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                            <item>
                <title>हिज्जबुल्ला का इजरायल पर बड़ा हमला: दक्षिणी लेबनान में 24 सैन्य अभियानों का दावा, मर्कवा टैंकों को बनाया निशाना</title>
                                    <description><![CDATA[हिज्जबुल्ला ने दक्षिणी लेबनान में इजरायली सेना के ठिकानों पर 24 घातक सैन्य अभियान चलाए हैं। समूह ने रॉकेट, तोपखाने और ड्रोन हमलों के जरिए इजरायली सैनिकों के जमावड़े, चार मर्कवा टैंकों और बख्तरबंद गाड़ियों को तबाह करने का दावा किया है। साथ ही एक इजरायली हर्मीस ड्रोन को भी निशाना बनाया गया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/hezbollahs-major-attack-on-israel-claims-of-24-military-operations/article-154564"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/hizbullah.png" alt=""></a><br /><p>बेरूत। हिज्ज़बुल्ला ने दावा किया है कि उसने दक्षिणी लेबनान में इज़रायली सेना के ठिकानों को निशाना बनाकर 24 सैन्य अभियान चलाए हैं। ये हमले रॉकेट, तोपखाने और ड्रोन के जरिए इज़रायली सैनिकों के जमावड़े और सैन्य वाहनों को निशाना बनाकर किए गए। समूह ने एक बयान में कहा, "20 मई, को इस्लामिक रेजिस्टेंस ने दुश्मन इज़रायली सेना के खिलाफ 24 लड़ाकू ऑपरेशन किए।" हिज्जबुल्ला ने कहा कि उसके लड़ाकों ने अवीविम, रमीम, रामोट नफताली और माले गोलानी जैसे इलाकों में इज़रायली सैनिकों के ठिकानों और सैन्य जमावड़े को निशाना बनाया। इसके साथ ही लेबनानी सीमा पर कई बस्तियों को भी निशाना बनाया गया है।</p>
<p>समूह ने कहा कि हमलों में ड्रोन, रॉकेट और आर्टिलरी फायर शामिल थे। अल जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक हिज्जबुल्लाह ने दावा किया कि उसके लड़ाकों ने इलाके की तरफ बढ़ने की कोशिश कर रही इज़रायली सेना पर बार-बार हमला किया और मर्कवा टैंक और डी9 बुलडोजर समेत बख्तरबंद गाड़ियों को निशाना बनाया। हिज्जबुल्ला ने कहा कि हद्दाथा, तैबेह और राचाफ इलाकों में कम से कम चार मर्कवा टैंकों को निशाना बनाया गया। इसने इजरायली सेना के साथ काम कर रही दो डी9 इंजीनियरिंग गाड़ियों और टीमों पर हमलों की भी जिम्मेदारी ली। दिन में एक अलग घटना में हिज्जबुल्ला ने कहा कि उसने दक्षिणी लेबनान के केंद्रीय क्षेत्र के ऊपर उड़ रहे एक इज़रायली हर्मीस 450 ड्रोन पर सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल दागी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 21 May 2026 18:38:23 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>ईरान के साथ युद्ध तब तक खत्म नहीं होगा जब तक परमाणु मुद्दों का समाधान नहीं हो जाता : पीएम नेतन्याहू</title>
                                    <description><![CDATA[इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने स्पष्ट किया है कि ईरान के साथ युद्ध तब तक समाप्त नहीं होगा, जब तक उसके परमाणु केंद्रों को नष्ट और यूरेनियम भंडार को बाहर नहीं किया जाता। उन्होंने कूटनीति विफल होने पर सैन्य विकल्प के संकेत दिए हैं। ट्रंप द्वारा ईरानी प्रस्ताव ठुकराने के बाद क्षेत्रीय तनाव चरम पर है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/war-with-iran-will-not-end-until-nuclear-issues-are/article-153456"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/benjamin-netanyahu.png" alt=""></a><br /><p>तेल अवीव। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने दोहराया है कि ईरान के साथ युद्ध तब तक 'खत्म नहीं होगा', जब तक कि प्रमुख रणनीतिक मुद्दों का समाधान नहीं हो जाता जिनमें ईरान के संवर्धित यूरेनियम के भंडार को हटाना, परमाणु केंद्रों को नष्ट करना और ईरान के क्षेत्रीय प्रभाव पर अंकुश लगाना शामिल है। मीडिया से रूबरू होते हुए नेतन्याहू ने कहा, "यह अभी खत्म नहीं हुआ है, क्योंकि अब भी वहां परमाणु सामग्री और संवर्धित यूरेनियम मौजूद है। इसे ईरान से बाहर निकालना होगा। अब भी वहां संवर्धन केंद्र हैं, जिन्हें नष्ट करना बाकी है।" उन्होंने कहा कि ईरान क्षेत्रीय प्रॉक्सी समूहों का समर्थन करना जारी रख रहा है और अपनी बैलिस्टिक मिसाइल क्षमताओं को बढ़ा रहा है।</p>
<p>अमेरिका-इजरायल के ईरान पर किये गये हमलों के बाद हुई प्रगति को स्वीकार करते हुए नेतन्याहू ने इस बात पर जोर दिया कि अब भी बड़ी चुनौतियां बनी हुई हैं, विशेष रूप से ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर। उन्होंने सुझाव दिया कि किसी भी व्यावहारिक व्यवस्था के तहत संवर्धित यूरेनियम को वहां से से हटाना होगा। उन्होंने कहा, "अगर आपके पास कोई समझौता है और आप अंदर जाकर उसे बाहर निकाल लेते हैं, तो क्यों नहीं? यही सबसे अच्छा तरीका है।"</p>
<p>पीएम नेतन्याहू इस बात से सहमत हैं कि समझौता होना चाहिए, लेकिन परमाणु मुद्दा समझौता-योग्य नहीं है । उनकी यह टिप्पणी ऐसे समय में आयी है, जब अमेरिका का रुख है कि किसी भी व्यापक शांति ढांचे के तहत ईरान को यूरेनियम संवर्धन पूरी तरह से रोकना होगा। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में शांति प्रस्ताव पर ईरान की नवीनतम प्रतिक्रिया को 'पूरी तरह से अस्वीकार्य' बताया था। वहीं ईरान ने संवर्धन को पूरी तरह से रोकने की मांगों को खारिज कर दिया है। खबरों के अनुसार, ईरानी अधिकारियों ने अत्यधिक संवर्धित यूरेनियम के भंडार को कम करने और अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था के तहत कुछ सामग्री को किसी तीसरे देश में स्थानांतरित करने का सुझाव दिया है।</p>
<p>पीएम नेतन्याहू ने एक संभावित दृष्टिकोण की रूपरेखा भी पेश की है। इसमें कूटनीति अगर विफल रहती है तो संवर्धित यूरेनियम को भौतिक रूप से हटाया जा सकता है, लेकिन उन्होंने 'सैन्य विकल्पों' का खुलासा करने से इनकार कर दिया। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान ने सीमित अवधि के लिए संवर्धन स्थगित करने की इच्छा जतायी है, हालांकि यह अमेरिका के प्रस्तावित 20 साल के प्रतिबंध की तुलना में कम अवधि के लिए है। साथ ही ईरान ने अपने परमाणु बुनियादी ढांचे को नष्ट करने की बात को खारिज कर दिया है। खबर है कि दोनों पक्षों के बीच मध्यस्थों के जरिये बातचीत जारी है, लेकिन यूरेनियम संवर्धन और सत्यापन तंत्र पर गहरे मतभेदों के बीच एक व्यापक समझौता फिलहाल दूर नजर आ रहा है।</p>
<p>ईरानी नेताओं का कहना है कि उनके प्रस्ताव जायज हैं और उनका उद्देश्य एक संतुलित समझौता सुनिश्चित करना है। पीएम नेतन्याहू की ये टिप्पणियां इस सप्ताह के अंत में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की संभावित चीन यात्रा से पहले आयी हैं, जहां उनके चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मिलने की उम्मीद है। युद्ध और उसके बाद ईरान के होर्मुज जलडमरूमध्य बंद किये जाने से वैश्विक ऊर्जा लागत में उछाल आया है और अमेरिका में गैस की कीमतों में भारी वृद्धि हुई है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 11 May 2026 18:44:44 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>'अवास्तविक मांगों' पर अड़े इजरायल की सोच से प्रभावित अमेरिका: बघाई ने कहा- क्या पूरे क्षेत्र में शांति और सुरक्षा स्थापित करना गैर-जिम्मेदाराना  </title>
                                    <description><![CDATA[ईरान ने अपने शांति प्रस्ताव को "तार्किक" बताते हुए अमेरिकी रुख की आलोचना की है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि वे केवल संपत्ति की मुक्ति और समुद्री सुरक्षा जैसे वैध अधिकार मांग रहे हैं। राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा प्रस्ताव को "अस्वीकार्य" बताने के बाद ईरान ने आरोप लगाया कि अमेरिका अब भी इजरायली दबाव में काम कर रहा है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/america-is-adamant-on-unrealistic-demands-impressed-by-israels-thinking/article-153426"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/hormuz.png" alt=""></a><br /><p>तेहरान। पश्चिम एशिया में युद्ध समाप्त करने के लिए  ईरान ने कहा है कि उसका प्रस्ताव "उदार और तार्किक" था, जबकि अमेरिका अब भी इजरायल की सोच से प्रभावित "अवास्तविक मांगों" पर अड़ा हुआ है। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने सोमवार को अपने साप्ताहिक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि ईरान की ओर से अमेरिकी प्रस्ताव के जवाब में जो योजना भेजी गयी, वह "हद से ज्यादा" नहीं थी और उसका उद्देश्य पूरे क्षेत्र में शांति एवं स्थिरता स्थापित करना था।</p>
<p>उन्होंने कहा, "हमने किसी प्रकार की रियायत की मांग नहीं की। हमने केवल ईरान के वैध अधिकारों की बात की है।" बघाई ने सवाल किया कि क्या क्षेत्र में युद्ध समाप्त करने, ईरानी जहाजों के खिलाफ "समुद्री डकैती" रोकने तथा वर्षों से अवरुद्ध ईरानी संपत्तियों को मुक्त करने की मांग अनुचित कही जा सकती है। उन्होंने कहा, "क्या होर्मुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने का हमारा प्रस्ताव अवास्तविक है? क्या पूरे क्षेत्र में शांति और सुरक्षा स्थापित करना गैर-जिम्मेदाराना है?"</p>
<p>इससे पूर्व, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि उन्होंने ईरान के प्रतिनिधियों का जवाब पढ़ा और उसे "पूरी तरह अस्वीकार्य" पाया। राष्ट्रपति ट्रंप ने समाचार पोर्टल एक्सियोस को दिए साक्षात्कार में कहा था कि उन्होंने ईरान के जवाब पर बेंजमिन नेतन्याहू से भी चर्चा की है। ईरान ने रविवार को अमेरिकी प्रस्ताव के जवाब में अपना औपचारिक प्रस्ताव भेजा था। ईरान पहले भी स्पष्ट कर चुका है कि मौजूदा चरण में वार्ता का केंद्र केवल क्षेत्रीय युद्ध समाप्त करना होगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 11 May 2026 15:48:50 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>ट्रंप सरकार का बड़ा फैसला : 60 दिन की अनिवार्य संसदीय अनुमति की समयसीमा पूरी होने से पहले युद्ध समाप्ति का ऐलान, सीजफायर जारी रखने के लिए रखी शर्ते</title>
                                    <description><![CDATA[ट्रंप प्रशासन ने ईरान के साथ दो महीने से जारी सैन्य टकराव को समाप्त करने की घोषणा की है। यह निर्णय वॉर पावर रिज़ॉल्यूशन की समयसीमा खत्म होने से ठीक पहले लिया गया। हालांकि, अमेरिका ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में हमले की स्थिति में रक्षात्मक कार्रवाई का अधिकार सुरक्षित है, जबकि इजरायल को सैन्य सहायता जारी रहेगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/big-decision-of-trump-government-declaration-of-end-of-war/article-152348"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/trumpp.png" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन। संयुक्त राज्य अमेरिका और ईरान के बीच बीते दो महीनों से जारी सैन्य तनाव पर अब विराम लगने की खबर सामने आई है। डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने घोषणा की है कि 28 फरवरी से शुरू हुआ यह संघर्ष अब समाप्त माना जाएगा। यह टकराव उस समय शुरू हुआ था जब क्षेत्रीय तनाव और सुरक्षा चिंताओं के बीच दोनों देशों के बीच सैन्य गतिविधियां तेज हो गई थीं। इसके बाद हालात धीरे-धीरे युद्ध जैसी स्थिति में बदल गए, जिसमें समुद्री और सामरिक स्तर पर गतिविधियां बढ़ीं।</p>
<p>अब अमेरिकी प्रशासन ने वॉर पावर रिज़ॉल्यूशन के तहत 60 दिन की अनिवार्य संसदीय अनुमति की समयसीमा पूरी होने से ठीक पहले युद्ध समाप्ति का ऐलान किया है। हालांकि इस निर्णय में नौसैनिक नाकाबंदी को लेकर कोई स्पष्ट उल्लेख नहीं किया गया है। प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि भविष्य में ईरान की ओर से किसी अमेरिकी नौसैनिक जहाज पर हमला होता है, तो राष्ट्रपति को बिना कांग्रेस की पूर्व अनुमति के रक्षात्मक कार्रवाई करने का अधिकार होगा।</p>
<p>इसी बीच, अमेरिका की ओर से इजरायल को सैन्य सहायता जारी है। रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले 24 घंटों में करीब 6,500 टन हथियार और सैन्य सामग्री भेजी गई है, जबकि पूरे 60 दिनों में यह आंकड़ा 1.15 लाख टन से अधिक पहुंच चुका है। विशेषज्ञों का मानना है कि भले ही युद्ध समाप्ति की घोषणा हो गई हो, लेकिन क्षेत्र में तनाव पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है और स्थिति पर नजर बनाए रखना जरूरी होगा।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 01 May 2026 15:58:04 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>डोनाल्ड ट्रंप की घोषणा: तीन हफ़्तों के लिए और बढ़ा इज़रायल और लेबनान के बीच संघर्ष-विराम, नेतन्याहू और जोसेफ आउन के बीच शिखर सम्मेलन की मेजबानी की संभावना</title>
                                    <description><![CDATA[राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इज़रायल और लेबनान के बीच संघर्ष विराम को तीन सप्ताह के लिए बढ़ाने की घोषणा की है। व्हाइट हाउस में हुई उच्च स्तरीय बैठक के बाद ट्रंप ने हिज़्बुल्लाह के विरुद्ध लेबनान की रक्षा का संकल्प लिया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/donald-trumps-announcement-extends-the-ceasefire-between-israel-and-lebanon/article-151524"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/trump3.png" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन। इज़रायल और लेबनान के बीच संघर्ष विराम को तीन हफ़्तों के लिए बढ़ा दिया गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने शुक्रवार को यह घोषणा की। यह फ़ैसला व्हाइट हाउस के ओवल ऑफ़िस में श्री ट्रम्प, अमेरिकी उपराष्ट्रपति जे.डी. वैन्स, विदेश मंत्री मार्को रूबियो, इज़रायल में अमेरिका के राजदूत माइक हकाबी, लेबनान में अमेरिका के राजदूत मिशेल ईसा और इज़रायल तथा लेबनान के कई उच्च-स्तरीय प्रतिनिधियों के बीच हुई एक बैठक में लिया गया।</p>
<p>ट्रम्प ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म पर कहा, "बैठक बहुत अच्छी रही।" उन्होंने कहा कि अमेरिका लेबनान को हिज़्बुल्लाह से रक्षा करने में मदद करने के लिए उसके साथ मिलकर काम करेगा। उन्होंने कहा कि वह "निकट भविष्य" में इज़रायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ आउन की बैठक की मेज़बानी करने के लिए उत्सुक हैं, हालाँकि उन्होंने इसकी तारीख़ की घोषणा नहीं की है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 24 Apr 2026 10:51:24 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>लेबनान में हालात तनावपूर्ण : इजरायली हमले में एक पत्रकार सहित पांच लोगों की मौत, बचाव औरा राहत कार्य जारी</title>
                                    <description><![CDATA[दक्षिण लेबनान के अत-तिरी गांव में इजरायली हवाई हमलों में महिला पत्रकार अमल खलील और चार अन्य की मौत हो गई। लेबनान के प्रधानमंत्री ने पत्रकारों और राहत दलों को निशाना बनाने को 'युद्ध अपराध' करार दिया है। हिज्बुल्ला से जुड़े ठिकानों पर हमले के दौरान अंतरराष्ट्रीय मानकों के उल्लंघन के गंभीर आरोप लगे हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/situation-tense-in-lebanon-five-people-including-a-journalist-killed/article-151431"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/एक-पत्रकार.png" alt=""></a><br /><p>बेरूत। लेबनान के दक्षिणी क्षेत्र में इजरायल के हमलों में एक पत्रकार सहित पांच लोगों की मौत हो गयी है। राष्ट्रीय समाचार एजेंसी के अनुसार, पहला हमला दक्षिण लेबनान के अत-तिरी गांव में एक कार पर किया गया, जिसमें सवार दो लोगों की मौत हो गयी। इजरायली सेना ने कहा कि उसने दक्षिण लेबनान में दो वाहनों को निशाना बनाया, जो हिज्बुल्ला से जुड़े एक सैन्य ढांचे से निकले थे। इसके बाद उसी गांव में एक इमारत पर हुए हवाई हमले में एक महिला पत्रकार मलबे में दब गयी। स्थानीय समाचार संस्था में कार्यरत पत्रकार अमल खलील को बाद में मृत पाया गया, जिसकी पुष्टि उनके संस्थान ने की।</p>
<p>रिपोर्ट के अनुसार, खलील और उनकी सहकर्मी ज़ैनब फराज पहले हमले के स्थल पर कवरेज के लिए पहुंची थीं। कई घंटों तक राहतकर्मी और रेड क्रॉस की टीमें वहां पहुंचने की कोशिश करती रहीं, लेकिन इजरायल के लगातार हमलों के कारण उन्हें बाधाओं का सामना करना पड़ा। ज़ैनब फराज को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है और उनकी शल्य चिकित्सा की आवश्यकता बतायी गयी है। लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने आरोप लगाया कि पत्रकारों के शरण लेने के बाद जिस इमारत में वे मौजूद थे, उसे निशाना बनाया गया।</p>
<p>इस बीच, लेबनान के प्रधानमंत्री नवाफ सलाम ने इन हमलों को युद्ध अपराध करार देते हुए कहा कि पत्रकारों को निशाना बनाना और राहत दलों को बाधित करना अंतरराष्ट्रीय मानकों का उल्लंघन है। सलाम ने एक्स पर लिखा, "पत्रकारों को निशाना बनाना, बचाव टीमों को उन तक पहुंचने से रोकना, और फिर उन टीमों के पहुंचने के बाद उन्हें दोबारा निशाना बनाना, ये सभी 'युद्ध अपराध' की श्रेणी में आते हैं।"</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 23 Apr 2026 16:28:32 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>इजरायल के साथ बातचीत की तैयारियों में लेबनान की करेंगे मदद : 10 टन सहायता सामग्री भी भेजेंगे, मैक्रों ने कहा- सेना को प्रशिक्षण भी दे रहे है हम</title>
                                    <description><![CDATA[इमैनुएल मैक्रों ने लेबनान को इजरायल से बातचीत की तैयारी में हरसंभव मदद का भरोसा दिया। उन्होंने संप्रभुता बहाली के लिए योजना बनाने में सहयोग की बात कही। फ्रांस जल्द 10 टन अतिरिक्त मानवीय सहायता भेजेगा। साथ ही, UNIFIL मिशन के बाद भी जरूरत पड़ने पर फ्रांस लेबनान में सैन्य सहयोग जारी रखेगा।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/will-help-lebanon-in-preparations-for-talks-with-israel-will/article-151306"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/macro2.png" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal"><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">पेरिस। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने कहा है कि फ्रांस, लेबनान को इजरायल के साथ बातचीत की तैयारियां करने में मदद करेगा। मैक्रों मंगलवार को लेबनान के प्रधानमंत्री नवाफ सलाम के साथ एक संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में कहा, हम लेबनानी सरकार को इन बातचीत की तैयारी करने और पूर्ण संप्रभुता बहाल करने के लिए आवश्यक योजना बनाने में, जहां तक संभव हो सकेगा, सहायता प्रदान करेंगे। उन्होंने कहा कि फ्रांस आने वाले दिनों में लेबनान को लगभग 10 टन सहायता सामग्री भी भेजेगा, जिससे फ्रांस की ओर से द्वारा दान की गयी कुल मानवीय सहायता की मात्रा बढ़कर 70 टन हो जाएगी। </span></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">मैक्रों ने बताया कि फ्रांस, 2026 के अंत में लेबनान में संयुक्त राष्ट्र अंतरिम बल (संरा आईएफआईएल) के शांति स्थापना मिशन के पूरा होने के बाद भी लेबनान में अपनी सैन्य उपस्थिति बनाये रखने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा, यदि लेबनान ऐसा चाहता है, तो फ्रांस भी वर्ष के अंत में संरा आईएफआईएल की नियोजित वापसी के बाद अपने सबसे सक्रिय साझेदारों के साथ मिलकर धरातल पर अपनी प्रतिबद्धता जारी रखने के लिए तैयार है। यह सब एक ऐसे ढांचे के भीतर होगा, जिसे हमें मिलकर परिभाषित करना होगा। संयुक्त राष्ट्र मिशन में भाग लेने के अलावा फ्रांस लेबनानी सेना को प्रशिक्षण भी दे रहा है और उसे हथियार तथा उपकरण भी उपलब्ध करा रहा है। </span></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';"> </span></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';"> </span></p>
<p class="MsoNormal"> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 22 Apr 2026 14:31:27 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>Donald Trump का बयान : इजरायल को बताया अमेरिका का ‘महान सहयोगी’, कहा-वह जीतना जानता है</title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इजरायल की प्रशंसा करते हुए उसे एक ऐसा सहयोगी बताया जो जीतना जानता है। ट्रूथ सोशल पर उन्होंने कहा कि इजरायल ने अपनी काबिलियत साबित की है। हालांकि, यह बयान उनके उस निर्देश के ठीक बाद आया है जिसमें उन्होंने इजरायल को लेबनान पर बमबारी तुरंत बंद करने को कहा था।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/donald-trumps-statement-called-israel-a-great-ally-of-america/article-150998"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/trump.png" alt=""></a><br /><p>मॉस्को। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि इजरायल ने खुद को अमेरिका का एक महान सहयोगी साबित किया है जो जीतना जानता है। ट्रंप ने ट्रूथसोशल पर कहा, "चाहे लोग इजरायल को पसंद करें या न करें, उसने अमेरिका का एक महान सहयोगी साबित किया है।" उन्होंने कहा कि इजरायल जीतना जानता है, "कुछ लोगों के विपरीत" जिन्होंने संघर्ष और तनाव के दौरान अपना असली रंग दिखाया है। राष्ट्रपति ने इस बारे में और कोई जानकारी नहीं दी। यह टिप्पणी उनके उस बयान के एक दिन बाद आई है जिसमें उन्होंने इजरायल से कहा था कि लेबनान पर बमबारी करना "निषिद्ध" है और "बहुत हो गया"।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 19 Apr 2026 17:48:33 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने इजरायल-लेबनान युद्धविराम का किया समर्थन, इजरायल को लेबनान की संप्रभुता का सम्मान करते हुए युद्ध रोकना चाहिए</title>
                                    <description><![CDATA[फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने इजरायल और लेबनान के बीच 10 दिवसीय युद्धविराम का समर्थन करते हुए नागरिक सुरक्षा की अपील की है। उन्होंने हिजबुल्लाह से हथियार छोड़ने और इजरायल से संप्रभुता का सम्मान करने को कहा। बेंजामिन नेतन्याहू ने इसे शांति का अवसर बताया, जबकि संयुक्त राष्ट्र ने अमेरिकी मध्यस्थता की सराहना की है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/french-president-emmanuel-macron-supports-israel-lebanon-ceasefire-israel-must-stop/article-150840"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/macro1.png" alt=""></a><br /><p>पेरिस। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने इजरायल और लेबनान के बीच दस दिनों के युद्धविराम का 'पूर्ण समर्थन' किया है। मैक्रों ने हालांकि इस समझौते को लेकर चिंता भी जताई। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, "मैं इस बात को लेकर चिंतित हूँ कि सैन्य अभियानों के जारी रहने से यह युद्धविराम कमजोर पड़ सकता है। मैं सीमा के दोनों ओर नागरिक आबादी की सुरक्षा की अपील करता हूँ। हिजबुल्लाह को अपने हथियारों का त्याग करना चाहिए और इजरायल को लेबनान की संप्रभुता का सम्मान करते हुए युद्ध रोकना चाहिए।"</p>
<p>इजरायल और लेबनान दोनों ने इस युद्धविराम का स्वागत किया है। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने इसे 'ऐतिहासिक शांति समझौता करने का अवसर' बताया है। यह समझौता फिलहाल दस दिनों के लिए है, जिसे बातचीत में प्रगति होने पर आगे बढ़ाया जा सकता है। अमेरिकी विदेश विभाग द्वारा जारी मुख्य प्रावधानों के अनुसार, इजरायल के पास किसी भी संभावित हमले के खिलाफ 'आत्मरक्षा में सभी आवश्यक कदम उठाने का अधिकार' सुरक्षित रहेगा। वहीं, लेबनान को हिजबुल्लाह और अन्य सशस्त्र समूहों द्वारा हमलों को रोकना होगा। साथ ही देश की सुरक्षा की पूरी जिम्मेदारी केवल लेबनानी सुरक्षा बलों की होगी।</p>
<p>दोनों पक्षों ने बाकी मुद्दों को सुलझाने के लिए अमेरिका की मध्यस्थता में बातचीत जारी रखने का अनुरोध किया है। इजरायल ने इस युद्धविराम को स्थायी शांति की दिशा में एक 'सद्भावना संकेत' बताया है। हिजबुल्लाह ने भी इसमें शामिल होने के संकेत दिए हैं, लेकिन उसने हमलों को पूरी तरह रोकने और इजरायली सैनिकों की आवाजाही पर प्रतिबंध लगाने की मांग की है। इस बीच, संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने इस संघर्षविराम का स्वागत करते हुए अमेरिका की भूमिका की सराहना की है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इससे विवाद का दीर्घकालिक समाधान निकलेगा और सभी पक्षों से अंतरराष्ट्रीय कानून का पालन करने का आग्रह किया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 17 Apr 2026 18:29:48 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>हिज़बुल्ला युद्धविराम पर सहमत : इज़रायल को उल्लंघन के खिलाफ दी चेतावनी, युद्धविराम के लिए रखी शर्ते</title>
                                    <description><![CDATA[लेबनान के सैन्य संगठन हिज्बुल्लाह ने इजरायल के साथ युद्धविराम पर सहमति जताई है। हिज्बुल्लाह नेता महमूद कोमाती ने स्पष्ट किया कि संगठन तभी पालन करेगा जब इजरायल भी अपनी शर्तों पर टिका रहे। उन्होंने पुराने अनुभवों का हवाला देते हुए 'इजरायली विश्वासघात' के प्रति आगाह किया और फिलहाल दक्षिणी लेबनान में यात्रा न करने की सलाह दी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/hezbollah-agrees-to-ceasefire-warns-israel-against-violating-conditions-laid/article-150647"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/111200-x-600-px)-(4)8.png" alt=""></a><br /><p>बेरुत। लेबनान स्थित प्रमुश शिया मुस्लिम राजनीतिक अर्ध सैन्य संगठन हिजबुल्लाह ने युद्धविराम के लिए सहमति व्यक्त की है लेकिन शर्त रखी है कि इजरायल भी इसका पालन करेगा। हिजबुल्लाह की राजनीतिक परिषद के उप प्रमुख महमूद कोमाती ने यह जानकारी दी है हिजबुल्लाह ने इस शर्त पर इजरायल के साथ युद्धविराम पर सहमति व्यक्त की है कि दोनों पक्ष इसका पालन करेंगे। उप प्रमुख महमूद कोमाती ने कहा, "हम युद्धविराम पर सहमत हुए, लेकिन हम 2024 के समझौते के अनुभव को दोहराने की अनुमति नहीं देंगे, जहां हमने इसका पालन किया जबकि इजरायली पक्ष अपने दायित्वों से मुकर गया।"</p>
<p>उन्होंने आगे कहा कि हम इजरायली विश्वासघात को लेकर सतर्क हैं और उन्होंने इस समय दक्षिणी लेबनान की यात्रा न करने की सलाह दी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 16 Apr 2026 14:26:11 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>पीएम बेंजामिन नेतन्याहू का ऐलान : इज़रायल जल्द शुरू करेगा लेबनान के साथ सीधी शांति वार्ता, लेबनानी हमले में 300 लोगों की मौत</title>
                                    <description><![CDATA[प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने लेबनान के साथ जल्द सीधी शांति वार्ता शुरू करने की घोषणा की है। भीषण हवाई हमलों और 300 मौतों के बाद उपजे तनाव के बीच, इस कदम को अमेरिका-ईरान युद्धविराम बचाने की कोशिश माना जा रहा है। इज़रायल ने स्पष्ट किया कि शांति प्रक्रिया को कायम रखने के लिए कूटनीतिक रास्ते खुले हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/pm-benjamin-netanyahu-announces-israel-will-soon-start-direct-peace/article-149814"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/natnahu.png" alt=""></a><br /><p>तेल अवीव। इज़रायल लेबनान के साथ "जितनी जल्दी हो सके" सीधी शांति वार्ता शुरू करेगा, जिससे अमेरिका-ईरान के बीच हुई नाज़ुक युद्धविराम संधि को कायम रहने का मौका मिलेगा। इज़रायली मीडिया के अनुसार प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने गुरुवार को यह घोषणा की। इज़रायली वायु सेना द्वारा लेबनान में हिज़्बुल्लाह पर हमला किए जाने के बाद यह नाज़ुक शांति प्रक्रिया अधर में लटक गई थी। अपुष्ट रिपोर्टों के अनुसार इज़रायली हमले में लगभग 300 लोग मारे गए थे। हिज़्बुल्लाह पर इज़रायली हमलों के बाद ईरान ने चेतावनी दी थी कि इन हमलों ने बातचीत को "बेमानी" बना दिया है।</p>
<p>इस बात को लेकर युद्धविराम संधि संकट में थी कि क्या लेबनान भी इन वार्ताओं का एक विषय है। जहाँ ईरान ने कहा कि वह इन वार्ताओं का हिस्सा है, वहीं इज़रायल और अमेरिका ने इससे इनकार कर दिया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 10 Apr 2026 12:31:59 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>यूनान को 75 करोड़ डॉलर की तोपखाना प्रणाली देगा इजरायल : दोनों देशों के बीच हुआ महत्वपूर्ण रक्षा निर्यात समझौता, रक्षा मंत्रालय ने कहा- सशस्त्र सेनाओं को पीयूएलएस प्रणाली की आपूर्ति की जाएगी</title>
                                    <description><![CDATA[इजरायल यूनान को 75 करोड़ डॉलर की पीयूएलएस रॉकेट आर्टिलरी देगा। एथेंस में हुए समझौते के तहत यह उन्नत प्रिसिजन लॉन्चिंग सिस्टम यूनानी सेना को मिलेगा। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ग्रीस इन्हें तुर्की से सटी स्थलीय और समुद्री सीमाओं पर तैनात कर सकता है, जिससे क्षेत्रीय सैन्य संतुलन पर असर पड़ने की संभावना है। यह सौदा रक्षा सहयोग और मजबूत करेगा।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/israel-will-supply-artillery-system-worth-750-million-to-greece/article-149408"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-02/israel-flagg.png" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal"><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">तेल अवीव। इजरायल यूनान को लगभग 75 करोड़ डॉलर मूल्य की पीयूएलएस (प्रिसाइज एंड यूनिवर्सल लॉन्चिंग सिस्टम) रॉकेट आर्टिलरी प्रणालियां उपलब्ध कराएगा। यह जानकारी इजरायल रक्षा मंत्रालय ने दी है। मंत्रालय की ओर से सोमवार को जारी बयान के अनुसार यूनान की राजधानी एथेंस में रक्षा मंत्रालय में आयोजित एक समारोह में दोनों देशों के बीच यह महत्वपूर्ण रक्षा निर्यात समझौता संपन्न हुआ। </span></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">इसके तहत यूनान की सशस्त्र सेनाओं को पीयूएलएस प्रणाली की आपूर्ति की जाएगी। रिपोर्टों के अनुसार यूनान इन प्रणालियों को तुर्की के साथ अपनी स्थलीय और समुद्री सीमा क्षेत्रों में तैनात कर सकता है।</span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 07 Apr 2026 15:01:45 +0530</pubDate>
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