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                <title>परिचर्चा: मेडिकल और इंजीनियरिंग के अलावा और भी हैं राहें-डाटा, एआई और स्किल बेस्ड फील्ड में हैं सैकड़ों कॅरियर ऑप्शंस </title>
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                        <![CDATA[अब सिर्फ मेडिकल-इंजीनियरिंग ही नहीं, बल्कि एआई, डेटा एनालिटिक्स, डिजिटल मार्केटिंग, ग्रीन एनर्जी, रोबोटिक्स, पैरामेडिकल, ईवी, कृषि और खेल जैसे क्षेत्रों में भी करियर के अपार अवसर। युवाओं को स्किल बेस शिक्षा और सही गाइडेंस के साथ नए और उभरते करियर अपनाने चाहिए। स्कूलों से करियर मार्गदर्शन जरूरी।
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                    </description>
                
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/discussion--beyond-medicine-and-engineering--there-are-other-paths%E2%80%94hundreds-of-career-options-in-data--ai--and-skill-based-fields/article-144509"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/kota3.png" alt=""></a><br /><p>कोटा।  अधिकतर अभिभावक अपने बच्चों को मेडिकल व इंजीनियरिंग करवाकर डॉक्टर और इंजीनियर बनाना चाहते हैं। उन्हें लगता है कि इसी में सबसे अच्छा करियर है। हालांकि अभी भी कई अभिभावक अपने बच्चों में अपने सपनों को पूरा होता देखना चाहते हैं। लेकिन वर्तमान में जिस तरह से देश व दुनिया में तकनीक का उपयोग अधिक हो रहा है। उसे देखते हुए आने वाले समय में एआई और स्किल बेस फील्ड में करियर के सैकड़ों ऑप्शन हैं। वे भी इतने अधिक कि न तो युवा और न ही उनके पेरेंट्स सोच सकते हैं।</p>
<p>जरूरत है युवाओं को उन करियर ऑप्शंस के बारे में जागरूक करने व जानकारी देने की। ग्रीन एनर्जी,सस्टेनेबल डवलपमेंट, डाटा,साइबर सिक्युरिटी,डिजीटल मार्केटिंग,एनीमेशन,कला वाणिज्य,विज्ञान  सभी क्षेत्रों में पारंपरिक करियर से हटकर करियर के नए अवसर की भरमार आ रही है। ऐसे में अभी से लोगों को बदलते दौर के लिए तैयार होना चाहिए। हम इंजीनियरिंग और मेडिकल में ही करियर ढूंढते हैं लेकिन अब ऐसा नहीं है। नये दौर में नए करियर की भरमार होने वाली है। बस इन करियर के लिए स्किल और जानकारी होना चाहिए।  दैनिक नवज्योति कार्यालय में मंगलवार को आयोजित टॉक शो में कोटा शहर ही नहीं वरन् देश व दुनिया में अपने ज्ञान व कौशल और शिक्षा के साथ तकनीक का उपयोग कर अपना लोहा मनवा रहे हैं। उन सभी ने युवाओं के लिए करियर के इतने अधिक ऑप्शंस की जानकारी दी।</p>
<p><strong>इन क्षेत्रों में हैं भारी अवसर</strong></p>
<p>- एमएचए, एमपीएस, आईएस डीएन व एमएस डब्ल्यू में भी काफी स्पेशलाइज कोर्स।<br />-ईवी इको सिस्टम बिजनेस के क्षेत्र में करियर के अच्छे अवसर। <br />- कृषि क्षेत्र में मार्केटिंग, पैकेजिंग व निर्यात के क्षेत्र।<br />- रोबोटिक्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस  करियर के सबसे अच्छे विकल्प बनकर उभरे।<br />- डिजिटल पेमेंट्स, क्रिप्टोकरेंसी और, डेटा एनालिटिक्स, डिजिटल मार्केटिंग सहित इंपोर्ट-एक्सपोर्ट और ग्लोबल लॉजिस्टिक्स।<br />- ओटी डिप्लोमा , एक्सरे डिप्लोमा और ब्लड बैंक हेल्पर जैसे शॉर्ट टर्म पैरामेडिकल कोर्स।<br />- एमएसएमई, ईएसजी व स्टार्टअप पर फोकस, निर्यात का क्षेत्र हो या मार्केटिंग का सभी को सीएस से काम।</p>
<p><strong>स्कूलों से हो कॅरियर गाइडेंस की शुरूआत</strong><br />जिस तरह से देश व दुनिया में एआई और तकनीक का उपयोग हो रहा है। उसमें सूचनाओं व जानकारी के कमी नहीं है। लेकिन जरूरत है बच्चों व युवाओं को सही मार्ग दर्शन की। इसकी शुरूआत स्कूलों से ही की जानी चाहिए। करियर डे साल में एक बार मनाया जाता है। उसकी जगह हर महीने  मनाया जाना चाहिए। बच्चों की योग्यता को पहचानकर उनके हिसाब से ही आगे बढ़ने के अवसर बताए जाएंगे तो वे जीवन में बेहतर करियर बना सकेंगे। ग्रीन एनर्जी के क्षेत्र में भी जॉब व करियर के कई आॅप्शंस हैं। लेकिन अधिकतर को उनकी जानकारी ही नहीं है। स्किल बेस शिक्षा होने पर युवा अच्छे पैकेज की नौकरी पा सकते हैं। <br /><strong>-मनोज कुमार शर्मा,  फाउंडर एन्ड चीफ मेंटोर स्कोलर सिटी</strong></p>
<p><strong>12वीं के बाद भी अपार संभावनाएं</strong><br />कॅरियर में आगे बढने के लिए जरूरी नहीं है कि एमबीबीएस या इंजीनियिरिंग ही की जाए। एमएचए, एमपीएस,आईएसडीएन व एमएस डब्ल्यू में भी काफी स्पेशलाइज कोर्स हैं।  आवश्यकता है उन कोर्स व इंस्टीट्यूट के बारे में जानकारी की। सरकार व कम्पनियों को डिग्री के साथ ही नॉलेज व प्रेक्टीकल जानकारों की जरूरत रहती है। 12 वीं पास करने के बाद भी करियर में  अपार संभावनाएं हैं। अकेले सोशल और  हैल्थ सेक्टर में ही दर्जनों ऐसे कोर्स हैं जिन्हें करने के बाद सौ फीसदी नौकरी की गारंटी रहती है। जितना समय व मेहनत एमबीबीएस करने में लगती है उससे कम समय व मेहनत में उन कोर्स को करके आगे बढ़ा जा सकता है। वह भी बड़ी-बड़ी कम्पनियों में या सरकारी क्षेत्र में। जहां लाखों में नहीं करोड़ों में पैकेज रहते हैं। <br /><strong>-डॉ.नयन प्रकाश गांधी, इंटरनेशनल एनएलपी, लाइफ एन्ड कॅरियर कोच कोटा</strong></p>
<p><strong>डेटा एनालिटिक्स व मार्केटिंग में अवसर</strong><br />अब कॉमर्स का क्षेत्र केवल पारंपरिक बैंकिंग, सीए  या एमबीए तक सीमित नहीं रह गया है। पढ़ाई और करियर दोनों ही स्तरों पर व्यापक परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। आज कॉमर्स के छात्र और प्रोफेशनल्स क्षेत्रों में अपनी पहचान बना रहे है। जिसमें डिजिटल पेमेंट्स, क्रिप्टोकरेंसी और, डेटा एनालिटिक्स, डिजिटल मार्केटिंग सहित अन्य हैं। आज भारत डिजिटल पेमेंट्स, यूपीआई  और फाइनेंशियल क्रिप्टो के मामले में दुनिया में नंबर 1 स्थान पर है। वर्तमान में डेटा ही सबसे बड़ी शक्ति है और 'डेटा-बेस्ड बिजनेस' सबसे अधिक सफल हो रहे हैं। कंपनियाँ अब ऐसे प्रोफेशनल्स की तलाश में हैं जो न केवल ई-कॉमर्स को समझें, बल्कि एल्गोरिदम के जरिए मार्केट के रुझानों को भी पहचान सकें। आॅनलाइन प्लेटफॉर्म्स के कारण इंपोर्ट-एक्सपोर्ट और ग्लोबल लॉजिस्टिक्स की भूमिका पहले से कहीं अधिक महत्वपूर्ण हो गई है। <br /><strong>-डॉ. अनिता माहेश्वरी, असिसटेंट प्रोफेसर गवर्नमेंट कॉमर्स गर्ल्स कॉलेज कोटा</strong></p>
<p><strong>माइंड सेट बदलने की जरूरत</strong><br />आज हमें माइंड सेट बदलने की जरूरत है। भारत में अधिकतर लोग तकनीक में हो रहे बदलाव के साथ खुद को बदलना नहीं चाहते हैं। जबकि वर्तमान के साथ ही आने वाले समय में तकनीक और स्किल बेस शिक्षा काफी महत्वपूर्ण होगी। विदेशों में स्किल बेस शिक्षा पर ही जोर दिया जाता है। यहां माता पिता अपने बच्चों की इच्छा जाने बिना उन पर अपनी मर्जी थोपते हैं। जिससे युवा जिस तरह से सर्वाइव करना चाहिए वह नहीं कर पाते। भारत में एआई को जिस तरह से काम में लिया जा रहा है उसमें मात्र 30 फीसदी ही उसका सदुपयोग कर रहे हैं। जबकि एआई के क्षेत्र को अपनाकर करियर में जॉब के काफी अवसर तलाशे जा सकते हैं।<br /><strong>-वेद तिवारी, यूएस आर्मी से रिटायर्ड,लिविंग होप एनजीओ के फाउंडर</strong></p>
<p><strong>तकनीक में बड़ा परिवर्तन</strong><br />समाज में तकनीक के कारण बड़ा परिवर्तन आ रहा है। कारें और टैक्सियां अब 'ड्राइवरलेस' (स्वचालित) होती जा रही हैं। यह स्पष्ट संकेत है कि समय के साथ निरंतर परिवर्तन ही प्रगति का आधार है। नई शिक्षा नीति का सबसे बड़ा लाभ यह है कि यह विद्यार्थियों को किसी एक दायरे में नहीं बांधती। आने वाले समय में योग और हेल्थ केयर जैसे क्षेत्र सबसे अधिक उभरकर सामने आएंगे, जहाँ कुशल प्रोफेशनल्स की मांग चरम पर होगी। हाल के युद्धों में ड्रोन तकनीक के कमाल ने पूरी दुनिया को अचंभित किया है, जो युद्ध कौशल में तकनीकी श्रेष्ठता को दशार्ता है। यह भविष्य की सुरक्षा और रणनीति की नई दिशा है। जैसे-जैसे तकनीक आगे बढ़ रही है, रोबोटिक्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस  करियर के सबसे अच्छे विकल्प बनकर उभरे हैं। जब भी कोई नई स्किल  सामने आती है, तो उसे छात्रों को विस्तार से समझाना और सिखाना चाहिए। <br /><strong>- डॉ.मनीष चतुवेर्दी, चेयरमेन ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट आरटीयू</strong></p>
<p><strong>तकनीकी रूप से ट्रेंड के लिए अधिक अवसर</strong><br />जिस तरह से देश व दुनिया में तकनीकी का उपयोग हो रहा है। सरकार का भी फोकस तकनीक  आधारित जॉब पर है। ऐसी स्थिति में जो युवा समय के साथ तकनीकी रूप से जितना अधिक साउंड है उसके लिए नौकरियों व करियर बनाने के उतने ही अधिक अवसर उपलब्ध हैं। प्राइवेट सेक्टर में जितनी भी बड़ी कम्पनियां हैं उन्हें भी ट्रेंड लोगों की जरूरत होती है। कम्पनियां ट्रेनिंग में समय व्यर्थ नहीं करती। युवाओं को पैकेज की जगह स्किल पर ध्यान देने की जरूरत है। हर एम्पलाई चाहता है कि उसे स्किल का मिडिल मेन मिले। आज तक आयुर्वेद के डाक्टर विदेशों में प्रेक्टिस नहीं कर पाते थे। अब आयुर्वेद डाक्टर भी विदेशों में काम कर सकते हैं। बस कुछ शौध की जरूरत है।  संभावनाएं अपार सामने आ रही हैं। बस आपको अपनी स्किल को लगातार आगे बढ़ाना है।  <br /><strong>- विकास आसावत, पैटेंट एंड ट्रेडमार्क अटार्नी</strong></p>
<p><strong>हर फील्ड में कम्पनी सैकेट्री की जरूरत</strong><br />केवल मेडिकल व इंजीनियरिंग में ही करियर नहीं है। इसके अलावा भी सैकड़ों ऐसे फील्ड हैं। जिनमें युवा चरम पर पहुंच सकते हैं। वैसे हर फील्ड में कम्पनी सैकेट्री की जरूरत होती है। जिस तरह से सरकार का एमएसएमई, ईएसजी व स्टार्टअप पर फोकस है। ऐसे में इन क्षेत्रों को आगे बढ़ाने व उनके काम को मैनेज करने में भी सीएस का काफी महत्वपूर्ण योगदान होता है। निर्यात का क्षेत्र हो या मार्केटिंग का सभी को सीएस से काम करवाना होता है। जरूरत है जानकारी और मैनेजमेंट सिस्टम को अपनाने की। <br /><strong>-सीएस कमल सोनी, कंपनी सैकेट्री चैप्टर के चैयरमेन, सीईओ एंड काउंसलर</strong></p>
<p><strong>नया करने वाले युवाओं को प्रोत्साहित करने की जरूरत</strong><br />हमारे समाज में आज भी पुरानी शिक्षा पद्धति को अत्यधिक महत्व दिया जाता है, जिसके कारण लीक से हटकर कुछ नया करने वाले युवाओं को प्रोत्साहित करने में कई चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। हालांकि, बदलते समय के साथ अब कैरियर का दायरा बहुत व्यापक हो चुका है। अब पारंपरिक डिग्री के अलावा बीए+एलएलबी और बीएससी+एलएलबी जैसे ड्यूअल डिग्री कोर्सेज में अपार संभावनाएं हैं। ये एकीकृत पाठ्यक्रम न केवल समय बचाते हैं बल्कि छात्रों को दो विषयों की विशेषज्ञता भी प्रदान करते हैं। इसके साथ ही, दूरस्थ शिक्षा भी आज के दौर में कैरियर बनाने का एक सशक्त माध्यम बन चुकी है। वर्तमान में मेडिकल फील्ड सबसे तेजी से उभरता हुआ क्षेत्र है। अब केवल डॉक्टर बनना ही एकमात्र विकल्प नहीं है।  विद्यार्थी ओटी डिप्लोमा , एक्सरे डिप्लोमा और ब्लड बैंक हेल्पर जैसे शॉर्ट टर्म पैरामेडिकल कोर्स करके भी सम्मानजनक रोजगार प्राप्त कर सकते हैं। जरूरत सिर्फ सही समय पर सही कौशल को पहचानने और उसे अपनाने की है।<br /><strong>-भुवनेश गुप्ता, कॅरियर काउंसलर, डायरेक्टर लायन्स क्लब कोटा टेक्नोह्ण</strong></p>
<p><strong>डेटा एक बहुमूल्य संपत्ति </strong><br />डार्विन ने सिखाया था कि केवल वही प्रजाति जीवित रहती है जो समय के साथ खुद को बदलती है। आज की तेजी से बदलती तकनीक भी हमसे यही मांग कर रही है कि हम स्वयं को अपडेट करें और नई परिस्थितियों के अनुसार ढालें।  आज के दौर में डेटा केवल सूचना मात्र नहीं है, बल्कि यह एक बहुमूल्य संपत्ति बन चुका है।  भविष्य की चुनौतियों का सामना करने के लिए अब एक नया मंत्र अपनाना अनिवार्य है: 'लर्न (सीखना), ई-लर्न (डिजिटल माध्यम से सीखना) और री-लर्न (पुराने को छोड़कर नया सीखना)'। बदलते परिवेश में केवल एक बार डिग्री हासिल कर लेना काफी नहीं है। अब निरंतर सीखने की प्रक्रिया ही आपको प्रासंगिक बनाए रख सकती है।  जब तक आप खुद को तकनीक और बाजार की मांग के अनुरूप अपडेट करते रहेंगे, तब तक आपके पास रोजगार के बेहतरीन अवसर बने रहेंगे। <br /><strong>-डॉ. हरिश शर्मा, एसोसिएट प्रोफेसर आरटीयू, कोटा </strong></p>
<p><strong>ईवी के क्षेत्र में अच्छा करियर है</strong><br />जिस तरह से सरकार प्रदूषण को कम करने व फ्यूल का कम से कम उपयोग करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। उसके लिए ईवी सेक्टर पर अधिक फोकस किया जा रहा है। आने वाले समय में अधिकतर वाहन ईवी से चलेंगे। ऐसे में इस क्षेत्र में ईवी इको सिस्टम बिजनेस के क्षेत्र में करियर के अच्छे अवसर हैं। लेकिन अभी सरकार के स्तर पर इसके लिए इंफ्रास् ट्रक्चर उस स्तर का नहीं है। विशेष रूप से चार्जिंग फील्ड में। यदि युवा ईवी आधारित कोर्स या उस फील्ड को अपनाते हैं तो उनके लिए करियर में आगे बढने के काफी अवसर हैं। डिजिटल मार्केटिंग व एआई का उपयोग कर युवा अपना बेहतर करियर बना सकते हैं। <br /><strong>-नीरज शर्मा, सीईओ एन्ड काउंसलर फार्मस कार्ट</strong></p>
<p><strong>कृषि में क्वांटिटी की नहीं क्वालिटी की जरूरत</strong><br />इंसान तभी अच्छा काम कर पाएगा जब उसे भरपेट व पौष्टिक भोजन मिलेगा। पहले जहां आॅर्गनिक खेती होने से भोजन में सभी पोषक तत्व मिल जाते थे। वहीं एक बार में अधिक फसल लेने के लिए यूरिया व कैमिकल का उपयोग होने लगा। जिससे क् वांटिटी तो बढ़ गई लेकिन क् वालिटी बिगड़ गई। कृषि क्षेत्र में मार्केटिंग, पैकेजिंग व निर्यात के क्षेत्र में काफी  अवसर हैं लेकिन उसके लिए क्वा लिटी की जरूरत है। विदेशों में क् वालिटी  पर अधिक ध्यान दिया जाता है। खेती में यूरिया या कैमिकल का उपयोग नहीं कर आॅर्गनिक खेती करने की जरूरत है।   <br /><strong>-बृजराज गौड़ आॅर्गेनिक फार्मर</strong></p>
<p><strong>खेलों में भी नौकरी के अवसर</strong><br />केवल पढ़ाई से ही नौकरी नहीं मिल सकती। लेकिन पढ़ाई के साथ यदि युवा अच्छा खिलाड़ी है तो उसे नौकरी के अधिक अवसर हैं। इस तरह के कई कोर्स व डिप्लोमा व डिग्री हैं जिनके आधार पर सरकारी नौकरी में पीटीआई या कोच बन सकते हैं। खेल के साथ पढ़ाई भी जरूरी है। बड़ी-बड़ी कम्पनियों में अच्छे खिलाडियोंं को नौकरी पर रखा जाता है। उन्हें अच्छी सैलरी मिलती है। लेकिन खिलाडियों को अच्छे खेल मैदान देने व कोचिंग की जरूरत है। <br /><strong>-मधु विश्नोई फुटबॉल कोच कोटा</strong></p>
<p><strong>तकनीक का  विस्तार भविष्य की नींव </strong><br />आज के तकनीकी युग में डेटा विशेषज्ञ और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) जैसे विषयों पर तेजी से काम हो रहा है। तकनीक का यह विस्तार भविष्य की नींव है, लेकिन सबसे महत्वपूर्ण चुनौती यह है कि इन आधुनिक विकल्पों की पहुंच और जानकारी हर बच्चे तक, विशेषकर ग्रामीण और सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों तक सुलभ हो।  इन कोर्सेज की सफलता केवल कागजों पर नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के कौशल में दिखनी चाहिए। स्कूलों में प्रशिक्षित प्रशिक्षकों की संख्या बढ़ानी होगी और आधुनिक संसाधनों व लैब की उपलब्धता सुनिश्चित करनी होगी। जब तक विद्यार्थियों को आधुनिक मशीनों और सॉफ्टवेयर पर काम करने का अवसर नहीं मिलेगा, तब तक वे वैश्विक बाजार के लिए तैयार नहीं हो पाएंगे।<br /><strong>-आभा शर्मा, रिॅटायर्ड प्रिंसिपल कोटा</strong></p>]]>
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                <pubDate>Wed, 25 Feb 2026 13:21:44 +0530</pubDate>
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                <title>भारत की अमृत-पीढ़ी को सशक्त बनाना : अनगिनत अवसर पैदा करना और उनके मार्ग में आने वाली सभी बाधाओं को दूर करना सरकार का संकल्प </title>
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                        <![CDATA[पिछले ग्यारह वर्षों में भारत सरकार ने युवाओं को सशक्त बनाने के लिए पूरी लगन से काम किया है। भारत में दुनिया की सबसे बड़ी युवा आबादी है, जिसमें लगभग 65% लोग 35 वर्ष से कम आयु के हैं]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/empowering-indias-nectar-generation-creating-countless-opportunities-and-removing-all/article-116334"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-06/news7.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। पिछले ग्यारह वर्षों में भारत सरकार ने युवाओं को सशक्त बनाने के लिए पूरी लगन से काम किया है। भारत में दुनिया की सबसे बड़ी युवा आबादी है, जिसमें लगभग 65% लोग 35 वर्ष से कम आयु के हैं। सरकार इसे देश के विकास में तीव्रता लाने और दीर्घकालिक रणनीतिक वृद्धि हासिल करने के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर के रूप में देखती है। इसका उद्देश्य युवाओं को आगे बढ़ने, अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने और भारत को भविष्य की ओर ले जाने में मदद करना है। सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आधुनिक कौशल, अच्छी नौकरियां और सफल उद्यमी बनने के लिए सहयोग मिले।</p>
<p><strong>शिक्षा: ज्ञान महाशक्ति का निर्माण</strong><br />पिछले एक दशक में, भारत ने स्कूलों से लेकर विश्वविद्यालयों तक अपनी शिक्षा प्रणाली को मजबूत करने में तेज प्रगति की है। आईआईटी, आईआईएम और एम्स जैसे संस्थानों के बड़े सुधार और विस्तार सभी के लिए गुणवत्तापूर्ण और भविष्य के लिए तैयार शिक्षा प्रदान करने के लिए सरकार की दृढ़ प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं। राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020: 29.07.2020 को घोषित राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 स्कूली शिक्षा के साथ-साथ तकनीकी शिक्षा सहित उच्च शिक्षा में विभिन्न सुधारों का प्रस्ताव करती है। इसका उद्देश्य 2030 तक प्रीस्कूल से माध्यमिक स्तर तक जीईआर (सकल नामांकन अनुपात) को 100% तक बढ़ाना है जबकि व्यावसायिक शिक्षा सहित उच्च शिक्षा में जीईआर को 26.3% (2018) से 2035 तक 50% तक बढ़ाना है।</p>
<p><strong>उच्च शिक्षा संस्थान:</strong> एआईएसएचई पोर्टल के अनुसार उच्च शिक्षा संस्थानों (एचईआई) की संख्या में उल्लेखनीय 13.8% की वृद्धि देखी गई है, जो 2014-15 में 51,534 से बढ़कर मई 2025 तक 70,683 हो गई है। इस संख्या में विश्वविद्यालय, कॉलेज, स्टैंडअलोन विश्वविद्यालय/कॉलेज, पीएम विद्यालक्ष्मी और अनुसंधान एवं विकास संस्थान शामिल हैं।</p>
<p><strong>विवि वृद्धि:</strong> विश्वविद्यालयों की संख्या 2014-15 में 760 से बढ़कर मई 2025 तक 1,334 हो गई, जो विश्व स्तरीय संस्थानों के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।</p>
<p><strong>कॉलेज वृद्धि:</strong> उच्च शिक्षा की बढ़ती मांग को पूरा करते हुए कॉलेजों की संख्या 2014-15 में 38,498 से बढ़कर मई 2025 तक 51,959 हो गई।</p>
<p><strong>आईआईटी की वृद्धि:</strong> 2014 में, 16 भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) थे। बाद के वर्षों में 7 नए आईआईटी के जुड़ने के साथ, मई 2025 तक कुल संख्या 23 हो गई है।</p>
<p><strong>आईआईटी इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावा</strong><br />7 मई 2025 को कैबिनेट ने 5 आईआईटी (तिरुपति, पलक्कड़, भिलाई, जम्मू, धारवाड़) के लिए चरण-बी विस्तार को मंजूरी दी। साथ ही, 2025-2029 तक इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए 11,828.79 करोड़ रुपए मंजूर किए गए। निर्माण पूरा होने पर, ये पांच आईआईटी 7,111 की वर्तमान छात्र संख्या के मुकाबले 13,687 छात्रों को शिक्षा प्रदान करने में सक्षम होंगे, यानी 6,576 छात्रों की संख्या में वृद्धि होगी।</p>
<p><strong>आईआईएम : </strong>2014 में, 13 भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) थे। मई 2025 तक, यह संख्या बढ़कर 21 हो गई है।</p>
<p><strong>चिकित्सा शिक्षा को बढ़ावा</strong><br />2014 से, एम्स संस्थानों की संख्या 7 से बढ़कर 23 हो गई है, जो प्रभावी रूप से तीन गुना हो गई है। इसके अतिरिक्त, मेडिकल कॉलेजों की संख्या 387 से बढ़कर 2,045 हो गई है, जो 2024 तक 1.9 लाख से अधिक मेडिकल सीटें प्रदान करते हैं।</p>
<p><strong>स्कूल विकास</strong><br />पीएम (पीएम स्कूल फॉर राइजिंग इंडिया) योजना के तहत 14,500 स्कूलों को अपग्रेड किया जाएगा। सितंबर 2022 में शुरू की गई पीएम श्री (पीएम स्कूल फॉर राइजिंग इंडिया) योजना एक केंद्र प्रायोजित पहल है, जिसका कुल परिव्यय 27,360 करोड़ रुपए (केंद्रीय हिस्से के रूप में 18,128 करोड़) पांच वर्षों (2022-23 से 2026-27) के लिए है। इस योजना का उद्देश्य चयनित स्कूलों को राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के सभी घटकों को प्रदर्शित करते हुए मॉडल संस्थानों में बदलना है। </p>
<p><strong>कौशल विकास: भविष्य की नौकरियों के लिए तैयारी</strong><br />भारत दुनिया की सबसे युवा आबादी वाले देशों में से एक है। इसका अधिकतम लाभ उठाने के लिए, यह महत्वपूर्ण है कि युवाओं को उद्योग की जरूरतों के अनुरूप कौशल में प्रशिक्षित किया जाए। पिछले कुछ वर्षों में, बड़ी प्रगति हुई है। नौकरी के लिए तैयार अपने अंतिम और पूर्व-अंतिम वर्षों में छात्रों की संख्या 2014 में 33.9% से बढ़कर 2024 में 51.3% हो गई है।</p>
<p><strong>पीएम कौशल विकास योजना</strong><br />2015 से 1.63 करोड़ से अधिक युवाओं को विविध कौशल क्षेत्रों में प्रशिक्षित किया गया। पीएमकेवीवाई 2015 में देश के युवाओं को लघु अवधि प्रशिक्षण (एसटीटी) और पूर्व शिक्षण की मान्यता (आरपीएल) के माध्यम से कौशल प्रदान करने के उद्देश्य से शुरू की गई थी।</p>
<p>पीएमकेवीवाई 1.0 (2015-16), 19 लाख से अधिक उम्मीदवारों को प्रशिक्षित किया गया।<br />पीएमकेवीवाई 2.0 (2016-20), 1.10 करोड़ उम्मीदवारों को प्रशिक्षित किया गया।<br />पीएमकेवीवाई 3.0 (2020-21), 7.37 लाख उम्मीदवारों को प्रशिक्षित किया गया वित्त वर्ष 2022-23 से आगे।</p>
<p><strong>सेक्टर स्किल काउंसिल</strong><br />कैपिटल गुड्स सेक्टर का ध्यान श्रमिकों को प्रशिक्षण, पुन: प्रशिक्षण और उनकी क्षमताओं को उन्नत करने के माध्यम से उनके कौशल को बेहतर बनाने में मदद करने पर केंद्रित है। इसका समर्थन करने के लिए, सेक्टर स्किल काउंसिल ने उच्च-स्तरीय नौकरियों के लिए डिजाइन किए गए 40 योग्यता पैक (क्यूपी) विकसित किए हैं। ये क्यूपी स्पष्ट मार्गदर्शिकाएं हैं जो उन्नत नौकरियों के लिए आवश्यक कौशल दिखाती हैं। वे श्रमिकों को उद्योग के मानकों को पूरा करने और बेहतर नौकरियां हासिल करने के लिए सही प्रशिक्षण प्राप्त करने में मदद करते हैं। कौशल विकास और उद्यमिता पर राष्ट्रीय नीति, 2015 ने कौशल भारत मिशन शुरू किया और राष्ट्रीय कौशल विकास निगम (एनएसडीसी) के माध्यम से सेक्टर स्किल काउंसिल (एसएससी) की स्थापना का प्रस्ताव रखा। </p>
<p><strong>उद्यमिता: नौकरी मांगने वाले से नौकरी देने वाले</strong><br />उद्यमिता को अब भारत के युवाओं के बीच विकास और आत्मनिर्भरता के प्रमुख चालक के रूप में देखा जाता है। मजबूत सरकारी समर्थन के साथ, व्यवसाय शुरू करना युवा भारतीयों के लिए एक सम्मानित और प्राप्त करने योग्य लक्ष्य बन गया है।</p>
<p><strong>स्टार्टअप इंडिया कार्यक्रम:</strong> स्टार्टअप इंडिया पहल ने देश में एक जीवंत उद्यमशीलता पारिस्थितिकी तंत्र को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। 2016 में लॉन्च किए गए इस कार्यक्रम ने 1.6 लाख से अधिक मान्यता प्राप्त स्टार्टअप का समर्थन किया है, जिससे 17.6 लाख से अधिक नौकरियां पैदा हुई हैं।</p>
<p><strong>डीपीआईआईटी मान्यता प्राप्त स्टार्टअप:</strong> उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (डीपीआईआईटी) एक नोडल एजेंसी है जो स्टार्टअप इंडिया पहल को लागू करती है और उसकी निगरानी करती है, जो भारत के नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र में स्टार्टअप को पनपने के लिए आवश्यक सहायता प्रदान करती है।  इस केंद्रित समर्थन और सक्षम वातावरण के परिणामस्वरूप, भारत दुनिया में तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम बन गया है, जिसमें 31 दिसंबर, 2024 तक डीपीआईआईटी द्वारा मान्यता प्राप्त 1.57 लाख से अधिक स्टार्टअप हैं। इन स्टार्टअप ने सामूहिक रूप से 2017 और 2024 के बीच 4.8 लाख से अधिक प्रत्यक्ष नौकरियां पैदा की हैं।</p>
<p><strong>मुद्रा योजना: </strong>8 अप्रैल 2015 को शुरू की गई प्रधानमंत्री मुद्रा योजना (पीएमएमवाई) लाखों छोटे उद्यमियों को आसान ऋण प्रदान करती है। 23 जुलाई, 2024 को, इच्छुक उद्यमियों को और अधिक सहायता देने के लिए ऋण सीमा 10 लाख रुपए से बढ़ाकर 20 लाख रुपए कर दी गई। पिछले दशक में उद्यमियों को स्वीकृत ऋणों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है। 2015-16 में 3.49 करोड़ ऋण स्वीकृत किए गए, जो 2023-24 में बढ़कर 6.67 करोड़ हो गए। 21 मार्च, 2025 तक, 2024-25 के लिए अनंतिम आँकड़ा 4.53 करोड़ ऋण है। उद्यमी ऋण में यह उछाल कुल ऋण राशि में उल्लेखनीय वृद्धि से मेल खाता है जो 2015-16 में 1.37 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 2024-25 में 33.65 लाख करोड़ रुपए हो गई है।</p>
<p><strong>खेल: भारत को एक खेल राष्ट्र बनाना</strong><br />सरकार ने देश भर में खेलों को बढ़ावा देने और युवा प्रतिभाओं का समर्थन करने के लिए बड़े कदम उठाए हैं। बेहतर प्रशिक्षण, सुविधाओं और वित्तीय सहायता के साथ, भारत एक मजबूत खेल राष्ट्र बन रहा है। लक्ष्य ओलंपिक पोडियम योजना (टीओपीएस): इस योजना के तहत 94 कोर ग्रुप एथलीटों और 112 विकास समूह एथलीटों को उनके प्रशिक्षण और तैयारी के लिए पूर्ण समर्थन मिल रहा है। टीओपीएस युवा मामले और खेल मंत्रालय की एक प्रमुख पहल है, जिसे सितंबर 2014 में भारत के शीर्ष एथलीटों को ओलंपिक और पैरालंपिक पदक जीतने में सहायता करने के लिए शुरू किया गया था। </p>
<p><strong>खेलो इंडिया अभियान:</strong> जमीनी स्तर की प्रतिभाओं को निखारने के लिए 1,048 केंद्र खोले गए। खेलो इंडिया के तहत 3,000 एथलीटों को प्रति वर्ष 6.28 लाख रुपए की वित्तीय सहायता दी गई। खेलो इंडिया राष्ट्रीय खेल विकास कार्यक्रम 2016-17 में देश भर में खेलों में व्यापक भागीदारी और उत्कृष्टता को बढ़ावा देने के दोहरे उद्देश्य से शुरू किया गया था। इस योजना को 3790.50 करोड़ रुपए के वित्तीय परिव्यय पर 2021-22 से 2025-26 तक बढ़ा दिया गया है।</p>
<p><strong>राष्ट्रीय खेल 2025: </strong>38वें राष्ट्रीय खेल 28 जनवरी से 14 फरवरी, 2025 तक उत्तराखंड में आयोजित किए गए, जिसमें पूरे भारत के 10,000 से अधिक एथलीटों ने भाग लिया। मेघालय 2026 में 39वें संस्करण की मेजबानी करेगा। भारत 2036 ओलंपिक खेलों की मेजबानी करने की आकांक्षा रखते हुए अपने खेल पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करना जारी रखेगा। </p>
<ul>
<li>टोक्यो ओलंपिक 2021 और पेरिस ओलंपिक 2024: टोक्यो ओलंपिक 2020 में 7 पदक जीते।  पेरिस ओलंपिक 2024 में भारत ने 6 पदक जीते। </li>
<li>पेरिस पैरालिंपिक 2024: भारतीय एथलीटों ने रिकॉर्ड तोड़ 29 पदक हासिल करते हुए असाधारण उपलब्धि हासिल की।</li>
<li>राष्ट्रमंडल खेल 2022: राष्ट्रमंडल खेल 2022 बर्मिंघम में आयोजित किए गए, जहाँ भारत ने विभिन्न खेलों में 61 पदक जीते।</li>
</ul>
<p><strong>उन्नत प्रशिक्षण</strong><br />वेल्डिंग अनुसंधान संस्थान (डब्ल्यूआरआई) के तहत बीएचईएल त्रिची में कॉमन इंजीनियरिंग सुविधा केंद्र (सीईएफसी) ने वेल्डिंग प्रौद्योगिकियों में 8,143 व्यक्तियों को प्रशिक्षित किया। कुल परियोजना लागत 87.06 करोड़ रुपए है, जिसमें से स्वीकृत भारी उद्योग मंत्रालय अनुदान 69.648 करोड़ रुपए है।  कॉमन इंजीनियरिंग सुविधा केंद्र (सीईएफसी) एक साझा कार्यक्षेत्र या केंद्र है जो छोटे और मध्यम उद्यमों (एसएमई), स्टार्टअप और उद्यमियों के लिए उन्नत इंजीनियरिंग उपकरण, मशीनरी और प्रौद्योगिकी तक पहुंच प्रदान करता है।</p>
<p><strong>रोजगार: करियर बनाना</strong><br />नौकरियां पैदा करना और रोजगार के अवसरों का विस्तार करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता रही है। </p>
<p><strong>रोजगार मेला:</strong> 22 अक्टूबर 2022 को प्रधानमंत्री द्वारा शुरू किया गया रोजगार मेला देश भर में रोजगार सृजन को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इसका उद्देश्य युवाओं को सार्थक रोजगार के अवसर प्रदान करके उन्हें सशक्त बनाना और राष्ट्रीय विकास में उनकी भूमिका को बढ़ाना है। अब तक, 15 राष्ट्रीय-स्तरीय रोजगार मेले आयोजित किए जा चुके हैं, जिसके माध्यम से लगभग 10 लाख नियुक्ति पत्र वितरित किए गए हैं, जिससे सरकारी नौकरियां मिली हैं और देश भर में रोजगार के अवसरों को बढ़ावा मिला है।</p>
<p><strong>ईपीएफो नौकरी वृद्धि:</strong> 2017 से, 8.59 करोड़ नए ग्राहक ईपीएफो में शामिल हुए हैं। उल्लेखनीय रूप से, अप्रैल 2020 से 18-28 वर्ष की आयु के 3.45 करोड़ से अधिक युवा जुड़े हैं, जो युवा श्रमिकों के बीच रोजगार में वृद्धि का संकेत देता है। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) संगठित क्षेत्र के कर्मचारियों के लिए सेवानिवृत्ति बचत का प्रबंधन करने वाला एक सरकारी निकाय है। इसकी शुरूआत 1951 में ईपीएफ अध्यादेश के साथ हुई थी, जिसे बाद में 1952 में ईपीएफ अधिनियम द्वारा प्रतिस्थापित कर दिया गया।</p>
<p><strong>युवा ऊर्जा को राष्ट्र के लिए निर्देशित करना</strong><br />भारत अपने युवाओं को नेतृत्व, अनुशासन और नवाचार को बढ़ावा देने वाली पहलों के माध्यम से राष्ट्र निर्माण में सक्रिय रूप से शामिल कर रहा है। अग्निपथ और नए सिरे से शुरू किए गए राष्ट्रीय युवा महोत्सव जैसे कार्यक्रम युवा भारतीयों के लिए सेवा करने, नेतृत्व करने और भविष्य को आकार देने के लिए नए रास्ते बना रहे हैं।</p>
<p><strong>अग्निपथ योजना:</strong> इस योजना के तहत फरवरी 2025 तक 1.5 लाख अग्निवीरों को नामांकित किया गया है। सरकार ने 15 जून, 2022 को अग्निपथ योजना शुरू की थी, ताकि पुरुष और महिला दोनों उम्मीदवारों को अग्निवीर के रूप में चार साल की अवधि के लिए तीनों सेवाओं के अधिकारी रैंक से नीचे कैडर में भर्ती किया जा सके। 17.5 से 21 वर्ष की आयु के उम्मीदवार इस योजना के लिए आवेदन करने के पात्र हैं।</p>
<p><strong>राष्ट्रीय युवा महोत्सव 2025:</strong> स्वामी विवेकानंद की 162वीं जयंती के उपलक्ष्य में 11-12 जनवरी को आयोजित विकसित भारत युवा नेता संवाद 2025 में पूरे भारत से 3,000 असाधारण युवा नेता एक मंच पर आए। 30 लाख से अधिक प्रतिभागियों में से कठोर, योग्यता-आधारित प्रक्रिया के माध्यम से चुने गए इस कार्यक्रम में 12 जनवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ एक विशेष बातचीत हुई। </p>]]>
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                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 04 Jun 2025 12:12:36 +0530</pubDate>
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                <title>मिनरल एक्सप्लोरेशन का बनेगा पांच साल का मास्टर प्लान</title>
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                        <![CDATA[समिति की बैठक में खान विभाग के सचिव टी रविकांत सहित अधिकारी मौजूद रहे।
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/five-year-master-plan-will-be-made-for-mineral-exploration/article-99124"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-12/5554-(9)11.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राज्य में खनिज खोज कार्य का पाचं साल का मास्टर प्लान बनाया जाएगा, जिस से प्रदेश में उपलब्ध खनिज संपदा के एक्सप्लोरेषन कार्य में तेजी आएगी और एक्सप्लोरेशन से खनिजों के डिपोजिट, गुणवत्ता और उपलब्धता का समय पर आंकलन होने से खनिज ब्लॉकों की समय पर और कारगर तरीके से नीलामी हो सकेगी।</p>
<p>खनिज भवन में राजस्थान स्टेट मिनरल एक्सप्लोरेशन ट्रस्ट की कार्यकारी समिति की बैठक में फैसला लिया गया है। आरएसएमईटी को राज्य के मिनरल एक्सप्लोरेशन के पांच साल का मास्टर प्लान शीघ्र तैयार होगा। एक्सप्लोरेशन का मास्टर प्लान बनने से योजनाबद्ध तरीके से खनिज ब्लॉकों की नीलामी, खनन और दोहन का कार्य हो सकेगा और प्रदेश में रोजगार और राजस्व के अवसर बढ़ सकेंगे। समिति की बैठक में खान विभाग के सचिव टी रविकांत सहित अधिकारी मौजूद रहे।</p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 30 Dec 2024 16:58:15 +0530</pubDate>
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                <title>भजनलाल शर्मा की बड़ी घोषणा, प्रदेश की प्रत्येक ग्राम पंचायत पर खुलेंगे अटल ज्ञान केन्द्र</title>
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                        <![CDATA[ग्रामीण क्षेत्र के युवाओं के स्व-अध्ययन एवं प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी तथा आमजन में पढ़ने की प्रवृति को प्रोत्साहित करने के लिए अटल ज्ञान केन्द्रों पर लाइब्रेरी एवं ई-लाइब्रेरी की सुविधाएं विकसित की जाएगी। ]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/bhajanlal-sharmas-big-announcement-atal-knowledge-center-will-open-at/article-98684"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-12/257rtrer-(3)28.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी के जन्म शताब्दी दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित सुशासन दिवस के अवसर पर प्रदेश की प्रत्येक ग्राम पंचायत पर अटल ज्ञान केन्द्र शुरू करने की घोषणा की है। शर्मा ने कहा कि युवाओं को जागरूक करने के साथ ही उन्हें प्रशिक्षण सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रत्येक ग्राम पंचायत पर चरणबद्ध रूप से अटल ज्ञान केन्द्र की स्थापना की जाएगी। केन्द्रों के लिए स्थानीय युवक-युवती का अटल प्रेरक के रूप में चयन किया जायेगा, जिससे ग्रामीण युवाओं को रोजगार के नए अवसर उपलब्ध होंगे।</p>
<p><strong>अटल ज्ञान केन्द्रों पर खुलेंगी लाइब्रेरी :</strong></p>
<p>ग्रामीण क्षेत्र के युवाओं के स्व-अध्ययन एवं प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी तथा आमजन में पढ़ने की प्रवृति को प्रोत्साहित करने के लिए अटल ज्ञान केन्द्रों पर लाइब्रेरी एवं ई-लाइब्रेरी की सुविधाएं विकसित की जाएगी। इसके साथ ही इन केन्द्रों पर कैरियर काउंसलिंग की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी।    </p>
<p><strong>आमजन को सुगमता से मिल सकेगा योजनाओं का लाभ :</strong></p>
<p>शर्मा ने कहा कि पात्र व्यक्तियों एवं परिवारों तक सरकारी योजनाओं का लाभ सुनिश्चित करने के लिए अटल प्रेरक कार्य करेंगे। ई-मित्र की तर्ज पर इन केन्द्रों पर भी कल्याणकारी योजनाओं के आवेदन के अतिरिक्त जाति, जन्म एवं मृत्यु प्रमाण-पत्र, मूल निवास एवं राशन कार्ड इत्यादि जन-सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे ग्रामीण स्तर पर आमजन के कार्य सुलभ एवं सुगम रूप से सम्पादित हो सकेंगे। राज्य सरकार इन केन्द्रों के विकास पर लगभग 500 करोड़ रुपए का व्यय करेगी।</p>
<p>मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत रत्न श्री वाजपेयी की स्मृति में राज्य सरकार ने 26 दिसम्बर को प्रत्येक पंचायत समिति मुख्यालय पर अटल जन सेवा शिविर आयोजित करने का निर्णय किया है, साथ ही  हमारी सरकार ने ई-गवर्नेंस अवार्ड का नाम बदलकर अटल ई-गवर्नेंस अवार्ड और राजकीय विद्यालयों के कंप्यूटर कक्ष का नामकरण अटल कंप्यूटर कक्ष करने का निर्णय भी किया है।</p>
<p> </p>
<p> </p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 25 Dec 2024 16:42:04 +0530</pubDate>
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                <title>प्रतिभाशाली छात्रों को देश-विदेश के प्रतिष्ठित संस्थानों में अध्ययन के मिलेंगे अवसर</title>
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                        <![CDATA[कॉलेज शिक्षा विभाग के आयुक्त पुखराज सैन, ई -2 श्रेणी के लिए वार्षिक आय 8 से 25 लाख प्रतिवर्ष के बीच होनी चाहिए।]]>
                    </description>
                
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/talented-students-will-get-opportunities-to-study-in-prestigious-institutions/article-82104"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-06/uu11rer-(10)6.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। प्रदेश के प्रतिभाशाली छात्रों को देश-विदेश के प्रतिष्ठित संस्थानों में अध्ययन करने का अवसर राज्य सरकार देगी। इसके लिए सरकार ने स्वामी विवेकानंद स्कॉलरशिप फोर अकादमिक एक्सीलेंस छात्रवृति की पहल की है, जिसमें छात्रों को देश-विदेश के प्रतिष्ठित संस्थानों में अध्ययन के लिए छात्रवृति प्रदान की जाएगी। छात्र-छात्राओं से स्वामी स्वामी विवेकानंद स्कॉलरशिप फोर अकादमिक एक्सीलेंस के तहत छात्रवृति के लिए 25 जून तक आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए आवेदन की वार्षिक आय 8 लाख रुपए प्रति वर्ष से कम (ई-1 श्रेणी) होनी आवश्यक है। इसके लिए पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन किए जा सकते हैं।</p>
<p><strong>इन पाठ्यक्रमों के लिए होता चयन </strong><br />इस योजना में राज्य के मेधावी विद्यार्थियों को स्नातक, स्नातकोत्तर, पीएचडी और पोस्ट डॉक्टरल कोर्सेज के लिए चयनित किया जाता है। जिन छात्र-छात्राओं ने अर्हता परीक्षा में न्यूनतम 60 प्रतिशत अंक प्राप्त किये हैं वे इस छात्रवृति के लिए आवेदन कर सकते हैं। </p>
<p>कॉलेज शिक्षा विभाग के आयुक्त पुखराज सैन, ई -2 श्रेणी के लिए वार्षिक आय 8 से 25 लाख प्रतिवर्ष के बीच होनी चाहिए। इसके लिए आवेदन 26 जून से 31 जुलाई तक किए जा सकते हैं इसी प्रकार ई-3  श्रेणी (वार्षिक आय 25 लाख से अधिक प्रति वर्ष) के लिए आवेदन 16 नवम्बर से 15 जनवरी 2025 तक किए जा सकते हैं।<br /><br /></p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 20 Jun 2024 10:31:24 +0530</pubDate>
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                <title>Rajasthan New Cabinet: मंत्रिमंडल में भी नए चेहरों को ज्यादा मिलेगा मौका</title>
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                        <![CDATA[भाजपा के शीर्ष नेतृत्व ने जिस प्रकार पहली बार विधायक बने भजनलाल शर्मा को मुख्यमंत्री बना कर चौंकाया है, उसी प्रकार मंत्रिमंडल में भी कई चौकाने वाले नाम शामिल होंगे।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/rajasthan-new-cabinet-new-faces-will-get-more-opportunities-in/article-64048"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-12/bjp4.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। भाजपा के शीर्ष नेतृत्व ने जिस प्रकार पहली बार विधायक बने भजनलाल शर्मा को मुख्यमंत्री बना कर चौंकाया है, उसी प्रकार मंत्रिमंडल में भी कई चौकाने वाले नाम शामिल होंगे। यानी भजनलाल की टीम में नए चेहरों को ज्यादा मौका दिया जाएगा। सांसद से विधायक बने लोगों को भी तवज्जो दी जाएगी। ऐसा राजनीतिक प्रेक्षकों का मानना है। तीनों प्रदेशों में जिस तरह मुख्यमंत्री की कुर्सी पर नए चेहरों को मौका दिया गया है, उससे शीर्ष नेतृत्व ने संकेत दिए हैं कि कोई भी बड़ा लीडर अपने आपको तोप नहीं समझे और मुगालते में नहीं रहे। राजस्थान मंत्रिमंडल में मुख्यमंत्री समेत 30 मंत्री बनाए जा सकते हैं। मुख्यमंत्री समेत दो उप मुख्यमंत्रियों के नामों का ऐलान हो चुका है। अब केवल 27 मंत्रियों के नाम की घोषणा बाकी है। सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री के साथ पूरे मंत्रिमंडल को शपथ दिलाई जा सकती है। इसके पीछे 16 दिसम्बर से मलमास का शुरू होना है। मंत्रिमंडल में 20 काबीना और 10 राज्य मंत्री बनाए जा सकते हैं। अगर 15 दिसम्बर को शपथ नहीं दिलवाई गई तो उनको एक महीने इंतजार करना पड़ेगा। </p>
<p><strong>इनको भी मिल सकता है मौका</strong><br />डॉ. किरोड़ीलाल मीणा, राज्यवर्धन सिंह राठौड़, बाबा बालकनाथ, कालीचरण सराफ, गोपाल शर्मा, पुष्पेंद्र सिंह राणावत, जोगेश्वर गर्ग, अनिता भदेल, शंकर सिंह रावत, उदयलाल भड़ाना, गोपीचंद मीणा, हेमंत मीणा, गौतम कुमार, अमृतलाल मीणा, शंकरलाल डेचा, जेठानंद व्यास, देवेंद्र जोशी, गजेंद्र सिंह, सुरेश रावत, अविनाश गहलोत, सुमित गोदारा, श्रीचंद कृपलानी, संजीव बेनीवाल, विश्वराज मेवाड़, झाबरसिंह खर्रा, बाल मुकुंदाचार्य, देवीसिंह शेखावत, नौक्षम चौधरी, जवाहर सिंह बेडम, दर्शन सिंह, जगत सिंह, शत्रुघ्न गौतम, दीप्ती किरण माहेश्वरी, जोगाराम पटेल, महंत प्रतापपुरी, समाराम गरासिया, जसवंत यादव, ओटाराम देवासी, हमीर सिंह भायल, ताराचंद जैन, संदीप शर्मा, कल्पना देवी, अजय सिंह किलक, डॉ. विश्वनाथ मेघवाल और मदन दिलावर आदि। </p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 13 Dec 2023 12:09:06 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>मुख्यमंत्री की कार्मिकों को सौगात: पशुपालन विभाग के 475 कार्मिकों को मिलेंगे पदोन्नति के अवसर</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[जयपुर। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने पशुपालन विभाग में तकनीकी कर्मचारियों के पदों के क्रमोन्नयन एवं राज्य पशुपालन सेवा के अधिकारियों के पदों को क्रमोन्नत/पुनर्गठन को मंजूरी दी है। पुनर्गठन से 475 कार्मिकों को पदोन्नति के अवसर प्राप्त हो सकेंगे। ]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/gift-to-chief-minister-s-personnel-475-personnel-of-animal-husbandry-department-will-get-promotion-opportunities/article-13678"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-07/ashok-g1.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने पशुपालन विभाग में तकनीकी कर्मचारियों के पदों के क्रमोन्नयन एवं राज्य पशुपालन सेवा के अधिकारियों के पदों को क्रमोन्नत/पुनर्गठन को मंजूरी दी है। पुनर्गठन से 475 कार्मिकों को पदोन्नति के अवसर प्राप्त हो सकेंगे।</p>
<p>मुख्यमंत्री के निर्णय से विभाग में सहायक सूचना अधिकारी के 352 पदों तथा उप निदेशक के 123 पदों का सृजन हो सकेगा। पुनर्गठन के बाद प्रत्येक संभागीय अतिरिक्त निदेशक कार्यालय में एक अतिरिक्त निदेशक एवं 3 उप निदेशक, जिला कार्यालय में 4 उप निदेशक तथा 1 वरिष्ठ पशु चिकित्सा अधिकारी होंगे। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री ने बजट 2022-23 में विभिन्न सेवा/काडर में पदोन्नति के समुचित अवसर प्रदान करने की दृष्टि से आवश्यकतानुसार पुनर्गठन एवं पदोन्नति के पदों में वृद्धि करने के लिए घोषणा की थी।</p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 05 Jul 2022 18:23:43 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title> खुश हो जाओ : बढ़ गए रोजगार के अवसर</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[ रिपोर्ट के अनुसार 85.3 प्रतिशत नियमित कामगार हैं और 8.9 प्रतिशत ठेका मजदूर हैं। ]]>
                    </description>
                
                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/cheer-up--increased-employment-opportunities/article-8816"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-04/it.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। देश के विनिर्माण, निर्माण, शिक्षा जैसे चयनित नौ उद्योग क्षेत्रों में अक्टूबर- दिसंबर 2021 के दौरान 314.54 लाख कामगार रोजगाररत रहे हैं जबकि इससे पिछले तिमाही में यह आंकड़ा लगभग 300 लाख कामगार का रहा था। श्रम एवं रोजगार मंत्रालय की गुरुवार को अक्टूबर-दिसंबर, 2021 तिमाही रोजगार सर्वेक्षण रिपोर्ट जारी की। रिपोर्ट को श्रम ब्यूरो ने तैयार किया है। रिपोर्ट के अनुसार 85.3 प्रतिशत नियमित कामगार हैं और 8.9 प्रतिशत ठेका मजदूर हैं। </p>
<table style="width:602px;">
<tbody>
<tr>
<td style="text-align:center;width:600px;" colspan="2"><strong>किस क्षेत्र में कितने कामगार</strong></td>
</tr>
<tr>
<td style="width:114.3px;">विनिर्माण    </td>
<td style="width:485.7px;">124 लाख</td>
</tr>
<tr>
<td style="width:114.3px;">निर्माण   </td>
<td style="width:485.7px;">6.19 लाख</td>
</tr>
<tr>
<td style="width:114.3px;">व्यापार    </td>
<td style="width:485.7px;">16.81 लाख</td>
</tr>
<tr>
<td style="width:114.3px;">परिवहन    </td>
<td style="width:485.7px;">13.20 लाख</td>
</tr>
<tr>
<td style="width:114.3px;">शिक्षा    </td>
<td style="width:485.7px;">69.26 लाख</td>
</tr>
<tr>
<td style="width:114.3px;">स्वास्थ्य    </td>
<td style="width:485.7px;">32.86 लाख</td>
</tr>
<tr>
<td style="width:114.3px;">आईटी-बीपीओ    </td>
<td style="width:485.7px;">34.57 लाख</td>
</tr>
<tr>
<td style="width:114.3px;">वित्तीय सेवा    </td>
<td style="width:485.7px;">8.85 लाख</td>
</tr>
<tr>
<td style="width:114.3px;">आवास-रेस्त्रां    </td>
<td style="width:485.7px;">8.11 लाख</td>
</tr>
<tr>
<td style="width:114.3px;">कुल       </td>
<td style="width:485.7px;">314.54 लाख</td>
</tr>
</tbody>
</table>
<p><strong>‘विनिर्माण’ रोजगार देने वाला सबसे बड़ा क्षेत्र</strong><br />‘विनिर्माण’ रोजगार देने वाला सबसे बड़ा क्षेत्र है, जहां कुल कामगारों में से 39% कामगार काम करते हैं। इसके बाद शिक्षा क्षेत्र में 22% कामगार कार्यरत हैं। <br /><br />मुझे यह बताते हुए प्रसन्नता हो रही है कि रोजगार के अवसरों में वृद्धि हो रही है। -भू<strong>पेंद्र यादव, केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री</strong></p>]]>
                    </content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/bharat/cheer-up--increased-employment-opportunities/article-8816</link>
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                <pubDate>Fri, 29 Apr 2022 12:32:03 +0530</pubDate>
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                        <![CDATA[Jaipur]]>
                    </dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>उद्योग मंत्री शकुंतला रावत ने संभाला कार्यभार : स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर सृजित करने पर होगा फोकस</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[राज्य सरकार की योजनाओं के माध्यम से युवाओं को उद्योगों से जोड़ने के प्रयास किए जाएंगे: रावत]]>
                    </description>
                
                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E0%A4%89%E0%A4%A6%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A5%8B%E0%A4%97-%E0%A4%AE%E0%A4%82%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A5%80-%E0%A4%B6%E0%A4%95%E0%A5%81%E0%A4%82%E0%A4%A4%E0%A4%B2%E0%A4%BE-%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%B5%E0%A4%A4-%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%B8%E0%A4%82%E0%A4%AD%E0%A4%BE%E0%A4%B2%E0%A4%BE-%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A4%AD%E0%A4%BE%E0%A4%B0---%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%A5%E0%A4%BE%E0%A4%A8%E0%A5%80%E0%A4%AF-%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%A4%E0%A4%B0-%E0%A4%AA%E0%A4%B0-%E0%A4%B0%E0%A5%8B%E0%A4%9C%E0%A4%97%E0%A4%BE%E0%A4%B0-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%85%E0%A4%B5%E0%A4%B8%E0%A4%B0-%E0%A4%B8%E0%A5%83%E0%A4%9C%E0%A4%BF%E0%A4%A4-%E0%A4%95%E0%A4%B0%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%AA%E0%A4%B0-%E0%A4%B9%E0%A5%8B%E0%A4%97%E0%A4%BE-%E0%A4%AB%E0%A5%8B%E0%A4%95%E0%A4%B8/article-2704"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-11/whatsapp-image-2021-11-24-at-15.43.06.jpeg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। उद्योग मंत्री शकुंतला रावत ने बुधवार को शासन सचिवालय स्थित अपने कक्ष में उद्योग, राजकीय उपक्रम और देवस्थान विभाग की नई मंत्री के रुप में कार्यभार ग्रहण किया। इस अवसर उन्होंने कहा कि राज्य में औद्योगिक विकास की अपार संभावनाओं को देखते हुए स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित करने पर फोकस रहेगा।  साथ ही, राज्य सरकार की योजनाओं के माध्यम से युवाओं को उद्योगों से जोड़ने के प्रयास किए जाएंगे।<br /> <br />  रावत ने कहा कि राजस्थान बेहतर निवेश गंतव्य के रुप में ऊभर रहा है। हाल ही में दुबई एक्सपो के दौरान हुए 45 हजार करोड़ से अधिक के एमओयू और एलओआई राज्य सरकार की नीतियों पर निवेशकों का भरोसा दर्शाता है। उन्होंने कहा कि 24 और 25 जनवरी को होने वाले इन्वेस्ट राजस्थान के लिए देश- विदेश के निवेशकों को आंमत्रित किया जा रहा है। इससे पूर्व  रावत ने सीकर जिले में स्थित खाटू श्याम मंदिर पहुंचकर दर्शन किए और पूजा अर्चना की।</p>]]>
                    </content:encoded>
                
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