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                <title>करोड़ों के दावों के बीच मूलभूत सुविधाओं को तरसते वार्ड, बारिश में नाले बन रहे आफत</title>
                                    <description><![CDATA[नालों की सफाई नहीं होने से ब्रजराज कॉलोनी, मस्जिद चौक और नेहरू कॉलोनी में जलभराव, घरों तक पहुंच रहा गंदा पानी ।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/wards-deprived-of-basic-amenities-despite-claims-of-multi-crore-investments--drains-turn-into-a-menace-during-rains/article-164345"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-09/111200-x-600-px)-(11).png" alt=""></a><br /><p>कोटा। शहर के चार वार्डों की ऑडिट में विकास के दावों और जमीनी हकीकत के बीच बड़ा अंतर सामने आया है। वार्ड क्षेत्र में रहने वाले लोग आज भी मूलभूत सुविधाओं के लिए परेशान हैं। कहीं नालों की सफाई नहीं होने से बारिश के दिनों में जलभराव की समस्या विकराल हो जाती है तो कहीं पार्क, डिस्पेंसरी और सामुदायिक भवन जैसी जरूरी सुविधाएं तक उपलब्ध नहीं हैं। सफाई व्यवस्था की स्थिति भी कई इलाकों में संतोषजनक नहीं है।</p>
<p><strong>नाले जाम, बारिश में घरों तक पहुंचता है गंदा पानी</strong><br />वार्ड क्षेत्र की ब्रजराज कॉलोनी और नेहरू कॉलोनी में नालों की नियमित सफाई नहीं होने की समस्या सामने आई। क्षेत्रवासियों का कहना है कि बारिश के दौरान नालियां और नाले जाम हो जाते हैं। पानी की निकासी नहीं होने के कारण सड़कों पर गंदा पानी भर जाता है और कई बार यह पानी घरों तक पहुंच जाता है। जलभराव के कारण लोगों को आवाजाही में परेशानी होती है। लंबे समय से नालों की सफाई और स्थायी जल निकासी की मांग की जा रही है, लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है।</p>
<p><strong>पार्क, डिस्पेंसरी और सामुदायिक भवन की दरकार</strong><br />ऑडिट के दौरान कई क्षेत्रों में लोगों ने बताया कि वार्ड में बच्चों और बुजुर्गों के लिए पर्याप्त पार्क नहीं हैं। वहीं जरूरत के बावजूद डिस्पेंसरी और सामुदायिक भवन जैसी सुविधाएं भी कई जगह उपलब्ध नहीं हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि छोटी-छोटी समस्याओं के समाधान के लिए भी उन्हें जिम्मेदार जनप्रतिनिधियों के चक्कर लगाने पड़ते हैं। सफाई व्यवस्था को लेकर भी लोगों में नाराजगी है। जगह-जगह गंदगी और नियमित सफाई नहीं होने से परेशानी बढ़ रही है।</p>
<p><strong>करोड़ों के काम हुए तो नजर क्यों नहीं आते?</strong><br />क्षेत्रवासियों का कहना है कि जब वे समस्याओं को लेकर पार्षद से सवाल करते हैं तो जवाब मिलता है कि वार्ड में करोड़ों रुपए के विकास कार्य करवाए गए हैं। लोगों का सवाल है कि यदि इतने बड़े स्तर पर काम हुए हैं तो वे नजर क्यों नहीं आ रहे? उनका कहना है कि पार्षद का चुनाव इसलिए होता है कि वह अपने क्षेत्र की समस्याओं को समझे और प्राथमिकता के आधार पर उनका समाधान करवाए। लेकिन चुनाव जीतने के बाद कई बार जनप्रतिनिधियों का व्यवहार बदल जाता है और लोगों की शिकायतों पर अपेक्षित गंभीरता नहीं दिखाई देती।</p>
<p><strong>पूर्व पार्षद अनूप कुमार</strong><br />वार्ड में सामुदायिक भवन का अभाव है। हालांकि क्षेत्र में सुलभ कॉम्पलेक्स का निर्माण करवाया गया है। उन्होंने कहा कि कार्यकाल समाप्त होने के बाद वार्ड की साफ-सफाई व्यवस्था बिगड़ गई है। कई बार शिकायत करने के बावजूद नगर निगम के अधिकारी समस्याओं के समाधान को लेकर गंभीरता नहीं दिखाते, जिससे लोगों को परेशानी हो रही है।</p>
<p><strong>पूर्व पार्षद नीलोफर</strong><br />वार्ड में करीब 25 वर्षों से अतिक्रमण की समस्या बनी हुई थी, जिसका समाधान करवाया गया। मंदिरों का जीर्णोद्धार कराया गया। वर्षों पुरानी कचरा पॉइंट की समस्या खत्म कर वहां पार्क विकसित करवाया। वहीं करीब 40 वर्षों से सफाई और मरम्मत का इंतजार कर रहे नालों की रिपेयरिंग करवाकर व्यवस्था में सुधार किया गया।</p>
<p><strong>पूर्व पार्षद ममता कंवर</strong><br />पूर्व पार्षद ममता कंवर ने बताया कि वार्ड में पार्क की कमी है। उनके कार्यकाल के दौरान जरूरत के अनुसार नालियों का निर्माण करवाया गया। उन्होंने कहा कि वार्डवासियों की समस्याओं को प्राथमिकता देते हुए समय-समय पर उनके समाधान का प्रयास किया जाता रहा। वर्तमान में वार्ड में कोई बड़ी समस्या नहीं है, हालांकि मूलभूत सुविधाओं को बेहतर बनाने की जरूरत है।</p>
<p><strong>वार्डवासी शिवा मद्रासी</strong><br />क्षेत्र की सबसे बड़ी समस्या नाले की है। नियमित सफाई नहीं होने से नाला जाम हो जाता है। बारिश के दौरान नाले का गंदा पानी ओवरफ्लो होकर घरों तक पहुंच जाता है। वार्ड में सामुदायिक भवन भी नहीं है। इसके अलावा साफ-सफाई व्यवस्था का भी अभाव होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।</p>
<p><strong>वार्ड नंबर व क्षेत्र</strong><br />-वार्ड नंबर 21 में काली बस्ती, हनुमान बस्ती, थर्मल पावर स्टेशन, चंबल कॉलोनी, लक्ष्मी मैरिज गार्डन, समय विद्या निकेतन स्कूल, मुन्ना टेलर्स, सीनियर लेडीज टेलर्स, असगर अली का मकान, रोज ब्यूटी पार्लर, हरिजन बस्ती, कुंदकुंद आवासीय योजना, फॉरेस्ट चौकी, पंचशील कॉलोनी, समस्त दुर्गा नगर, सुभाष नगर, सगसजी महाराज, न्यू थर्मल कॉलोनी, जी-मार्ट, मस्जिद, नेवालाल मैरिज गार्डन, बजरंगपुरा एवं आरएसईबी कार्यालय क्षेत्र शामिल हैं।<br />-वार्ड नंबर 41 में हरिजन बस्ती, राजभवन क्षेत्र, जेके लोन अस्पताल, आयुर्वेदिक अस्पताल, इस्माइल चौक, बग्गी खाना, ब्रजराज कॉलोनी, नेहरू कॉलोनी, मस्जिद चौक, एमबीएस अस्पताल, सिविल लाइंस, कोलीपाड़ा का आंशिक क्षेत्र, प्रकाश क्लिनिक सहित आसपास के क्षेत्र शामिल हैं।<br />-वार्ड नंबर 42 में शीतला माता मंदिर, गोरी आश्रम, हरिजन बस्ती, बापू बस्ती, रामदेवजी का मंदिर, देवनारायण मंदिर, बीड़ के बालाजी, सरकारी स्कूल, न्यू सरस्वती विद्या मंदिर, जय अम्बे टेंट हाउस एवं राजपूत किराना स्टोर सहित आसपास का क्षेत्र शामिल है।<br />-वार्ड नंबर 43 में पुरानी कुन्हाड़ी व हवेली, चंबल पुलिया का निचला हिस्सा, रिद्धि राज टावर, बूंदी सिलिका, बिजासन माताजी का मंदिर, डी-मार्ट, विजय वीर स्टेडियम, बालापुरा का संपूर्ण क्षेत्र, सेक्टर कार्यालय, रोडवेज वर्कशॉप, कंकरेश्वर महादेव मंदिर, रजत सिटी ग्रुप मल्टी सहित आसपास के क्षेत्र शामिल हैं।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 01 Sep 2026 12:31:47 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>समस्याओं के बीच गुजर रही जिंदगी, चुनावी वादों पर फिर सवाल, वार्डवासी बोले- जब नेताओं ने नहीं सुनी तो किससे कहें अपनी बात</title>
                                    <description><![CDATA[घंटाघर-मकबरा जैसे कंजेस्टेड इलाकों में सफाई, टूटी सड़क और नालियों की परेशानी बनी रोजमर्रा की चुनौती।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/life-amidst-persistent-problems--questions-raised-again-regarding-election-promises--residents-ask%E2%80%94%22when-leaders-don-t-listen--to-whom-can-we-voice-our-grievances-%22/article-164122"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-08/6622-copy114.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। शहर में आगामी पार्षद चुनावों की तैयारियों के बीच जमीनी हकीकत जानने के लिए वार्ड नंबर 44 से 49 तक की ग्राउंड रिपोर्टिंग की गई। रिपोर्टिंग के दौरान सामने आया कि कई वार्ड क्षेत्र आज भी मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं। कहीं सफाई व्यवस्था बदहाल है तो कहीं क्षतिग्रस्त सड़कें लोगों की परेशानी बढ़ा रही हैं। टूटी नालियां, फैली गंदगी और अतिक्रमण की समस्या ने कई क्षेत्रों की तस्वीर बिगाड़ रखी है। लोगों का कहना है कि हर चुनाव में विकास के बड़े-बड़े वादे किए जाते हैं, लेकिन चुनाव बीतने के बाद कई वादे कागजों और भाषणों तक ही सीमित रह जाते हैं।</p>
<p><strong>कंजेस्टेड इलाकों में रोज की जद्दोजहद</strong><br />ग्राउंड रिपोर्टिंग के दौरान घंटाघर, मकबरा और टिपटा जैसे अत्यधिक कंजेस्टेड क्षेत्रों की स्थिति सबसे अधिक चुनौतीपूर्ण नजर आई। यहां संकरी गलियों, बढ़ते यातायात और अव्यवस्थित व्यवस्थाओं के कारण आमजन को रोजमर्रा की जिंदगी में काफी संघर्ष करना पड़ता है। कई स्थानों पर सड़कें क्षतिग्रस्त हैं, नालियां टूटी हुई हैं और सफाई व्यवस्था भी संतोषजनक नहीं है। गंदगी के ढेर और नालियों से उठती बदबू लोगों की परेशानी को और बढ़ा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कंजेस्टेड इलाकों में सफाई और यातायात व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। जाम और अतिक्रमण की समस्या के कारण पैदल निकलना भी कई बार मुश्किल हो जाता है। दुकानों के बाहर फैलता सामान और बढ़ते अतिक्रमण से रास्ते संकरे होते जा रहे हैं। इसका सीधा असर व्यापारियों के साथ-साथ राहगीरों और क्षेत्रवासियों पर पड़ रहा है।</p>
<p><strong>‘नेता जी के घर के बाहर की समस्या, फिर भी नहीं हुआ समाधान’</strong><br />चश्मे की बावड़ी क्षेत्र में वर्षों पुरानी नाले की समस्या आज भी लोगों के लिए बड़ी परेशानी बनी हुई है। वार्डवासियों का कहना है कि नाले की समस्या का स्थायी समाधान लंबे समय से नहीं हो पाया है। लोगों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि यह समस्या ऐसे स्थान पर है, जहां से जनप्रतिनिधि भी परिचित और उनका घर भी नाले पर बना हुआ हैं। एक वार्डवासी ने दो टूक कहा, “नाले की समस्या तो नेता जी के घर के बाहर की है। जब नेता जी ने ही ध्यान नहीं दिया तो हम आखिर किसके पास जाकर अपनी बात कहें।”</p>
<p><strong>पूर्व पार्षद जमुना बाई</strong><br />वर्षों से बंद पड़ी टिपटा चौकी को शुरू करवाने के साथ ही पाटनपोल क्षेत्र में स्कूल भवन का निर्माण कराया गया। मंदिरों का जीर्णोद्धार भी करवाया गया। उन्होंने कहा कि वार्ड में साफ-सफाई की समस्या बनी रहती है, जिसके समाधान के लिए प्रशासन के साथ आमजन को भी जागरूक होकर जिम्मेदारी निभानी होगी।</p>
<p><strong>पूर्व पार्षद नसरीन मिर्ज़ा</strong><br />वार्ड की संकरी गलियों में कचरा संग्रहण एक बड़ी चुनौती था। इस समस्या के समाधान के लिए कई कचरा पॉइंट हटवाए गए और घर-घर से कचरा एकत्रित करने के लिए हाथगाड़ियों की व्यवस्था करवाई गई।इस व्यवस्था से गलियों में फैली गंदगी को कम करने में मदद मिली। नियमित सफाई और बेहतर कचरा प्रबंधन के लिए स्थानीय लोगों की भागीदारी भी जरूरी है।</p>
<p><strong>पूर्व पार्षद सोनू कुरेशी</strong><br />कार्यकाल में वार्ड में विकास कार्यों को प्राथमिकता देते हुए कई सुविधाएं उपलब्ध करवाई गईं। आधुनिक सुविधाओं से युक्त सुलभ कॉम्प्लेक्स और सामुदायिक भवन का निर्माण कराया गया, वहीं कब्रिस्तान का भी विकास करवाया गया। वार्डवासियों को पेयजल सुविधा उपलब्ध कराने के लिए घर-घर तक पानी की पाइपलाइन डलवाई गई। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के सर्वांगीण विकास के लिए लगातार कार्य किए गए।</p>
<p><strong>वार्डवासी अब्दुल रहीस</strong><br />क्षेत्र की बदहाल व्यवस्थाओं पर नाराजगी जताते हुए कहा कि वार्ड में जगह-जगह गंदगी फैली रहती है और सड़कें व नालियां टूटी पड़ी हैं। कई बार जिम्मेदार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को समस्याओं से अवगत कराया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने कहा कि लंबे समय से लोग इन समस्याओं से परेशान हैं और समाधान नहीं होने के कारण वार्डवासियों की परेशानी जस की तस बनी हुई है।</p>
<p><strong>वार्डवासी हसीना</strong><br />क्षेत्र में नाले की समस्या कई वर्षों से बनी हुई है। नाले का गंदा पानी कई बार घरों तक पहुंच जाता है, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। वार्ड में गंदगी भी आम समस्या बनी हुई है। उन्होंने जिम्मेदारों की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब नेताओं के घरों के आसपास की समस्याओं का समाधान नहीं हो पा रहा है, तो आम लोग आखिर अपनी शिकायत लेकर किसके पास जाएं।</p>
<p><strong>वार्डवार क्षेत्र का व्यवस्थित विवरण</strong><br />वार्ड नंबर 44: संपूर्ण थर्मल कॉलोनी, कुन्हाडी थाना, संत तुकाराम सामुदायिक भवन, अंबेडकर कॉलोनी, हनुमान गढ़ी, सरकारी स्कूल, धुआंखाल, देवनारायण सामुदायिक भवन, हटाई का चौक, काली टेक हनुमानजी का मंदिर, सुलभ शौचालय, मस्जिद गली, नागर फ्लोर मिल नारायण भवन, इम्मानुएल स्कूल तथा जैन मंदिर का क्षेत्र शामिल है।<br />वार्ड नंबर 45: इमली चौक, शूजाउद्दीन चौक, भिस्तियों की मस्जिद, पुरानी हरिजन बस्ती, कुरेशियों की मस्जिद, गुले-गुलजार, उमर कॉलोनी, मकबरा थाना, एहले हदीस मस्जिद, डॉक्टर जाकिर हुसैन सामुदायिक भवन, भाण्डों की मस्जिद, राज हवेली, मामा करीम चौक, जेदी स्टूडियो, रेमण्ड शोरूम, शनि मंदिर, हम्मलों का चौक, चश्मे की बावड़ी, कुरैशी जमातखाना, देवनारायण मंदिर, हुसैन चौक, बजाजखाना, बंबोला मंदिर, तेलियों की चौकड़ी, मोमिनों की बड़ी मस्जिद, जाकिर नई तथा रघु पान की गली आदि क्षेत्र शामिल हैं।<br />वार्ड नंबर 46: आईसीआईसीआई बैंक, मेन रोड पाटनपोल, मथुराधीश जी का मंदिर, भट्जी महाराज का चौक, छोटे मथुराधीश जी, राजकीय बालिका माध्यमिक विद्यालय टिपटा, काजीपाड़ा, भूरिया गणेशजी मंदिर, सराय का स्थान, मथुरेश भवन, लालबुर्ज, काली कंकाली मंदिर, नारायण बाल निकेतन, गंधीजी का पुल, लक्ष्मी होटल, चित्तौड़ा स्कूल का क्षेत्र शामिल है।<br />वार्ड नंबर 47: गढ़ पैलेस, पादमनाभ मंदिर, नीलकंठ मंदिर, अफीम गोदाम, पट्टा बुर्ज अखाड़ा, रेतवाली, कैथूनीपोल थाना तथा सत्यनारायण मंदिर का क्षेत्र शामिल है।<br />वार्ड नंबर 48: वफ्फ नगर, गोदावरी धाम, अधरशिला कच्ची बस्ती, अधरशिला कब्रिस्तान, चंबल गार्डन, गांधी उद्यान, नगर निगम गैराज, चंबल रेस्ट हाउस, बजरंग बस्ती, गोविंद धाम तथा किशोरपुरा के आंशिक क्षेत्र शामिल हैं।<br />वार्ड नंबर 49: भीतरीय कुंड एवं शिवपुरा का संपूर्ण क्षेत्र शामिल है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
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                <pubDate>Sat, 29 Aug 2026 13:04:49 +0530</pubDate>
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                <title>दीपावली से पहले RIDCOR की सड़कों की होगी मरम्मत, दीया कुमारी ने दिए निर्देश</title>
                                    <description><![CDATA[उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी ने RIDCOR की सड़कों की मरम्मत और सुदृढ़ीकरण कार्य दीपावली से पहले पूरा करने के निर्देश दिए। गड्ढों और टूट-फूट की तत्काल मरम्मत, बढ़ते यातायात दबाव वाली सड़कों के चौड़ीकरण प्रस्ताव और काम की नियमित मॉनिटरिंग पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि सड़क निर्माण में गुणवत्ता और समयबद्धता से सुरक्षित व सुगम यातायात सुनिश्चित किया जाए।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/ridcor-roads-will-be-repaired-before-diwali-diya-kumari-gave/article-164074"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/diya-kumari1.png" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal"><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;">जयपुर। उप</span><span style="font-family:Arial, 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;"> </span><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;">मुख्यमंत्री</span><span style="font-family:Arial, 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;"> </span><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;">दीया</span><span style="font-family:Arial, 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;"> </span><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;">कुमारी</span><span style="font-family:Arial, 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;"> </span><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;">ने</span><span style="font-family:Arial, 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;"> </span><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;">राजस्थान</span><span style="font-family:Arial, 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;"> </span><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;">रोड</span><span style="font-family:Arial, 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;"> </span><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;">इंफ्रास्ट्रक्चर</span><span style="font-family:Arial, 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;"> </span><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;">डेवलपमेंट</span><span style="font-family:Arial, 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;"> </span><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;">कॉरपोरेशन</span><span style="font-family:Arial, 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;"> </span><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;">लिमिटेड</span><span style="font-family:Arial, 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;"> (RIDCOR) </span><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;">के</span><span style="font-family:Arial, 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;"> </span><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;">अंतर्गत</span><span style="font-family:Arial, 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;"> </span><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;">आने</span><span style="font-family:Arial, 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;"> </span><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;">वाली</span><span style="font-family:Arial, 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;"> </span><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;">सड़कों</span><span style="font-family:Arial, 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;"> </span><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;">के</span><span style="font-family:Arial, 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;"> </span><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;">रखरखाव</span><span style="font-family:Arial, 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;"> </span><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;">और</span><span style="font-family:Arial, 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;"> </span><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;">सुदृढ़ीकरण</span><span style="font-family:Arial, 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;"> </span><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;">कार्यों</span><span style="font-family:Arial, 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;"> </span><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;">को</span><span style="font-family:Arial, 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;"> </span><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;">प्राथमिकता</span><span style="font-family:Arial, 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;"> </span><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;">से</span><span style="font-family:Arial, 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;"> </span><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;">पूरा</span><span style="font-family:Arial, 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;"> </span><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;">करने</span><span style="font-family:Arial, 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;"> </span><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;">के</span><span style="font-family:Arial, 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;"> </span><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;">निर्देश</span><span style="font-family:Arial, 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;"> </span><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;">दिए</span><span style="font-family:Arial, 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;"> </span><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;">हैं।</span><span style="font-family:Arial, 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;"> </span><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;">उन्होंने</span><span style="font-family:Arial, 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;"> </span><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;">कहा</span><span style="font-family:Arial, 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;"> </span><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;">कि</span><span style="font-family:Arial, 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;"> </span><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;">प्रदेश</span><span style="font-family:Arial, 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;"> </span><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;">में</span><span style="font-family:Arial, 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;"> </span><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;">सुरक्षित</span><span style="font-family:Arial, 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;">, </span><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;">सुगम</span><span style="font-family:Arial, 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;"> </span><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;">और</span><span style="font-family:Arial, 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;"> </span><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;">बेहतर</span><span style="font-family:Arial, 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;"> </span><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;">सड़क</span><span style="font-family:Arial, 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;"> </span><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;">आवागमन</span><span style="font-family:Arial, 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;"> </span><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;">सुनिश्चित</span><span style="font-family:Arial, 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;"> </span><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;">करना</span><span style="font-family:Arial, 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;"> </span><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;">सरकार</span><span style="font-family:Arial, 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;"> </span><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;">की</span><span style="font-family:Arial, 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;"> </span><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;">प्राथमिकता</span><span style="font-family:Arial, 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;"> </span><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;">है।</span><span style="font-family:Arial, 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;"> </span><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;">उपमुख्यमंत्री</span><span style="font-family:Arial, 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;"> </span><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;">ने</span><span style="font-family:Arial, 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;"> </span><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;">निर्देश</span><span style="font-family:Arial, 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;"> </span><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;">दिए</span><span style="font-family:Arial, 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;"> </span><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;">कि</span><span style="font-family:Arial, 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;"> RIDCOR </span><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;">की</span><span style="font-family:Arial, 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;"> </span><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;">सड़कों</span><span style="font-family:Arial, 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;"> </span><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;">पर</span><span style="font-family:Arial, 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;"> </span><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;">जहां</span><span style="font-family:Arial, 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;"> </span><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;">भी</span><span style="font-family:Arial, 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;"> </span><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;">गड्ढे</span><span style="font-family:Arial, 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;">, </span><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;">टूट</span><span style="font-family:Arial, 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;">-</span><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;">फूट</span><span style="font-family:Arial, 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;"> </span><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;">या</span><span style="font-family:Arial, 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;"> </span><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;">अन्य</span><span style="font-family:Arial, 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;"> </span><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;">खामियां</span><span style="font-family:Arial, 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;"> </span><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;">हैं</span><span style="font-family:Arial, 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;">, </span><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;">उनकी</span><span style="font-family:Arial, 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;"> </span><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;">पहचान</span><span style="font-family:Arial, 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;"> </span><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;">कर</span><span style="font-family:Arial, 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;"> </span><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;">तत्काल</span><span style="font-family:Arial, 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;"> </span><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;">आवश्यक</span><span style="font-family:Arial, 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;"> </span><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;">मरम्मत</span><span style="font-family:Arial, 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;"> </span><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;">कराई</span><span style="font-family:Arial, 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;"> </span><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;">जाए।</span><span style="font-family:Arial, 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;"> </span><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;">सभी</span><span style="font-family:Arial, 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;"> </span><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;">जरूरी</span><span style="font-family:Arial, 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;"> </span><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;">रखरखाव</span><span style="font-family:Arial, 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;"> </span><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;">और</span><span style="font-family:Arial, 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;"> </span><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;">सुधार</span><span style="font-family:Arial, 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;"> </span><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;">कार्य</span><span style="font-family:Arial, 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;"> </span><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;">दीपावली</span><span style="font-family:Arial, 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;"> </span><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;">से</span><span style="font-family:Arial, 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;"> </span><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;">पहले</span><span style="font-family:Arial, 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;"> </span><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;">पूरे</span><span style="font-family:Arial, 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;"> </span><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;">करने</span><span style="font-family:Arial, 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;"> </span><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;">पर</span><span style="font-family:Arial, 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;"> </span><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;">विशेष</span><span style="font-family:Arial, 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;"> </span><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;">जोर</span><span style="font-family:Arial, 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;"> </span><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;">दिया</span><span style="font-family:Arial, 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;"> </span><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;">गया</span><span style="font-family:Arial, 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;"> </span><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;">है</span><span style="font-family:Arial, 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;">, </span><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;">ताकि</span><span style="font-family:Arial, 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;"> </span><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;">त्योहार</span><span style="font-family:Arial, 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;"> </span><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;">के</span><span style="font-family:Arial, 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;"> </span><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;">दौरान</span><span style="font-family:Arial, 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;"> </span><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;">बढ़ने</span><span style="font-family:Arial, 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;"> </span><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;">वाले</span><span style="font-family:Arial, 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;"> </span><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;">यातायात</span><span style="font-family:Arial, 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;"> </span><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;">में</span><span style="font-family:Arial, 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;"> </span><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;">आमजन</span><span style="font-family:Arial, 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;"> </span><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;">को</span><span style="font-family:Arial, 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;"> </span><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;">परेशानी</span><span style="font-family:Arial, 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;"> </span><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;">नहीं</span><span style="font-family:Arial, 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;"> </span><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;">हो।</span><span style="font-family:Arial, 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;"> </span></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;">उन्होंने</span><span style="font-family:Arial, 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;"> </span><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;">अधिकारियों</span><span style="font-family:Arial, 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;"> </span><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;">से</span><span style="font-family:Arial, 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;"> </span><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;">खराब</span><span style="font-family:Arial, 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;"> </span><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;">सड़कों</span><span style="font-family:Arial, 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;"> </span><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;">की</span><span style="font-family:Arial, 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;"> </span><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;">स्थिति</span><span style="font-family:Arial, 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;"> </span><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;">का</span><span style="font-family:Arial, 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;"> </span><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;">प्राथमिकता</span><span style="font-family:Arial, 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;"> </span><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;">के</span><span style="font-family:Arial, 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;"> </span><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;">आधार</span><span style="font-family:Arial, 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;"> </span><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;">पर</span><span style="font-family:Arial, 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;"> </span><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;">आकलन</span><span style="font-family:Arial, 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;"> </span><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;">कर</span><span style="font-family:Arial, 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;"> </span><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;">सुधार</span><span style="font-family:Arial, 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;"> </span><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;">कार्यों</span><span style="font-family:Arial, 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;"> </span><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;">की</span><span style="font-family:Arial, 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;"> </span><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;">प्रभावी</span><span style="font-family:Arial, 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;"> </span><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;">मॉनिटरिंग</span><span style="font-family:Arial, 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;"> </span><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;">करने</span><span style="font-family:Arial, 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;"> </span><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;">को</span><span style="font-family:Arial, 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;"> </span><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;">कहा।</span><span style="font-family:Arial, 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;"> </span><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;">साथ</span><span style="font-family:Arial, 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;"> </span><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;">ही</span><span style="font-family:Arial, 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;">, </span><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;">जिन</span><span style="font-family:Arial, 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;"> </span><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;">सड़कों</span><span style="font-family:Arial, 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;"> </span><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;">पर</span><span style="font-family:Arial, 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;"> </span><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;">यातायात</span><span style="font-family:Arial, 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;"> </span><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;">का</span><span style="font-family:Arial, 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;"> </span><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;">दबाव</span><span style="font-family:Arial, 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;"> </span><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;">बढ़</span><span style="font-family:Arial, 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;"> </span><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;">गया</span><span style="font-family:Arial, 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;"> </span><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;">है</span><span style="font-family:Arial, 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;"> </span><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;">और</span><span style="font-family:Arial, 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;"> </span><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;">जो</span><span style="font-family:Arial, 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;"> </span><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;">चौड़ीकरण</span><span style="font-family:Arial, 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;"> </span><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;">के</span><span style="font-family:Arial, 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;"> </span><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;">योग्य</span><span style="font-family:Arial, 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;"> </span><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;">हैं</span><span style="font-family:Arial, 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;">, </span><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;">उनके</span><span style="font-family:Arial, 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;"> </span><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;">प्रस्ताव</span><span style="font-family:Arial, 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;"> </span><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;">तैयार</span><span style="font-family:Arial, 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;"> </span><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;">कर</span><span style="font-family:Arial, 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;"> </span><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;">प्रस्तुत</span><span style="font-family:Arial, 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;"> </span><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;">करने</span><span style="font-family:Arial, 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;"> </span><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;">के</span><span style="font-family:Arial, 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;"> </span><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;">निर्देश</span><span style="font-family:Arial, 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;"> </span><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;">दिए। उन्होंने</span><span style="font-family:Arial, 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;"> </span><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;">सड़क</span><span style="font-family:Arial, 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;"> </span><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;">सुधार</span><span style="font-family:Arial, 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;"> </span><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;">कार्यों</span><span style="font-family:Arial, 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;"> </span><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;">में</span><span style="font-family:Arial, 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;"> </span><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;">गुणवत्ता</span><span style="font-family:Arial, 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;"> </span><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;">के</span><span style="font-family:Arial, 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;"> </span><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;">साथ</span><span style="font-family:Arial, 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;"> </span><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;">समयबद्धता</span><span style="font-family:Arial, 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;"> </span><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;">सुनिश्चित</span><span style="font-family:Arial, 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;"> </span><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;">करने</span><span style="font-family:Arial, 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;"> </span><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;">पर</span><span style="font-family:Arial, 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;"> </span><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;">भी</span><span style="font-family:Arial, 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;"> </span><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;">जोर</span><span style="font-family:Arial, 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;"> </span><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;">दिया।</span><span style="font-family:Arial, 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;"> </span><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;">उन्होंने</span><span style="font-family:Arial, 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;"> </span><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;">अधिकारियों</span><span style="font-family:Arial, 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;"> </span><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;">को</span><span style="font-family:Arial, 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;"> </span><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;">नियमित</span><span style="font-family:Arial, 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;"> </span><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;">निरीक्षण</span><span style="font-family:Arial, 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;"> </span><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;">कर</span><span style="font-family:Arial, 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;"> </span><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;">कार्यों</span><span style="font-family:Arial, 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;"> </span><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;">की</span><span style="font-family:Arial, 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;"> </span><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;">प्रगति</span><span style="font-family:Arial, 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;"> </span><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;">की</span><span style="font-family:Arial, 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;"> </span><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;">निगरानी</span><span style="font-family:Arial, 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;"> </span><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;">करने</span><span style="font-family:Arial, 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;"> </span><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;">तथा</span><span style="font-family:Arial, 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;"> </span><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;">तय</span><span style="font-family:Arial, 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;"> </span><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;">मानकों</span><span style="font-family:Arial, 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;"> </span><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;">के</span><span style="font-family:Arial, 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;"> </span><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;">अनुरूप</span><span style="font-family:Arial, 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;"> </span><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;">निर्माण</span><span style="font-family:Arial, 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;"> </span><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;">एवं</span><span style="font-family:Arial, 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;"> </span><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;">रखरखाव</span><span style="font-family:Arial, 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;"> </span><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;">सुनिश्चित</span><span style="font-family:Arial, 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;"> </span><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;">करने</span><span style="font-family:Arial, 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;"> </span><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;">के</span><span style="font-family:Arial, 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;"> </span><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;">निर्देश</span><span style="font-family:Arial, 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;"> </span><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;">दिए।</span></p>
<p class="MsoNormal"> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 28 Aug 2026 14:29:39 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>धीमी रफ्तार से पानी, टूटी सड़कें और सुविधाओं की कमी; वार्डवासियों ने कहा-समस्याओं पर समय रहते हो ध्यान</title>
                                    <description><![CDATA[कई क्षेत्रों में पार्क और सामुदायिक भवन का अभाव, कहीं नालियों का निर्माण अधूरा तो कहीं सफाई व्यवस्था पर उठे सवाल।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/low-water-pressure--damaged-roads--and-a-lack-of-amenities--residents-urge-timely-attention-to-these-issues/article-163925"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-08/111200-x-600-px)-(3)55.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। वार्ड क्षेत्र में विकास कार्य तो हुए हैं, लेकिन रोजमर्रा की छोटी-छोटी समस्याएं अब भी लोगों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई हैं। कहीं सड़कें क्षतिग्रस्त हैं तो कहीं धीमी गति से आने वाला पानी लोगों की परेशानी बढ़ा रहा है। कुछ क्षेत्रों में नालियों का निर्माण नहीं होने से जल निकासी की समस्या बनी रहती है, वहीं पार्क और सामुदायिक भवन जैसी मूलभूत सुविधाओं का भी कई जगह अभाव है। दादाबाड़ी के बसंत विहार क्षेत्र में पानी की समस्या लोगों के लिए प्रमुख मुद्दा बनी हुई है। स्थानीय लोगों के अनुसार क्षेत्र में दिन में दो बार पानी की सप्लाई तो होती है, लेकिन पानी का प्रेशर इतना कम रहता है कि घरों में पर्याप्त पानी पहुंचाने के लिए मोटर का सहारा लेना पड़ता है। लोगों का कहना है कि जलापूर्ति व्यवस्था में सुधार और पानी का प्रेशर बढ़ाने की जरूरत है, ताकि आमजन को रोजाना की जरूरत के लिए परेशान नहीं होना पड़े।</p>
<p><strong>क्षतिग्रस्त सड़कें व नालिया बढ़ा रही परेशानी</strong><br />वार्ड क्षेत्र के कई स्थानों पर सड़कों की हालत भी चिंता का विषय है। क्षतिग्रस्त सड़कों के कारण वाहन चालकों और राहगीरों को आवागमन में परेशानी होती है। बरसात के दिनों में सड़कें और अधिक खराब हो जाती हैं तथा गड्ढों में पानी भरने से हादसे की आशंका भी बनी रहती है। क्षेत्रवासियों ने मांग की है कि क्षतिग्रस्त सड़कों की समय पर मरम्मत करवाई जाए। इसी प्रकार कुछ इलाकों में नालियों का निर्माण नहीं होने से जल निकासी की समस्या सामने आती है। बारिश के दौरान यह परेशानी और बढ़ जाती है। वहीं, कई स्थानों पर समय-समय पर सफाई नहीं होने की शिकायत भी स्थानीय लोगों ने की है। उनका कहना है कि सफाई व्यवस्था नियमित और प्रभावी रहे तो क्षेत्र की कई समस्याएं अपने आप कम हो सकती हैं।</p>
<p><strong>पार्क और सामुदायिक भवन की भी कमी</strong><br />पार्क और सामुदायिक भवन की कमी भी लोगों की लंबे समय से चली आ रही मांगों में शामिल है। कई क्षेत्रों में बच्चों और बुजुर्गों के लिए पर्याप्त सार्वजनिक स्थान उपलब्ध नहीं हैं। लोगों का कहना है कि पार्कों के विकास और सामुदायिक भवनों के निर्माण से क्षेत्रवासियों को सुविधा मिलेगी और सामाजिक गतिविधियों के लिए भी उचित स्थान उपलब्ध हो सकेगा।</p>
<p><strong>समाधान में लग जाता है समय, लेकिन कोशिश जारी</strong><br />वार्डवासियों ने जनप्रतिनिधियों के प्रति पूरी तरह नाराजगी भी व्यक्त नहीं की है। लोगों का कहना है कि जनप्रतिनिधि समस्याओं के समाधान में कभी-कभी अपेक्षा से अधिक समय लेते हैं, लेकिन समस्याओं को हल करने के लिए प्रयास जरूर करते हैं। स्थानीय निवासियों का मानना है कि यदि वार्ड की छोटी समस्याओं पर समय-समय पर ध्यान दिया जाए और संबंधित विभागों के साथ बेहतर समन्वय किया जाए तो क्षेत्र की अधिकांश परेशानियों का आसानी से समाधान हो सकता है।क्षेत्र में समस्याएं ज्यादा बड़ी नहीं हैं। जरूरत सिर्फ इतनी है कि जिम्मेदार लोग समय रहते उन पर ध्यान दें और समाधान की प्रक्रिया में तेजी लाएं। लोगों का कहना है कि नियमित निगरानी, जनप्रतिनिधियों की सक्रियता और विभागों की जवाबदेही से वार्ड की तस्वीर और बेहतर बनाई जा सकती है।</p>
<p><strong>पूर्व पार्षदपीडी गुप्ता</strong><br />पहले वार्ड में सड़क और नालियों की स्थिति बेहद खराब थी। मेरे कार्यकाल में सड़कों और नालियों का निर्माण करवाया गया तथा पार्क विकसित किया गया। मुक्तिधाम का जीर्णोद्धार भी कराया। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में धीमी गति से पानी आने की समस्या है, जिसके समाधान के लिए जल्द पानी की टंकी का निर्माण कराया जाएगा।</p>
<p><strong>पूर्व पार्षद प्रतिभा गौतम</strong><br />मेरे कार्यकाल में सफाई और सड़कों की व्यवस्था को बेहतर बनाने पर विशेष ध्यान दिया गया। वार्डवासियों की सुविधाओं के लिए सामुदायिक भवन का निर्माण भी करवाया गया। उन्होंने कहा कि क्षेत्रवासियों की किसी भी समस्या की सूचना मिलने पर उसी दिन समाधान का प्रयास किया जाता था, ताकि लोगों को परेशानियों का सामना न करना पड़े।</p>
<p><strong>पूर्व पार्षद जितेंद्र सिंह</strong><br />वार्ड में सुलभ शौचालय और पार्क का निर्माण कराया गया। क्षेत्रवासियों की लंबे समय से चली आ रही राशन की दुकान की समस्या का समाधान कर दुकान खुलवाई गई। इसके साथ ही वार्ड की सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने पर विशेष ध्यान दिया गया, ताकि लोगों को स्वच्छ वातावरण मिल सके।</p>
<p><strong>वार्डवासी पूजा विजय</strong><br />क्षेत्र में पानी की समस्या सबसे गंभीर है। पानी धीमी गति से आता है और दिन में केवल दो बार आपूर्ति होती है। इसके अलावा सफाई व्यवस्था भी संतोषजनक नहीं है। जगह-जगह सड़कें क्षतिग्रस्त हो रही हैं, लेकिन उनकी समय पर मरम्मत नहीं होने से क्षेत्रवासियों को रोजाना परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।</p>
<p><strong>वार्डवार क्षेत्र विवरण</strong><br /><strong>वार्ड नंबर 50: </strong>संपूर्ण श्रीनाथपुरम क्षेत्र, स्टेडियम, जीएडी क्वार्टर, श्रीनाथपुरम ई एवं सी, श्रीनाथपुरम बी, हजीरा बस्ती, श्याम नगर, तिलमसंघ, श्रीनाथपुरम डी, अकेलगढ़ तथा आरटीओ क्षेत्र शामिल हैं।</p>
<p><strong>वार्ड नंबर 83:</strong> आशापाला कॉलोनी, शक्ति नगर, कुत्ताखाना, दशहरा मैदान क्षेत्र, प्रताप नगर, किशोरपुरा का आंशिक भाग, जिला परिषद कार्यालय, कोटा विकास प्राधिकरण, अभय कमांड सेंटर, दुर्गा बस्ती, सीएडी कॉलोनी, आईएमटीआई तथा इनकम टैक्स कॉलोनी क्षेत्र शामिल हैं।</p>
<p><strong>वार्ड नंबर 84: </strong>संपूर्ण शास्त्री नगर एवं दादाबाड़ी क्षेत्र शामिल है।</p>
<p><strong>वार्ड नंबर 85:</strong> दादाबाड़ी सेक्टर 1 एवं 2 तथा सेक्टर 3 एवं 4 का संपूर्ण क्षेत्र, साथ ही पी एंड टी कॉलोनी शामिल है।</p>
<p><strong>वार्ड नंबर 86:</strong> हनुमान नगर, हनुमान नगर कच्ची बस्ती तथा आरएसी कैंपस क्षेत्र शामिल है।</p>
<p><strong>वार्ड नंबर 88: </strong>महावीर नगर विस्तार सेक्टर-3 तथा संतोषी नगर नाले के पूर्व दिशा का क्षेत्र शामिल है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 26 Aug 2026 15:25:54 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>विकास के दावों की हकीकत : शहर के बीच बसे गांव जैसे हालात, मूलभूत सुविधाओं को तरसे वार्डवासी</title>
                                    <description><![CDATA[लोगों ने पूछा—मूलभूत सुविधाएं नहीं तो वोट का क्या मतलब?]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/the-reality-behind-development-claims--village-like-conditions-in-the-heart-of-the-city--residents-deprived-of-basic-amenities/article-163826"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-08/111200-x-600-px)-(1)82.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। शहर के विकास और आधुनिक सुविधाओं के दावों के बीच रविवार को छह वार्डों के किए गए ग्राउंड ऑडिट में कई चौंकाने वाली तस्वीरें सामने आईं। शहर का हिस्सा होने के बावजूद कुछ इलाके ऐसे नजर आए, जहां बुनियादी सुविधाओं का अभाव देखकर ऐसा प्रतीत होता है मानो शहर के बीचों-बीच कोई गांव बस गया हो। कहीं टूटी सड़कें हैं तो कहीं बदहाल नालियां, कहीं टूटे स्पीड ब्रेकर लोगों की परेशानी बढ़ा रहे हैं तो कहीं बच्चों के खेलने के लिए पार्क तक उपलब्ध नहीं हैं। कई इलाकों में सामुदायिक भवन जैसी सुविधा भी नहीं है, जहां स्थानीय लोग छोटे-मोटे सामाजिक और पारिवारिक आयोजन कर सकें। छह वार्डों के इस ऑडिट में सामने आया कि विकास की रफ्तार हर क्षेत्र तक समान रूप से नहीं पहुंच पाई है। उद्योग नगर, डीसीएम और हनुमत खेड़ाख, रायपुरा जैसे क्षेत्रों में अलग-अलग समस्याएं जरूर हैं, लेकिन आम नागरिकों की मांग एक ही है—सड़क, बिजली, पानी, पार्क और सामुदायिक भवन जैसी मूलभूत सुविधाएं हर वार्ड में उपलब्ध होनी चाहिए।</p>
<p><strong>शहर में रहते हुए भी ग्रामीण जैसी सुविधाओं का अभाव</strong><br />वार्डवासियों का कहना है कि शहर के बीच रहने के बावजूद उन्हें कई ऐसी सुविधाओं के लिए संघर्ष करना पड़ता है, जो एक विकसित वार्ड की पहचान मानी जाती हैं। कई स्थानों पर सड़कें जर्जर हैं और लंबे समय से मरम्मत की मांग की जा रही है। बरसात और समय के साथ सड़कों की स्थिति और खराब हो जाती है। रायपुरा के लोगों का कहना है कि खराब सड़कों के कारण वाहन चलाना मुश्किल होता है, वहीं पैदल चलने वालों को भी परेशानी उठानी पड़ती है।</p>
<p>ग्राउंड ऑडिट के दौरान कुछ क्षेत्रों में ऐसा माहौल दिखाई दिया, जहां विकास की रफ्तार बेहद धीमी नजर आई। वार्डवासियों ने बताया कि जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से शिकायतें करने के बाद भी समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं हो पा रहा है। लोगों का कहना है कि चुनाव के दौरान विकास और सुविधाओं के बड़े-बड़े वादे किए जाते हैं, लेकिन बाद में कई क्षेत्र मूलभूत सुविधाओं से ही वंचित रह जाते हैं।</p>
<p><strong>उद्योग नगर की सड़कें बनीं परेशानी, टूटे ब्रेकर बढ़ा रहे खतरा</strong><br />उद्योग नगर क्षेत्र में सबसे बड़ी समस्या क्षतिग्रस्त सड़कों और टूटे हुए स्पीड ब्रेकरों को लेकर सामने आई। सड़कों की बदहाली लोगों के लिए रोजमर्रा की परेशानी बन चुकी है। लोगों की मांग है कि सड़क और ब्रेकरों की समय पर मरम्मत कराई जाए, ताकि किसी बड़े हादसे की आशंका को टाला जा सके। उद्योग नगर और डीसीएम क्षेत्र में आपराधिक गतिविधियों को लेकर भी चिंता जताई। लोगों का कहना है कि क्षेत्र में असामाजिक तत्वों की गतिविधियां समय-समय पर परेशानी का कारण बनती हैं। स्थानीय निवासियों का मानना है कि पुलिस गश्त और निगरानी व्यवस्था को और मजबूत किए जाने की जरूरत है। वार्डवासियों का कहना है कि सुरक्षित वातावरण भी किसी क्षेत्र के विकास का महत्वपूर्ण हिस्सा है। केवल सड़क और भवन निर्माण से ही आदर्श वार्ड नहीं बनता, बल्कि वहां रहने वाले लोगों को सुरक्षा का भरोसा भी मिलना चाहिए।</p>
<p><strong>हनुमत खेड़ा में सुविधाओं की कमी से मायूसी</strong><br />हनुमत खेड़ा क्षेत्र की स्थिति भी कुछ खास बेहतर नजर नहीं आई। यहां कई लोगों ने स्थानीय सुविधाओं की कमी को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की। बच्चों के खेलने और बुजुर्गों के टहलने के लिए पर्याप्त पार्क की सुविधा नहीं होना लोगों की प्रमुख शिकायतों में शामिल रहा।</p>
<p><strong>छोटे आयोजनों के लिए भी नहीं मिलती जगह</strong><br />ऑडिट में एक बड़ी समस्या सामुदायिक भवन के अभाव की भी सामने आई। कई वार्डवासियों ने बताया कि क्षेत्र में ऐसा कोई व्यवस्थित स्थान नहीं है, जहां लोग छोटे सामाजिक, सांस्कृतिक या पारिवारिक आयोजन करवा सकें।</p>
<p><strong>वार्डवासी बोले—पहले मूलभूत सुविधाएं तो मिलें</strong><br />हम शहर में रहते हैं, लेकिन कई बार सुविधाओं की स्थिति देखकर लगता है जैसे गांव के पिछड़े इलाके में रह रहे हों। सड़कें ठीक नहीं हैं, बच्चों के लिए पार्क नहीं है और कई जगह सामुदायिक कार्यक्रमों के लिए भी कोई उचित स्थान नहीं मिलता। हमारी मांग कोई बड़ी नहीं है, सिर्फ इतनी है कि हर वार्ड में सड़क, बिजली, पानी और पार्क जैसी मूलभूत सुविधाएं बेहतर हों।<br /><strong>- जितेन्द्र चौधरी, वार्डवासी</strong></p>
<p>जनप्रतिनिधियों से लोगों को उम्मीद होती है कि वे क्षेत्र की समस्याओं को प्राथमिकता से दूर करेंगे। उद्योग नगर और डीसीएम जैसे क्षेत्रों में सड़क और सुरक्षा दोनों को लेकर चिंता है। यदि आम आदमी को रोजाना टूटी सड़क, खराब सुविधाओं और असुरक्षा जैसी समस्याओं से जूझना पड़े तो विकास के दावों का क्या मतलब रह जाता है।<br /><strong>- दिपू सिंह, वार्डवासी</strong></p>
<p>कार्यकाल में वार्डवासियों की हर समस्या को प्राथमिकता के साथ दूर कराने का प्रयास किया गया। वार्ड में पार्क जैसी सुविधाओं का अभाव जरूर है, लेकिन जब भी कोई वार्डवासी अपनी समस्या लेकर आता है तो उसका समाधान कराना मेरी पहली प्राथमिकता रहती है। जनसमस्याओं के समाधान के लिए मैं हमेशा तत्पर रहता हू।<br /><strong>- दीपक कुमार, पूर्व पार्षद</strong></p>
<p>वार्ड के कई क्षेत्रों में तकनीकी कारणों से समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं हो पाया है। सफाई व्यवस्था नियमित रूप से कराई जाती है, लेकिन कई बार लोग स्वयं कचरा फैला देते हैं। वार्ड की सबसे बड़ी समस्या नालियों के ड्रेनेज व्यवस्था की है, जिसका समाधान अब तक नहीं हो सका है।<br /><strong>-सुशील त्रिपाठी, पूर्व पार्षद</strong></p>
<p><strong>वार्ड नंबर व क्षेत्र</strong><br />वार्ड नंबर 29 में वैष्णो कॉलोनी, डालाबाई माताजी , प्रेम नगर द्वितीय आंशिक, मदरसा, सरकारी स्कूल क्षेत्र, राजेंद्र कुशवाहा जागा बस्ती, अफॉर्डेबल आवास योजना के ए, बी, सी, डी और ई, प्रेम नगर तृतीय का आंशिक क्षेत्र तथा गोविंद नगर का आंशिक क्षेत्र शामिल हैं।<br />वार्ड नंबर 30 : इंदिरा गांधी नगर का आंशिक क्षेत्र, पावर हाउस क्षेत्र, रामदेव मंदिर तथा प्रेम नगर तृतीय क्षेत्र शामिल हैं।<br />वार्ड नंबर 31 : जलेबी चौक, झिरी के हनुमान जी, विजयलक्ष्मी स्कूल क्षेत्र, तिलक स्कूल, फकीरों का मोहल्ला, भेरूजी का चबूतरा, मस्जिद क्षेत्र, राजपूत कॉलोनी, गुर्जरों का मोहल्ला, नाईस स्कूल के पीछे का क्षेत्र, सामुदायिक भवन के पीछे का क्षेत्र, पुलिस चौकी के सामने का क्षेत्र, जागा मोहल्ला और सुभाष स्कूल के पीछे का क्षेत्र शामिल हैं।<br />वार्ड नंबर 32 : बापू कॉलोनी, कर बाजार, डीसीएम श्मशान, इंदिरा गांधी नगर, तारवाड़ा, पावर हाउस और डीसीएम सेक्टर कार्यालय सहित आसपास का क्षेत्र शामिल है।<br />वार्ड नंबर 33 : जय श्री विहार, रायपुर नाका, गुलाबबाड़ी, मालीपुरा, लक्ष्मी आवास, थेकड़ा, मॉडल टाउन, रॉयल सनसिटी, कैरियर पॉइंट टाउनशिप, शिवधाम कॉलोनी, कबीरधाम और शिवसागर का क्षेत्र शामिल हैं।<br />वार्ड नंबर 34 : देवली अरब ग्राम, नया नोहर, राजनगर का आंशिक भाग, महालक्ष्मीपुरम, बक्शी स्कूल, अरिहंत विद्यालय, मित्तल इंटरनेशनल स्कूल, श्याम नगर, हाथीखेड़ा ग्राम, हनुमतखेड़ा ग्राम, श्रीराम कॉलोनी, जगन विहार, गुरु नानक विहार, अरावली विहार, टैगोर नगर, होली फैमिली क्षेत्र, कृष्णा नगर, मोती नगर, गणेश नगर, बृज विहार, देवली अरब रोड, कौटिल्य नगर और प्रताप नगर द्वितीय सहित कई शामिल हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 25 Aug 2026 14:48:39 +0530</pubDate>
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                <title>राजस्थान में ₹35,107 करोड़ से अधिक से सड़कों का विस्तार, गांवों और ढाणियों तक पहुंचेगी सड़क सुविधा</title>
                                    <description><![CDATA[मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राजस्थान के गांवों, ढाणियों और शहरों को पक्की सड़कों से जोड़ने के लिए 35,107.81 करोड़ रुपए से अधिक खर्च किए जा रहे। सरकार का लक्ष्य दूरदराज क्षेत्रों तक बेहतर कनेक्टिविटी पहुंचाना। जयपुर संभाग में भी करोड़ों रुपए के सड़क विकास कार्य जारी। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/expansion-of-roads-in-rajasthan-with-more-than-%E2%82%B9-35107/article-163835"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-08/highway.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राजस्थान का कोई भी गांव, ढाणी या शहर विकास की मुख्यधारा से अछूता नहीं रहे, इसी संकल्प के साथ राज्य सरकार प्रदेश में मजबूत सड़क कनेक्टिविटी का विस्तार कर रही है। प्रदेश के सभी जिलों में गांवों, ढाणियों और शहरों को पक्की सड़कों से जोड़ने का काम तेजी से जारी है। इस पर ₹35,107.81 करोड़ से अधिक की लागत आएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि बेहतर सड़क नेटवर्क केवल आवागमन को सुगम नहीं बनाएगा, बल्कि गांवों को शहरों, किसानों को बाजारों और युवाओं को रोजगार एवं नए अवसरों से जोड़ने का माध्यम बनेगा। सरकार का फोकस प्रदेश के दूरदराज क्षेत्रों तक सड़क सुविधा पहुंचाने पर है।</p>
<p>जयपुर संभाग में सड़क कार्यों पर खर्च जयपुर संभाग के जिलों में भी सड़क कनेक्टिविटी के विस्तार के लिए बड़ी राशि निर्धारित की गई है। जयपुर में ₹989.28 करोड़, अलवर में ₹1,044.94 करोड़, दौसा में ₹364.95 करोड़, सीकर में ₹765.16 करोड़, झुंझुनूं में ₹1,257.24 करोड़, कोटपूतली-बहरोड़ में ₹593.16 करोड़ और खैरथल-तिजारा में ₹344.13 करोड़ की लागत से सड़क विकास के कार्य किए जा रहे हैं। सरकार का कहना है कि पक्की सड़कों के विस्तार से ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन बेहतर होने के साथ कृषि उपज की बाजार तक पहुंच आसान होगी और शिक्षा, स्वास्थ्य तथा रोजगार जैसी सुविधाओं तक लोगों की पहुंच भी मजबूत होगी।</p>
<p> </p>
<p> </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 25 Aug 2026 14:39:53 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur KD]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कहीं अधूरे कामों पर नाराजगी, कहीं मूलभूत सुविधाओं का इंतजार</title>
                                    <description><![CDATA[जनता का सवाल : वादे फिर होंगे, लेकिन क्या इस बार वे पूरे भी होंगे?
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/resentment-over-incomplete-projects--a-long-wait-for-basic-amenities/article-163732"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-08/111200-x-600-px)-(5)29.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। नगर निगम चुनाव प्रक्रिया चलने के साथ ही शहर के छह वार्डों की ग्राउंड ऑडिट में विकास कार्यों की जमीनी हकीकत सामने आई है। कई क्षेत्रों में सड़क, सफाई, नालियों के निर्माण और मूलभूत सुविधाओं से जुड़ी समस्याएं आज भी जस की तस बनी हुई हैं। लोगों का कहना है कि चुनाव के समय जिन उम्मीदों और विकास के वादों के साथ जनप्रतिनिधि उनके बीच पहुंचे थे, उन वादों को पूरी तरह धरातल पर उतारा नहीं जा सका। कहीं विकास कार्य शुरू होकर अधूरे रह गए, कहीं काम तो हुए लेकिन गुणवत्ता और रखरखाव की कमी सामने आई, जबकि कुछ इलाकों में जरूरी काम अब तक शुरू ही नहीं हो सके। ऐसे में लोगों की नाराजगी चुनावी माहौल से पहले साफ दिखाई देने लगी है। अगले महीने होने वाले वार्ड पार्षद चुनाव से पहले यह ग्राउंड रिपोर्ट नए और पुराने, दोनों तरह के दावेदारों के लिए एक संदेश है। जनता अब केवल आश्वासनों से संतुष्ट होने के बजाय काम का हिसाब और भविष्य की स्पष्ट योजना जानना चाहती है। सड़क, सफाई, नाली, स्ट्रीट लाइट, पार्क और सामुदायिक भवन जैसे मुद्दे सीधे लोगों के दैनिक जीवन से जुड़े हैं। ऐसे में इस बार चुनावी मैदान में उतरने वाले जनप्रतिनिधियों के सामने चुनौती केवल वोट मांगने की नहीं, बल्कि भरोसा जीतने और विकास को जमीन पर साबित करने की होगी।</p>
<p><strong>कोटड़ी से बजरंग नगर तक समस्याओं की अलग तस्वीर</strong><br />वार्डों की पड़ताल में अलग-अलग इलाकों में समस्याओं का स्वरूप भले ही अलग नजर आया, लेकिन मूल चिंता सुविधाओं की कमी ही रही। कोटड़ी क्षेत्र में सफाई व्यवस्था और स्पीड ब्रेकर से जुड़ी समस्याओं को लेकर लोग परेशान हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि नियमित सफाई नहीं होने से कई स्थानों पर गंदगी बनी रहती है, वहीं जरूरत वाले स्थानों पर उचित ब्रेकर नहीं होने से आवागमन और सुरक्षा को लेकर भी चिंता बनी रहती है।<br />उधर, बजरंग नगर क्षेत्र में कई स्थानों पर कचरा सड़कों और खुले स्थानों पर फैला नजर आया। लोगों का कहना है कि सफाई व्यवस्था को नियमित और प्रभावी बनाने की जरूरत है, क्योंकि गंदगी केवल क्षेत्र की सुंदरता ही खराब नहीं करती, बल्कि बारिश के दिनों में नालियों के जाम होने और बीमारियों की आशंका भी बढ़ा देती है। सरस्वती कॉलोनी में सड़क पर बने चैंबरों के क्षतिग्रस्त ढक्कन लोगों के लिए परेशानी और हादसे का कारण बन सकते हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि इन समस्याओं की जानकारी कई बार संबंधित विभागों और जनप्रतिनिधियों तक पहुंचाई गई, लेकिन स्थायी समाधान की प्रतीक्षा अब भी बनी हुई है।</p>
<p><strong>गार्डन और सामुदायिक भवनों की भी दरकार</strong><br />कई इलाकों में लोगों ने गार्डन और सामुदायिक भवनों की कमी को भी जाहिर किया। जिन क्षेत्रों में ये सुविधाएं नहीं हैं, वहां स्थानीय लोगों को सामाजिक और सामुदायिक आयोजनों के लिए उचित स्थान नहीं मिल पाता। वहीं जहां गार्डन बने हुए हैं, वहां भी पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था नहीं होने से शाम के समय लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों के लिए सुरक्षित और सुविधायुक्त सार्वजनिक स्थानों की मांग लगातार उठ रही है। लोगों का कहना है कि वे विकास के विरोध में नहीं, बल्कि अधूरे विकास के खिलाफ सवाल उठा रहे हैं। उनकी सबसे बड़ी अपेक्षा यही है कि चुनावी वादे केवल मंचों और प्रचार तक सीमित न रहें, बल्कि उनकी समयबद्ध समीक्षा हो। ह्लजिस उम्मीद के साथ जनप्रतिनिधि वोट मांगने आए थे और जिस भरोसे के साथ हमने उन्हें वोट दिया, वह उम्मीद पूरी नहीं हो सकी,ह्व यह समस्या कई वार्डों के लोगों की बातचीत में साफ सुनाई दी।</p>
<p><strong>वार्ड नंबर व एरिया</strong><br /><strong>वार्ड नंबर 66</strong> में फकीरों की मस्जिद के पीछे का क्षेत्र, कन्या छात्रावास के पीछे का क्षेत्र, सामुदायिक भवन के आसपास का क्षेत्र, भूतेश्वर मंदिर, हरदौल बेहरमशाला, शमशान के बांये भाग का क्षेत्र शामिल है।</p>
<p><strong>वार्ड नंबर 67</strong> में रेगर मोहल्ला, कोटड़ी बड़ी मस्जिद, छोटी मस्जिद, चित्तौड़ा की दुकान, जनता डेयरी, खंडेलवाल धर्मशाला का समस्त क्षेत्र, पेट्रोल पंप के पीछे का क्षेत्र और दादी शाल्लो का चौक शामिल हैं।</p>
<p><strong>वार्ड नंबर 68</strong> में पंचवटी कॉलोनी, अल्फा कॉम्प्लेक्स, न्यू गोपाल विहार, गणपति कॉलोनी, अटवाल नगर, आदित्य आवास कॉलोनी, वैभव नगर, बजरंग नगर, पुलिस लाइन, नयागांव और केसर बाग आदि क्षेत्र शामिल हैं।</p>
<p><strong>वार्ड नंबर 69 </strong>में ग्रामीण पुलिस लाइन रोड प्रथम, लाजपत नगर, सूर्य नगर, जय अंबे नगर, अटवाल नगर लिंक रोड, आदित्य नगर, फ्रेंड्स कॉलोनी, भारत विहार, सुखधाम कॉलोनी, जय हिंद नगर और गोपाल विहार प्रथम क्षेत्र शामिल हैं।</p>
<p><strong>वार्ड नंबर 70</strong> में प्रगति स्कूल, प्रगति नगर, रेलवे सोसाइटी, 80 बीघा जमीन, आरके नगर, जय हिंद नगर, पुलिस लाइन, शिव नगर, गायत्री विहार प्रथम एवं द्वितीय, एसपी कार्यालय, मन्ना कॉलोनी, शमशान, सुलभ कॉम्प्लेक्स, गणेश नगर, सरकारी स्कूल, अमृत कॉलोनी, खारा कुआं, बालाजी की बगीची, मस्जिदवास और सैन्य क्षेत्र शामिल हैं।</p>
<p><strong>वार्ड नंबर 71</strong> में सरस्वती कॉलोनी, जेडीबी कॉलेज, राजेंद्र विहार, आकाशवाणी कॉलोनी, अमृत कलश, गुलाब बाग और गायत्री विहार शामिल हैं।</p>
<p><strong>वार्डवासी उदयभान सिंह ने बताया</strong><br />वार्ड क्षेत्र में साफ-सफाई की समस्या लगातार बनी हुई है। कई बार लोगों को अपनी समस्याओं का समाधान खुद ही निकालना पड़ता है। चुनाव के बाद जनप्रतिनिधि भी क्षेत्र में कम नजर आते हैं, ऐसे में वार्डवासियों को अपनी समस्याएं किसके सामने रखें, यह सबसे बड़ी परेशानी है। उन्होंने नियमित सफाई व्यवस्था और जनप्रतिनिधियों की सक्रियता की मांग की।</p>
<p><strong>वार्डवासी जुबेर पठान ने बताया</strong><br />वार्ड की स्थिति संतोषजनक नहीं है। कई स्थानों पर नालियां टूटी हुई हैं और स्पीड ब्रेकर भी क्षतिग्रस्त पड़े हैं। क्षेत्र में साफ-सफाई का अभाव बना रहता है, जिससे लोगों को परेशानी उठानी पड़ती है। उन्होंने कहा कि समय पर नालियों और टूटे ब्रेकरों की मरम्मत के साथ नियमित सफाई व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिए।</p>
<p><strong>पूर्व पार्षद राजेंद्र सुवालका का कहना</strong><br />कार्यकाल में वार्ड क्षेत्र की हर कॉलोनी तक सीसी रोड का निर्माण करवाने का प्रयास किया गया। गायत्री विहार में ठेकेदार अधूरा काम छोड़कर चला गया, जिससे कुछ विकास कार्य पूरे नहीं हो सके। इसके बाद सरकार बदलने के कारण भी शेष कार्य आगे नहीं बढ़ पाए और कई योजनाएं अधूरी रह गईं।</p>
<p><strong>पूर्व पार्षद विजय लक्ष्मी का कहना</strong><br />वार्ड क्षेत्र में नियमित रूप से कचरा संग्रहण के लिए वाहन चार-पांच बार आते हैं, लेकिन स्वच्छता के लिए जनता की भागीदारी भी जरूरी है। उन्होंने लोगों से वार्ड में गंदगी नहीं फैलाने की अपील की। वार्ड क्षेत्र में सुलभ शौचालय का निर्माण भी करवाया गया और पांच साल के कार्यकाल में विकास कार्यों के लिए लगातार प्रयास किए गए।</p>
<p><strong>पूर्व पार्षद जियाउद्दीन का कहना</strong><br />उनके कार्यकाल में वार्ड क्षेत्र में पानी की पाइपलाइन डलवाने के साथ आवश्यक विकास कार्य करवाए गए। गणपति लाइन के अंदर सीसी रोड का निर्माण भी कराया गया, जिससे क्षेत्रवासियों को बेहतर आवागमन की सुविधा मिली। पूरे कार्यकाल के दौरान साफ-सफाई व्यवस्था पर विशेष ध्यान रखा गया और वार्ड की मूलभूत समस्याओं के समाधान के प्रयास किए गए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 24 Aug 2026 15:20:42 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>असर खबर का : बारिश से बिगड़ी सड़कों की केडीए ने ली सुध, गड्ढे भरने और पेचवर्क का काम तेज</title>
                                    <description><![CDATA[एरोड्रम से सीएडी और महाराणा प्रताप सर्किल रोड पर गिट्टी फैलने से हो रहे थे हादसे।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/impact-of-news--kda-takes-note-of-roads-damaged-by-rain--work-on-filling-potholes-and-patch-repairs-accelerates/article-163725"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-08/111200-x-600-px)87.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। कोटा विकास प्राधिकरण की ओर से शहर में मुख्य मार्गों की सड़कों पर पेचवर्क कर उन्हें सही करने का काम किया जा रहा है।शहर में इस बार अभी तक लगातार मूसलाधार बारिश तो नहीं हुई है। लेकिन गत दिनों जितनी सी भी हल्की बारिश हुई थी। उसी में शहर के अधिकतर क्षेत्रों में गली मौहल्लों की ही नहीं मुख्य मार्गों तक की सड़कें बदहाल हो गई थी। कई जगह तो बड़े-बड़े गड्ढ़े हो गए थे और कई जगह पर डामर उखडऩे से सड़कों पर गिट्टी फेल गई थी। जिससे आए दिन वाहनों का संतुलन बिगडऩे से हादसे हो रहे थे।एरोड्राम चौराहे से सीएडी रोड हो या नदी पार क्षेत्र में महाराणा प्रताप सर्किल की रोड। कई जगह पर तो दो पहिया वाहनों का निकलना तक मुश्किल हो रहा था। गत दिनों तो स्कूटी सवार एक महिला की गिट्टी पर वाहन का संतुलन बिगडऩे से गिरने पर उनकी मौत तक हो गई थी। इसे देखते हुए केडीए ने सड़कों के गड्ढ़ों को सही करने का काम शुरु कर दिया है।</p>
<p><strong>नवज्योति ने किया था मामला प्रकाशित</strong><br />गौरतलब है कि शहर के मुख्य मार्गों पर हो रहे गड्ढ़ों का मामला दैनिक नवज्योति ने उठाया था। समाचार पत्र में 12 अगस्त को पेज दो पर' ऐ भाई...जरा देखकर चलों शीर्षक से समाचार प्रकाशित किया था। जिसमें शहर की अधिकतर बदहाल सड़कों की हालत को बयां किया था। साथ ही सीएडी रोड पर गिट्टी फेलने समेत कई जगह का मामला उठाया था।<br />समाचार प्रकाशित होने के बाद अधिकारी हरकत में आए। </p>
<p>गत दिनों केडीए आयुक्त बचनेश कुमार अग्रवाल ने भी अधिकारियों को निर्देश दिए थे कि सड़कों के गड्ढ़ों को तुरंत सही किया जाए। जिससे आमजन को परेशानी नहीं हो और हादसे भी नहीं हो सके। इसके बाद केडीए अधिकारियों ने सड़कों के गड्ढ़े भरने व पेचवर्क का काम शुरु किया है। </p>
<p>केडीए सचिव मुकेश कुमार चौधरी ने बताया कि शहर में कई जगह पर मेन रोड पर बड़े गड्ढ़े हो गए थे। फिलहाल उन्हें स्मूथ करने का काम किया जा रहा है। जहां सीसी हो सकता है वहां सीसी किया जा रहा है और जहां डामर का पेचवर्क हो सकता है वहां उसे किया जा रहा है। अभी काम चल रहा है। कई जगह पर काम हो गया है और कई जगह पर चल रहा है। जहां अधिक समस्या है वहां जल्दी ही सड़कों को सही करवा दिया जाएगा। जिससे वाहनों का संतुलन नहीं बिगड़े और हादसे नहीं हों। जबकि बड़े स्तर पर सड़कों को सही करने का काम बरसात का सीजन समाप्त होने के बाद 15 सितम्बर से किया जाएगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 24 Aug 2026 15:17:01 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>सड़क, सफाई और रोड लाइट बनी सबसे बड़ी समस्या, अतिक्रमण से संकरे हो रहे रास्ते</title>
                                    <description><![CDATA[पार्कों में सुविधाओं की कमी, तलवंडी में बढ़ता अतिक्रमण लोगों के लिए परेशानी]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/roads--sanitation--and-street-lighting-emerge-as-major-issues--encroachment-narrowing-pathways/article-163559"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-08/111200-x-600-px)-(3)46.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। शहर के वार्ड नंबर 55, 56, 57, 58 और 59 की ग्राउंड रिपोर्ट में शहर की कई ऐसी समस्याएं सामने आईं, जिनसे स्थानीय लोग लंबे समय से जूझ रहे हैं। पांचों वार्डों में लोगों ने सबसे ज्यादा परेशानी सड़क, सफाई और रोड लाइट को लेकर बताई। कई क्षेत्रों में रोड लाइटें लगी होने के बावजूद जलती नहीं हैं, तो कुछ जगहों पर रोशनी की पर्याप्त व्यवस्था ही नहीं है। शाम ढलने के बाद अंधेरा होने से लोगों को आवागमन में परेशानी होती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अंधेरे वाले क्षेत्रों में असामाजिक और आपराधिक गतिविधियों का खतरा भी बना रहता है। महावीर नगर प्रथम क्षेत्र के पार्कों में लगी लाइटों की चोरी भी लोगों के लिए चिंता का विषय बनी हुई है। लोगों का कहना है कि पार्कों में रोशनी की व्यवस्था होने के बावजूद लाइटें चोरी हो जाने से शाम के समय पार्कों की सुरक्षा व्यवस्था कमजोर हो जाती है। ऐसे में पार्कों की नियमित निगरानी और चोरी रोकने के लिए ठोस व्यवस्था की जरूरत है।</p>
<p><strong>तलवंडी में थड़ियों-गुमटियों से बढ़ता अतिक्रमण, रास्ते हो रहे संकरे</strong><br />तलवंडी क्षेत्र में अतिक्रमण की समस्या ने भी गंभीर रूप ले लिया है। स्थानीय लोगों के अनुसार जगह-जगह थड़ियां और गुमटियां लगाकर सार्वजनिक स्थानों पर कब्जा किया जा रहा है। सड़क किनारे और रास्तों पर बढ़ते अतिक्रमण से आवागमन प्रभावित हो रहा है। लोगों का कहना है कि धीरे-धीरे अतिक्रमण बढ़ने के कारण कई स्थानों पर रास्ते संकरे होते जा रहे हैं। लोगों ने प्रशासन से अतिक्रमण की पहचान कर नियमित कार्रवाई करने और हटाए गए अतिक्रमण पर दोबारा कब्जा नहीं होने की व्यवस्था करने की मांग की है।</p>
<p><strong>पार्क हैं, लेकिन बच्चों के लिए झूले और सुविधाएं नदारद</strong><br />वार्डों में पार्कों की मौजूदगी के बावजूद कई जगह बच्चों के मनोरंजन के लिए पर्याप्त सुविधाएं नहीं हैं। लोगों का कहना है कि पार्कों में बच्चों के लिए झूले लगाए जाने चाहिए, ताकि वे सुरक्षित माहौल में खेल सकें। कई पार्कों में बैठने, रोशनी और रखरखाव की भी जरूरत है। स्थानीय लोगों की मांग है कि पार्कों को केवल विकसित करने तक सीमित नहीं रखा जाए, बल्कि उनकी नियमित देखरेख भी सुनिश्चित की जाए।</p>
<p><strong>वार्ड संख्या व क्षेत्र</strong><br />वार्ड संख्या 55 का क्षेत्र: सिटी पार्क, राजीव गांधी नगर, महावीर नगर प्रथम एवं पत्रकार कॉलोनी का क्षेत्र इस वार्ड में शामिल है।<br />वार्ड संख्या 56 का क्षेत्र: न्यू राजीव गांधी नगर, फ्रेंड्स बाजार, पीएमसी हॉस्पिटल, तलवंडी सेक्टर-1ए, आधा इंदिरा विहार एवं भाटिया बिल्डिंग का क्षेत्र इस वार्ड में शामिल है।<br />वार्ड संख्या 57 का क्षेत्र: संपूर्ण तलवंडी सेक्टर-4 एवं सेक्टर-5 तथा तलवंडी सेक्टर-ए और सेक्टर-बी का संपूर्ण भाग इस वार्ड में शामिल है।<br />वार्ड संख्या 58 का क्षेत्र: विज्ञान नगर आवासीय योजना के सेक्टर-2 एवं सेक्टर-3 की निर्धारित ब्लॉक संख्या, हरमीत मेडिकल, सुश्रुत मल्टीस्पेशलिटी अस्पताल, जायसवाल अस्पताल, राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय विज्ञान नगर एवं झूलेलाल पार्क का क्षेत्र इस वार्ड में शामिल है।<br />वार्ड संख्या 59 का क्षेत्र: पीएचईडी कॉलोनी, पीडब्ल्यूडी कॉलोनी, पी एंड टी कॉलोनी सहित विज्ञान नगर आवासीय योजना के सेक्टर-2 की निर्धारित ब्लॉक संख्या तथा सेक्टर-4 की ब्लॉक संख्या इस वार्ड में शामिल है।</p>
<p>वार्ड के विकास कार्यों को केवल कार्यकाल तक सीमित नहीं रखा गया है, बल्कि आज भी क्षेत्र की समस्याओं पर लगातार नजर रखी जाती है। समय-समय पर वार्ड का दौरा कर व्यवस्थाओं की स्थिति देखी जाती है और जरूरत के अनुसार संबंधित विभाग से समाधान करवाने का प्रयास किया जाता है।<br /><strong>-विवेक मित्तल,पूर्व पार्षद </strong></p>
<p>वार्डवासियों की मूलभूत सुविधाओं को प्राथमिकता दी गई। इंदिरा विहार क्षेत्र में लंबे समय से बनी हुई पानी की समस्या को दूर करवाया गया, जिससे स्थानीय लोगों को राहत मिली। शिकायतों का जल्द से जल्द समाधान करवाने का प्रयास किया जाता है। खराब लाइट की सूचना मिलते ही संबंधित कर्मचारियों से संपर्क कर उसे दुरुस्त करवाया जाता है, ताकि रात के समय लोगों को परेशानी न हो।<br /><strong>-योगेश अहलूवालिया ,पूर्व पार्षद </strong></p>
<p>वार्डवासियों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाना उनकी सबसे बड़ी प्राथमिकता रही। आवागमन सुगम हुआ और लंबे समय से खराब सड़कों की समस्या दूर हुई। उन्होंने बताया कि वार्ड की प्रत्येक गली में रोड लाइटें लगवाई गईं, ताकि रात के समय लोगों को पर्याप्त रोशनी मिल सके और सुरक्षा व्यवस्था भी बेहतर हो।<br /><strong>-योगेंद्र कुमार शर्मा,पूर्व पार्षद </strong></p>
<p>वार्ड क्षेत्र में अतिक्रमण का जाल लगातार फैलता जा रहा है। जगह-जगह लोगों ने सड़क किनारे और सार्वजनिक स्थानों पर कब्जे कर रखे हैं, लेकिन प्रशासन की ओर से इस समस्या को लेकर प्रभावी कार्रवाई नजर नहीं आती। अतिक्रमण के कारण आम लोगों को आवागमन में परेशानी होती है ।<br /><strong>-हितेश कुशाल सेन,वार्डवासी</strong></p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 22 Aug 2026 12:00:19 +0530</pubDate>
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                <title>कहीं सफाई-रोशनी बेहाल, कहीं चंबल के शहर में पानी का इंतजार</title>
                                    <description><![CDATA[ जमीनी हकीकत में सामने आईं मूलभूत सुविधाओं की तस्वीरें ।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/sanitation-and-lighting-in-disarray-in-some-areas--a-wait-for-water-in-this-city-by-the-chambal/article-163409"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-08/111200-x-600-px)-(4)27.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। शहर के नए वार्डों की हकीकत जानने के लिए की गई ग्राउंड रिपोर्टिंग में अलग-अलग तस्वीरें सामने आईं। छह वार्डों में लोगों से बातचीत के दौरान सबसे ज्यादा शिकायतें सफाई, सड़क और स्ट्रीट लाइट से जुड़ी मिलीं। कई इलाकों में लोगों का कहना है कि जनप्रतिनिधि चुनाव के दौरान समस्याएं दूर करने के दावे तो करते हैं, लेकिन चुनाव जीतने के बाद वही समस्याएं जस की तस रह जाती हैं। वहीं कुछ वार्ड ऐसे भी मिले, जहां लोगों ने मूलभूत सुविधाओं को लेकर संतोष जताया और जनप्रतिनिधि के उपलब्ध रहने को बड़ी उपलब्धि बताया। छह वार्डों की जमीनी तस्वीर बताती है कि एक ही शहर में सुविधाओं को लेकर अलग-अलग तस्वीरें मौजूद हैं।</p>
<p><strong>वार्ड 35 में सफाई और लाइट की समस्या से परेशान लोग</strong><br />वार्ड नंबर 35 में आने वाले इलाकों में लोगों ने सबसे ज्यादा परेशानी सफाई व्यवस्था और स्ट्रीट लाइट को लेकर बताई। स्थानीय लोगों के अनुसार कई जगह नियमित सफाई नहीं होने से गंदगी की समस्या बनी रहती है। वहीं रात के समय कई स्थानों पर पर्याप्त रोशनी नहीं होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। स्थानीय लोगों की मांग है कि सफाई व्यवस्था नियमित की जाए और खराब पड़ी स्ट्रीट लाइट को समय पर दुरुस्त किया जाए, ताकि रात में आवागमन करने वालों को परेशानी नहीं हो।</p>
<p><strong>चंबल किनारे बसे शहर में पानी को तरस रही पूनम कॉलोनी</strong><br />वार्ड नंबर 37 की पूनम कॉलोनी में ग्राउंड रिपोर्टिंग के दौरान पानी की समस्या सबसे बड़ी चुनौती बनकर सामने आई। कॉलोनीवासियों का कहना है कि जिस शहर में चंबल नदी बहती है, उसी शहर की एक कॉलोनी के लोगों को आज तक चंबल का पानी नसीब नहीं हो पा रहा है। लोगों के मुताबिक कॉलोनी में अब तक पाइपलाइन तक नहीं डाली गई है। वर्षों से समस्या झेल रहे परिवार अब केवल आश्वासन नहीं, बल्कि स्थायी समाधान चाहते हैं।</p>
<p><strong>मूलभूत सुविधाएं व्यवस्थित, पार्षद से सीधे संवाद से लोग संतुष्ट</strong><br />छह वार्डों की ग्राउंड रिपोर्ट में वार्ड नंबर 40 की तस्वीर बाकी वार्डों से अलग नजर आई। यहां वार्डवासियों ने क्षेत्र की स्थिति को संतोषजनक बताया। लोगों के अनुसार वार्ड में सामुदायिक भवन, पार्क, सड़क, स्ट्रीट लाइट और सफाई व्यवस्था जैसी मूलभूत सुविधाएं व्यवस्थित हैं। स्थानीय लोगों ने सबसे सकारात्मक बात पार्षद की उपलब्धता को बताया। उनका कहना है कि जब भी पार्षद से मिलने का समय तय होता है, वे उस समय उपलब्ध रहते हैं और लोगों की समस्याएं सुनते हैं। वार्डवासियों के अनुसार समस्याओं के समाधान के लिए जनप्रतिनिधि तक सीधी पहुंच होना भी विकास का महत्वपूर्ण हिस्सा है।</p>
<p><strong>वार्ड नंबर व शामिल क्षेत्र</strong><br />-वार्ड नंबर 35| चित्रेश नगर, पार्वतीपुरम, महात्मा गांधी कॉलोनी, खारी बावड़ी, मण्दीपाड़ा, रेल विहार कॉलोनी, कृषि फार्म, सुमन नगर, श्रीजी विहार आदि क्षेत्र।<br />-वार्ड नंबर 36| रामदास नगर, लक्ष्मी नगर, गोपाल विहार, काला तालाब, रंग तालाब, चौथ माता मंदिर, बाबड़ी, लोको कॉलोनी, रजा नगर, श्रीराम विहार, कृष्ण विहार, पुरोहित नगर आदि क्षेत्र।<br />-वार्ड नंबर 37| पूनम कॉलोनी, छोटा सोगरिया, सोगरिया ग्राम पंचायत का भाग, गणपति नगर, दुर्गा नगर, प्रताप टाउनशिप आदि क्षेत्र।<br />-वार्ड नंबर 38| न्यू रेलवे कॉलोनी, सरस्वती कॉलोनी, रेलवे अस्पताल, रेलवे वर्कशॉप ग्राउंड, तुल्लापुरा, रेलवे कॉलोनी, पुरानी रेलवे कॉलोनी, वर्कशॉप, जेपी कॉलोनी, उड़िया बस्ती, हरिजन बस्ती, रेलवे प्लेटफॉर्म नंबर 4 के सामने का समस्त क्षेत्र, शिवाजी कॉलोनी, पुरोहित जी की टापरी, सुंदर नगर आदि क्षेत्र।<br />-वार्ड नंबर 39| जनकपुरी, इंदिरा कॉलोनी, आदर्श कॉलोनी, रेलवे सोसाइटी, सेंट पॉल स्कूल, माला फाटक, कच्ची बस्ती क्षेत्र, राम मंदिर, गुरुद्वारा स्कूल, डाक बंगला स्कूल, राज केसर होटल क्षेत्र आदि।<br />-वार्ड नंबर 40| महाराजा भीम सिंह कॉलोनी, चंबल कॉलोनी, दरबार की कोठी, संपूर्ण आर्मी क्षेत्र, जैन मंदिर क्षेत्र, पोस्ट ऑफिस रोड, मयूर कॉलोनी, रबर फैक्ट्री रोड, मंगलायतन, सनफ्लावर रेस्टोरेंट, उम्मेद भवन आदि क्षेत्र।</p>
<p>पहली बार पार्षद बनने के बाद पहली प्राथमिकता वार्ड की मूलभूत सुविधाओं को बेहतर करना रही। उन्होंने खारी बावड़ी स्थित प्राथमिक विद्यालय का जीर्णोद्धार करवाया। इसके साथ ही वार्ड में रोड़ लाइटें लगवाईं, सीसी रोड का निर्माण करवाया और नालियों का निर्माण कराया। वार्ड में सामुदायिक भवन या पार्क के लिए पर्याप्त भूमि नहीं है, जिसके चलते इन सुविधाओं का विकास संभव नहीं हो पाया।<br /><strong>- रचना शर्मा, पूर्व पार्षद</strong></p>
<p>वार्ड में सबसे बड़ी समस्या खराब सड़कों की थी। इसे दूर करने के लिए मेरे कार्यकाल में कई जगह सीसी रोड का निर्माण करवाया गया। श्मशान के पास और कब्रिस्तान के सामने बने कचरा पॉइंट को हटाना भी बड़ी चुनौती थी, जिसे मेनें हटवाया। वार्ड में रोड लाइट की समस्या भी लंबे समय से बनी हुई थी, जिसे दूर करते हुए नई रोड लाइटें लगवाई गई। वार्ड में सुविधाओं को बेहतर बनाने के लगातार प्रयास किए गए।<br /><strong>- हुकुमचंद, पूर्व पार्षद</strong></p>
<p>कांग्रेस शासन के दौरान वार्डवासियों की मूलभूत सुविधाओं का लगातार ध्यान रखा गया, लेकिन सरकार बदलने के बाद वार्ड में समस्याएं बढ़ने लगीं। अब वार्डवासियों को छोटे-छोटे कामों के लिए भी परेशानी उठानी पड़ रही है। किसी फार्म पर हस्ताक्षर करवाने जैसे सामान्य कार्य के लिए भी लोगों को नगर निगम के चक्कर लगाने पड़ते हैं। इसके बावजूद वहां भी उनकी समस्याओं की सुनवाई नहीं होती। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधि और प्रशासन के बीच समन्वय की कमी का खामियाजा आमजन को भुगतना पड़ रहा है।<br /><strong>- साजिश खान, निवर्तमान पार्षद</strong></p>
<p>शहर को स्मार्ट सिटी के रूप में पहचान दिलाने की बात की जाती है, लेकिन हमारे वार्ड में स्मार्ट सिटी जैसी सुविधाएं नजर नहीं आतीं। वार्ड में ऐसा कोई पार्क नहीं है, जहां बच्चे खेल सकें और झूला झूल सकें या लोग सुबह-शाम सुकून से टहल सकें। इसी तरह सामुदायिक भवन का भी अभाव है। कई परिवार ऐसे हैं, जो निजी स्तर पर बड़े स्थान पर कार्यक्रम आयोजित करने में सक्षम नहीं हैं। ऐसे में सामुदायिक भवन की सुविधा उनके लिए बेहद जरूरी है।<br /><strong>- राहुल शर्मा, वार्डवासी</strong></p>
<p>भाजपा सरकार के कार्यकाल में वार्ड की सफाई व्यवस्था बदहाल हो गई है। नियमित सफाई नहीं होने से जगह-जगह कचरा जमा रहता है। कचरा संग्रहण के लिए दो वार्डों में एक ही गाड़ी लगा रखी है, जिसके कारण समय पर कचरा नहीं उठ पाता और लोगों को परेशानी होती है। वार्डवासी आज भी सड़क, सफाई और अन्य मूलभूत सुविधाओं के लिए जूझ रहे हैं। नगर निगम में शिकायत करने के बावजूद समस्याओं का समाधान नहीं हो रहा है।<br /><strong>- मोहम्मद शरीफ, वार्डवासी</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 20 Aug 2026 15:05:43 +0530</pubDate>
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                <title>शहर में शामिल, फिर भी गांव जैसे हालात</title>
                                    <description><![CDATA[बोले- नगर निगम में शामिल होने के बाद भी नहीं मिलीं शहर जैसी सुविधाएं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/included-in-the-city--yet-conditions-resemble-a-village/article-163224"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-08/111200-x-600-px)-(6)12.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। नगर निगम कोटा शहर की सीमा में शामिल होने के बावजूद वार्ड नंबर 1 से 5 तक के कई इलाकों की तस्वीर आज भी गांव जैसी नजर आती है। शहर का हिस्सा होने के बावजूद यहां रहने वाले लोगों को सड़क, पानी, बिजली, नाली और स्ट्रीट लाइट जैसी मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। कई जगह मुख्य सड़कें क्षतिग्रस्त हैं तो कहीं नालियों का पानी सड़कों पर बहता रहता है। बारिश के दिनों में हालात और खराब हो जाते हैं। सड़क पर जमा गंदा पानी पैदल राहगीरों के साथ वाहन चालकों के लिए भी परेशानी का कारण बन रहा है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि उन्होंने अपनी समस्याओं के समाधान और क्षेत्र के विकास की उम्मीद में जनप्रतिनिधि चुने, लेकिन उम्मीद के मुताबिक काम नहीं हो पाया। कई इलाकों में आज भी विकास कार्यों की दरकार है। लोगों का कहना है कि नगर निगम क्षेत्र में आने के बाद भी यदि मूलभूत सुविधाएं नहीं मिलें तो शहर और गांव में अंतर ही क्या रह जाता है।</p>
<p><strong>कहीं सड़क बदहाल तो कहीं नालियों का पानी सड़कों पर</strong><br />इन वार्डों के कई क्षेत्रों में सड़कें लंबे समय से क्षतिग्रस्त हैं। जगह-जगह गड्ढे होने से वाहन चालकों को परेशानी होती है। कई स्थानों पर नालियों की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण घरों और गलियों का पानी सड़क पर आ जाता है। इससे लोगों को पैदल निकलने में भी परेशानी होती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार संबंधित अधिकारियों तक शिकायत पहुंचाने के बावजूद स्थायी समाधान नहीं हुआ। स्ट्रीट लाइटों की स्थिति भी चिंता का विषय बनी हुई है। लोगों का कहना है कि कई स्थानों पर पोल तो लगे हैं, लेकिन लाइटें नियमित रूप से नहीं जलतीं। रात के समय अंधेरा रहने से लोगों को परेशानी होती है। ग्रामीण क्षेत्र से शहर का हिस्सा बने इन इलाकों में तेजी से विकास की जरूरत है, लेकिन सुविधाओं का विस्तार उस गति से नहीं हुआ है।</p>
<p><strong>शहर जैसी सुविधाओं की उम्मीद, विकास अंतिम छोर तक पहुंचे</strong><br />क्षेत्रों के लोगों की सबसे बड़ी मांग अब शहर जैसी मूलभूत सुविधाओं की है। लोगों का कहना है कि केवल वार्ड सीमा में शामिल करना पर्याप्त नहीं, बल्कि विकास का लाभ भी अंतिम छोर तक पहुंचना चाहिए। मुख्य सड़कों की मरम्मत, नालियों की नियमित सफाई, जलभराव का स्थायी समाधान और खराब स्ट्रीट लाइटों को दुरुस्त करना प्राथमिकता होनी चाहिए। स्थानीय लोगों को ऐसे प्रतिनिधि की उम्मीद है, जो उनके बीच रहकर समस्याएं सुने और अधिकारियों से समन्वय कर समाधान करवाए। लोगों का कहना है कि अब गांव जैसी बदहाली नहीं, बल्कि शहर जैसी सुविधाएं चाहिए।</p>
<p><strong>वार्ड नंबर और क्षेत्र</strong><br /><strong>वार्ड नंबर 1-</strong> शंभूपुरा, गिरधरपुरा एवं गोवर्धनपुरा ग्राम<br /><strong>वार्ड नंबर 2-</strong> कबीर आश्रम, विजय राजे सिंधिया चौराहा, ज्ञान सरोवर कॉलोनी, नयागांव उर्फ दौलतगंज, रोझड़ी का आंशिक भाग, पटवार ट्रेनिंग स्कूल, मोदी इंस्टीट्यूट, कौटिल्य कॉलेज आदि<br /><strong>वार्ड नंबर 3- </strong>ग्राम आमली, रथकांकरा, बंधा, धरमपुरा की समस्त राजस्व सीमा, देवनारायण योजना, रोझड़ी राजस्व ग्राम का आंशिक भाग, धरमपुरा रोड की समस्त कॉलोनियां<br /><strong>वार्ड नंबर 4- </strong>रानपुर, पुनिया देवरी, रानपुर एजुकेशन एरिया, रेतिया चौकी, लखावा, जगपुरा, खेड़ा जगपुरा, भीमपुरा, उमेदपुरा, भामाशाह मंडी, रानपुर औद्योगिक क्षेत्र, कोयला तलाई आदि<br /><strong>वार्ड नंबर 5-</strong> कंवरपुरा ग्राम, श्रीराम नगर, कच्ची बस्ती, कहारों की बस्ती, डीसीएम कॉलोनी, डीसीएम श्रीराम फैक्ट्री, श्रीराम कॉलोनी, उमेदगंज गांव का संपूर्ण क्षेत्र, राजनगर का आंशिक क्षेत्र, मानसरोवर कॉलोनी, कोटा क्लब, गायत्री विहार एवं रायपुरा क्षेत्र शामिल है।</p>
<p>घर-घर पाइपलाइन पहुंचाने के साथ सड़क निर्माण, स्कूल निर्माण और सफाई व्यवस्था को दुरुस्त करवाया गया। वार्डवासियों की सुविधा के लिए पट्टे बनवाने का काम भी किया गया। उन्होंने कहा कि वार्ड के लोगों की समस्याओं को सुनकर उनका समाधान करवाने का हरसंभव प्रयास किया गया और जरूरत के अनुसार विकास कार्यों को गति दी गई।<br /><strong>-पवन मीणा,पूर्व पार्षद </strong></p>
<p>पार्षद कार्यकाल के दौरान राजनीतिक फेरबदल के कारण उनके साथ भेदभाव किया गया, जिसके चलते वार्ड में प्रस्तावित कई विकास कार्य पूरे नहीं हो सके। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधि के रूप में उनकी प्राथमिकता हमेशा वार्डवासियों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध करवाना और उनकी समस्याओं का समय पर समाधान करना रही।<br /><strong>- सोनू भील,पूर्व पार्षद </strong></p>
<p>वार्ड की स्थिति आज भी गांव जैसी बनी हुई है। नगर निगम क्षेत्र में शामिल होने के बावजूद यहां मूलभूत सुविधाओं का अपेक्षित विकास नहीं हो पाया है। जनप्रतिनिधियों के साथ निगम के अधिकारियों ने भी वार्ड की समस्याओं पर गंभीरता से ध्यान नहीं दिया। इसके कारण स्थानीय लोगों को सड़क, सफाई और अन्य जरूरी सुविधाओं को लेकर लगातार परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।<br /><strong>-कपिल गुर्जर,वार्डवासी</strong></p>
<p>वार्ड में सड़कें लगातार क्षतिग्रस्त हो रही हैं और जगह-जगह बड़े गड्ढे बने हुए हैं। बारिश के दौरान इन गड्ढों में पानी भरने से वाहन चालकों और राहगीरों को काफी परेशानी होती है। उन्होंने बताया कि वार्ड में रोड लाइटें तो लगाई गई हैं, लेकिन कई जगह रात के समय ये जलती नहीं हैं। इससे अंधेरा रहने के कारण लोगों को आवागमन में परेशानी होती है और दुर्घटना की आशंका भी बनी रहती है।<br /><strong>- भागचंद,वार्डवासी</strong></p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 18 Aug 2026 14:31:12 +0530</pubDate>
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                <title>आजादी के दशकों बाद भी मूलभूत सुविधाओं को तरसता नयागांव गुजरान: न पक्की सड़क, न सुरक्षित श्मशान घाट</title>
                                    <description><![CDATA[कीचड़ के कारण एंबुलेंस आना बंद, चारपाई पर मरीज ले जाने को मजबूर ग्रामीण।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jhalawar/nayagaon-gujran-deprived-of-basic-amenities-decades-after-independence--no-paved-roads--no-proper-cremation-ground/article-162872"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-08/111200-x-600-px)-(2)41.png" alt=""></a><br /><p>खानपुर। ग्राम पंचायत बेसार के अंतर्गत आने वाले नयागांव गुजरान में आज भी ग्रामीण मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं। ग्रामीणों ने बताया कि आजादी के दशकों बाद भी गांव में विकास कार्य धरातल पर नहीं पहुंच पाए हैं। पक्की सड़क के अभाव और श्मशान घाट की बदहाल स्थिति के कारण लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। गांव में आज तक एक भी पक्की सड़क का निर्माण नहीं हुआ है। बारिश केमौसम में रास्ते कीचड़ और पानी से भर जाते हैं, आवागमन मुश्किल हो जाता है। सबसे अधिक परेशानी स्कूली बच्चों को उठानी पड़ती है, जिन्हें खराब रास्तों से होकर स्कूल जाना पड़ता है। ग्रामीणों के अनुसार सड़क नहीं होने और जलभराव के कारण गांव तकएंबुलेंस और अन्य वाहन पहुंचना मुश्किल हो जाता है। आपातकालीन परिस्थितियों में मरीजों, विशेषकर गर्भवती महिलाओं को चारपाई पर बैठाकर कीचड़ भरे रास्तों से मुख्य मार्ग तक ले जाना पड़ता है। इससे समय पर उपचार मिलना भी चुनौती बन जाता है।</p>
<p><strong>श्मशान घाट पर अतिक्रमण, सुविधाओं का अभाव</strong><br />ग्रामीणों ने बताया कि गांव्र के श्मशान घाट की भूमि पर अतिक्रमण होचुका है। इसके कारण अंतिम संस्कार जैसी महत्वपूर्ण प्रक्रिया में भी परेशानी होती है। ग्रामीणों ने श्मशान घाट से अतिक्रमण हटाने और वहां टीन शेड सहित आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने प्रशासन द्वारा आयोजित विभिन्न शिविरों मेंलिखित आवेदन देकर समस्याओं से अधिकारियों को अवगत कराया है। इसके अलावा ग्राम पंचायत स्तर पर भी कई बार मांग उठाई गई, लेकिन अब तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका है। नयागांव गुजरान के ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि गांव में जल्द सेजल्द पक्की सड़क का निर्माण कराया जाए, जलभराव की समस्या का समाधान किया जाए तथा श्मशान घाट से अतिक्रमण हटाकर वहां आवश्यक सुविधाएं विकसित की जाएं। ग्रामीणों का कहना है कि मूलभूत सुविधाओं के अभाव में उन्हें आज भी कई परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।</p>
<p>हमारे गांव में एक पक्की सड़कतक नहीं बन पाई है। बारिश के दिनों में हालात इतने बदतर हो जाते हैं कि बच्चों को स्कूल भेजना और खुद घर से बाहर निकलना दूभर हो जाता है।<br /><strong>- चौथमल गुर्जर, ग्रामीण</strong></p>
<p>हमारे गांव में श्मशान घाट की जमीन पर भी अतिक्रमण हो चुका है। अपनों के अंतिम संस्कार जैसी संवेदनशील घड़ी में भी हमें भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।<br /><strong>-बबलू गुर्जर, ग्रामीण</strong></p>
<p>हमने पंचायत से लेकर प्रशासनिक शिविरों तक कई बार लिखित आवेदन दिए हैं, लेकिन हर बार सिर्फ निराशा ही हाथ लगी है।<br /><strong>- रनजीत गुर्जर,ग्रामीण</strong></p>
<p>रास्ते में कीचड़ और जलभराव के कारण गांव के भीतर एम्बुलेंस का आना तो दूर, किसी सामान्य वाहन का पहुंचना भी असंभव है। आपातकालीन स्थिति में बीमारों और गर्भवती महिलाओं को चारपाई पर लिटाकर मुख्य मार्ग तक ले जाना हमारी मजबूरी बन गया है।<br /><strong>- सोनू गुर्जर, ग्रामीण</strong></p>
<p>स्कूली बच्चों को रोजाना जान जोखिम में डालकर इस कीचड़ भरे रास्ते से गुजरना पड़ता है। जरा सी चूक बच्चों के भविष्य और सुरक्षा के लिए भारी पड़ सकती है। जल्द से जल्द पक्की सड़क का निर्माण करवाया जाए।<br /><strong>- हंसराज गुर्जर, ग्रामीण</strong></p>
<p>विकास के जितने भी दावे किए जाते हैं, वे सब नयागांव गुजरान आकर कागजी साबित हो जाते हैं। जल्द ही श्मशान घाट से अतिक्रमण नहीं हटाया गया तो ग्रामीणों को मजबूरन आंदोलन करना पड़ेगा।<br /><strong>- मुकेश, ग्रामीण</strong></p>
<p>श्मशान की भूमि से अतिक्रमण हटाने को लेकर पूर्व में भी 5 लाख रुपए की सैंक्शन (स्वीकृति) निकाली गई थी, लेकिन प्रशासन द्वारा अतिक्रमण नहीं हटाया जा सका, जिससे वहां आज भी कीचड़ और वैसी ही स्थिति बनी हुई है। इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए सरपंच द्वारा पूर्व में ही प्रस्ताव लिया जा चुका है। आज इस संबंध में सेक्रेटरी से बात कर ली गई है और उन्होंने इस पर सैंक्शन (स्वीकृति) भी निकाल दी है। इस संबंध में आगे की कार्रवाई कर जल्द से जल्द मौके से अतिक्रमण हटवाया जाए, ताकि आमजन को राहत मिल सके।<br /><strong>-  मदन लाल वर्मा, सरपंच बेसार उपखंड खानपुर</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>झालावाड़</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 13 Aug 2026 16:44:03 +0530</pubDate>
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