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                <title>महिला आरक्षण पर उत्तर प्रदेश में सियासी घमासान : 30 अप्रैल को विधानमंडल का विशेष सत्र बुलाने का फैसला, सीएम योगी ने विपक्ष पर बोला हमला</title>
                                    <description><![CDATA[मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महिला आरक्षण के मुद्दे पर 30 अप्रैल को विधानमंडल का विशेष सत्र बुलाने का निर्णय लिया है। कैबिनेट की मंजूरी के बाद, सरकार इस सत्र में विपक्ष के 'महिला विरोधी' रुख के खिलाफ निंदा प्रस्ताव ला सकती है। 2027 के चुनावों से पहले यह कदम यूपी की राजनीति में महिला सशक्तिकरण पर आर-पार की जंग छेड़ेगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/political-turmoil-in-uttar-pradesh-over-womens-reservation-decision-to/article-151038"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/cm-yogi.png" alt=""></a><br /><p>लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने 2027 के विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए महिला आरक्षण के मुद्दे पर अपनी राजनीतिक रणनीति तेज कर दी है। इसी क्रम में उत्तर प्रदेश सरकार ने 30 अप्रैल को विधानमंडल का विशेष सत्र बुलाने के प्रस्ताव को रविवार रात कैबिनेट बाई सर्कुलेशन के जरिए मंजूरी दे दी। संसद में नारी शक्ति वंदन संशोधन विधेयक के पारित न हो पाने के बाद इस मुद्दे पर सियासत गरमा गई है। विपक्ष जहां विधेयक की खामियों को गिनाकर अपने विरोध को सही ठहरा रहा है, वहीं भारतीय जनता पार्टी इस मुद्दे को लेकर विपक्ष पर हमलावर है और इसे चुनावी रणनीति का अहम हिस्सा बना रही है।</p>
<p>मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पहले ही इस मामले में विपक्ष पर तीखा हमला बोल चुके हैं। उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस में विपक्ष के रवैये की तुलना ‘द्रौपदी चीरहरण’ से करते हुए इसे महिला सम्मान और लोकतंत्र के लिए दुर्भाग्यपूर्ण बताया था। सरकारी सूत्रों के अनुसार, 30 अप्रैल को होने वाले इस विशेष सत्र में सरकार महिला आरक्षण पर अपनी स्थिति स्पष्ट करेगी और विपक्ष के रुख को लेकर उसे घेरने की रणनीति अपनाएगी। सत्र के दौरान विपक्ष के खिलाफ निंदा प्रस्ताव लाने की भी चर्चा है।</p>
<p>चूंकि सत्र बुलाने के लिए सदस्यों को कम से कम सात दिन पहले सूचना देना जरूरी होता है, इसलिए प्रस्ताव को कैबिनेट बाई सर्कुलेशन के जरिए मंजूरी दी गई। अब इसे राज्यपाल की स्वीकृति के लिए भेजा जाएगा। सरकार का आरोप है कि विपक्ष महिला सशक्तीकरण जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे पर भी राजनीति कर रहा है। वहीं, विपक्ष इस विधेयक को अधूरा और खामियों से भरा बताते हुए सरकार की मंशा पर सवाल उठा रहा है।</p>
<p>ऐसे में 30 अप्रैल को होने वाला यह विशेष सत्र सिर्फ विधायी कार्यवाही तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच सीधी राजनीतिक टकराहट का मंच भी बनेगा, जहां दोनों पक्ष महिला आरक्षण जैसे संवेदनशील मुद्दे पर जनता के सामने अपनी-अपनी रणनीति और संदेश रखने की कोशिश करेंगे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 20 Apr 2026 13:24:25 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>बीजेपी ने बंगाल में जारी की 111 उम्मीदवारों की दूसरी लिस्ट: रूपा गांगुली-निशीथ प्रमाणिक को टिकट</title>
                                    <description><![CDATA[पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए बीजेपी ने 111 उम्मीदवारों की दूसरी सूची जारी कर दी है। इस लिस्ट में रूपा गांगुली, निशीथ प्रमाणिक और प्रियंका तिबरेवाल जैसे दिग्गज चेहरों के साथ पूर्व आईपीएस अधिकारियों और टॉलीवुड सितारों को भी मौका मिला है। टीएमसी को कड़ी टक्कर देने के लिए पार्टी ने अनुभवी और ग्लैमरस चेहरों का संतुलित दांव खेला है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/bjp-released-second-list-of-111-candidates-in-bengal-ticket/article-147140"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/west-bengal-bjp.png" alt=""></a><br /><p>कोलकाता। पश्चिम बंगाल की राजनीति में इस वक्त जबरदस्त हलचल मची हुई है। बीजेपी ने अपनी दूसरी लिस्ट जारी कर दी है और इस बार चुनावी मैदान में 111 उम्मीदवारों के नाम फाइनल किए गए हैं। इस लिस्ट को देखकर साफ लग रहा है कि पार्टी ने जीत के लिए पूरी जान झोंक दी है। लिस्ट में सिर्फ नेता ही नहीं, बल्कि नामी चेहरे, पूर्व सरकारी अफसर और बंगाली सिनेमा के सितारे भी शामिल हैं। बीजेपी का यह दांव बंगाल की सत्ता में सेंध लगाने की एक बड़ी कोशिश मानी जा रही है।</p>
<p>इस बार की लिस्ट में सबसे ज्यादा चर्चा पूर्व लोकसभा सांसद रूपा गांगुली और निशीथ प्रमाणिक जैसे बड़े नामों की हो रही है। रूपा गांगुली को सोनारपुर दक्षिण से टिकट दिया गया है, जो वहां की राजनीति में एक बड़ा चेहरा मानी जाती हैं। वहीं, पूर्व केंद्रीय निशीथ प्रमाणिक को माथाभांगा सीट से चुनावी दंगल में उतारा गया है। इन चेहरों को उतारकर बीजेपी ने यह संदेश दे दिया है कि वह बंगाल के हर कोने में अपनी पकड़ मजबूत करना चाहती है और टीएमसी को कड़ी टक्कर देने के लिए तैयार है।</p>
<p>दूसरी पार्टियों से आए नेताओं को भी मौका: दिलचस्प बात यह है कि इस लिस्ट में सिर्फ पुराने बीजेपी नेता ही नहीं, बल्कि हाल ही में दूसरी पार्टियों से आए चेहरों को भी जगह मिली है। पूर्व टीएमसी नेता तापस रॉय को मानिकतला से टिकट मिला है, तो वहीं बैरकपुर से कौस्तव बागची पर भरोसा जताया गया है। आईपीएस अधिकारी रहे डॉ. राजेश कुमार को जगतदल सीट से मैदान में उतारा गया है, जो बताता है कि पार्टी अनुभवी और पढ़े-लिखे चेहरों को आगे लाने की रणनीति पर काम कर रही है।</p>
<p><strong>चुनावी दंगल में उतरे फिल्मी सितारे और फायरब्रांड नेता</strong></p>
<p>बात करें ग्लैमर और तेवर की, तो टॉलीगंज सीट से अभिनेता पापिया अधिकारी को टिकट दिया गया है, जिससे वहां मुकाबला काफी दिलचस्प होने वाला है। इसके अलावा, बीजेपी की फायरब्रांड नेता प्रियंका तिबरेवाल को एंटाली से मैदान में उतारा गया है। प्रियंका हमेशा से अपनी बेबाक बयानबाजी के लिए जानी जाती हैं। वहीं अर्जुन सिंह को नोआपारा से टिकट देकर पार्टी ने अपने पुराने गढ़ को बचाने की कोशिश की है। बीजेपी की इस दूसरी लिस्ट ने बंगाल चुनाव के माहौल को और भी गरमा दिया है। एक तरफ जहां टीएमसी अपनी जीत का दावा कर रही है, वहीं बीजेपी के इन 111 नामों ने विपक्ष के खेमे में भी खलबली मचा दी है। लोगों के बीच अब बस यही चर्चा है कि क्या ये बड़े चेहरे और पूर्व आईपीएस अधिकारी बंगाल की जनता का दिल जीत पाएंगे? या फिर ममता बनर्जी का किला भेदन इतना आसान नहीं होगा? </p>
<p>अब मुकाबला दिलचस्प हो गया है क्योंकि टिकट मिलने के बाद अब असली जंग जमीन पर शुरू होगी। कार्यकर्ताओं में उत्साह है और उम्मीदवारों ने अपनी-अपनी सीटों पर घेराबंदी शुरू कर दी है। आने वाले दिनों में बंगाल की सड़कों पर चुनावी रैलियों और नारों का शोर और तेज होने वाला है। देखना होगा कि 111 उम्मीदवारों की ये फौज बीजेपी की नैया पार लगा पाती है या नहीं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 20 Mar 2026 12:01:39 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव: प्रत्याशी की घोषणा में देरी, कांग्रेस की सुस्ती या कोई नई रणनीति, 26 साल बाद विधानसभा में वापसी की तैयारी में अधीर </title>
                                    <description><![CDATA[पश्चिम बंगाल चुनाव में उम्मीदवारों की घोषणा में देरी कांग्रेस की आंतरिक दुविधा को दर्शा रही है। जहां अभिषेक मनु सिंघवी गठबंधन के पक्ष में हैं, वहीं पार्टी अब अधीर रंजन चौधरी को बहरमपुर से उतारने की रणनीति बना रही है। 'अकेले चलो' की नीति और गुटबाजी के बीच, दिग्गज नेता अधीर की राज्य की राजनीति में वापसी त्रिकोणीय मुकाबले को दिलचस्प बना सकती है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/delay-in-announcement-of-west-bengal-assembly-election-candidate-congresss/article-147146"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/wb-congress.png" alt=""></a><br /><p>कोलकाता। बंगाल विधानसभा चुनाव की घोषणा के बाद जहां भाजपा, वाममोर्चा और तृणमूल कांग्रेस ने तेजी दिखाते हुए अपने उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी, वहीं कांग्रेस अब तक असमंजस की स्थिति में नजर आ रही है। चुनावी बिगुल बजने के तीन दिन बाद भी कांग्रेस की ओर से प्रत्याशियों की घोषणा न होना पार्टी की आंतरिक कमजोरी और रणनीतिक भ्रम को उजागर करता है। प्रदेश नेतृत्व, खासकर शुभंकर सरकार, पहले ही यह स्पष्ट कर चुके हैं कि कांग्रेस इस बार अकेले चुनाव लड़ेगी। लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि संगठनात्मक ढांचा कमजोर है और कार्यकर्ताओं में उत्साह की कमी साफ दिख रही है।</p>
<p>पिछले चुनाव में वाममोर्चा और इंडियन सेक्युलर फ्रंट के साथ गठबंधन के बावजूद खाता न खुलना भी पार्टी के आत्मविश्वास पर असर डाल चुका है। इसी बीच पार्टी के वरिष्ठ नेता अभिषेक मनु सिंघवी का बयान कांग्रेस के भीतर चल रही खींचतान को सामने लाता है। उन्होंने सार्वजनिक तौर पर ममता बनर्जी की प्रशंसा करते हुए कांग्रेस-तृणमूल गठबंधन की वकालत की। सिंघवी का यह भी कहना कि सही आंकड़े पर गठबंधन ही एकमात्र विकल्प है, इस बात का संकेत है कि पार्टी के भीतर रणनीति को लेकर एकमत नहीं है।</p>
<p>राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि कांग्रेस की देरी के पीछे तीन बड़े कारण हैं-पहला, गठबंधन बनाम अकेले लड़ने की दुविधा; दूसरा, मजबूत और जीताऊ उम्मीदवारों की कमी और तीसरा, केंद्रीय नेतृत्व का अंतिम निर्णय लेने में विलंब। इसके अलावा, बंगाल में पार्टी का सीमित जनाधार और संसाधनों की कमी भी निर्णय प्रक्रिया को धीमा कर रही है।</p>
<p>बंगाल की राजनीति में बहरमपुर के राबिनहुड कहे जाने वाले अधीर रंजन चौधरी एक बार फिर राज्य की सियासत में सक्रिय भूमिका निभाते नजर आ सकते हैं। सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस उन्हें बहरमपुर विधानसभा सीट से उम्मीदवार बनाने पर विचार कर रही है। 1996 में विधायक रहने के बाद अधीर ने 1999 से 2024 तक लगातार लोकसभा में बहरमपुर का प्रतिनिधित्व किया। हालांकि, 2024 में तृणमूल उम्मीदवार यूसुफ पठान से हार के बाद अब पार्टी उन्हें राज्य की राजनीति में उतारने की रणनीति बना रही है। यदि अधीर चुनाव मैदान में उतरते हैं, तो बहरमपुर सीट पर भाजपा, तृणमूल और कांग्रेस के बीच हाई-प्रोफाइल त्रिकोणीय मुकाबला देखने को मिल सकता है, जो इस चुनाव का सबसे दिलचस्प मुकाबला बन सकता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 20 Mar 2026 10:33:48 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>उदयपुर में कांग्रेस के बड़े कार्यक्रम से पहले पायलट का बयान, ' चिंतन शिविर में युवाओं को प्राथमिकता, ग्राउंड रिपोर्ट आधार पर संगठन की आगामी रणनीति होगी तय'</title>
                                    <description><![CDATA[ दो तीन राज्यों के चुनाव इस साल है और अगले सालों में भी कई राज्यों के चुनाव होने हैं। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jaipur-news-sachin-pilot-s-statement-before-the-big-program-of-congress-in-udaipur--priority-to-youth-in-chintan-shivir--the-upcoming-strategy-of-the-organization-will-be-decided-on-the-basis-of-ground-report/article-9563"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-05/sachin-pilot-1.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट ने कहां है कि उदयपुर कांग्रेस चिंतन शिविर में पार्टी ने देशभर के युवाओं को प्राथमिकता दी है। सभी नेताओं से ग्राउंड रिपोर्ट लेकर पार्टी की आगामी रणनीति तय की जाएगी शिविर के माध्यम से निकले निष्कर्ष के बाद संगठन में भी नई ऊर्जा के साथ बदलाव देखने को मिलेंगे।</p>
<p><br />अपने आवास पर मीडिया से बात करते हुए पायलट ने कहा कि नव संकल्प चिंतन शिविर बहुत महत्वपूर्ण समय पर बुलाया गया है। क्योंकि दो तीन राज्यों के चुनाव इस साल है और अगले सालों में भी कई राज्यों के चुनाव होने हैं। सत्ताधारी दल भाजपा को चुनौती देकर राष्ट्रीय स्तर पर केवल कांग्रेस हरा सकती है। केंद्र सरकार पिछले 8 साल से शासन में है लेकिन देश के ज्वलंत मुद्दों पर केवल जनता का ध्यान भटका रही है। शिविर के माध्यम से हम सब मिलकर एक ऐसी रणनीति बनाना चाहते हैं कि केंद्र सरकार ज्वलंत मुद्दों से लोगों का ध्यान नहीं हटा सके। अर्थव्यवस्था, महंगाई और बेरोजगारी जैसे मुद्दों पर देश में बुरा हाल है। भाजपा को अपने 8 साल के कार्यकाल में के कार्यों के आधार पर अपनी पार्टी को आगे ले जाना चाहिए लेकिन वह केवल पूर्व पीएम मनमोहन सिंह और कांग्रेस के ऊपर आरोप लगाकर अपनी राजनीति चला रहे हैं। पिछले 8 साल में उन्होंने क्या किया उस पर यह जवाब नहीं देते। चिंतन शिविर के बाद हम आर्थिक संकट से जूझ रहे देश के नौजवान वर्ग और मध्यम वर्ग की आवाज बन कर सड़कों पर आएंगे।</p>
<p><br /><strong>बनेगा रोडमैप, संगठन में होगा बदलाव:</strong><br />पायलट ने कहा कि शिविर में चर्चा के बाद युवाओं और बेरोजगारों के लिए एक मजबूत रोडमैप तैयार होगा। भाजपा स्पष्ट बहुमत के बाद भी जनता के प्रति अपना फर्ज नहीं निभा पाए, इसलिए कांग्रेस मजबूत विपक्ष की भूमिका में उतरेगा। राजनीतिक चुनौतियों का सामना करने और जनता का भरोसा जीतने के लिए कांग्रेस को और मजबूत किया जाएगा। पायलट ने कहा कि शिविर में खास बात यह है कि करीब आधे प्रतिनिधि 40 साल से कम उम्र के हैं। पूरे देश भर से आए इन युवा नेताओं से ग्राउंड रिपोर्ट लेकर कॉन्ग्रेस आगामी रणनीति तैयार करेगी। इस शिविर के बाद पार्टी जल्द ही देश में संगठनात्मक बदलाव करेगी। हम सब मिलकर एक नई ऊर्जा के साथ आने वाले विधानसभा और लोकसभा चुनावों के लिए मजबूती से काम करेंगे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 11 May 2022 16:37:03 +0530</pubDate>
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                <title>रूस-यूक्रेन जंग के दो महीने पूरे </title>
                                    <description><![CDATA[पुतिन ने यूक्रेन के साथ बातचीत के जरिए डील की उम्मीद को छोड़ा]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/%E0%A4%AF%E0%A5%82%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A5%87%E0%A4%A8-%E0%A4%B0%E0%A5%82%E0%A4%B8-%E0%A4%AF%E0%A5%81%E0%A4%A6%E0%A5%8D%E0%A4%A7/russia-ukraine-war-completes-two-months--putin-forced-to-change-strategy/article-8651"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-04/manoj-(15).jpg" alt=""></a><br /><p>कीव। रूस और यूक्रेन के बीच जंग के दो महीने पूरे हो गए हैं और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को उनकी मनचाही सफलता नहीं मिल पाई है। यूक्रेन युद्ध के दूसरे महीने में बहुत कुछ बदल गया है लेकिन अभी भीषण लड़ाई जारी है। परमाणु हथियारों से लैस रूस 60 दिन के बाद भी अभी तक इस युद्ध को अपने पक्ष में मोड़ नहीं पाया है। यही नहीं उसे यूक्रेन के उत्तरी इलाकों से पीछे हटना पड़ा है। यूक्रेन के पूर्वी और दक्षिणी इलाके में रूस का आक्रामक अभियान भीषण लड़ाई के बाद भी थमता नजर आ रहा है। विशेषज्ञों के मुताबिक यही वजह है कि रूस ने अब रणनीति को बदलते हुए जमीन पर कब्जा करने पर जोर देना शुरू कर दिया है। पिछले दो महीने की लड़ाई के दौरान रूस ने कोशिश की कि यूक्रेन की राजधानी कीव पर कब्जा कर लिया जाए। हालांकि रूस का यह प्लान फेल हो गया और उसे यूक्रेनी सेना के जोरदार पलटवार की वजह से पीछे हटना पड़ा है। रूस ने रणनीति को बदलते हुए अब पूर्वी और दक्षिणी मोर्चे पर कुछ सेना को फिर से तैनात किया है। इन इलाकों में भीषण लड़ाई के बाद भी रूस को बहुत ज्यादा सफलता नहीं मिल पाई है। यही नहीं दक्षिणी खेरसॉन शहर में यूक्रेनी सेना के पलटवार से रूस की सेना को पीछे हटना पड़ा है। खारकीव में भी रूसी सैनिक पीछे हटे हैं। इस बीच अमेरिका और पश्चिमी देशों से घातक हथियारों की सप्लाइ तेज हो गई है जिससे यूक्रेनी सेना का प्रतिरोध और तेज हो गया है।<br /><br /><strong>यूक्रेन को समुद्र से काटना चाहते हैं</strong> <br />सूत्र ने कहा कि पुतिन जेलेंस्की के साथ मुलाकात से बच रहे हैं और उनकी कोशिश है कि इससे पहले ही सबकुछ फैसला हो जाए। यूक्रेनी राष्ट्रपति ने कहा है कि वह रूस के साथ शांति वार्ता करना चाहते हैं लेकिन अगर मारियुपोल में हत्या जारी रहती है तो वह नहीं करेंगे। यूक्रेन के अधिकारियों को डर सता रहा है कि पुतिन दोनबास की बजाय पूरे दक्षिणी-पूर्वी यूक्रेन पर कब्जा कर सकते हैं ताकि यूक्रेन को समुद्र से काट दिया जाए। यूक्रेन को भरोसा है कि वह रूसी सेना को पीछे ढकेल सकती है।<br /><br /><strong>पुतिन ने यूक्रेन के साथ बातचीत के जरिए डील की उम्मीद को छोड़ा</strong><br />हालांकि रूस को सेवेरोडोनेट्स्क इलाके में कुछ बढ़त मिली है। साथ रूसी सेना ने मारियुपोल पर बेहद क्रूर हमले के बाद कब्जा कर लिया है। फाइनेंशियल टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक अब पुतिन ने यूक्रेन के साथ बातचीत के जरिए डील होने की उम्मीद को छोड़ दिया है। रूसी राष्ट्रपति की अब कोशिश ज्यादा से ज्यादा यूक्रेनी जमीन पर कब्जा करने की है। यही वजह है कि तुर्की ने सीरिया जाने वाले रूसी सेना के लिए अपना हवाई रास्ता बंद कर दिया है ताकि पुतिन को बातचीत की मेज पर फिर से लाया जा सके। रूसी सूत्रों ने बताया कि यूक्रेन में भारी नुकसान के बाद पिछले महीने रूसी राष्ट्रपति एक शांति डील पर गंभीरतापूर्वक विचार कर रहे थे। हालांकि अब वह मान चुके हैं कि इस युद्ध का अंत होता नहीं दिख रहा है। पुतिन ने कहा है कि शांति के प्रयास अब खत्म होने की कगार पर हैं। पुतिन मोस्कवा युद्धपोत के डूब जाने से भी भड़के हुए हैं। सूत्र ने कहा कि उन्हें किसी तरह से विजेता के रूप में इस युद्ध को खत्म करने का रास्ता तलाश करना होगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>यूक्रेन-रूस युद्ध</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 26 Apr 2022 14:11:55 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>गोवा विधानसभा चुनाव परिणाम जारी, भाजपा की सरकार बनाने की रणनीति शुरू</title>
                                    <description><![CDATA[सरकार बनाने को लेकर बीजेपी का जोड़-तोड़ शुरू]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/goa-assembly-election-results-released--bjp-s-strategy-to-form-government-started/article-5917"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-03/goa-01.jpg" alt=""></a><br /><p> </p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" style="font-size:16pt;line-height:115%;font-family:Aparajita, 'sans-serif';" xml:lang="hi">पणजी। गोवा विधानसभा चुनाव की 40</span><span style="font-size:16pt;line-height:115%;font-family:Aparajita, 'sans-serif';"> <span lang="hi" xml:lang="hi">सीटों पर चुनावों के परिणाम जारी हो चुके है। इन सभी सीटों के परिणामों में बीजेपी ने</span> 20 <span lang="hi" xml:lang="hi">सीटों पर जीत दर्ज की है। गोवा में भाजपा </span>निर्दलियों के सहयोग से <span lang="hi" xml:lang="hi">सरकार बना सकती है। इसको लेकर बीजेपी ने रणनीति बनानी शुरू कर दी है।</span> </span></p>
<p class="MsoNormal"> <span lang="hi" style="font-size:16pt;line-height:115%;font-family:Aparajita, 'sans-serif';" xml:lang="hi">कांग्रेस को 12</span><span style="font-size:16pt;line-height:115%;font-family:Aparajita, 'sans-serif';"> <span lang="hi" xml:lang="hi">सीटों पर जीत मिली है। कांग्रेस को गोवा में भी चुनाव में हार का सामना करना पड़ा है। कांग्रेस को केवल</span> 12 <span lang="hi" xml:lang="hi">सीटों पर जीत मिली है। लेकिन ये मणिपुर और यूपी विधानसभा चुनाव में जीत के प्रतिशत से ज्यादा कहीं जा सकती है। </span><span lang="hi" xml:lang="hi"> इसके अलावा टीएमसी को 02</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">सीट पर जीत मिली है। </span><span lang="hi" xml:lang="hi">आम आदमी पार्टी के</span> 02 <span lang="hi" xml:lang="hi">और अन्य के खाते में</span> 04 <span lang="hi" xml:lang="hi">सीटें आई है।</span> </span></p>
<p class="MsoNormal"> <span lang="hi" style="font-size:16pt;line-height:115%;font-family:Aparajita, 'sans-serif';" xml:lang="hi">चुनाव आयोग के जारी आंकड़ों के अनुसार भाजपा 20</span><span style="font-size:16pt;line-height:115%;font-family:Aparajita, 'sans-serif';">, <span lang="hi" xml:lang="hi">कांग्रेस 12</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">टीएमसी 02,</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">आम आदमी पार्टी 02</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">और अन्य ने</span> 04 <span lang="hi" xml:lang="hi">सीटों पर जी दर्ज की है। प्रदेश में</span> 40 <span lang="hi" xml:lang="hi">सीटों पर प्रत्याशियों के चुनावी भाग्य का फैसला हुआ है। इस चुनाव में हार का सामना करने वाले लोगों में से कुछ बड़े नेता और मंत्री भी शामिल है। इन लोगों को हार का सामना करना पड़ा है।</span> </span></p>
<p> </p>
<p></p>]]></content:encoded>
                
                

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                <pubDate>Fri, 11 Mar 2022 11:28:37 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>ओमिक्रॉन वैरिएंट से बचाव के लिए केंद्र ने बनाई रणनीति</title>
                                    <description><![CDATA[राज्य टेस्टिंग में इजाफा करें ताकि पहचान हो सके और केसों का मैनेजमेंट भी किया जा सके, बताए छह सूत्रीय उपाय]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/%E0%A4%93%E0%A4%AE%E0%A4%BF%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A5%89%E0%A4%A8-%E0%A4%B5%E0%A5%88%E0%A4%B0%E0%A4%BF%E0%A4%8F%E0%A4%82%E0%A4%9F-%E0%A4%B8%E0%A5%87-%E0%A4%AC%E0%A4%9A%E0%A4%BE%E0%A4%B5-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%B2%E0%A4%BF%E0%A4%8F-%E0%A4%95%E0%A5%87%E0%A4%82%E0%A4%A6%E0%A5%8D%E0%A4%B0-%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%AC%E0%A4%A8%E0%A4%BE%E0%A4%88-%E0%A4%B0%E0%A4%A3%E0%A4%A8%E0%A5%80%E0%A4%A4%E0%A4%BF/article-2865"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-12/corona_new.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। दुनिया भर में कोरोना के नए ओमिक्रॉन वैरिएंट के बढ़ते खतरे को देखते हुए भारत ने बचाव के लिए प्लान तैयार करने को मंथन शुरू कर दिया है। स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने ओमिक्रॉन वैरिएंट से बचाव के लिए सभी राज्यों को छह सूत्रीय उपाय का पालन करने को कहा है। मोदी सरकार का कहना है कि यदि इन नियमों का पालन किया गया तो फिर ओमिक्रॉन वैरिएंट के बारे में पता चल सकेगा और उससे निपटना भी आसान होगा। भूषण ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से कहा कि वे टेस्टिंग में इजाफा करें ताकि डिटेक्शन हो सके और केसों का मैनेजमेंट भी किया जा सके। ओमिक्रॉन वैरिएंट से निपटने के लिए राज्य सरकारों से हुई बैठक में स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने कंटेनमेंट जोन तैयार करने, सर्विलांस, टेस्टिंग में इजाफे, हॉटस्पॉट की निगरानी, वैक्सीनेशन के कवरेज में इजाफा और हेल्थ इन्फ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि दुनिया भर के एक्सपर्ट्स का कहना है कि यह वैरिएंट आरटीपीसीआर और रैपिड एंटीजन टेस्ट्स को चकमा दे सकता है, ऐसे में लोगों को आइसोलेशन में रखने के लिए पर्याप्त व्यवस्था की जाए। उल्लेखनीय है कि अब तक देश में ओमिक्रॉन वैरिएंट का कोई भी केस दर्ज नहीं किया गया है।</p>
<p><br /> <strong>देश में ओमिक्रॉन वैरियंट का कोई मामला नहीं: केन्द्र </strong>: केन्द्र सरकार ने आश्वस्त किया है कि फिलहाल देश में ओमिक्रॉन वैरियंट का कोई मामला कहीं भी सामने नहीं आया है। लेकिन सरकार पूरी तरह से सजग एवं सतर्क है और कोरोना वायरस के इस नए स्वरूप को लेकर कोई कोताही नहीं बरती जाएगी। केन्द्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री मनसुख मांडविया ने मंगलवार को राज्यसभा में प्रश्नकाल के दौरान इसकी जानकारी दी।  <br /> <br /> <strong>बूस्टर डोज देने की भी तैयारी </strong><br /> कोरोना के नए ओमिक्रॉन वैरिएंट से बचाव के लिए मोदी सरकार अब देश में कोरोना वैक्सीन की तीसरी डोज देने की तैयारी कर रही है। दक्षिण अफ्रीका के बाद कई देशों में मिले ओमिक्रॉन वैरिेएंट ने चिंता बढ़ा रखी है। इसी वजह से ऐसा कहा जा रहा है कि अब इस वैरिएंट को देखते हुए सरकार वैक्सीन की बूस्टर डोज देने का जल्द ऐलान कर सकती है। <br /> <br /> <span style="background-color:#ffff99;"><span style="color:#ff0000;"><span style="font-size:larger;"><strong>नई गाइडलाइंस आज से लागू : अंतरराष्ट्रीय यात्रियों को देनी होगी 14 दिन की ट्रैवल हिस्ट्री </strong></span></span></span><br />  कोरोना वायरस के नए वेरिएंट ‘ओमिक्रॉन’ की चिंताओं के बीच मोदी सरकार ने अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए गाइडलाइंस जारी किए हैं। गाइडलाइंस के मुताबिक अब एयर सुविधा पोर्टल पर मौजूद सेल्फ डेक्लेरेशन फॉर्म में सभी इंटरनेशनल पैसेंजर्स को फ्लाइट बोर्ड करने से पहले अपनी 14 दिन की ट्रैवल हिस्ट्री बतानी होगी। गाइडलाइंस में कहा गया है कि ‘एट रिस्क’ या जोखिम वाले देशों से आने वाले यात्रियों के इंतजार करने के लिए अलग जगह तैयार करने की बात कही है। मोदी सरकार द्वारा जारी गाइडलाइंस में कहा गया है कि अंतरराष्ट्रीय यात्रियों को अपने साथ कोरोना निगेटिव आरटी-पीसीआर रिपोर्ट लेकर आनी होगी।</p>
<p><br /> <strong>‘एट रिस्क’ में ये देश शामिल </strong>: केंद्र सरकार ने एट रिस्क में जिन देशों को शामिल किया है, उनमें ब्रिटेन समेत सभी यूरोपीय ...देश, इजराइल, दक्षिण अफ्रीका, ब्राजील, बांग्लादेश, बोत्सवना, चीन, मॉरीशस, न्यूजीलैंड, जिम्बाब्वे, सिंगापुर और हांगकांग शामिल है। गाइडलाइंस में कहा गया है कि एट रिस्क देशों से आने वाले पैसेंजर्स के लिए देश के हर एयरपोर्ट पर अलग एरिया बनाया जाएगा, जहां वे आरटी-पीसीआर टेस्ट के रिजल्ट के लिए इंतजार करेंगे। साथ ही सभी एयरपोर्ट्स पर अतिरिक्त आरटी-पीसीआर फेसिलिटी भी तैयार की जाएंगी। वहीं एयरलाइंस को फ्लाइट के करीब पांच फीसदी यात्रियों की जांच के लिए उचित प्रक्रिया लागू करनी चाहिए।<br /> <br /> <strong>चार जिलों में कोरोना के 15 नए रोगी मिले, 193 एक्टिव केस</strong><br />  जयपुर। प्रदेश में कोरोना संक्रमण के नए मामले हर रोज कम-ज्यादा आ रहे है। मंगलवार को चार जिलों में 15 नए रोगी मिले हैं। इसके साथ ही एक्टिव केसों की संख्या भी बढ़कर 193 तक पहुंच गई है। सर्वाधिक नए मामले जयपुर में 11, उदयपुर में दो और अजमेर एवं बीकानेर में एक-एक सामने आया है। वहीं जयपुर में सर्वाधिक एक्टिव केस है, जिनकी संख्या 108 है। जबकि अजमेर में 23, बीकानेर में 15, अलवर में 12, नागौर एवं उदयपुर में आठ-आठ, जैसलमेर में पांच, जोधपुर में चार, बाड़मेर में तीन, दौसा, पाली और राजसमंद में दो-दो और हनुमानगढ़ में एक है।</p>
<p><br /> <strong>6.83 करोड़ लोगों का हुआ वैक्सीनेशन</strong> : चिकित्सा मंत्री परसादी लाल मीणा ने बताया कि प्रदेश में अब तक 6 करोड़ 83 लाख 17 हजार 277 लोगों को कोरोना वैक्सीन लगाई जा चुकी है। इनमें से 4 करोड़ 35 लाख 711 को पहला और 2 करोड़ 48 लाख 16 हजार 566 लोगों को दूसरी डोज लगाई जा चुकी है। मंगलवार को राज्य में कुल तीन लाख 31 हजार 198 को वैक्सीन की डोज लगी। इसमें 57 हजार 699 को पहली और दो लाख 73 हजार 499 को दूसरी डोज लगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 01 Dec 2021 13:33:45 +0530</pubDate>
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                <title>विपक्ष के 16 दलों के सांसदों की अहम बैठक, तृणमूल के नेता नहीं हुए शामिल</title>
                                    <description><![CDATA[संसद परिसर में विपक्ष के सांसदों ने आगे की रणनीति की तय]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%AA%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B7-%E0%A4%95%E0%A5%87-16-%E0%A4%A6%E0%A4%B2%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%B8%E0%A4%BE%E0%A4%82%E0%A4%B8%E0%A4%A6%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%85%E0%A4%B9%E0%A4%AE-%E0%A4%AC%E0%A5%88%E0%A4%A0%E0%A4%95--%E0%A4%A4%E0%A5%83%E0%A4%A3%E0%A4%AE%E0%A5%82%E0%A4%B2-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%A8%E0%A5%87%E0%A4%A4%E0%A4%BE-%E0%A4%A8%E0%A4%B9%E0%A5%80%E0%A4%82-%E0%A4%B9%E0%A5%81%E0%A4%8F-%E0%A4%B6%E0%A4%BE%E0%A4%AE%E0%A4%BF%E0%A4%B2/article-2840"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-11/vipaksh-bethak.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। संसद के शीतकालीन सत्र में विपक्ष के 12 सदस्यों के निलंबन को लेकर विपक्ष के 16 दलों के नेताओं की मंगलवार को बैठक हुई जिसमें आगे की रणनीति पर विचार किया गया। बैठक राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खडग़े के संसद में स्थित कार्यालय में हुई जिसमें इन नेताओं ने कहा कि सदन में ऐसा कुछ नहीं हुआ जिसके कारण से विपक्ष के सांसदों को शीतकाल के पूरे सत्र के लिए निलंबित किया जाए। बैठक में कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी साथ ही कई प्रमुख नेता शामिल हुए। बैठक में कांग्रेस, शिवसेना, एनसीपी, भाकपा, माकपा, राजद, नेशनल कॉन्फ्रेंस सहित 16 दलों के नेताओं ने भाग लिया। इस बैठक मै तृणमूल के नेता शामिल नहीं हुए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 30 Nov 2021 12:50:28 +0530</pubDate>
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