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                <title>चीन का अमेरिका पर बड़ा आर्थिक प्रहार, 46 अमेरिकी कंपनियों के उत्पादों की खरीद पर लगाया प्रतिबंध</title>
                                    <description><![CDATA[चीन ने सैन्य दिग्गज लॉकहीड मार्टिन सहित 46 अमेरिकी कंपनियों से उत्पाद खरीदने पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया है। चीनी वित्त मंत्रालय के अनुसार, सरकारी खरीद में इन कंपनियों को ब्लैकलिस्ट किया गया है। यह कदम ताइवान को हथियारों की आपूर्ति और अमेरिकी हस्तक्षेप के जवाब में देखा जा रहा है, हालांकि चीन स्थित अमेरिकी उद्यमों को छूट मिली है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/chinas-big-economic-attack-on-america-ban-on-purchase-of/article-157725"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/chinese-president-xi-jinping.png" alt=""></a><br /><p>बीजिंग। चीन ने 46 अमेरिकी कंपनियों से कोई भी उत्पाद खरीदने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। चीनी वित्त मंत्रालय ने सोमवार को इस आशय की सूची जारी की है। इन कंपनियों में लॉकहीड मार्टिन कॉरपोरेशन भी शामिल है। मंत्रालय के बयान में कहा गया है कि लागू कानूनों और नियमों के अनुसार, सरकारी खरीद गतिविधियों के दायरे में 46 अमेरिकी कंपनियों के खिलाफ प्रासंगिक कदम उठाने का निर्णय लिया गया है।</p>
<p>चीनी कंपनियों को इन 46 अमेरिकी कंपनियों में बने उत्पादों को खरीदने से रोक दिया गया है, हालांकि चीन में काम कर रहे अमेरिकी निवेश वाले उद्यमों को इससे छूट दी गयी है। चीन ने लॉकहीड मार्टिन पर प्रतिबंध लगाकर एक तरह से अमेरिका को भी संकेत दिया है कि वह अपने मामले में किसी तरह का हस्तक्षेप बर्दाश्त नहीं करेगी।</p>
<p>गौरतलब है कि लॉकहीड मार्टिन सैन्य विमान और उन्नत तकनीकी हथियारों की दुनिया की सबसे बड़ी निर्माता कंपनी है और यह कंपनी अमेरिकी सरकार के जरिए ताइवान को सबसे ज्यादा हथियारों और सैन्य उपकरणों की आपूर्ति करती है, जबकि चीन ताइवान को अपना हिस्सा मानता है।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 22 Jun 2026 17:33:22 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>कुमारी सैलजा का राज्य सरकार पर हमला, बोलीं- सरकार पोर्टल और सत्यापन की प्रक्रिया में उलझी, किसानों को राहत देने की मांग</title>
                                    <description><![CDATA[सांसद कुमारी सैलजा ने हरियाणा में यूरिया-डीएपी की भारी कमी और 'मेरी फसल-मेरा ब्यौरा' पोर्टल की विफलता पर राज्य सरकार को घेरा है। उन्होंने तुरंत जिला स्तर पर खाद आपूर्ति बढ़ाने की मांग की। इसके अलावा, उन्होंने रेल मंत्री को पत्र लिखकर उकलाना स्टेशन पर आरक्षण काउंटर और तीन प्रमुख ट्रेनों के ठहराव की मांग उठाई।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/kumari-seljas-attack-on-the-state-government-said-demand/article-157722"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/kumari-selja.jpg" alt=""></a><br /><p>चंडीगढ़। हरियाणा में सिरसा लोकसभा क्षेत्र से सांसद कुमारी सैलजा ने राज्य में यूरिया और डीएपी की कमी को लेकर राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा है कि किसानों को खाद के लिए लंबी कतारों में लगना पड़ रहा है। उन्होंने सोमवार को यहां एक बयान में कहा कि हर बिजाई सीजन में किसानों को खाद के लिए लंबी कतारों में लगना पड़ता है, जबकि सरकार पोर्टल और सत्यापन की प्रक्रिया में उलझी है। कुमारी सैलजा ने कहा, ‘मेरी फसल-मेरा ब्यौरा’ में सरकार के पास किसानों की जमीन और फसल का पूरा रिकॉर्ड है। इसके बावजूद किसानों को जरूरत के हिसाब से समय पर खाद नहीं मिल रही। सरकार को आंकड़ों के आधार पर पहले ही मांग का आकलन कर यूरिया-डीएपी की पर्याप्त व्यवस्था करनी चाहिए थी। प्रदेश के कई जिलों से खाद की कमी और किसानों की परेशानी की खबरें आ रही हैं, जिससे खरीफ सीजन प्रभावित होने की आशंका है।</p>
<p>उन्होंने सरकार से जिला स्तर पर खाद की उपलब्धता की समीक्षा कर तुरंत आपूर्ति बढ़ाने की मांग की। किसानों को टोकन, पोर्टल और सत्यापन में उलझाने की बजाय उनकी असली जरूरत पूरी की जाये। पूर्व केन्द्रीय मंत्री ने उकलाना क्षेत्र की रेल सुविधाओं को लेकर रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को पत्र लिखा है। उन्होंने उकलाना रेलवे स्टेशन पर आरक्षण काउंटर शुरू करने और अजमेर-अमृतसर एक्सप्रेस, भावनगर-हरिद्वार एक्सप्रेस एवं विवेक एक्सप्रेस के ठहराव की मांग की। उन्होंने कहा कि उकलाना और आसपास के करीब 60 गांवों के हजारों यात्रियों को इससे राहत मिलेगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 22 Jun 2026 15:14:39 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>रूस-कजाकिस्तान परमाणु समझौता: इस दशक में शुरू होगा पहला न्यूक्लियर प्लांट, वीवीईआर-1200 रिएक्टरों से बनेगी बिजली</title>
                                    <description><![CDATA[रूसी परमाणु कंपनी रोसाटॉम ने इस दशक (2030) के भीतर कजाकिस्तान में अपना पहला परमाणु ऊर्जा संयंत्र बनाने का लक्ष्य रखा है। राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की अस्ताना यात्रा के दौरान इस समझौते पर हस्ताक्षर हुए। इस प्लांट में रूस निर्मित दो वीवीईआर-1200 रिएक्टर इकाइयां लगाई जाएंगी, जिससे ईंधन आपूर्ति और रखरखाव में सहयोग बढ़ेगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/russia-kazakhstan-nuclear-agreement-first-nuclear-plant-will-start-in-this/article-155374"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/nuclear-fusion-16x9.webp" alt=""></a><br /><p>अस्ताना। रूस की सरकारी परमाणु ऊर्जा कंपनी रोसाटॉम का इस दशक के भीतर कजाकिस्तान में परमाणु ऊर्जा संयंत्र के निर्माण का लक्ष्य है। कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एलेक्सी लिखाचेव ने गुरुवार को यह जानकारी दी। पत्रकारों ने लिखाचेव से पूछा कि कजाकिस्तान में परमाणु ऊर्जा संयंत्र के लिए पहली कंक्रीट डालने की समयसीमा क्या होगी। तब उन्होंने कहा, "हम कोशिश करेंगे कि यह काम मौजूदा दशक के भीतर शुरू हो जाए।"</p>
<p>रोसाटॉम ने एक बयान में यह जानकारी देते हुए कहा कि रूस और कजाकिस्तान के बीच परमाणु ऊर्जा संयंत्र निर्माण पर हुए अंतर-सरकारी समझौते में परियोजना के दौरान सहयोग के प्रमुख क्षेत्रों को शामिल किया गया है। इनमें रखरखाव और परमाणु ईंधन की आपूर्ति भी शामिल है।</p>
<p>कजाकिस्तान में परमाणु ऊर्जा संयंत्र निर्माण के लिए सहयोग के मूल सिद्धांतों और शर्तों से संबंधित समझौते पर कल रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की अस्ताना यात्रा के दौरान हस्ताक्षर किए गए। कजाकिस्तान की परमाणु ऊर्जा एजेंसी ने 14 जून 2025 को कहा था कि रोसाटॉम देश के पहले परमाणु ऊर्जा संयंत्र के निर्माण के लिए एक अंतरराष्ट्रीय सहयोगात्मक समूह का नेतृत्व करेगा। इस संयंत्र में दो बिजली इकाइयां होंगी, जिनमें रूस में निर्मित वीवीईआर-1200 रिएक्टर लगाए जाएंगे।</p>]]></content:encoded>
                
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                <pubDate>Fri, 29 May 2026 17:57:55 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>बिजली संकट पर यूपी सीएम योगी का सख्त संदेश : बोले- लापरवाही नहीं होगी बर्दाश्त, बिना रुकावट बिजली आपूर्ति के निर्देश</title>
                                    <description><![CDATA[मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बिजली आपूर्ति व्यवस्था की समीक्षा करते हुए शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में निर्बाध बिजली देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि भीषण गर्मी में उत्पादन इकाइयां पूरी क्षमता से चलें। ट्रांसफार्मर खराब होने या लापरवाही पर जवाबदेही तय होगी और उपभोक्ताओं को समय पर सही जानकारी दी जाएगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/up-cm-yogis-strict-message-on-power-crisis-negligence/article-154860"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/cm-yogi.png" alt=""></a><br /><p>लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को लखनऊ में ऊर्जा विभाग, पावर कॉरपोरेशन एवं सभी बिजली वितरण कंपनियों के अधिकारियों के साथ प्रदेश की विद्युत आपूर्ति व्यवस्था की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने भीषण गर्मी और बढ़ती बिजली मांग को देखते हुए शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में बिना रुकावट बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बिजली की बढ़ती मांग को देखते हुए सभी उत्पादन इकाइयां पूरी क्षमता से चलाई जाएं और इनके कामों की लगातार निगरानी हो।</p>
<p>मुख्यमंत्री ने प्रदेश के पारेषण तंत्र को और अधिक मजबूत, आधुनिक और भरोसेमंद बनाने पर जोर दिया। उन्होंने फीडर स्तर पर निगरानी और जवाबदेही तय करने को कहा। मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि ट्रांसफार्मर खराब होने, फीडर बाधित होने या शिकायत निस्तारण में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि आमजन को बिजली आपूर्ति से जुड़ी सही और समयबद्ध जानकारी उपलब्ध कराई जाए। संवाद और पारदर्शिता से उपभोक्ताओं का विश्वास मजबूत होगा और शिकायतों के प्रति संवेदनशीलता बढ़ेगी।</p>
<p>मुख्यमंत्री ने उपभोक्ता सेवाओं को अधिक पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाने पर बल दिया। उन्होंने ऊर्जा मंत्री एवं विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिकायत निस्तारण व्यवस्था को और प्रभावी बनाया जाए, ताकि उपभोक्ताओं को तत्काल राहत मिल सके।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 24 May 2026 17:32:13 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मायावती का राज्य सरकार पर निशाना : बिजली संकट पर जताई चिंता, बोली- आमजन को निजात दिलाने के लिए उचित कदम उठाए सरकार</title>
                                    <description><![CDATA[बसपा सुप्रीमो मायावती ने उत्तर प्रदेश में भीषण गर्मी और भारी बिजली कटौती पर गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि बिजली संकट से किसान, गरीब और छोटे व्यापारियों का जीवन कष्टदायी हो गया है। मायावती ने सरकार से तत्काल निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने और नए बिजलीघर बनाने की अपील की है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/mayawati-targets-state-government-expresses-concern-over-power-crisis-says/article-154649"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-10/mayawati-759.jpg" alt=""></a><br /><p>लखनऊ। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) अध्यक्ष मायावती ने उत्तर प्रदेश में भीषण गर्मी के बीच बिजली कटौती पर चिंता जताते हुये कहा कि सरकार को बिजली संकट से आमजन को निजात दिलाने के त्वरित उपाय करने चाहिये। मायावती ने एक्स पर जारी संदेश में कहा कि बिजली संकट से गरीब, मध्यम वर्ग, किसान, छोटे व्यापारी और करोड़ों मेहनतकश लोगों का जीवन अति-कष्टदायी बन गया है। उत्तर प्रदेश जैसे विशाल आबादी वाले राज्य में भीषण गर्मी के इस मौसम में बिजली की कम आपूर्ति व कटौती आदि की आम शिकायतों व उसको लेकर विशेषकर गरीब, मध्यम वर्ग, किसान, छोटे व्यापारियों व अन्य करोड़ों मेहनतकश लोगों का जीवन अति-कष्टदायी बना हुआ है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि इसको लेकर लोग विभिन्न रूपों में अपना आक्रोश भी प्रकट कर रहे हैं, जिसकी चर्चा समाचार माध्यमों में भी काफी व निरन्तर रहती है। सरकार से अपील है कि वह बिजली आपूर्ति सम्बंधी लोगों के कष्ट व परेशानियों को ध्यान में रखते हुये जरूरी उपाय तत्काल सुनिश्चित करे। साथ ही, नये बिजलीघर आदि के माध्यम से भी आगे के लिये बिजली आपूर्ति की स्थिति को सुधारने का प्रयास करे तो यह व्यापक जनहित में उचित होगा। उल्लेखनीय है कि प्रदेश में भीषण गर्मी के बीच कई जिलों से अघोषित बिजली कटौती की शिकायतें सामने आ रही हैं। विपक्ष लगातार बिजली व्यवस्था को लेकर सरकार पर सवाल उठा रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 22 May 2026 18:36:24 +0530</pubDate>
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                <title>सहकारी समितियों से ही होगा उर्वरक वितरण, नकली खाद पर सख्ती के निर्देश </title>
                                    <description><![CDATA[सहकारिता राज्य मंत्री गौतम कुमार दक ने निर्देश दिए हैं कि किसानों को इफको और कृभको उर्वरकों का वितरण केवल सहकारी समितियों के माध्यम से ही किया जाए। निजी डीलरों पर रोक लगाने और नकली खाद की जांच के लिए नियमित निरीक्षण के आदेश दिए गए हैं, ताकि किसानों को उचित दर पर खाद मिल सके।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/fertilizer-distribution-will-be-done-only-through-cooperative-societies-strict/article-154700"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/metting.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। सहकारिता राज्य मंत्री गौतम कुमार दक ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि किसानों को उर्वरकों की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए इफको और कृभको के उर्वरकों का वितरण केवल क्रय-विक्रय सहकारी समितियों एवं ग्राम सेवा सहकारी समितियों के माध्यम से किया जाए। उन्होंने निजी डीलरों के जरिए खाद वितरण पर प्रभावी रोक लगाने और कालाबाजारी रोकने के लिए सख्त निगरानी के निर्देश दिए। शुक्रवार को शासन सचिवालय में आगामी खरीफ और रबी सीजन की तैयारियों को लेकर आयोजित समीक्षा बैठक में मंत्री दक ने कहा कि सहकारी समितियों के माध्यम से खाद वितरण होने से किसानों को उचित दर पर पर्याप्त मात्रा में उर्वरक उपलब्ध हो सकेगा।</p>
<p>उन्होंने डूंगरपुर और बांसवाड़ा क्षेत्रों में भी उर्वरक रैक पहुंचाने के निर्देश दिए। मंत्री ने नकली खाद पर रोक के लिए जिला उप रजिस्ट्रारों और निरीक्षकों को नियमित निरीक्षण करने तथा फोटोग्राफ्स भेजने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सहकारी समितियों में केवल इफको, कृभको जैसी सहकारी मॉडल आधारित चुनिंदा कंपनियों के उर्वरकों की ही बिक्री हो। बैठक में पैक्स को प्रधानमंत्री किसान समृद्धि केंद्र के रूप में विकसित करने, लंबित लाइसेंस जारी करने और किसानों को नैनो उर्वरकों के प्रति जागरूक करने पर भी चर्चा हुई।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 22 May 2026 16:21:10 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ट्रांसपोर्ट कारोबार पर मंडराया संकट: गुरुग्राम समेत दिल्ली-एनसीआर में ट्रांसपोर्टरों की तीन दिवसीय हड़ताल शुरू,  जानिए क्या खुला और क्या बंद?</title>
                                    <description><![CDATA[ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस के आह्वान पर दिल्ली-एनसीआर में तीन दिवसीय हड़ताल शुरू हो गई है। ग्रीन टैक्स और नए प्रतिबंधों के विरोध में 21 से 23 मई तक माल ढुलाई पूरी तरह बंद रहेगी। गुरुग्राम के औद्योगिक हब में इसके चलते करोड़ों का कारोबार और आपूर्ति शृंखला बुरी तरह प्रभावित हुई है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/crisis-looms-on-transport-business-three-day-strike-of-transporters-begins/article-154575"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/strike.png" alt=""></a><br /><p>गुरुग्राम। हरियाणा के गुरुग्राम समेत पूरे दिल्ली-एनसीआर में ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस के आह्वान पर गुरुवार से तीन दिवसीय हड़ताल शुरू हुई। हड़ताल का सीधा असर गुरुग्राम में देखने को मिल रहा है। पहले ही दिन गुरुग्राम से दिल्ली जाने वाले ट्रकों और कॉमर्शियल वाहनों की संख्या में भारी कमी दर्ज की गयी, जिससे औद्योगिक गतिविधियां प्रभावित हो गयी हैं। ट्रांसपोर्ट संघों ने स्पष्ट किया है कि 21 मई की सुबह से 23 मई की रात तक माल ढुलाई से जुड़ी कोई भी छोटी या बड़ी गाड़ी दिल्ली की सीमा में प्रवेश नहीं करेगी। ट्रांसपोर्ट कांग्रेस के पदाधिकारियों का आरोप है कि दिल्ली सरकार लगातार कमर्शियल वाहनों पर नये प्रतिबंध लागू कर रही है और ग्रीन टैक्स के नाम पर भारी शुल्क वसूला जा रहा है। इससे ट्रांसपोर्ट कारोबार संकट में पहुंच गया है।</p>
<p>ट्रांसपोर्टरों का कहना है कि कई बार प्रशासनिक अधिकारियों से बातचीत और समस्याओं के समाधान की मांग की गयी, लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। इसी के विरोध में उन्हें सांकेतिक हड़ताल का रास्ता अपनाना पड़ा। गुरुग्राम को देश के प्रमुख औद्योगिक और लॉजिस्टिक्स हब में गिना जाता है। यहां ऑटोमोबाइल और मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र की कई बड़ी कंपनियां संचालित हैं, जिनकी आपूर्ति शृंखला पूरी तरह ट्रांसपोर्ट नेटवर्क पर निर्भर है। हड़ताल के चलते उद्योग जगत में चिंता बढ़ गयी है। व्यापारिक विशेषज्ञों के अनुसार, गुरुग्राम और आसपास के क्षेत्रों में प्रतिदिन करोड़ों रुपये का कारोबार प्रभावित हो सकता है। यदि हड़ताल आगे बढ़ती है, तो दिल्ली-एनसीआर में फल, सब्जियां, दूध और दवाओं जैसी आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति भी प्रभावित हो सकती है, जिससे आम लोगों की परेशानियां बढ़ने की आशंका है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 21 May 2026 18:32:21 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>परेशानी : पानी ने बुझाई सौर ऊर्जा की लौ, पानी 200 से 300 मीटर तक नीचे</title>
                                    <description><![CDATA[भूजल स्तर में गिरावट से सोलर पंप सब्सिडी पर संकट।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/the-crisis--water-scarcity-douses-the-flame-of-solar-energy--water-table-drops-to-200%E2%80%93300-meters/article-154337"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/1111200-x-600-px)-(4)31.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। कोटा जिले सहित हाड़ौती अंचल के कई हिस्सों में भूजल स्तर लगातार गिरता जा रहा है। हालात इस कदर बिगड़ चुके हैं कि कई इलाकों में पानी 200 से 300 मीटर तक नीचे पहुंच गया है। पानी पाताल में समाने जैसी स्थिति ने अब खेती और सिंचाई के लिए नई चुनौती खड़ी कर दी है। इसका सबसे बड़ा असर सरकार की सोलर पंप योजना पर देखने को मिल रहा है, जिसके तहत किसानों को दी जाने वाली सब्सिडी अब सीमित दायरे में सिमटती जा रही है। दरअसल वर्तमान नियमों के मुताबिक 100 मीटर तक की गहराई वाले नलकूपों पर ही सोलर पंप लगाने के लिए सब्सिडी का प्रावधान है, लेकिन जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल अलग है। कोटा, बारां, बूंदी और झालावाड़ के कई गांवों में जलस्तर इस सीमा से काफी नीचे जा चुका है। ऐसे में हजारों किसान योजना के लाभ से वंचित हो रहे हैं।</p>
<p><strong>अब महंगी सिंचाई बनी मजबूरी</strong><br />जलस्तर गिरने के कारण किसानों को अब गहरे बोर करवाने पड़ रहे हैं, जिसकी लागत 2 से 5 लाख रुपए तक पहुंच रही है। इसके बावजूद पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा। सोलर पंप की सब्सिडी नहीं मिलने से किसान या तो बिजली कनेक्शन का इंतजार कर रहे हैं या डीजल पंप के सहारे सिंचाई कर रहे हैं, जिससे लागत कई गुना बढ़ गई है। कई किसानों का कहना है कि सोलर पंप योजना उनके लिए उम्मीद की किरण थी, लेकिन 100 मीटर की सीमा ने इस उम्मीद को अधूरा छोड़ दिया। जिन क्षेत्रों में पानी 150 मीटर से नीचे है, वहां यह योजना लगभग अप्रभावी हो चुकी है।</p>
<p><strong>अतिदोहन श्रेणी में पहुंचे कई ब्लॉक</strong><br />जानकारी के अनुसार कोटा संभाग के कई ब्लॉक अतिदोहनह्व (ओवर-एक्सप्लॉइटेड) श्रेणी में आ चुके हैं। इन क्षेत्रों में जितना पानी रिचार्ज होता है, उससे कहीं अधिक दोहन किया जा रहा है। परिणामस्वरूप हर साल जलस्तर औसतन 1 से 3 मीटर तक नीचे खिसक रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि लगातार कम वर्षा, पारंपरिक जल स्रोतों की उपेक्षा और बढ़ती सिंचाई जरूरतों के कारण यह संकट और गहराता जा रहा है। यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो आने वाले वर्षों में पेयजल संकट भी गहरा सकता है।</p>
<p><strong>भौतिक सत्यापन में आवेदन हो रहे रिजेक्ट</strong><br />सरकार की सोलर पंप योजना का मुख्य उद्देश्य किसानों को सस्ती, स्वच्छ और निर्बाध ऊर्जा उपलब्ध कराना था, ताकि वे बिजली कटौती और महंगे डीजल से मुक्त हो सकें। लेकिन जलस्तर गिरने के कारण योजना का लाभ सीमित होता जा रहा है। भूजल स्तर 100 मीटर जाने के कारण अधिकांश किसान आवेदन नहीं कर पा रहे हैं। और कुछ किसान आवेदन कर भी रहे हैं तो भौतिक सत्यापन में उनके आवेदन रिजेक्ट हो रहे हैं। किसान संगठनों और जनप्रतिनिधियों ने मांग उठाई है कि सोलर पंप सब्सिडी के लिए निर्धारित 100 मीटर की सीमा को बढ़ाया जाए और इसे क्षेत्रवार जलस्तर के अनुसार तय किया जाए।</p>
<p>सरकार सोलर पंप दे रही है, लेकिन जब पानी ही नहीं है तो इसका फायदा कैसे मिलेगा? जलस्तर के अनुसार नियमों में बदलाव जरूरी है, ताकि अधिक किसान इससे लाभान्वित हो सके।<br /><strong>- महेंद्र सिंह, किसान</strong></p>
<p>वर्तमान नियमों के मुताबिक 100 मीटर तक की गहराई वाले नलकूपों पर ही सोलर पंप लगाने के लिए सब्सिडी का प्रावधान है। इस योजना के नियमों में बदलाव केन्द्र सरकार के स्तर पर ही हो सकता है।<br /><strong>-आर.के. शर्मा, कृषि विशेषज्ञ </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 19 May 2026 14:24:52 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अशोक गहलोत का राज्य सरकार पर हमला, बोले-सामने खड़े जलसंकट की जवाबदेही कौन करेगा तय</title>
                                    <description><![CDATA[पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने जोधपुर में गहराते पेयजल संकट को लेकर भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने शहर की स्थिति को जल-आपातकाल जैसा बताते हुए कहा कि कायलाना तख्तसागर में मात्र दो दिन का पानी शेष है। उन्होंने जलदाय विभाग की लापरवाही और ठोस जल प्रबंधन के अभाव पर गंभीर सवाल उठाए हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/ashok-gehlot-attacked-the-state-government-and-said-who/article-154156"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/ashok-gehlot.jpeg" alt=""></a><br /><p>जयपुर: जोधपुर में पेयजल संकट के मुद्दे पर पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भाजपा सरकार पर हमला बोला है। गहलोत ने कहा है कि जोधपुर में पेयजल को लेकर हालात भयावह होते जा रहे हैं। शहर में त्राहि-त्राहि मची हुई है और स्थिति लगभग जल-आपातकाल जैसी बन चुकी है। कायलाना तख्तसागर में मात्र दो दिन का पानी शेष बताया जा रहा है। करीब 20 लाख की आबादी वाला शहर प्यास के कगार पर खड़ा है और सरकार मौन है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि जलदाय विभाग अब तक क्या कर रहा था? क्या यह पूर्व तैयारी का अभाव नहीं है? क्या जल प्रबंधन की कोई ठोस योजना नहीं बनाई गई? आज जब जल संकट सामने खड़ा है तो जवाबदेही कौन लेगा? जोधपुर के सांसद एवं भाजपा विधायकों को भी सरकार को वास्तविक स्थिति से अवगत करवाना चाहिए जिससे समस्या का समाधान हो सके।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 17 May 2026 14:54:26 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ईरान युद्ध का असर: अब रंगीन नहीं दिखेंगे चिप्स के पैकेट, जानें जापानी कंपनी ने क्यों लिया ऐसा फैसला ?</title>
                                    <description><![CDATA[मध्य-पूर्व तनाव के कारण कच्चे माल की आपूर्ति बाधित होने से जापान की दिग्गज कंपनी Calbee ने अपने स्नैक्स को ब्लैक एंड व्हाइट पैकेट में उतारने का निर्णय लिया है। होर्मुज संकट से नेफ्था और इंक की कमी हो गई है। 25 मई से 14 लोकप्रिय उत्पाद नए मोनोक्रोम लुक में मिलेंगे।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/chip-packets-will-no-longer-appear-colored-due-to-the/article-153627"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/japan.png" alt=""></a><br /><p>टोक्यो। मध्य-पूर्व में जारी तनाव का असर अब आम उपभोक्ताओं की रोजमर्रा की चीजों पर भी दिखाई देने लगा है। जापान की प्रसिद्ध स्नैक कंपनी Calbee ने अपने कई लोकप्रिय स्नैक्स की रंगीन पैकेजिंग को अस्थायी रूप से ब्लैक एंड व्हाइट करने का फैसला लिया है। कंपनी का कहना है कि प्रिंटिंग इंक में इस्तेमाल होने वाले जरूरी कच्चे माल की सप्लाई प्रभावित होने से यह कदम उठाना पड़ा।</p>
<p>कंपनी के मुताबिक, उसके 14 प्रोडक्ट्स नए मोनोक्रोम पैकेट में 25 मई से जापान के बाजारों में उपलब्ध होंगे। दरअसल, ईरान संघर्ष के बाद होर्मुज जलडमरूमध्य में बाधा आने से तेल और उससे जुड़े उत्पादों की सप्लाई प्रभावित हुई है। इसका सीधा असर नेफ्था पर पड़ा, जो इंक और प्लास्टिक निर्माण में अहम भूमिका निभाता है।</p>
<p>विशेषज्ञों का कहना है कि एशियाई देशों पर इसका असर ज्यादा देखने को मिल रहा है, क्योंकि उनकी ऊर्जा जरूरतों का बड़ा हिस्सा मध्य-पूर्व से आता है। जापान सरकार ने हालांकि वैकल्पिक सप्लाई चैन तैयार करने का भरोसा दिया है, लेकिन कंपनियां बढ़ती लागत और कच्चे माल की कमी से परेशान हैं। युद्ध के कारण सिर्फ फूड इंडस्ट्री ही नहीं, बल्कि ऑटोमोबाइल और एविएशन सेक्टर भी दबाव में हैं। कई कंपनियों ने उत्पादन लागत बढ़ने और सप्लाई बाधित होने की चेतावनी दी है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/world/chip-packets-will-no-longer-appear-colored-due-to-the/article-153627</link>
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                <pubDate>Wed, 13 May 2026 11:27:03 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अगर होर्मुज में गतिरोध लगातार जारी रहा, तो वैश्विक तेल बाजार में संकट 2027 तक जारी रहेगा: अमीन नासिर</title>
                                    <description><![CDATA[अरामको के सीईओ अमीन नासिर ने चेतावनी दी है कि यदि होर्मुज जलडमरूमध्य एक महीने में नहीं खुला, तो तेल बाजार 2027 तक सामान्य नहीं होगा। दुनिया पहले ही 1 अरब बैरल तेल खो चुकी है। अमेरिका-ईरान तनाव के बीच यह मार्ग बंद होने से वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/if-the-standoff-in-hormuz-continues-the-crisis-in-the/article-153501"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/अमीन-नासिर.png" alt=""></a><br /><p>दोहा। सऊदी अरब की कंपनी अरामको के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) अमीन नासिर ने कहा है कि यदि एक महीने के भीतर होर्मुज जलडमरुमध्य में जहाजों की आवाजाही फिर से शुरू नहीं होती, तो अगले साल तक वैश्विक तेल बाजार सामान्य स्थिति में नहीं लौटेगी। अरामको के पहली तिमाही के परिणामों पर चर्चा करने के लिए आयोजित एक वीडियो कॉन्फ्रेंस के दौरान श्री नासिर ने कहा कि आपूर्ति में व्यवधान जितने लंबे समय तक जारी रहेगा, तेल बाजार को स्थिर होने में उतना ही अधिक समय लगेगा। उन्होंने कहा कि यदि जलडमरुमध्य में गतिरोध जून के मध्य तक बना रहता है, तो यह संकट 2027 तक जारी रह सकता है।</p>
<p>दुनिया की सबसे बड़ी ऊर्जा कंपनी के प्रमुख के अनुसार, उत्पादन या परिवहन की कमी के कारण बाजार पहले ही एक अरब बैरल तेल गंवा चुका है और जब तक यह मार्ग बंद रहेगा, बाजार को हर हफ्ते लगभग 10 करोड़ बैरल तेल का नुकसान होता रहेगा। उन्होंने याद दिलाया कि पहले होर्मुज से प्रतिदिन लगभग 70 जहाज गुजरते थे। फारस की खाड़ी में तेल उत्पादक देशों पर हमलों और ईरान द्वारा होर्मुज को प्रभावी ढंग से बंद करने से उत्पादन और निर्यात पर नकारात्मक प्रभाव पड़ा है। 28 फरवरी को संघर्ष शुरू होने से पहले, इस जलमार्ग के माध्यम से प्रतिदिन लगभग दो करोड बैरल तेल बाजार में आता था।</p>
<p>गौरतलब है कि सात अप्रैल को अमेरिका और ईरान ने दो सप्ताह के युद्धविराम की घोषणा की थी। इसके बाद इस्लामाबाद में हुई वार्ता बेनतीजा रही थी, लेकिन फिर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को एक 'एकीकृत प्रस्ताव' के साथ आने का समय देने के लिए युद्धविराम को आगे बढ़ा दिया था। तीन मई को ट्रंप ने होर्मुज में फंसे जहाजों की सहायता के लिए 'प्रोजेक्ट फ्रीडम' की घोषणा की थी। फिर ट्रंप ने पांच मई को कहा कि उन्होंने यह देखने के लिए थोड़े समय के लिए ऑपरेशन को रोकने का फैसला किया है कि क्या ईरान के साथ शांति समझौता हो सकता है। हालांकि सोमवार को उन्होंने अमेरिकी शांति प्रस्तावों पर ईरान की प्रतिक्रिया को पूरी तरह से 'अस्वीकार्य' बताया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 12 May 2026 11:55:30 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>पानी के लिए किया प्रदर्शन, प्रेम नगर इलाके में फिर होने लगी किल्लत</title>
                                    <description><![CDATA[गर्मियों में पानी की किल्लत और बढ़ जाती है। इस साल भी पेयजल के लिए लोगों को निजी स्तर पर टैंकर मंगाने पड़े थे। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/protest-held-for-water--shortage-again-in-prem-nagar-area/article-92147"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-10/630400-size-(10).png" alt=""></a><br /><p>कोटा। प्रेमनगर क्षेत्र में गर्मियों का मौसम निकल जाने के बाद भी पानी की समस्या बनी हुई है। क्षेत्र के कई इलाकों में लोगों को पानी के लिए भारी जद्दोजहत करनी पड़ रही है। इलाके में पिछले 10 से 15 दिनों से पानी की आपूर्ति ठीक से नहीं हो रही है। जिसके चलते स्थानियों ने मंगलवार को जलदाय विभाग की महावीर नगर स्थित चौकी पर प्रदर्शन कर समस्या के समाधान के लिए ज्ञापन दिया। स्थानीयों के अनुसार इलाके में पिछले करीब 15 दिन से न तो ठीक से जलापूर्ति हो रही है और न ही अधिकारियों की ओर से सुनवाई हो रही है। </p>
<p><strong>गर्मियों जैसी किल्लत सितंबर में</strong><br />इलाके में पानी की समस्या कई सालों से बनी हुई है, इसके बावजूद विभाग की ओर से कोई पुख्ता समाधान नहीं किया गया है। गर्मियों में पानी की किल्लत और बढ़ जाती है। इस साल भी पेयजल के लिए लोगों को निजी स्तर पर टैंकर मंगाने पड़े थे। वहीं अब सितंबर माह में भी पानी की किल्लत हो रही है। नलों में कई घंटों तक पानी की सप्लाई नहीं होती है। लोगों को सुबह जल्दी उठकर पानी भरने के लिए दौड़ भाग करनी पड़ती है। फिर भी केवल पीने भर का पानी भर पाता है। अन्य कार्यों के लिए लोगों को हैंडपंप और ट्यूबवेल का सहारा लेना पड़ रहा है।</p>
<p>प्रेमनगर क्षेत्र में पानी की सालों से समस्या है लोगों को पानी भरने के लिए आज भी इंतजार करना पड़ता है। कई इलाकों में तो आज भी ठीक से जलापूर्ति नहीं होती है। कई बार अधिकारियों को अवगत कराया लेकिन हर बार समस्या वापस हो जाती है। सालों से कोई समाधान नहीं हो रहा।<br /><strong>- हरीश राठौर, पूर्व उद्योग नगर मंडल अध्यक्ष, भाजपा</strong></p>
<p>इलाके में हनुमान मंदिर के पास, चौथ माता मंदिर, जागा मौहल्ला, बाबूलाल पांचाल के आस पास के मौहल्लों में पानी की सबसे ज्यादा किल्लत है। लोग पानी के लिए कई बार पानी के कैंपरों पर निर्भर रहते हैं।<br /><strong>- मोनू वैष्णव, प्रेमनगर द्वितीय</strong></p>
<p>क्षेत्र में लोगों को पानी के लिए आज भी घंटों इंतजार करना पड़ता है। अभी कई दिनों से पानी की किल्लत बनी हुई है। जिसके विरोध में ही ज्ञापन दिया गया है। अगर समाधान नहीं होगा तो बड़ा अंदोलन करना पड़ेगा।<br /><strong>- राकेश चक्रधारी, प्रेमनगर द्वितीय</strong></p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br /> प्रेमगनर क्षेत्र में पानी की समस्या की जानकारी है, पानी किल्लत ना हो इसके लिए इंतजाम किए हुए हैं। वहीं इलाके को अमृत योजना 2.0 में शामिल कर समस्या को दूर किया जाएगा।<br /><strong>- भरत भूषण मिगलानी, अधीक्षण अभियंता, जलदाय विभाग कोटा</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 02 Oct 2024 18:25:51 +0530</pubDate>
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