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                <title>december 4 - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>किसान आंदोलन का फैसला  4 दिसंबर को</title>
                                    <description><![CDATA[ किसान नेता एमएसपी की कानूनी गारंटी, आंदोलने के दौरान मृत किसानोंं के परिजनों को मुआवजा, किसानों पर दर्ज मुकदमों की वापसी, बिजली बिल की माफी  और अन्य मामलों को लेकर अभी भी अड़े हुए हैं। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/%E0%A4%95%E0%A4%BF%E0%A4%B8%E0%A4%BE%E0%A4%A8-%E0%A4%86%E0%A4%82%E0%A4%A6%E0%A5%8B%E0%A4%B2%E0%A4%A8-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%AB%E0%A5%88%E0%A4%B8%E0%A4%B2%E0%A4%BE--4-%E0%A4%A6%E0%A4%BF%E0%A4%B8%E0%A4%82%E0%A4%AC%E0%A4%B0-%E0%A4%95%E0%A5%8B/article-2871"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-12/rakesh-tiket.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। किसानों की मांग को लेकर पिछले एक साल से दिल्ली की सीमाओं पर आंदोलन कर रहे किसान संगठनों की बुधवार को सिंघु बॉर्डर पर होने वाली बैठक स्थगित कर दी गई। किसान नेता राकेश टिकैत ने बताया कि छोटी मोटी बैठकें चलती रहती है लेकिन आज कोई बैठक नहीं है। टिकैत ने कहा कि किसान संगठनों की बैठक चार दिसंबर को होनी है। उन्होंने कहा कि जब तक किसानों की सभी मांगों का सामाधान नहीं होता, यह आंदोलन चलता रहेगा। किसान नेता ने कहा, ''सरकार को आम सहमति से रास्ता निकालना चाहिये, किसानों से बातचीत करनी चाहिये।</p>
<p>मंगलवार को यूनियन नेताओं की तरफ से एक संकेत दिया गया कि उनकी एक बैठक बुधवार को सिंघु बॉर्डर पर होगी, जिसमें 40 से अधिक किसान संगठन भाग लेंगे। <br /><br /> टिकैत ने बुधवार सुबह कहा, ''ऐसी कोई बैठक नहीं है, छोटी-मोटी बैठकें होती रहती हैं।'' मंगलवार को संगठनों की तरफ से यह बात सामने आयी कि सरकार ने पंजाब के एक किसान नेता से एमएसपी और अन्य मुद्दों पर सरकार की ओर से बनायी जाने वाली विशेषज्ञों की समिति में किसानों की ओर से पांच नाम भेजें।<br /><br /> किसान यूनियनों का कहना है कि सरकार की ओर से प्रस्तावित समिति पर उनके सामने अभी कोई ठोस प्रस्ताव नहीं आया है। समिति का स्वरूप क्या होगा, इस बारे में हमें कोई जानकारी नहीं है। उनका यह भी कहना है कि सरकार की ओर से कोई ठोस प्रस्ताव आएगा तो उस पर विचार करेंगे।<br /><br />संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) के नेता डॉ. दर्शन पाल ने कल कहा था कि आगामी चार दिसंबर को होने वाली किसान संगठनों की बैठक में समिति में किसानों के नाम भेजे जाने पर विचार किया जायेगा और आंदोलन की आगे की दिशा तय होगी। उन्होंने कहा कि जब तक किसानों की सभी मांगें पूरी नहीं होती, तब तक आंदोलन खत्म नहीं होगा। <br /><br />गौरतलब है कि तीन नये कृषि कानूनों को रद्द किये जाने की मांग को लेकर किसानों ने पिछले साल 26 नवंबर को आंदोलन किया था और इस साल 26 जनवरी को उनके दिल्ली मार्च आंदोलने के दौरान बड़े पैमाने पर राजधानी में हिंसा हुई थी। <br /><br />प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 19 नवंबर को गुरू पर्व के दिन राष्ट्र के नाम संबोधन में इन कानूनों को वापस लेने की घोषणा की थी और संसद के वर्तमान शीतकालीन सत्र के पहले दिन 29 नवंबर को लोकसभा और राज्यसभा में इन कानूनों को वापस लेने का विधेयक पारित करा लिया गया। प्रधानमंत्री ने एमएसपी और फसल विवधिकरण और ऐसे अन्य मुद्दों पर एक समिति बनाने की घोषणा की है। <br /><br /> किसान नेता एमएसपी की कानूनी गारंटी, आंदोलने के दौरान मृत किसानोंं के परिजनों को मुआवजा, किसानों पर दर्ज मुकदमों की वापसी, बिजली बिल की माफी  और अन्य मामलों को लेकर अभी भी अड़े हुए हैं। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 01 Dec 2021 16:08:01 +0530</pubDate>
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                <title>किसान आंदोलन की नई रूप रेखा चार दिसंबर होगी तय, दिल्ली में नहीं निकलेगा ट्रैक्टर मार्च: राकेश टिकैत</title>
                                    <description><![CDATA[ न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर कानूनी गारंटी मिलने तक आंदोलन चलता रहेगा: टिकैत]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/%E0%A4%95%E0%A4%BF%E0%A4%B8%E0%A4%BE%E0%A4%A8-%E0%A4%86%E0%A4%82%E0%A4%A6%E0%A5%8B%E0%A4%B2%E0%A4%A8-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%A8%E0%A4%88-%E0%A4%B0%E0%A5%82%E0%A4%AA-%E0%A4%B0%E0%A5%87%E0%A4%96%E0%A4%BE-%E0%A4%9A%E0%A4%BE%E0%A4%B0-%E0%A4%A6%E0%A4%BF%E0%A4%B8%E0%A4%82%E0%A4%AC%E0%A4%B0-%E0%A4%B9%E0%A5%8B%E0%A4%97%E0%A5%80-%E0%A4%A4%E0%A4%AF--%E0%A4%A6%E0%A4%BF%E0%A4%B2%E0%A5%8D%E0%A4%B2%E0%A5%80-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%A8%E0%A4%B9%E0%A5%80%E0%A4%82-%E0%A4%A8%E0%A4%BF%E0%A4%95%E0%A4%B2%E0%A5%87%E0%A4%97%E0%A4%BE-%E0%A4%9F%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A5%88%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%9F%E0%A4%B0-%E0%A4%AE%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%9A--%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%95%E0%A5%87%E0%A4%B6-%E0%A4%9F%E0%A4%BF%E0%A4%95%E0%A5%88%E0%A4%A4/article-2824"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-11/rakesh-tiket.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। भारतीय किसान युनियन के नेता राकेश टिकैत ने तीनों विवादास्पद कृषि कानूनों को वापस लेने का विधेयक लोकसभा में पारित होने के बाद सोमवार को कहा कि बाकी मांगों को लेकर किसान युनियनों का आंदोलन जारी रहेगा और आंदोलन की नयी रूप रेखा चार दिसंबर के बाद तय की जायेगी। उन्होंने कहा कि फिलहाल किसान राजधानी की ओर ट्रैक्टर मार्च नहीं निकालेंगे। <br /><br />लोकसभा में तीनों विवादास्पद कृषि कानूनों - कृषक उपज व्यापार एवं वाणिज्य (संवर्धन और सरलीकरण) अधिनियम 2020, कृषक (सशक्तीकरण एवं संरक्षण) कीमत आश्वासन और कृषि सेवा पर करार अधिनियम 2020 तथा आवश्यक वस्तु (संशोधन) अधिनियम 2020 के निरसन के लिये कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर प्रस्ताव को सदन ने बिना बहस के पारित कर दिया है। <br /><br />राकेश टिकैत ने कृषि वापसी बिल दोनों सदनों में पास होने पर कहा कि अभी दूसरे मुद्दें बाकी हैं। उन्होंने कहा कि न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर कानूनी गारंटी मिलने तक आंदोलन चलता रहेगा। आगे के आंदोलन के तौर तरीके के बारे में सवालों पर उन्होंने कहा कि आज ट्रैक्टर रैली नहीं निकाली जायेगी, आगे की रूप रेखा चार दिसंबर को तय होगी। यह पूछे जाने पर यदि बाकी संगठन आंदोलन उठाने का फैसला करते हैं तो आपका क्या रूख होगा, टिकैत ने कहा कि हमारे सामने किसान युनियन की ओर से अभी इस तरह की कोई बात नहीं आयी है। उन्होंने यह भी कहा कि उच्चतम न्यायालय ने कहा था कि इस मसले को किसान युनियनें और सरकार मिलकर तय करें। किसान नेता ने उम्मीद जतायी की बात सामाधान की ओर बढ़ेगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 29 Nov 2021 15:16:48 +0530</pubDate>
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