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                <title>region - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>नई दिल्ली में क्वाड देशों की महाबैठक: 26 मई को जुटेंगे 4 देशों के विदेश मंत्री, हिंद-प्रशांत सुरक्षा पर होगी चर्चा</title>
                                    <description><![CDATA[भारत की मेजबानी में 26 मई को नई दिल्ली में क्वाड विदेश मंत्रियों की बैठक होगी। विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर के निमंत्रण पर अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो, ऑस्ट्रेलिया की पेनी वोंग और जापान के तोशिमित्सु मोतेगी भारत आएंगे। बैठक में मुक्त हिंद-प्रशांत क्षेत्र और मजबूत वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला पर रणनीतिक चर्चा होगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/important-meeting-of-quad-will-be-held-on-26th-may/article-154642"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/quad.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। क्वाड देशों के विदेश मंत्रियों की बहुप्रतीक्षित बैठक आगामी 26 मई को यहां होगी, जिसमें शामिल होने के लिए अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रूबियो, ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री पेनी वोंग और जापान के विदेश मंत्री तोशिमित्सु मोतेगी भारत की आधिकारिक यात्रा पर आ रहे हैं। विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को बताया कि बैठक में मुक्त और खुले हिन्द-प्रशांत क्षेत्र और अन्य पारस्परिक महत्व के अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर हाल के घटनाक्रमों पर विचार करेंगे।</p>
<p>वक्तव्य में कहा गया है कि विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर के निमंत्रण पर पेनी वोंग, मोतेगी तथा रुबियो क्वाड विदेश मंत्रियों की बैठक में भाग लेने के लिए नयी दिल्ली की आधिकारिक यात्रा करेंगे। मंत्रालय ने कहा है कि सभी सदस्य देश मुक्त और खुले हिन्द-प्रशांत के लिए क्वाड की परिकल्पना के अनुरूप पिछले वर्ष एक जुलाई को वॉशिंगटन में हुई चर्चाओं को आगे बढ़ाएंगे। वे प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में क्वाड सहयोग को आगे बढ़ाने पर विचारों का आदान-प्रदान करेंगे।</p>
<p>इसके अलावा सदस्य मौजूदा क्वाड पहलों की प्रगति की समीक्षा करेंगे, तथा हिन्द-प्रशांत क्षेत्र और अन्य पारस्परिक महत्व के अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर हाल के घटनाक्रमों पर विचार करेंगे। यात्रा के दौरान, ऑस्ट्रेलिया और जापान के विदेश मंत्रियों तथा अमेरिका के विदेश मंत्री के विदेश मंत्री डॉ जयशंकर के साथ द्विपक्षीय बैठकें करने तथा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से भेंट करने की भी संभावना है। इस बीच, भारत में अमेरिका के दूतावास ने कहां है कि अमेरिका स्वतंत्र और खुले हिंद प्रशांत क्षेत्र के लिए एकजुटता के साथ खड़ा है। दूतावास ने कहा है कि रबियो की भारत यात्रा क्षेत्रीय सुरक्षा से लेकर महत्वपूर्ण खनिज आपूर्ति श्रृंखलाओं में विविधता लाने में महत्वपूर्ण साबित होगी।</p>
<p>दूतावास ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा, “एक स्वतंत्र और खुले हिंद-प्रशांत के लिए साथ खड़े हैं। क्षेत्रीय सुरक्षा को समर्थन देने से लेकर महत्वपूर्ण खनिज आपूर्ति श्रृंखलाओं में विविधता लाने तक विदेश मंत्री मार्को रूबियो की भारत की आगामी यात्रा क्वाड साझेदारी के महत्व को रेखांकित करती है।" उल्लेखनीय है कि क्वॉड की बैठक पिछले काफी समय से टलती आ रही थी। मौजूदा भू-राजनीतिक परिस्थितियों में इस बैठक का महत्व और भी अधिक बढ़ गया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 22 May 2026 14:27:42 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>शेखावाटी अंचल में नहीं है खेल प्रतिभाओं का अभाव : जिला कलक्टर चतुर्वेदी</title>
                                    <description><![CDATA[जिला वालीबॉल संघ के कोषाध्यक्ष मदन लाल शर्मा ने बताया कि इससे पहले भी सुनील जाखड़, अशोक विश्नोई, टेकचंद व गौरव शर्मा ने राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में राजस्थान का प्रतिनिधतत्व करते हुए पदक प्राप्त कर जिले का नाम रोशन किया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/sikar/there-is-no-lack-of-sports-talent-in-shekhawati-region/article-20634"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-08/514.jpg" alt=""></a><br /><p>सीकर। सांवली रोड़ जिला स्टेडियम स्थित वालीबॉल खेल मैदान पर 14वीं एशियन वालीबॉल प्रतियोगिता में भारत का प्रतिनिधितत्व करने वाले खिलाड़ी सूरज बंजारा का जिला कलेक्टर एवं अध्यक्ष जिला क्रीड़ा परिषद अविचल चतुवेर्दी ने स्वागत करते हुए कहा कि शेखावाटी अंचल में खेल प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की बजटीय घोषणा की अनुपालना में पहली बार होने वाले राजीव गांधी ग्रामीण ओलम्पिक खेल के जरिये गांव-गांव, ढ़ाणी-ढ़ाणी में छिपी खेल प्रतिभाओं को तलाशकर उन्हें तराशने की अनूठी पहल की गई है।</p>
<p>इससे युवाओं में स्वास्थ्य एवं खेलों के प्रति जागरूकता पैदा होगी। युवा नशे जैसी बुरी लत से दूर होकर खेल के माध्यम से अपना भविष्य संवारेंगे। जिला वालीबॉल संघ के कोषाध्यक्ष मदन लाल शर्मा ने बताया कि इससे पहले भी सुनील जाखड़, अशोक विश्नोई, टेकचंद व गौरव शर्मा ने राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में राजस्थान का प्रतिनिधतत्व करते हुए पदक प्राप्त कर जिले का नाम रोशन किया है। गौरतलब है यह सभी खिलाडी जिला खेलकूद प्रशिक्षण केन्द्र के वालीबॉल प्रशिक्षक प्रकाशराम गोदारा की देखरेख मे जिला स्टेडियम में वालीबॉल का नियमित रूप से प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे है। इस मौके पर जिला खेल अधिकारी अशोक कुमार, जिला कबड्डी संघ के अध्यक्ष जगदीश फौजी, जिला वालीबॉल संघ के कोषाध्यक्ष मदन लाल शर्मा, एसएमडी ग्रुप के निदेशक सोमेन्द्र यादव, सक्सेस सेंटर के निदेशक रामनिवास सैनी आदि मौजूद थे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>सीकर</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 27 Aug 2022 12:44:42 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
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            <item>
                <title> एनसीआर का नए सिरे से पुनर्गठन, राजस्थान का 7000 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र बाहर</title>
                                    <description><![CDATA[आरपी-2041 को मार्च 2022 तक अंतिम रूप दिया जाएगा]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/restructuring-of-ncr--7000-sq-km-area-out-of-rajasthan--world-s-most-populous-region-by-2030--territories-of-other-states-also-outside/article-5299"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-03/ncr.jpg" alt=""></a><br /><p> जयपुर। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) का नए सिरे से पुनर्गठन लगभग फाइनल हो गया है, मार्च में इसे अंतिम रूप दिया जाएगा। नए मापदण्डों के आधार पर पुनर्गठन से राजस्थान का करीब 7000 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र एनसीआर से बाहर हो गया है, अब केवल करीब 6000 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र ही एनसीआर में रह सकेगा।</p>
<p><span style="background-color:#ffff99;color:#ff0000;"><strong>आरपी-2041 को मार्च 2022 तक अंतिम रूप दिया जाएगा</strong></span><br />दरअसल, दिल्ली के केन्द्र बिन्दु से 100 किलोमीटर की परिधि में क्षेत्र रखा गया है। इसके चलते भरतपुर और अलवर के क्षेत्र इस दायरे से बाहर आ रहे है, जबकि इनके कुछ क्षेत्रों के तो वर्ष 2020 में सब रीजन प्लान भी तैयार किए गए है। इस परिधि में किसी तहसील का 50 प्रतिशत या इससे अधिक क्षेत्र आता है तो उस तहसील का पूरा क्षेत्र एनसीआर में शामिल रहेगा। एनसीआर में बढ़ते शहरीकरण के साथ यह क्षेत्र 2030 तक दुनिया का सबसे बड़ी आबादी वाला क्षेत्र बनने जा रहा है। एनसीआर के मौजूदा क्षेत्र के जिन शहरी क्षेत्रों में मास्टर प्लान बन चुके है, वे इलाके भी एनसीआर में शामिल होंगे। ऐसे नेशनल राजमार्ग और राज्य राजमार्ग जो वर्तमान में जितनी लंबाई तक क्षेत्र में शामिल है, इन राजमार्गों उस लंबाई तक दोनों तरफ एक-एक किलोमीटर का इलाका भी शामिल किया जाएगा। यूडीएच मंत्री शांति धारीवाल ने केन्द्र के समक्ष अनुरोध करते हुए कहा था कि एनसीआर में शामिल राजस्थान के अलवर व भरतपुर जिलों को पूरी तरह से शामिल रखा जाए।</p>
<p><br /><span style="background-color:#ffff99;color:#ff0000;"><strong>क्षेत्रीय योजना-2041 का प्रारूप तैयार</strong></span><br />बोर्ड ने कुछ संशोधनों के साथ मसौदा क्षेत्रीय योजना-2041 का प्रारूप तैयार किया। इस प्रारूप पर राज्यों से आपत्ति व सुझाव मांगे गए थे। आरपी-2041 को मार्च 2022 तक अंतिम रूप दिया जाएगा। केन्द्र का मानना है कि एनसीआर में बढ़ते शहरीकरण के साथ यह क्षेत्र 2030 तक दुनिया का सबसे बड़ी आबादी वाला क्षेत्र बनने जा रहा है, जो इस क्षेत्र के भविष्य के लिए बड़ी चुनौती उत्पन्न करेगा। आरपी-2041 के मसौदे में जनसंख्या अनुमान को लेकर राज्यों पर कोई प्रतिबंध नहीं लगाया है। राज्य अगले बीस वर्षों के लिए अपने अनुमानों और उनके बुनियादी ढ़ांचे और अन्य विकास आवश्यकताओं के अनुसार आंकड़े ले सकते है।</p>
<p><span style="background-color:#ffff99;color:#ff0000;"><strong>ग्रामीण क्षेत्र में उद्योगों को फायदा</strong></span><br />एनसीआर से जिन क्षेत्रों को बाहर रखा गया है, उनमें शहरी व ग्रामीण दोनों शामिल है। शहरी क्षेत्रों में संबंधित निकाय की ओर से विकास कार्य होते रहेंगे, प्लानिंग बोर्ड से वित्तीय सहायता नहीं मिल सकेगी, जबकि जो ग्रामीण क्षेत्र बाहर हुआ है, उस क्षेत्र में यह फायदा रहेगा कि वहां पर किसी तरह का उद्योग लगाने के लिए जो पहले एनजीटी सहित कई एनओसी लेनी पड़ती थी, अब उनसे राहत मिल सकेगी।<br /><br />इसका भविष्य में पता चल सकेगा कि क्या नुकसान होगा। राज्य की ओर से क्षेत्रीय योजना-2041 के प्रारूप पर सुझाव भी दिए गए है। कुछ क्षेत्रों के तो 2020 में ही सब रीजन प्लान तैयार किए गए थे। राज्य सरकार ने मौजूदा क्षेत्र को रखने का सुझाव दिया था। -<strong>ओम प्रकाश पारीक, सीटीपी एनसीआर</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 02 Mar 2022 10:31:44 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>यूक्रेन पर रूस के हमले का 2nd DAY: यूक्रेन के 137 लोगों की मौत, सैन्य ठिकानों पर हमले जारी</title>
                                    <description><![CDATA[चेर्नोबिल परमाणु ठिकाने पर रूस ने किया कब्जा]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/2nd-day-of-russia-s-attack-on-ukraine--137-people-killed-in-ukraine--air-strikes-on-several-ukrainian-airports--missiles-fired-on-the-south-eastern-region-of-ukraine--attacks-on-military-bases-continue/article-4957"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-02/ukrainian03.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:left;">मॉस्को/कीव। लंबे तनाव के बाद रूस ने गुरुवार सुबह साढ़े आठ बजे यूक्रेन पर हमला बोल दिया। शुक्रवार को दूसरे दिन भी रूस का यूक्रेन पर हमला जारी है। पहले दिन रूसी हमले में यूक्रेन के 137 लोगों की मौत की खबर है। रूसी सेना ने परमाणु ठिकाने चर्नोबिल पर भी कब्जा कर लिया है। उधर, यूक्रेन ने रूस के 50 सैनिकों को मारने और 6 फाइटर जेट्स, टैंक्स तबाह करने का दावा किया। रूस तीन तरफ से यूक्रेन पर हमले कर रहा है। कीव में यूक्रेन का एक फाइटर जेट क्रैश हो गया जिसमें 14 सैनिकों के मारे गए हैं। हमले के बाद यूक्रेन ने मार्शल लॉ लागू कर दिया और हवाई क्षेत्र बंद कर दिया। वहीं दूसरे दिन भी रूस के हवाई हमले जारी है। रूस की सैनी यूक्रेन के सैन्य ठिकानों पर हमले कर रही है।  यूक्रेन के दक्षिण-पूर्वी इलाके पर मिसाइल दागी गई है। यूक्रेन की राजधानी कीव की ओर रूस की सैना बढ़ रही है।<br /><br /><strong>कई गांवों पर कब्जा </strong><br />रूस की ग्राउंड सेना यूक्रेन में घुस गईं और वहां कई गांवों पर कब्जा कर लिया। रूस के कमांडो पैराट्रूपर्स यूक्रेन के मिलिट्री इंस्टॉलेशन्स के करीब उतरकर इनको अपने कब्जे में ले रहे हैं।  <br /><br /><strong>रूस का दावा: </strong><strong>यूक्रेन में 70 से अधिक सैन्य ठिकाने तबाह</strong><br />रूस ने कहा कि उसकी सेना ने यूक्रेन में 11 हवाई क्षेत्रों सहित 70 से अधिक सैन्य ठिकानों को नेस्तनाबूद कर दिया है। एक सैन्य हेलीकॉप्टर और चार ड्रोन को भी मार गिराया है। नष्ट किए फैसिलिटी में 11 एयरफिल्ड, तीन कमंडा पोस्ट और एस-300 के 18 रडार स्टेशन व बुक-एम1 एंटी-एयरक्राफ्ट मिसाइल सिस्टम शामिल हैं। <br /><br /><strong>रूस पर लगाए कड़े प्रतिबंध <br />यूक्रेन में नहीं जाएगी अमेरिकी सेनाएं : बाइडन</strong><br />यूक्रेन संकट पर गुरुवार देर रात अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने कहा कि अमेरिकी सेनाएं यूक्रेन नहीं जाएंगी। अमेरिका रूस पर कड़े प्रतिबंध लगा रहा है। दुनिया के अधिकांश देश रूस के कदम के खिलाफ हैं। किसी भी देश पर कब्जा करना गलत है। इस समय सभी देशों को एकजुट होने का मौका है। हम चाहते हैं कि इस समस्या को जल्द समाधान हो। <br /><br /><br /><strong>दूतावास भारतीयों की स्वदेश वापसी के लिए भी समाधान निकालने में जुटा है।यूक्रेन में फंसे कोटपूतली के मेडिकल छात्रों ने बताई स्थिति<br />सड़कों पर दहशत, आ रही धमाकों की आवाजें</strong><br />रूस के हमले के कारण यूक्रेन में हालत बिगड़ते जा रहे हैं। कोटपूतली एवं आसपास के क्षेत्र के काफी संख्या में छात्र वहां फंसे हुए हैं। वे यूक्रेन के विभिन्न मेडिकल विश्वविद्यालयों में डॉक्टरी की पढ़ाई कर रहे हैं। यूक्रेन की राजधानी कीव स्थित ईवानों फ्रेंकीवस्क नेशनल मेडिकल यूनिवर्सिटी में अध्ययनरत ग्राम गोपालपुरा निवासी छात्र पवन कुमार ने व्हॉट्सअप कॉल पर बताया कि राजधानी कीव में हालात बेहद बिगड़ चुके हैं। रूस के हमले के साथ ही राजधानी का एयर स्पेश भी बंद कर दिया गया है। गोलियां की ढाणी निवासी दीपक गुर्जर ने बताया कि हमला शुरू होने के बाद बड़ी संख्या में लोग राजधानी छोड़ रहे हैं। धीरे-धीरे खाद्य सामग्री भी खत्म हो रही है, लोग भारी मात्रा में खरीददारी कर रहे हैं। स्थानीय दुकानदारों ने खाद्य सामग्री भी बेहद महंगी कर दी है।<br /><br /> इसी प्रकार ग्राम गोपालपुरा के ढाणी बौरावाली निवासी छात्र हंसराज गुर्जर भी वहां फंसे हैं। हंसराज ने बताया कि सुबह से यूनिवर्सिटी के हॉस्टल के बाहर धमाके की आवाज आ रही है। विद्यार्थियों में डर का माहौल है। इसी प्रकार यूक्रेन में रूस की सीमा से महज 38 किमी अंदर स्थित सुमी शहर की सुमी स्टेट मेडिकल यूनिवर्सिटी के हॉस्टल में निकटवर्ती बानसूर क्षेत्र के ग्राम मौजी की ढाणी निवासी छात्र रोहित रावत भी फंसे हुए हैं। उन्होंने बताया कि सुमी में भी बेहद डर व दहशत का माहौल है। उनके साथ करीब एक दर्जन स्थानीय छात्र भी सुमी में फंसे हुए हैं। बताया जा रहा है कि यूक्रेन के स्थानीय नागरिकों में भगदड़ मच चुकी है।  </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>यूक्रेन-रूस युद्ध</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 25 Feb 2022 11:22:27 +0530</pubDate>
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                <title>विकास के कदम</title>
                                    <description><![CDATA[भारत में अन्तर्राष्ट्रीय स्तर के अति आधुनिक हवाई अड्डों की काफी कमी एक लंबे समय से महसूस की जा रही है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/opinion/%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%B8-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%95%E0%A4%A6%E0%A4%AE/article-2783"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-11/81.jpg" alt=""></a><br /><p>भारत में अन्तरराष्ट्रीय स्तर के अति आधुनिक हवाई अड्डों की काफी कमी एक लंबे समय से महसूस की जा रही है। जबकि हवाई सफर करने वाले लोगों के आवागमन को सुविधाजनक बनाने के लिए अन्तरराष्ट्रीय स्तर के हवाई अड्डों की काफी जरूरत होती है, साथ ही हमारी अर्थव्यवस्था को भी गति देने में सहायक बनते हैं। इसी क्रम में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुरुवार को दिल्ली राजधानी क्षेत्र में एक और अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों का शिलान्यास किया। दिल्ली से करीब 70 किलोमीटर की दूरी पर उत्तर प्रदेश के जेवर में बनने वाला यह हवाई अड्डा दुनिया का चौथा बड़ा हवाई अड्डा होगा। यह करीब 6200 हेक्टयर में बनेगा। निर्माण कार्य कई चरणों में चलते हुए पूरा हवाई अड्डा 2050 तक बना लेने का लक्ष्य रखा गया है। सरकार की मंशा है कि सितंबर 2024 से यहां भारत के नौ शहरों समेत दुबई के लिए फ्लाइट शुरू हो जाए। इस हवाई अड्डे से यात्री विमानों की आवाजाही होगी ही, साथ यहां मालवाहक विमानों की आवाजाही होगी। इसके अलावा इसी हवाई अड्डे के नजदीक एयरक्राफ्ट के मेंटेनेंस के लिए भी देश का सबसे बड़ा सेंटर होगा। अब तक विमानों को मेंटेनेंस के लिए विदेशों में भेजा जाता है। इस हवाई अड्डे के निर्माण की काफी पहले ही कर दिया गया था, लेकिन भूमि अधिग्र्रहण आदि से संबंधित औपचारिकताएं पूरी करने में कुछ समय लग गया। इस एयरपोर्ट के शुरू हो जाने से गुरुग्र्राम, फरीदाबाद, नोएडा, आगरा, गाजियाबाद, मेरठ आदि के लोगों को दिल्ली एयरपोर्ट नहीं आना-जाना पड़ेगा। क्योंकि जेवर एयरपोर्ट उनके लिए काफी नजदीक होगा। दिल्ली एयरपोर्ट पर पहले से ही काफी दबाव बना हुआ है। स्थानीय लोगों के अलावा विदेशी पर्यटकों को भी इससे काफी सुविधा होगी। अब तक आगरा जाने वाले विदेशी पर्यटकों को पहले दिल्ली और फिर वहां से आगरा की फ्लाइट या टैक्टिसयां आदि का सहारा लेना पड़ता है। नागरिकों व विदेशी पर्यटकों के अलावा जेवर एयरपोर्ट से व्यापारिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। अब दिल्ली का विस्तार होना कठिन हो गया है, इसलिए जेवर के आसपास नए कारोबारी केन्द्रों की स्थापना संभव हो सकेगी। केन्द्र सरकार विकास के कदम आगे बढ़ाने के लक्ष्य के तहत ही देश में यातायात व व्यापार साधनों को आधुनिक बना रही है। राष्ट्रीय मार्गों का तेजी से निर्माण हो रहा है, रेलवे व एयर यात्रा को सुगम व आधुनिक स्वरूप दिया जा रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ओपिनियन</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 27 Nov 2021 14:48:29 +0530</pubDate>
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