांग्रेस का नया प्लान, मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई बैठक</title>
                                    <description><![CDATA[जयपुर। प्रदेश की ईस्टर्न कैनल परियोजना (ERCP) को लेकर सत्तारूढ़ कांग्रेस और बीजेपी नेताओं के बीच चल रही जुबानी जंग के बीच एक बार फिर प्रदेश कांग्रेस ईआरसीपी के मुद्दे को लेकर सड़कों पर उतरने की तैयारी कर रही है। मुख्यमंत्री निवास पर शनिवार को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की अध्यक्षता में बैठक हुई। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/congress-s-new-plan-regarding-ercp--meeting-chaired-by-chief-minister/article-13467"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-07/ashok-g.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। प्रदेश की ईस्टर्न कैनल परियोजना (ERCP) को लेकर सत्तारूढ़ कांग्रेस और बीजेपी नेताओं के बीच चल रही जुबानी जंग के बीच एक बार फिर प्रदेश कांग्रेस ईआरसीपी के मुद्दे को लेकर सड़कों पर उतरने की तैयारी कर रही है। मुख्यमंत्री निवास पर शनिवार को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की अध्यक्षता में बैठक हुई। बैठक में 13 जिलों के विधायक, जिला प्रमुख, प्रधान, चैयरमेन, बोर्ड-निगम के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष एवं सदस्य, पूर्व विधायक, पूर्व सांसद एवं अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित मौजूद रहे।<br /><br />गहलोत ने कहा कि केन्द्र सरकार के जलशक्ति मंत्रालय ने राजस्थान सरकार को पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना (ERCP) का काम रोकने के लिए कहा है। हमारी सरकार ने ERCP के लिए 9,600 का बजट राज्य कोष (स्टेट फंड) से जारी किया है। जब इस प्रोजेक्ट में अभी तक राज्य का पैसा लग रहा है एवं पानी हमारे हिस्से का है तो केन्द्र सरकार हमें ERCP का काम रोकने के लिए कैसे कह सकती है? राजस्थान के 13 जिलों की जनता देख रही है कि उनके हक का पानी रोकने के लिए केन्द्र की भाजपा कैसे रोड़े अटका रही है। प्रदेश सरकार ERCP को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है।<br /><br /><strong>6 जुलाई को प्रदेश भर में बड़े आंदोलन करेगी</strong><br />कांग्रेस सूत्रों की माने तो प्रदेश में 6 जुलाई को कांग्रेस पार्टी प्रदेश भर के सभी जिलों में ईआरसीपी के मुद्दे पर बड़ा आंदोलन करेगी और बीजेपी और केंद्र कि मोदी सरकार के खिलाफ हल्ला बोल करेगी। इससे पहले ईस्टर्न कैनल परियोजना को राष्ट्रीय परियोजना घोषित करने की मांग को लेकर प्रदेश कांग्रेस ने 13 अप्रैल को भी इस योजना के तहत आने वाले 13 जिलों में धरने प्रदर्शन किए थे।<br /><br /><strong>चुनावी फायदे के रूप में देख रही है कांग्रेस</strong><br />दरअसल ईआरसीपी के मुद्दे को लेकर कांग्रेस पार्टी लगातार बीजेपी और केंद्र के नेताओं पर हमलावर है। इसकी वजह यही है कि कांग्रेस पार्टी इसे चुनावी फायदे के रूप में देख रही है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से लेकर कांग्रेस पार्टी के तमाम नेता खुलकर इस मुद्दे को लेकर बयानबाजी कर रहे हैं और केंद्र सरकार की ओर से ईआरसीपी को राष्ट्रीय परियोजना घोषित करने को लेकर किए गए वादे को याद दिलाते हैं।<br /><br /><strong>ईआरसीपी वाले 13 जिलों में 86 सीटें</strong><br />ईस्टर्न कैनल परियोजना को लेकर चल रही सियासत के पीछे एक वजह यह भी है कि ईस्टर्न कैनल परियोजना के तहत आने वाले 13 जिलों में विधानसभा की 86 सीटें हैं और इन आधे जिलों में कांग्रेस मजबूत रही है। इसलिए ईस्टर्न कैनल के मुद्दे को उठाकर कांग्रेस इन जिलों में अपनी पकड़ मजबूत रखना चाहती है।<br /><br /><strong>इन 13 जिलों के लिए है ईआरसीपी योजना</strong><br />वहीं ईस्टर्न कैनल परियोजना जिन 13 जिलों के लिए है उनमें अलवर, भरतपुर, धौलपुर, करौली, सवाई माधोपुर, दौसा, जयपुर, अजमेर, टोंक, बूंदी, कोटा, बारां और झालावाड़ शामिल हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 02 Jul 2022 15:53:29 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>लूट की योजना बनाते पांच गिरफ्तार</title>
                                    <description><![CDATA[  गश्त और चेकिंग के दौरान कुन्हाड़ी पुलिस ने रविवार देर रात को कार्रवाई करते हुए मां त्रिकुटा मंदिर का कैश काउंटर और दर्शनों के लिए आने जाने वाली महिलाओं को लूटने की साजिश रचते हुए पांच शातिर बदमाशों को गिरफ्तार किया । ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/five-arrested-for-planning-robbery/article-12676"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/323.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा ।  गश्त और चेकिंग के दौरान कुन्हाड़ी पुलिस ने रविवार देर रात को कार्रवाई करते हुए मां त्रिकुटा मंदिर का कैश काउंटर और दर्शनों के लिए आने जाने वाली महिलाओं को लूटने की साजिश रचते हुए पांच शातिर बदमाशों को गिरफ्तार किया । पुलिस ने बदमाशों के कब्जे से तलवार ,छुरी, डंडा ,चाकू देसी कट्टा तथा एक जिंदा कारतूस और दो बाइकों को भी मौके से बरामद किया है । पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है । <br /><br /> थाना अधिकारी गंगा सहाय शर्मा ने बताया कि पुलिस अधीक्षक केसर सिंह शेखावत के निर्देश पर थाना क्षेत्र में अवैध मादक पदार्थ तस्करों की गिरफ्तारी, भगोड़ा तथा स्थाई वारंटियोंं के खिलाफ धरपकड़  अभियान चलाया जा रहा है । इस दौरान पुलिस जाब्ते के  साथ रविवार देर रात गश्त कर रहे थे तभी नहर के किनारे पहुंचने के दौरान मुखबिर से सूचना मिली सुखाड़िया आवास योजना स्थित राजकीय माध्यमिक विद्यालय नान्ता के पास कुछ बदमाश केशवरायपाटन  तिराहे स्थित  मां त्रिकुटा  मंदिर  का कैश काउंटर और महिलाओं  को लूटने की योजना बना रहे हैं ।  सूचना पर  पुलिस ने  दबिश दी  तो  मौके से  रवि बेरवा उर्फ गट्टा ,कुलदीप उर्फ बंटी धाकड़ ,कृष्णकांत उर्फ कपिल, भूपेंद्र उर्फ जीतू पंडित तथा नवीन सुवालक भूरिया को गिरफ्तार किया । पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से तलवार ,छुरी, चाकू तथा देसी कट्टा और एक जिंदा कारतूस ,दो बाइक बरामद की हैं ।  पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है ।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 20 Jun 2022 17:59:05 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>राजस्थान रोडवेज को सरकारी बेड़े में शामिल करने की योजना ठंडे बस्ते में</title>
                                    <description><![CDATA[ रोडवेज को सरकारी बेड़े में शामिल करने की योजना ठंडे बस्ते में है। हरियाणा सरकार के बाद अब आन्ध्रप्रदेश सरकार ने भी कॉरपोरेशन को बंद कर रोडवेज को अपने अधीन कर लिया है। अब सरकार ही बसों का संचालन करने व कर्मचारियों के हित में फैसला ले रही है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/the-plan-to-include-rajasthan-roadways-in-the-government-fleet-is-in-cold-storage/article-12439"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/roadways1.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>जयपुर।</strong> रोडवेज को सरकारी बेड़े में शामिल करने की योजना ठंडे बस्ते में है। हरियाणा सरकार के बाद अब आन्ध्रप्रदेश सरकार ने भी कॉरपोरेशन को बंद कर रोडवेज को अपने अधीन कर लिया है। अब सरकार ही बसों का संचालन करने व कर्मचारियों के हित में फैसला ले रही है। राजस्थान रोडवेज की स्थापना एक अक्टूबर 1964 में हुई थी। रोडवेज का संचालन फिलहाल कॉरपोरेशन से हो रहा है। रोडवेज संचालन अवधि के बाद से ही लगातार घाटे में चल रही है।</p>
<p>वर्तमान में रोडवेज करीब 5000 करोड़ रुपए से अधिक घाटे में है। राजस्थान सरकार भी पिछले कुछ समय से रोडवेज को आर्थिक तंगी से देखते हुए अपने अधीन करने की कवायद शुरू की थी। इसको लेकर तत्कालीन परिवहन मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने 18 अगस्त 2021 को मुख्यमंत्री और सीएमडी संदीप वर्मा ने 24 अगस्त को प्रमुख सचिव (परिवहन) को पत्र लिखा था। रोडवेज के पास अभी कुल 3300 (अनुबंधित सहित) बसें हैं। इनमें से अगले साल मार्च में 1600 बसें कंडम हो जाएंगी। वर्ष 2019 के बाद रोडवेज ने नई बसों की खरीद नहीं हुई है।</p>
<p><span style="background-color:#ff0000;"><strong>सरकार में शामिल होने से यह होगा फायदा</strong></span><br />विभिन्न मांगों को लेकर कर्मचारी यूनियनों की ओर से आए दिन हड़ताल करते हुए बसों का संचालन बंद कर दिया जाता है। इससे रोडवेज को नुकसान के साथ जनता को भी परेशानी उठानी पड़ती है। सरकार के बेड़े में शामिल होने के बाद यह परेशानी दूर हो जाएगी। कर्मचारियों की वेतन विसंगति के साथ सभी मांगों का फैसला सरकार खुद ले सकेगी। सरकार के अधीन होने के बाद रोडवेज का घाटे से उभरने के साथ ही सफल संचालन भी हो सकेगा।</p>
<table style="width:509px;height:418px;">
<tbody>
<tr style="height:41px;">
<td style="text-align:center;height:41px;width:505px;" colspan="2"><span style="color:#ff0000;"><strong>हरियाणा और आंध्रप्रदेश सरकार में शामिल है रोडवेज</strong></span></td>
</tr>
<tr style="height:41px;">
<td style="height:41px;width:505px;text-align:left;" colspan="2"><strong>हरियाणा</strong></td>
</tr>
<tr style="height:10px;">
<td style="height:10px;width:103.467px;">
<p><strong>बसें </strong></p>
<p><strong>कर्मचारी</strong></p>
</td>
<td style="height:10px;width:401.533px;">
<p><strong>3900</strong></p>
<p><strong>19000</strong></p>
</td>
</tr>
<tr style="height:41px;">
<td style="height:41px;width:505px;" colspan="2"><strong>आन्ध्रप्रदेश                   </strong>  </td>
</tr>
<tr style="height:23.45px;">
<td style="height:23.45px;width:103.467px;">
<p><strong>बसें  </strong></p>
<p><strong>कर्मचारी   </strong></p>
</td>
<td style="height:23.45px;width:401.533px;">
<p><strong> 12000</strong></p>
<p><strong>50 हजार से अधिक</strong></p>
</td>
</tr>
<tr style="height:41px;">
<td style="height:41px;width:505px;text-align:left;" colspan="2"><strong>राजस्थान</strong></td>
</tr>
<tr style="height:41px;">
<td style="height:41px;width:103.467px;">
<p><strong>बसें   </strong></p>
<p><strong>कर्मचारी  </strong></p>
</td>
<td style="height:41px;width:401.533px;">
<p><strong>3300 (अनुबंधित सहित)</strong></p>
<p><strong>12 से 13 हजार</strong></p>
</td>
</tr>
</tbody>
</table>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 17 Jun 2022 13:39:15 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बागौरी माता का चमत्कार, चोर-डकैत अपनी योजना में रहते हैं विफल </title>
                                    <description><![CDATA[ भौनावास ग्राम के पास बागौरी की ढाणी की पहाड़ी में स्थित बागौरी माता का मंदिर करीब 500 साल से अधिक पुराना है। ग्रामीणों के अनुसार बागौरी माता के प्रताप से क्षेत्र में होने वाली अनहोनी की सूचना क्षेत्र वासियों को मिल जाती थी जिससे वे लोग सर्तक हो जाते थे। इस क्षेत्र में डकैतों की योजना विफल रहती थी जिससे डकैतों ने बागौरी माता की प्रतिमा की गर्दन पर वार किया जिसके बाद से प्रतिमा की गर्दन को पानी की जलहरी में रखा जाता है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/miracle-of-bagori-mata--thieves-and-dacoits-fail-in-their-plan/article-12105"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/13prag01.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>प्रागपुरा।</strong> भौनावास ग्राम के पास बागौरी की ढाणी की पहाड़ी में स्थित बागौरी माता का मंदिर करीब 500 साल से अधिक पुराना है। ग्रामीणों के अनुसार बागौरी माता के प्रताप से क्षेत्र में होने वाली अनहोनी की सूचना क्षेत्र वासियों को मिल जाती थी जिससे वे लोग सर्तक हो जाते थे। इस क्षेत्र में डकैतों की योजना विफल रहती थी जिससे डकैतों ने बागौरी माता की प्रतिमा की गर्दन पर वार किया जिसके बाद से प्रतिमा की गर्दन को पानी की जलहरी में रखा जाता है। बागौरी नव युवक मंडल अध्यक्ष सतापाल सिंह ने बताया कि बागौरी माता का मदिर करीब 1800 मीटर की ऊंचाई पर था। ग्राम की एक वृद्धा जो माता की सेवक  थी। </p>
<p>वह मंदिर की चढ़ाई चढ़ने में परेशान होती थी तो उन्होंने माता से नीचे आने की विनती की। जिस पर माता करीब 100 मीटर नीचे आई, वहां उनका मंदिर बनाया गया। ग्रामजनों के अनुसार राजा आसकरण को माता ने दर्शन देकर यहां होने का सबूत दिया। नवरात्रा में प्रतिवर्ष महाराष्टा, पश्चिम  बंगाल, उड़ीसा, पंजाब सहित विभिन्न राज्यों के  दूरस्थ स्थानों से मंदिर में हजारों भक्त दर्शन व जात  जडूले करने आते हैं। अष्टमी को यहां विशाल मेला लगता है। ग्राम के पूर्व सरपंच व भामाशाह विशम्भर दयाल गोयल ने करीब 1000 मीटर तक सड़क व इसके  बाद  की चढ़ाई को सुगम बनाने</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 14 Jun 2022 13:30:11 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नि:शुल्क दवा योजना का सच: टिटनेस के इंजेक्शन बाजार से, सीरप में मिले मरे मच्छर</title>
                                    <description><![CDATA[गड़बड़ियों ने नि:शुल्क दवा योजना की पोल खोल दी]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/udaipur/udaipur-news--tetanus-injections-from-market--mosquitoes-found-in-syrup--truth-of-free-medicine-plan/article-8209"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-04/ttt-injection-in-.jpg" alt=""></a><br /><p>उदयपुर। मुख्यमंत्री नि:शुल्क दवा एवं जांच योजना में सभी रोगियों को नि:शुल्क दवा एवं जांच सुविधा देने  संबंधी राज्य सरकार के निर्देश के बावजूद एमबी हॉस्पिटल की इमरजेंसी में कई रोगियों को सप्ताह भर से टिटनेस का इंजेक्शन तक बाजार से लाना पड़ रहा है, वहीं एक रोगी को हॉस्पिटल से दिए गए सीरप में मरे हुए दो मच्छर दिखे। इन गड़बड़ियों ने नि:शुल्क दवा योजना की पोल खोल दी है। गत सप्ताह भर से एमबी हॉस्पिटल की इमरजेंसी में कई जीवनरक्षक दवाइयों का टोटा है। सर्वाधिक उपयोग में आने वाले टिटनेस के इंजेक्शन का भी अभाव बना हुआ था। हॉस्पिटल प्रशासन ने सोमवार को इस इंजेक्शन की आपूर्ति की है। इसके अलावा इमरजेंसी में एंटीबायोटिक सिफेक्सीन, बीपी की दवा लोसारटन, दर्द निवारक आईबीप्रूफेन आदि दवाइयां नहीं है। ये दवाइयां अधिकतर रोगियों को लिखी जाती है। मंगलवार को एक रोगी को हॉस्पिटल से गले में संक्रमण पर सीरप ग्लोवर हैक्सीडीन दिया गया जिसमें मरे हुए दो मच्छर दिखाई देने पर रोगी के परिजनों ने अधीक्षक को शिकायत की। <br /><br /><br />सीरप सीलबंद है, जो डिट्रिक्ट डिस्ट्रीब्यूशन सेंटर (डीडीसी) के पास दवा भण्डार से आई है। ऐसे में हॉस्पिटल के दवा भण्डार में पूरा स्टॉक चैक कराएंगे। इस स्टॉक को विड्रॉल करने के निर्देश दे दिए हैं। टिटनेस के इंजेक्शन व कुछ दवाइयां आरएमसीएल से ही शॉर्ट सप्लाई है। इनकी वैकल्पिक दवाइयां है। टिटनेस के इंजेक्शन लोकल बाजार से भी खरीदे गए लेकिन बाजार में भी उन दिनों में इसकी किल्लत है। जिस डीडीसी पर दवाइयों की उपलब्धता नहीं है, उसके खिलाफ कार्रवाई करेंगे। <br />डॉ. आर.एल. सुमन, अधीक्षक, एमबी हॉस्पिटल</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                            <category>उदयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 20 Apr 2022 14:03:33 +0530</pubDate>
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                <title>परकोटे का स्पेशल एरिया हेरिटेज प्लान तैयार</title>
                                    <description><![CDATA[ नगर नियोजन विभाग की ओर से स्पेशल एरिया हेरिटेज प्लान का प्रारूप तैयार किया गया है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jaipur-news--parkote-s-special-area-heritage-plan-ready--government-will-take-decision-after-testing/article-7880"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-04/hav.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। यूनेस्को की ओर से वर्ल्ड हेरिटेज साइट्स में शामिल राजधानी के परकोटा क्षेत्र के हेरिटेज के संरक्षण के लिए नगर नियोजन विभाग ने परकोटा क्षेत्र का स्पेशल एरिया हेरिटेज प्लान का प्रारूप तैयार किया है। इस प्लान को लागू करने के लिए एकीकृत प्राधिकरण का गठन करने का प्रावधान किया गया है। दरअसल दो साल पहले संयुक्त राष्टÑ संघ के यूनेस्को ने गुलाबी नगर के चारदीवारी क्षेत्र को वर्ल्ड हेरिटेज साइट्स की सूची में शामिल किया था। इसके बाद हेरिटेज के संरक्षण को सहेजने के लिए हेरिटेज नगर निगम जयपुर ने कार्यों का आकलन किया था। इसके तहत नगर नियोजन विभाग की ओर से स्पेशल एरिया हेरिटेज प्लान का प्रारूप तैयार किया गया है। इस प्लान को उच्च स्तर पर परीक्षण के बाद लागू किया जा सकता है।<br /><br />क्या है स्पेशल एरिया का प्लान<br /> इस प्लान को लागू करने के लिए एकीकृत प्राधिकरण का गठन करने के साथ ही उसकी पूरी जिम्मेदारी प्राधिकरण को सौंपी जानी चाहिए। विरासत संरक्षण के लिहाज से अलग से नेशनल लेवल का संस्थान स्थापित किया जाना चाहिए। आधुनिकतम तकनीक के साथ किस तरह विरासत को सहेजा जा सकता है, इस पर शोध होना चाहिए। विरासत संरक्षण में प्रशिक्षण और कैपिसिटी बिल्डिंग का काम इस संस्थान के माध्यम से किया जाना और परकोटा क्षेत्र में बिजली व पेयजल की आपूर्ति, सड़क, ड्रेनेज, सीवर व सोलिड वेस्ट मैनेजमेंट के मामले में आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल जरूरी है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 14 Apr 2022 11:14:02 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>सरपंच और पूर्व सरपंच के अपहरण का मामला : साजिश का खुलासा: सुमेल के सरपंच को हनीट्रैप में फंसाने की थी योजना</title>
                                    <description><![CDATA[पूर्व सरपंच ने लिखी थी अपहरण की कहानी, मदनलाल गुर्जर  पर डेढ़ लाख रुपए का था कर्जा, आरोपी पूर्व सरपंच समेत चार लोग गिरफ्तार लूटी गई ब्रेजा कार और मोबाइल बरामद]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E0%A4%B8%E0%A4%B0%E0%A4%AA%E0%A4%82%E0%A4%9A-%E0%A4%94%E0%A4%B0-%E0%A4%AA%E0%A5%82%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%B5-%E0%A4%B8%E0%A4%B0%E0%A4%AA%E0%A4%82%E0%A4%9A-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%85%E0%A4%AA%E0%A4%B9%E0%A4%B0%E0%A4%A3-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%AE%E0%A4%BE%E0%A4%AE%E0%A4%B2%E0%A4%BE---%E0%A4%B8%E0%A4%BE%E0%A4%9C%E0%A4%BF%E0%A4%B6-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%96%E0%A5%81%E0%A4%B2%E0%A4%BE%E0%A4%B8%E0%A4%BE--%E0%A4%B8%E0%A5%81%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%B2-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%B8%E0%A4%B0%E0%A4%AA%E0%A4%82%E0%A4%9A-%E0%A4%95%E0%A5%8B-%E0%A4%B9%E0%A4%A8%E0%A5%80%E0%A4%9F%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A5%88%E0%A4%AA-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%AB%E0%A4%82%E0%A4%B8%E0%A4%BE%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%A5%E0%A5%80-%E0%A4%AF%E0%A5%8B%E0%A4%9C%E0%A4%A8%E0%A4%BE/article-3687"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-12/110.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। कानोता थाना पुलिस ने सुमेल के वर्तमान सरपंच और पूर्व सरपंच की अपहरण की झूठी कहानी का खुलासा गुरुवार को कर दिया है। अपहरण की यह पूरी कहानी पूर्व सरपंच मदनलाल गुर्जर ने वर्तमान सरपंच अजय सिंह की छवि धुमिल करने और 1.50 लाख रुपए कर्जा चुकाने के लिए लिखी थी। आरोपियों ने सरपंच को रंगरेलिया मनाने का लालच देकर बुलाकर उसे हनीट्रैप में फंसाने की साजिश थी। पुलिस ने इस मामले में पूर्व सरपंच मदन लाल गुर्जर निवासी मुकंदपुरा सुमेल, तालिब खान निवासी मनुविहार जामडोली, शिवदान सिंह गुर्जर निवासी गांव मुडकस्या दौसा, सुभाष गुर्जर निवासी नीमाली दौसा और दिग्विजय सिंह निवासी रुपपुरा नागौर को गिरफ्तार किया है। इस खुलासे में तकनीकी शाखा के कांस्टेबल विजय राठी और थाने के कांस्टेबल अशोक कुमार की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। पुलिस उपायुक्त (पूर्व) प्रहलाद सिंह कृष्णिया ने बताया कि आरोपी पूर्व सरपंच मदनलाल गुर्जर और तालिब खान नर्सरी चलाते हैं। शिवदान सिंह गुर्जर आरोपी दिग्विजय का दोस्त है और उसकी मोबाइल की दुकान पर काम करता है। सुभाष गुर्जर टैक्सी चलता है।</p>
<p><br /> आरोपियों ने मंगलवार की शाम नायला रोड पर सरपंच अजय सिंह का अपहरण कर लिया था। बाद में रात को दौसा से पहले सुनसान जगह पर छोड़कर चले गए। इस दौरान बदमाशों ने सरपंच को धमाकर उससे पांच हजार रुपए पेटीएम करवा लिए थे। इसी बीच आरोपियों ने सरपंच का वीडियो बना लिया, जिसके आधार पर आरोपी सरपंच की पत्नी को व्हाट्सएप पर मैसेज कर पांच लाख रुपए की डिमांड कर रहे थे। आरोपी यूपी के फर्रुखाबाद के नवाबगंज में पहुंचे थे। यहां पर आरोपी तालिब का ननिहाल है। बस्सी एसीपी मेघचंद मीणा की मॉनिटरिंग में काम कर रही पुलिस टीम वहां पहुंची और आरोपियों को दबोच लिया। <br /> <br /> <strong>सरपंच को युवतियों के साथ पकड़ने की थी योजना</strong><br /> पुलिस ने बताया कि आरोपियों ने सुमेल सरपंच अजय सिंह को युवतियों के साथ पकड़ने की प्लानिंग की थी, ताकि उसे ब्लैकमेल कर रुपए ऐंठ सके। इसके लिए आरोपी मदनलाल और तालिब ने बीती सोमवार को युवतियों को बुलाया था, लेकिन उस दिन सरपंच अजय परिवार सहित किसी काम से बाहर गया हुआ था। इसके बाद मंगलवार शाम को मिलना तय किया गया। इस दिन आरोपी जिस युवती के साथ सरपंच को फंसाना चाहते थे वह भी किसी कारण से आ नहीं पाई और इनकी प्लानिंग फेल हो गई।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 31 Dec 2021 12:39:34 +0530</pubDate>
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                <title>सेमीकंडक्टर चिप में आत्मनिर्भर बनेगा भारत</title>
                                    <description><![CDATA[मोदी कैबिनेट ने दी 76,000 करोड़ रुपए की योजना को मंजूरी : अगले छह साल में विकसित किया जाएगा कंप्लीट इकोसिस्टम]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/%E0%A4%B8%E0%A5%87%E0%A4%AE%E0%A5%80%E0%A4%95%E0%A4%82%E0%A4%A1%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%9F%E0%A4%B0-%E0%A4%9A%E0%A4%BF%E0%A4%AA-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%86%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%AE%E0%A4%A8%E0%A4%BF%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%AD%E0%A4%B0-%E0%A4%AC%E0%A4%A8%E0%A5%87%E0%A4%97%E0%A4%BE-%E0%A4%AD%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A4%A4/article-3248"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-12/15decpsb30u.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। देश में सेमीकंडक्टर चिप्स के मामले में चीन जैसे देशों पर निर्भरता कम करने के लिए मोदी सरकार ने 76,000 करोड़ रुपए की एक महत्वाकांक्षी योजना को मंजूरी दे दी। इसके तहत अगले छह साल में देश में सेमीकंडक्टर चिप्स का एक कंप्लीट इकोसिस्टम विकसित किया जाएगा। इसमें सेमीकंडक्टर डिजाइन, कंपोनेंट्स मैन्युफैक्चरिंग और डिस्प्ले फैब्रिकेशन यूनिट्स की स्थापना शामिल है। यह प्रोत्साहन तीन तरीकों से क्रियान्वित होगा। योजना के तहत कंपाउड सेमीकंडक्टर वैफर फैब्रिकेशन (फैब), असेंबली, टेस्टिंग और पैकेजिंग सुविधा के लिए इकाई स्थापित करने में जो लागत आएगी उस पर 25 फीसद के प्रोत्साहन का प्रावधान होगा। इस योजना में ऐसे स्टार्टअप को भी प्रोत्साहन दिया जाएगा जो सेमीकंडक्टर की डिजाइन को विकसित करने का काम करेंगे। प्रस्तावित योजना में उद्योगों द्वारा करीब 1.7 लाख करोड़ के निवेश की कल्पना की गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में इस आशय के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। बाद में आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने विस्तार से इस योजना के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि आज प्रधानमंत्री ने एक ऐतिहासिक फैसला लिया है। इसके तहत देश में सेमीकंडक्टर चिप्स का डिजाइन, फैब्रिकेशन, पैकेजिंग, टेस्टिंग और कंप्लीट इकोसिस्टम डेवलप किया जाएगा। इसके लिए 76 हजार करोड़ रुपए के निवेश को मंजूरी दी गई है। भारत को ग्लोबल हब बनाने के लिए 2.3 लाख करोड़ रुपए का इनसेंटिव दिया जाएगा। इसे मिशन मोड में चलाने के लिए इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन की स्थापना की जाएगी।</p>
<p><strong>यह है सरकार की योजना</strong><br /> सरकार भारत को इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग का हब बनाना चाहती है। देश में मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपोर्ट को बढ़ावा देने के लिए कई पीएलआई स्कीम्स लाई है। सरकार का लक्ष्य डिस्प्ले के लिए एक से दो फैब यूनिट स्थापित करने का है, डिजाइनिंग और मैन्युफैक्चरिंग कंपोनेंट्स के लिए 10-10 यूनिट लगाने का प्लान है।<br /> <br /> <strong>क्या है सेमीकंडक्टर चिप<br /> उपकरणों में अहम कंपोनेंट</strong><br /> सेमीकंडक्टर चिप्स इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों में इस्तेमाल होने वाला एक अहम कंपोनेंट होता है, जैसे स्मार्टफोन, लैपटॉप, कार और दूसरे उपकरण और वाहन। वैश्विक स्तर पर सेमीकंडक्टर के अभाव की वजह से कई उद्योग पिछले एक साल से जूझ रहे हैं, जिसकी वजह से स्मार्टफोन, निजी कंप्यूटर, गेम कंसोल, आॅटोमोबाइल और चिकित्सा उपकरणों की आपूर्ति पर भी असर पड़ रहा है।  <br /> <br /> <strong>आधार से जोड़ सकेंगे वोटर आईडी, चुनाव सुधारों को मोदी कैबिनेट ने दी मंजूरी </strong><br />  निर्वाचन आयोग की सिफारिशों के आधार पर चुनावी प्रक्रिया में सुधार के लिए मोदी कैबिनेट ने अहम फैसला किया है। चुनाव सुधारों के तहत अब स्वैच्छिक आधार पर आधार को वोटर आईडी कार्ड से जोड़ा जा सकेगा। इसके अलावा इन सुधारों के तहत 18 वर्ष पूरे कर चुके पहली बार वोट देने वाले वोटर्स  एक जनवरी के बजाय अब चार कटऑफ डेट्स के साथ, साल में चार बार खुद को पंजीकृत कर सकेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक से पारित विधेयक के अनुसार सेवा मतदाताओं के लिए चुनावी कानून को ‘जेंडर न्यूट्रल’ बनाया जाएगा। चुनाव आयोग का दावा है कि उसके पायलेट प्रोजेक्ट्स बेहद सफल रहे हैं। ये चुनाव प्रक्रिया में दोहराव यानी डबल मतदान को रोकने में कारगर होंगे। सूत्रों की मानें तो सरकार इन अहम चुनाव सुधारों को संसद के मौजूदा  शीतकालीन सत्र में पेश कर सकती है। उल्लेखनीय है कि चुनाव आयोग ने इससे पहले कई चुनावी सुधारों पर जोर देते हुए सरकार को सुझाव दिए थे। चुनाव आयोग ने इस साल जून में कानून मंत्रालय को पत्र लिखकर इन लंबित चुनावी सुधारों को तत्काल लागू करने का अनुरोध किया था।<br />  </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 16 Dec 2021 12:05:24 +0530</pubDate>
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