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                <title>skills - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>राजकीय विद्यालयों का बदलता स्वरूप : टॉपर्स की जुबानी, सफलता की कहानी, परीक्षाओं के दबाव को जीत में बदलें</title>
                                    <description><![CDATA[टाइम मैनेजमेंट, राइटिंग स्किल्स और मानसिक शांति से कठिन विषय भी आसान बन जाते हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/from-the-mouths-of-toppers--the-story-of-success--turn-exam-pressure-into-victory/article-142261"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/(1200-x-600-px)-(2)15.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। बोर्ड परीक्षाओं की घड़ी नजदीक आते ही छात्रों के दिलों की धड़कनें तेज होने लगी हैं। सिलेबस का बोझ, अच्छे अंकों का दबाव और भविष्य की चिंता-इन सबके बीच हर छात्र के मन में एक ही सवाल है, "आखिर टॉपर बनने का सीक्रेट क्या है?" इसी ऊहापोह को दूर करने के लिए हमने बात की पिछले वर्ष के टॉपर से बातचती जिन्होंने अपनी रणनीतियों और अनुशासन के दम पर परीक्षा में करीब उच्चतम अंक हासिल कर मिसाल कायम की थी। आगामी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों का हौसला बढ़ाते हुए टॉपर ने बताया कि बोर्ड परीक्षा कोई डर नहीं, बल्कि अपनी काबिलियत साबित करने का एक बेहतरीन मंच है। इस विशेष बातचीत में उन्होंने न केवल अपनी 'सक्सेस स्ट्रेटजी' साझा की, बल्कि यह भी बताया कि कैसे आखिरी समय में टाइम मैनेजमेंट, राइटिंग स्किल्स और मानसिक शांति के तालमेल से मुश्किल विषयों को भी आसान बनाया जा सकता है।</p>
<p><strong> नोट्स का रिवीजन और पुराने प्रश्न पत्र हैं जरूरी</strong><br />कक्षा 10वीं में 90% अंक हासिल करने वाले सूर्यकांत ने बताया कि उन्होंने रोजाना करीब 10 घंटे तक नियमित पढ़ाई की। उन्होंने कहा, "मैंने सबसे पहले सिलेबस को बारीकी से समझा और एक समय-सारिणी (ळ्रेी३ुंह्णी) बनाई। शिक्षकों द्वारा बनवाए गए नोट्स का नियमित रिवीजन किया। पिछले वर्षों के प्रश्न पत्र और सैंपल पेपर हल करने से मुझे परीक्षा पैटर्न और समय प्रबंधन समझने में बहुत मदद मिली। उचित नींद और सकारात्मक सोच ने मुझे तनाव से मुक्त रखा।"</p>
<p><strong>  स्मार्ट सोच और निरंतरता से मिली सफलता</strong><br />कक्षा 10वीं में 94% अंक और विज्ञान विषय में 98 अंक हासिल करने वाली श्यामा मीणा का कहना है कि सफलता कड़ी मेहनत के साथ-साथ स्मार्ट सोच से मिलती है। श्यामा ने बताया, "मैंने शुरूआत से ही रोजाना 10 घंटे पढ़ाई की और हर सप्ताह व महीने में रिवीजन पर जोर दिया। क्लास टेस्ट कभी मिस नहीं किए और शंका होने पर शिक्षकों से बार-बार सवाल पूछे। मेरा मानना है कि उत्तर लिखते समय समय का ध्यान रखना और आत्मविश्वास बनाए रखना बहुत जरूरी है।"</p>
<p><strong>  बेसिक्स को मजबूत करें और रटने के बजाय समझें </strong><br />91% अंक प्राप्त करने वाली माईशा ने विज्ञान के सिद्धांतों को तार्किक रूप से समझने पर ध्यान दिया। उन्होंने कहा, "बोर्ड परीक्षा केवल एक शैक्षणिक चरण नहीं, बल्कि आत्म-विकास की यात्रा है। मैंने अपने बेसिक्स को मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित किया। नियमित अभ्यास और आत्म-मूल्यांकन (रीकॉल) से मुझे गलतियों को सुधारने और आत्मविश्वास बढ़ाने में मदद मिली।"</p>
<p><strong> एक्टिव रिकॉल तकनीक और संघर्ष से जीत</strong><br />रोशनी सैनी की कहानी बेहद प्रेरणादायक है। कक्षा 10वीं के दौरान दादी की तबीयत खराब होने के कारण वे सुबह 4 बजे उठकर खाना बनाती थीं और फिर स्कूल जाती थीं। उन्होंने कठिन परिस्थितियों के बावजूद गणित जैसे विषय में 97 अंक प्राप्त किए। रोशनी ने बताया, "मैंने नोट्स को केवल पढ़ने के बजाय 'एक्टिव रिकॉल' (दिमाग पर जोर देकर याद करना) तकनीक का उपयोग किया। गणित मेरा कमजोर विषय था, लेकिन शिक्षकों की सलाह मानकर हर प्रश्न का तीन-तीन बार अभ्यास किया, जिससे मेरा डर खत्म हो गया।"</p>
<p><strong>  प्लानिंग और क्लास टेस्ट से निखरी प्रतिभा</strong><br />95.67% अंक हासिल करने वाली भाविका शंभवानी ने अपनी सफलता का श्रेय प्लानिंग को दिया। उन्होंने कहा, "मैं स्कूल के हर टेस्ट को गंभीरता से देती थी और परिणाम जानने के लिए उत्सुक रहती थी। कम अंक आने पर मैं शिक्षकों से सही उत्तर पूछती और घर पर दोबारा तैयारी करती थी। अच्छे अंकों के लिए गुरुजनों की सलाह मानना और प्लानिंग के साथ नियमित पढ़ाई करना ही सबसे कारगर तरीका है।"</p>
<p><strong>इनका कहना है </strong><br />एनसीईआरटी की किताबों को फोलो करते हैं। इसके साथ ही विद्यार्थियों के लिए नोट्स बनाते है। पढ़ाने से पहले प्रत्येक चैप्टर की तैयारी की जाती है। साथ ही समय-समय पर रिवाईज करवाते है। अर्द्धवार्षिक परीक्षा में अधिक से अधिक कोर्स करवाने की कोशिश की जाती है। स्कूल में प्री बोर्ड पैटर्न पर टैस्ट लिया जाता है। अभिभावकों को विद्यार्थियों की प्रोगे्रस रिपोर्ट दिखाई जाती है।<br /><strong>-शिल्पा शर्मा, वरिष्ठ साइंस अध्यापिका,महात्मा गांधी राज. विद्या. मल्टीपरपज गुमानपुरा</strong></p>
<p><strong>एग्जाम के दौरान विद्यार्थी मोबाइल से दूरी बनाएं रखे</strong><br />परीक्षा देने से पहले विद्यालय में बच्चों को अच्छी तरह से तैयारी करवाई जाती है। साथ ही कमजोर बच्चों पर अधिक ध्यान देकर उनको पढ़ाया जाता है। समय-समय पर बच्चों को पढ़ाई के लिए प्रोत्साहन किया जाता है। एग्जाम देते समय विद्यार्थी मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य का ध्यान रखे। व मोबाइल से दूरी बनाकर रखे।<br /><strong>-आशुतोष मथुरिया,प्रिंसिपल, महात्मा गांधी राज. विद्या. मल्टीपरपज गुमानपुरा</strong></p>
<p>शिक्षा के क्षेत्र में जब विद्यार्थी जब आगे बढ़ाता है तो वहां विद्यालय और परिवार को गौरंवित करता है। इस प्रकार से एक राजकीय विद्यालय के शैक्षिक वातावरण में टीचर अच्छा रिजल्ट दे रहे। और अब राजकीय विद्यालय रिजल्ट के साथ क्वालिटी पर ध्यान दे रहा हैं।<br /><strong>-रामचरण मीणा,डीईओ, माध्यमिक कोटा।</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 07 Feb 2026 16:31:33 +0530</pubDate>
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                <title>कॉलेजों में अब मिलेगी नौकरी दिलाने वाली शिक्षा</title>
                                    <description><![CDATA[जॉब आॅरियंटेड स्किल बेस्ड कोर्सेज किए आवंटित, इसी सत्र से होंगे शुरू।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/now-job-oriented-education-will-be-available-in-colleges/article-84482"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-07/collego-me-ab-milegi-naukri-dene-wali-shiksha...kota-news-12-07-2024.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। राजकीय महाविद्यालयों में अब जॉब आॅरियंटेड स्किल बेस्ड कोर्सेज करवाए जाएंगे। जिससे विद्यार्थियों को कोर्स के बाद इंडस्ट्रीज में आसानी से जॉब मिल सकेगी। खास बात यह है, प्रोफेशनल कोर्सेज में अध्ययनरत छात्रों को इंटरशिप भी करवाई जाएगी। इससे विद्यार्थियों की न केवल स्किल डवलप होगी बल्कि बाजार की आवश्यकता के अनुसार प्रोफेशनल एम्लोई के रूप में तैयार भी हो सकेंगे।  दरअसल, कॉलेज शिक्षा आयुक्तालय ने राजकीय महाविद्यालयों में बी-कॉम और बीएससी के परम्परागत डिग्री कोर्सेज के साथ  नए जॉब ओरिएंटेड स्किल बेस्ड कोर्सेज का आगाज कर दिया है। जिसके प्रथम चरण में प्रदेश के 50 सरकारी कॉलेजों का चयन किया है। जिसमें कोटा शहर के 3 कॉलेज शामिल किए हैं। इनमें दो साइंस व एक कॉमर्स कॉलेज शामिल हैं। </p>
<p><strong>कोटा के इन कॉलेजों में यह चलेंगे कोर्स </strong><br />आयुक्तालय की ओर से जारी किए गए सर्कुलर के मुताबिक, कोटा शहर के गवर्नमेंट साइंस कॉलेज कोटा व जेडीबी साइंस कॉलेज में बीएससी लाइफ साइंस व हैल्थ केयर तथा राजकीय वाणिज्य महाविद्यालय   में बी-कॉम रिटेल मैनेजमेंट व लॉजिस्टिक कोर्स दिए गए हैं। कोर्स प्रथम वर्ष के समान्य कोर्सेज के साथ ही चलेंगे। इनके अलग से पेपर भी होंगे और क्लासें भी अलग से लगाई जाएगी। </p>
<p><strong>अलग से नहीं होगी प्रवेश प्रक्रिया</strong><br />प्रो. गर्ग ने बताया कि इन दोनों कोर्सेज में एडमिशन के लिए अलग से कोई प्रवेश प्रक्रिया नहीं की जाएगी। वर्तमान में बीकॉम प्रथम वर्ष के लिए एडमिशन चल रहे हैं। बीकॉम समान्य कोर्स में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों में से मेरिट लिस्ट निकाल टॉप-50 बच्चों को इन दोनों प्रोफेशनल कोर्सेज में प्रवेश दिया जाएगा। इन कोर्सेज में दाखिला लेना अनिवार्य नहीं एच्छिक होगा। जो विद्यार्थी रिटेल मैनेजमेंट व लॉजिस्टक पढ़ना चाहेगा, वो पढ़ सकता है और जो नहीं पढ़ना चाहता, उस पर कोई दबाव नहीं रहेगा, वह समान्य कोर्स पढ़ सकता है। </p>
<p><strong>20 क्रेडिट का होगा कोर्स, सेमेस्टर एग्जाम</strong><br />साइंस कॉलेज में बीएससी लाइफ साइंस व हैल्थ केयर और कॉमर्स कॉलेज में बीकॉम रिटेल मैनेजमेंट व लॉजिस्टिक कोर्स कुल 20 क्रेडिट के होंगे। एक के्रडिट 25 अंकों का होता है, इस तरह 20 क्रेडिट के 500 अंक होते हैं। यह समान्य कोर्स की तरह ही सेमेस्टर वाइज होंगे। यह पाठ्यक्रम वर्तमान सत्र से ही संचालित किए जाएंगे। </p>
<p><strong>2 घंटे की होगी क्लास</strong><br />राजकीय वाणिज्य महाविद्यालय में बीकॉम रिटेल मैनेजमेंट व लॉजिस्टिक  कोर्स के नोडल आॅफिसर प्रो. हिमांशु गर्ग ने बताया कि दोनों कोर्सेज के लिए एक-एक घंटे की कक्षाएं लगाई जाएगी। सेमेस्टर वाइज पेपर भी होंगे। कोटा विश्वविद्यालय द्वारा पेपर लिए जाएंगे। खास बात यह है कि रोजगारोन्मुखी स्किल कोर्सेज के स्टूडेंट्स प्रतियोगी परीक्षा भी दे पाएंगे। वहीं 6 सेमेस्टर में इंटर्नशिप करवाई जाएगी।</p>
<p><strong>इंडस्ट्री ट्रैनिंग भी मिलेगी</strong><br />सरकार की ओर से नए कोर्सेज के डिजाइन में हर सत्र में इंटर्नशिप व ट्रेनिंग का प्रावधान किया गया है। ताकि, छात्र बाजार की आवश्यकता से रुबरू हो सकेंगे और कम्पनियों को प्रोफेशनल एम्लोई मिल सकेंगे। इससे कोर्स खत्म होने के बाद विद्यार्थियों को जॉब की राह आसान होगी। वहीं, इन डिग्री को प्रतियोगी परीक्षा में भी स्नातक के बराबर मानी जाएगी। ऐसे में सरकारी सेवा में भी आसानी से जा सकेंगे। सिलेबस को अंतिम रूप दे दिया गया है।</p>
<p><strong>कॉलेजों को आवंटित हुए यह 5 कोर्स  </strong><br />प्रदेश के 50 कॉलेजों में 5 तरह के प्रोफेशनल कोर्सेज को संचालित किया जाएगा। अधिकतर कॉलेजों को दो-दो कोर्स आवंटित किए गए हैं। जिसमें बीएससी लाइफ साइंस, बीएससी हेल्थ साइंस, बीकॉम रिटेल मैनजमेंट, बीकॉम बैंकिंग फाइनेंशियल सर्विसेज एंड इंश्योरेंस, बीकॉम लॉजिस्टिक को शामिल किया है।</p>
<p><strong>50 से 60 सीटों पर मिलेगा दाखिला</strong><br />प्रथम वर्ष में दाखिला लेने वाले विद्यार्थियों में से ही मेरिट के आधार पर इन कोर्सेज में चयन होगा। अलग से प्रवेश प्रक्रिया नहीं होगी। विद्यार्थियों के सामने आॅपशनस होंगे, जो यह कोर्स करना चाहे वो कर सकते हैं। कुल 50 से 60 सीटें होंगी। यह कोर्स सीआरआई व सेक्टर स्किल काउंसलिंग के माध्यम से होंगे।</p>
<p><strong>क्या कहते हैं विद्यार्थी </strong><br />परम्परागत कोर्सेज में प्रोफेशनल पाठ्यक्रम का समावेश से जॉब के अवसर बढ़ेंगे। बाजार की आवश्यकता के अनुरूप स्किल बेस्ड एम्लोई तैयार होंगे। इंडस्ट्री विजट व प्लेसमेंट में जॉब के लिए चयन आसान होगा। प्रोफेशनल फैकल्टी मिले और समय पर क्लासें लगें तो यह कोर्स कॉमर्स के लिए मील का पत्थर साबित होगा। <br /><strong>- अर्पित जैन, छात्रसंघ अध्यक्ष कॉमर्स कॉलेज कोटा</strong></p>
<p>विज्ञान संकाय में बीएससी लाइफ साइंस व हैल्थ केयर ऐसे सब्जेक्ट हैं जो सीधे रोजगार से जुड़े हैं। हर सेमेस्टर में इंटरशिप मिलने से स्किल में निखार आएगा, साथ ही बाजार की अपेक्षाओं पर खरे उतरने में सक्षम भी बनाएगा। बीएससी प्रथम वर्ष में दाखिले के लिए आवेदन किया है, हम यह कोर्स करने के लिए उत्साहित हैं। <br /><strong>- सुमन व हर्षित कुमार, छात्र</strong></p>
<p>इनदिनों कॉमर्स के प्रति विद्यार्थियों का रुझान कम होता नजर आ रहा था। ऐसे में कॉमर्स के साथ स्किल बेस्ड पाठ्यक्रमों का समावेश होकर डिग्री का नवाचार विद्यार्थियों के लिए बेहतर साबित होगा। बीकॉम के स्किल कोर्स के स्टूडेंट्स के लिए सरकारी व निजी क्षेत्र में भविष्य संवारने का अवसर मिल पाएगा। इन कोर्सेज से विद्यार्थियों को रोजगार पाने की राह आसान हो जाएगी।<br /><strong>- हिमांशु गर्ग, नोडल आॅफिसर, गवर्नमेंट कॉमर्स कॉलेज</strong></p>
<p>शिक्षा ऐसी हो जो विद्यार्थियों को रोजगार दिला सके, इसी मंशा से सरकार ने राजकीय महाविद्यालयों में जॉब आॅरियंटेड कोर्सेज शुरू किए हैं। प्रथम चरण में प्रदेश के 50 कॉलेजों का चयन किया है। जिसमें कोटा के गवर्नमेंट साइंस, जेडीबी साइंस व गवर्नमेंट कॉमर्स कॉलेज शामिल हैं। इनमें  बीएससी लाइफ साइंस व हेल्थ केयर और बीकॉम रिटेल मैनेजमेंट व लॉजिस्टिक पाठ्यक्रम शुरू किए जाएंगे। इंटरशिप भी करवाई जाएगी। यह कोर्सेज करने के बाद विद्यार्थियों की जॉब मिलने संभावना बढ़ जाएगी। फीस व शिक्षकों को लेकर अभी गाइड लाइन नहीं है। सरकार का यह प्रयास छात्रहित में सराहनीय प्रयास है।</p>
<p><strong>- गीताराम शर्मा, क्षेत्रिय सहायक निदेशक आयुक्तालय कोटा</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 12 Jul 2024 15:34:01 +0530</pubDate>
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                <title>सरहद पर युद्धाभ्यास, टेंशन में पाकिस्तान</title>
                                    <description><![CDATA[दायरा 500 किलोमीटर का, कुल जवान 30000, दिखाया युद्ध कौशल]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jodhpur/%E0%A4%B8%E0%A4%B0%E0%A4%B9%E0%A4%A6-%E0%A4%AA%E0%A4%B0-%E0%A4%AF%E0%A5%81%E0%A4%A6%E0%A5%8D%E0%A4%A7%E0%A4%BE%E0%A4%AD%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%B8--%E0%A4%9F%E0%A5%87%E0%A4%82%E0%A4%B6%E0%A4%A8-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%AA%E0%A4%BE%E0%A4%95%E0%A4%BF%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%A4%E0%A4%BE%E0%A4%A8/article-2774"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-11/youdhabhyas.jpg" alt=""></a><br /><p>जोधपुर। प्रदेश के जैसलमेर में भारतीय सेना द्वारा चल रहा दक्षिण शक्ति युद्धाभ्यास शुक्रवार को संपन्न हुआ। समापन समारोह में वायु सेना ने दुश्मन को हिला देने वाली अपनी शक्ति का प्रदर्शन किया। इस युद्धाभ्यास में सेना के टैंक, वायु सेना के फाइटर जेट्स, हेलिकॉप्टर और स्वार्म ड्रोन ने अपनी ताकत एवं पराक्रम का प्रदर्शन किया। इसके एक दिन पूर्व थल सेना ने जमीन पर अपनी ताकत दिखाई। दिन के उजाले के साथ ही रात के अंधेरे में भी कुशलता से दुश्मन को टारगेट कर चंद क्षणों में ही नेस्तनाबूद करने की वायु सेना की क्षमता का यहां प्रदर्शन किया गया। हवा से हवा में मार करने व हवा से जमीन पर मिसाइल के जरिए हमला करने के युद्ध कौशल का भारतीय सेना ने प्रदर्शन किया। पाकिस्तान बॉर्डर के नजदीक चल रहे इस युद्धाभ्यास में भारतीय सेना ने न केवल दम-खम दिखाया, बल्कि अपने रण कौशल से दुश्मन देश की सेना में भय व्याप्त कर दिया है।</p>
<p><br /> भारतीय सेना ने दक्षिण शक्ति से चले इस युद्धाभ्यास में कुल 30 हजार जवानों ने हिस्सा लिया। इस दौरान समापन समारोह में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के शामिल होने की संभावना जताई जा रही थी, लेकिन वे नहीं आए। थल सेनाध्यक्ष मनोज मुकुंद नरवणे ने इस युद्धाभ्यास को गहराइयों से परखा।<br /> <br /> <strong>इनसे दिखाई ताकत</strong><br /> अभ्यास में टी-72 व टी-90 के साथ सेना के रशियन टैंक विजयंता और एयरफोर्स के ध्रुव और रुद्र हेलीकॉप्टर व जगुआर लड़ाकू विमान ने संयुक्त अभ्यास में हिस्सा लिया। जैसलमेर के रेगिस्तान में चल रहे दक्षिण शक्ति युद्धाभ्यास में टी-72 व टी-90 टैंकों ने भी हिस्सा लिया। बीएसएफ, स्थानीय प्रशासन, पुलिस और इंटेलिजेंस को भी इसमें शामिल किया गया है। <br /> <br /> शुक्रवार को समापन के दौरान लगभग 400 पैराशूटर्स ने एक साथ पैरा जंप किया। भविष्य में लड़े जाने वाले  युद्ध परमाणु शक्ति से लैस देशों के बीच कम समय में और सीमित स्थान पर लड़े जा सकते हैं। ऐसे में उनमें इंटीग्रेटेड बैटल ग्रुप बनाए जाने लगे हैं। सभी इंटीग्रेटेड बैटल ग्रुपों को मिशन, खतरे और इलाके के हिसाब से गठित किया गया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
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                <pubDate>Sat, 27 Nov 2021 11:53:34 +0530</pubDate>
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