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                <title>psychiatrist - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>बेंगलुरु जेल मामला: एनआईए ने लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े तीन और आरोपियों के खिलाफ पूरक आरोप पत्र दाखिल किए</title>
                                    <description><![CDATA[एनआईए ने बेंगलुरु जेल कट्टरपंथ मामले में डॉक्टर और एएसआई समेत तीन के खिलाफ पूरक आरोप पत्र दाखिल किया है। इन पर लश्कर आतंकियों को जेल में रसद और फोन पहुंचाने का आरोप है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/bengaluru-jail-case-nia-files-supplementary-chargesheet-against-three-more/article-138136"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/nia-serarch-opration-in-jammu.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने प्रतिबंधित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े 2023 के बेंगलुरु जेल मामले में एक सहायक उप निरीक्षक और एक डॉक्टर समेत तीन और आरोपियों के खिलाफ पूरक आरोप पत्र दाखिल किया है। अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।  </p>
<p>इस आरोप पत्र में एक महिला अनीस फातिमा, सहायक उप निरीक्षक चान पाशा ए और मनोचिकित्सक डॉ. नागराज एस को आरोपी बनाया गया है। इन पर भारतीय दंड संहिता, यूएपीए, विस्फोटक पदार्थ अधिनियम और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। एनआईए ने अक्टूबर 2023 में स्थानीय पुलिस से इस मामले की जांच अपने हाथ में ली थी। इस मामले में भगोड़े जुनैद अहमद सहित नौ आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया जा चुका है।</p>
<p>जुलाई 2023 में बेंगलुरु सिटी पुलिस के सामने आया यह मामला आदतन अपराधियों से हथियारों, गोला-बारूद और डिजिटल उपकरणों की बरामदगी से संबंधित था। इन लोगों ने देश की संप्रभुता और सुरक्षा को नुकसान पहुंचाने के इरादे से शहर में आतंक फैलाने की योजना बनाई थी। उनकी साजिश यह भी थी कि कई आतंकी मामलों के आजीवन कारावास के दोषी टी. नसीर के जेल से अदालत जाते समय भागने में मदद की जाए। नसीर उस समय 2008 के बेंगलुरु सिलसिलेवार विस्फोट मामलों में विचाराधीन कैदी था। </p>
<p>ताजा आरोप पत्र के अनुसार, अनीस फातिमा की पहचान जुनैद की मां के रूप में की गई है। उसने बेंगलुरु के केंद्रीय कारागार परप्पन अग्रहारा के अंदर टी. नसीर को रसद और धन पहुंचाया। वह अपने बेटे के निर्देश पर हथगोले और वॉकी-टॉकी संभालने में भी शामिल थी। उसने एक अन्य आरोपी सलमान खान को दुबई भगाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। सलमान को बाद में रवांडा से प्रत्यर्पित कर भारत लाया गया था।</p>
<p>इस मामले में सरकारी कर्मचारियों की संलिप्तता भी उजागर हुई है। सिटी आम्र्ड रिजर्व में तैनात सहायक उप निरीक्षक चान पाशा ए पर आरोप है कि उसने रिश्वत लेकर नसीर की सुरक्षा व्यवस्था से जुड़ी गोपनीय जानकारियां साझा कीं। वहीं, केंद्रीय जेल अस्पताल में प्रतिनियुक्ति पर तैनात डॉ. नागराज एस अवैध रूप से जेल के भीतर मोबाइल फोन तस्करी करने और उन्हें कैदियों को बेचने के दोषी पाए गए हैं। इन्हीं में से एक फोन का इस्तेमाल आतंकी नसीर ने बाहर बैठे अपने साथियों के साथ साजिश रचने के लिए किया था। एनआईए ने कहा है कि वह इस मामले में अन्य फरार आरोपियों का पता लगाने के लिए जांच कर रही है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 02 Jan 2026 15:15:26 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>मोबाइल की ऐसी लत! पांच दिन से न सोया, न खाया, न पिया, भूल गया सब कुछ, अब अस्पताल में भर्ती</title>
                                    <description><![CDATA[मनोचिकित्सक ने शुरू किया इलाज]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/churu/%E0%A4%AE%E0%A5%8B%E0%A4%AC%E0%A4%BE%E0%A4%87%E0%A4%B2-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%90%E0%A4%B8%E0%A5%80-%E0%A4%B2%E0%A4%A4--%E0%A4%AA%E0%A4%BE%E0%A4%82%E0%A4%9A-%E0%A4%A6%E0%A4%BF%E0%A4%A8-%E0%A4%B8%E0%A5%87-%E0%A4%A8-%E0%A4%B8%E0%A5%8B%E0%A4%AF%E0%A4%BE--%E0%A4%A8-%E0%A4%96%E0%A4%BE%E0%A4%AF%E0%A4%BE--%E0%A4%A8-%E0%A4%AA%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A4%BE--%E0%A4%AD%E0%A5%82%E0%A4%B2-%E0%A4%97%E0%A4%AF%E0%A4%BE-%E0%A4%B8%E0%A4%AC-%E0%A4%95%E0%A5%81%E0%A4%9B--%E0%A4%85%E0%A4%AC-%E0%A4%85%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%AA%E0%A4%A4%E0%A4%BE%E0%A4%B2-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%AD%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%A4%E0%A5%80/article-2839"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-11/mobile-adict.jpg" alt=""></a><br /><p> चूरू। जिले के साहवा कस्बे के 20 वर्षीय युवक को मोबाइल की ऐसी लत लगी कि वह अब मानसिक रोगी बन गया है। पिछले एक महीने से अपना काम धंधा छोड़कर मोबाइल में लगा युवक, पांच दिन से सो भी नहीं पाया है। जब तबीयत ज्यादा बिगड़ गई तो परिजन उसे चूरू के राजकीय भरतिया अस्पताल के एमरजेंसी वार्ड लेकर पहुंचे। जहां मनोचिकित्सक के द्वारा युवक का इलाज शुरू किया गया है। <br /> <strong><br /> मोबाइल की लत में पहले काम धंधा छोड़ा</strong><br /> युवक के परिवार में चाचा अरबाज ने बताया कि 20 वर्षीय अकरम गांव में ही बिजली की मोटर वाइडिंग का काम करता है। पिछले एक महीने से वह अधिकतर समय मोबाइल पर बिताने लगा था। मोबाइल के चलते उसने अपना काम भी छोड़ दिया था। परिजनों द्वारा बार-बार कहने पर भी वह मोबाइल को नहीं छोड़ता था। <br /> <br /> <strong>पूरी-पूरी रात खेलता गेम</strong><br /> गत कुछ दिनों से तो वह पूरी-पूरी रात मोबाइल पर चेट और गेम खेलता रहता। इस कारण उसने खाना पीना भी छोड़ दिया था। अकरम की मां ने बताया कि अब तो अकरम खाना भी नहीं खा रहा। रात को जब खाना देने कमरे में जाती हूं तो खाने को बिस्तर पर बिखेर देता है। इस संबंध में मानसिक रोग विषेशज्ञ डॉ. जितेन्द्र कुमार ने बताया कि युवक की सिटी स्केन करवाई गई है, जिसका इलाज शुरू किया गया है।<br /> <br /> मोबाइल और इंटरनेट की लत आज समाज में जहर की तरह घुल गई है। इसलिए बच्चों को मोबाइल से दूर रखें। युवाओं और बड़ों को भी प्रोफेशनल काम के अलावा दो घंटे से ज्यादा मोबाइल या स्क्रीन यूज नहीं करना चाहिए। इससे ज्यादा यूज करने पर मोबाइल या इंटरनेट एडिक्शन का खतरा पैदा हो जाता है, जो कि ड्रग्स के एडिक्शन की तरह है और मानसिक रोगी बना सकता है। -<strong>डॉ. शिव गौतम, वरिष्ठ मनोरोग विशेषज्ञ जयपुर</strong><br /> <br /> जरूरत से ज्यादा मोबाइल का यूज करने से कई बार मानसिक रोग का शिकार हो सकते हैं। इसके कारण कई बार व्यक्ति अवसाद और हिंसा की भावना से भी घिर जाता है। समाज में इस तरह की घटनाएं अब ज्यादा देखने को मिल रही हैं। ऐसे में मोबाइल एडिक्शन से बचें और कम से कम मोबाइल, कम्प्यूटर और इंटरनेट का प्रयोग करें। -<strong>डॉ. जीडी नाटाणी, वरिष्ठ मनोरोग विशेषज्ञ, जयपुर</strong><br /> <br />  </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>चूरू</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 30 Nov 2021 12:34:29 +0530</pubDate>
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