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                <title>donation - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>निर्धन अनाथ बच्चों को वितरण की गई शिक्षण सामग्री </title>
                                    <description><![CDATA[जयपुर के भांकरोटा में श्री हनुमान चालीसा प्रबंध समिति द्वारा एक सराहनीय पहल की गई। संस्थापक संत अमरनाथ महाराज के सानिध्य में आई इंडिया द्वारा संचालित 'प्रेम पाठशाला' के अनाथ एवं बी.पी.एल. बच्चों को शिक्षण सामग्री बांटी गई। इस प्रयास का मुख्य उद्देश्य जरूरतमंद बच्चों की शिक्षा में मदद करना और उनके भविष्य को उज्ज्वल बनाना है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/educational-material-distributed-to-poor-orphan-children/article-152797"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/rera2.pdf-(1200-x-600-px)-(1).png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। श्री हनुमान चालीसा प्रबंध समिति के संस्थापक संत अमरनाथ महाराज के सानिध्य में भांकरोटा स्थित आई इंडिया जयपुर द्वारा बी.पी.एल. एवं अनाथ बच्चों के लिए संचालित प्रेम पाठशाला में अध्ययनरत बच्चों को शिक्षण सामग्री प्रदान की गई। इस अवसर पर बच्चों के चेहरों पर खुशी और उत्साह साफ दिखाई दिया। समिति द्वारा इन आवश्यक वस्तुओं का वितरण कर बच्चों की शैक्षणिक जरूरतों को पूरा करने के साथ-साथ उनके चेहरों पर मुस्कान लाने का प्रयास किया जा रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 05 May 2026 18:18:51 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अमित शाह ने किया 'मोबाइल ब्लड कलेक्शन वैन' और 'नियोनेटल वेंटिलेटर का लोकार्पण, ब्लड कलेक्शन का प्रोसेस होगा आसान</title>
                                    <description><![CDATA[केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने अहमदाबाद के सोला सिविल में अत्याधुनिक मोबाइल ब्लड कलेक्शन वैन और नियोनेटल वेंटिलेटर का लोकार्पण किया। यह सुविधाएं दूर-दराज के क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं सुलभ बनाएंगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/amit-shah-inaugurates-mobile-blood-collection-van-and-neonatal-ventilator/article-143554"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-11/amit-shah-in-jalore.png" alt=""></a><br /><p>अहमदाबाद। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने गुजरात में अहमदाबाद के सोला सिविल में अत्याधुनिक मोबाइल ब्लड कलेक्शन वैन और नियोनेटल वेंटिलेटर का मंगलवार को लोकार्पण किया।</p>
<p>अमित शाह की सांसद ग्रांट से मिली यह मोबाइल ब्लड कलेक्शन वैन मॉडर्न मेडिकल टेक्नोलॉजी से लैस है। इस वैन के जरिए शहर के दूर-दराज और जरूरतमंद इलाकों में ब्लड डोनेशन कैंप लगाये जा सकेंगे। जिससे ब्लड कलेक्शन का प्रोसेस आसान हो जाएगा और इमरजेंसी में ब्लड की जरूरत जल्दी पूरी हो सकेगी। </p>
<p>बच्चों की सेहत का खास ध्यान रखते हुए, हॉस्पिटल को एक (नियोनेटल) वेंटिलेटर भी डोनेट किया गया। यह वेंटिलेटर बहुत गंभीर हालत में नवजात बच्चों को तुरंत जान बचाने वाला इलाज देने में सहायक साबित होगा। यह नयी सुविधाएं गुजरात की हेल्थ सर्विसेज को और ज्यादा आसान और मजबूत बनाने के लिए सरकार प्रतिबद्धता को दर्शती है। अत्याधुनिक साधन लगने से आम लोगों को उनके दरवाजे पर ही सबसे अच्छा इलाज मिलेगा। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 17 Feb 2026 17:05:10 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पंजाबी गायक मीका सिंह ने दिखाई दरियादिली, आवारा कुत्तों के लिए दान की 10 एकड़ जमीन </title>
                                    <description><![CDATA[आवारा कुत्तों के मुद्दे पर मीका सिंह ने सुप्रीम कोर्ट से मानवीय समाधान की अपील की। उन्होंने कुत्तों की देखभाल और आश्रय के लिए 10 एकड़ जमीन दान करने की घोषणा की।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/punjabi-singer-mika-singh-showed-generosity-by-donating-10-acres/article-139309"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/mika-singh.png" alt=""></a><br /><p>मुंबई। पंजाबी गायक एवं अभिनेता मीका सिंह ने आवारा कुत्तों के प्रबंधन को लेकर चल रही कानूनी बहस के बीच उच्चतम न्यायालय से भावुक अपील करते हुए कहा है कि वह इन कुत्तों की देखभाल और कल्याण के लिए अपनी दस एकड़ जमीन दान करेंगे। मीका सिंह ने सोशल मीडिया एक्स पर शीर्ष अदालत से आग्रह किया है कि ऐसे किसी भी कदम से बचा जाए जिससे आवारा कुत्तों पर बुरा असर पड़े। उन्होंने लिखा, मीका सिंह उच्चतम न्यायालय से विनम्र निवेदन करता हूं कि कृपया ऐसे किसी भी काम से बचा जाए, जिससे कुत्तों की भलाई पर बुरा असर पड़े।</p>
<p>उन्होंने आवारा कुत्तों के खिलाफ कथित न्यायिक कार्रवाई को लेकर पशु प्रेमियों के बीच व्यापक चिंता को दोहराया। जानवरों के अधिकारों के लिए अपने लंबे समय से चले आ रहे समर्थन को दोहराते हुए मीका ने कुत्तों की भलाई की खातिर अपनी जमीन देने के लिए सार्वजनिक प्रतिबद्धता जताई। उन्होंने कहा, मैं सम्मानपूर्वक कहना चाहता हूं कि मेरे पास पर्याप्त जमीन है और मैं कुत्तों की देखभाल, आश्रय और भलाई के लिए विशेष रूप से 10 एकड़ जमीन दान करने के लिए पूरी तरह से तैयार हूं। इसके आगे गायक मीका सिंह ने कहा, इस जमीन का इस्तेमाल उनकी सुरक्षा, स्वास्थ्य और भलाई सुनिश्चित करने के लिए आश्रय और जरूरी सुविधाएं बनाने के लिए किया जा सकता है।</p>
<p>इसके आगे उन्होंने कुत्तों की प्रभावी ढंग से देखभाल करने के लिये पर्याप्त स्टॉफ और अवसंरचना की जरूरत पर जोर देते हुए कहा कि उचित कार्यान्वयन के बिना केवल जमीन ही काफी नहीं होगी। उन्होंने कहा, मेरा एकमात्र अनुरोध उचित देखभाल करने वालों के रूप में समर्थन है जो इन जानवरों की जिम्मेदारी से देखभाल कर सकें। मैं आश्रय बनाने और कुत्तों की सुरक्षा, स्वास्थ्य और भलाई सुनिश्चित करने के उद्देश्य से सभी पहलों के लिए जमीन देने को तैयार हूं।</p>
<p>गौरतलब है कि राष्ट्रीय राजधानी में आवारा कुत्तों के मुद्दे पर उच्चतम न्यायालय सुनवाई कर रहा है और इस मामले ने पूरे देश का ध्यान अपनी ओर खींचा है। हाल ही में, एक सुनवाई के दौरान उच्चत्तम न्यायालय ने साफ किया कि उसने आवारा कुत्तों को पूरी तरह से हटाने का आदेश नहीं दिया है। </p>
<p>न्यायाधीश विक्रम नाथ, संदीप मेहता और एन.वी. अंजारिया की तीन सदस्यीय विशेष पीठ ने नागरिकों को भरोसा दिलाया है कि न्यायालय का ध्यान पशु जन्म नियंत्रण (एबीसी) अधिनियम 2023 को लागू करने पर है, जो आवारा कुत्तों की आबादी को प्रबंधित करने के लिए एक वैज्ञानिक, मानवीय और टिकाऊ तरीका अपनाता है। कुत्तों के काटने की घटनाओं में बढ़ोतरी और उससे लोगों की चिंता को मानते हुए पीठ ने इस बात पर जोर दिया कि इसका समाधान व्यवस्थित नसबंदी और वैक्सीनेशन में है, ताकि इसके बाद कुत्तों को उनके मूल इलाकों में वापस भेज दिया जाए। </p>
<p>न्यायालय ने कहा कि यह तरीका मनुष्यों की सुरक्षा और जानवरों के कल्याण के बीच संतुलन बनाता है। न्यायाधीशों ने कहा कि मौजूदा कानूनी ढांचे को एक व्यापक और अच्छी तरह से तालमेल वाली रणनीति की जरूरत है और स्थानीय अधिकारी एबीसी नियमों को प्रभावी ढंग से लागू करने में काफी हद तक नाकाम रहे हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>मूवी-मस्ती</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 12 Jan 2026 14:43:08 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अंगदान से बचाया जा सकता है लोगों का जीवन : यह है महादान, अशोक गहलोत ने कहा- मोहन फाउंडेशन कर रहा बेहतरीन कार्य  </title>
                                    <description><![CDATA[अंगदान को प्रोत्साहन देने के लिए कांग्रेस सरकार के समय में मोहन फाउंडेशन एवं जयपुर सिटीजन फोरम के साथ मिलकर राजस्थान सरकार ने अंगदाता स्मारक बनाया था, जिस पर अंगदान करने वाले लोगों के नाम अंकित हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/peoples-can-be-saved-by-organ-donation-this-is/article-133369"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-08/ashok-gehlot.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अंगदान को महादान बताते हुए कहा है कि अंगदान से कई जिंदगियां बचाई जा सकती हैं। गहलोत ने जोधपुर में प्रजापति नगर की बच्ची कनिष्का गौड़ के अंगदान से दूसरों का जीवन बचाने पर कहा कि कनिष्का के परिजनों ने मानवता की मिसाल पेश की है। परिजनों ने उनके अंग दान किए हैं। बच्ची का यह दान अन्य लोगों का जीवन रोशन कर गया है। </p>
<p>उन्होंने कहा कि मैं  ईश्वर से बच्ची की आत्मा को शांति प्रदान करने की प्रार्थना करता हूं। जिन मरीजों को इस अंगदान से जीवनदान मिला है उनका स्वास्थ्य अच्छा रहे। गहलोत ने कहा कि जोधपुर में स्थित एम्स अस्पताल में यह 9वां मृतक अंगदान है। एम्स इस दिशा में अच्छा कार्य कर रहा है। देश में चेन्नई का मोहन फाउंडेशन इस क्षेत्र में बेहतरीन कार्य कर रहा है। अंगदान को प्रोत्साहन देने के लिए कांग्रेस सरकार के समय में मोहन फाउंडेशन एवं जयपुर सिटीजन फोरम के साथ मिलकर राजस्थान सरकार ने अंगदाता स्मारक बनाया था, जिस पर अंगदान करने वाले लोगों के नाम अंकित हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 23 Nov 2025 18:06:28 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अनूठी पहल : मृत्यु भोज नहीं, शिक्षा ही सच्ची श्रद्धांजलि, शिक्षा मिलेगी तो आने वाली पीढ़ियां मजबूत बनेगी</title>
                                    <description><![CDATA[विद्यार्थियों के विकास को स्कूल को भेंट किए 1.21 लाख रुपए, समाज में जगाई चेतना।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/unique-initiative--education-is-the-true-tribute--not-a-death-feast--education-will-strengthen-future-generations/article-127592"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-09/_4500-px)25.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। मृत्यु भोज जैसी परम्पराओं को तोड़कर शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देकर कोटा के अतिरिक्त जिला शिक्षाधिकारी ने अनुकरणीय मिसाल कायम की है। जिले के मुंगेना गांव में शिक्षा अधिकारी रामचरण मीणा ने अपने पिता कन्हैयालाल मीणा की स्मृति में मृत्यु भोज कराने के बजाय विद्यालय विकास और विद्यार्थियों की शैक्षणिक उन्नति के लिए 1.21 लाख रुपए की सहयोग राशि भेंट कर समाज के सामने बदलाव की नई चेतना जाग्रत की है।  </p>
<p>मीणा ने परंपरागत मृत्यु भोज का आयोजन करने की बजाय यह निर्णय लिया कि आयोजन में खर्च की जाने वाली राशि सीधे विद्यालय विकास और विद्यार्थियों की शिक्षा उन्नति में लगाई जाए। इस पर वह अपनी मां के साथ राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय मुंगेना पहुंचे और अध्यापिका मनीषा खींची को 1.21 लाख रुपए का चेक सौंपा। एडीईओ रामचरण मीणा ने न केवल अपने पिता को सच्ची श्रद्धांजलि अर्पित की बल्कि समाज में यह संदेश भी दिया कि असली सम्मान और श्रद्धांजलि मृत्युभोज में नहीं, बल्कि शिक्षा और आने वाली पीढ़ियों के विकास में है। इस दौरान गांव के पटेल गंगाराम, रामेश्वर, रघुनाथ, छोटूलाल एवं उम्मेदमन ने भी इस पहल की सराहना की। </p>
<p><strong>विद्यालय से मां का जुड़ाव</strong><br />उन्होंने बताया कि 88 वर्षीय मां भोली बाई विद्यालय से गहरा जुड़ाव रखती हैं। स्कूल में जब भी कोई कार्यक्रम होता है, हर कार्य में उत्साह से सहयोग करती हैं। भाई जगदीश मीणा एवं मुकुट मीणा, पत्नी मोहनी मीणा ऐसे कार्यों के लिए प्रेरित करते हैं। </p>
<p><strong>मृत्युभोज बढ़ाता आर्थिक बोझ</strong><br />शिक्षा अधिकारी मीणा कहते हैं, मृत्यु भोज जैसी परम्पराएं केवल आर्थिक बोझ बढ़ाती हैं। इस पर खर्च किया जाने वाला पैसा शिक्षा और विकास में लगाया जाए तो यह आने वाली पीढ़ियों को मजबूत करेगी। साथ ही यह प्रयास दिवंगत परिजनों को सच्ची श्रद्धांजलि होगी।  इस सहयोग राशि से मुंगेना विद्यालय का गेट निर्माण सहित अन्य सुविधाएं विकसित हो सकेगी।  </p>
<p><strong>अब तक 12 लाख रुपए से करा चुके विद्यालय का विकास</strong><br />वर्ष 1980 में जब विद्यालय खुला तो एक ही कमरा था। विद्यार्थी नीम के पेड़ के नीचे पढ़ते थे, तब से लेकर अब तक मीणा शिक्षा और समाज सेवा में लगे हैं। उनके प्रयासों से अब तक विद्यालय में लगभग 12 लाख रुपए से विभिन्न विकास कार्य करवाए गए हैं और विद्यालय को 12वीं कक्षा तक क्रमोन्नत किया है। </p>
<p><strong>पूरा परिवार शिक्षा को समर्पित</strong><br />एडीईओ रामचरण मीणा के परिवार में दो बेटे, पुत्रवधु पत्नी व मां हैं। पूरा परिवार गांव के बच्चों को प्रशासनिक सेवाओं में आने के लिए प्रेरित करते हैं। उनके बड़े पुत्र हरिओम मीणा भोपाल में भारतीय मानक ब्यूरो में डिप्टी डायरेक्टर हैं। वहीं, छोटे पुत्र राधव मीणा आंधप्रदेश में तिरुपति जिले में गुडूर ब्लॉक में अतिरिक्त जिला कलक्टर हैं। वहीं, पुत्रवधू सुलेखा मीणा दिल्ली में आईपीएस हैं। जब बेटा-बहु गांव आते हैं तो यहां प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों को मोटिवेट करते हैं।  वहीं, पुत्र रामावतार व हर्षित मीणा भी विद्यार्थियों की मदद को तत्पर रहते हैं।  नई पीढ़ी के लिए जीवंत संदेश: इधर, प्रधानाध्यापक निर्मला गोचर ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि यह केवल एक दान नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए एक जीवंत संदेश है। समाज में शिक्षा के प्रति नई चेतना जाग्रत होगी ।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 22 Sep 2025 16:49:39 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>आईवीएफ की आड़ में एग डोनेशन रैकेट का भांडाफोड</title>
                                    <description><![CDATA[उदयपुर। शहर में धडल्ले से खुल रहे आईवीएफ सेंटरों में आईवीएफ के नाम पर एग डोनेशन का एक अवैध कारोबार बन चुका है। इसके जरिए ये सेंटर करोड़ों रुपए कमा रहे हैं। इस रैकेट का पर्दाफाश करते हुए सीएमएचओ डॉ. दिनेश खराड़ी की टीम ने मधुवन क्षेत्र में हिरण एक्सरे वाली गली में संचालित एंजल एग डोनर सेंटर पर कारवाई करते हुए मौके पर उपलब्ध दस्तावेज व अन्य कागजात जब्त किए।  ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/udaipur/egg-donation-racket-busted-under-the-guise-of-ivf/article-13843"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-07/ff.jpg" alt=""></a><br /><p>उदयपुर। शहर में धडल्ले से खुल रहे आईवीएफ सेंटरों में आईवीएफ के नाम पर एग डोनेशन का एक अवैध कारोबार बन चुका है। इसके जरिए ये सेंटर करोड़ों रुपए कमा रहे हैं। इस रैकेट का पर्दाफाश करते हुए सीएमएचओ डॉ. दिनेश खराड़ी की टीम ने मधुवन क्षेत्र में हिरण एक्सरे वाली गली में संचालित एंजल एग डोनर सेंटर पर कारवाई करते हुए मौके पर उपलब्ध दस्तावेज व अन्य कागजात जब्त किए। </p>
<p><br />सीएमएचओ डॉ खराड़ी ने बताया कि सूचना मिली कि मधुवन में एग डोनर सेंटर के रूप में क्लिनिक का संचालन किया जा रहा है, जहां आईवीएफ के लिए एग डोनेशन क्रिया अवैध रूप से संचालित की जा रही है। एग डोनेशन में 18 वर्ष से कम उम्र की बच्चियों को भी लिप्त किया जा रहा है। उक्त सूचना पर एंजल एग डोनर सेंटर पर छापा मारा गया। इस पता चला कि इस केंद्र का संचालन मल्लातलाई निवासी सितारा बानो कर रही है जो मौके पर नहीं मिली। क्लिनिक का न तो क्लिनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट में पंजीयन पाया गया और ना ही बायो मेडिकल वेस्ट का पंजीयन है। मौके पर भारी मात्रा में आईवीएफ में काम आने वाले इंजेक्शन बरामद हुए। इस पर ड्रग कंट्रोलर को बुलाकर ड्रग एंड कॉस्मेटिक एक्ट में कार्रवाई के लिए कहा गया। इस दौरान इंजेक्शन लगवाने आई महिलाओं के बयान भी लिए गए। हालांकि मौके पर कोई नाबालिग नहीं पाया गया। क्लिनिक पर उपलब्ध समस्त दस्तावेज जब्त कर लिए गए है जिनकी जांच कर आगे की कारवाई को अंजाम दिया जाएगा। बताया गया कि गत दिनों एक नाबालिग की एग डोनेशन के बाद हालत बिगड़ने से मौत होगई थी।</p>
<p><br /><strong>एक कमरे में क्लीनिक</strong><br />यह क्लिनिक एक कमरे में संचालित होता पाया गया। एक लड़की इसे संभाल रही थी। टीम के सामने ही तीन लड़कियां एग डोनेट के लिए इंजेक्शन लगवाने आई जिनसे सीएमएचओ ने पूछताछ की। क्लिनिक से दवाइयों की आपूर्ति करने वाले लड़के से भी पूछताछ की गई। इस दौरान तीन और महिलाएं आई जिनके नाम-पते नोट किए गए। सोनोग्राफी करना भी पाया गया।</p>
<p><br /><strong>बाहर भी भेजते हैं एग डोनर को</strong><br />पूछताछ में बताया गया कि सेंटर से एग डोनेट करने के लिए महिलाओं को राजस्थान से बाहर भी भेजा जाता है। एक बार एग डोनेट करने पर 15 से 18 हजार रुपए तक मिलते हैं। मौके पर एग डोनेशन के 200 फार्म मिले जिसमें कुछ के नाम-पते भी मिले हैं।</p>
<p><br /><strong> पूरी खेल एक डोनर की जुबानी</strong> <br />सीमा (बदला हुआ नाम) ने बताया कि मैं दो वर्ष पूर्व चेकअप करवाने लिए शहर के एक हॉस्पिटल गई, जहां एक महिला ने एग डोनेशन के बारे में बताया। तब से मैं डोनर बन गई। मुझे 15 हजार रुपए मिलते हैं, अगर मैं किसी और को लाती हूं तो 12 हजार रुपए।  ज्यादा पढ़ी-लिखी नहीं हूं। डॉक्टर बताते हैं कि यह कोई अपराध नहीं है। इस कारोबार में हॉस्पिटल, डॉक्टर, एजेंट और डोनर का पूरा रैकेट होता है।</p>
<p><br /><strong>ऐसे चलता है रैकेट</strong> <br />डॉक्टर संतान की चाह रखने वाले दंपती से डेढ़ से दो लाख रुपए लेता है। लेडी एजेंट को 25 से 30 हजार मिलते हैं। एजेंट ही डोनर महिला को 12 से 15 हजार देकर हॉस्पिटल तक लाती है।</p>
<p>  <br /><strong>एग डोनेशन में करीब 8 फीसदी महिलाओं की मौत</strong> <br />इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च की एक रिपोर्ट के मुताबिक, एग डोनेशन में करीब 8 फीसदी महिलाओं की मौत हो जाती है। इसलिए डोनर महिला के पति को जानकारी जरूर देनी चाहिए। जरूरत से ज्यादा एग डोनेट करने वाली महिला को परेशानी हो सकती है। महिला को एलर्जी, यूटरस में सूजन, पेट दर्द और प्रक्रिया में लापरवाही पर डोनर की जान पर बन सकती है।क्लिनिक पर उपलब्ध समस्त दस्तावेजों को जब्त कर लिया गया है जिसकी जांच पड़ताल की जाएगी। सेंटल संचालिका ने स्वयं के बाहर होने की बात कही है, उससे भी पूछताछ की जाएगी। -<strong>डॉ. दिनेश खराड़ी, सीएमएचओ</strong></p>
<p> </p>
<p>......आईवीएफ1,2,3</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>उदयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 08 Jul 2022 13:02:44 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>ब्रेनडेथ के बाद अंधविश्वास के चलते परिजन नहीं कराते है अंगदान</title>
                                    <description><![CDATA[अभी प्रदेश में 484 लोग ऐसे है, जिनके लीवर और हॉर्ट खराब हैं। स्टेट ऑर्गन ट्रांसप्लांट एंड टिशू आर्गेनाइजेशन (सोटो ) के ज्वाइंट डायरेक्टर डॉ. अमरजीत मेहता, कंसल्टेंट डॉ. मनीष शर्मा ने बताया कि ब्रेनडेथ के बाद अंधविश्वास के चलते परिजन अंगदान नहीं कराते है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/health/jaipur-organ-donation-not-after-brain-dead/article-13041"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/46546546535.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। अभी प्रदेश में 484 लोग ऐसे है, जिनके लीवर और हॉर्ट खराब हैं। स्टेट ऑर्गन ट्रांसप्लांट एंड टिशू आर्गेनाइजेशन (सोटो ) के ज्वाइंट डायरेक्टर डॉ. अमरजीत मेहता, कंसल्टेंट डॉ. मनीष शर्मा ने बताया कि ब्रेनडेथ के बाद अंधविश्वास के चलते परिजन अंगदान नहीं कराते है। परिवहन विभाग भी लाइसेंस देते समय अंगदान का संकल्प पत्र भरवाता है, लेकिन जिनकी ब्रेनडेथ होती है, उनके परिजन तैयार नहीं होते।</p>
<p><strong>जागरूकता जरूरी, लेकिन सिस्टम भी मजबूत हो</strong><br />प्रदेश में सभी सरकारी अस्पतालों में ब्रेनडेथ के केस आते हैं, लेकिन परिजनों की रजामंदी के लिए ट्रांसप्लांट कोर्डिनेटर नहीं हैं। जयपुर के 11 और जोधपुर, और गंगानगर के 1-1 अस्पताल के अलावा बीकानेर, जोधपुर, अजमेर, कोटा मेडिकल कॉलेज में ही कोर्डिनेटर हैं। सभी को इसकी अनुमति भी नहीं है। सबसे ज्यादा हॉर्ट, लीवर और किडनी के केस आते हैं। हॉर्ट 3 घंटे, लीवर 6 घंटे, किडनी 24 घंटे, अग्नाश्य 6 घंटे, कोर्निया 7-14 दिन, स्किन की 4-5 साल की समयावधि में ट्रांसप्लांट होना जरूरी है। अन्य जिलों से अंगों के निकालने, जिस अस्पताल में मरीज को इसकी जरूरत है। उस तक पहुंचाने के मजबूत ग्रीन कोरिडोर बनाने की प्रणाली जरूरी है।</p>
<p>जयपुर के एसएमएस और महात्मा गांधी अस्पताल में सभी अंगों के ट्रांसप्लांट की सुविधा है। हर जिले में एक ऐसे अस्पताल को विशेषज्ञों के साथ तैयार करने की जरूरत है, जो ऑगन ट्रांसप्लांट की सुविधा दे। हॉर्ट, लीवर टांसप्लांट कराना है, तो जयपुर के अस्पताल ही विकल्प हैं। सरकारी अस्पतालों में ब्रेनडेथ के केस सबसे ज्यादा आते हैं। प्रदेश में 30 जिलों में खुल रहे मेडिकल कॉलेजों में अंगदान और ट्रांसप्लांट की सुविधा की कवायद हो।</p>
<p><strong>अभी तक 44 लोगों के यह अंग मिले</strong><br /> 81 किडनी, 39 लीवर, 24 हॉर्ट, 4 लंग्स, 1 अग्नाश्य, 12 कोर्निया, 2 हॉर्ट वॉल्व, 1 ब्रेनडेथ की स्कीन का दान हो सका है। इनमें किडनी के अलावा अधिकांश अंग दूसरे राज्यों में भेजे गए। यहां सभी ट्रांसप्लांट हो सकते थे। लेकिन चुनिंदा अस्पताल में ट्रांसप्लांट, मरीज का यहां पहुंचने में समय लगना, प्राइवेट में महंगा ट्रांसप्लांट की वजह से लोगों बचाने के लिए दूसरे राज्यों को ये अंग भेजे गए। एक भी लंग्स का ट्रांसप्लांट आज तक प्रदेश में नहीं हो सका है।</p>
<p><strong>पहला लीवर-हॉर्ट-अग्नाशय ट्रांसप्लांट महात्मा गांधी अस्पताल में हुआ</strong><br />राजस्थान का पहला लीवर, हॉर्ट 2015 में और अग्नाश्य 2017 में महात्मा गांधी में हुआ। एसएमएस में फरवरी 2015 में पहला किडनी केडेवर ट्रांसप्लांट हुआ।</p>
<p><strong>किस अंग के इंतजार में कितने लोग</strong><br />राजस्थान में 354 लोगों को किडनी, 97 को लीवर और 33 को हॉर्ट की जरूरत है। इन्होंने स्टेट ऑर्गन ट्रांसप्लांट एंड टिशू आर्गेनाइजेशन यानी सोटो में रजिस्ट्रेशन करा रखा है।</p>
<p><strong>अब तक इनमें ही अंगदान</strong> <br />सबसे ज्यादा अंगदान एसएमएस अस्पताल में हुए हैं। इसके अलावा सीतापुरा स्थित महात्मा गांधी अस्पताल, नारायण, अपेक्स, र्फोटिज और ईएचसीसी में हुए।   <br /><br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वास्थ्य</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 26 Jun 2022 11:22:40 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
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                <title>प्रदेश में 76 प्रतिशत स्वैच्छिक रक्तदान, इससे अधिक की आवश्यकता</title>
                                    <description><![CDATA[स्वैच्छिक रक्तदान की कमी से देश ही नहीं, बल्कि प्रदेश में भी रक्त का अभाव है। इसलिए मरीज के परिजनों को ब्लड डोनेट करने के बाद ही बदले में ब्लड मिल पाता है, जब तक स्वैच्छिक रक्तदान का प्रतिशत नहीं बढ़ेगा, तब तक ये परिस्थितियां बनी रहेगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jaipur-76-percent-blood-donation-in-state/article-12074"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/blood-donar-day-copy.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। स्वैच्छिक रक्तदान की कमी से देश ही नहीं, बल्कि प्रदेश में भी रक्त का अभाव है। इसलिए मरीज के परिजनों को ब्लड डोनेट करने के बाद ही बदले में ब्लड मिल पाता है, जब तक स्वैच्छिक रक्तदान का प्रतिशत नहीं बढ़ेगा, तब तक ये परिस्थितियां बनी रहेगी। वर्तमान में राजस्थान में 198 ब्लड बैंक हैं, जिनमें सात केंद्र सरकार द्वारा संचालित हैं। यहां करीब 52 सरकारी एवं 135 गैर सरकारी ब्लड बैंक हैं। जयपुर में लगभग 52 ब्लड बैंक हैं, जिनमें 12 सरकारी और 40 गैर सरकारी हैं। राजस्थान में स्वैच्छिक रक्तदान 76 प्रतिशत है। इस तरह से प्रदेश और देश में 24 वें स्थान पर है। राजस्थान में प्रतिवर्ष लगभग दस लाख यूनिट रक्तदान होता है। जयपुर में करीब तीन लाख यूनिट रक्तदान प्रतिवर्ष होता है। जयपुर के स्वास्थ्य कल्याण ब्लड बैंक में करीब 50 हजार यूनिट रक्तदान होता है। राजस्थान में प्रतिवर्ष 10 हजार से ज्यादा ब्लड डोनेशन कैम्प होते हैं। इनमें जयपुर में 1600 और करीब 600 कैम्प स्वास्थ्य कल्याण ब्लड बैंक कराता है, जो जयपुर का लगभग 38 प्रतिशत है।</p>
<p><strong>रक्तदान कब, कैसे और कौन कर सकता है</strong><br />एक स्वस्थ व्यक्ति हर तीन माह के अंतराल में रक्तदान कर सकता है। वह 18 वर्ष या उससे ज्यादा हो और वजन 45 किलोग्राम से ज्यादा हो। हीमोग्लोबिन 12.5 प्रतिशत प्रति मिली ग्राम से ज्यादा हो और उसे कोई गंभीर बीमारी नहीं हो।</p>
<p><strong>इन हालातों में नहीं कर सकते ब्लड डोनेट</strong><br />- खसरा, चिकनपॉक्स, शिंगल्स बीमारियों के टीके लेने वाले व्यक्ति को कम से कम एक महीने तक ब्लड डोनेट नहीं करना चाहिए।<br />- अल्कोहल लेने के बाद।<br />- ऐसी महिलाएं जिनके पीरियड्स चल रहे हों, ब्रेस्ट फीडिंग कराने वाली माताएं।</p>
<p><strong>ब्लड ग्रुप और विशेषता</strong><br />- ओ ब्लड ग्रुप वाले को यूनिवर्सल डोनर कहा जाता है, क्योंकि इस ब्लड गु्रप वाले लोग हर ब्लड गु्रप के पॉजिटिव आरएच वाले व्यक्ति को अपना खून दे सकते हैं। ओ पॉजिटिव वाले लोग केवल ओ नेगेटिव व्यक्ति से ही ब्लड रिसीव कर सकते हैं। <br />- ए नेगेटिव ब्लड ग्रुप के लोग यूनिवर्सल रेसिपिएंट्स होते हैं। ऐसे लोगों को किसी भी दूसरे गु्रप का ब्लड दिया जा सकता है। हालांकि ये केवल एबी पॉजिटिव ग्रुप को ही रक्तदान कर सकते हैं।<br />- बी पॉजिटिव ब्लड ग्रुप का व्यक्ति बी पॉजिटिव और एबी पॉजिटिव को अपना खून दे सकता है।<br />- बी नेगेटिव ब्लड गु्रप के लोग का खून बी नेगेटिव, बी पॉजिटिव, एबी नेगेटिव और एबी पॉजिटिव को दिया जाता है। <br />- एबी पॉजिटिव ब्लड सामान ग्रुप के ही व्यक्ति को दिया जा सकता है। <br />- ग्रुप के व्यक्ति का रक्त एबी पॉजिटिव ब्लड ग्रुप वालों को दिया जा सकता है।</p>
<p>आवश्यकता के अनुपात में अभी भी रक्त की बहुत कमी है। इस कमी को दूर करने के लिए हम सभी का प्रयास होना चाहिए कि प्रदेश में स्वैच्छिक रक्तदान का प्रतिशत सौ फीसदी हो ताकि हर जरूरतमंद व्यक्ति को आसानी से रक्त मिल सके। <br /><strong>- डॉ. एसएस अग्रवाल, चेयरमैन, स्वास्थ्य कल्याण ब्लड बैंक गु्रप </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>स्वास्थ्य</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 14 Jun 2022 10:37:27 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>गहलोत ने बीजेपी पर साधा निशाना: भाजपा उद्योगपतियों पर एक तरफा दबाव बनाती है जिससे अधिकांश चन्दा मिलता है</title>
                                    <description><![CDATA[गहलोत ने कहा कि इलेक्टोरल बॉण्ड भारत के लोकतंत्र के सबसे बड़े घपलों में एक है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jaipur-news--gehlot-targets-bjp--bjp-creates-one-sided-pressure-on-industrialists--who-get-most-of-the-donation/article-7813"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-04/ashok1.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बीजेपी पर निशाना साधा है। गहलोत ने कहा कि इलेक्टोरल बॉण्ड भारत के लोकतंत्र के सबसे बड़े घपलों में एक है। इलेक्टोरल बॉन्ड ने पूरी चुनाव व्यवस्था को सत्ताधारी पार्टी के पक्ष में कर दिया है। भाजपा उद्योगपतियों पर एक तरफा दबाव बनाती है जिसके कारण इलेक्टोरल बॉण्ड से अधिकांश चन्दा भाजपा को मिलता है। इन बॉन्ड्स में चन्दा देने वाले की जानकारी भी पता नहीं लगती इसलिए ये बॉन्ड कालेधन को चुनावों में इस्तेमाल लेने का एक तरीका बन रहे हैं।</p>
<p><br />माननीय सुप्रीम कोर्ट को इलेक्टोरल बॉन्ड के संबंध में दायर याचिकाओं पर शीघ्र फैसला देकर इन पर रोक लगानी चाहिए जिससे सभी पार्टियों को एक लेवल प्लेइंग फील्ड मिल सके। गहलोत ने एक अंग्रेजी अखबार में छपे संपादकीय भी साझा किया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 12 Apr 2022 17:43:14 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>महेश जोशी ने विधानसभा क्षेत्र के दौरे पर रक्तदान शिविर में लिया भाग </title>
                                    <description><![CDATA[कैबिनेट मंत्री डॉ. महेश जोशी अपने विधानसभा क्षेत्र के दौरे पर रहे। कार्यक्रमों में शामिल होते हुए जोशी ने कर्बला मैदान स्थित हज हाउस में रक्तदान शिविर में भाग लिया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/mahesh-joshi-in-blood-donation-camp/article-6414"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-03/congress-copy3.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। कैबिनेट मंत्री डॉ. महेश जोशी अपने विधानसभा क्षेत्र के दौरे पर रहे। कार्यक्रमों में शामिल होते हुए जोशी ने कर्बला मैदान स्थित हज हाउस में रक्तदान शिविर में भाग लिया। गुरुद्वारे में भी पहुंचकर कीर्तन में शामिल हुए। गुरूद्वारा ठाठ नानकसर जलमहल में खोला महोत्सव कीर्तन दरबार का आयोजन हुआ। गुरुद्वारा परिसर स्थित गऊशाला में गायों को चारा खिलाया।</p>
<p>इससे पहले सहायता सेवा संस्थान की ओर से हज हाउस में आयोजित स्वैच्छिक रक्तदान शिविर में जोशी पहुंचे और जोशी ने रक्तदान शिविर का शुभारंभ किया। <br /><br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 20 Mar 2022 16:02:19 +0530</pubDate>
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                <title>डॉक्टर्स ने साईकिल चलाकर लोगों को अंगदान के लिए किया जागरुक </title>
                                    <description><![CDATA[अंगदान के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए डॉक्टर्स सोशियल एंड वेलफेयर सोसाइटी और स्टेट आर्गन एंड टिश्यू ट्रांसप्लांट आर्गेनाइजेशन सोटो की ओर से रैली निकाली गई। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/doctors-aware-of-peoples-for-donation-in-rally/article-5583"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-03/firing-copy5.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। अंगदान के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए डॉक्टर्स सोशियल एंड वेलफेयर सोसाइटी और स्टेट आर्गन एंड टिश्यू ट्रांसप्लांट आर्गेनाइजेशन सोटो की ओर से रैली निकाली गई। रैली में डॉक्टर्स ने साईकिल चलाकर लोगों को अंगदान करने के लिए जागरुक किया। सवाई मानसिंह मेडिकल कॉलेज से शुरू हुई इस रैली में कई डॉक्टर्स ने भाग लिया। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास और हाउसिंग बोर्ड कमिश्नर पवन अरोड़ा ने साइकल सवार डॉक्टर्स को फ्लैग ऑफ कर रवाना किया। इसके बाद रैली जवाहर सर्किल होते हुए मेडिकल कॉलेज पहुंची। इस दौरान डॉक्टर्स ने स्लोगन लिखे टीशर्ट पहनकर अंगदान के प्रति जागरूक किया।</p>
<p>रैली में जयपुर मेडिकल एसोसिएशन, मेडिकल प्रैक्टिशनर सोसाइटी, प्राइवेट हॉस्पिटल एंड नर्सिंग होम सोसायटी, इंडियन डेंटल एसोसिएशन, राजस्थान स्टेट डेंटल काउंसिल  और हॉस्पिटल बोर्ड ऑफ इंडिया सहित कई संगठनो से जुड़े डॉक्टर्स ने भाग लिया। इस मौके पर जयपुर मेडिकल एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. अनुराग धाकड़ ने बताया की  प्रत्येक व्यक्ति 9 तरह के अंगदान कर सकता हैं। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 06 Mar 2022 15:15:22 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>नाइजीरिया ने कचरे में फेंके दस लाख टीके, कहा: नहीं चाहिए दान</title>
                                    <description><![CDATA[सिर्फ दो फीसदी लोगों को लगी है वैक्सीन]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/%E0%A4%A8%E0%A4%BE%E0%A4%87%E0%A4%9C%E0%A5%80%E0%A4%B0%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A4%BE-%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%95%E0%A4%9A%E0%A4%B0%E0%A5%87-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%AB%E0%A5%87%E0%A4%82%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%A6%E0%A4%B8-%E0%A4%B2%E0%A4%BE%E0%A4%96-%E0%A4%9F%E0%A5%80%E0%A4%95%E0%A5%87--%E0%A4%95%E0%A4%B9%E0%A4%BE--%E0%A4%A8%E0%A4%B9%E0%A5%80%E0%A4%82-%E0%A4%9A%E0%A4%BE%E0%A4%B9%E0%A4%BF%E0%A4%8F-%E0%A4%A6%E0%A4%BE%E0%A4%A8/article-3494"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-12/45.jpg" alt=""></a><br /><p>अबुजा।  दुनिया में कोरोना वैक्सीन को लेकर एक असंतुलन पैदा हो रहा है। यह असंतुलन लोगों तक वैक्सीन की पहुंच को लेकर है। कोरोना का नया वेरिएंट ओमीक्रॉन सामने आने के बाद वैक्सीन की मांग और ज्यादा बढ़ गई है। कुछ देश अपने निवासियों को एक और दो बूस्टर डोज लगा रहे हैं तो कई जगह अभी लोगों को पहली खुराक का ही इंतजार है। इस बीच खबर आई कि नाइजीरिया ने बुधवार को एस्ट्राजेनेका कोरोना वैक्सीन की 1 मिलियन से अधिक खराब हो चुकीं खुराकों को नष्ट कर दिया। अधिकारियों ने कहा कि उनकी अंतिम तिथि के बाद उन्हें इस्तेमाल नहीं किया जा सकता है। नाइजीरिया की एनपीएचसीडीए के प्रमुख फैसल शुएब ने कहा कि अफ्रीका के सबसे अधिक आबादी वाले देश में स्वास्थ्य अधिकारियों के पास दान में दी गई खुराकों को लेकर बहुत कम विकल्प बचे थे। इन खुराकों की शेल्फ लाइफ बहुत ज्यादा नहीं बची थी।<br /> <strong><br /> फरवरी तक एक चौथाई से अधिक आबादी के टीकाकरण का लक्ष्य</strong><br /> उन्होंने कहा कि विकसित देशों ने इन टीकों की खरीद की और इन्हें जमा किया। जब ये खराब होने वाले थे तो इन्हें दूसरे देशों को दान कर दिया। पिछले हफ्ते शुएब ने कहा था कि नाइजीरिया अब इस तरह के दान को स्वीकार नहीं करेगा। नाइजीरिया के 20 करोड़ 60 लाख लोगों में से केवल 2 प्रतिशत लोगों को पूरी तरह से टीका लगाया गया है। स्वास्थ्य अधिकारियों ने फरवरी तक एक चौथाई से अधिक आबादी का टीकाकरण करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया है।<br /> <br /> <strong>सिर्फ 20 फीसदी डोज बूस्टर</strong><br /> द्रोस ने इससे पहले स्वस्थ वयस्कों को इस साल के अंत तक बूस्टर खुराक देने पर रोक लगाने की अपील की थी ताकि असमान वैश्विक टीका वितरण से निपटा जा सके। उन्होंने कहा कि अभी प्रतिदिन लगाई जा रही टीके की 20 प्रतिशत खुराक बूस्टर हैं। उन्होंने कहा कि अमीर देशों में धड़ल्ले से बूस्टर खुराक लगाए जाने से कोविड-19 महामारी लंबे समय तक रहने की संभावना बनेगी, ना कि यह खत्म होगी।</p>
<p><br /> <strong>डब्ल्यूएचओ ने दी चेतावनी</strong><br /> विश्व स्वास्थ्य संगठन प्रमुख ने चेतावनी दी है कि अमीर देशों में धड़ल्ले से बूस्टर खुराक लगाए जाने से कोविड-19 महामारी के लंबे समय तक रहने की संभावना बनेगी। साथ ही, कहा कि कोई भी देश इस तरीके से महामारी की गिरफ्त से बाहर नहीं निकल पाएगा। डब्ल्यूएचओ महानिदेशक द्रोस अदहानोम गेब्रेयेसस ने बुधवार को कहा कि इस साल टीके ने कई लोगों की जान बचाई है लेकिन उनके असमान वितरण ने कई लोगों की जान ले भी ली। उन्होंने कहा कि अधिक टीकाकरण कवरेज वाले देशों को टीके की आपूर्ति बढ़ाने से वायरस को फैलने और अपना स्वरूप बदलने का कहीं अधिक अवसर मिलेगा।  टेड्रोस ने कहा कि कोरोना वायरस संक्रमण के कारण अस्पतालों में भर्ती या मरने वाले लोगों के एक बड़े हिस्से को टीका नहीं लगा है।  विश्व स्वास्थ्य संगठन की यह चेतावनी ऐसे समय पर आई है जब इजरायल अपने नागरिकों को वैक्सीन की चार खुराक लगा रहा है। वहीं कई अफ्रीकी देशों में बड़ी आबादी को पहली खुराक भी नहीं मिल पाई है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 24 Dec 2021 12:27:41 +0530</pubDate>
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