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                <title>troubled - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>असर खबर का - दैनिक नवज्योति में मुद्दा उठते ही जागा प्रशासन:  पिंक टॉयलेट निर्माण ने पकड़ी रफ्तार</title>
                                    <description><![CDATA[24 अप्रैल को हाट चौक स्थित एकमात्र पुराने शौचालय को ध्वस्त कर दिया था।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/baran/impact-of-the-report-%E2%80%93-administration-springs-into-action-after-dainik-navjyoti-highlights-the-issue--construction-of--pink-toilet--gains-momentum/article-153059"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/2.png" alt=""></a><br /><p>अटरू। अटरू कस्बे के व्यस्ततम हाट चौक में 'पिंक टॉयलेट' निर्माण में हो रही देरी और आमजन को हो रही परेशानी को लेकर दैनिक नवज्योति द्वारा 6 मई को प्रमुखता से समाचार प्रकाशित किए जाने के बाद तुरंत प्रशासन और ठेकेदार हरकत में आए। ख़बर का संज्ञान लेते हुए ठेकेदार ने बुधवार से निर्माण स्थल पर निशान रंगत करवाकर नींव की खुदाई का कार्य प्रारंभ कर दिया। 15 दिन से मलबे में तब्दील था। गौरतलब है कि महिलाओं को बेहतर सुविधा देने के उद्देश्य से प्रशासन ने 24 अप्रैल को हाट चौक स्थित एकमात्र पुराने शौचालय को ध्वस्त कर दिया था। वादा था कि यहां जल्द आधुनिक पिंक टॉयलेट बनेगा, लेकिन 15 दिन बीत जाने के बाद भी काम शुरू नहीं हुआ। बिना वैकल्पिक व्यवस्था के पुराने ढांचे को गिराने से भीषण गर्मी के बीच व्यापारियों, राहगीरों और विशेषकर ग्रामीण महिलाओं को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही थी।</p>
<p><strong>पिंक टॉयलेट निर्माण के बीच अस्थायी शौचालय की मांग तेज</strong><br />हालांकि निर्माण शुरू हो गया है, लेकिन नागरिकों का कहना है कि जब तक पिंक टॉयलेट तैयार नहीं होता, तब तक हाट चौक के पास मोबाइल टॉयलेट या अस्थाई शौचालय की व्यवस्था की जाए। प्रशासन द्वारा बताए गए महिला पार्क स्थित सुलभ शौचालय की दूरी अधिक होने के कारण बुजुर्गों और महिलाओं को वहां जाने में असमर्थता हो रही है।</p>
<p><strong>साप्ताहिक बाजार में ग्रामीण क्षेत्र से खरीदारी करने आती है महिलाएं</strong><br />हाटचौक कस्बे का मुख्य व्यावसायिक केंद्र है, जहां साप्ताहिक बाजार के दौरान अटरू सहित दर्जनों गांवों से ग्रामीण महिलाएं खरीदारी के लिए आती हैं। शौचालय की अनुपलब्धता के कारण उन्हें भारी शर्मिंदगी का सामना करना पड़ रहा था। स्थानीय दुकानदारों ने भी रोष जताते हुए कहा था कि प्रशासन ने ढांचा तोड़ने में जितनी फुर्ती दिखाई, निर्माण में उतनी ही सुस्ती बरती।</p>
<p><strong>खबर प्रकाशित होने के बाद मामले ने पकड़ा तूल</strong><br />नवज्योति में खबर प्रकाशित हीने के बाद मामले ने तूल पकड़ा। जिसके बाद ज़िम्मेदार अधिकारियों ने सक्रियता दिखाई। ठेकेदार मनोज कुमार सिंह ने बताया कि बुधवार से कार्य नींव की खुदाई के साथ ही निर्माण धरातल पर शुरू कर दिया गया है। नींव की खुदाई के साथ ही निर्माण में तेजी लाई जाएगी।</p>
<p><strong>समस्या का त्वरित समाधान होने पर नवज्योति का जताया आभार</strong><br />समस्या का त्वरित समाधान होने पर क्षेत्रवासियों ने 'दैनिक नवज्योति' का आभार जताया। लोगों का कहना है कि नवज्योति ने उनकी आवाज को प्रमुखता से उठाया, जिससे प्रशासन हरकत में आया।लंबे समय से चली आ रही परेशानी का समाधान शुरू होना आमजन के लिए राहत भरा है। स्थानीय नागरिकों ने उम्मीद जताई कि आगे भी जनहित के मुद्दों को इसी तरह उठाया जाता रहेगा।</p>
<p>एक-दो दिन के भीतर निर्माण कार्य पूर्ण रूप से सुचारू करवा दिया जाएगा ताकि जनता को राहत मिले।<br /><strong>- योगेन्द्र प्रसाद त्रिवेदी, ईओ, नगरपालिका अटरू </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बारां</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 07 May 2026 17:51:45 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>पत्नी और ससुराल वालों की प्रताड़ना से त्रस्त इंजीनियर ने दी जान, वीडियो में कहा- आरोपी बरी हो जाएं तो गटर में वहा देना मेरी अस्थियां</title>
                                    <description><![CDATA[उत्तर प्रदेश के निवासी के व्यक्ति ने बेंगलुरु ने आत्महत्या कर ली है]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/troubled-by-the-torture-of-his-wife-and-in-laws-the/article-97344"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-12/257rtrer-(10)2.png" alt=""></a><br /><p>बेंगलुरु। उत्तर प्रदेश निवासी एक व्यक्ति ने बेंगलुरु में आत्महत्या कर ली। आत्महत्या करने वाले व्यक्ति ने 24 पेज का लम्बा-चौड़ा सुसाइड नोट लिखा है। साथ ही व्यक्ति ने एक वीडियो भी बनाया, जो कि 90 मिनट का है। वीडियो में व्यक्ति ने अपनी पत्नी और पत्नी के मायके वालों पर प्रताड़ित करने और झूठें मुकदमें दर्ज कराने का आरोप लगाया है। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। बताया जा रहा है कि मृतक की पत्नी ने उससे 3 करोड़ रूपए मांगे थे।</p>
<p>मृतक 34 वर्षीय इंजिनियर अतुल सुभाष ने सुसाइड़ नोट में लिखा कि मैं अपनी पत्नी को 3 करोड़ रूपए देने से इनकार करता हूं। इसलिए मैं आत्महत्या कर रहा हूं । मैं नही चाहता कि वे लोग मेरे दिये हुए पैसों का इस्तेमाल मुझे और मेरे परिवार को प्रताड़ित करने के लिए करें। अतुल ने लिखा कि अगर मुझे प्रताड़ित करने वाले छूट जाएं, तो मेरी अस्थियां अदालत के बाहर ही गटर में बहा दी जाए।</p>
<p> </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 11 Dec 2024 16:11:32 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
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                <title>इंद्रगढ़ की सुंदरता पर दाग कचरा डंपिंग यार्ड</title>
                                    <description><![CDATA[प्रकृति को लग रहा ग्रहण।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bundi/garbage-dumping-yard-stains-the-beauty-of-indragarh/article-82913"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-06/16.png" alt=""></a><br /><p>इन्द्रगढ़। इन्द्रगढ़ शहर का प्राकृतिक सौंदर्य यहां स्थित चारों और पहाड़ियां है। जिन पर हरियाली की चादर सभी को अपनी ओर आकर्षित करती है। पर अब शहर की इसी सुंदरता को कचरे का ग्रहण लगा हुआ है। नगर पालिका द्वारा शहर का कचरा डालने के लिए कोटा-दौसा मेगा हाई वे पर स्थित चमक डूंगरी पर कचरा प्वाईंट बनाया गया है। दरअसल इस पहाड़ पर पूर्व में खनन कार्य किया गया था। जिस कारण चट्टानों के कट जाने से एक बडा गढ्ढा बना हुआ है जिसे नगर पालिका इन्द्रगढ़ द्वारा वर्तमान में कचरा डालने के काम में लिया जा रहा है। उक्त पहाड़ी वर्तमान में नगर पालिका के अधीन है। अब सम्पूर्ण शहर का कचरा रोजाना गाड़ियों में भर भर कर यहीं पर डाला जा रहा है। कचरे के इकट्ठा होने से प्रकृति की सुंदरता पर ग्रहण लगना शुरू हो गया है। पहाड़ पर बने गड्ढे में डाले गए कचरे का किसी प्रकार से कोई निस्तारण नही होने से कचरा वहीं पड़ा पड़ा सड रहा है। आंधी तूफान आने के साथ ये कचरा उड़ उड़ कर हाई वे पर फैलता है व राहगीरों की परेशानी का कारण बना हुआ है। यह कचरा प्वाईंट पर किसी प्रकार की कोई सुरक्षा दीवार या ऐसा कोई दरवाजा नही बना हुआ है जिससे कचरा बाहर ना फैले। पालिका कर्मचारियों के द्वारा कचरे की गाड़ियां पहाड पर स्थित कचरा प्वाईंट पर न ले जाकर बीच में ही खाली कर दी जाती है जिससे कचरा वापस फैल जाता है। पहाड़ी के पास ही मोड के बालाजी का मंदिर है। आंधी आने के दौरान कचरा व प्लास्टिक की थैलिया उड़कर मंदिर परिसर में आती है जिससे आने वाले श्रृद्धालुओं को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। पहाड़ के पास कचरा डालने से प्रकृति को भी नुकसान हो रहा है। </p>
<p><strong>ग्रामवासी हो रहे परेशान  </strong><br />पहाड़ के पास ही इन्द्रगढ़ नगर पालिका का वार्ड नं0 04 कालामाल बस्ती आती है। लगभग 50 घरों की इस बस्ती के लोगों का कहना है कि इस कचरे की वजह से हमारा जीना दूभर हो गया है। हवा के साथ साथ ही कचरा व पॉलिथिन हमारे घरों व खेतों में आ रही है। पहले मोहल्ले व खेत में पॉलिथीन न के बराबर दिखाई देती थी परंतु अब कचरा प्वाईट यहां होने से चारों और थैलिया ही थैलियां नजर आती है। खेतों में भी थैलियों के पहुंच जाने से जमीन की उर्वरक क्षमता पर भी असर पड रहा है। साथ ही उक्त पॉलिथीन को अब मवेशी भी खाने लगे है जिससे उनकी भी अकाल मौत हो रही है। पूरी कालामाल बस्ती इस प्रकरण को लेकर कई बार पालिका प्रशासन को अवगत करवा चुकी है परंतु इस समस्या का कोई स्थाई समाधान अब तक नही किया गया है।  </p>
<p><strong>कचरे व मृत मवेशियों से अटा पड़ा है पहाड़ </strong><br /> उक्त पहाड़ इन्द्रगढ़ के सौन्दर्य में चार चांद लगाता था परंतु इस पहाड़ पर कचरा डालने से सारा सौन्दर्य नष्ट हो चुका है। सारा पहाड़ कचरे से अटा पड़ा है। पहाड़ पर लगी बेर की झाडियों में थैलियां ही थैलिया फंसी हुई है और उस क्षैत्र से निकलने वाले राहगीरों को भी भयंकर दुर्गंध का सामना करना पड़ता है। शहर में मरे हुए मवेशियों को भी कई बार यही लाकर फेंक दिया जाता है जिससे आसपास के क्षेत्र में भयंकर दुर्गंध फैली रहती है।</p>
<p><strong>पशुओं के लिए बन रहा कब्रगाह </strong><br />पहाड़ी पर बना कचरा प्वाईंट आवारा मवेशियों के लिए कब्रगाह बना हुआ है। कचरा खाली होने के कारण रोजाना सैंकड़ों की संख्या में गाय व अन्य मवेशी वहां कचरे में मुंह मारते देखे जा सकते है। पशुओं के द्वारा उक्त कचरे से प्लास्टिक की थैलियां खाने से मवेशी अकाल मृत्यु का शिकार हो रहे है। साथ ही उक्त पॉलिथीन अन्य वन्य जीवों के लिए भी बहुत घातक साबित हो रही है।</p>
<p><strong>कचरा खाली करने वाले कर्मचारी करते है मनमानी </strong><br />इन्द्रगढ़ पालिका के कचरा गाड़ी पर चलने वाले सफाई कर्मचारी कचरे की गाड़ियां खाली करने में मनमानी करते है व जहां मर्जी होती है वही पर गाड़ी खाली कर देते है। जिससे शहरवासियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। पूर्व में भी कर्मचारियों द्वारा कोटा दौसा हाईवे के निकट इन्द्राणी नदी के किनारे पर कचरे की गाडियां खाली की जाती थी जिससे भी नदी का सारा किनारा कचरे से अट गया था। शहरवासियों के विरोध के बाद कचरा प्वार्इंट पर कचरा डालना प्रारंभ किया। अब वहां भी ये कर्मचारी कचरे की गाड़ी को प्वाईंट पर अंदर खाली नही करके बीच रास्ते में ही खाली कर देते है।</p>
<p><strong>क्षेत्रवासियों का क्या है कहना</strong><br />कालामाल बस्ती के समीप ही पहाड़ी पर कचरा डालने से सारा कचरा हवा के साथ ही बस्ती में फैल जाता है। जिससे सारी बस्ती व खेतों में पॉलिथीन ही पॉलिथीन हो रही है।    <br /><strong>- महेन्द्र सैनी निवासी कालामाल इन्द्रगढ़।</strong></p>
<p>कचरे में प्लास्टिक थैलियां अधिक होने से बस्ती की गाय आदि मवेशी थैलियां खा रहे है जिससे उनकी अकाल मृत्यु हो रही है। कर्मचारियों से बार बार कहने पर भी कचरे की गाड़ी को रास्ते में ही खाली कर देते है।   <br /><strong>- हनुमान सैनी निवासी कालामाल इन्द्रगढ़।</strong></p>
<p>पहाडी के पास ही बालाजी का मंदिर होने के बावजूद भी पालिका कर्मचारियों द्वारा कचरा बाहर ही डाल दिया जाता है। जिससे मंदिर परिसर व बस्ती में कचरा ही कचरा हो जाता है। समस्या का जल्द समाधान होना आवश्यक है।  <br /><strong>- दीपक सैनी निवासी कालामाल इन्द्रगढ़।</strong></p>
<p><strong>इनका कहना है </strong><br />पहाड़ी पर बने कचरा प्वाईंट के बाहर कचरा डालने की जानकारी प्राप्त हुई है। कर्मचारियों को कचरा प्वाईंट में ही कचरा डालने के लिए पाबंद किया जाएगा।    <br /><strong>- मनोज मालव, अधिशाषी अधिकारी नगर पालिका इन्द्रगढ़।</strong></p>
<p>कुछ दिनों पूर्व नगर पालिका की कचरा गाडीयां खराब होने के कारण पहाड़ी पर नही चढ़ पा रही थी तो उस समय कचरा नीचे ही डाल दिया गया था। अब गाडियां ऊपर जा रही है। जल्दी ही जेसीबी मशीन से कचरे को अन्दर करवाकर रास्ते की सफाई करवा दी जाएगी। <br /><strong>- बाबू लाल बैरवा, अध्यक्ष नगर पालिका इन्द्रगढ़।</strong></p>
<p>इन्द्रगढ में पहाड़ी पर बने कचरे प्वाईंट की जानकारी नही है। विभाग के कर्मचारियों को भिजवाकर जानकारी ली जाएगी। अगर वन विभाग की सीमा के अन्तर्गत कचरा फैला हुआ है तो आवश्यक कार्यवाही की जाएगी।  <br /><strong>- देवेश कहार, रेन्जर वन विभाग इन्द्रगढ़।</strong></p>
<p>कचरे के कारण बस्ती के लोगों का सामान्य जीवन प्रभावित होता है। कचरे के बेहतर प्रबंधन के लिए कचरा प्वाइंट पर चारदीवारी बनवाकर दरवाजा लगवाया जाना चाहिए।<br /><strong>- पुरुषोत्तम बैरवा वार्ड पार्षद कालामाल वार्ड नंबर 04 इंद्रगढ़</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बूंदी</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 27 Jun 2024 16:06:16 +0530</pubDate>
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                <title>डॉक्टर साब कस्यां होवेगो उपचार! अस्पताल खुद बीमार...  </title>
                                    <description><![CDATA[ाूरे अस्पताल में दुर्गंध से मरीज को गंदगी की दुर्गंध का सामना करना पड़ रहा है, इससे स्थिति और बिगड़ती जा रही है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jhalawar/doctor-saab-kasyan-hovego-treatment--the-hospital-itself-is-sick/article-59523"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-10/kopjfgvjlgikhn.png" alt=""></a><br /><p>खानपुर। वैसे से अस्पतालों में लोग अपनी बीमारी को ठीक करवाने आते है । चिकित्सक मरीजों की जान को बचाते है लेकिन खानपुर उपखंड में सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में तो आने वाले मरीजों का उपचार होना तो दूर, यहां अस्पताल में अव्यवस्थाओं के  चलते मरीजों की जान पर बन आई है।  इन दिनों कुछ समय से खानपुर में स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में इन दिनों गंदगी अपना पैर पसारे हुए हैं, यहां फैली गंदगी रोगियों व उनके परिजनों के लिए भारी परेशानी का सबब बनी हुई है। अस्पताल परिसर में स्थित आॅक्सीजन प्लांट के समीप भारी गंदगी फैली हुई है, पूरे अस्पताल में दुर्गंध से मरीज को गंदगी की दुर्गंध का सामना करना पड़ रहा है, इससे स्थिति और बिगड़ती जा रही है। रोगियों और उनके परिजनों ने बताया कि अस्पताल के जनरल वार्ड में स्थित सुविधाघर में ताला लगा होने से मजबूरी में मरीज को शौच बाहर करना पड़ता है। अस्पताल से निकलने वाले मेडीकल वेस्ट को आॅक्सीजन प्लांट और स्टोर रूम से सटे पिट में डाला जाता है। कचरे का निस्तारण नहीं हो रहा है। मवेशी फैली गंदगी में अपना मुंह मार रहे हैं ऐसे में कचरा जोकि प्लास्टिक से परिपूर्ण है जानवरों के लिए घातक सिद्ध हो सकता है। ऐसे में अस्पताल में आने वाले रोगियों, परिजनों ओर अस्पताल स्टाफ को संक्रामक बीमारियां होने का भय बना रहता है। जानकारी अनुसार अस्पताल में खानपुर ब्लॉक सहित आसपास से जुड़े हुए छोटे गांव के रोगी प्रतिदिन उपचार के लिए अस्पताल पहुंचते हैं। अस्पताल से निकलने वाले बायो मेडीकल वेस्ट के निस्तारण के लिए गाड़ी आती है। शेष गंदगी को परिसर में स्थित पिट में डाला जा रहा है, इस कचरे के साथ-साथ ऐसा देखा गया है कि परिसर में जो कचरापात्र रखा हुआ है, वह भी पूरा गंदगी से भरपूर हो चुका है लेकिन किसी का ध्यान नहीं जा रहा है। अस्पतालों में तंबाकू व गुटखा वर्जित है, लेकिन यहां पर इतना अधिक तंबाकू व गुटखा खाकर दीवारे गंदी हो रही है। दिनों दिन मौसमी बीमारियों के चलते वायरल बुखार, डेंगू, मलेरिया से अस्पताल में रोगियों की संख्या बढ़ने से सारे बेड फुल हैं और लगभग करीब 5 वर्ष से यहां पर दंत चिकित्सक नहीं होने के कारण दांतों के मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सारे उपकरण होते हुए भी दांतों का डॉक्टर नहीं है, जिससे मरीजों को उपचार के लिए बाहर जाना पड़ता है। खानपुर उपखंड में यह बहुत बड़ा चिकित्सा स्वास्थ्य केंद्र है जहां पर दूर-दूर से मरीज आते हैं अत: यहां पर सभी सुविधाएं होना चाहिए ताकि मरीजों को परेशानियों का सामना नहीं करना पड़े। </p>
<p>अभी बीमारियों का सीजन चल रहा है, सर्दी जुकाम व खांसी के मरीज लगातार आ रहे हैं, लेकिन खानपुर चिकित्सालय परिसर में गंदगी का अंबार लग रहा है, जिससे गंभीर बीमारियों का खतरा मंडरा रहा है। <br /><strong>- परमेश गौत्तम, ग्रामीण  </strong></p>
<p>खानपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में इतनी गंदगी फैली हुई है कि मरीज ठीक होने के स्थान पर उसकी दुर्गंध से ही बीमार हो जाए, जल्द से जल्द गंदगी को हटाया जाए। <br /><strong>- गोलू सुमन, छात्र  </strong></p>
<p>खानपुर का अस्पताल एक बहुत बड़ा अस्पताल है जहां पर अधिक डॉक्टर होने के स्थान पर डॉक्टर कम मरीज अधिक है, जिसकी वजह से मरीज परेशान रहते हैं और यहां से झालावाड़ जाना पड़ता है। <br /><strong>- केशव लक्ष्कार, ग्रामीण  </strong></p>
<p>खानपुर में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर कई वर्षों से दांतों के चिकित्सक का पद रिक्त है, जिसके कारण दांतों के मरीजों को खानपुर से बाहर जाना पड़ता है और प्राइवेट अस्पतालों में इलाज करना पड़ता है। <br /><strong>- विशाल गोस्वामी, ग्रामीण </strong> </p>
<p>लगभग दो-चार दिन में सोनोग्राफी मशीन आ जाएगी और यहां पर दंत चिकित्सक की कमी है। जल्द से जल्द समस्या का समाधान करवाने का प्रयास करेंगे।  <br /><strong>- डॉ. धीरेंद्रगोपाल मिश्रा, चिकित्सा प्रभारी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र खानपुर ।</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>झालावाड़</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 14 Oct 2023 18:41:19 +0530</pubDate>
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                <title>ठेका कर्मी हड़ताल पर, मरीज परेशान, हर जगह कतारें</title>
                                    <description><![CDATA[अस्पताल में आए दिन की हड़ताल से मरीजों को भारी परेशानी होती है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/contract-workers-on-strike--patients-upset--queues-everywhere/article-58420"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-09/kota-theka.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। कोटा मेडिकल कॉलेज से संबद्ध सभी सरकारी अस्पताल में पिछले 20 दिन से ठेका कर्मी हड़ताल पर चल रहे हैं। व्यवस्थाएं बेपटरी हो रही है। मरीज परेशान हो रहे हैं। लेकिन अस्पताल प्रशासन की ओर से स्थिति नियंत्रण में वैकल्पिक व्यवस्थाएं बेहतर बताई जा रही है। जबकि जमीनी हकीकत ये है कि पर्ची काउंटर से लेकर लैब तक व्यवस्थाएं बिगड़ी हैं। दूसरी तरफ प्रिंसिपल मेडिकल कॉलेज  डा.ॅ संगीता सक्सेना का कहना है कि मेरा काम अधीक्षकों की मॉनिटरिंग करना है। अधीक्षक ही अस्पतालों की व्यवस्था को देखें। सभी पांचो अस्पताल में अधीक्षक को व्यवस्थाएं के लिए लगा रखा है। वो ही अस्पताल में सफाई से लेकर अन्य व्यवस्थाओं के बारे में बता सकते है। इधर मरीजों की जांच रिपोर्ट समय पर नहीं मिल रही। सैंपल देने के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। मेडिकल नर्सिंग स्टूडेंट के भरोसे अस्पताल चल रहा है। लोगों का कहना है कि जनता का पैसा और जनता ही परेशान हो रही है। </p>
<p><strong>हर दो घंटे में होने वाली सफाई सुबह शाम तक सिमटी</strong><br />मेडिकल कॉलेज से जुड़े पांचों अस्पताल के ठेका कर्मी हड़ताल पर चल रहे है। लेकिन मेडिकल कॉलेज प्रशासन की ओर से दावा किया जा रहा है। सभी अस्पतालों में मजदूरों से नियमित सफाई कराई जा रही है। एमबीएस में ही सुबह शाम सफाई हो रही बाकी अस्पतालों में सभी जगह सफाई नियमित  हो रही है। जबकि हकीकत ये है कि अस्पताल में इमरजेंसी, ओपीडी, आॅपरेशन थिएटर, वार्ड और मुख्य शौचालयों की ही सफाई हो पा रही है। सेन्टल लैब में जांचों के लिए मरीजों व तीमारदारों की लंबी कतारें लगी हुई है। लोग घंटों कतार में खड़े होकर जांचों के लिए इंतजार करते दिखे। वैकल्पिक तौर नर्सिंग स्टूडेंट लगा रखे है, लेकिन उनसे व्यवस्था संभल नहीं रही है। इन दिनों मौसमी बीमारियों का प्रकोप बना हुआ है।</p>
<p><strong>हड़ताल करने पर अस्पताल प्रशासन कार्रवाई क्यों नहीं करता</strong><br />एमबीएस में इलाज कराने आए बलोप निवासी रामराज मीणा ने बताया कि अस्पताल में आए दिन की हड़ताल से मरीजों को भारी परेशानी होती है। अस्पताल प्रशासन प्लेसमेंट ऐंजेसी पर कार्रवाई क्यों नहीं करती है। इनके इकरार नामे में हड़ताल करने पर हटाने के नियम क्यो नहीं जोडे जाते। कार्रवाई क्यों नहीं की जाती है। पिछले बीस दिन से मरीज परेशान हो रहे हैं। कोई सुनवाई नहीं। </p>
<p><strong>कॉलेज प्रधानाचार्य से नवज्योति की बातचीत</strong><br /><strong>- प्रश्न 1: </strong>ठेका कर्मियों की हड़ताल से मरीज परेशान हो रहे है। अस्पताल प्रशासन की ओर से क्या व्यवस्थाए कर रखी है। प्लेसमेंट एजेंसियों की  जवाबदेही तय क्यों नहीं है।<br /><strong>उत्तर: </strong>मेडिकल कॉलेज के सभी पांचों अस्पतालों में वैकल्पिक व्यवस्था के तहत नियमित सफाई कराई जा रही है। रामपुरा, जेकेलोन, न्यू मेडिकल अस्पताल सुपर स्पेशलिटी में नियमित सफाई हो रही है। एमबीएस अस्पताल में ही कुछ परेशानी है वहां का अधीक्षक दिन व रात तक लगकर सुबह शाम सभी वार्डो की सफाई करवा रहे हैं। सभी अस्पतालों में प्लेसमेंट एजेंसी के अलग अलग नियम शर्तो के हिसाब से टेंडर निकले हुए है। अधीक्षक ही बेहतर बता सकते है कि प्लेसमेंट ऐजेंसी क्या नियम व शर्ते है। <br /><strong>- प्रश्न:</strong> अस्पताल में सफाई व्यवस्था बिगड़ रही है इसकी जवाबदेही किसकी <br /><strong>उत्तर :</strong> मेडिकल कॉलेज से जुडे सभी सरकारी अस्पताल में अधीक्षक को अस्पताल की व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी दे रखी है। मरीजों की परेशानियों से लेकर सफाई और अन्य कार्य कराने का कार्य उन्हीं का है। मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य का कार्य उनके द्वारा किए कार्यो की मॉनिटरिंग का है। <br /><strong>- प्रश्न 3:</strong> एमआरआई जांच के लिए मरीजों को एमबीएस से मेडिकल आना पड़ता है। <br /><strong>उत्तर: </strong>एमबीएस में एमआरआई मशीन लगाने के लिए लेकर 2 मार्च 2023 को कलक्टर की अध्यक्षता  बैठक हुई थी। जिसमें तत्कालीन प्रधानाचार्य सहित एचओडी भी शामिल थे। उस समय 15 करोड़ बजट स्वीकृत हुआ लेकिन वर्तमान में मशीन 22 करोड़ की आ रही है। इसके लिए तीन चार बैंक से लोन की प्रपोजल भी तैयार किए। लेकिन अभी तक बात नहीं बनी है। इसके लिए प्रयास जारी है।<br /><strong>- प्रश्न : </strong>आपके मेडिकल कार्य काल में अस्पताल में व्यवस्थाओं से लेकर विकास को लेकर क्या क्या कार्य हुए। <br /><strong>उत्तर: </strong>अस्पताल में व्यवस्थाओं में कई सुधार किए है। इसके अलावा कई नये नवाचार किए है। इसकी लिस्ट लंबी इस पर विस्तार कभी ओर बात करेंगे। अभी मिटिंग चल रही है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 30 Sep 2023 15:14:35 +0530</pubDate>
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                <title>अस्पतालों की अव्यवस्था से प्रिंसिपल ने पल्ला झाड़ा, सफाई व्यवस्था चरमराई, खाली होने लगे बेड</title>
                                    <description><![CDATA[अस्पताल प्रशासन द्वारा किए गए वैकल्पिक उपाय बोने साबित हो रहे हैं। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/the-principal-shied-away-from-the-disorganization-of-hospitals--the-cleanliness-system-broke-down--beds-started-becoming-vacant/article-58352"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-09/kota-hospital.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। पिछले 20 दिनों से ठेका कर्मियों के चल रहे कार्य बहिष्कार से अस्पताल की व्यवस्थाएं वेंटीलेटर पर पहुंच गई हैं। मेडिकल कॉलेज से जुड़े तीनों अस्पताल में हालात खराब हैं। एमबीएस अस्पताल के अस्थि रोग वार्ड से मरीजों को छुट्टी दी जा रही है। अस्पताल में जानवर तक घूम रहे है। दूसरी तरफ मेडिकल कॉलेज की प्राचार्य ने इस पूरी समस्या से हाथ झाड़ लिए हैं। प्राचार्य क ेअधीन पांचों अस्पताल आते हैं। लेकिन उनकी तरफ से इस मामले में कोई वक्तव्य तक नहीं दिया जा रहा। गुरुवार को भी जब मरीजों की समस्या तथा आपरेशन स्थगित होने संबधी जानकारी मांगी गई तो उन्होंने अ्धीक्षकों से बात करने का कहकर अपना पल्ला झाड़ लिया। दूसरी तरफ अस्पताल के वार्डों  में लोग बेरोक टोक घूम रहे हैं। सफाई व्यवस्था मजदूरों को बुलाकर कराई जा रही है। वो भी पूरी नहीं हो रही है। जहां आवश्यक है उन्हीं स्थानों की सफाई हो रही है। चहुंओर फैली गंदगी से मरीज परेशान हो रहे हैं। अस्पताल प्रशासन द्वारा किए गए वैकल्पिक उपाय बोने साबित हो रहे हैं। </p>
<p><strong>खामियाजा मरीज भुगत रहे</strong><br />एमबीएस व जेकेलोन अस्पताल में ठेका कर्मियों के कार्य बहिष्कार का सबसे बड़ा खामियाजा मरीजों और उनके साथ आए परिजनों को भुगतना पड़ रहा है। गंदे टायलेट बीमारियों को न्यौता दे रहे है। वहीं वार्ड में डस्टबीन खाली नहीं हो रहे है। अस्पताल में पहले हर दो घंटे में सफाई होती थी वो अब सुबह शाम हो रही वो भी ओटी, इंमरजेंसी और ओपीडी और वार्डो की की जा रही है। पूरे अस्पताल में यहां लोगों की ज्यादा आवाजाही उन्हीं स्थानों पर सफाई हो रही है। पूरा परिसर गंदगी से अटा पड़ा है। दूसरी ओर दिहाडी मजदूरों को भी ठेका कर्मी सफाई करने नहीं दे रहे है। ऐसे में अस्पताल प्रशासन को रोज नए लोग लाकर सफाई करानी पड़ रही है। </p>
<p><strong>अस्थि रोग वार्ड से मरीजों को दे रहे छुट्टी </strong><br />अस्थि रोग वार्ड में भर्ती रामस्वरूप ने बताया कि ठेका कर्मियों की हड़ताल के बाद से मरीजों को छुट्टी दी जा रही है। मुझे भी कहा तुम्हारा अभी पैर का आॅपरेशन नहीं हो सकता बाद में करेंगे अभी छुट्टी ले लो।वार्ड में सफाई नहीं हो रही चद्दरें गंदी है। कई बेड खाली करा दिए है। </p>
<p>सभी अस्पतालों के अधीक्षक अपने अपने स्तर पर सफाई व्यवस्थाएं करा रहे है। एमबीएस जेकेलोन अस्पताल में अलग अलग समय पर मजदूरों को  बुलाकर सफाई कराई जा रही है। रामपुरा में सफाई नियमित हो रही वहां कोई परेशानी नहीं है। <br /><strong>- डॉ. संगीता सक्सेना, प्राचार्य मेडिकल कॉलेज कोटा </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 29 Sep 2023 15:03:46 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>कोटा दक्षिण वार्ड 32 : बदहाल सड़क, पानी की समस्या, सूअरों का आंतक</title>
                                    <description><![CDATA[ बोम्बे योजना में जगह-जगह सड़कें खुर्द-बुर्द व जर्जर पड़ी  हैं। वहीं रोङ लाइटें  दिन में भी जल रही है,पर रात को गुल हो जाती हैं।  जिससे बस्ती में घोर अन्धेरा कायम हो  जाता हैं।  ऐसा भी नहीं कि हमेशा ही नहीं जलती हों जलती हैं तो लगातार रोशनी बनी रहती हैं व जाती है तो हफ्तों बस्ती में अन्धेरा कायम हो जाता है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/kota-south-ward-32--bad-road--water-problem--terror-of-pigs/article-32134"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-12/ward-32,-badhaal-sadak,-pani-ki-samasya,-pigs-ka-aatank..kota-news-12.12.2022.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। विनोबा भावे नगर, अजय आहूजा नगर, बोम्बे योजना सहित समस्त क्षेत्र के बाशिंदे बदहाल सड़क,पानी की समस्या व  आवारा सुअरों के विचरण को लेकर परेशानीं के शिकार हैं। वार्डवासियों ने बताया कि अजय आहुजा नगर में बस्ती वालों के लिए पार्क तो जरूर बना है,पर इसमें चारों ओर पौधे सूख रहे हैं।  पार्क में बस्ती के बच्चों सहित अन्य के मनोरंजन के लिए  झूले, फिसल पट्टी सहित अन्य सामान टूटे पड़े हैं। दूसरा मोहल्लें में आवारा सुअरों के विचरण से भी आमजन परेशान हैं। इसको लेकर कई बार मोहल्लें के लोगों ने सम्बन्धित को शिकायत भी की पर अभी तक इसका कोई समाधान नहीं हो पा रहा है। जलदाय कर्मियों से परेशानी है। मात्र एक घंटा जलापूर्ति  की जा रही है । वो भी सवेर े5बजे । इससे कई बार सर्दी का मौसम होने से लोग पानी भरने से रह जाते हंै व पूरे  दिन पेयजल किल्लत से जुझना पड़ता है। कई बार तो पार्क में बनी टंकी से पानी लाकर पानी की पूर्ति की जाती है। बोम्बें योजना में बस्ती वाले टूटी सड़कें ,सुअरो के विचरण,श्वानों के विचरण व रोड़ लाइटों को लेकर परेशान हैं। मोहल्ले के लोगों ने बताया कि पुरी बोम्बे योजना में जगह-जगह सड़कें खुर्द-बुर्द व जर्जर पड़ी  हैं। वहीं रोङ लाइटें  दिन में भी जल रही है,पर रात को गुल हो जाती हैं।  जिससे बस्ती में घोर अन्धेरा कायम हो  जाता हैं।  ऐसा भी नहीं कि हमेशा ही नहीं जलती हों जलती हैं तो लगातार रोशनी बनी रहती हैं व जाती है तो हफ्तों बस्ती में अन्धेरा कायम हो जाता है।</p>
<p>उङिया बस्ती के लोगों ने कहा कि हमारे मोहल्लें की सड़कें जर्जर व बदहाल हैं । लम्बे समय से इनका नवनीकरण न होने से सङकें जगह-जगह से बिखरी पङी हैं। इससे आए दिन एक ना एक दुपहिया वाहन चालक गिरकर चोटिल होना निश्चित हैं। वहीं सफाई कर्मी व कचरा गाड़ी तो नियमित आ रही है  परन्तु सीवरेज पाइप डले होने से गंदगी से चौक इन पाइपों में मलबा सड़ांध मारता है।  बस्ती में बदबू का आलम बना रहता हैं।  मच्छरों के चलते बस्ती वालों का जीना मुहाल हो रखा हैं। वहीं बारिश में तो बस्ती के हालात इतने बिगड़ जाते हंै कि जगह-जगह पानी के भराव से बस्ती तलैया सी बन जाती है। मच्छरों के लारवे पनपने से घर-घर में बस्ती वाले मलेरिया से पीड़ित हो अस्पताल जाने को मजबूर हो जाते हैं। क्योकि पेयजल निकासी के लिए बस्ती में सुनिश्चित नालीकरण है ही नहीं। वहीं बस्ती में विचरते आवारा सुअरों से परेशान बस्ती वालों ने कई बार शिकायत भी सम्बन्धित को की पर कोई निराकरण नहीं हो पा रहा है। इनके विचरण कई दफा स्कूली बच्चों सहित वाहन चालक इनकी चपेट में आकर चोटिल हो चुके हैं। विनोबा भावे नगर के वाशिंदो ने बताया कि सङको के जर्जर होने से बस्ती के हालात खराब है कई बार वाहन चालक इन जर्जर सङको के चलते दुर्घटनाकारित हो चुके हैं। </p>
<p><strong>सबसे बड़ी समस्या पेयजल की है</strong><br />अजय आहूजा नगर में सबसे बङी समस्या पेयजल को लेकर हैं। इससे सभी बस्ती वाले परेशान हैं। जलदाय कर्मी को कई दफा मोहल्ले के लोगो ने शिकायत भी की पर वो ही एक घंटा पांच से छह बजे तक ही जलापूर्ति कर रहा हैं, इसका निराकरण होना चाहिए । दूुसरा नगर का पार्क काफी पुराना हैं पर इसमें पार्क को लेकर जो सुविधाएं होनी चाहिए वो आज तक नहीं हो पाई । इसका भी सौंदर्यकरण हो जाए तो बस्ती वालों को घ्ूमने को लेकर राहत मिलेगी।<br /><strong>- द्वारिका बैरवा, वार्डवासी</strong></p>
<p><strong>सीवरेज लाइन रहती है चौक</strong><br />उङिया बस्तीं में सड़कों का कार्य व सीवरेज पाइप लाइन चौक होने से  परेशानी है।  बस्ती वाले  गंदंगी के चलते कई बीमारियों से ग्रसित हैं। इसका निराकरण हो जाए तो हमें राहत मिले। दूसरा आवारा सुअरों का विचरण भी बस्ती के लिए परेशानी का सबब बने हैं, इनसे राहत मिलना भी जरूरी हैं।<br /><strong>- भीगा राम कोली, वार्ड वासी</strong></p>
<p><strong>हफ्तों तक बंद रही है रोड लाइटें</strong><br />हमारे यहां रोड़ लाइटों को लेकर बङी समस्या बनी है। कभी जलती हैं। कभी हफ्तों अन्धेरा कायम हो जाता है। इसका निराकरकण होना जरूरी है। क्योंकि रात्रि में बङे-बुजुर्गो को अन्धेरे के चलते परेशानी होती हैं। वहीं सङकों की हालत भी खस्ता हैं ,इनका नवीनीकरण होना जरूरी है।<br /><strong>- चन्द्रशेखर आहुजा, वार्ड वासी</strong></p>
<p><strong>शिकायत पर भी नहीं उठाया मृत जानवर</strong><br />विनोबा भावे नगर के बाशिंदे सड़कों की जर्जरता को लेकर परेशान है। इनका नवीनीकरण होना जरूरी हैं। दूसरा आवारा सुअर व श्वान भी ज्यादा हैं इन्हें निगमकर्मी पकड़ें तो राहत मिले, एक नाले में पन्द्रह दिन से सुअर अन्दर नाले में मरा सड़ांध मार रहा हैं, निगम को  शिकायत के बावजूद इसे नहीं उठाया गया है।<br /><strong>- हर्षित पांचाल, वार्डवासी</strong></p>
<p>मेरे वार्ड की करीब 42 सौं के करीब आबादी है ,हम बीजेपी पार्षद होने के चलते हमारे साथ द्वैषतापूर्ण नीति अपनाई जा रही है।,अन्य पार्षदों की तुलना में हमें कोई बजट दिया ही नहीं जा रहा तो काम कैसे करवाएं। सभी बस्तियों में सङके,नालियों सहित हालात खराब हंै। अब डेढ करोड का बजट हो तो सङके सुधरे व करीब चालीस लाख रुपए हों जब जाकर उङिया बस्ती के नालीकरण का काम हो पाए।  बस्ती वालों की भी शिकायत है पर आगे हमारी कोई सुनता ही नहीं तो अब जेब से क्या -क्या काम करवाएं। कई बार अपनी जेब से पैसे खर्च जहां पानी नहीं आता तो टैंकर पहुंचाता हूं। सुअरो को पकङने को लेकर कई बार निगम को लिखित शिकायत दे दी पर वो कोई कार्यवाही अमल में लाते ही नहीं। <br /><strong>- रामदेव वर्मा, पार्षद, वार्ड नम्बर 32 कोटा दक्षिण</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 12 Dec 2022 14:57:42 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>कोटा उत्तर वार्ड 31- टूटी सड़कें और दुर्गंधयुक्त नालियां दे रही पीड़ा</title>
                                    <description><![CDATA[मोहल्ले की सीसी रोङ भी जगह-जगह से क्षतिग्रस्त हो रही है। रोड में गड्ढों व दरारों के कारण वाहन सवारों को आवाजाही में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। नालियों में गंदगी भरी हुई है। पूरे क्षेत्र में दुर्गंध फैल रही है। मच्छरों की भरमार भी हो रही है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/kota-north-ward-31--broken-roads-and-foul-smelling-drains-are-giving-pain/article-28697"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-11/cc-sadak-nirman-ke-baad-bhi-samasya-jyo-ki-tyo......faredua-upreti--news-baran...2.11.20221.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। वार्ड नम्बर 31 के दुर्गा नगर कुन्हाङी के बाशिंदे विभिन्न समस्याओं से जूझ रहे है। यहां पर सड़कें क्षतिग्रस्त हो रही है और सफाई नहीं होने से नालियों में गंदगी भरी है। इससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। दुर्गा नगर के निवासी महेन्द्र कुमार ने बताया कि मोहल्ले में बीते 8-9 माह से नालियों की सफाई नहीं हो रही है, जिससे नालियों में गंदगी भरी हुई है। इससे पूरे क्षेत्र में दुर्गंध फैल रही है। दुर्गध के कारण आमजन को आवाजाही में परेशानी होती है। वहीं गन्दगी से मच्छरों की भरमार भी हो रही है। इससे स्थानीय बाशिंदे बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। अब तक कई लोग मच्छर जनित वायरल से पीड़ित हो चुके हैं। नालियों की सफाई के लिए कई बार लिखित व मौखिक शिकायत मोहल्ले वासियों ने सम्बंधित विभाग से की, लेकिन अभी तक समस्या का समाधान नहीं पाया है।</p>
<p><strong>सड़कें भी हो रही क्षतिग्रस्त</strong><br />मोहल्ले की सीसी रोङ भी जगह-जगह से क्षतिग्रस्त हो रही है। रोड में गड्ढों व दरारों के कारण वाहन सवारों को आवाजाही में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मोहल्लें में खाली भूखण्डों में झाङ-झंखाड के चलते जहरीले जीव-जंतुओं का भय बना रहता है। मोहल्लें में सुअरों की भी समस्या बनी हुई है। कई बार दुपहिया वाहन सवार सुअरों से टकराकर चोटिल हो चुके हैं। मोहल्ले की गली नम्बर प्रथम के नुक्कङ पर आबादी क्षेत्र में लगी विद्युत डीपी भी लोगों के लिए सिरदर्द बनी हुई है। बारिश के दौरान करंट लगने का खतरा बना रहता हैं।</p>
<p> मोहल्ले में सुअरों व टूटी सङÞकों से भी परेशानी हैं। वहीं खाली भूखण्डों में झाड़-झंखाड़ उग आए हैं। इससे जहरीले जीव-जंतुओं का भय बना रहता है।<br /><strong>-राममूर्ति जांगिड़, कारपेन्टर</strong></p>
<p><strong>सड़ांध मार रहा मलबा</strong><br /> मोहल्ले में नालियों की सफाई को लेकर बङÞी परेशानी है। पिछले आठ-नौ माह से सफाई के अभाव में नालियों में अटा मलबा सडांध मार रहा हैं।<br /><strong>-कंचन देवी, जनरल स्टोर संचालक </strong></p>
<p> वार्ड में जो सड़क क्षतिग्रस्त हो रही है। उसकी शीघ्र ही मरम्मत करवा दी जाएगी। स्टाफ की कमी के चलते नालियों की सफाई नहीं हो पा रही है। जल्द ही नालियों की सफाई करवा दी जाएगी।<br /><strong>-नवलसिंह हाडा, पार्षद वार्ड 31 कोटा उतर</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 05 Nov 2022 15:48:48 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>पूरी बरसात गड्ढ़ों पर लोगों ने खाए हिचकोले </title>
                                    <description><![CDATA[जवाहर नगर डिस्ट्रिक्ट सेंटर वाली मेन रोड भी काफी समय से खराब हो रही थी।  सार्वजनिक निर्माण विभाग द्वारा जवाहर नगर में मेन रोड को सीसी बनाया जा रहा है। लेकिन उसका काम अधूरा होने से एक तरफ की ही सड़क बन सकी। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/people-are-troubled-by-potholes-on-the-roads-throughout-the-rainy-season/article-19706"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-08/poori-barsat-gaddho-par-khaye-hitchkole-kota-news-20.8.2022.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा । बरसात में एक ओर जहां शहर की अधिकतर सड़कों की हालत बदतर हो रही है। वहीं सार्वजनिक निर्माण विभाग द्वारा जवाहर नगर में मेन रोड को सीसी बनाया जा रहा है। लेकिन उसका काम अधूरा होने से एक तरफ की ही सड़क बन सकी। जबकि आधी सड़क के गड्ढ़ों पर पूरी बरसात वाहन चालकों को हिचकोले ही खाने पड़े। शहर में वैसे तो अधिकतर मेन रोड नगर विकास न्यास की है। बरसात में शहर की अधिकतर सड़के बदहाल हो चुकी हैं। जिन पर चलना ही मुश्किल हो गया है। वहीं जवाहर नगर डिस्ट्रिक्ट सेंटर वाली मेन रोड भी काफी समय से खराब हो रही थी। हर साल बरसात में यहां पानी भरने व वाहनों के दुर्घटनाग्रस्त होने की समस्या बनी रहती थी। इसे देखते हुए मुख्यमंत्री बजट घोषणा के तहत जवाहर नगर मेन रोड को सीसी बनाने का काम सार्वजनिक निर्माण विभाग को दिया गया। विभाग ने सीसी बनाने का काम तो किया। लेकिन वह देरी से शुरू किया। जिससे बरसात से पहले दोनों तरफ का रोड नहीं बन सका। ऐसे में लोगों को उस सड़क के सीसी होने का लाभ बरसात में नहीं मिल सका। हालत यह है कि तलवंडी की तरफ से जवाहर नगर पेट्रोल पम्पके पास तक एक तरफ की सीसी रोड तो बनकर तैयार हो गई है। जिससे उस सड़क पर वाहन सरपट दौड़ने भी लगे हैं। लेकिन जवाहर नगर से तलवंडी की तरफ जाने वाली मेन रोड पर इतने बड़े-बड़े गड्ढ़े हो रहे हैं कि उन पर चलना ही मुश्किल हो रहा है। बरसात में उन गड्ढ़ों में पानी भरने से वे और अधिक बड़े हो गए हैं। साथ ही सीवरेज लाइन डालने के लिए उसके चैम्पर भी बनाए गए। वे भी सड़क से ऊपर निकले हुए हैं। जिससे हादसों का खतरा बना हुआ है। लोगों ने बताया कि जिस भी विभाग द्वारा सड़क बनाई जा रही है। उसे समय से काम शुरू करना चाहिए था। जिससे दोनों तरफ की सड़क बरसात से पहले बनकर तैयार होती तो लोगों को लाभ होता। पूरी बरसात तो लोग परेशान होते रहे। इधर सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधिशाषी अभियंता का कहना हैै कि काम तो समय पर शुरू कर दिया था। लेकिन दूसरी तरफ सीवरेज का काम अधूरा होने से वहां सीसी नहीं की जा सकी। यदि सीवरेज का काम समय पर पूरा हो जाता तो दूसरी तरफ की सड़क भी बरसात से पहले पूरी कर दी जाती। सीसी में बरसात का कोई फर्क भी नहीं पड़ता है। लेकिन अब दूसरी तरफ की सड़क भी जल्दी ही पूरी कर दी जाएगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 20 Aug 2022 15:51:53 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>जर्जर पुलिया से परेशान जनता  </title>
                                    <description><![CDATA[ पावर हाउस, सरकारी विद्यालय के पास वर्षों पुरानी पुलिया बनी हुई है इसमें हो रहे  गड्ढों से परेशान जनता ने भाजपा कार्यकतार्ओं के साथ मिलकर पूर्व पार्षद के नेतृत्व में नगर निगम के खिलाफ प्रदर्शन किया ।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/public-troubled-by-dilapidated-culvert/article-16826"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-07/465465465166.jpg" alt=""></a><br /><p> कोटा । नगर निगम की नाकामी से जनता परेशान हो रही है।  पावर हाउस, सरकारी विद्यालय के पास वर्षों पुरानी पुलिया बनी हुई है इस पुलिया से इंदिरा गांधी नगर, डीसीएम, कंसुआ,गोविंद नगर, सूर्य नगर,प्रेम नगर,बॉम्बे योजना, प्रेम नगर अफोर्डेबल, श्रीराम नगर, आदि क्षेत्रों के लोगों का आना जाना रहता है। इसमें हो रहे गड्ढों से परेशान जनता ने भाजपा कार्यकतार्ओं के साथ मिलकर पूर्व पार्षद कृष्ण मुरारी सामरिया के नेतृत्व में नगर निगम के खिलाफ प्रदर्शन किया ।<br /><br /> भाजपा संपर्क प्रकोष्ठ के शहर जिला संयोजक कृष्ण मुरारी सामरिया ने प्रदर्शन के दौरान संबोधित करते हुए  कहा कि नगर निगम की लापरवाही से जनता परेशानी झेल रही है । इस पुलिया से स्कूल के बच्चे निकलते हैं जो कीचड़ से बचने के लिए पुलिया की दीवार पर चलकर जाते हैं । जिससे उन्हें हमेशा गिरने का डर बना रहता है प्राचीन शिव मंदिर कंसुआ पर महिलाएं नहाकर पूजा करने जाती है तो उन्हें इस गंदे पानी में से होकर निकलना पड़ता है ।  इस पुलिया पर बारिश के कारण हमेशा पानी भरा रहता है।  दोनों ओर दीवारें बनी होने से पानी के निकासी की कोई व्यवस्था नहीं है जिससे कि यह पुलिया कभी भी टूट कर गिर सकती है । कुछ दिनों पहले भी प्रेम नगर की पुलिया टूट चुकी है ऐसे में अब लोगों के लिए आने जाने के लिए एक मात्र यही पुलिया बची हुई है । जिसकी भी हालत यही रही तो यहां पर कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है।  सामरिया ने नगर निगम को इस ओर ध्यान देने को कहा और पुलिया पर शीघ्र निर्माण करने की मांग की । जिससे कि भविष्य में होने वाले हादसे से बचा जा सके।<br /><br /> प्रदर्शन के दौरान मुख्य रूप से भाजपा शहर जिला संयोजक संपर्क प्रकोष्ठ कृष्ण मुरारी सामरिया ,भाजपा एसटी मोर्चा प्रदेश उपाध्यक्ष अशोक मीणा, उद्योग नगर मंडल अध्यक्ष रविंद्र सिंह हाड़ा, भाजपा एससी मोर्चा जिला अध्यक्ष रामलाल टटवाडिया ,पार्षद गिरिराज महावर ,पूर्व पार्षद चंद्रदीप सिंह आमेरा ,पूर्व पार्षद रघुराज सिंह जादौन ,पूर्व पार्षद कलावती निमसे समेत कई लोग मौजूद थे</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/public-troubled-by-dilapidated-culvert/article-16826</link>
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                <pubDate>Fri, 29 Jul 2022 17:13:36 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>आंधी से टूटे बिजली के पोल अघोषित कटौती से परेशानी</title>
                                    <description><![CDATA[ शहर व आसपास के इलाकों में इन दिनों अघोषित कटौती से लोग परेशान हैं तो वहीं जगह-जगह पोल व तार टूटने से भी काफ ी परेशानी हो रही है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/sikar/troubled-by-unannounced-cut-of-electric-poles-broken-by-storm/article-13271"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/q-9.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>चिड़ावा।</strong> शहर व आसपास के इलाकों में इन दिनों अघोषित कटौती से लोग परेशान हैं तो वहीं जगह-जगह पोल व तार टूटने से भी काफी परेशानी हो रही है। अरडावतिया कॉलोनी में वार्ड 16 में एक पोल आंधी में टूट गया। करीब 18 घंटों से काफी घरों में बिजली नहीं आई। सूचना के काफी समय बाद बिजली विभाग ने नया पोल भेजा। अब उसे लगाने के बाद सप्लाई बहाल की जाएगी। इधर पिछले तीन दिन में भीषण गर्मी और उमस ने लोगों की हालत पस्त कर दी है। क्षेत्र में देर शाम तक अच्छी बारिश हुई है। इससे किसानों के मायूस चेहरे फिर खिल उठे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>सीकर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 30 Jun 2022 13:15:23 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>आप भी हैं चेहरे पर ज्यादा पसीना आने से परेशान ? तो जाने क्या करें उपाय.....</title>
                                    <description><![CDATA[गर्मियों में पसीना आने की समस्या आम है,पसीना सबको आता है ,लेकिन बहुत ज्यादा पसीना आना एक समस्या भी हो सकता है,वहीं कई लोगों के चेहरे पर बहुत ज्यादा पसीना आता है,जिसकी वजह से बहुत से लोग परेशान रहते हैं,चेहरे पर बहुत ज्यादा पसीना आने से स्किन पर बुरा असर भी पड़ता है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/are-you-also-troubled-by-excessive-sweating-on-your-face/article-10953"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/ww.jpg" alt=""></a><br /><p>गर्मियों में पसीना आने की समस्या आम है,पसीना सबको आता है ,लेकिन बहुत ज्यादा पसीना आना एक समस्या भी हो सकता है,वहीं कई लोगों के चेहरे पर बहुत ज्यादा पसीना आता है,जिसकी वजह से बहुत से लोग परेशान रहते हैं,चेहरे पर बहुत ज्यादा पसीना आने से स्किन पर बुरा असर भी पड़ता है, हालांकि पसीना आना एक तरह का नेचुरल प्रोसेस है,पसीने के जरिए शरीर में मौजूद टॉक्सिन बाहर निकलते हैं, लेकिन चेहरे पर बहुत ज्यादा पसीना आने से पिंपल्स और चेहरे पर दानें जैसी समस्या होने लगती है,ऐसे में आपको परेशान होने की जरूरत नहीं है ,आप चेहरे पर ज्यादा पसीना आने की समस्या से छुटकारा पा सकते हैं।</p>
<p><br /><span style="color:#ff0000;"><strong>पसीना क्यों आता है</strong></span><br />वैसे तो पसीना आना सामान्य बात है लेकिन चेहरे पर पसीना आना गंभीर समस्या हो सकती है,चेहरे पर बहुत ज्यादा पसीना क्रोनियोफेशियल हाइपरहाइड्रोसिस  के कारण आता है,ये समस्या कई कारणों से हो सकती है,जैसे की मौसम में बदलाव, स्ट्रेस कुछ दवाओं का अधिक सेवन करना, स्मोकिंग करना, पसीने की ग्रंथियों का ज्यादा एक्टिव होना और कुछ बीमारियों के कारण भी आपको बहुत पसीना आता है, मोटापा, इन्फेक्शन, लो बल्ड शुगर, थायरॉयड ।</p>
<p><br /><span style="color:#ff0000;"><strong>बचने के उपाय</strong></span><br />चेहरे पर बहुत ज्यादा पसीना आने पर आपको बहुत ज्यादा गर्म जगहों पर जाने से बचना चाहिए। चेहरे पर टमाटर के रस का इस्तेमाल करें,इसका इस्तेमाल करने से आपके चेहरे पर मौजूद छिद्र बंद हो जाएंगे और आपको पसीना कम आएगा।कुछ लोगों में मानसिक समस्याओं के कारण भी होती है,इससे बचने के लिए आपको रोजाना योग या मेडिटेशन जरूर करना चाहिए।<br />आपको पर्याप्त मात्रा में पानी पीना चाहिए,ऐसा करने से आपकी बॉडी में पानी की कमी नहीं होगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वास्थ्य</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 01 Jun 2022 13:39:44 +0530</pubDate>
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