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                <title>Fort - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                            <item>
                <title>आमेर महल के संरक्षण और सुविधाओं पर फोकस : मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने किया निरीक्षण, पर्यटकों की बढ़ती संख्या को देखते हुए दिए विकास के निर्देश</title>
                                    <description><![CDATA[मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने आमेर महल का निरीक्षण कर चल रहे ₹25.5 करोड़ के संरक्षण कार्यों का जायजा लिया। महल में सालाना रिकॉर्ड 22.82 लाख पर्यटक (2.70 लाख विदेशी) पहुंच रहे हैं। इसे देखते हुए मुख्य सचिव ने पार्किंग, रास्तों और मूल ऐतिहासिक स्वरूप को बनाए रखते हुए बुनियादी सुविधाएं मजबूत करने के निर्देश दिए।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/focus-on-conservation-and-facilities-of-amer-palace/article-154143"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/srinavas.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान के प्रमुख पर्यटन स्थल आमेर महल में पर्यटकों की बढ़ती संख्या को देखते हुए राज्य सरकार ने सुविधाओं और संरक्षण कार्यों को और मजबूत करने की दिशा में कदम बढ़ाए हैं। मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने रविवार को आमेर महल का भ्रमण कर चल रहे विकास एवं संरक्षण कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने सबसे पहले आमेर की आराध्य देवी शिला माता के दर्शन किए और इसके बाद महल परिसर का अवलोकन किया। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने बताया कि वर्षभर में आमेर महल में करीब 22.82 लाख पर्यटक पहुंचे, जिनमें 2.70 लाख विदेशी पर्यटक शामिल रहे। प्रतिदिन औसतन 6,270 पर्यटकों की आवाजाही को देखते हुए मुख्य सचिव ने पार्किंग, शौचालय और आमेर तक पहुंचने वाले रास्तों को और बेहतर बनाने के निर्देश दिए।</p>
<p>उन्होंने 25.5 करोड़ रुपए की लागत से चल रहे पार्किंग विकास, खेड़ी गेट रोड और अन्य संरक्षण कार्यों का निरीक्षण कर संतोष जताया। मानसिंह महल और शीशमहल में चल रहे संरक्षण कार्यों की सराहना करते हुए मूल स्वरूप बनाए रखने पर विशेष जोर दिया। साथ ही डिजिटल संग्रहालय और गाइड प्रशिक्षण को लेकर भी आवश्यक निर्देश प्रदान किए। इस दौरान पुरातत्व विभाग के निदेशक डॉ पंकज धरेंद्र, पर्यटन विभाग के ज्वाइंट डायरेक्टर राकेश शर्मा, आमेर महल अधीक्षक डॉ राकेश छोलक, आमेर विकास एवं प्रबंधन प्राधिकरण के कार्यकारी निदेशक (कार्य) एवं गाइड महेश शर्मा मौजूद रहे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 17 May 2026 16:02:18 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
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                <title>जयपुर वैक्स म्यूजियम, नाहरगढ़ किले में विश्व संग्रहालय दिवस पर नई पहल की घोषणा</title>
                                    <description><![CDATA[विश्व संग्रहालय दिवस पर नाहरगढ़ किले में स्थित जयपुर वैक्स म्यूजियम को अत्याधुनिक तकनीक से अपग्रेड करने की घोषणा की गई है। अगस्त 2026 से पर्यटक हाड़ी रानी के त्याग और किले के इतिहास पर आधारित VR फिल्में और लाइव सेट देख सकेंगे। इसके साथ ही प्रसिद्ध शीश महल में ऑटोमेशन लाइटिंग भी शुरू की जाएगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jaipur-wax-museum-announces-new-initiative-on-world-museum-day/article-154152"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/nahargarh.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। विश्व संग्रहालय दिवस के अवसर पर जयपुर वैक्स म्यूजियम, नाहरगढ़ किले ने पर्यटकों के अनुभव को नई ऊंचाई देने की घोषणा की है। म्यूजियम अब केवल वैक्स की प्रतिमाएं नहीं, बल्कि फिल्म और लाइव वर्चुअल सेट के साथ कहानियां भी दिखाएगा। म्यूजियम के फाउंडर डायरेक्टर अनूप श्रीवास्तव ने बताया कि आज के पर्यटक सिर्फ मूर्ति देखना नहीं चाहते। वे उसे महसूस करना चाहते हैं, वर्चुअल रियलिटी के साथ अनुभव लेना चाहते हैं। इसी सोच को ध्यान में रखते हुए हम अपने म्यूजियम को नई और अत्याधुनिक तकनीक से अपग्रेड कर रहे हैं। यह राजस्थान सरकार और उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी जी के विजन के अनुरूप है। मंत्री जी ने पिछले साल म्यूजियम का दौरा किया था और हमने उन्हें वादा किया था कि जयपुर वैक्स म्यूजियम को नई तकनीक से समृद्ध किया जाएगा।</p>
<p>इस पहल की शुरुआत हाड़ी रानी की वैक्स प्रतिमा के साथ होगी। इसके लिए विशेष रूप से 10 मिनट की फिल्म बनाई गई है। पर्यटक 22 सीटों वाले थिएटर में न सिर्फ हाड़ी रानी की मूर्ति देखेंगे, बल्कि उनके त्याग, समर्पण, प्रेम और देशभक्ति की कहानी भी समझेंगे। फिल्म की पोस्ट प्रोडक्शन का काम मुंबई में तेजी से चल रहा है। संग्रहालय  नाहरगढ़ किले के इतिहास पर भी एक विशेष फिल्म तैयार कर रहा है। इसमें बताया जाएगा कि किले को क्यों और कैसे बनाया गया, निर्माण के समय किन कठिनाइयों का सामना करना पड़ा, साथ ही सवाई जय सिंह जिन्होंने किले का निर्माण पूरा किया, सवाई माधो सिंह जिन्होंने 9 रानियों का महल बनवाया और नाहर सिंह का भी जिक्र किया जाएगा। इससे नाहरगढ़ आने वाले पर्यटकों को किले की पूरी कहानी समझने में मदद मिलेगी।</p>
<p>आने वाले पर्यटन सीजन से कुछ वैक्स प्रतिमाओं के लिए VR फिल्में भी बनाई जा रही हैं, ताकि पर्यटक अनुभव को और बेहतर तरीके से ले सकें। अनूप श्रीवास्तव ने कहा कि अगस्त के पहले हफ्ते तक ये सभी बदलाव पर्यटकों को देखने को मिल जाएंगे। अनूप श्रीवास्तव ने कहा कि देश में कई साधारण वैक्स म्यूजियम  खुले हैं, लेकिन जयपुर वैक्स म्यूजियम देश का एकमात्र म्यूजियम है जो 300 साल पुराने धरोहर किले के भीतर स्थित है। यहां लाइव सेट, साउंड और कहानियों के साथ वैक्स की प्रतिमाएं रखी गई हैं, जिसने इसे देश में अंतरराष्ट्रीय स्तर का दर्जा दिलाया है।</p>
<p>रॉयल फिगर्स और शीश महल जयपुर वैक्स म्यूजियम की खास पहचान हैं। शीश महल में 25 लाख से ज्यादा कांच के टुकड़े और ठिकरी काम के साथ शुद्ध सोने का प्रयोग किया गया है। इसके अलावा पर्यटकों के अनुभव को और बढ़ाने के लिए शीशमहल की लाइटिंग के ऑटोमेशन पर काम चल रहा है जिससे पर्यटकों को अलग-अलग प्रकार की लाइटिंग से शीशमहल को देखने का एक अद्भुत अनुभव प्राप्त होगा साथ ही वैक्स म्यूजियम के बाहरी एरिया को भी कलरफुल एलईडी लाइट्स से सुसज्जित किया जाएगा जिससे रात में भी पर्यटकों को एक अलग अनुभव प्राप्त हो। यही विशेषताएं जयपुर वैक्स म्यूजियम को जयपुर में एक अनिवार्य दर्शनीय स्थल बनाती हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 17 May 2026 14:46:15 +0530</pubDate>
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                <title>आमेर महल में सालों बाद फिर बहेगा झरना, अन्य गतिविधियां भी जल्द होंगी शुरू </title>
                                    <description><![CDATA[समिट के दौरान कई मेहमान जयपुर आएंगे, जिन्हें जयपुर के किले-महलों की विजिट कराई जाएगी। यहीं नहीं यहां शीश महल के सामने जनाना गार्डन में लगे फव्वारे भी फिर से शुरू किए जा चुके हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/waterfall-will-flow-again-in-the-fort-after-years--other-activities-will-start/article-95313"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-11/27rtrer-(8)1.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। पर्यटन नगरी जयपुर में सालों पुराने किले-महल और संग्रहालय देखने हर साल लाखों की संख्या में देशी और विदेशी पर्यटक आए हैं। इस बीच यूनेस्को की वर्ल्ड हेरिटेज मॉन्यूमेंट्स की लिस्ट में शामिल आमेर महल में पर्यटकों को जल्द ही नई गतिविधियां देखने को मिलेंगी। जानकारी के अनुसार यहां करीब 40 सालों से बंद झरना फिर से बहता हुआ दिखाई देगा। </p>
<p>पुरातत्व विभाग के अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार राइजिंग राजस्थान समिट को देखते हुए भी यहां तैयारियां की जा रही है। क्योंकि समिट के दौरान कई मेहमान जयपुर आएंगे, जिन्हें जयपुर के किले-महलों की विजिट कराई जाएगी। यहीं नहीं यहां शीश महल के सामने जनाना गार्डन में लगे फव्वारे भी फिर से शुरू किए जा चुके हैं। यहां खाली पड़ी क्यारी में स्थाई रूप से एक्जोरा और गोल्डन के पौधे लगाए हैं। पर्यटक 27 कचहरी से केसर क्यारी में चलते फव्वारे देख सकेंगे। </p>
<p>महल में सालों से बंद पड़े झरने को फिर से शुरू करने का कार्य किया जा रहा है। पर्यटक जल्द ही झरने को बहता हुआ देख सकेंगे। <br /><strong>- डॉ. राकेश छोलक, अधीक्षक, आमेर महल </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 19 Nov 2024 12:10:32 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अद्भुत एरियल स्टंट्स ने दर्शकों को किया रोमांचित</title>
                                    <description><![CDATA[ कलाकारों की काव्यात्मकता और एरियल मूवमेंट्स ने उपस्थित दर्शकों के लिए वास्तव में एक अद्वितीय अनुभव प्रदान किया। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/stunts-thrilled-of-audience-in-fort/article-92768"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-10/630400-size-(6)9.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। जयगढ़ फोर्ट में एरियल शो रोजेओ का आयोजन हुआ। शो में एरोबैटिक और मेडिटेटिव प्रस्तुतियों के लिए प्रसिद्ध ग्राटे सिएल ने अपने अद्भुत एरियल स्टंट्स और कलाबाजी से भरपूर परफॉर्मेंस से जयपुरवासियों को रोमांचित कर दिया। शो का आयोजन जयगढ़ फोर्ट के सुभट निवास प्रांगण में हुआ, जहां आसमान में छह मीटर ऊंचे मेटल पोल पर हवा में झूलते कलाकारों की प्रस्तुति ने दर्शकों को कुछ क्षणों के लिए हैरानी और चिंतन में डाल दिया। कलाकारों की काव्यात्मकता और एरियल मूवमेंट्स ने उपस्थित दर्शकों के लिए वास्तव में एक अद्वितीय अनुभव प्रदान किया। </p>
<p>लाइव संगीतकार, इलेक्ट्रॉनिक तथा फील्ड रिकॉर्डिंग के साथ 42 मिनट की यह प्रस्तुति रोजेओ स्टीफन गिरार्ड और कैमील ब्यूमियर द्वारा निर्मित और पॉलिन फ्रेमेउ द्वारा रचित है। ऐनी जोनाथन की कॉस्ट्यूम ने इस प्रस्तुति को अधिक आकर्षक बना दिया। पेरिस 2024 में ओलंपिक खेलों के उद्घाटन पर भी ये प्रस्तुति हुई, जिसने दर्शकों का दिल जीत लिया था। जयगढ़ पब्लिक चैरिटेबल ट्रस्ट के चेयरमैन एचएच महाराजा सवाई पद्मनाभ सिंह ने कहा किजयगढ़ फोर्ट लंबे समय से राजस्थान की समृद्ध विरासत का प्रतीक रहा है और हमें इस अद्भुत इंटरनेशनल कौलेबोरेशन की मेजबानी करने पर प्रसन्नता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 11 Oct 2024 11:01:51 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>आमेर महल में जल्द लगेगी पेंटिंग प्रदर्शनी, दिखेगा कलाकारों का टैलेंट </title>
                                    <description><![CDATA[ हवामहल स्मारक में लगाई गई प्रदर्शनी में एक महिला कलाकार की पेंटिंग को पर्यटक ने करीब 12 हजार में खरीदा था। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/painting-exhibition-will-soon-be-held-in-amer-mahal/article-44423"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-05/x-18.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। पुरातत्व एवं संग्रहालय विभाग एवं ललित कला अकादमी की ओर से शहर के मॉन्यूमेंट्स में पेंटिंग प्रदर्शनी लगाई जा रही है। इस कड़ी में अब जल्द आमेर महल में प्रदर्शनी लगाई जाएगी। पुरातत्व विभाग के अधिकारियों के मुताबिक 18 मई को म्यूजियम-डे पर इसका उद्घाटन किया जाएगा।  </p>
<p>इससे पहले हवामहल स्मारक में लगाई गई प्रदर्शनी में एक महिला कलाकार की पेंटिंग को पर्यटक ने करीब 12 हजार में खरीदा था। आमेर महल अधीक्षक पंकज धरेन्द्र ने कहा कि ललित कला अकादमी के सहयोग से 18 मई को पेंटिंग एग्जीबिशन लगाई जाएगी। इसके लिए तैयारियां की जा रही है। </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 02 May 2023 10:39:06 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>आउवा किले पर कुशाल सिंह ने टांगा था अंग्रेज अधिकारी का सिर</title>
                                    <description><![CDATA[क्या आप जानते हैं कि 1857 की क्रांति के समय राजस्थान में एक शूरवीर कुशाल सिंह चंपावत ने अंग्रेज अधिकारी कैप्टन मोंक मेसन का सिर काट कर आउवा के किले के बाहर लटका दिया था।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jaipur-kushal-singh-had-hung-the-head-of-officer-on-fort/article-9456"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-05/2-copy.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। क्या आप जानते हैं कि 1857 की क्रांति के समय राजस्थान में एक शूरवीर कुशाल सिंह चंपावत ने अंग्रेज अधिकारी कैप्टन मोंक मेसन का सिर काट कर आउवा के किले के बाहर लटका दिया था। देश में 1857 की क्रांति की शुरुआत 10 मई को मानी जाती है, लेकिन क्रांति की लपट राजस्थान पहुंची 28 मई को और प्रदेश में कई जगह विद्रोह भड़क गया। राजस्थान में क्रांति की शुरुआत नसीराबाद सैनिक से हुई। धीरे-धीरे क्रांति प्रदेश के अन्य सैनिक छावनियों तक पहुंची, जिसमें देवली (टोंक), एरिनपुरा (पाली), नीमच (मध्य प्रदेश) प्रमुख सैनिक छावनियां थी। सैनिक छावनियों का विद्रोह धीरे-धीरे जन विद्रोह में बदल गया और यह आग कोटा, जयपुर, धौलपुर, भरतपुर तक पहुंची, लेकिन कुछ क्रांतिकारियों और क्रांति की कुछ हादसों ने जनमानस पर ऐसा प्रभाव छोड़ा कि वह हमेशा हमेशा इतिहास के पन्नों पर दर्ज हो गए।</p>
<p><strong>कुशाल सिंह चंपावत</strong> <br />आउवा के ठाकुर कुशाल सिंह चंपावत ने एरिनपुरा छावनी के सैनिकों के साथ मिलकर अंग्रेजों से बिठोड़ा का युद्ध लड़ा। इस युद्ध में कुशाल सिंह की जीत हुई। 18 सितंबर,1857 को चेलवास का युद्ध हुआ। इस युद्ध में कुशाल सिंह चंपावत के खिलाफ राजस्थान के एजीजी (एजेंट टु गवर्नर जनरल) जार्ज पैट्रिक लॉरेंस और मारवाड़ के पीए (पॉलिटिकल एजेंट) मेकमेसन थे। इस युद्ध में कुशाल सिंह की जीत हुई और अंग्रेज अधिकारी मोंक मेसन की गर्दन काट कर उसका सिर आउवा किले के प्रवेशद्वार पर लगा दिया।</p>
<p><strong>क्रांति और तात्या टोपे</strong> <br />अंग्रेजों ने झांसी का दमन किया तो तात्या टोपे रानी लक्ष्मीबाई के समर्थन में आए। टोपे राजस्थान में सहायता के लिए आए। सबसे पहले वे मांडलगढ़ (भीलवाड़ा) आए तो उनका साथ टोंक के नासिर मोहम्मद खां ने दिया। अंग्रेज अधिकारी रोबोट्स से कुआड़ा के युद्ध में तात्या टोपे पराजित हुए और लौटते वक्त झालावाड़ पर अधिकार कर लिया। टोपे जैसलमेर को छोड़कर राजस्थान में सभी रियासतों में सहायता के लिए घूमे। मेवाड़ में कोठारिया के जोधसिंह और सलूंबर के केसरी सिंह ने तात्या टोपे की मदद की। टोपे की मुखबिरी उनके साथी मानसिंह ने की और उन्हें नरवर के जंगलों से अंग्रेजों ने गिरफ्तार कर फांसी दी। तात्या की फांसी पर मेवाड़ के पीए शावर्स ने कहा कि आने वाली पीढ़ियां हमसे यह सवाल जरूर पूछेगी कि हमने तात्या टोपे को क्यों और किस लिए मार दिया।</p>
<p><strong>कोटा का जनविद्रोह</strong><br />15 अक्टूबर, 1857 को कोटा में लाला जयदयाल और मेहराब खान ने 3000 सैनिकों के साथ अंग्रेजी सेना के खिलाफ स्वराज का बिगुल फूंका था। इन दो के नेतृत्व में कोटा 6 महीने तक अंग्रेजी शासन से मुक्त रहा। 30 मार्च, 1818 को अंग्रेजों के साथ कुछ कोटा के विद्रोह को कुचल दिया। 17 सितंबर, 1860 को लाला जय दयाल और मेहराब खान को कोटा एजेंसी के पास उसी स्थान पर फांसी दी, जहां उन्होंने मेजर बर्टन की हत्या की थी। यह घटनाक्रम 1857 की क्रांति का अहम अध्याय है।</p>
<p><strong>अमरचंद बांठिया</strong><br />अमरचंद बांठिया मूल रूप से बीकानेर के थे। इन्होंने क्रांति के दौरान ग्वालियर में झांसी की रानी की आर्थिक सहायता की थी। इन्हें 1857 की क्रांति का भामाशाह माना जाता है। यह  राजस्थान के पहले शहीद थे, जिन्हें क्रांति के दौरान फांसी दी थी।</p>
<p><strong>(कंटेंट : दीपक चारण)</strong> <br /><br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 10 May 2022 10:33:18 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>चित्तौड़गढ़ के बस्सी में किले की तलहटी में मिले पाषाणकालीन औजार</title>
                                    <description><![CDATA[करीब पांच किलोमीटर के दायरे में और औजारों की तलाश हुई तेज]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/udaipur/stone-tools-found-at-the-foot-of-the-fort-in-bassi-of-chittorgarh--experts-claim--tools-are-15-lakh-years-old--search-for-more-tools-intensified-within-a-radius-of-about-five-kilometers/article-6105"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-03/66.jpg" alt=""></a><br /><p>उदयपुर। चित्तौड़गढ़ के बस्सी में हाल ही एक सर्वेक्षण में पाषाणकालीन औजारों की खोज हुई है। विशेषज्ञों ने दावा किया है कि ये करीब 15 लाख साल पुराने पाषाणकालीन औजार है। ये औजार राजस्थान में मानव जीवन की उत्पत्ति को सिद्ध करने में सहायक हो सकते हैं। राजस्थान विद्यापीठ के संघटक साहित्य संस्थान के निदेशक प्रो. जीवनसिंह खरकवाल, चिंतन ठाकर, स्वाति वर्मा ने इस स्थल का सर्वेक्षण कर तथ्य स्पष्ट किए हैं। प्रो. खरकवाल ने बताया कि इससे पूर्व निम्बाहेड़ा में वर्ष 1960 से 1965 में हुए सर्वेक्षण में इस तरह के औजार प्राप्त हुए थे, लेकिन बस्सी के किले की तलहटी में पहाड़ी का ढलान जहां समाप्त होता है, वहीं पर ये औजार मिले हैं। इन औजारों के क्रमबद्ध तरीके से आसपास ही प्राप्त होने से यह अनुमान लगाया जा रहा है कि यह वही स्थान है जहां इन औजारों को बनाया जाता था। खरकवाल ने बताया कि आदिकाल से जब मानव की उत्पत्ति मानी जाती है, उस समय की तिथियों आदि में काफी बदलाव आए हैं। इनको देखने से स्पष्ट होता है कि ये आदिकालीन पाषाण औजारों के नमूने हैं। इसमें कतई संदेह भी नहीं है कि ये औजार 15 लाख साल पुराने होंगे। करीब पांच किलोमीटर के दायरे में और औजारों की तलाश की जा रही है। <br /><br /><strong>आशुलियिन परंपरा के हैं औजार</strong><br />प्रो. खरकवाल ने बताया कि बस्सी गढ़ के निकट विंध्य की पहाड़ी की ढलान पर पाषाण काल की हाथ की कुलहड़िया, क्लीवर, स्क्रैपर आदि बडी संख्या मे पाए गए। ये औजार सेल चट्टान के ऊपर कोलूवियल जमाव में पाए गए हैं, जहां पर दो संस्कृति निम्न पुरा पाषाण काल तथा मध्य पाषाण काल के औजार खोजे गए हैं। यह औजार अशुलियिन परम्परा के है जिनकी तिथि भारत में 15 लाख से वर्ष पूर्व में है। इस तरह के औजार बस्सी के अतिरिक्त बूंदी में भी खोजे गए हैं। बनास औरे बेडच की घाटियों में इस तरह के औजार पिछली शताब्दी में 60 के दशक के प्रख्यात पुरातत्वविद वीएन मिश्र ने खोजे थे, उनके द्वारा खोजे गए औजार मुख्यत: नदियों की घाटियों में थे परन्तु पहली बार बस्सी में ये औजार पहाड़ी के ढलान पर मूल जगह पर खोजे गए हैं। <br /><br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>चित्तौड़गढ़</category>
                                            <category>उदयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 14 Mar 2022 12:23:27 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>कैटरीना-विक्की की शादी में आएंगी कई हस्तियां</title>
                                    <description><![CDATA[शादी के बाद रिसेप्शन भी फोर्ट में होने की संभावना]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E0%A4%95%E0%A5%88%E0%A4%9F%E0%A4%B0%E0%A5%80%E0%A4%A8%E0%A4%BE-%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%B6%E0%A4%BE%E0%A4%A6%E0%A5%80-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%86%E0%A4%8F%E0%A4%82%E0%A4%97%E0%A5%80-%E0%A4%95%E0%A4%88-%E0%A4%B9%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%A4%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%82/article-2823"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-11/akshay.jpg" alt=""></a><br /><p> जयपुर। पिछले कुछ दिनों से बॉलीवुड कपल विक्की कौशल और कैटरीना कैफ की शादी की खबरों का बाजार गर्म है। सवाई माधोपुर स्थित चौथ का बरवाड़ा में इस शादी में कई सेलेब्स व वीवीआईपी के आने की उम्मीद है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार फोर्ट 7 से 12 दिसंबर तक बुक कराया गया है, जिसमें 7 से 9 तक महिला संगीत, मेहंदी रस्म और शादी के आयोजन होंगे। वहीं न्यू कपल का रिसेप्शन भी 12 दिसंबर को फोर्ट में ही होने की संभावना जताई जा रही है। इस वीआईपी शादी की तैयारियां जोरों पर चल रही है। इसके लिए हाल ही में कपल के फैमिली मेंबर्स ने फोर्ट को विजिट किया था। हालांकि कपल की तरफ से शादी की आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार शादी के लिए चौथ का बरवाड़ा स्थित दो धर्मशालाओं के अधिकतर कमरे-हॉल बुक किए गए हैं। इसके साथ ही सवाई माधोपुर के होटल वीवीआईपी मेहमानों के लिए बुक हैं।</p>
<p><br /> <strong>जयपुर आए अक्षय</strong><br /> जयपुर शहर में सेलेब्रिटियों के आने का सिलसिला जारी है। रविवार को बॉलीवुड के फैमस एक्टर अक्षय कुमार अपनी सास डिंपल कपाडिया से मिलने जयपुर पहुंचे। वहीं शनिवार को अक्षय की पत्नी ट्विंकल खन्ना भी जयपुर आई हुई है। गौरतलब है कि डिंपल कपाडिया अपनी अपकमिंग वेब सीरीज सास, बहू और कोकीन की शूटिंग के सिलसिले में पिछले कई दिनों से जयपुर में है। वहीं बॉलीवुट अभिनेत्री ईशा गुप्ता और अनिता हसनंदानी भी जयपुर पहुंची हैं। <br /> <br />  </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 29 Nov 2021 15:01:34 +0530</pubDate>
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