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                <title>millions - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>ऑस्ट्रेलिया ने महामारी को रोकने के नाम पर मार दी करोड़ों मधुमक्खियां</title>
                                    <description><![CDATA[कैनबरा। ऑस्ट्रेलिया दुनिया का वो देश, जहां पर सबसे ज्यादा शहद का उत्पादन होता है। जहां से दुनिया के दूसरे देशों को शहद निर्यात होता है। अब यहां पर शहद बनाने वाली मधुमक्खियों पर आफत आ गई है। यहां पर इंडस्ट्री को बचाने के लिए मधुमक्खियों को मारा जा रहा है। अब आप सोच रहे होंगे कि मधुमक्खियों को मार कर इंडस्ट्री कैसे बचेगी?]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/australia-killed-millions-of-bees-in-the-name-of-stopping-the-epidemic/article-13726"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-07/bees.jpg" alt=""></a><br /><p>कैनबरा। ऑस्ट्रेलिया दुनिया का वो देश, जहां पर सबसे ज्यादा शहद का उत्पादन होता है। जहां से दुनिया के दूसरे देशों को शहद निर्यात होता है। अब यहां पर शहद बनाने वाली मधुमक्खियों पर आफत आ गई है। यहां पर इंडस्ट्री को बचाने के लिए मधुमक्खियों को मारा जा रहा है। अब आप सोच रहे होंगे कि मधुमक्खियों को मार कर इंडस्ट्री कैसे बचेगी? दरअसल इसकी वजह है एक खतरनाक बीमारी और अगर इसे नहीं रोका गया तो फिर पूरी इंडस्ट्री चौपट हो जाएगी। ऑस्ट्रेलिया की शहद इंडस्ट्री पर इस समय वारोआ मिटे प्लेग का साया मंडरा रहा है और इसलिए ही रोजाना मधुमक्खियां मारी जा रही हैं।<br /><br /><strong>नहीं था कोई और विकल्प</strong><br />अब तक 600 छत्तों में मौजूद कई मधुमक्खियों को मारा जा चुका है। वहीं कई लाखों मधुमक्खियों को मारे जाने का प्लान तैयार किया जा चुका है। आॅस्ट्रेलिया में अथॉरिटीज का मानना है कि अगर बीमारी को आगे बढ़ने से रोकना है तो फिर मधुमक्खियों को मारना ही पड़ेगा। इसके अलावा कोई और आॅप्शन फिलहाल नहीं है। छह मील के दायरे में इन मधुमक्खियों को मारने के लिए इरैडिकेशन जोन बनाया गया है। अथॉरिटीज का मकसद है कि दुनिया को इस खतरनाक प्लेग से किसी तरह बचाया जा सके।</p>
<p><br /><strong>18 मिलियन मधुमक्खियों की मौत</strong><br />न्यू साउथ वेल्स के चीफ प्लांट प्रोटेक्शन ऑफिसर सतेंद्र कुमार ने बताया कि ऑस्ट्रेलिया वो अकेला सबसे बड़ा शहद उत्पादक देश है जो इस समय वारोआ मिटे प्लेग से मुक्त हो चुका है। उन्होंने जानकारी दी कि ये प्लेग ऑस्ट्रेलिया की शहद इंडस्ट्री को 70 मिलियन डॉलर का चूना लगा सकता है। डैनी ले फ्यूवेरे जो ऑस्ट्रेलिया की शहद इंडस्ट्री काउंसिल के कार्यवाहक मुखिया हैं, उन्होंने बताया कि उनकी टीम ने पहले ही 600 छत्तों को खत्म कर दिया है और हर छत्ते में 30,000 मधुमक्खियां थीं। कम से कम इन छत्तों में कुल 18 मिलियन मधुमक्खियां मौजूद थीं। जो प्लेग ऑस्ट्रेलिया में मधुमक्खियों को शिकार बना रहा है, उसकी वजह से उनकी उड़ने, भोजन जुटाने और शहद का उत्पादन करने की क्षमता पर खासा असर पड़ता है। इस प्लेग की वजह से ऑस्ट्रेलिया में मधुमक्खियों की संख्या खासी प्रभावित हुई है।<br /><br /> जून के अंत में सबसे पहले ऑस्ट्रेलिया में इस प्लेग का पता चला था और तब से ही शहद उत्पादकों ने पूरी तरह से लॉकडाउन लगा दिया है। ऑस्ट्रेलिया में सन 1822 में सबसे पहली मधुमक्खी एपिस मेलीफेरा लाई गई थी। अब ऑस्ट्रेलिया में बड़े पैमाने पर मधुमक्खी पालक मौजूद हैं और गांवों के हर घर में मधुमक्खियों को पाला जाता है। आज मधुमक्खियां और शहद यहां की अर्थव्यवस्था का मुख्य सोर्स है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 06 Jul 2022 14:20:40 +0530</pubDate>
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                <title> सरकारी दफ्तरों के बिजली बिलों के लाखों बकाया </title>
                                    <description><![CDATA[विद्युत वितरण निगम जयपुर डिस्कॉम कार्यालय पर इन दिनों बकाया वसूली अभियान चल रहा है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jhalawar/millions-arrears-of-electricity-bills-of-government-offices/article-7005"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-03/mooanoj.jpg" alt=""></a><br /><p>मनोहरथाना। विद्युत वितरण निगम जयपुर डिस्कॉम कार्यालय पर इन दिनों बकाया वसूली अभियान चल रहा है। क्षेत्र में अनेकों घरेलू व कृषि उपभोक्ताओं को अधिक विद्युत राशि के बिल थमाया जाने की शिकायतें मिल रही है। उनके बकाया बिल जमा नहीं करने पर विद्युत कनेक्शन विच्छेद भी किए जा रहे हैं।  वहीं कस्बे के अनेकों सरकारी महकमों पर लाखों रुपए बकाया चल रहे हैं। जानकारी के अनुसार बड़े बकायादार सरकारी आॅफिसों में  अस्पताल, तहसील उपखंड कार्यालय एवं वन विभाग शामिल हैं। मनोहरथाना कस्बे के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के 5 लाख पंचानवे हजार रुपए के लगभग बकाया है। इसी तरह तहसील कार्यालय पर 2 लाख 76 हजार 333 रुपए एवं उपखंड कार्यालय पर एक लाख 32 हजार 577 एवं वन विभाग पर एक लाख 25 हजार 582 रुपए बताया है।सहायक अभियंता मन्नालाल ने बताया कि 31 मार्च 2022 तक जो विद्युत उपभोक्ता अपना पूरा बकाया बिल जमा कर देंगे, उन्हें मुख्यमंत्री की विद्युत बिलों में अप्रैल माह से छोटी योजनाओं का लाभ मिलेगा। इसलिए सभी को अपना विद्युत बकाया बिल जमा करना चाहिए। किशनपुरिया में स्थित जयपुर डिस्कॉम कार्यालय मेंअनेकों ऐसे विद्युत उपभोक्ता भी मिले, जिन्होंने बताया कि उनके विद्युत बिल इतनी विद्युत राशि के दे दिए गए हैं कि उन्होंने कभी इतना विद्युत खर्च  नहीं किया है।<br /><br /><strong> बिजली चोरों की हो रही मौज</strong><br />अनेकों विद्युत उपभोक्ता हजारों रुपए केअपने बकाया विद्युत बिलों को देख कर आप को ठगा सा महसूस करते हैं एवं कहते हैं कि मनोहर थाना कस्बे सहित क्षेत्र में बिजली चोरों की मौज है एवं ईमानदारी से विद्युत मीटर लगाकर विद्युत का उपयोग करने वालों को अधिक राशि के बिल  थमाये जाते है। जमा नहीं करने पर विद्युत कनेक्शन काट दिया जाता है। जबकि उनके इतने रुपए का विद्युत खर्च होता ही नहीं। ईमानदार उपभोक्ता अपने आप को ठगा सा महसूस करता है।<br /><strong>  </strong><br /><strong> 43 में से 3 करोड़ की कर चुके हैं वसूली</strong><br />विद्युत निगम की कुल बकाया राशि 43 करोड रुपए है। जिनमें 25 करोड़ बकाया वाले ऐसे उपभोक्ता हैं जिनके विद्युत कनेक्शन के संबंध विच्छेद भी कर दिए गए हैं। अट्ठारह करोड रुपए वर्तमान में रेगुलर कनेक्शनों पर बकाया चल रहे हैं। जिन्हें बकाया वसूली अभियान के अंतर्गत अभी तक लगभग 3 करोड़ रुपए की बकाया वसूली की जा चुकी है। <br /><br />वर्तमान में कुल रेगुलर कनेक्शन 14257 जिनमें कृषि कनेक्शन 1190 घरेलू विद्युत उपभोक्ता 11718ग्राम पंचायतों के रोड लाइट के पांच कमर्शियल 389 31 मार्च 2021 तक के बकाया विद्युत बिलों पर ब्याज एवं पेनल्टी की छूट दी जा रही है। -बलबीर सिंह, सहायक राजस्व अधिकारी <br /><br />विद्युत उपभोक्ताओं के अप्रैल 2022 से मुख्यमंत्री की कृषि कनेक्शन धारियों एवं घरेलू उपभोक्ताओं को योजनाओं का लाभ लेने के लिए 31 मार्च 2022 तक के बकाया विद्युत बिलों की पूर्ण राशि जमा होने पर ही इन योजनाओं का लाभ मिलेगा। अभी तक बकाया वसूली अभियान के अंतर्गत लगभग तीन करोड रुपए की राशि एकत्रित की जा चुकी है।-मन्नालाल मीणा, सहायक अभियंता, विद्युत वितरण निगम, मनोहरथाना</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>झालावाड़</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 30 Mar 2022 16:21:54 +0530</pubDate>
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                <title>जियो का करोड़ों ग्राहकों ने छोड़ा दामन, एयरटेल में बढ़ी ग्राहकों की संख्या, जियो से लोगों का हो रहा मोह भंग</title>
                                    <description><![CDATA[ सितंबर महीने में 1.90 करोड़ लोगों ने जियो का दामन छोड़ दिया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/business/%E0%A4%9C%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A5%8B-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%95%E0%A4%B0%E0%A5%8B%E0%A4%A1%E0%A4%BC%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%97%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%B9%E0%A4%95%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%9B%E0%A5%8B%E0%A4%A1%E0%A4%BC%E0%A4%BE-%E0%A4%A6%E0%A4%BE%E0%A4%AE%E0%A4%A8--%E0%A4%8F%E0%A4%AF%E0%A4%B0%E0%A4%9F%E0%A5%87%E0%A4%B2-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%AC%E0%A4%A2%E0%A4%BC%E0%A5%80-%E0%A4%97%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%B9%E0%A4%95%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%B8%E0%A4%82%E0%A4%96%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A4%BE--%E0%A4%9C%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A5%8B-%E0%A4%B8%E0%A5%87-%E0%A4%B2%E0%A5%8B%E0%A4%97%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%B9%E0%A5%8B-%E0%A4%B0%E0%A4%B9%E0%A4%BE-%E0%A4%AE%E0%A5%8B%E0%A4%B9-%E0%A4%AD%E0%A4%82%E0%A4%97/article-2795"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-11/jio.jpeg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली।  देश की सबसे बड़ी दूरसंचार कंपनी रिलायंस जियो से अब लोगों का मोह भंग होता दिख रहा है क्योंकि सितंबर महीने में 1.90 करोड़ लोगों ने जियो का दामन छोड़ दिया।इस दौरान तीसरी बड़ी कंपनी  वोडाफोन आइडिया के ग्राहकों की संख्या भी 10.8 लाख घट गयी जबकि दूसरी बड़ी कंपनी भारती एयरटेल के ग्राहकों की संख्या 2.47 लाख बढ़ गयी।</p>
<p><br /> दूरसंचार नियामक ट्राई के सितंबर महीने के टेलीफोन उपभोक्ताओं के जारी आंकड़ों के अनुसार, सितंबर 2021 में रिलायंस जियो के ग्राहकों की संख्सा एक करोड़ 90 लाख 23 हजार 618 कम हो गयी। इसके बाद उसके ग्राहकों की कुल संख्या 4.29 प्रतिशत घटकर करीब 42.5 करोड़ पर आ गयी। इस दौरान वोडा आइडिया के ग्राहकों की संख्या 10 लाख 77 हजार 806 कम होकर अर्थात 0.40 प्रतिशत घटकर करीब 27 करोड़ पर आ गयी है। <br /><br />      ग्राहक आधार पर देश की दूसरी सबसे बड़ी कंपनी भारती एयरटेल ने सितंबर 2021 में दो लाख 74 हजार 845 नये ग्राहक जोडऩे में सफल रही है। इसके बाद उसका ग्राहक आधार 0.08 प्रतिशत बढ़कर 35.4 करोड़ हो गया है। इसके साथ ही सरकारी दूरसंचार कंपनियों भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) और महानगर टेलीफोन निगम लिमिटेड (एमटीएनएल) के ग्राहकों की संख्या में कमी आयी है। बीएसएनएल के 0.76 प्रतिशत और एमटीएनएल के 0.14 प्रतिशत ग्राहक कम हुये हैं। <br /><br />      ट्राई के अनुसार, देश के टेलीकॉम बाजार में निजी क्षेत्र की कंपनियों की हिस्सेदारी 89.99 प्रतिशत और सरकारी कंपनियों की हिस्सेदारी 10.01 प्रतिशत रह गयी है। सितंबर महीने में देश में कुल मोबाइल फोन ग्राहकों की संख्या भी 1.74 प्रतिशत घटकर 116.60 करोड़ पर आ गयी है। ग्रामीण क्षेत्रों की तुलना में शहरी क्षेत्रों में मोबाइल ग्राहकों की संख्या में अधिक कमी आ रही है। सितंबर में शहरी क्षेत्रों में ग्राहकों की संख्या 1.92 प्रतिशत घटकर 63.8 करोड़ पर आ गयी जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में यह 1.53 प्रतिशत घटकर 52.8 करोड़ पर रही है।  ट्राई के मुताबिक सितंबर 2021 में देश में कुल टेलीफोन ग्राहकों की संख्या इस वर्ष अगस्त की तुलना में 1.69 प्रतिशत घटकर 118.91 करोड़ पर आ गयी। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 28 Nov 2021 14:30:38 +0530</pubDate>
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