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                <title>नई पहल: एलईडी संदेशों से बदलेगी ट्रैफिक की तस्वीर, शहर की सड़कों पर स्मार्ट मैनेजमेंट से सुगम हुआ यातायात</title>
                                    <description><![CDATA[जयपुर ट्रैफिक पुलिस ने यातायात को सुगम बनाने के लिए सोलर चालित आधुनिक एलईडी डिस्प्ले बोर्ड लगाए हैं। डीसीपी योगेश गोयल के अनुसार, ये पोर्टेबल बोर्ड वाहन चालकों को डायवर्जन, वन-वे और सड़क सुरक्षा के संदेश रियल-टाइम में ऑन-रोड देंगे, जिससे जाम और दुर्घटनाओं में कमी आएगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/new-initiative-will-change-the-traffic-picture-with-led-messages/article-156239"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/traffic.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजधानी जयपुर में यातायात व्यवस्था को अधिक सुरक्षित, सुगम और तकनीक आधारित बनाने की दिशा में यातायात पुलिस ने एक नई पहल शुरू की है। शहर के विभिन्न प्रमुख चौराहों, व्यस्त मार्गों और संवेदनशील ट्रैफिक पॉइंट्स पर सोलर ऊर्जा से संचालित आधुनिक एलईडी डिस्प्ले बोर्ड लगाए जा रहे हैं। इन बोर्डों के माध्यम से वाहन चालकों को रियल टाइम ट्रैफिक जानकारी, वन-वे व्यवस्था, डायवर्जन, सड़क सुरक्षा संदेश और विशेष आयोजनों से संबंधित सूचनाएं दी जा रही हैं।</p>
<p><strong>नियमों की जानकारी अब ऑन रोड</strong></p>
<p>जयपुर आयुक्तालय क्षेत्र में लगाई गई संदेश प्रदर्शन की चार एलईडी स्क्रीन और 15 स्टेंडी हैं। जिन्हें आसानी से वाहन से टॉ करके एक स्थान से दूसरे स्थान पर आवश्यकता पड़ने पर ले जाते हैं। यातायात पुलिस का मानना है कि कई बार वाहन चालक नियमों और मार्ग परिवर्तनों की जानकारी के अभाव में जाम या दुर्घटनाओं का कारण बन जाते हैं। ऐसे में एलईडी बोर्ड तत्काल सूचना देने का प्रभावी माध्यम बनकर उभरे हैं। बोर्डों पर समय-समय पर वन-वे ट्रैफिक,धीमी गति रखें, हेलमेट पहनें, सीट बेल्ट लगाएं, जाम वाले मार्ग से बचें जैसे संदेश प्रसारित किए जा रहे हैं। विशेष बात यह है कि अधिकांश एलईडी यूनिट सोलर पैनल से संचालित हैं, जिससे बिजली की खपत कम होगी और इन्हें आवश्यकता अनुसार कई स्थानों पर आसानी से अस्थाई रूप से लगायात जाता है। </p>
<p><strong>राहगीर कैलाश चौपड़ा, घाटगेट</strong></p>
<p>अस्थाई एलईडी से पुलिस का यातायात नियमों को लेकर संदेश देने का तरीका अच्छा है। बार-बार लोगों के दिमाग में यातायात नियमों के पालन की बात आएगी तो एक्सीडेंट की संख्या में कमी आए। बड़े धार्मिक आयोजनों, वीआईपी मूवमेंट, त्योहारों और विशेष कार्यक्रमों के दौरान इन बोर्डों की उपयोगिता और बढ़ जाती है। इनके जरिए कुछ ही सेकंड में हजारों वाहन चालकों तक जरूरी सूचना पहुंच जाती है।<br /><br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 07 Jun 2026 14:07:51 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>शार्ट कट से निकल रहे दो पहिया वाहन चालक,  सड़क सुरक्षा को बता रहे धत्ता, स्प्रिंग पोस्ट डिवाइडर तक तोड़े</title>
                                    <description><![CDATA[ ट्रैफिक लाइट सिग्नल फ्री शहर में चौराहों पर भी वाहन बिना रूके तेजी से निकल रहे ।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/two-wheeler-drivers-are-taking-shortcuts--ignoring-road-safety--and-even-breaking-spring-post-dividers/article-131602"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-11/ews20.png" alt=""></a><br /><p>कोटा । शहर में एक तरफ तो सड़क सुरक्षा और शहर को दुर्घटना मुक्त बनाने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ कई वाहन चालक ऐसे हैं जो शॉर्ट कट रास्ते अपनाने के लिए स्प्रिंग पोस्ट डिवाइडर तक को तोड़ रहे हैं। शहर को ट्रैफिक लाइट सिग् नल फ्री शहर तो बना दिया है। जिसके तहत शहर के सभी प्रमुख चौराहों से ट्रैफिक लाइटों को हटा दिया है। ऐसे में चौराहों पर भी वाहन बिना रूके तेजी से निकल रहे है। जिससे दुर्घटनाओं का खतरा अधिक बना हुआ है। ऐसे में हादसों को रोकने के लिए ट्रैफिक पुलिस की सलाह पर कोटा विकास प्राधिकरण की ओर से शहर में कई जगह पर ट्रैफिक संकेतक लगाने के साथ ही स्प्रिंग पोस्ट डिवाइडर लगाए हैं। </p>
<p>हालत यह है कि हादसे रोकने के लिए लगाए गए इन डिवाइडरों तक को वाहन चालकों ने तोड़ दिया है। सीएडी चौराहे पर लगाए गए इन डिवाइडर को बीच-बीच से काटकर रास्ता बना लिया है। जिससे वाहन चालक विशेष रूप से दो पहिया वाहन चालक नगर निगम कार्यालय के सामने या डोल्फिन पार्क के पास से घूमकर आने की जगह चौराहे के मोड़ से ही डिवाइडर के बीच से शॉर्ट कट रास्ते से निकल रहे है। इसके लिए महंगे डिवाइडर तक को जमीन से काटकर हटा दिया है। इसी तरह शॉपिंग सेंटर से घोड़ा चौराहे की तरफ  मोड़ पर लगाए गए इन स्प्रिेंग पोस्ट डिवाइडरों को भी बीच से तोड़ दिया है। जिससे दो पहिया वाहन शॉर्ट कट  व रोंग साइड से वाहन निकाल रहे है। इससे दुर्घटनाओें का खतरा अधिक बना हुआ है। यही हालत नयापुरा में नवल सर्किल के पास की है। यहां रोडवेज बसों के खड़े होने से जाम की स्थिति बनी रहती है। ऐसे में मेन रोड से बसों को अंदर की तरफ खड़ा करने व लोगों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए इस तरह के डिवाइडर लगाए गए थे। लेकिन बसों की टक्कर से व लोगों ने अपनी सुविधा के लिए उन डिवाइडर तक को बीच-बीच से तोड़ दिया है। जिससे दो पहिया वाहन चालक शॉर्ट रास्ते से निकलकर हादसों का खतरा बने हुए हैं। </p>
<p><strong>वल्लभ नगर चौराहे पर भी लगाए</strong><br />शहर में पहले जहां पत्थरों के व प्लांटर वाले या बेरीकेडिंग से अस्थायी डिवाडिर बनाए जा रहे थे। वहीं अब केडीए की ओर से स्प्रिंग पोस्ट डिवाइडर बनाए जा रहे है। जिससे ये जगह भी कम घेरते हैं और इनके टकराने के बाद वाहन व  वाहन चालक को नुकसान नहीं होता है। वाहन से टकराने के बाद ये नीचे गिरकर वापस स्वत: ही पुरानी स्थिति में आ जाते है। इसे देखते हुए केडीए द्वारा हाल ही में वल्लभ नगर चौराहे से फ्लाई ओवर तक इस तरह के डिवाइडर लगाए हैं। जिससे यातायात सुचारू हो सके और दुर्घटनाओं का खतरा भी कम हो। </p>
<p><strong>वाहन चालकों ने तोड़े</strong><br />केडीए अधिकारियों का कहना है कि हादसों का खतरा कम करने के लिए केडीए ने शहर में जगह-जगह मुख्य मार्गों पर स्प्रिंग पोस्ट डिवाइडर लगाए थे। लेकिन दो पहिया वाहन चालकों ने अपनी सुविधा  के लिए शॉर्ट कट रास्ता अपनाने को देखते हुए रात के अंधेरे में इन डिवाइडरों के ऊपरी हिस्से को काट दिया है। बीच-बीच से एक या दो पोस्ट हटा दी है जिससे दो पहिया वाहन आसानी से निकल सके। ऐसा करने वालों की पहचान का प्रयास किया जा रहा है। उनकी पहचान होने पर कार्रवाई की जाएगी</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 06 Nov 2025 16:03:45 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>सिग्नल फ्री शहर में चौराहों पर नहीं हैं जेबरा क्रॉसिंग, हर शहर वासी को भुगतना पड़ रहा खामियाजा</title>
                                    <description><![CDATA[आमजन के लिए सुरक्षित ट्रेैफिक व्यवस्था बनाने की जगह उसे बिगाड़ दिया गया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/there-are-no-zebra-crossings-at-the-intersections-in-the-signal-free-city/article-112876"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-05/rtrer-(1)15.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। <strong>दृश्य - 1</strong> सीएडी रोड स्थित घोड़े वाले बाबा चौराहे पर करोड़ों रुपए खर्च कर उसका विकास व सौन्दर्यीकरण तो कर दिया लेकिन वहां ट्रेफिक सिग्नल लाइट नहीं होने से े वाहन  तेज गति से निकल रहे हैं। जेबरा क्रॉसिंग भी नहीं होने से पैदल सड़क पार करने वालों के लिए समस्या बनी हुई है। </p>
<p><strong>दृश्य-2</strong> नयापुरा स्थित विवेकानंद सर्किल पर करीब 50 करोड़ से अधिक की लागत से चौराहे को आकर्षक व विशाल तो बना दिया। लेकिन वहां ट्रैफिक व्यवस्था इतनी बदतर हो गई है कि चारों तरफ से वाहन तेज गति से निकल रहे है। चौराहे पर जेबरा क्रॉसिंग नहीं होने से पैदल सड़क पार करने वालों के लिए हमेशा खतरा बना हुआ है। </p>
<p><strong>दृश्य -3</strong> स्टेशन से एरोड्राम और नयापुरा से नए कोटा की तरफ जाने वाला और नए कोटा से स्टेशन व नयापुरा की तरफ आने वाला मुख्य मार्ग है जेडीबी कॉलेज के सामने का रोड। वहां तिराहे को माउंट वाला इतना बड़ा बना दिया लेकिन न तो वहां सिग् नल लाइट है और न ही जेबरा क्रॉसिंग। ऐसे में कॉलेज आने-जाने व स्टेडियम की तरफ आने-जाने वालों के लिए सड़क पर करना किसी खतरे से कम नहीं है। </p>
<p>ये तो उदाहरण मात्र हैं, शहर की बदहाल ट्रैफिक व्यवस्था बताने के लिए जिसका सामना आमजन को करना पड़ रहा है। इस तरह की हालत पूरे शहर में है।  विकास पर करोड़ों रुपए खर्च करने से शहर सुंदर तो नजर आ रहा है लेकिन आमजन के लिए सुरक्षित ट्रेैफिक व्यवस्था बनाने की जगह उसे बिगाड़ दिया गया। इसका खामियाजा हर शहर वासी को भुगतना पड़ रहा है। फिर चाहे वह चार पहिया वाहन वाला हो या दो पहिया वाहन चालक। वहीं सबसे अधिक पैदल चलने व सड़क पार करने वालों के  लिए समस्या हो गई है। </p>
<p><strong>किसी भी चौराहे पर नहीं ट्रैफिक सिग् नल लाइटें</strong><br />शहर को ट्रैफिक सिग् नल लाइट फ्री बनाने के लिए पूर्व में जिन चौराहों पर लाइटें लगी हुई थी उन्हें हटा दिया गया है। अनंतपुरा चौराहा, एरोड्राम चौराहा, सीएडी चौराहा, अंटाघर चौराहा व कुन्हाड़ी स्थित महाराणा प्रताप चौराहा समेत शहर में कई जगह पर ट्रैफिक सिग् नल लाइटें लगी हुई थी। जो अब देखने को नहीं मिलती है।  ऐसे में जब  ट्रैफिक लाइटें ही नहीं हैं तो वहां वाहन भी नहीं रूक रहे हैं। वरन् वाहन पहले से भी तेज गति से निकल रहे हैं। जिससे हादसों का खतरा बना हुआ है। </p>
<p><strong>पैदल चलने वालों के लिए फुटपाथ तक नहीं</strong><br />स्मार्ट सिटी बनाने के साथ ही पर्यटन नगरी के रूप में विकसित किए जा रहे कोटा शहर में जहां देशी विदेशी पर्यटकों के आने की उम्मीद जताई जा रही है। वहीं दूसरी तरफ ट्रैफिक व्यवस्था इतनी बदहाल है कि स्थानीय लोग भी इस बढ़ते ट्रैफिक व वाहनों की स्पीड के बीच पैदल सड़क पार नहीं कर पा रहे हैं। बाहर से आने वालों के  लिए तो यह किसी चुनौती से कम नहीं है।  </p>
<p><strong>सिर्फ एरोड्राम अंडरपास पर व्यवस्था</strong><br />शहर में एक मात्र एरोड्राम चौराहे का अंडरपास ऐसा है जहां अंडर ग्राउंड पैदल सड़क पार करने वालों के  लिए व्यवस्था की हुई है। एक तरफ से दूसरी तरफ आन-जाने के लिए सड़क के साइड से नीचे उतरकर रास्ता बनाया हुआ है। लेकिन उन रास्तों के बारे में बहुत कम लोगों को जानकारी है। जिससे अधिकतर लोगों को मेन रोड से ही बिना जेबरा क्रॉसिंग के जान जोखिम में डालकर सड़क पार करनी पड़ रही है। वहीं विवेकानंद सर्किल पर पैदल चलने वालों के लिए पाथ वे है लेकिन सड़क पार करने की सुविधा नहीं है।  जबकि  न तो रेलवे स्टेशन पर और न ही अदालत चौराहे पर। नयापुरा, जेडीबी, अंटाघर, कोटड़ी, नई धानमंडी, विज्ञान नगर, दादाबाड़ी,सीएडी, नगर निगम, चम्बल गार्डन, से लेकर नए कोटा तक में कहीं भी जेबरा क्रॉसिंग नहीं होने से पैदल  सड़क पार करने वालों के लिए खतरा बना हुआ है।</p>
<p><strong>सड़क सुरक्षा हो पहली प्राथमिकता</strong><br />शहर का विकास होना अच्छा है। लेकिन उसके साथ ही सड़क सुरक्षा सबसे बड़ी प्राथमिकता होनी चाहिए। सड़क पर चलने से लेकर, सड़क पार करने और दुर्घटनाओं को रोकने के  लिए ट्रैुफिक पुलिस का होना भी जरूरी है। ट्रैफिक सिग्नल फ्री शहर बनाने के प्रयास में यातायात व्यवस्था बिगड़ गई। ट्रैफिक व्यवस्था को ध्यान में रखकर विकास किया जाना चाहिए था। लेकिन ऐसा नहीं होने का खामियाजा आमजन को आए दिन एक्सीडेंट के रूप में भुगतना पड़ रहा है।<br /><strong>-अरविंद विजय, बसंत विहार</strong></p>
<p><strong>अब भारी वाहनों से नहीं छोटे वाहनों से एक्सीडेंट</strong><br />शहर से पहले ट्रक और भारी वाहन निकलने से उनसे आए दिन हादसे होते थे। लेकिन अब भारी वाहनों का तो शहर में प्रवेश बंद हो गया। लेकिन बदहाल ट्रैफिक व्यवस्था और सिग् नल फ्री शहर के कारण जेबरा क्रॉसिंग तक नहीं होने से सड़क पार करते समय आए दिन छोटे वाहनों से ही एक्सीडेंट हो रहे हैं। जिला प्रशासन व ट्रैफिक पुलिस को आमजन की सुरक्षा के लिए सिर्फ चालान बनाने पर ही ध्यान नहीं देकर ट्रैफिक व्यवस्था में सुधार पर फोकस करना चाहिए। <br /><strong>-कमलेश दीक्षित, भीमगंजमंडी</strong></p>
<p><strong>वाहनों पर ब्रेक ही नहीं लगते</strong><br />शहर को ट्रैफिक सिग् नल फ्री तो बना दिया  जिससे अब किसी भी चौराहे पर वाहन रूकते ही नहीं है। ऐसे में वाहन पहले से भी तेज गति से निकल रहे हैं। जिससे हादसों का खतरा पहले से अधिक हो गया। फिर जिस तरह से शहर में चौराहे बनाए गए हैं वहां कौन सा वाहन किधर से और कब आ रहा है पता ही नहीं चलता। ऐसे में हादसों का खतरा अधिक हो गया है। इसमें सुधार किया जाना चाहिए। <br /><strong>-ओम पंजवानी, सिंधी कॉलोनी</strong></p>
<p>शहर में विकास कार्य विशेषज्ञ इंजीनियरों की सलाह से करवाए गए हैं। ऐसे में उस समय ही ट्रैफिक व्यवस्था को ध्यान में रखकर कार्य किया जाना चाहिए था।  ट्रैफिक पुलिस तो व्यवस्था बनाने व हादसों को रोकने के लिए नियमों की पालना करवाने के लिए संबंधित विभागों को पत्र लिख सकती है। वह समय-समय पर किया जाता है। लेकिन चौराहों पर और जहां भी सड़क के बीच कट है वहां जेबरा क्रॉसिंग होनी चाहिए। जिससे पैदल चलने वाले आसानी से व सुरक्षित तरकी से सड़क पार कर सकें। <br /><strong>-अशोक मीणा, उप अधीक्षक यातायात कोटा शहर</strong></p>
<p>शहर की ट्रैफिक व्यवस्था में सुधार के प्रोजेक्ट को केडीए ने टैक आॅफ किया है। इसके लिए प्रयास भी शुरु कर दिए गए हैं। करीब एक माह का समय दिया गया है। उस समयावधि में  जबरा क्रॉसिंग से लेकर चौराहों पर सुरक्षित यातायात की जितनी भी व्यवस्थाएं होनी चाहिए वह करने के प्रयास किए जा रहे हैं। <br /><strong>-रविन्द्र माथुर, निदेशक  अभियांत्रिकी कोटा विकास प्राधिकरण   </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 03 May 2025 15:39:21 +0530</pubDate>
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                <title>कृषि मंत्री ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के प्रचार रथों को दिखाई हरी झंड़ी : राज्य में फसल बीमा पॉलिसियों की संख्या एक करोड़ पर</title>
                                    <description><![CDATA[प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के लगे पंख]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E0%A4%95%E0%A5%83%E0%A4%B7%E0%A4%BF-%E0%A4%AE%E0%A4%82%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A5%80-%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%A7%E0%A4%BE%E0%A4%A8%E0%A4%AE%E0%A4%82%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A5%80-%E0%A4%AB%E0%A4%B8%E0%A4%B2-%E0%A4%AC%E0%A5%80%E0%A4%AE%E0%A4%BE-%E0%A4%AF%E0%A5%8B%E0%A4%9C%E0%A4%A8%E0%A4%BE-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%9A%E0%A4%BE%E0%A4%B0-%E0%A4%B0%E0%A4%A5%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%95%E0%A5%8B-%E0%A4%A6%E0%A4%BF%E0%A4%96%E0%A4%BE%E0%A4%88-%E0%A4%B9%E0%A4%B0%E0%A5%80-%E0%A4%9D%E0%A4%82%E0%A4%A1%E0%A4%BC%E0%A5%80---%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%9C%E0%A5%8D%E0%A4%AF-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%AB%E0%A4%B8%E0%A4%B2-%E0%A4%AC%E0%A5%80%E0%A4%AE%E0%A4%BE-%E0%A4%AA%E0%A5%89%E0%A4%B2%E0%A4%BF%E0%A4%B8%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%B8%E0%A4%82%E0%A4%96%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A4%BE-%E0%A4%8F%E0%A4%95-%E0%A4%95%E0%A4%B0%E0%A5%8B%E0%A5%9C-%E0%A4%AA%E0%A4%B0/article-2826"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-11/lalchand-katariya.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। कृृषि मंत्री लालचन्द कटारिया ने कहा कि राज्य सरकार के नवाचारों, निरन्तर प्रचार-प्रसार एवं किसानों को समय पर बीमा क्लेम का भुगतान करने से प्रदेश में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की लोकप्रियता में निरन्तर वृद्धि हुई है। राज्य में वर्ष 2020-21 में फसल बीमा पॉलिसियों की संख्या एक करोड़ से ऊपर पहुंच गई है। </p>
<p>कटारिया ने सोमवार को फसल बीमा योजना के प्रचार रथों को रवाना करते हुए बताया कि राज्य में वर्ष 2018-19 में लगभग 78 लाख हैक्टेयर क्षेत्रफल का फसल बीमा हुआ था, जो बढ़कर 20-21 में करीब 1 करोड़ 13 लाख हैक्टेयर हो गया है। इसी प्रकार फसल बीमा पॉलिसियों की संख्या 2018-19 में 72 लाख से बढ़ते हुए 20-21 में 1 करोड़ 7 लाख हो गई है। 3 साल में 80 लाख किसानों को 13 हजार करोड़ का क्लेम कृृषि मंत्री ने बताया कि राज्य में पिछले 3 साल, में 80 लाख से ज्यादा किसानों को लगभग 13 हजार करोड़ रुपए के बीमा क्लेम का भुगतान किया गया है। हनुमानगढ़ जिले के अलावा रबी 2020-21 तक के समस्त बीमा क्लेमों का भुगतान किया जा चुका है।</p>
<p><br /> उन्होंने राज्यांश प्रीमियम भुगतान की जानकारी देते हुए बताया कि वर्तमान सरकार ने अब तक के कार्यकाल में गत सरकार के बकाया राज्यांश प्रीमियम के साथ-साथ रबी 2020-21 तक के लिए समस्त राज्यांश प्रीमियम का भुगतान बीमा कम्पनियों को कर दिया है। खरीफ 2021 के लिए राज्यांश प्रीमियम भुगतान प्रक्रियाधीन है।<br /> <br /> <strong>राज्य के नवाचारों को केन्द्र सरकार ने अपनाया</strong></p>
<p>कटारिया ने बताया कि राज्य सरकार की ओर से प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना को बेहतर बनाने के लिए निरन्तर नवाचार किए जा रहे हैं। शिकायतों के त्वरित निष्पादन के लिए बीमा कार्मिकों को जिला एवं तहसील में बैठने की व्यवस्था एवं एफएक्यू के रूप में लीफलेट वितरण जैसे नवाचारी कदम उठाए, जिन्हें केन्द्र सरकार की ओर से सभी राज्यों में अपनाने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही दोहरे बीमे तथा गैर कृषि भूमि पर फसल बीमा को रोकने के लिए राष्ट्रीय फसल बीमा पोर्टल का भू-अभिलेख के साथ एकीकरण किया गया है।<br /> <br /> <strong>25 दिसम्बर तक चलेगा प्रचार अभियान</strong><br /> कृृषि आयुक्त डॉ. ओमप्रकाश ने बताया कि राज्य में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में 7 बीमा कम्पनियों द्वारा फसल बीमा का काम किया जा रहा है। खरीफ में 19 तथा रबी में 17 फसलों का बीमा जिलों में बोई गई फसलों के हिसाब से किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि योजना का रबी के लिए आगामी 25 दिसम्बर तक प्रदेशभर में लगभग 250 से ज्यादा वैनों के द्वारा लीफलेट वितरण, पोस्टर, बैनर, होर्डिंग, किसान गोष्टी एवं नुक्कड़ नाटक आदि के माध्यम से व्यापक प्रचार-प्रसार कराया जा रहा है, ताकि ज्यादा से ज्यादा किसान योजना से जुड़ सकें। उन्होंने कहा कि काश्तकार अपनी फसलों का बीमा समय पर कराएं और यदि बोई गई फसल में कोई परिवर्तन किया है, तो संबंधित बैंक से सम्पर्क कर 29 दिसम्बर तक इसमें अवश्य परिवर्तन करा लें। <br /> <br />  </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 29 Nov 2021 15:50:21 +0530</pubDate>
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