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                <title>कोटा दक्षिण वार्ड 63 - पार्कों में लगे कचरे के ढेर, लाइटें खराब, श्वानों के आतंक से जूझ रहे वार्डवासी</title>
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                        <![CDATA[खाली प्लॉट में उग  रही झाड़ियों के कारण दिनभर इसमें जानवर विचरण करते हैं।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/-kota-south-ward-63---residents-struggling-with-garbage-piles-in-parks--broken-lights--and-the-menace-of-stray-dogs/article-131785"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-11/ews-(3)11.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। नगर निगम दक्षिण के वार्ड 63, शहर के बीच में स्थित होने के साथ ही पॉश इलाकों में माना जाने वाला वार्ड है, में रात को बढ़ता श्वानों का आतंक वार्डवासियों के लिए अब परेशानी का कारण बना हुआ है। वहीं वार्डवासियों ने बताया कि पार्षद द्वारा वार्ड में समय-समय पर सीसी रोड निर्माण, सीसी नालियों का निर्माण करवाना व रोड लाइटों की मरम्मत करवाना सहित अन्य कार्य करवाए गए हैं। साथ ही पार्कों में जगह-जगह गंदगी के ढेर लगे हुए हैं व पार्कों में पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था नहीं होने के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। वहीं वार्डवासियों ने बताया कि कचरा गाड़ी आती है, साथ ही साफ-सफाई व्यवस्था चकाचक है। वहीं वार्ड में स्थित सामुदायिक भवन संत रैदास भवन का अभी जीर्णोद्धार कार्य चल रहा है।</p>
<p><strong>लाइटें खराब, पार्क में घूमने वाले परेशान</strong><br />वार्ड में स्थित पार्कों में बिजली के पैनल खुले हुए हैं, वहीं बिजली के पोल पर लगी लाइटें खराब होने के कारण पर्याप्त रोशनी नहीं हो पाती, जिस कारण से घूमने वालों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। रानी लक्ष्मी पार्क में घूमने वाले सुरेशचंद, दिनेश कुमार सहित अन्य ने बताया कि रात्रि में पर्याप्त रोशनी व्यवस्था नहीं होने के कारण शाम होते ही परेशानी आती है।</p>
<p><strong>खाली प्लॉट बने मुसीबत</strong><br />वार्ड में आबादी के बीच स्थित खाली प्लॉट वार्डवासियों के लिए परेशानी का कारण बना हुआ है। वार्डवासी धर्मेंद्र कुमार व बजरंग लाल ने बताया कि खाली प्लॉट हमारे लिए परेशानी का कारण बना हुआ है। इसमें से आए दिन जलीय जानवर निकलते हैं, साथ ही इसमें झाड़ियां उगी होने के कारण दिनभर इसमें जानवर विचरण करते हैं, जिससे परेशानी का सामना करना पड़ता है।</p>
<p><strong>वार्ड का एरिया :</strong> बसंत विहार</p>
<p><strong>इनका कहना</strong><br />पार्क में घूमने आए वृद्धजन ने बताया कि पार्क में पर्याप्त लाइट व्यवस्था नहीं होने के कारण शाम होते ही पार्क में घूमने में डर लगता है।<br /><strong> - राघुराज सिंह, वार्डवासी</strong></p>
<p>वार्ड में रात्रि के समय बाइक सवारों को श्वान उनके पीछे भगाते हैं, जिससे कई बार बाइक सवार गिर जाते हैं। रात्रि के समय राहगीरों के पीछे भी श्वान दौड़ते हैं, जिससे आने-जाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।<br /><strong>-कुंज बिहारी, वार्डवासी</strong></p>
<p>सिद्धि विनायक मंदिर गली के निवासियों ने बताया कि हमारी गली में कचरा गाड़ी आती है, पर रात्रि के समय आवारा श्वानों द्वारा राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।<br /><strong>- शिवकुमार, वार्डवासी</strong></p>
<p>नगर निगम द्वारा पार्क में लगी लेबर को हटा दिया गया है। अब टेंडर यूआईटी द्वारा पार्क में लेबर को लगाया जा रहा है, जिसके चलते पार्क में सफाई व्यवस्था नहीं हो पा रही है। वहीं श्वानों की समस्या के लिए हमने उच्चाधिकारियों को अवगत करा रखा है।<br /><strong>- पी. डी. गुप्ता, वार्ड पार्षद</strong></p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 08 Nov 2025 14:09:06 +0530</pubDate>
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                <title>कोटा दक्षिण वार्ड 35 - संकरी नालियां, खाली प्लॉट, सफाई अव्यवस्था, पार्क का अभाव स्थानीय लोगों के लिए बना परेशानी</title>
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                        <![CDATA[ट्रांसफॉर्मर  के चारों ओर न दीवार न सुरक्षा व्यवस्था। ]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/kota-south-ward-35---narrow-drains--vacant-plots--poor-sanitation--and-lack-of-parks-cause-problems-for-local-residents/article-130755"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-10/y-of-news-(2)21.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। शहर के नगर निगम दक्षिण के वार्ड 35 में पार्षद द्वारा समय-समय पर विकास के कार्य करवाए गए हैं। वहीं विकास कार्य करवाने के लिए पार्षद ने अपनी आवाज बोर्ड बैठक में भी मुखर की है। वार्ड की कुछ गलियों में नालियां संकरी होने से वार्डवासियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। वार्डवासियों ने बताया कि सोमवार को हुई बारिश के कारण नालियां ओवरफ्लो हो गईं। जिससे गंदा पानी सड़क पर बहता रहता है जो कि राहगीरों व बाइक सवारों के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है। वहीं वार्ड की राजपूत कॉलोनी में स्थित ट्रांसफॉर्मर के चारों तरफ दीवार व सुरक्षा व्यवस्था नहीं होने के कारण कभी भी हादसा हो सकता है। वहीं वार्ड की गलियों में कुछ लोगों ने मनमर्जी से रोड पर स्पीड ब्रेकर बना लिए जो कि अब हादसे का कारण बने हुए हैं।</p>
<p><strong>खाली प्लॉट बने परेशानी</strong><br />वार्ड में कुछ प्लॉट आबादी के बीच खाली पड़े हुए हैं, जो अब वार्डवासियों के लिए परेशानी का कारण बने हुए हैं। कुछ लोगों ने बताया कि सोमवार को हुई बारिश से इन प्लॉटों में पानी भर जाता है, साथ ही इनमें पहले से पड़ा कचरा बारिश से गीला हो जाता है। जिससे बदबू आती है और जलीय जानवर इनमें से बाहर निकलकर घर की दहलीज तक आ जाते हैं। जिससे डर का साया बना रहता है।</p>
<p><strong>पार्क का अभाव </strong><br />वार्ड में पार्क नहीं होने के कारण वार्ड में निवास करने वाले लोगों व बच्चों को खेलने व मनोरंजन के लिए अन्य जगहों पर जाना पड़ता है। बशीर अहमद ने बताया कि मेरे पोते को खिलाने के लिए रोड पार करके अन्य जगह पर ले जाना पड़ता है, जिससे परेशानी होती है।</p>
<p><strong>नालियों की कम गहराई बनी परेशानी </strong><br />वार्ड में रहने वाले बाबू बना, असलम सहित अन्य ने बताया कि हमारी गली सहित लगभग वार्ड की हर गली में नालियों की गहराई कम होने के चलते नालियां जल्दी भर जाती हैं। आज हुई थोड़ी सी बारिश के चलते नालियां ओवरफ्लो हो गईं और गंदा पानी रोड पर बहता रहा जो कि परेशानी का सबब बना हुआ है।</p>
<p><strong>वार्ड का एरिया</strong><br /> आमीर कॉलोनी, धोसी मोहल्ला, राजपूत कॉलोनी, देव कॉलोनी, अनन्तपुरा कच्ची बस्ती इत्यादि क्षेत्र।</p>
<p><strong>इनका कहना</strong><br />वार्ड में सुबह समय से कचरा गाड़ी आती है। पार्षद द्वारा समय-समय पर वार्ड का निरीक्षण किया जाता है। <br /><strong>- असलम, वार्डवासी </strong></p>
<p>हमारी कॉलोनी में प्रतिदिन रोड की साफ-सफाई होती है। साथ ही कचरा गाड़ी भी आती है।<br /><strong>- निर्भय गुर्जर</strong></p>
<p>हमारी तरफ काफी दिनों से हैंडपंप खराब हो रहा है, जिसके चलते परेशानी का सामना करना पड़ता है। वार्ड में नालियों की गहराई कम होने के चलते गंदा पानी सड़क पर बहता है।<br /><strong>- मुकेश विश्वकर्मा</strong></p>
<p>वार्ड में जगह नहीं होने के कारण पार्क का अभाव बना हुआ है। और सरकार द्वारा विकास के लिए बजट नहीं देने के कारण समस्याएं बनी हुई हैं। <br /><strong>- जरीना, वार्ड पार्षद</strong></p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 28 Oct 2025 14:31:38 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>कोटा दक्षिण वार्ड नं. 34 - कच्ची बस्तियों में नहीं हो रही साफ-सफाई, नाले की टूटी रेलिंग बनी कचरा प्वांइट</title>
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                        <![CDATA[प्रवेश द्वार पर स्थित नाला राहगीरों और निवासियों के लिए परेशानी का कारण बन रहा है। ]]>
                    </description>
                
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/kota-south-ward-no--34---slums-are-not-being-cleaned--broken-drain-railings-have-become-garbage-dumps/article-129620"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-10/y-of-news7.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। नगर निगम दक्षिण के वार्ड 34 में पार्षद द्वारा समय-समय पर विकास कार्य जरूर करवाए गए हैं, लेकिन वार्ड के आधे हिस्से में ही सफाई हो रही है। कचरा गाड़ियां आकर कचरा उठाती हैं और सफाई करती हैं, वहीं वार्ड की अनंतपुरा कच्ची बस्तियों की हालत अब भी बदतर बनी हुई है। सुभाष विहार में रहने वाले दीपक और जितेंद्र कुमार ने बताया कि उनके क्षेत्र में प्रतिदिन सफाई होती है और कचरा गाड़ी भी आती है। लेकिन सुभाष विहार के प्रवेश द्वार पर स्थित नाला राहगीरों और निवासियों के लिए परेशानी का कारण बना हुआ है। नाले की रेलिंग एक तरफ टूटी हुई है, और लोग इसमें कचरा डालते हैं जिससे बदबू फैलती है। बारिश के समय इस नाले से जलीय जंतु भी घरों तक पहुंच जाते हैं, जिससे डर और असुरक्षा का माहौल बना रहता है। वार्ड निवासी मोईन ने कहा कि बच्चों के खेलने के लिए पार्क नहीं है। वहीं कच्ची बस्ती के श्यामलाल और दिनेश कुमार ने बताया कि उनके इलाके में न तो कचरा गाड़ी आती है और न ही कोई सफाई होती है। साथ ही पानी की लाइन नहीं होने के कारण पेयजल के लिए उन्हें दूर से पानी लाना पड़ता है।</p>
<p><strong>सुभाष विहार में नालियों की गहराई कम</strong><br />सुभाष विहार में रहने वाली रजिया, सुल्ताना और अशोक कुमार ने बताया कि हमारी तरफ कचरा गाड़ी आती है और सफाई भी होती है, पर नालियों की कम गहराई होने व कुछ क्षेत्र में आधी-अधूरी नालियां बनी हुई हैं। जिससे नालियों का पानी मकानों के आसपास ही जमा रहता है, जो निवासियों के लिए परेशानी का कारण बना हुआ है।</p>
<p><strong>पानी के लिए भटकना  पड़ रहा</strong><br />वार्ड की अनंतपुरा कच्ची बस्ती दुर्दशा का शिकार है। बस्ती में रहने वाले राजेंद्र कुमार व सीता बाई सहित अन्य ने बताया कि हमारी तरफ न तो कचरा गाड़ी आती है, न ही साफ-सफाई होती है। साथ ही पानी के लिए इधर-उधर भटकना पड़ता है, क्योंकि यहां पानी की लाइन नहीं होने के कारण निजी ट्यूबवेल वालों के यहां से पानी लाना पड़ता है। वहीं कच्ची बस्ती में लोगों द्वारा प्लॉट की नींव भरने के बाद उन्हें खाली छोड़ दिया गया है, जो आसपास रहने वालों के लिए परेशानी का कारण बने हुए हैं।</p>
<p><strong>वार्ड का एरिया</strong><br />संपूर्ण तालाब गांव, संपूर्ण सुभाष विहार, सुभाष विहार के पास अनंतपुरा कच्ची बस्ती इत्यादि क्षेत्र।</p>
<p> सुभाष विहार में नालियों की गहराई कम होने व आधे-अधूरे क्षेत्र में नालियां नहीं होने के कारण नालियों का पानी सड़क के ऊपर बहता है, जिससे परेशानी का सामना करना पड़ता है।<br /><strong> -मेहरूनिशा</strong></p>
<p>हमारी तरफ कचरा गाड़ी प्रतिदिन नहीं आने के कारण कचरा इधर-उधर फेंकना पड़ता है। साथ ही रात में आवारा कुत्ते बाइक सवारों को परेशान करते हैं।<strong> -सीयाराम</strong></p>
<p>कच्ची बस्ती में न तो सफाई होती है और न ही कचरा गाड़ी आती है, जिससे लोगों को मजबूरन घरों के सामने खुद ही सफाई करनी पड़ती है।<br /><strong>- मांगीलाल</strong></p>
<p>अनंतपुरा कच्ची बस्ती में पानी की लाइन नहीं होने के कारण पानी के लिए इधर-उधर भटकना पड़ता है। निजी ट्यूबवेल वालों के यहां से पानी लाना पड़ता है। <br /><strong>- श्याम कुमार</strong></p>
<p>हमारी तरफ न तो कचरा गाड़ी आती है और न ही सफाई होती है। पानी की लाइन नहीं होने के कारण परेशानी का सामना करना पड़ता है। अभी भी साइकिल से पानी लाना पड़ता है। <br /><strong>- राजेंद्र कुमार</strong></p>
<p>वार्ड पार्षद से बात करने के लिए उन्हें कॉल किया, पर न ही तो कॉल रिसीव किया और न ही रिप्लाई दिया।<br /><strong>- आसमा खान, वार्ड पार्षद</strong></p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 14 Oct 2025 14:06:42 +0530</pubDate>
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                <title>कोटा दक्षिण वार्ड 69- पार्कों के टूटे झूले व चैंबर बने परेशानी</title>
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                        <![CDATA[बारिश का पानी नालियों में ना जाकर रोड के ऊपर ही बहता रहता है। इससे परेशानी का सामना करना पड़ता हैं। ]]>
                    </description>
                
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/south-kota-ward-69--broken-swings-and-chambers-in-parks-become-problems/article-123908"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-08/1ne1ws61.png" alt=""></a><br /><p><strong>कोटा।  दृश्य- 1 बदहाल पार्क बने परेशानी </strong><br />सेक्टर पांच के पार्क में जन सुविधा विकसित नहीं है। पार्क में लगे झूले चकरी भी टूटे हुए हैं। पार्क के एक कोने में कटी झांड़ियों का ढ़ेर लगा हुआ हैं। पार्क का मुख्य द्वार भी टूटा हुआ हैं। इसी सेक्टर के पार्क में लगे विद्युत पोल भी क्षतिग्रस्त हो रहे हैं।  पार्क में घूम रही गृहिणी नीलम व मेघा ने बताया कि पार्क में जन सुविधा के नाम पर कुछ भी विकसित  नहीं है।</p>
<p><strong>दृश्य- 2 सीवरेज के चैंबर बने परेशानी  </strong><br />सेक्टर दो के निवासियों ने बताया कि हमारी गली में सीवरेज के चैंबर सही ढ़ग से नहीं लगाए गए हैं। जिसे आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ता हैं। पिछले दिनों गली में नालियों पर ढकान किया गया जिससे बारिश का पानी सड़क पर बहता हैं जिससे परेशानी का सामना करना पड़ता हैं। वहीं गली में सही ढ़ग से सफाई भी नहीं होती हैं।</p>
<p>नगर निगम दक्षिण के वार्ड 69 में मैन रोड पर प्रतिदिन सफाई होती हैं पर अंदर की कुछ गलियों में सफाई सही ढ़ग से नहीं होती हैं। मोहल्ले वासियों ने बताया कि पिछले साल हमारी गली में नालियों को ढ़कान करके इनको बंद कर दिया गया। जिससे बारिश का पानी नालियों में ना जाकर रोड के ऊपर ही बहता रहता है। इससे परेशानी का सामना करना पड़ता हैं। वहीं सेक्टर 5 में स्थित पार्क के पास खाली प्लाट में लोगों द्वारा कचरा डाला जा रहा है। जिससे आसपास रहने वाले लोगों को बदबू आती है। वहीं वार्ड में रहने वाले लोगों ने बताया कि रात में बाइक सवार व राहगीरों को कुत्ते परेशान करते हैं। हमारी गली में रात को राहगीरों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ता हैं।  कुत्ते रात में बीच रोड पर बैठे रहते हैं व बाइक सवार के पीछे दौड़ते हैं। जिससे कभी भी बड़ा हादसा होने का अंदेशा बना रहता हैं। </p>
<p><strong>वार्ड का एरिया: </strong>वार्ड में महावीर नगर तृतीय सेक्टर 02, महावीर नगर तृतीय सेक्टर 03, महावीर नगर तृतीय -05 इत्यादी क्षेत्र आता हैं। </p>
<p>गली में पिछले साल नालियों पर ढ़कान किया गया था जिससे बारिश का पानी अब हमारे  लिए मुसीबत बनना हुआ हैं। <br /><strong>-सत्यनारायण </strong></p>
<p>मेन रोड पर सफाई की जाती हैं वहीं गली में अंदर की तरफ सफाई सही ढ़ग से नहीं की जाती हैं। जिससे परेशानी आती हैं।<br /><strong>  -मनमोहन </strong></p>
<p>मैं पार्क में घूमने आया था पर पार्क के झूले व चकरी टूटे हुए जिससे बच्चों को निराशा होकर घर पर ले जाना पड़ता हैं। <br /><strong>-नवनीत कुमार </strong></p>
<p><strong>इनका कहना </strong><br />पिछले सरकार के समय पर वार्ड के सेक्टर पांच व दो में सीसी रोड का निर्माण कार्य करवाया गया व पार्क की रैलिंग का कार्य किया गया। परंतु सरकार बदलते ही वार्ड में चल रहे निर्माण कार्य को रोका गया। सीवरेज के चैंबर लोगों ने मजदूरों से बात करके अपने स्तर पर लगाने की कोशिश की जिससे परेशानी आ रही हैं। वहीं पार्क के टूटे झूले चकरी को दिखाया जाएगा। <br /><strong>-मोनिका विजय, पार्षद 69 कांग्रेस</strong></p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 18 Aug 2025 15:41:13 +0530</pubDate>
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                <title>बरसात में पार्कों में पानी भरा, दौड़ रहा खतरा </title>
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                        <![CDATA[शहर के अधिकतर क्षेत्रों के पार्कों की हालत ऐसी हो रही है कि वहां इन दिनों जाना खतरे से खाली नहीं है। 
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/water-filled-in-parks-during-rain--danger-running/article-85642"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-07/111u1rer-(7)5.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। बरसात के सीजन और सावन के महीने में जहां पार्कों में महिलाओं और बच्चों का आवागमन अधिक होता है। वहां इन  बड़ी-बड़ी घास, खुली पड़ी बिजली की डीपी और बरसाती पानी में करंट का खतरा दौड़ रहा है। बरसात के सीजन में अधिकतर लोग परिवार समेत मोहल्ले के पार्कों और बड़े गार्डन में घूमने व पिकनिक मनाने के लिए जाते हैं। कई लोग तो घर से खाना बनाकर ले जाते हैं और वहां घूमने के बाद खाना खाकर पिकनिक का आनंद लेते हैं। जबकि सावन के महीने में महिलाएं पार्कों में झूला झूलने, पूजन करने और हरियाली का आनंद लेनी जाती हैं। लेकिन हालत यह है कि शहर के अधिकतर क्षेत्रों के पार्कों की हालत ऐसी हो रही है कि वहां इन दिनों जाना खतरे से खाली नहीं है। </p>
<p><strong>बड़ी घास में कीड़े काटे का डर</strong><br />शहर के हर क्षेत्र में मोहल्लों में छोटे-छोटे पार्क बने हुए हैं। जिनमें झूले भी लगे हुए हैं। बैठने की बैंच हैं तो हरियाली के लिए घास लगी हुई है। नगर निगम की ओर से हर बार बरसात से पहले घास को कटवाया जाता है। लेकिन इस बार कई पार्कों में घास नहीं कटवाने से वह काफी बड़ी हो गई है। घास भी इतनी बड़ी है कि वहां बैठना तो दूर खड़े रहना ही मुश्किल है। साथ ही बड़ी घास में कीड़े काटों का डर रहता है। शहर में सांप व जहरीले काटने की कई घटनाएं हो चुकी हैं। बरसाती पानी और खुली डीपी से करंट का खतरा: मोहल्लों के पार्कों में रोशनी के लिए लाइटें लगाई गई है। लेकिन उन लाइटों की डीपी खुली पड़ी हैं। उनके तार जमीन पर पड़े हैं। जिससे बरसात  के पानी में खुले तार पड़े होने से करंट का खतरा बना हुआ है। पार्क में घूमने जाने वाली महिलाओं व बच्चों के लिए यह अधिक खतरा है। </p>
<p><strong>सभी जगह के पार्कों के यही हाल</strong><br />पार्क चाहे विज्ञान नगर का हो या नयापुरा का। दादाबाड़ी का हो या वल्लभ नगर का। महावीर नगर विसतार योजना का हो या सुभाष नगर का। सभी जगह के अधिकतर पार्कों के यही हाल है।  नगर निगम कोटा दक्षिण में 80 वार्ड हैं। हर वार्ड में कम से कम 4 से 5 पार्क हैं। इस तरह से दक्षिण क्षेत्र में ही 300 से अधिक छोटे-बड़े पार्क हैं। जिनमें से अधिकतर में बड़ी घास, खुली डीपी व बरसात का गंदा पानी परेशानी के साथ ही खतरा भी बने हुए हैं। </p>
<p><strong>फव्वारों में गंदा पानी, पनप रहे मच्छर</strong><br />अधिकतर पार्कों में फव्वारे तो लगे हुए हैं लेकिन उनमें से कुछ ही चल रहे हैं। अधिकतर फव्वारे बंद पड़े हैं। उन बंद फव्वारों का पानी दुर्गंध मारने लगा है। उनमें मच्छर पनप रहे हैं। जिससे वहां जाने वालों के लिए यह गंदा पानी बीमारी का खतरा बने हुए हैं। </p>
<p><strong>निगम को समय पर देना चाहिए ध्यान</strong><br />बसंत विहार निवासी पिंकी झमटानी का कहना है कि पार्क में लोग सुबह-शाम सैर के लिए जाते हैं। जिससे हवां उन्हें ताजी हवा मिल सके। सावन के महीने में महिलाएं झूला झूलने व पूजन के लिए भी पार्क में जाती हैं। लेकिन पार्कों में बड़ी घास व खुली डीपी के रूप में खतरा बना हुआ है। निगम को समय से पहले घास को कटवाने व डीपी को सही करवाने का काम करना चाहिए था। वल्लभ नगर निवासी सुनीता गर्ग का कहना है कि मोहल्लों में छोटे-छोटे पार्क हैं। यदि नगर निगम उनकी ही देखभाल सही ढंग से नहीं कर सकता तो फिर क्या फायदा। बरसात में पार्कों में घास बढ़ जाती है। उसे कटवाने की व्यवस्था निगम को करनी चाहिए। इधर नगर निगम कोटा दक्षिण के भाजपा पार्षद सुरेन्द्र राठौर का कहना है कि उनके वार्ड में 7 पार्क  हैं। जिनमें से एक दो पार्क  में घास बड़ी हुई है। उन्हें कटवाने के लिए निगम में अधिकारियों को अवगत कराया हुआ है। </p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />नगर निगम कोटा दक्षिण क्षेत्र में करीब 300 से अधिक पार्क हैं। जिनमें घास कटाई का ठेका दिया है। हर 8 से 10 वार्ड के बीच एक संवेदक व घास कटाई की मशीन है। संवेदक को लेबर भी दी हुई है। वह समय-समय पर पार्कों में घास कटाई करते हैं। हालांकि बरसात में घास तेजी से बढ़ती है। साथ ही बरसात का पानी भरने पर घास की कटाई नहीं हो पाती। मशीन बिजलीे से चलने पर उसके करंट का खतरा रहता है। ऐसे में जहां पानी भरा हुआ है वहां उसके सूखने पर ही घास की कटाई की जाएगी। बिजली अनुभाग से कहकर खुले तारों को भी सही करवाया जाएगा। <br /><strong>- ए.क्यू कुरैशी, एक्सईएन नगर निगम कोटा दक्षिण </strong></p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 23 Jul 2024 16:25:44 +0530</pubDate>
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                <title>17 जिलों में ट्रैफिक पार्कों के निर्माण के लिए 3 करोड़ 74 लाख रूपए मंजूर</title>
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                        <![CDATA[मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने दी मंजूरी]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 25 Nov 2021 17:09:47 +0530</pubDate>
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