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                <title>employment - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>employment RSS Feed</description>
                
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                <title>बिचून में बनेगा माटी कला सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, माटी कलाकारों के लिए खुलेंगे रोजगार के नए द्वार</title>
                                    <description><![CDATA[राजस्थान सरकार के श्रीयादे माटी कला बोर्ड ने जयपुर के बिचून में "माटी कला सेंटर ऑफ एक्सीलेंस" स्थापित करने का निर्णय लिया है। बजट 2026-27 के तहत कलाकारों को 5,000 इलेक्ट्रिक चाक और मशीनें वितरित की जाएंगी। साथ ही, 45 उत्कृष्ट कलाकारों को "माटी के लाल" पुरस्कार से सम्मानित किया गया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/clay-art-center-of-excellence-will-be-built-in-bichon/article-154606"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/1200-x-600-px1.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान सरकार के श्रीयादे माटी कला बोर्ड ने माटी कला को नई पहचान देने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए जयपुर के बिचून में “माटी कला सेंटर ऑफ एक्सीलेंस” स्थापित करने का निर्णय लिया है। बोर्ड की 12 मई 2026 को आयोजित षष्ठम गवर्निंग बोर्ड बैठक में यह फैसला सर्वसम्मति से लिया गया। इससे प्रदेश के माटी कलाकारों को आधुनिक तकनीक, प्रशिक्षण और रोजगार के नए अवसर मिल सकेंगे। बोर्ड ने बताया कि पिछले दो वर्षों में माटी कला क्षेत्र को पिछले 10 वर्षों की तुलना में अधिक बजट मिला है।</p>
<p>इसी दौरान बोर्ड की उपलब्धियों और सरकारी योजनाओं को समाहित करते हुए “माटी राजस्थान री” पुस्तक का विमोचन मुख्यमंत्री के करकमलों से किया गया। साथ ही प्रदेश की विभिन्न माटी कला विधाओं में उत्कृष्ट कार्य करने वाले 45 कलाकारों को “माटी के लाल” पुरस्कार से सम्मानित किया गया। 5000 इलेक्ट्रिक चाक और मशीनें होंगी वितरित बोर्ड ने बजट वर्ष 2026-27 के तहत 5000 विद्युत चालित चाक एवं मिट्टी गूंथने की मशीनें वितरित करने का निर्णय लिया है। इससे उत्पादन, गुणवत्ता और कलाकारों की आय में वृद्धि होगी। इसके अलावा माटी कलाकारों और कामगारों के लिए आर्टिजन कार्ड बनाए जाएंगे तथा जागरूकता शिविर भी लगाए जाएंगे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 21 May 2026 18:40:09 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नार्वे और भारत के बीच सहयोग की अपार संभावना,नार्वे की कंपनियों के लिए खुले हैं दरवाजे: पीएम मोदी</title>
                                    <description><![CDATA[प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ओस्लो में भारत-नॉर्वे व्यापार शिखर सम्मेलन को संबोधित किया। उन्होंने नॉर्वे की कंपनियों को स्वच्छ ऊर्जा, जहाज निर्माण और समुद्री उद्योगों में निवेश के लिए आमंत्रित किया। पीएम मोदी ने TEPA समझौते के तहत $100 अरब के निवेश और भारत में 10 लाख रोजगार सृजन का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/there-is-immense-potential-for-cooperation-between-norway-and-india/article-154317"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/modi8.png" alt=""></a><br /><p>ओस्लो। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भारत और नार्वे के बीच विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग की अपार संभावनाओं का उल्लेख करते हुए कहा है कि नॉर्वे की कंपनियों के लिए भारत के दरवाजे खुले हैं और उन्हें स्वच्छ ऊर्जा, जहाज निर्माण, समुद्री उद्योगों और स्वास्थ्य प्रौद्योगिकी में निवेश के लिए आगे आना चाहिए। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के पास खाद्य सुरक्षा, उर्वरक, मत्स्य पालन और ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में सहयोग के उत्कृष्ट अवसर हैं। नार्वे की दो दिन की यात्रा पर गये पीएम मोदी ने सोमवार रात भारत-नॉर्वे व्यापार और अनुसंधान शिखर सम्मेलन को संबोधित किया। पीएम मोदी ने बाद में सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा कि व्यापार क्षेत्र और अनुसंधान जगत से जुड़े हितधारकों के साथ संवाद करना एक सुखद अवसर था।</p>
<p>उन्होंने कहा, "ओस्लो सिटी हॉल में प्रधानमंत्री जोनास गाहर स्टोरे और मैंने एक व्यापार एवं अनुसंधान शिखर सम्मेलन में भाग लिया। व्यापार क्षेत्र और अनुसंधान जगत से जुड़े हितधारकों के साथ संवाद करना एक सुखद अवसर था। हमारे देशों के पास खाद्य सुरक्षा, उर्वरक, मत्स्य पालन और ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में सहयोग के उत्कृष्ट अवसर हैं। मैंने नॉर्वे को भारत की स्वच्छ ऊर्जा पहलों में निवेश के लिए आमंत्रित किया। मैंने भारत के सुधार एजेंडा के समर्थन में भी अपने विचार रखे। जहाज निर्माण एक ऐसा क्षेत्र है जो व्यापक और असीम संभावनाएं प्रदान करता है।"</p>
<p>पीएम मोदी ने भारत और नॉर्वे के बीच मजबूत आर्थिक सहयोग का आह्वान करते हुए नॉर्वे की कंपनियों को स्वच्छ ऊर्जा, जहाज निर्माण, समुद्री उद्योगों और स्वास्थ्य प्रौद्योगिकी में निवेश बढ़ाने के लिए कहा। शिखर सम्मेलन में नॉर्वे के क्राउन प्रिंस हाकोन के अलावा 50 से अधिक कंपनियों के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों के साथ-साथ दोनों देशों के व्यापार और अनुसंधान क्षेत्रों के 250 से अधिक प्रतिनिधि शामिल हुए। यह आयोजन भारत-ईएफटीए व्यापार और आर्थिक साझेदारी समझौते (टीईपीए) के लागू होने के बाद भारत-नॉर्वे संबंधों में बढ़ती गति को दर्शाता है।</p>
<p>पीएम मोदी ने भारत की तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था पर प्रकाश डाला और दोनों देशों के हितधारकों से व्यापार समझौते के तहत निर्धारित महत्वाकांक्षी लक्ष्यों को प्राप्त करने की दिशा में कार्य करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा, "दोनों पक्षों के हितधारकों को टीईपीए के तहत 100 अरब डॉलर के निवेश लक्ष्य तथा भारत में 10 लाख रोजगार सृजन के उद्देश्य को प्राप्त करने के लिए प्रयास करने चाहिए।" प्रधानमंत्री ने भारत की मजबूत आर्थिक वृद्धि, अनुकूल जनसांख्यिकी और निवेशक-अनुकूल नीतियों पर जोर देते हुए देश को वैश्विक निवेश के लिए एक आकर्षक गंतव्य बताया। उन्होंने नॉर्वे को समुद्री अर्थव्यवस्था, नवीकरणीय ऊर्जा, हरित परिवर्तन, महत्वपूर्ण खनिज, नवप्रवर्तन उद्यमों और जहाज निर्माण जैसे क्षेत्रों में अधिक भागीदारी के लिए आमंत्रित किया, साथ ही सतत विकास और जलवायु कार्रवाई के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को दोहराया।</p>
<p>पीएम मोदी ने कहा, "भारत का विशाल आकार, बढ़ती ऊर्जा आवश्यकताएं और जलवायु प्रतिबद्धताएं नवीकरणीय ऊर्जा, हरित हाइड्रोजन और स्वच्छ ऊर्जा अवसंरचना के तीव्र विस्तार को बढ़ावा दे रही हैं।" उन्होंने समुद्री क्षेत्र के कार्बन उत्सर्जन में कमी, महासागर स्थिरता और जलवायु वित्त में नॉर्वे की विशेषज्ञता की भी सराहना की। प्रधानमंत्री ने दोनों देशों के व्यवसायों को नई साझेदारी बनाने और आर्थिक संबंधों को गहरा करने के लिए उभरते अवसरों का लाभ उठाने के लिए प्रोत्साहित किया। शिखर सम्मेलन के दौरान भारतीय और नार्वे की कंपनियों तथा संस्थानों के बीच कई समझौतों पर हस्ताक्षर भी किए गए। इससे पहले दिन में, ओस्लो में चार गोलमेज चर्चाएंआयोजित की गईं, जिनमें स्वास्थ्य सेवा नवाचार, समुद्री सहयोग, बैटरी और ऊर्जा भंडारण प्रणाली, डिजिटलीकरण और विद्युतीकरण तथा पवन ऊर्जा पर ध्यान केंद्रित किया गया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 19 May 2026 12:35:34 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>केंद्र सरकार का प्रौद्योगिकी आधारित श्रम सुधारों को लागू करने पर जोर, सुचारू कार्यान्वयन के लिए राज्य और उद्योग जगत की भूमिका : श्रम सचिव</title>
                                    <description><![CDATA[श्रम सचिव वंदना गुरनानी ने नए श्रम संहिताओं के तहत 29 कानूनों को 4 संहिताओं में समेकित करने की घोषणा की है। इस डिजिटल सुधार से 1,228 धाराओं को घटाकर मात्र 480 कर दिया गया है। सरकार का लक्ष्य तकनीक के जरिए पारदर्शिता बढ़ाना, अनुपालन बोझ कम करना और श्रमिकों का कल्याण सुनिश्चित करना है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/central-governments-emphasis-on-implementing-technology-based-labor-reforms-role-of/article-153704"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/vandana.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। केन्द्रीय श्रम एवं रोजगार सचिव वंदना गुरनानी ने बुधवार को कहा कि सरकार अनुपालन के बोझ को कम करने, श्रमिक कल्याण में सुधार लाने और भारत की वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता को मजबूत करने के उद्देश्य से नए श्रम संहिताओं के सुचारू और प्रौद्योगिकी-आधारित कार्यान्वयन को सुनिश्चित करने के उपाय कर रही है। उन्होंने कहा कि ऐसा करने के लिए सरकार राज्यों और उद्योग जगत के साथ मिलकर काम कर रही है। वह "नए श्रम संहिता: कार्यान्वयन, प्रतिस्पर्धात्मक लाभ के लिए अनुपालन और उद्योग की तैयारी" के विषय में राजधानी में उद्योग मंडल संगठन द्वारा आयोजित राष्ट्रीय संगोष्ठी को संबोधित कर रही थीं ।</p>
<p>संगोष्ठी में शामिल उद्योग जगत के प्रतिनिधियों, मानव संसाधन पेशेवरों, कानूनी विशेषज्ञों और नीति निर्माताओं को संबोधित करते हुए गुरनानी ने कहा कि केंद्र ने श्रम संहिताओं के कार्यान्वयन में सामंजस्य स्थापित करने के लिए राज्यों के साथ व्यापक परामर्श किया है, साथ ही नियमों और अनुपालन ढाँचों को अंतिम रूप देने के लिए तकनीकी मार्गदर्शन प्रदान कर रहा है है। उन्होंने कहा, "श्रम संहिताओं की सफलता सरकार, उद्योग और श्रमिकों के बीच मजबूत सहयोग पर निर्भर करेगी।"</p>
<p>श्रम सचिव ने बताया कि इन सुधारों के तहत 29 श्रम कानूनों को चार श्रम संहिताओं में समेकित किया गया है, 1,228 धाराओं को घटाकर 480 धाराएं कर दिया गया है और 1,436 नियमों को सुव्यवस्थित करके 357 नियम बना दिए गए हैं, जिससे भारत की श्रम अनुपालन प्रणाली में काफी सरलता आई है। सरकार के डिजिटल-प्रथम दृष्टिकोण पर प्रकाश डालते हुए श्रम सचिव ने कहा कि श्रम संहिता के तहत भविष्य में होने वाले निरीक्षण जोखिम-आधारित, प्रौद्योगिकी-सक्षम और हस्तक्षेपकारी प्रवर्तन के बजाय सुविधा प्रदान करने पर केंद्रित होंगे। उन्होंने कहा, "उद्देश्य अनावश्यक मानवीय हस्तक्षेप को कम करना और स्वैच्छिक अनुपालन को प्रोत्साहित करना है।"</p>
<p>केंद्रीय भविष्य निधि आयुक्त (सीपीएफसी) और कर्मचारी भविष्य निधि संगठन, भारत के मुख्य कार्यकारी अधिकारी रमेश कृष्णमूर्ति ने कार्यक्रम में कहा, "ईपीएफओ नए श्रम संहिता के अनुरूप डिजिटल सेवा वितरण का तेजी से विस्तार कर रहा है।" उन्होंने बताया कि ईपीएफओ नियोक्ताओं और श्रमिकों के लिए अनुपालन को आसान बनाने के लिए एपीआई-आधारित रिटर्न फाइलिंग सिस्टम, स्वचालित खाता हस्तांतरण और सरलीकृत निकासी तंत्र शुरू कर रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 13 May 2026 17:13:30 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>जयपुर के सर्राफा बाजार में पहले दिन खरीदारी सुस्त, ज्वैलरी कंपनियों के शेयरों में गिरावट</title>
                                    <description><![CDATA[प्रधानमंत्री की सोना न खरीदने की अपील के बाद जयपुर के बाजारों में ग्राहकों की आवाजाही कम हो गई है। सर्राफा व्यापारियों का मानना है कि इससे विदेशी मुद्रा भंडार तो मजबूत होगा, लेकिन कारीगरों के रोजगार पर संकट आ सकता है। आयात पहले से ही लगभग बंद होने से ज्वैलरी कारोबार में गिरावट की चिंता बढ़ गई है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/buying-slow-in-jaipurs-bullion-market-on-the-first-day/article-153460"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/11-(630-x-400-px).png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। जयपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा देशवासियों से एक वर्ष तक सोना नहीं खरीदने की अपील का असर सर्राफा बाजार में दिखाई देने लगा है। हालांकि पहले दिन कारोबार में कोई बड़ा बदलाव देखने को नहीं मिला, लेकिन बाजार में खरीदारी का माहौल कमजोर रहा और ज्वैलरी कंपनियों के शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। जयपुर के किशनपोल बाजार, एमआई रोड और वैशाली नगर स्थित प्रमुख ज्वैलरी शोरूमों पर फिलहाल ग्राहकों की आवाजाही सामान्य से कम रही। सर्राफा ट्रेडर्स कमेटी जयपुर के अध्यक्ष कैलाश मित्तल ने प्रधानमंत्री की अपील का स्वागत करते हुए कहा कि देश के विदेशी मुद्रा भंडार को मजबूत करने के लिए अन्य प्रभावी उपाय भी आवश्यक हैं।</p>
<p>उन्होंने कहा कि इस निर्णय का सबसे अधिक असर कारीगरों और बड़े मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स पर पड़ेगा, जिससे रोजगार प्रभावित हो सकता है। फिलहाल बाजार पहले से ही ठंडा चल रहा है। मार्केट एक्सपर्ट्स के अनुसार पिछले एक माह से सोने का आयात अघोषित रूप से लगभग बंद जैसी स्थिति में है। भारत में सामान्य तौर पर हर महीने करीब 60 टन सोने का आयात होता है, ऐसे में मांग घटने का असर पूरे व्यापारिक तंत्र पर पड़ सकता है। ज्वैलरी एक्सपोर्टर नीरज लुणावत ने कहा कि प्रधानमंत्री की इस अपील का आने वाले समय में ज्वैलर्स पर बड़ा प्रभाव पड़ेगा। उन्होंने बताया कि ज्वैलरी कारोबार पहले से ही कमजोर ग्राहक मांग और धीमी बिक्री की चुनौती से जूझ रहा है। ऐसे में इस अपील से बाजार पर और दबाव बढ़ सकता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बिजनेस</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 11 May 2026 18:15:27 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>एक जुलाई से देशभर में लागू होगा विकसित भारत–जी राम जी अधिनियम, क्या महात्मा गांधी नरेगा हो जाएगा निरस्त?</title>
                                    <description><![CDATA[सरकार ने विकसित भारत-जी राम जी अधिनियम 2025 अधिसूचित किया है, जो 1 जुलाई से मनरेगा का स्थान लेगा। अब ग्रामीण परिवारों को 125 दिनों के रोजगार की गारंटी मिलेगी। ₹95,692 करोड़ के रिकॉर्ड बजट के साथ, यह मिशन डीबीटी के जरिए समयबद्ध भुगतान और ग्रामीण आत्मनिर्भरता सुनिश्चित करेगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/developed-india-ji-ram-ji-act-will-be-implemented-across-the/article-153436"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/ramm.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। सरकार ने विकसित भारत – गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) विकसित भारत–जी राम जी अधिनियम को सोमवार को अधिसूचित कर दिया है और इसे एक जुलाई से देशभर के ग्रामीण क्षेत्रों में लागू किया जाएगा। ग्रामीण विकास मंत्रालय ने आज बताया कि ग्रामीण विकास और रोजगार को नयी दिशा देते हुए सरकार ने आज विकसित भारत–गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) 2025 को अधिसूचित कर दिया है। यह अधिनियम 1 जुलाई से देशभर के ग्रामीण क्षेत्रों में लागू होगा।</p>
<p>उन्होंने कहा कि विकसित भारत–जी राम जी अधिनियम लागू होने के साथ ही महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (महात्मा गांधी नरेगा), 2005 उसी तिथि से निरस्त माना जाएगा। यह भारत के ग्रामीण विकास ढांचे में एक ऐतिहासिक परिवर्तन है, जो विकसित भारत-2047 के राष्ट्रीय विजन के अनुरूप एक समेकित (इंटीग्रेटेड), भविष्य उन्मुख एवं उत्पादकता (प्रोडक्टिविटी) आधारित ग्रामीण परिवर्तन के नए युग की शुरुआत करेगा।</p>
<p>उन्होंने कहा कि नयी व्यवस्था के अंतर्गत प्रत्येक ग्रामीण परिवार, जिसके वयस्क सदस्य अकुशल शारीरिक श्रम करने के लिए स्वेच्छा से आगे आते हैं, उन्हें प्रत्येक वित्तीय वर्ष में 125 दिनों के मजदूरी आधारित रोजगार की वैधानिक गारंटी प्राप्त होगी। यह बढ़ी हुई गारंटी आजीविका सुरक्षा को मजबूत करने, ग्रामीण आय में वृद्धि करने तथा ग्राम स्तर पर सतत विकास को समर्थन देने के उद्देश्य से लाई गई है। अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार श्रमिकों को उनकी रोजगार मांग के अनुसार निर्धारित समय-सीमा के भीतर कार्य उपलब्ध कराया जाएगा। ऐसा न होने की स्थिति में श्रमिक बेरोजगारी भत्ता पाने के हकदार होंगे। यह अधिनियम समयबद्ध और पारदर्शी मजदूरी भुगतान पर विशेष बल देता है। </p>
<p>मजदूरी का भुगतान प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के माध्यम से सीधे श्रमिकों के बैंक अथवा डाकघर खातों में किया जाता रहेगा। मजदूरी का भुगतान साप्ताहिक आधार पर अथवा मस्टर रोल बंद होने के पंद्रह दिनों के भीतर किया जाएगा। यदि ऐसा नहीं होता है, तो श्रमिक विलंब क्षतिपूर्ति (मुआवजा) पाने के पात्र होंगे। सरकार ने विकसित भारत-जी राम जी अधिनियम, 2025 के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु व्यापक वित्तीय प्रावधान सुनिश्चित किए हैं। वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए सरकार ने 95,692.31 करोड़ का बजटीय आवंटन किया है, जो ग्रामीण रोजगार कार्यक्रम के लिए बजट अनुमान चरण में अब तक का सर्वाधिक आवंटन है। राज्यों के संभावित राज्यांश सहित इस कार्यक्रम का कुल परिव्यय 1.51 लाख करोड़ से अधिक होने का अनुमान है। यह आवंटन ग्रामीण अवसंरचना विकास, बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन तथा ग्रामीण आय में वृद्धि को नई गति प्रदान करेगा।</p>
<p>सरकार के अनुसार विकसित भारत-जी राम जी अधिनियम, 2025 से ग्रामीण रोजगार सृजन, ग्रामीण विकास और गांवों में आत्मनिर्भरता को नई गति मिलने की अपेक्षा है। ग्राम पंचायतों को ग्रामीण परिवर्तन के केंद्रीय स्तंभ के रूप में स्थापित करते हुए यह अधिनियम सशक्त, समृद्ध और विकसित ग्रामीण भारत के निर्माण में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर सिद्ध होगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 11 May 2026 17:29:17 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>पश्चिम बंगाल सरकार का बड़ा फैसला: कैबिनेट की पहली बैठक में बीएसएफ भूमि हस्तांतरण, आयुष्मान भारत को मंजूरी</title>
                                    <description><![CDATA[मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की पहली कैबिनेट बैठक में ऐतिहासिक निर्णय लिए गए। घुसपैठ रोकने के लिए BSF को जमीन हस्तांतरण, आयुष्मान भारत योजना लागू करने और सरकारी नौकरियों में 5 साल की छूट का ऐलान हुआ। साथ ही, रुकी हुई जनगणना शुरू करने और पारदर्शी विकास सुनिश्चित करने का संकल्प लिया गया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/big-decision-of-west-bengal-government-bsf-land-transfer-to/article-153435"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/cm.png" alt=""></a><br /><p>कोलकाता। पश्चिम बंगाल की नवगठित सरकार ने सोमवार को राज्य सचिवालय 'नबन्ना' में अपनी पहली कैबिनेट बैठक की। बैठक के बाद सरकार ने प्रशासनिक, सुरक्षा एवं कल्याण संबंधी उपायों की एक विस्तृत रुपरेखा तैयार की जिसमें भारत-बंगलादेश सीमा पर बाड़ लगाने के लिए सीमा सुरक्षा बल को भूमि हस्तांतरित करना और राज्य में आयुष्मान भारत स्वास्थ्य योजना सहित केंद्र की विभिन्न सामाजिक कल्याण योजनाओं को शुरू करना शामिल है।</p>
<p>मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कैबिनेट बैठक से बाहर निकलने के बाद कहा, "आज हमारी पहली कैबिनेट बैठक में हमने बीएसएफ को जमीन हस्तांतरित करने का निर्णय लिया है। यह हस्तांतरण प्रक्रिया आज से शुरू हो रही है और इसे अगले 45 दिनों के भीतर गृह मंत्रालय को हस्तांतरित कर दिया जाएगा। एक बार यह पूरा हो जाने के बाद, बीएसएफ सीमा पर बाड़ लगाने का काम पूरा कर लेगी और अवैध घुसपैठ के मुद्दे का समाधान थोड़े समय में कर लिया जाएगा।"</p>
<p>पश्चिम बंगाल में चुनाव अभियान के दौरान सीमा पर बाड़ लगाना एवं घुसपैठ की समस्या से निपटने के लिए बीएसएफ को भारत-बंगलादेश सीमा पर भूमि आवंटित करना भारतीय जनता पार्टी द्वारा उठाए गए मुख्य मुद्दों में शामिल था। भाजपा ने राज्य में पूर्ववर्ती तृणमूल कांग्रेस सरकार पर जानबूझकर अवसंरचना निर्माण के लिए बीएसएफ को जमीन नहीं देने का आरोप लगाया था। भाजपा का आरोप था कि तृणमूल कांग्रेस सक्रिय रूप से सीमा पार घुसपैठियों का समर्थन करती है जो बदले में नौ सीमावर्ती जिलों में उनके वोट बैंक बने हुए हैं। बंगलादेश के साथ राज्य की 2216.7 किमी लंबी भूमि सीमा लगती है जिसके एक बड़े हिस्से पर बाड़ नहीं लगी हुई है।</p>
<p>सीएम अधिकारी ने राज्य में बेरोजगारी की समस्या का समाधान करने के लिए सरकारी नौकरियों में आयु सीमा में छूट देने की भी घोषणा की। शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि हमने राज्य में सरकारी नौकरियों में आवेदन करने के लिए ऊपरी सीमा में पांच साल की छूट देने का निर्णय लिया है। बैठक के बाद पत्रकारों से बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य को केंद्र की कई प्रमुख योजनाओं के साथ ज्यादा निकटता से जोड़ते हुए सुशासन, सुरक्षा एवं विकास को प्राथमिकता दी जाएगी।</p>
<p>शुभेंदु अधिकारी ने कहा, "राज्य में स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण चुनाव हुआ है। मैं पश्चिम बंगाल के लोगों को सरकार बनाने के लिए हम पर भरोसा करने के लिए आभार व्यक्त करता हूं।" मुख्यमंत्री द्वारा की गई प्रमुख घोषणाओं में राज्य में औपचारिक रूप से आयुष्मान भारत योजना लागू करने का निर्णय शामिल है। शुभेंदु अधिकारी के साथ उनके कैबिनेट मंत्री दिलीप घोष, निशीथ प्रमाणिक, अग्निमित्रा पॉल, अशोक कीर्तनिया और खुदीराम टुडू भी मौजूद थे। सीएम अधिकारी ने कहा कि हमने स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय में अपने समकक्षों से संपर्क करने और जल्द से जल्द सारी औपचारिकताएं पूरी करने का निर्देश दिया है। श्री अधिकारी ने कहा कि आयुष्मान भारत योजना के अलावा राज्य में जन आरोग्य योजना, फसल बीमा और उजाला योजना सहित केंद्र सरकार की अन्य कल्याणकारी योजनाओं को भी लागू किया जाएगा।</p>
<p>मुख्यमंत्री अधिकारी ने राज्य की प्रशासनिक संरचना में सुधारों की भी घोषणा की जिसमें आईएएस अधिकारियों को केंद्रीकृत प्रशिक्षण तंत्र से जोड़ने की योजना भी शामिल है। शुभेंदु अधिकारी ने जनगणना प्रक्रियाओं से संबंधित केंद्रीय गृह मंत्रालय के कुछ निर्देशों के कार्यान्वयन में कथित देरी के लिए पिछली तृणमूल सरकार की आलोचना की। उन्होंने कहा कि हमने आज जनगणना कार्य शुरू होने की पुष्टि करते हुए एक प्रशासनिक निर्देश जारी किया है और लंबे समय से लंबित यह अभ्यास आखिरकार 11 महीने की देरी के बाद शुरू हो रहा है।</p>
<p>उन्होंने कहा, "16 जून 2025 को, गृह मंत्रालय ने भारत के रजिस्ट्रार जनरल और जनगणना आयुक्त कार्यालय के माध्यम से आधिकारिक अधिसूचना जारी की थी। इस बात को अब लगभग एक वर्ष हो चुका है लेकिन सत्ता में बैठे लोगों ने जानबूझकर जनगणना प्रक्रिया में देरी की। उनका उद्देश्य परिसीमन करने और महिलाओं, विशेषकर हमारी माताओं एवं बहनों के लिए आरक्षण का लाभ सुरक्षित करने की प्रधानमंत्री की पहल में बाधा उत्पन्न करना था। इस पर गौर करने के लिए हमारे पास एक तथ्याें की जांच करने वाली समिति होगी।"</p>
<p>मुख्यमंत्री अधिकारी ने लोगों को यह भी आश्वासन दिया कि मौजूदा सामाजिक कल्याण योजनाएं जारी रहेंगी। उन्होंने बल देकर कहा कि पारदर्शिता में सुधार लाने एवं लाभों के दुरुपयोग को रोकने के लिए सख्त सत्यापन प्रणाली शुरू की जाएगी। शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि हम बेईमान लोगों को पिछले दरवाजे से एवं खामियों के माध्यम से इन योजनाओं का लाभ नहीं उठाने देंगे और सब कुछ पारदर्शी होगा। पश्चिम बंगाल की नवगठित सरकार ने प्रभावित परिवारों और भाजपा के मारे गये कार्यकर्ताओं के परिवारों एवं प्रियजनों को समर्थन देने का भी वादा किया। श्री अधिकारी ने यह भी कहा कि राजनीतिक हत्याओं में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उल्लेखनीय है कि छह मई को श्री अधिकारी के निजी सहायक चंद्रनाथ रथ की उस समय गोली मारकर हत्या कर दी गई जब वह उत्तर 24 परगना में अपने घर लौट रहे थे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 11 May 2026 16:15:24 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>मजदूर दिवस पर मायावती का संदेश : मेहनतकश वर्ग की स्थिति में अब तक सुधार नहीं, मजदूरों और श्रमिकों की स्थिति को लेकर जताई चिंता </title>
                                    <description><![CDATA[बसपा प्रमुख मायावती ने मजदूर दिवस पर श्रमिकों की बदहाली और रोजगार अनिश्चितता पर गहरी चिंता जताई। उन्होंने बाबा साहेब अंबेडकर के योगदान को याद करते हुए ठेका प्रथा और महिला सुरक्षा के मुद्दों को उठाया। मायावती ने सरकारों से विकास में मेहनतकश वर्ग की उचित भागीदारी और सुरक्षित भविष्य सुनिश्चित करने की अपील की।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/mayawatis-message-on-labor-day-condition-of-working-class-has/article-152306"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/मजदूर.png" alt=""></a><br /><p>लखनऊ। उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की प्रमुख मायावती ने मजदूर दिवस के अवसर पर देश के मजदूरों और श्रमिकों की स्थिति को लेकर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि देशभर में पुरुष और महिला मजदूरों तथा श्रमिक समाज की हालत में कई प्रयासों के बावजूद अब तक अपेक्षित सुधार देखने को नहीं मिला है। उन्होंने अपने संदेश में कहा कि ‘मजदूर दिवस’ का महत्व आज भी कम नहीं हुआ है। इस अवसर पर उन्होंने रोज़ाना जीवन संघर्ष में जुटे मेहनतकश वर्ग के सभी लोगों को बधाई दी और उनके बेहतर भविष्य तथा अच्छे दिनों की कामना की।</p>
<p>मायावती ने कहा कि देश निर्माण में मजदूरों और मेहनतकश समाज का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। उन्होंने बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के प्रयासों को याद करते हुए कहा कि उन्होंने आज़ादी से पहले और बाद में भी मजदूरों के लिए सम्मानजनक और खुशहाल जीवन सुनिश्चित करने की दिशा में काम किया था। हालांकि, उन्होंने वर्तमान परिस्थितियों पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि ठेका प्रथा, दैनिक वेतन व्यवस्था और काम पर रखने तथा निकालने की बढ़ती प्रवृत्ति के कारण मजदूर वर्ग को नई समस्याओं और रोजगार की अनिश्चितता का सामना करना पड़ रहा है। इसका असर उनके परिवारों के पालन-पोषण के साथ-साथ शिक्षा और स्वास्थ्य पर भी पड़ रहा है।</p>
<p>उन्होंने यह भी कहा कि महिलाओं के लिए सुरक्षित कार्य वातावरण का अभाव भी एक गंभीर चिंता का विषय बना हुआ है। मायावती ने सभी सरकारों से अपील करते हुए कहा कि देश के विकास में मजदूर और श्रमिक वर्ग की उचित भागीदारी सुनिश्चित की जानी चाहिए। उन्होंने भरोसा जताया कि उनकी पार्टी का संघर्ष हमेशा मेहनतकश बहुजन समाज के अधिकारों के लिए समर्पित रहा है और आगे भी जारी रहेगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 01 May 2026 16:43:17 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>अमित शाह के लद्दाख दौरे पर कांग्रेस का निशाना: ऐतिहासिक बौद्ध अवशेषों का किया जिक्र, भूमि एवं रोजगार की सुरक्षा जैसे मुद्दों पर उठाए सवाल</title>
                                    <description><![CDATA[कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने गृह मंत्री अमित शाह के लद्दाख दौरे पर सवाल उठाते हुए कहा कि वे बौद्ध अवशेषों के प्रदर्शन में व्यस्त हैं, लेकिन स्थानीय लोगों की राज्य का दर्जा और रोजगार की मांगों पर चुप हैं। उन्होंने नेहरू के ऐतिहासिक दौरों का जिक्र करते हुए सरकार को जनता की भावनाओं का सम्मान करने की सलाह दी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/congress-targets-amit-shahs-visit-to-ladakh-mentions-historical-buddhist/article-152322"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-09/jairam-ramesh-333.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। कांग्रेस संचार विभाग प्रभारी जयराम रमेश ने केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह के लद्दाख दौरे को लेकर प्रतिक्रिया में कहा कि अमित शाह शुक्रवार को पिपरहवा के बौद्ध अवशेषों की "महिमा" में व्यस्त हैं, जबकि लद्दाख के लोगों की राज्य का दर्जा, छठी अनुसूची का दर्जा और भूमि एवं रोजगार की सुरक्षा जैसी अहम मांगों पर चुप्पी साधे हुए हैं।</p>
<p>जयराम रमेश ने कहा कि लद्दाख में इस तरह के धार्मिक और ऐतिहासिक प्रदर्शनों का एक लंबा इतिहास रहा है, जिससे गृह मंत्री शायद अनभिज्ञ हैं। उन्होंने 14 जनवरी 1949 की एक ऐतिहासिक घटना का उल्लेख करते हुए बताया कि उस दिन भगवान बुद्ध के दो प्रमुख शिष्यों सारिपुत्र और महा मोग्गलान के पवित्र अवशेष, जिन्हें 1851 में विक्टोरिया और अलबर्ट संग्रहालय ले गए थे, उन्हें वापस भारत लाया गया था। इन अवशेषों को तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने प्राप्त कर महाबोधि सोसाइटी ऑफ इंडिया को कोलकाता में सौंपा था।</p>
<p>कांग्रेस नेता के अनुसार, 1949 में ही नेहरू ने लद्दाख का चार दिवसीय दौरा किया था। इस दौरान प्रतिष्ठित बौद्ध नेता कुशोक बकुला रिनपोछे ने उनसे आग्रह किया था कि इन अवशेषों को लद्दाख भी लाया जाए। उन्होंने कहा कि यह पहल मई 1950 में साकार हुई, जब इन पवित्र अवशेषों को 79 दिनों तक पूरे लद्दाख में प्रदर्शित किया गया। इसके बाद इन्हें यांगून, कोलंबो और सांची में स्थापित किया गया। जयराम रमेश ने कहा कि इतिहास गवाह है कि ऐसे आयोजनों का उद्देश्य केवल धार्मिक आस्था नहीं, बल्कि लोगों के साथ संवाद और उनकी भावनाओं का सम्मान भी होता था।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 01 May 2026 13:22:44 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>लद्दाख का विकास स्थानीय हितों के अनुरूप हो : राहुल गांधी का आरोप, बोले-लोकतांत्रिक अधिकारों को दबाने का हो रहा प्रयास </title>
                                    <description><![CDATA[विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने लद्दाख में लोकतांत्रिक अधिकारों के हनन पर चिंता जताई है। उन्होंने आरोप लगाया कि क्षेत्र को 'पुलिस राज' में बदल दिया गया है और उद्योगपतियों के लाभ के लिए नाजुक पर्यावरण से समझौता हो रहा है। उन्होंने गृह मंत्री से स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और भूमि संरक्षण सुनिश्चित करने की अपील की।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/development-of-ladakh-should-be-in-accordance-with-local-interests/article-152228"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/rahul-gandhii.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष तथा लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा है कि लद्दाख में लोकतांत्रिक अधिकारों को दबाने का प्रयास हो रहा है और वहां के लोगों की आवाज़ को दबाया जा रहा है। राहुल गांधी ने गुरुवार को सोशल मीडिया एक्स पर लिखा कि लद्दाख के युवाओं ने उन्हें बताया है कि किस तरह से उनके क्षेत्र को एक तरह के 'पुलिस राज' में बदल दिया गया है। वहां लोगों के लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन हो रहा है और स्थानीय लोगों की आवाज़ को दबाया जा रहा है। उन्होंने यह भी लिखा कि लद्दाख की ज़मीन और नाज़ुक पर्यावरण को कथित रूप से बड़े उद्योगपतियों के हितों के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है, जिससे स्थानीय लोगों में चिंता बढ़ी है।</p>
<p>राहुल गांधी ने स्पष्ट किया कि लद्दाख के लोग विकास के खिलाफ नहीं हैं, बल्कि वे ऐसा विकास चाहते हैं जो स्थानीय समुदाय को रोज़गार और आर्थिक लाभ पहुंचाए। उन्होंने उम्मीद जताई कि गृह मंत्री अमित शाह अपने प्रस्तावित दौरे में क्षेत्र की वास्तविक स्थिति को समझेंगे और वहां के लोगों की चिंताओं पर ध्यान देंगे। गौरतलब है कि लद्दाख में हाल के वर्षों में राजनीतिक अधिकारों, ज़मीन और विकास मॉडल को लेकर असंतोष बढ़ा है। जम्मू कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम 2019 के बाद केंद्र शासित प्रदेश बनने से वहां विधानसभा नहीं है, जिससे स्थानीय लोग अपने अधिकार सीमित होने की बात कहते हैं। इसके साथ ही वहां के लोग बाहरी निवेश और बड़े प्रोजेक्ट्स को लेकर ज़मीन, रोज़गार और नाज़ुक पर्यावरण पर इसके असर की आशंका भी जता रहे हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 30 Apr 2026 17:32:07 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पीएम मोदी ने किया गंगा एक्सप्रेसवे का लोकार्पण :  देश के विकास को गति और शक्ति देगा ; औद्योगिक निवेश, कृषि विपणन, लॉजिस्टिक्स और क्षेत्रीय संतुलन में गेमचेंजर होगी साबित </title>
                                    <description><![CDATA[प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने हरदोई में ₹36,230 करोड़ की लागत वाले 594 किमी लंबे गंगा एक्सप्रेसवे का उद्घाटन किया। मेरठ से प्रयागराज को जोड़ने वाला यह प्रोजेक्ट औद्योगिक विकास और रोजगार के लिए गेमचेंजर साबित होगा। 12 जिलों से गुजरने वाला यह एक्सप्रेसवे यूपी की अर्थव्यवस्था और कनेक्टिविटी को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/pm-modi-will-inaugurate-the-594-km-long-ganga-expressway/article-152041"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/ganga.png" alt=""></a><br /><p>हरदोई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हरदोई की मंच से रिमोट का बटन दबाकर 594 किलोमीटर लंबे गंगा एक्सप्रेसवे को देश को समर्पित कर दिया है। इस दौरान करीब एक लाख से ज्यादा लोग मौजूद थे। इस मौके पर पीएम मोदी ने कहा गंगा एक्सप्रेसवे देश के विकास को गति और शक्ति देगा जिससे देश को आर्थिक सहायता मिलेगी। इस प्रोजेक्ट को तैयार होने में लगभग 36,230 करोड़ की लागत आई है। गंगा एक्सप्रेसवे से मेरठ और प्रयागराज के बीच यात्रा का समय वर्तमान में करीब 10-12 घंटे का लगता था जो कि अब घटकर लगभग 6 घंटे होने की उम्मीद है. रिपोर्ट के अनुसार, गंगा एक्सप्रेसवे के लिए किसानों से करीब 18 हजार एकड़ जमीनें ली गई हैं।</p>
<p><img src="https://edata.ndtv.com/feeds/liveblog/11423430/639130628975315429.jpeg" alt="639130628975315429.jpeg"></img></p>
<p>मेरठ से प्रयागराज के बीच करीब 36,230 करोड़ रुपये की लागत से बने इस एक्सप्रेसवे का उद्घाटन प्रधानमंत्री मोदी हरदोई के मल्लावां कस्बे में करेंगे।इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ,राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के अलावा केंद्रीय राज्य मंत्री जितिन प्रसाद, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, ब्रजेश पाठक और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष पंकज चौधरी समेत तमाम गणमान्य मौजूद होंगे। प्रधानमंत्री इस मौके पर एक जनसभा को भी संबोधित करेंगे। इस कार्यक्रम में करीब दो लाख लोगो की भीड़ जुटने की उम्मीद है। सुरक्षा व्यवस्था से लेकर गर्मी में आने वाले लोगो के लिए पेयजल, चिकित्सा से लेकर तमाम जरुरी प्रबंध किये गए है।</p>
<p><img src="https://edata.ndtv.com/feeds/liveblog/11423430/639130605610228378.jpg" alt="639130605610228378.jpg"></img></p>
<p>माना जा रहा है कि यह एक्सप्रेसवे प्रदेश के पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों को जोड़ने वाली लाइफलाइन साबित होगा। इसके साथ ही यह औद्योगिक विकास, स्वरोजगार और रोजगार के नए अवसर पैदा कर कई जिलों के आर्थिक विकास में मील का पत्थर बनेगा। इस परियोजना की आधारशिला वर्ष 2021 में प्रधानमंत्री द्वारा शाहजहांपुर में रखी गई थी, जो अब 2026 में बनकर तैयार हो चुकी है। लोकार्पण कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री करीब एक घंटा 40 मिनट तक हरदोई में रहेंगे।</p>
<p><img src="https://edata.ndtv.com/feeds/liveblog/11423430/639130620534835625.jpg" alt="639130620534835625.jpg"></img></p>
<p>निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार प्रधानमंत्री वाराणसी से सुबह 10:30 बजे लखनऊ एयरपोर्ट पहुंचेंगे। यहां से एम-17 हेलीकॉप्टर के जरिए 11:15 बजे मल्लावां स्थित समारोह स्थल के पास बने हेलीपैड पर उतरेंगे। लोकार्पण कार्यक्रम के बाद पीएम मोदी यहां से 12:55 पर लखनऊ एयरपोर्ट के लिये प्रस्थान कर जायेंगे। गंगा एक्सप्रेस वे पर बने हेलीपैड पर आगमन के बाद प्रधानमंत्री गंगा एक्सप्रेसवे वाटिका में हरिशंकरी का पौधरोपण करेंगे। इसके बाद वह एक्सप्रेसवे का निरीक्षण करेंगे और जनसभा स्थल पर लगी प्रदर्शनी का अवलोकन करेंगे। साथ ही निर्माण कार्य में लगे श्रमिकों को सम्मानित भी करेंगे। इसके पश्चात प्रधानमंत्री मुख्य पंडाल में पहुंचकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ जनसभा को संबोधित करेंगे।</p>
<p><img src="https://edata.ndtv.com/feeds/liveblog/11423430/639130624452773573.jpg" alt="639130624452773573.jpg"></img></p>
<p>कार्यक्रम में करीब 2 लाख लोगों के शामिल होने की संभावना है। इसके लिए 144 हेक्टेयर क्षेत्र में व्यापक व्यवस्थाएं की गई हैं। भीड़ प्रबंधन के लिए पार्किंग, आवागमन और सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए हैं। सभा स्थल पर बने पंडाल में 13 कॉलम और 78 ब्लॉक तैयार किए गए हैं। गर्मी को देखते हुए पंडाल में कूलर और पंखों की व्यवस्था के साथ मंच पर एसी लगाए गए हैं। पेयजल के लिए 500 पानी के टैंकर और 200 मोबाइल शौचालय की व्यवस्था की गई है। निर्बाध बिजली आपूर्ति के लिए पावर हाउस से विशेष प्रबंध किए गए हैं। स्वास्थ्य सेवाओं के तहत मेडिकल कॉलेज के आईसीयू को सेफ हाउस के रूप में तैयार किया गया है, वहीं मौके पर भी मेडिकल टीम तैनात रहेगी।</p>
<p><img src="https://edata.ndtv.com/feeds/liveblog/11423430/639130628261117332.jpg" alt="639130628261117332.jpg"></img></p>
<p>जनसभा में आने वाले लोगों के लिए नाश्ता, भोजन और पानी की व्यवस्था की गई है। परिवहन के लिए उत्तर प्रदेश परिवहन निगम की 2600 बसें लगाई गई हैं, जिनमें प्रति बस 45 यात्रियों को लाने-ले जाने की व्यवस्था होगी। यात्रियों को यात्रा के दौरान नाश्ता और सभा स्थल पर भोजन के लिए लंच पैकेट भी उपलब्ध कराए जाएंगे। मेरठ से प्रयागराज तक 594 किलोमीटर लंबा हाईस्पीड कॉरिडोर है। यह परियोजना न केवल प्रदेश की कनेक्टिविटी को नई ऊंचाई देगी, बल्कि औद्योगिक निवेश, कृषि विपणन, लॉजिस्टिक्स और क्षेत्रीय संतुलन के लिहाज से भी गेमचेंजर साबित होगी। पश्चिमी उत्तर प्रदेश को पूर्वांचल से सीधे जोड़ने वाला यह एक्सप्रेसवे राज्य की अर्थव्यवस्था को गति देने के साथ-साथ 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' को भी मजबूती प्रदान करेगा।</p>
<p><img src="https://edata.ndtv.com/feeds/liveblog/11423430/639130632765754294.jpeg" alt="639130632765754294.jpeg"></img></p>
<p>गंगा एक्सप्रेसवे मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ और प्रयागराज जैसे 12 महत्वपूर्ण जिलों को जोड़ता है। इस हाई-स्पीड मार्ग के चालू होने से इन क्षेत्रों के बीच यात्रा समय में उल्लेखनीय कमी आएगी। जहां पहले लंबी दूरी तय करने में कई घंटे लगते थे, अब यह सफर तेज, सुरक्षित और सुविधाजनक हो जाएगा। इसके साथ ही, माल परिवहन की लागत में कमी आने से उद्योगों और व्यापारियों को सीधा लाभ मिलेगा, जिससे प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई ऊर्जा मिलेगी। गंगा एक्सप्रेसवे को पीपीपी मॉडल पर विकसित किया गया है, जो सार्वजनिक-निजी भागीदारी का उत्कृष्ट उदाहरण है। इसे फिलहाल छह लेन में तैयार किया गया है, लेकिन भविष्य की जरूरतों को देखते हुए इसे 8 लेन तक विस्तार योग्य बनाया गया है। 120 किमी प्रति घंटे की डिजाइन स्पीड के साथ यह एक्सप्रेसवे तेज और सुगम यातायात सुनिश्चित करेगा। उच्च गुणवत्ता के निर्माण, चौड़े राइट ऑफ वे और मजबूत सेफ्टी फीचर्स इसे देश के सबसे आधुनिक एक्सप्रेसवे में शामिल करते हैं।</p>
<p><img src="https://edata.ndtv.com/feeds/liveblog/11423430/639130597382749566.jpg" alt="639130597382749566.jpg"></img></p>
<p>इस एक्सप्रेसवे की एक खास विशेषता शाहजहांपुर के पास बनाई गई लगभग 3.2 किलोमीटर लंबी एयरस्ट्रिप है, जहां आपात स्थिति में वायुसेना के विमान उतर सकते हैं। इसके अलावा, पूरे मार्ग पर इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (आईटीएमएस), सीसीटीवी निगरानी, इमरजेंसी कॉल बॉक्स, एम्बुलेंस और पेट्रोलिंग की व्यवस्था की गई है। वाहनों की गति और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आधुनिक उपकरण लगाए गए हैं, जिससे यात्रियों को सुरक्षित और आरामदायक सफर का अनुभव मिलेगा। गंगा एक्सप्रेसवे के किनारे विकसित किए जा रहे इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग एंड लॉजिस्टिक्स क्लस्टर्स (आईएमएलसी) इस परियोजना की सबसे बड़ी ताकत हैं। इन क्लस्टर्स में मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स, वेयरहाउस, कोल्ड स्टोरेज, फूड प्रोसेसिंग और लॉजिस्टिक्स हब स्थापित किए जाएंगे। सरकार द्वारा दी जा रही कैपिटल सब्सिडी, एसजीएसटी रिइम्बर्समेंट, स्टाम्प ड्यूटी छूट, पावर इंसेंटिव और पीले टॉप-अप जैसी सुविधाएं निवेशकों को आकर्षित कर रही हैं। इससे प्रदेश में बड़े पैमाने पर औद्योगिक निवेश आएगा और लाखों युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे।</p>
<p><img src="https://www.rashtriyaprastavana.com/wp-content/uploads/2026/04/WhatsApp-Image-2026-04-28-at-2.27.22-PM-1-1024x576.jpeg" alt="हरदोई के मल्लावां में ऐतिहासिक पल: प्रधानमंत्री मोदी करेंगे गंगा एक्सप्रेसवे  का लोकार्पण - Rashtriya Prastavana"></img></p>
<p>गंगा एक्सप्रेसवे को प्रदेश के अन्य प्रमुख एक्सप्रेसवे (पूर्वांचल, आगरा-लखनऊ, बुंदेलखंड और गोरखपुर लिंक) से जोड़ा जा रहा है। इससे उत्तर प्रदेश में एक इंटरकनेक्टेड एक्सप्रेसवे नेटवर्क तैयार होगा, जो देश में सबसे बड़ा होगा। बेहतर कनेक्टिविटी से न केवल लोगों की आवाजाही आसान होगी, बल्कि माल ढुलाई तेज और सस्ती हो जाएगी, जिससे लॉजिस्टिक्स सेक्टर को नई गति मिलेगी। एक्सप्रेसवे के दोनों ओर कृषि आधारित उद्योग, मंडियां, कोल्ड स्टोरेज और वेयरहाउस विकसित किए जाएंगे। इससे किसानों को अपनी उपज के लिए बेहतर बाजार मिलेगा और उन्हें उचित मूल्य प्राप्त होगा। इसके साथ ही, पिछड़े क्षेत्रों में औद्योगिक गतिविधियां बढ़ेंगी, जिससे क्षेत्रीय असंतुलन कम होगा और समग्र विकास सुनिश्चित होगा।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 29 Apr 2026 12:49:32 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>एंबुलेंस कर्मचारियों की जल्द बहाली का आश्वासन, राठौड़ ने अधिकारियों से की वार्ता </title>
                                    <description><![CDATA[राजस्थान एंबुलेंस कर्मचारी यूनियन ने राजेंद्र राठौड़ से मुलाकात कर अपनी बेरोजगारी की समस्या उठाई। राठौड़ की मध्यस्थता के बाद मुख्यमंत्री कार्यालय में सकारात्मक वार्ता हुई। अधिकारियों ने 104 जननी एक्सप्रेस सेवा को जल्द पुनः शुरू करने का भरोसा दिलाया है, जिससे हजारों कर्मचारियों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/rathore-talks-to-officials-assuring-early-reinstatement-of-ambulance-staff/article-151479"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/rajendra-rathore.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान एंबुलेंस कर्मचारी यूनियन के प्रतिनिधियों ने गुरुवार को 104 एंबुलेंस सेवा से जुड़े कर्मचारियों की समस्याओं को लेकर पूर्व नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र सिंह राठौड़ से मुलाकात की और ज्ञापन सौंपा। यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष वीरेन्द्र सिंह शेखावत ने बताया कि सुबह एंबुलेंस कर्मचारी राठौड़ के निवास पर पहुंचे और अपनी बेरोजगारी की समस्या से अवगत कराया। इस पर राठौड़ ने कर्मचारियों की बात गंभीरता से सुनी और आश्वासन दिया कि वे तुरंत चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख शासन सचिव से बात करेंगे, ताकि जल्द सेवा बहाल की जा सके।</p>
<p>शेखावत के अनुसार, सुबह करीब 9 बजे राठौड़ का फोन आया, जिसमें उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री के अतिरिक्त मुख्य सचिव अखिल अरोड़ा से उनकी बातचीत हो चुकी है और दोपहर 12:30 बजे का समय निर्धारित किया गया है। इसके बाद यूनियन के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री कार्यालय सचिवालय में अखिल अरोड़ा से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा। वार्ता के दौरान अधिकारियों ने सकारात्मक रुख दिखाते हुए भरोसा दिलाया कि 104 जननी एक्सप्रेस एंबुलेंस सेवा को जल्द ही पुनः शुरू किया जाएगा। शेखावत ने बताया कि इस पहल के लिए सभी एंबुलेंस कर्मचारियों ने राठौड़ का आभार व्यक्त किया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 23 Apr 2026 16:43:18 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भारत को बड़ी सौगात : पीएम मोदी मंगलवार को करेंगे देश के पहले रिफायनरी एवं पेट्रोल रसायन परिसर का उद्घाटन, सामाजिक-आर्थिक विकास में मिलेगा योगदान</title>
                                    <description><![CDATA[प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार को राजस्थान के पचपदरा (बालोतरा) में ₹79,450 करोड़ की लागत से बनी एकीकृत रिफाइनरी का उद्घाटन करेंगे। एचपीसीएल और राज्य सरकार के इस संयुक्त उद्यम से सालाना 90 लाख टन तेल शोधन होगा। यह परियोजना ऊर्जा सुरक्षा, आत्मनिर्भरता और हजारों युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा करेगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/big-gift-to-india-pm-modi-will-inaugurate-the-countrys/article-151073"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/modi12.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी मंगलवार को राजस्थान का दौरा करेंगे तथा हिंस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन (एचपीसीएल) और राज्य सरकार के सहयोग से स्थापित देश के पहले विशाल नये पेट्रोलियम रिफाइनरी एवं पेट्रोल केमिकल परिसर का उद्घाटन करेंगे। प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार यह कार्यक्रम पूर्वाह्न लगभग 11:30 बजे बालोतरा के पचपदरा में होगा, जहां वह देश का पहला एकीकृत रिफाइनरी-सह-पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स को राष्ट्र को समर्पित करेंगे। इस अवसर पर वह एक जनसभा को भी संबोधित करेंगे।</p>
<p>यह परियोजना भारत के ऊर्जा और पेट्रोकेमिकल क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बतायी जा रही है। एचपीसीएल और राजस्थान सरकार के संयुक्त उद्यम के रूप में विकसित, 90 लाख टन प्रति वर्ष क्षमता वाले इस ग्रीनफील्ड रिफाइनरी-सह-पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स की स्थापना 79,450 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश से की गयी है। अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त यह परिसर शोधन और पेट्रोकेमिकल उत्पादन को एकीकृत करता है, जिसकी पेट्रोकेमिकल क्षमता 24 लाख टन प्रति वर्ष है। इस रिफाइनरी का नेल्सन कॉम्प्लेक्सिटी इंडेक्स 17.0 है और पेट्रोकेमिकल उत्पादन 26 प्रतिशत से अधिक है, जो दक्षता और स्थिरता के वैश्विक मानकों के अनुरूप है।</p>
<p>यह परियोजना भारत की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने, पेट्रोकेमिकल आत्मनिर्भरता बढ़ाने और औद्योगिक विकास को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने की उम्मीद है। यह क्षेत्र में पेट्रोकेमिकल और प्लास्टिक पार्क के विकास के लिए एक आधार उद्योग के रूप में कार्य करेगी, जिससे संबंधित उद्योगों और सहायक क्षेत्रों को बढ़ावा मिलेगा। इसके अतिरिक्त, यह रिफाइनरी रोजगार के महत्वपूर्ण अवसर पैदा करने के लिए तैयार है, जिससे क्षेत्र के सामाजिक-आर्थिक विकास में योगदान मिलेगा।</p>]]></content:encoded>
                
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                <pubDate>Mon, 20 Apr 2026 14:56:55 +0530</pubDate>
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