<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://dainiknavajyoti.com/flying/tag-9768" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Dainik Navajyoti Rising Rajasthan RSS Feed Generator</generator>
                <title>flying - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
                <link>https://dainiknavajyoti.com/tag/9768/rss</link>
                <description>flying RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>वायु और थल सेना प्रमुखों ने एक साथ फाइटर प्लेन में भरी उड़ान, तेजस में उड़ान भर चुके हैं मोदी</title>
                                    <description><![CDATA[वायु सेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल ए पी सिंह और थल सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने रविवार को तेजस लड़ाकू विमान में उड़ान भरी]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/vayu-and-army-army-chiefs-have-flying-in-flying-flying/article-103766"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-02/news-(3)4.png" alt=""></a><br /><p>बेंगलुरु। वायु सेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल ए पी सिंह और थल सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने रविवार को तेजस लड़ाकू विमान में उड़ान भरी। बेंगलुरु में एयरो इंडिया-2025 की शुरूआत से एक दिन पहले दोनों सेना प्रमुख तेजस फाइटर जेट में बैठे। एयरो इंडिया-2025 प्रोग्राम 10 फरवरी से 14 फरवरी तक चलेगा। यह पहली बार है जब दो सेनाओं के प्रमुख ने एक साथ स्वदेशी फाइटर जेट में उड़ान भरी है। उड़ान के बाद थल सेना प्रमुख जनरल द्विवेदी ने इस अनुभव को अपने जीवन का सबसे अच्छा पल बताया। उन्होंने यह भी कहा कि हम नेशनल डिफेंस एकेडमी के दिनों से साथ हैं। अगर मैं वायु सेना प्रमुख से पहले मिला होता तो एयरफोर्स जॉइन करता और फाइटर पायलट बनता।</p>
<p><strong>थल सेना प्रमुख बोले- आज से एपी सिंह मेरे गुरु</strong><br />उड़ान के बाद जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने कहा कि आज से एयर चीफ मार्शल मेरे गुरु हैं, क्योंकि उन्होंने इस उड़ान के दौरान मुझसे कई एक्टिविटीज कराईं। जनरल द्विवेदी ने कहा कि यह उड़ान बहुत ही चुनौतीपूर्ण थी, मुझे इसे पूरा करके बहुत मजा आया। उन्होंने आगे कहा-मैं वायु सेना के पायलट्स की हिम्मत की दाद देता हूं, जो चुनौतियों का सामना करते हैं।</p>
<p><strong>तेजस में उड़ान भर चुके हैं मोदी</strong><br />प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 25 नवंबर 2023 को बेंगलुरु में तेजस फाइटर प्लेन में उड़ान भरी थी। किसी भारतीय प्रधानमंत्री की फाइटर प्लेन में यह पहली उड़ान थी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/leads/vayu-and-army-army-chiefs-have-flying-in-flying-flying/article-103766</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/leads/vayu-and-army-army-chiefs-have-flying-in-flying-flying/article-103766</guid>
                <pubDate>Mon, 10 Feb 2025 13:05:42 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2025-02/news-%283%294.png"                         length="392461"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>दुनिया का सबसे बड़ा उड़ान भरने वाला पक्षी लुप्त होने के कगार पर</title>
                                    <description><![CDATA[अब सारस की कम होती तादाद और सिमटते आवास पर्यावरण प्रेमियों के लिए चिंता का विषय बन गए।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/the-world-s-largest-flying-bird-is-on-the-verge-of-extinction/article-79514"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-05/duniya-ka-sbse-bada-udan-bharane-wala-pakshe-lupt-hone-ke-kagar-par...kota-news-27.05.2024.jpg" alt=""></a><br /><p>क ोटा। उड़ान भरने वाला दुनिया का सबसे बड़ा पक्षी सारस लुप्त होने की कगार पर खड़ा है। सारस पक्षियों का कुनबा दिनों-दिन घटता जा रहा है। दो दशक पहले तक कोटा संभाग में अपने कलरव से लोगों को आकर्षित करने वाले सारस अब चुनिंदा जलाशयों तक सिमट कर रह गए। जल स्रोतों पर अतिक्रमण, अवैध मतस्य आखेट, इंसानी दखल और कमजोर मानसून के चलते बदली परिस्थितियों से सारस के प्राकृतिक आवास नष्ट हो गए। गोड़ावण व गिद्धों पर पहले ही लुप्त होने का संकट गहरा रहा है, अब सारस की कम होती तादाद और सिमटते आवास पर्यावरण प्रेमियों के लिए चिंता का विषय बन गए। हालांकि, 25 साल बाद कोटा शहर में एक साथ एक ही जगह पर 50 से ज्यादा सारस नजर आए हैं। ऐसे में पक्षी प्रेमियों ने वन विभाग से इनके संरक्षण के लिए कार्य योजना बनाने की मांग उठाई है।</p>
<p><strong>साल दर साल यूं घटी संख्या</strong><br />जैदी ने बताया कि आलनिया में वर्ष 2000 से पहले 92 सारस को पूरे तालाब में देखा गया था। चम्बल के मानस गांव में पहले बीच में टापू था, जिस पर ककड़ी की खेती होती थी। उन्हीं के बीच और दूसरे किनारे पर वर्ष 2001 में 84 सारस को देखा था। उस समय वाइल्ड लाइफ देहरादून के डॉ. वीसी चौधरी भी मेरे साथ थे, जो सारस का झुंड देख खुशी जाहिर की थी लेकिन साल दर साल इनकी संख्या में तेजी से गिरावट होती गई।  </p>
<p><strong>30 से 40 साल होती है उम्र</strong><br />पक्षी विशेषज्ञ डॉ. सुरभि बतातीं हैं, पक्षियों में सारस की उम्र काफी लंबी होती है। यह पक्षी 30 से 40 साल तक जिंदा रहता है। 300 फीट ऊंचाई तक उड़ान भरता है। पानी में झाड़ियां या पेड़-पौधें के बीच घौंसला बनाते हैं, ताकि श्वान सहित अन्य जानवरों से बचा सके। </p>
<p><strong>5 सालों में नहीं बना एक भी घौंसला</strong><br />हाड़ौती नेचुरल सोसाइटी के सदस्य पिछले 34 वर्षो से इस पक्षी पर अध्ययन कर रहे हंै। सूर सागर से उम्मेदगंज तक कम से कम 6 घोसले बनते थे, वहां पिछले 5 वर्षों में एक भी नहीं बना। वर्तमान में  वर्षा कम होने के कारण अधिकतर तालाब सुख गए। गामछ के आसपास के खेतों में अवैध पम्प चल रहे हैं। वर्ष 2001 में यहां 40 से अधिक सारस का जमावड़ा नजर आया था। क्योंकि, उस समय आलनिया बांध में पानी था और पेठा कास्त भी बहुत कम थी। लेकिन वर्तमान में जल दोहन के कारण तालाब ही सूख गए। प्राकृतिक आवास नष्ट हो गए।</p>
<p><strong>वर्ष 2000 के बाद लगातार घटी संख्या</strong><br />नेचर प्रमोटर एएच जैदी बताते हैं, वर्ष 2000 के बाद सारस पक्षियों की संख्या में लगातार गिरावट आई है। पिछले 25 साल पहले कोटा के जलाशयों में जितने सारस दिखाई देते थे, उतने अब नहीं दिखते। पिछले 32 वर्षों से अध्ययन रहा हूं, पहले आसपास के जलाशयों में इनके मेले लगे होते थे। युवा सारस अपने लिए जोड़े बनाते, इनकी कोल और डांस देखने को मिलता था। लेकिन अब हर वेटलैंड पर अतिक्रमण, पानी की मोटरों से जल दोहन, अवैध मतत्य आखेट, इंसानी दखल के चलते इनका प्राकृतिक आवास नष्ट होने लगा है, जो इनकी घटती संख्या के लिए जिम्मेदार है।</p>
<p><strong>दो दशक बाद नजर आए 52 सारस</strong><br />पक्षी विशेषज्ञ डॉ. सुरभि श्रीवास्तव कहतीं हैं, 25 साल बाद यह पहला मौका है, जब सारस एक ही जगह एक साथ 52 की संख्या में नजर आए। रंगपुर इलाके के खेतों में पिछले महीने देखा गया था। गंगाईचा गांव के पास चंबल नदी में इनका बसेरा है। यहा खेतों में सारस (क्रेन) की अठखेलियां पक्षी प्रेमियों के लिए आकर्षण का केंद्र रहती है। सुबह जल्दी खेतों में ये दाना चुगने आते हैं और इसके बाद वापस गंगाईचा गांव स्थित चंबल नदी पर चले जाते है। यहां पर पर्याप्त भोजन-पानी की उपलब्धता और समृद्ध जैव विविधता सारस के अनुकूल है। इसलिए यहां सारस आते रहते हैं। अप्रैल से जून तक यही रहते हैं। पिछले कई सालों से सारस की संख्या कम होती जा रही है, जो चिंता का विषय है।</p>
<p><strong>प्राकृतिक आवास नष्ट होना ही सबसे बड़ा कारण</strong><br />बर्ड्स रिसर्चर हर्षित शर्मा कहते हैं, सारस पर संकट के बादल छाने लगे हंै। सारस के रहवास इलाके, जलाशयों के पास मानवीय दखल, खेतों में कीटनाशकों के अधिक इस्तेमाल, अवैध खनन, अतिक्रमण, तालाबों में अवैध मतस्य आखेट से इनका प्राकृतिक आवास नष्ट हो रहा है। जिससे यह हालात बन रहे हैं। जबकि, यह किसानों का दोस्त होता है। कीड़े-मकोड़े खाकर फसलों को बचाता है। पिछले कुछ वर्षों से पर्यावरण के साथ छेड़छाड़ का खमियाजा इंसानों के साथ जीव-जंतुओं पर भी देखा जा सकता है। खेतों में कीटनाशक का उपयोग, पानी की कमी और करंट के तार भी पक्षियों की मौत के कारण बन रहे हैं। इन्हें सुरक्षित रखने के लिए वेटलैंड को बचाना जरूरी है।</p>
<p>वन्यजीव विभाग की जहां भी वनभूमि है, वहां पक्षियों के लिए वेटलैंड विकसित किए जा रहे हैं। उम्मेदगंज पक्षी विहार में तो हम चावल की फसल भी करेंगे, ताकि सारस को भोजन की उपलब्धता हो सके। वहीं, अवैध गतिविधियों पर लगाम लगा दी गई है। यहां तालाब में पानी व मछलियां पर्याप्त होने से प्राकृतिक आवास डवलप हो रहा है। पक्षियों की संख्या में इजाफा हो रहा है। इनके संरक्षण के लिए सुरक्षित रहवास की कार्य योजना पर लगातार कार्य जारी है।<br /><strong>-अनुराग भटनागर, डीएफओ, वन्यजीव विभाग कोटा</strong></p>
<p><strong>संरक्षण के सुझाव</strong><br />पक्षी प्रेमियों ने सारस के संरक्षण के लिए विभिन्न सुझाव दिए हैं। <br />-वेटलैंड को अतिक्रमण से बचाएं।<br />-जिन इलाकों में आबादी वहां कंट्रेक्शन होने से रोका जाए।<br />-तालाबों में भू-जल दोहन के लिए लगी मोटरें बंद करवाई जाए।<br />-अवैध मतस्य आखेट, अवैध खनन, अवैध गतिविधियां रोकी जाए। <br />-वन विभाग द्वारा वेटलैंड पर चावल, मक्का, ज्वार की फसल करें ताकि इन्हें आसानी से भोजन मिल सके।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/the-world-s-largest-flying-bird-is-on-the-verge-of-extinction/article-79514</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/the-world-s-largest-flying-bird-is-on-the-verge-of-extinction/article-79514</guid>
                <pubDate>Mon, 27 May 2024 14:50:00 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2024-05/duniya-ka-sbse-bada-udan-bharane-wala-pakshe-lupt-hone-ke-kagar-par...kota-news-27.05.2024.jpg"                         length="436777"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>होटल से गांव तक पहुंची टीम, जुटाई एक-एक जानकारी </title>
                                    <description><![CDATA[इस तरह की घटना दोबारा न हो, इसके लिए सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/the-team-reached-the-village-from-the-hotel--collected-information-one-by-one/article-52612"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-07/hotel-s-gaanv-tk-pohnchi-team,-jutayi-ek-ek-jankari...kota-news-24-07-2023.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व और अति संवेदनशील जवाहर सागर डेम के ऊपर ड्रोन उड़ाए जाने का मामला उजागर होने के बाद शनिवार को तीन विभागों में हड़कम्प मच गया। मुकुंदरा प्रशासन, जल संसाधन विभाग और बिजली उत्पादन वृत डिपार्टमेंट ने संबंधित यू-ट्यूबर की खोजबीन शुरू कर दी है। वहीं, वायरल वीडियो की पड़ताल में जुट गए हैं। तीनों विभागों के  अधिकारियों ने जांच के निर्देश जारी कर दिए हैं। गौरतलब है कि 28 जून को दिल्ली से कोटा पहुंचे यू-टयूबर्स ने मुकुंदरा हिल्स टाइगर के गरड़िया महादेव और जवाहर सागर डेम के ड्रोन से लिए शोर्ट्स के वीडियो वायरल किए। वन्यजीव प्रेमियों के अनुसार यू-ट्यूबर ने हाई सिक्योरिटी इलाके गरडिया व जवाहर सागर डेम के उपर अवैध रूप से ड्रॉन उड़ाए। बाद में 18 मिनट की वीडियो तैयार कर यू-टयूब पर अपलोड कर दी। इस वीडियो में दोनों जगहों के करीब 44 सैकंड और 47 सैकंड के ड्रोन शोट्स हैं। जिससे मुकुंदरा हिर्ल्स टाइगर रिजर्व और जवाहर सागर डेम की सुरक्षा खतरे में पड़ गई। </p>
<p><strong>चौकसी बढ़ाई, जांच के दिए निर्देश</strong><br />जल संसाधन विभाग के अधीक्षण अभियंता एजाजुद्दीन अंसारी ने बताया कि मामले को लेकर जेईएन व एक्सईएन को जांच के निर्देश दिए हैं। टीम संबंधित यू-ट्यूबर व वीडियो को लेकर अनुसंधान में जुटी है। वहीं, डेम की सुरक्षा इंतजाम और पुख्ता करना सुनिश्चित किया है। मामले की गहनता से पड़ताल की जा रही है।  इस तरह की घटना दोबारा न हो, इसके लिए सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। साथ ही सुरक्षा गार्डों को भी मुस्तैद रहने की सख्त हिदायत दी है। </p>
<p><strong>कार्रवाई में जुटा मुकुंदरा प्रशासन</strong><br />सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार मुकंदरा प्रशासन टाइगर रिजर्व के संरक्षित क्षेत्र में ड्रोन उड़ाने वाले यू-ट्यूबर के खिलाफ कार्रवाई में जुट गया है। वनकर्मचारी व अधिकारी भी बूंदी रोड स्थित होटल पहुंचकर दस्तावेज खंगाले। साथ ही गरडिया महादेव वनक्षेत्र में तैनात कर्मचारियों को सुरक्षा इंतजाम पुख्ता रखने के दिशा-निर्देश दिए गए हैं। नाम न छापने की शर्त पर एक कर्मचारी ने बताया कि मामले का लेकर गहनता से अनुसंधान किया जा रहा है। </p>
<p><strong>नवज्योति में खबर प्रकाशित होने के पर हरकत में आया विभाग</strong><br />दैनिक नवज्योति ने शुक्रवार के अंक में मुकुंदरा और डेम की सुरक्षा में भारी चूक, दिन दहाड़े उड़े ड्रोन शीर्षक से समाचार प्रकाशित किया था। खबर छपने के बाद मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिवर्ज, जल संसाधन विभाग और बिजली उत्पादन वृत डिपार्टमेंट हरकत में आ गया। तीनों ही विभागों ने टीमें गठित कर संबंधित यू-ट्यूबर्स और वायरल वीडियो की जांच में जुट गई। टीम सदस्य मामले के हर पहलु की जांच करने व जानकारियां जुटा रहे हैं। जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई प्रस्तावित की जाएगी। </p>
<p><strong>जांच में जुटा बिजली उत्पादक विभाग</strong> <br />जवाहर सागर डेम की सुरक्षा का जिम्मा उठाने वाला बिजली उत्पादक वृत विभाग मामले की जांच में जुट गया है। अधीक्षण अभियंता नरेंद्र सिंह खंगरोत ने बताया कि अति संवेदनशील जवाहर सागर डेम का ड्रोन वीडियो सामने आने के बाद जांच का दायरा बढ़ा दिया है। मामले को लेकर टीमें जवाहर सागर गांव व जहां यू-ट्यूबर रुके थे, उस होटल में भेजकर अनुसंधान किया जा रहा है। वहीं, डेम की सुरक्षा में तैनात सुरक्षाकर्मियों से भी जानकारी जुटाई जा रही है। साथ ही प्लांट की सिक्योरिटी और पुख्ता करने की गई है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/the-team-reached-the-village-from-the-hotel--collected-information-one-by-one/article-52612</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/the-team-reached-the-village-from-the-hotel--collected-information-one-by-one/article-52612</guid>
                <pubDate>Mon, 24 Jul 2023 17:18:55 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2023-07/hotel-s-gaanv-tk-pohnchi-team%2C-jutayi-ek-ek-jankari...kota-news-24-07-2023.jpg"                         length="405790"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जेकेके में दर्शकों ने नाटक 'गुलिवर्स ट्रैवेल' और 'फ्लाइंग फ्लावर्स' का लिया आनंद</title>
                                    <description><![CDATA[जयपुर। जवाहर कला केंद्र (जेकेके) के रंगयान में शनिवार को पपेटशाला आर्ट्स ग्रुप द्वारा नाटक 'गुलिवर्स ट्रैवल्स' और 'फ्लाइंग फ्लावर्स' प्रस्तुत किया गया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/audience-enjoys-plays-gullivers-travels-and-flying-flowers-at-jkk/article-11347"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/ii.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। जवाहर कला केंद्र (जेकेके) के रंगयान में शनिवार को पपेटशाला आर्ट्स ग्रुप द्वारा नाटक 'गुलिवर्स ट्रैवल्स' और 'फ्लाइंग फ्लावर्स' प्रस्तुत किया गया। दोनों नाटकों का मंचन सुबह चिल्ड्रंस थियेटर वर्कशॉप के प्रतिभागियों के लिए और शाम को आम जनता के लिए किया गया। नाटक बेहद ही इन्ट्रैक्टिव और मनोरंजक थे। थियेटर वर्कशॉप के बच्चों ने नाटकों का खूब आनंद लिया और ठहाके लगाए। दोनों नाटक, 'गुलिवर्स ट्रैवल' और 'फ्लाइंग फ्लावर्स' का निर्देशन और डिजाइन मोहम्मद शमीम द्वारा किया गया था। <br /><br />'गुलिवर्स ट्रैवल' स्वतंत्रता, दृढ़ संकल्प, ताकत, साजिश, करुणा, दोस्ती और स्वीकृति की कहानी है। यह कोई प्रेम कहानी नहीं बल्कि प्रेम की कहानी थी। गुलिवर एक समुद्री तूफान से बहकर लिलिपुट की भूमि के तट पर पहुंच जाता है। उसे लिलिपुट्स पकड़ लेते हैं। वह एक कैदी बन जाता है, लेकिन विशाल होने की शक्ति के बावजूद, वह लिलिपुट्स का पोषण करता है। वह अपनी स्वतंत्रता के लिए बातचीत करता है। हालांकि उसे मारने की साजिश रची जाती है, पर वह बच निकलता है और सच्ची मित्रता की तलाश जारी रखता है और प्रेम की अपनी शक्ति को हल्के में नहीं लेते हुए, अपने सच्चे मित्रों को प्रदान करता है। पपेट डिजाइन और मेकिंग का कार्य शमीम और नीतू कुमारी ने किया था। स्क्रिप्ट शील, ज्योत्सना और शमीम द्वारा लिखी गई थी। <br /><br />इसी प्रकार से, नाटक 'फ्लाइंग फ्लावर्स' एक गैर-मौखिक प्रस्तुति है, जिसमें एक लड़का अपने दोस्त को कुछ फूल उपहार में देना चाहता है और फूल उसे हास्यपूर्ण घटनाओं और झगड़ों के माध्यम से एक यात्रा पर ले जाते हैं। स्टेज पर अविनाश कुमार, शील, मोहम्मद शमीम, कुमाई यादव, उमेश कुमार और प्रदीप कुमार थे। वहीं लाइट डिजाइन शाहा दत्त द्वारा की गई।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/audience-enjoys-plays-gullivers-travels-and-flying-flowers-at-jkk/article-11347</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/audience-enjoys-plays-gullivers-travels-and-flying-flowers-at-jkk/article-11347</guid>
                <pubDate>Sat, 04 Jun 2022 17:02:06 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2022-06/ii.jpg"                         length="32191"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अभी किराए पर ही उड़ान, डेढ़ साल बाद मिलेंगे हेलिकॉप्टर-विमान</title>
                                    <description><![CDATA[मल्टी टरबाइन जेट और चार सीटर हेलिकॉप्टर अगली सरकार में ही उपयोग आएंगे]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jaipur--flying-on-rent-now--helicopter-aircraft-will-be-available-after-one-and-a-half-year--long-process-of-company-selection--modification-and-training-from-tender--multi-turbine-jet-and-four-seater-helicopter-will-be-used-only-in-the-next-government/article-6928"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-03/helicopter.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान सरकार का हवाई बेड़ा अभी पूरी तरह से खाली है। एक विमान और हेलिकॉप्टर खरीद के टेंडर हो चुके हैं, लेकिन अभी डेढ़ साल सरकार को इनके आने का इंतजार करना ही पड़ेगा। ऐसे में फिलहाल सरकार की वीवीआईपी उड़ान के लिए किराए के विमान-हेलिकॉप्टर ही काम में लेने होंगे। प्रदेश के सिविल एविएशन विभाग वीवीआईपी उड़ान के लिए गुजरात की तर्ज पर 200 करोड़ का एक 10 सीटर मल्टी-टरबाइन अत्याधुनिक सुविधाओं से लबरेज जेट विमान और चार सीटर 30 करोड़ का हेलिकॉप्टर खरीद रहा है। टेंडर गत दो मार्च को हो गए हैं, अप्रैल में कंपनियों का चयन तो हो जाएगा, लेकिन इनके हवाई-बेड़े में लैंड होने में करीब डेढ़ साल का समय लगेगा यानी डिलेवरी चुनावों के वक्त तक ही हो पाएगी। ऐसे में इनका उपयोग अगली सरकार के वक्त ही हो पाएगा।<br /><br /><strong>7 साल में 100 करोड़ सेवाओं पर खर्च</strong><br />हवाई बेड़े में वीवीआईपी उड़ान के लिए सात साल से विमान-हेलिकॉप्टर नहीं है। इस समयावधि में किराए के विमान-हेलिकॉप्टर से ही वीवीआईपी उड़ान का काम चल रहा है। हर साल औसतन 18-20 करोड़ रुपए विमान सेवाओं पर खर्च होते हैं। पिछले दो साल महामारी के चलते राशि काफी कम खर्च हुई है। इस हिसाब से करीब सौ करोड़ रुपए अब तक किराए की उड़ान पर खजाने से खर्च हुए हैं। अभी डेढ़ साल और किराए पर ही विमान सेवा चलेगी। ऐसे में 27-30 करोड़ और खर्च होने का आंकलन है। <br /><br /><strong>खुद के सरकारी बेड़े में समय यूं लगेगा</strong><br />टेंडर की अंतिम तारीख के बाद कंपनियों से प्रजेंटेशन लिया जाएगा। फिर तकनीकी और फाइनेंशियल बिड़ खोली जाएगी, जिस कंपनी के हेलिकॉप्टर-विमान पर बात बनेगी, उनमें अत्याधुनिक सेवाओं के लिए सिविल एविएशन की तकनीकी कमेटी मैन्यूफेक्चरिंग कराएगी। इसके बाद मेंटिनेंस के लिए इंजीनियरों की टीम को और पायलटों को उड़ान के लिए विक्रेता कंपनी तीन माह की ट्रेनिंग देगी। इसके बाद डायरेक्टर जनरल आॅफ सिविल एविएशन की उड़ान को हरी झंडी मिलने की प्रक्रिया होगी। तब प्रदेश में वीवीआईपी उड़ान के लिए विमान मिलेंगे। <br /><br /><strong>महामारी ने रोकी थी पिछली खरीद</strong><br />गहलोत सरकार ने कोरोना महामारी शुरू होने से ठीक पहले फ्रांस की डेशो एविएशन कंपनी से मिड साइज 12 सीटर जेड विमान खरीद का निर्णय लिया था, लेकिन प्रस्ताव को महामारी के चलते सीएम ने मंजूर नहीं किया था। <br /><br />18 अप्रैल तक कंपनियों से टेंडर मांगे हैं। कंपनी चयन के बाद मोडिफिकेशन, ट्रेनिंग सहित अन्य कार्यों के बाद प्रदेश को मिलने में समय लगेगा।<br />-<strong>जितेन्द्र कुमार उपाध्याय, शासन सचिव, सिविल एविएशन विभाग</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jaipur--flying-on-rent-now--helicopter-aircraft-will-be-available-after-one-and-a-half-year--long-process-of-company-selection--modification-and-training-from-tender--multi-turbine-jet-and-four-seater-helicopter-will-be-used-only-in-the-next-government/article-6928</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jaipur--flying-on-rent-now--helicopter-aircraft-will-be-available-after-one-and-a-half-year--long-process-of-company-selection--modification-and-training-from-tender--multi-turbine-jet-and-four-seater-helicopter-will-be-used-only-in-the-next-government/article-6928</guid>
                <pubDate>Tue, 29 Mar 2022 12:07:51 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2022-03/helicopter.jpg"                         length="49212"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>महिला दिवस विशेष: बचपन से पायलट बनने का ख्वाब- वृषाली</title>
                                    <description><![CDATA[आज के युग में महिलाए हर सेक्टर में काम कर रही है, चाहे वह सेना हो या अन्य विभाग हो।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jaipur--indigo-airline-s-captain-vrushali-bhandarkar-said-that-since-childhood-he-had-a-dream-to-become-a-pilot--after-hard-work-today-she-is-flying-the-plane/article-5715"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-03/22.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। इंडिगो एयरलाइन की कैप्टन वृषाली भंडारकर ने कहा कि बचपन से उसका पायलट बनने का सपना था। कड़ी मेहनत के बाद आज वह विमान उड़ा रही है।<br />सन 2006 से विमान का संचालन कारी जयपुर निवासी वृषाली भंडारकर ने अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर सभी महिलाओं को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आज के युग में महिलाएं हर क्षेत्र में काम कर रही है। शुरुआती दिनों में उन्हें विमान संचालन में काफी झिझक थी। लेकिन अब आसानी से विमान का संचालन करती है। इस कार्य में परिवार जनों का पूरा सहयोग रहा। पहले महिलाएं घर से बाहर नहीं निकलती थी। लेकिन आज के युग में महिलाए हर सेक्टर में काम कर रही है, चाहे वह सेना हो या अन्य विभाग हो।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jaipur--indigo-airline-s-captain-vrushali-bhandarkar-said-that-since-childhood-he-had-a-dream-to-become-a-pilot--after-hard-work-today-she-is-flying-the-plane/article-5715</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jaipur--indigo-airline-s-captain-vrushali-bhandarkar-said-that-since-childhood-he-had-a-dream-to-become-a-pilot--after-hard-work-today-she-is-flying-the-plane/article-5715</guid>
                <pubDate>Tue, 08 Mar 2022 16:26:44 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2022-03/22.jpg"                         length="101697"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>युवक और युवतियां सेल्फी लेते रहे, पतंगें उड़ाते रहे, डीजे का धूम-धड़ाका</title>
                                    <description><![CDATA[मकर संक्रांति पर गुलाबी नगरी में सुबह से ही आसमान में पतंगों का रोमांच छाया रहा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/61e28c99d3598/article-4000"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-01/52.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। मकर संक्रांति पर गुलाबी नगरी में सुबह से ही आसमान में पतंगों का रोमांच छाया रहा। जयपुरवासियों ने तरह-तरह की पतंगे उड़ाई और मांझे से ढील देकर, खींच मारकर वो काटा, वो मारा का शोर किया। दिनभर आसमान में रंग-बिरंगी पतंगे दिखाई दी। चारदीवारी में लोग सुबह से ही अपनी चरखी, डोर और पतंग लेकर छतों पर चढ़ गए।</p>
<p><br /> नरेन्द्र मोदी, अमित शाह, अशोक गहलोत, सचिन पायलेट, राहुल गांध, अखिलेश यादव समेत कई नेताओं की पतंगे भी शहर में उड़ी। लोगों ने घरों में तिल के लड्डू, गजक, फीणी, घेवर, गर्मागर्म बड़े आदि का लुत्फ लेकर पतंगबाजी की। छोटे बच्चों ने आकाश में गुब्बारे उड़ाए। परिवार के साथ सेल्फी, नाश्ते से लेकर दोपहर का खाना भी परिवारों के साथ लोगों ने छत पर ही खाया। शाम गहराते ही आकाश में विशिंग लैम्प (लालटेन)और आतिशबाजी दिखाई दी। <br /> <br /> <strong>गायों को हरा चारा और गुड़ खिलाया</strong><br /> सभी गौशालाओं में दानदाताओं ने गायों को हरा चारा और गुड़ खिलाया। हिंगोनिया गौ पुनर्वास केन्द्र में कृष्ण बलराम सेवा ट्रस्ट की ओर से गायों को हरा चारा और गुड़ खिलाया गया। श्रद्धालु गौसेवा करने के लिए गौशालाओं में पहुंचे। सांगानेर पिंजरापोल गौशाला, हिंगोनिया गौशाला सहित सभी गौशालाओं में दान-पुण्य चला। लोगों ने बेघर लोगों को खाने-पीने की चीजे, कपड़े आदि दान किए। महिलाओं ने 14 वस्तुएं संकल्प लेकर परिवार और आस-पड़ोस में दान की।<br /> <br /> <strong>पतंगबाजी में कलक्टर के आदेश रहे बेअसर</strong><br /> जयपुर। मकर संक्रांति पर पतंगबाजी से होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के लिए जिला कलक्टर द्वारा सुबह 6 से 8 बजे तक और शाम 5 से 7 बजे तक पतंगबाजी न करने के आदेश बेअसर साबित हुए है। जिला कलक्टर अंतर सिंह नेहरा ने आदेश में कहा था कि उस वक्त बेजुबान पक्षियों का आकाश में विचरण होता है। ऐसे में पतंगबाजी से पक्षियों के घायल होने की संभावना ज्यादा रहती है। इसलिए पतंगबाजी पर 31 जनवरी तक रोक लगा रखी है, लेकिन मकर संक्रांति के दिन पतंगबाजी होती रही।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/61e28c99d3598/article-4000</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/61e28c99d3598/article-4000</guid>
                <pubDate>Sat, 15 Jan 2022 14:37:09 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2022-01/52.jpg"                         length="264602"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जयपुर में 31 जनवरी तक पतंग उड़ाने पर लगा प्रतिबंध</title>
                                    <description><![CDATA[जिला कलेक्टर ने धारा-144 के तहत जारी किया आदेश, सुबह 6 से 8 और शाम 5 से 7 बजे तक रहेगा प्रतिबंध]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E0%A4%9C%E0%A4%AF%E0%A4%AA%E0%A5%81%E0%A4%B0-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-31-%E0%A4%9C%E0%A4%A8%E0%A4%B5%E0%A4%B0%E0%A5%80-%E0%A4%A4%E0%A4%95-%E0%A4%AA%E0%A4%A4%E0%A4%82%E0%A4%97-%E0%A4%89%E0%A5%9C%E0%A4%BE%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%AA%E0%A4%B0-%E0%A4%B2%E0%A4%97%E0%A4%BE-%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%A4%E0%A4%BF%E0%A4%AC%E0%A4%82%E0%A4%A7/article-3462"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-12/patangbaji.jpg" alt=""></a><br /><p> जयपुर। जिला कलेक्टर अन्तर सिंह नेहरा ने एक आदेश जारी कर जयपुर जिले (पुलिस आयुक्तालय के अलावा) की समस्त राजस्व सीमाओं में कोई भी व्यक्ति किसी भी प्रकार से प्लास्टिक से बने पक्के धागे या अन्य चाइनीज सिंथेटिक पदार्थ से बने या विषैले पदार्थ जैसे लोहा पाउडर या काच पाउडर आदि के निर्माण करने, परिवहन, भंडारण, विक्रय और उपयोग के साथ पतंग उड़ाने पर प्रतिबंध लगा दिया है। इस आदेशानुसार सुबह 6 से 8 बजे तक और शाम 5 से 7 बजे तक जयपुर जिले की समस्त राजस्व सीमाओं में पतंग उड़ाने पर प्रतिबंध रहेगा। यह आदेश 31 जनवरी सुबह 7 बजे तक रहेगा। वहीं मेट्रो प्रशासन की ओर से भी मेट्रो ट्रैक के आसपास पतंगबाजी नहीं करने की अपील की गई है। इसके पीछे का कारण मेट्रो ट्रैक पर लगे तारों में हाईवॉल्टेज करंट दौड़ना बताया गया है। पतंग उड़ाने से हादसा होने की संभावना बनी रहती है। <br /> <br />  </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E0%A4%9C%E0%A4%AF%E0%A4%AA%E0%A5%81%E0%A4%B0-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-31-%E0%A4%9C%E0%A4%A8%E0%A4%B5%E0%A4%B0%E0%A5%80-%E0%A4%A4%E0%A4%95-%E0%A4%AA%E0%A4%A4%E0%A4%82%E0%A4%97-%E0%A4%89%E0%A5%9C%E0%A4%BE%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%AA%E0%A4%B0-%E0%A4%B2%E0%A4%97%E0%A4%BE-%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%A4%E0%A4%BF%E0%A4%AC%E0%A4%82%E0%A4%A7/article-3462</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E0%A4%9C%E0%A4%AF%E0%A4%AA%E0%A5%81%E0%A4%B0-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-31-%E0%A4%9C%E0%A4%A8%E0%A4%B5%E0%A4%B0%E0%A5%80-%E0%A4%A4%E0%A4%95-%E0%A4%AA%E0%A4%A4%E0%A4%82%E0%A4%97-%E0%A4%89%E0%A5%9C%E0%A4%BE%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%AA%E0%A4%B0-%E0%A4%B2%E0%A4%97%E0%A4%BE-%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%A4%E0%A4%BF%E0%A4%AC%E0%A4%82%E0%A4%A7/article-3462</guid>
                <pubDate>Thu, 23 Dec 2021 12:03:04 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2021-12/patangbaji.jpg"                         length="13569"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>वायु सेना में नौकरी पाने की इच्छा रखने वाले उम्मीदवारों के लिए काम की खबर। </title>
                                    <description><![CDATA[JOB Alert : भारतीय वायु सेना ने निकाली 317 सरकारी नौकरियां, फ्लाईंग ब्रांच और ग्राउंड ड्यूटी दोनो में भर्ती]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/business/%E0%A4%B5%E0%A4%BE%E0%A4%AF%E0%A5%81-%E0%A4%B8%E0%A5%87%E0%A4%A8%E0%A4%BE-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%A8%E0%A5%8C%E0%A4%95%E0%A4%B0%E0%A5%80-%E0%A4%AA%E0%A4%BE%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%87%E0%A4%9A%E0%A5%8D%E0%A4%9B%E0%A4%BE-%E0%A4%B0%E0%A4%96%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%B5%E0%A4%BE%E0%A4%B2%E0%A5%87-%E0%A4%89%E0%A4%AE%E0%A5%8D%E0%A4%AE%E0%A5%80%E0%A4%A6%E0%A4%B5%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%B2%E0%A4%BF%E0%A4%8F-%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%AE-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%96%E0%A4%AC%E0%A4%B0%E0%A5%A4/article-2833"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-11/job11.jpg" alt=""></a><br /><p>भारतीय वायु सेना आइएएफ ने फ्लाईंग ब्रांच में शॉर्ट सर्विस कमीशन और ग्राउंट ड्यूटी टेक्निकल और नॉन-टेक्निकल दोनो में पर्मानेंट कमीशन एवं शॉर्ट सर्विस कमीशन दोनो में कुल 317 पदों पर भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किया है। आइएएफ द्वारा रोजगार समाचार सप्ताह 27 नवंबर से 3 दिसंबर 2021 में जारी विज्ञापन के अनुसार इन सभी पदों पर नियुक्ति के लिए उम्मीदवारों का चयन वायु सेना द्वारा आयोजित किए जाने वाले एयर फोर्स कॉमन ऐडमिशन टेस्ट के माध्यम से किया जाएगा। वायु सेना द्वारा जनवरी 2023 में शुरू होने वाले कोर्सेस में एएफकैट 01/2022 बैच एवं एनसीसी स्पेशल एंट्री से आवेदन और चयन प्रक्रिया आयोजित की जाएगी।</p>
<p><br />आवेदन प्रक्रिया <br />वायु सेना द्वारा एएफकैट 01/2022 बैच एवं एनसीसी स्पेशल एंट्री के लिए आवेदन की प्रक्रिया 1 दिसंबर से शुरू की जाएगी और उम्मीदवार एएफकैट आधिकारिक पोर्टल पर उपलब्ध कराए जाने वाले ऑनलाइन अप्लीकेशन फॉर्म के माध्यम से आवेदन कर पाएंगे। आवेदन की आखिरी तारीख 30 दिसंबर 2021 निर्धारित की गई है। ऑनलाइन आवेदन के दौरान उम्मीदवारों को 250 रुपये का परीक्षा शुल्क भरना होगा,जिसका भुगतान उम्मीदवार ऑनलाइन माध्यमों से कर पाएंगे। एनसीसी स्पेशल एंट्री के लिए परीक्षा शुल्क नहीं है।</p>
<p><br />योग्यता मानदंड <br />वायु सेना द्वारा एएफकैट बैच 01/2022 भर्ती विज्ञापन के अनुसार फ्लाईंग ब्रांच के लिए आवेदन के इच्छुक उम्मीदवारों की आयु 1 जुलाई 2023 को 20 वर्ष से 24 वर्ष के बीच होनी चाहिए, यानि कि उनका जन्म 2 जुलाई 1999 से 1 जुलाई 2003 के बीच हुआ हो। वहीं एएफकैट ग्राउंट ड्यूटी ब्रांच के लिए आयु सीमा 20 से 26 वर्ष है। दोनों ही प्रकार की एंट्री के लिए उम्मीदवारों को आयु सीमा के साथ-साथ निर्धारित शैक्षणिक योग्यता और शारीरिक मानदंडों की शर्तों को भी पूरी करना जिसकी जानकारी वायु सेना द्वारा ऑफिशियल वेबसाइट पर जारी किए जाने वाले एएफकैट 01/2022 विस्तृत अधिसूचना से ले पाएंगे।<br />आखिरी तारीख : 30 दिसंबर 2021</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/business/%E0%A4%B5%E0%A4%BE%E0%A4%AF%E0%A5%81-%E0%A4%B8%E0%A5%87%E0%A4%A8%E0%A4%BE-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%A8%E0%A5%8C%E0%A4%95%E0%A4%B0%E0%A5%80-%E0%A4%AA%E0%A4%BE%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%87%E0%A4%9A%E0%A5%8D%E0%A4%9B%E0%A4%BE-%E0%A4%B0%E0%A4%96%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%B5%E0%A4%BE%E0%A4%B2%E0%A5%87-%E0%A4%89%E0%A4%AE%E0%A5%8D%E0%A4%AE%E0%A5%80%E0%A4%A6%E0%A4%B5%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%B2%E0%A4%BF%E0%A4%8F-%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%AE-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%96%E0%A4%AC%E0%A4%B0%E0%A5%A4/article-2833</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/business/%E0%A4%B5%E0%A4%BE%E0%A4%AF%E0%A5%81-%E0%A4%B8%E0%A5%87%E0%A4%A8%E0%A4%BE-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%A8%E0%A5%8C%E0%A4%95%E0%A4%B0%E0%A5%80-%E0%A4%AA%E0%A4%BE%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%87%E0%A4%9A%E0%A5%8D%E0%A4%9B%E0%A4%BE-%E0%A4%B0%E0%A4%96%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%B5%E0%A4%BE%E0%A4%B2%E0%A5%87-%E0%A4%89%E0%A4%AE%E0%A5%8D%E0%A4%AE%E0%A5%80%E0%A4%A6%E0%A4%B5%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%B2%E0%A4%BF%E0%A4%8F-%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%AE-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%96%E0%A4%AC%E0%A4%B0%E0%A5%A4/article-2833</guid>
                <pubDate>Tue, 30 Nov 2021 11:23:37 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2021-11/job11.jpg"                         length="38256"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पुरुषों से कंधा कैसे मिलाए: अशिक्षा महिला सशक्तिकरण और बाल विवाह आत्मनिर्भरता की हत्या कर रहा</title>
                                    <description><![CDATA[बेटियों की अधूरी ‘उड़ान’ : 36.5 फीसदी कभी स्कूल नहीं गईं, 25.4 फीसदी का बाल विवाह हो रहा : नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे की रिपोर्ट में खुलासा]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E0%A4%AA%E0%A5%81%E0%A4%B0%E0%A5%81%E0%A4%B7%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%B8%E0%A5%87-%E0%A4%95%E0%A4%82%E0%A4%A7%E0%A4%BE-%E0%A4%95%E0%A5%88%E0%A4%B8%E0%A5%87-%E0%A4%AE%E0%A4%BF%E0%A4%B2%E0%A4%BE%E0%A4%8F--%E0%A4%85%E0%A4%B6%E0%A4%BF%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B7%E0%A4%BE-%E0%A4%AE%E0%A4%B9%E0%A4%BF%E0%A4%B2%E0%A4%BE-%E0%A4%B8%E0%A4%B6%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%A4%E0%A4%BF%E0%A4%95%E0%A4%B0%E0%A4%A3-%E0%A4%94%E0%A4%B0-%E0%A4%AC%E0%A4%BE%E0%A4%B2-%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%B5%E0%A4%BE%E0%A4%B9-%E0%A4%86%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%AE%E0%A4%A8%E0%A4%BF%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%AD%E0%A4%B0%E0%A4%A4%E0%A4%BE-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%B9%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A4%BE-%E0%A4%95%E0%A4%B0-%E0%A4%B0%E0%A4%B9%E0%A4%BE/article-2780"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-11/women_mahilaye.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान में 21 वीं सदी में पुरुषों से कंधे से कंधा मिलाकर चलने का बेटियों का लक्ष्य अभी सपना भर है। अशिक्षा उनकी महिला सशक्तिरण और बाल विवाह उनकी आत्मनिर्भरता का गला घोंठ रहा है। देश में हाल ही में हुए नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे की रिपोर्ट तो यहीं कहती है। प्रदेश में आज भी 36.5 फीसदी बेटियां की उड़ान पंख लगने से पहले ही अशिक्षा की शिकार हो रही है। छह साल की उम्र के बाद इन बेटियों को कभी स्कूल नसीब नहीं हुआ है। शहरी इलाको में राजस्थान में शहरी इलाकों में भी 23.1 फीसदी और गांवों में 40.6 फीसदी बच्चियां ऐसी हैं जो छह साल की उम्र के बाद कभी स्कूल नहीं गईं। गांव तो छोड़े शहरों में भी हालात खास अच्छे नहीं हैं। शहरों में भी ऐसी बेटियों की संख्या 23.1 फीसदी है। गांवों में यह संख्या 39.6 फीसदी हैं। वहीं सरकार  के लाख प्रयासों, सख्त कानूनों के बावजूद 25.4 फीसदी का बाल विवाह हो रहा है। गांवों में आज भी 28.1 फीसदी और शहरों में 15.1 फीसदी बेटियां बाल विवाह की शिकार हो रही हैं। हालांकि गत पांच साल में इसमें 10 फीसदी की गिरावट आई है। लेकिन महिला सशक्तिकरण में अभी भी यह कुप्रथा एक चुनौती से कम नहीं है। <br /> <br /> <strong><br /> </strong><span style="background-color:#ffff99;"><span style="color:#ff0000;"><span style="font-size:larger;"><strong>महिला शक्ति के लिए यह भी चिंता का विषय</strong></span></span></span><br /> 1. <strong>आधी से ज्यादा महिलाएं खून की कमी से ग्रसित</strong><br /> पाश्चात्य खान-पान, पोषक भोजन और बिगड़ी दिनचर्या ने खून की कमी से ग्रसित महिलाओं-पुरूषों की संख्या में बढ़ोतरी की है। महिलाओं में तो यह अनुपात खासा चिंताजनक है। आधी से ज्यादा यानी 54.4 फीसदी महिलाएं खून की कमी से पीड़ित है यानी एनीमिक है। पांच साल में इसमें 11.6 फीसदी बढ़ोतरी ही हुई है। पुरुषों में 6 फीसदी ज्यादा हुआ है। प्रदेश में 23.2  फीसदी पुरुष ऐसे हैं जो एनीमिया की गिरफ्त में है।</p>
<p><br /> 2. <strong>खुद की संपत्ति अर्जन में भी खास जागरूक नहीं हो रहीं</strong><br /> प्रदेश में पांच साल पहले 24.1 फीसदी महिलाएं थीं जिनके नाम पारिवारिक या अर्जित संपत्तियों का मालिकाना हक था। इसमें पांच साल में कोई खास बढ़ोतरी नहीं हुई है। केवल 2.5 फीसदी ज्यादा यानी 26.6 फीसदी के नाम ही अभी संपत्तियों का मालिकाना हक है। चिंता की बात यह है कि ग्रामीण ही नहीं शहरी महिलाएं भी इस अधिकार के प्रति जागरूक नहीं है। शहर-गांव में महिलाएं बराबर स्थितियों में है। प्रदेश में कई योजनाओं में महिलाओं को मुखिया बनाया जा रहा है लेकिन फिर भी 20.4 फीसदी महिलाओं के योजनाओं में फायदा लेने के लिए बैंक अकाउंट तक नहीं है।  </p>
<p><br /> 3.  <strong>28.9 फीसदी के पास अभी भी शौचालय नहीं, 1.9 फीसदी आबादी के घर रोशन नहीं</strong><br /> 28.9 फीसदी लोग ऐसे हैं जिनके पास शौच के लिए शौचालय की उचित व्यवस्था नहीं है। साफ है कि इस आबादी में समाहित महिलाएं आज भी खुले में शौच को मजबूर हैं। शहरी क्षेत्रों तक में 12.8 फीसदी लोगों के पास उचित शौचालय की व्यवस्था नहीं है। वहीं गांवों में तो अभी भी 43.9 फीसदी के पास शौचालय नहीं है। <br />  </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E0%A4%AA%E0%A5%81%E0%A4%B0%E0%A5%81%E0%A4%B7%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%B8%E0%A5%87-%E0%A4%95%E0%A4%82%E0%A4%A7%E0%A4%BE-%E0%A4%95%E0%A5%88%E0%A4%B8%E0%A5%87-%E0%A4%AE%E0%A4%BF%E0%A4%B2%E0%A4%BE%E0%A4%8F--%E0%A4%85%E0%A4%B6%E0%A4%BF%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B7%E0%A4%BE-%E0%A4%AE%E0%A4%B9%E0%A4%BF%E0%A4%B2%E0%A4%BE-%E0%A4%B8%E0%A4%B6%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%A4%E0%A4%BF%E0%A4%95%E0%A4%B0%E0%A4%A3-%E0%A4%94%E0%A4%B0-%E0%A4%AC%E0%A4%BE%E0%A4%B2-%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%B5%E0%A4%BE%E0%A4%B9-%E0%A4%86%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%AE%E0%A4%A8%E0%A4%BF%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%AD%E0%A4%B0%E0%A4%A4%E0%A4%BE-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%B9%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A4%BE-%E0%A4%95%E0%A4%B0-%E0%A4%B0%E0%A4%B9%E0%A4%BE/article-2780</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E0%A4%AA%E0%A5%81%E0%A4%B0%E0%A5%81%E0%A4%B7%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%B8%E0%A5%87-%E0%A4%95%E0%A4%82%E0%A4%A7%E0%A4%BE-%E0%A4%95%E0%A5%88%E0%A4%B8%E0%A5%87-%E0%A4%AE%E0%A4%BF%E0%A4%B2%E0%A4%BE%E0%A4%8F--%E0%A4%85%E0%A4%B6%E0%A4%BF%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B7%E0%A4%BE-%E0%A4%AE%E0%A4%B9%E0%A4%BF%E0%A4%B2%E0%A4%BE-%E0%A4%B8%E0%A4%B6%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%A4%E0%A4%BF%E0%A4%95%E0%A4%B0%E0%A4%A3-%E0%A4%94%E0%A4%B0-%E0%A4%AC%E0%A4%BE%E0%A4%B2-%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%B5%E0%A4%BE%E0%A4%B9-%E0%A4%86%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%AE%E0%A4%A8%E0%A4%BF%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%AD%E0%A4%B0%E0%A4%A4%E0%A4%BE-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%B9%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A4%BE-%E0%A4%95%E0%A4%B0-%E0%A4%B0%E0%A4%B9%E0%A4%BE/article-2780</guid>
                <pubDate>Sat, 27 Nov 2021 13:23:03 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2021-11/women_mahilaye.jpg"                         length="215125"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        