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                <title>ईरान से समझौते के करीब : ट्रंप ने कहा- समझौता नहीं हुआ तो सैन्य कार्रवाई का विकल्प खुला </title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिया है कि अमेरिका ईरान के साथ बेहतरीन समझौते के करीब है। ट्रंप ने स्पष्ट किया कि समझौते में परमाणु हथियारों पर सख्त गारंटी शामिल होनी चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कूटनीतिक वार्ता विफल रहती है, तो अमेरिका सीधे सैन्य कार्रवाई का विकल्प चुनेगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/trump-is-open-to-the-option-of-military-action-if/article-155565"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/trump3.png" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने संकेत दिया है कि ईरान के साथ शांति समझौता के करीब है लेकिन अगर वार्ता विफल रहती है तो अमेरिका सैन्य कार्रवाई का विकल्प अपनायेगा। मीडिया को दिए एक इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा, "हम एक बेहतरीन समझौता कर रहे हैं अन्यथा हम इसे सैन्य रूप से खत्म कर देंगे। हम एक बहुत अच्छे समझौते के करीब हैं और अगर हम इसे सफल बना लेते हैं तो ठीक है, वरना हम सीधे युद्ध के साथ इसकी शुरुआत करेंगे।" उन्होंने कहा कि अमेरिका वार्ता के माध्यम से समझौता करना पसंद करता है लेकिन इस बात पर बल दिया कि किसी भी समझौते में परमाणु हथियारों पर सख्त गारंटी शामिल होनी चाहिए। उन्होंने कहा, "मेरे पास एकमात्र गारंटी यह है कि परमाणु हथियार नहीं होंगे। वे इस पर सहमत हो गए हैं।"</p>
<p>ट्रंप ने आगे कहा कि हालांकि सैन्य कार्रवाई एक विकल्प बनी हुई है लेकिन कूटनीति बेहतर विकल्प होगी। उन्होंने रणनीतिक समुद्री मार्गों का उल्लेख करते हुए कहा कि मैं समझौता करना पसंद करूंगा क्योंकि हस्ताक्षर होते ही हम जलडमरूमध्य को तुरंत खोल सकते हैं। ईरान को एक कठिन वार्ताकार बताते हुए ट्रंप ने कहा कि प्रगति हो रही है लेकिन धीमी गति से हो रही है। उन्होंने कहा, "हमें धीरे-धीरे वो मिल रहा है जो हम चाहते हैं। बहुत ही सख्त वार्ताकार हैं। इसमें लंबा समय लगता है। मुझे कोई जल्दी नहीं है। अगर आप जल्दी करेंगे तो अच्छा समझौता नहीं हो पाएगा।"</p>
<p>उन्होंने बातचीत विफल होने पर गंभीर परिणामों की चेतावनी भी दी और कहा कि धीरे-धीरे लेकिन निश्चित रूप से हमें वह मिल रहा है जो हम चाहते हैं और अगर हमें वह नहीं मिला जो हम चाहते हैं तो हम इसे किसी और तरीके से इसे समाप्त करेंगे। अमेरिकी राष्ट्रपति ने दावा किया कि अमेरिकी सैन्य कार्रवाइयों ने ईरान की क्षमताओं को पहले ही कमजोर कर दिया है और कहा कि हमने उनकी सेना को लगभग परास्त कर दिया है। उन्होंने आगे कहा कि वाशिंगटन आगे तनाव बढ़ने से बचना चाहेगा।</p>
<p>ट्रंप ने अतीत के सैन्य अभियानों का भी उल्लेख किया और कहा कि अमेरिका ने जरूरत पड़ने पर निर्णायक कार्रवाई की है लेकिन उन्होंने इस बात पर बल दिया कि कूटनीतिक समाधान से लोगों की जान बचेगी और क्षेत्र में स्थिरता आएगी। ईरान समझौते पर उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब ट्रंप ने हाल ही में हुई सिचुएशन रूम बैठक के दौरान अमेरिकी और ईरानी वार्ताकारों द्वारा चर्चा किए गए मसौदा समझौते में संशोधन की मांग की है। ईरान एक सख्त वार्ताकार बना हुआ है और ट्रंप ईरान के परमाणु संसाधनों पर कड़े प्रावधानों और होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने से संबंधित भाषा में संशोधन की चाहते हैं। इन मुद्दों के कारण वार्ता का एक और दौर शुरू हो सकता है जो कई दिनों तक चल सकता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 31 May 2026 18:02:49 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>सरकार अपनी कमी पहचान, बिजली संकट से राहत दिलाए: जूली</title>
                                    <description><![CDATA[नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने ऊर्जा मंत्री की कॉलोनी में बिजली ट्रिपिंग की खबरों पर भाजपा को घेरा है। जूली ने कहा कि जब मंत्री खुद संकट झेल रहे हैं, तो पूरे प्रदेश और ग्रामीण इलाकों के बुरे हाल का अंदाजा लगाया जा सकता है। उन्होंने सरकार से कमियां सुधारने की मांग की।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/government-should-recognize-its-shortcomings-and-provide-relief-from-electricity/article-155562"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/tikaram-jullyy.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर: ऊर्जा मंत्री की कॉलोनी में बिजली ट्रिपिंग मामले में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने भाजपा पर हमला बोलते हुए कहा है कि सरकार अपनी कमी स्वीकार करते हुए प्रदेशवासियों को बिजली संकट से राहत दे। जूली ने मीडिया में छपी खबरों के आधार पर कहा है कि अब तो ऊर्जा मंत्री ने भी मान लिया है कि उनकी कॉलोनी की लाइट बार-बार ट्रिप हो रही है। मैंने यह बात विधानसभा में भी उठाई थी, लेकिन उस समय ऊर्जा मंत्री ने इसे स्वीकार नहीं किया। प्रदेश में बिजली की भयंकर समस्या है, विशेष रूप से गांवों में बिजली बार-बार ट्रिप हो रही है।</p>
<p>इतना ही नहीं, विधानसभा की लाइट तक चली गई थी। एसएमएस अस्पताल सहित बड़े-बड़े अस्पतालों में भी बिजली गुल हो जाती है। खैर, अब मंत्री ने स्वयं स्वीकार कर लिया है कि उनकी कॉलोनी की बिजली भी बार-बार जा रही है। ऊर्जा मंत्री  आपकी कॉलोनी की समस्या तो आपको दिखाई दे रही है, लेकिन पूरे प्रदेश के लोग लगातार बिजली ट्रिपिंग से परेशान हैं, उस ओर मंत्री का ध्यान ही नहीं है। आप अपनी कमियों को पहचानिए और प्रदेशवासियों को बिजली की समस्या से जल्द से जल्द राहत दिलाइए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 31 May 2026 17:32:59 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>ऑपरेशन इकोनॉमिक फ्यूरी का एक्शन: ईरान पर टूटा दुखों का पहाड़, अमेरिका ने जब्त किए एक करोड़ क्रिप्टोकरेंसी</title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट के अनुसार, "ऑपरेशन इकोनॉमिक फ्यूरी" के तहत अमेरिका ने ईरान से जुड़ी 1 अरब डॉलर की क्रिप्टोकरेंसी जब्त कर ली है। इस कार्रवाई का उद्देश्य ईरान को अंतरराष्ट्रीय वित्तीय प्रणाली से पूरी तरह अलग-थलग करना है। अमेरिकी अधिकारियों ने कई ईरानी क्रिप्टो वॉलेट्स पर सीधा नियंत्रण हासिल कर लिया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/a-mountain-of-sorrow-fell-on-iran-america-seized-one/article-155547"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/us.png" alt=""></a><br /><p>वाशिंगटन, 30 मई (वार्ता) अमेरिका के वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने दावा किया है कि अमेरिका ने ईरान से जुड़े लगभग एक अरब अमेरिकी डॉलर मूल्य की क्रिप्टोकरेंसी परिसंपत्तियां जब्त कर ली हैं। उन्होंने इसे ईरान की अंतरराष्ट्रीय वित्तीय प्रणाली तक पहुंच को बाधित करने के उद्देश्य से चलाए जा रहे आर्थिक अभियान का हिस्सा बताया। बेसेंट ने रीगन राष्ट्रीय आर्थिक मंच में शुक्रवार को बोलते हुए कहा कि ट्रंप प्रशासन के प्रतिबंध अभियान "ऑपरेशन इकोनॉमिक फ्यूरी" ने हाल के सप्ताहों में ईरान पर आर्थिक दबाव को काफी बढ़ा दिया है।</p>
<p>उन्होंने कहा, "लगभग साढ़े पांच से छह सप्ताह के अत्यंत सफल सैन्य अभियान और ऑपरेशन इकोनॉमिक फ्यूरी के बाद हमने उन्हें वित्तीय रूप से लगभग पूरी तरह अलग-थलग कर दिया है। वे अब आर्थिक रूप से बेहद कठिन स्थिति में हैं।" मीडिया से बातचीत में उन्होंने दावा किया कि अमेरिकी अधिकारियों ने ईरानी वित्तीय नेटवर्क से जुड़े कई क्रिप्टोकरेंसी बटुओं (वॉलेट) पर सीधा नियंत्रण हासिल कर लिया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 31 May 2026 17:30:13 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>केदारनाथ यात्रियों की बढ़ी मुश्किलें: भारी बारिश के चलते यात्रा अस्थायी रूप से स्थगित, श्रद्धालुओं को सुरक्षित स्थानों पर रोका गया</title>
                                    <description><![CDATA[उत्तराखंड में लगातार हो रही भारी बारिश और मौसम विभाग के ऑरेंज अलर्ट के बाद केदारनाथ यात्रा अस्थायी रूप से रोक दी गई है। प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा के मद्देनजर वाहनों की आवाजाही पर भी रोक लगा दी है। यात्रियों को श्रीनगर और विभिन्न सुरक्षित होल्डिंग क्षेत्रों में ठहराया गया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/difficulties-increased-for-kedarnath-pilgrims-yatra-temporarily-postponed-due-to/article-155551"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/kedarnath.png" alt=""></a><br /><p>रुद्रप्रयाग। उत्तराखंड में लगातार हो रही भारी बारिश और मौसम विभाग की ओर से जारी ऑरेंज अलर्ट के मद्देनजर प्रशासन ने एहतियातन केदारनाथ यात्रा को अस्थायी रूप से रोक दिया है। यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए यह निर्णय लिया गया है। प्रशासन से प्राप्त जानकारी के अनुसार जनपद रुद्रप्रयाग के विभिन्न पर्वतीय क्षेत्रों में लगातार वर्षा हो रही है। मौसम विभाग ने आगामी घंटों में भारी बारिश, तेज हवाएं और तूफान की संभावना जताई है। संभावित खतरे को देखते हुए केदारनाथ धाम की ओर जाने वाले श्रद्धालुओं को विभिन्न पड़ावों और होल्डिंग क्षेत्रों में रोककर सुरक्षित ठहराया गया है।</p>
<p>पैदल यात्रा मार्ग पर मौजूद यात्रियों को भी निकटतम सुरक्षित स्थानों और निर्धारित होल्डिंग एरिया में रखा गया है। वहीं श्रीनगर क्षेत्र में केदारनाथ धाम की ओर जाने वाले वाहनों की आवाजाही भी फिलहाल रोक दी गई है। वाहनों को निर्धारित होल्डिंग क्षेत्रों में खड़ा कराया जा रहा है, ताकि मौसम सामान्य होने तक किसी प्रकार की दुर्घटना की आशंका न रहे। प्रशासन ने कहा है कि मौसम में सुधार और यात्रा मार्ग की स्थिति पूरी तरह सुरक्षित पाए जाने के बाद ही श्रद्धालुओं एवं वाहनों को आगे बढ़ने की अनुमति दी जाएगी। जिला प्रशासन, पुलिस और आपदा प्रबंधन विभाग की टीमें लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं।</p>
<p>अधिकारियों ने श्रद्धालुओं और वाहन चालकों से अपील की है कि वे प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें, अनावश्यक यात्रा से बचें तथा किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें। प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। लगातार खराब मौसम के बीच प्रशासन पूरी सतर्कता और मुस्तैदी के साथ यात्रा प्रबंधन में जुटा हुआ है, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचाव किया जा सके।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 31 May 2026 15:50:03 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>भारत ऑपरेशन सिंदूर 2.0 के लिए तैयार: सेना प्रमुख बोले- अभी केवल संघर्ष विराम जैसे हालात</title>
                                    <description><![CDATA[सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर अभी खत्म नहीं हुआ है, बल्कि संघर्ष विराम की स्थिति है। जरूरत पड़ने पर तीनों सेनाएं ऑपरेशन सिंदूर 2.0 के लिए तैयार हैं। उन्होंने नए सैन्य अधिकारियों को आधुनिक युद्ध के पारदर्शी होने और मल्टी-डोमेन लड़ाइयों के प्रति सतर्क रहने की हिदायत दी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/india-is-ready-for-operation-sindoor-20-army-chief-said/article-155531"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/army.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने कहा है कि ऑपरेशन सिंदूर अभी खत्म नहीं हुआ है। फिलहाल संघर्ष विराम जैसी स्थिति है। जरूरत पड़ी तो तीनों सेनाएं ऑपरेशन सिंदूर 2.0 के लिए पूरी तरह तैयार हैं। सेना प्रमुख ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर ने एक बेंचमार्क सेट कर दिया है कि भारत किसी भी उकसावे पर कैसे जवाब देता है। आज पास होने वाले अफसर अपने करियर की शुरुआत से ही इस बेंचमार्क को बनाए रखें।</p>
<p><strong>आधुनिक युद्ध पारदर्शी हो गए</strong></p>
<p>सेना प्रमुख ने नए अफसरों को मैसेज देते हुए कहा कि आधुनिक युद्ध पारदर्शी हो गया है। 24 घंटे हर गतिविधि पर नजर रखी जाती है। ऐसे में सैनिकों की तैनाती, ऑपरेशन और बॉर्डर के पास बसे नागरिकों की सुरक्षा को लेकर बेहद सतर्क रहने की जरूरत है।</p>
<p><strong>हमेशा दिमाग से जीती जाती है जंग </strong></p>
<p>सेना प्रमुख ने कहा कि जीत हमेशा दिमाग में होती है। यह जमीन पर नहीं होती। इन्फॉर्मेशन वॉरफेयर तभी सफल होता है जब पूरा देश एक साथ आए और सूचना देने वाले लोगों पर भरोसा करे। जब युद्ध की गति बहुत तेज हो रही होए तब संसाधनों के दायरे में रहकर मदद की जरूरत पड़ती है, ताकि तेजी से फैसले ले सकें। भविष्य की लड़ाइयां केवल पारंपरिक तरीके से नहीं लड़ी जाएंगी, बल्कि ये कई मोर्चों पर होंगी। इनमें जमीन, आकाश, समुद्र, अंतरिक्ष, साइबर, इलेक्ट्रोमैग्नेटिक, लोगों के दिमाग और सोच पर असर डालना शामिल होंगे।</p>
<p><strong>वर्दी का नजरिया हमेशा राष्ट्रीय ही रहना चाहिए </strong></p>
<p>जनरल द्विवेदी ने कहा है कि भविष्य के वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों को ऐसे तेजी से जटिल होते सुरक्षा माहौल में काम करने के लिए तैयार रहना होगा जहां प्रतिस्पर्धा और संघर्ष के बीच का अंतर धुंधला होता जा रहा है। यहां जो कुछ भी शुरू होता है, वह हमेशा आपके साथ रहता है उन्होंने कैडेटों  से कहा कि आज, जब मैं वर्दी वाली जिंदगी के अंतिम पड़ाव पर आपके सामने खड़ा हूं और अपनी वर्दी उतारने की तैयारी कर रहा हूं, जबकि आप अपनी वर्दी पहनने की तैयारी कर रहे हैं तो मैं पूरे यकीन के साथ कह सकता हूं कि यहां जो कुछ भी शुरू होता है, वह हमेशा आपके साथ रहता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 31 May 2026 11:08:41 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की बेटी टिफनी आज जैसलमेर आएंगी, पति संग सोनार किले व हवेलियों का करेंगी भ्रमण</title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की बेटी टिफनी ट्रंप और पति माइकल बोलस रविवार को चार्टर विमान से जैसलमेर पहुंच रहे हैं। दिल्ली और आगरा के बाद शाही जोड़ा यहाँ सोनार किला और पटवों की हवेली देखेगा। भारत-पाक सीमा से सटे संवेदनशील क्षेत्र होने के कारण सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaisalmer/american-president-trumps-daughter-tiffany-will-come-to-jaisalmer-today/article-155532"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/trump-doughter.png" alt=""></a><br /><p>जैसलमेर। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की छोटी बेटी टिफनी ट्रंप अपने पति माइकल बोलस के साथ रविवार को जैसलमेर के दौरे पर आ रही हैं। इस हाई-प्रोफाइल और निजी यात्रा को लेकर सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट मोड पर हैं। शाही जोड़ा चार्टर प्लेन से सीधे जैसलमेर पहुंचेगा, जहां उनके ठहरने के लिए होटल सूर्यगढ़ में विशेष व्यवस्था की गई है। सोमवार को उनका यहां से वापस रवाना होने का कार्यक्रम है। यात्रा के दौरान टिफनी ट्रंप सोनार किला, नक्काशी के लिए मशहूर पटवों की हवेली और खूबसूरत गड़ीसर लेक का दीदार करने जाएंगी। टिफनी ट्रंप व माइकल बोलस ने अपनी यात्रा की शुरूआत देश की राजधानी दिल्ली से की थी। शुक्रवार को उन्होंने दिल्ली के स्वामीनारायण अक्षरधाम मंदिर का दौरा किया था। इसके बाद शनिवार को वे आगरा पहुंचे, जहां उन्होंने ताजमहल का दीदार किया।</p>
<p><strong>सुरक्षा व्यवस्था चाक चौबंद </strong></p>
<p>जैसलमेर, भारत-पाकिस्तान सीमा से सटा एक संवेदनशील जिला है, इसलिए सुरक्षा व्यवस्था को लेकर स्थानीय पुलिस, जिला प्रशासन व खुफिया एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट मोड पर हैं। शहर के प्रमुख पर्यटन स्थलों और वीआईपी रूट पर सुरक्षा के अभूतपूर्व बंदोबस्त किए गए हैं, इसके साथ ही सुरक्षा के मद्देनजर रूट डायवर्जन की तैयारी भी की गई है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जैसलमेर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 31 May 2026 11:02:21 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>भारत से ब्रह्मोस खरीदेगा वियतनाम: इंडोनेशिया के साथ बातचीत अंतिम चरण में, उन्नत रक्षा प्रौद्योगिकियों का हस्तांतरण विश्वास पर आधारित</title>
                                    <description><![CDATA[भारत ने वियतनाम के साथ ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल सौदे पर हस्ताक्षर किए हैं। सिंगापुर में शांग्री-ला डायलॉग के दौरान रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह ने बताया कि इंडोनेशिया के साथ भी बातचीत अंतिम चरण में है। यह कदम हिंद-प्रशांत क्षेत्र और आसियान देशों के साथ भारत की मजबूत रणनीतिक साझेदारी को दर्शाता है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/vietnam-to-buy-brahmos-from-india-talks-with-indonesia-in/article-155526"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/brahmos.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। भारत के रक्षा निर्यात और दक्षिण-पूर्व एशिया में रणनीतिक पहुंच से जुड़े एक बड़े घटनाक्रम में फिलीपींस के बाद अब  वियतनाम ने ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल प्रणाली खरीदने के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं जबकि इंडोनेशिया के साथ इस संबंध में बातचीत अंतिम चरण में है। रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह ने सिंगापुर में इंटरनेशनल इंस्टीट््यूट फॉर स्ट्रेटेजिक स्टडीज द्वारा आयोजित 23वें शांग्री-ला डायलॉग में एक पैनल चर्चा के दौरान यह बात कही। इस समझौते से हिंद-प्रशांत क्षेत्र में रक्षा भागीदार के रूप में भारत की बढ़ती प्रतिष का पता चलता है।   </p>
<p>सिंह ने दक्षिण-पूर्व एशिया में ब्रह्मोस मिसाइल के संभावित खरीदारों के बारे में पूछे गए एक सवाल के जवाब में कहा कि उन्नत रक्षा प्रौद्योगिकियों का हस्तांतरण विश्वास और रणनीतिक साझेदारियों पर आधारित होता है। रक्षा सहयोग के प्रति भारत के दृष्टिकोण पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा, कोई भी देश अपने अधिक उन्नत हथियार और प्लेटफॉर्म उन देशों को बेचेगा जो मित्र विदेशी देश हैं। आप इसे किसी विरोधी या ऐसे किसी व्यक्ति को नहीं बेचेंगे जो इसे किसी विरोधी को दे सकता हो।</p>
<p>दक्षिण-पूर्व एशिया के देश विश्वसनीय भागीदार  रक्षा सचिव ने जोर देकर कहा कि भारत दक्षिण-पूर्व एशिया के देशों को विश्वसनीय भागीदारों के रूप में देखता है और उनके साथ उन्नत रक्षा प्रौद्योगिकियों को साझा करने के लिए प्रतिबद्ध है। आसियान देशों के प्रति हमारी गहरी प्रतिबद्धता है और हम आप सभी को मित्र विदेशी देशों के रूप में देखते हैं जिनके साथ हम उन्नत रक्षा प्रौद्योगिकियों को साझा कर सकते हैं।  </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 31 May 2026 09:33:29 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>क्या विपक्ष को फिर एकजुट करेंगी ममता? राहुल से मुलाकात के बाद तेज हुई अटकलें ; बढ़ी सियासी हलचल, 6 जून को होगी भविष्य की रणनीति तय</title>
                                    <description><![CDATA[पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु चुनाव में हार के बाद विपक्षी खेमे को एकजुट करने के लिए 6 जून को 'INDIA' गठबंधन की बैठक होगी। राहुल गांधी से लंबी बातचीत के बाद तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी के इसमें शामिल होने की संभावना है। बैठक में भाजपा विरोधी दलों की एकजुटता और भविष्य की रणनीति तय की जाएगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/will-mamata-unite-the-opposition-again-speculations-intensified-after-meeting/article-155486"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/rahul1.png" alt=""></a><br /><p>कोलकाता। तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख और पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के छह जून को होने वाली 'इंडिया' गठबंधन की बैठक में शामिल होने की संभावना है। इसे एक बेहद महत्वपूर्ण राजनीतिक घटनाक्रम की तरह देखा जा रहा है। देश के बदलते राजनीतिक माहौल के बीच बनर्जी के इस अहम बैठक में शामिल हो सकने की सूचना तब सामने आई, जब लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने गुरुवार को बनर्जी से आधे घंटे से भी अधिक समय तक बातचीत की। राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक, चुनावी मोर्चे पर गठबंधन के कई मुख्य सहयोगियों को मिली लगातार हार के बाद विपक्षी खेमे की रणनीति निशाने पर है। ऐसे माहौल में ममता बनर्जी का इस बैठक में जाना सियासत के लिहाज से काफी मायने रखता है।</p>
<p>हालिया विधानसभा चुनावों में मिले निराशाजनक नतीजों के बाद गठबंधन के भविष्य की रणनीति तय करने के लिए इस बैठक को बेहद जरूरी माना जा रहा है। इसकी अहम वजह यह है कि हाल ही में आये चुनावी नतीजों ने देश के कई राज्यों में विपक्षी खेमे को पूरी तरह से झकझोर कर रख दिया है। खेमे के दो बड़े दलों को हार मिली है। पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस को शिकस्त का सामना करना पड़ा और द्रमुक तमिलनाडु में सत्ता बचाने में नाकाम रही है।</p>
<p>राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि छह जून की बैठक का ध्यान न सिर्फ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का मुकाबला करने की रणनीति पर होगा, बल्कि बदले हुए राजनीतिक परिदृश्य में गठबंधन के सहयोगियों के राजनीतिक वजूद और उनकी प्रासंगिकता को बचाये रखने के तौर-तरीकों पर भी रहेगा। ममता बनर्जी के शामिल होने की संभावना ने इस बैठक की अहमियत को और बढ़ा दिया है, क्योंकि कई लोग उन्हें एक ऐसे नेता के रूप में देख रहे हैं, जो विपक्षी राजनीति में एक बार फिर निर्णायक भूमिका निभा सकती हैं। कांग्रेस नेता राहुल गांधी के लिए इस बैठक को उनके नेतृत्व की कड़ी परीक्षा के रूप में देखा जा रहा है, क्योंकि वे एक ऐसे समय में विपक्षी गठबंधन को एकजुट रखने की कोशिश कर रहे हैं, जब इसकी एकजुटता और भविष्य पर सवाल उठ रहे हैं।</p>
<p>तमिलनाडु के सियासी घटनाक्रमों की वजह से भी 'इंडिया' गठबंधन की स्थिरता को लेकर चिंताएं काफी बढ़ गयी हैं। हालांकि कांग्रेस और द्रमुक ने मिलकर चुनाव लड़ा था, लेकिन ख़बरों के मुताबिक चुनावी नतीजों के बाद दोनों पार्टियों के रिश्तों में कड़वाहट आ गयी है, क्योंकि कांग्रेस कथित तौर पर तमिलनाडु के मुख्यमंत्री थलापति विजय की पार्टी टीवीके के करीब जा रही है। इस बढ़ते तनाव ने इन अटकलों को हवा दे दी है कि द्रमुक गठबंधन के साथ अपने जुड़ाव पर दोबारा विचार कर सकती है।</p>
<p>इसी तरह केरल में वामपंथियों के हाथ से सत्ता जाने के बाद राजनीतिक विश्लेषक माकपा नेतृत्व के रुख पर भी पैनी नजर रख रहे हैं। यह पार्टी 'इंडिया' गठबंधन के भीतर सक्रिय रूप से जुड़ी रहेगी या नहीं, इस बात पर भी बैठक में चर्चा होने की उम्मीद है। इस पूरे ताने-बाने के बीच छह जून की यह बैठक काफी ज्यादा अहमियत रखती है, क्योंकि इसमें होने वाले मंथन से भाजपा विरोधी दलों की भावी दिशा और उनकी एकजुटता की एक साफ तस्वीर सामने आने की संभावना है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 30 May 2026 18:41:24 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>प्रवक्ताओं एवं मीडिया पैनलिस्टों की नियुक्ति छह माह की परिवीक्षा अवधि पर, प्रदर्शन के आधार पर होगा अंतिम चयन : कांग्रेस</title>
                                    <description><![CDATA[झारखंड कांग्रेस ने मीडिया विंग को मजबूत करने के लिए प्रवक्ताओं और पैनलिस्टों को 6 महीने की परिवीक्षा (प्रोबेशन) अवधि पर रखा है। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) द्वारा नियमित कार्य समीक्षा और पृष्ठभूमि सत्यापन के बाद ही उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले सदस्यों की राष्ट्रीय या राज्य स्तर पर स्थाई नियुक्ति की जाएगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/appointment-of-spokespersons-and-media-panelists-will-be-made-on/article-155480"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/congress1.png" alt=""></a><br /><p>रांची। झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी (पीसीसी) ने अधिसूचित प्रवक्ताओं, मीडिया पैनलिस्टों एवं मीडिया रिसर्च टीम के सदस्यों को प्रारंभिक रूप से छह माह की परिवीक्षा (प्रोबेशन) अवधि पर रखा है। इस अवधि के दौरान सभी चयनित सदस्यों को प्रत्येक माह आयोजित होने वाले पूरे दिन के प्रशिक्षण कार्यक्रम में अनिवार्य रूप से भाग लेना होगा। साथ ही उनके कार्य प्रदर्शन की नियमित समीक्षा अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) के कम्युनिकेशन विभाग द्वारा की जाएगी।</p>
<p>प्रदेश कांग्रेस के मिडिया प्रभारी राकेश सिन्हा ने बताया की, छह माह की परिवीक्षा अवधि के दौरान उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों का मूल्यांकन एआईसीसी के कम्युनिकेशन विभाग द्वारा किया जाएगा। समीक्षा के उपरांत चयनित व्यक्तियों को राष्ट्रीय अथवा राज्य स्तर पर नियुक्ति के लिए कांग्रेस अध्यक्ष के माध्यम से अनुशंसित किया जाएगा। इसी क्रम में 27 मई को एआईसीसी के कम्युनिकेशन विभाग ने पीसीसी को टैलेंट हंट प्रक्रिया में चयनित 30 उम्मीदवारों की सूची भेजी है। इनमें से आधे उम्मीदवार पहले से ही पीसीसी द्वारा अधिसूचित सूची में शामिल हैं। शेष 15 उम्मीदवारों के संबंध में एआईसीसी के कम्युनिकेशन विभाग के निर्देशानुसार पृष्ठभूमि सत्यापन (बैकग्राउंड वेरिफिकेशन) की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।</p>
<p>सत्यापन प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद इन उम्मीदवारों को भी छह माह की परिवीक्षा अवधि पर शामिल किया जाएगा। सिन्हा नें कहा की इस पहल का उद्देश्य संगठन की मीडिया एवं जनसंपर्क क्षमता को और अधिक प्रभावी बनाना तथा योग्य एवं प्रशिक्षित प्रवक्ताओं का एक मजबूत समूह तैयार करना है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 30 May 2026 17:50:18 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अमेरिकी रक्षा सब्सिडी का युग समाप्त: हेगसेथ की दोटूक, बोले- हमें साझेदारों की जरूरत है, न कि संरक्षित राज्यों की</title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने 23वें शांग्री-ला डायलॉग में स्पष्ट किया कि अमीर देशों को सुरक्षा सब्सिडी देने का दौर खत्म हो चुका है। उन्होंने कहा कि अमेरिका को निर्भर राज्यों के बजाय साझा जिम्मेदारी निभाने वाले साझीदार चाहिए। हेगसेथ ने दक्षिण कोरिया के रक्षा खर्च बढ़ाने के मॉडल की सराहना की।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/the-era-of-american-defense-subsidies-is-over-hegseth-warned/article-155490"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/1111200-x-600-px)-(4)53.png" alt=""></a><br /><p>सिंगापुर। अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने सिंगापुर में आयोजित 23वां शांग्री-ला डायलॉग में स्पष्ट किया कि अमीर देशों की सुरक्षा के लिए अमेरिकी रक्षा सब्सिडी मुहैया कराने का युग अब समाप्त हो गया है। हेगसेथ ने एशिया-प्रशांत क्षेत्र के रक्षा मंत्रियों और सैन्य प्रमुखों को संबोधित करते हुए एक संशोधित राष्ट्रीय रक्षा रणनीति की रूपरेखा पेश की। यह रणनीति शीत युद्ध के बाद के अमेरिका की सुरक्षा गारंटी मॉडल से एक स्पष्ट बदलाव को दर्शाती है।</p>
<p>हेगसेथ ने कहा, "अमीर देशों की रक्षा के लिए अमेरिका द्वारा सब्सिडी देने का युग अब समाप्त हो गया है। हमें साझेदारों की जरूरत है, न कि संरक्षित राज्यों की। हम साझा जिम्मेदारी पर बने गठबंधन चाहते हैं, न कि निर्भरता पर।" पीट हेगसेथ ने कहा, "हम अपने गठबंधनों और साझेदारों के लिए एक नया रास्ता तैयार कर रहे हैं। एक ऐसा रास्ता जो शक्ति और हितों की वास्तविकताओं पर आधारित है। यह एक ऐसा रास्ता है जो अमेरिका को और मजबूत, हमारे सहयोगियों और साझेदारों को और अधिक सक्षम और प्रशांत क्षेत्र को और अधिक स्थिर और सुरक्षित बनाएगा।"</p>
<p>उनके संबोधन का सबसे तीखा संदेश उन सहयोगियों के लिए था जो लंबे समय से वाशिंगटन की सुरक्षा छतरी पर निर्भर रहे हैं, लेकिन उसके निवेश के बराबर योगदान नहीं दिया है। हेगसेथ ने घोषणा की, कि अमीर देशों को अमेरिकी सुरक्षा का मॉडल अब पूरी तरह से खत्म हो चुका है। उन्होंने दक्षिण कोरिया को बतौर मॉडल पेश किया कि असली 'बोझ साझा करने' जैसा दिखता है। उन्होंने राष्ट्रपति ली के रक्षा खर्च को जीडीपी के 3.5 प्रतिशत तक बढ़ाने और अपनी पारंपरिक रक्षा की अधिक जिम्मेदारी लेने के फैसले की सराहना की। यह एक ऐसा पैमाना था जिसे वे हॉल में मौजूद अन्य लोगों के लिए भी तय करते दिखे।</p>
<p>बीजिंग में पिछले महीने हुए ट्रंप-शी शिखर सम्मेलन के बाद से चीन को लेकर वाशिंगटन का लहजा अधिक संयमित रहा है लेकिन सचिव ने साफ तौर पर कहा कि क्षेत्रीय प्रभुत्व के किसी भी प्रयास का विरोध किया जाएगा। उन्होंने कहा, "किसी भी एक महाशक्ति के प्रभुत्व वाला प्रशांत क्षेत्र क्षेत्रीय शक्ति संतुलन को बिगाड़ देगा और उस संतुलन को कमजोर कर देगा जिसे हम सभी बनाए रखना चाहते हैं।"</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 30 May 2026 17:19:52 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>ट्रंप का दावा : अमेरिका हटाएगा होर्मुज जलडमरूमध्य से नाकेबंदी, ईरान के साथ कई मुद्दों पर बनी सहमति</title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की है कि ईरान के साथ प्रस्तावित समझौते के बाद नौसैनिक नाकेबंदी हटाई जाएगी। समझौते के तहत ईरान कभी परमाणु हथियार नहीं बनाएगा और जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करेगा। वैश्विक कच्चे तेल की 20% आपूर्ति वाले इस मार्ग से समुद्री बारूदी सुरंगें भी नष्ट की जाएंगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/trump-claims-america-will-remove-the-blockade-from-the-strait/article-155448"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/donald-trump.jpg" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान के साथ एक प्रस्तावित समझौते पर सहमति बनने के बाद होर्मुज जलडमरूमध्य पर लगी अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी हटाई जायेगी। ट्रंप ने सोशल मीडिया पर जारी एक पोस्ट में कहा कि प्रस्तावित समझौते के तहत ईरान को अमेरिका की शर्तें स्वीकार करनी होंगी, जिनमें होर्मुज जलडमरूमध्य से सभी समुद्री जहाजों की निर्बाध और सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करना शामिल है। उन्होंने कहा, “ईरान को इस बात पर सहमत होना होगा कि वह कभी भी परमाणु हथियार या परमाणु बम हासिल नहीं करेगा।”</p>
<p>ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी के कारण जलडमरूमध्य में फंसे जहाज अब अपने गंतव्य की ओर लौटने की प्रक्रिया शुरू कर सकते हैं। उन्होंने कहा, “हमारी अभूतपूर्व नौसैनिक नाकेबंदी, जिसे अब हटाया जाएगा, के कारण जो जहाज जलडमरूमध्य में फंसे हुए थे, वे अब घर लौटने की प्रक्रिया शुरू कर सकते हैं।” उन्होंने यह भी दावा किया कि यदि जलडमरूमध्य में कोई समुद्री बारूदी सुरंगें मौजूद हैं तो उन्हें तत्काल हटाया या नष्ट किया जाएगा। ट्रंप के अनुसार, अमेरिकी नौसेना पहले ही कई सुरंगों को अपने विशेष माइन-स्वीपर जहाजों की मदद से नष्ट कर चुकी है और शेष सुरंगों को हटाने या विस्फोट से नष्ट करने का काम ईरान करेगा।</p>
<p>अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि भूमिगत दबे संवर्धित परमाणु पदार्थ को अमेरिका, ईरान और अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी के समन्वय से बाहर निकाला जायेगा और नष्ट कर दिया जायेगा। उन्होंने दावा किया कि यह सामग्री 11 महीने पहले अमेरिकी बी-2 बमवर्षक विमानों द्वारा किए गए हमलों के बाद पहाड़ों के नीचे दब गयी थी। ट्रंप ने कहा कि इस प्रक्रिया में कोई धनराशि का आदान-प्रदान नहीं किया जाएगा और अन्य कम महत्व के मुद्दों पर भी सहमति बन गयी है। उन्होंने बताया कि वह अंतिम निर्णय लेने के लिए व्हाइट हाउस के 'सिचुएशन रूम' में बैठक करने जा रहे हैं।</p>
<p>उल्लेखनीय है कि फरवरी के अंत में शुरू हुए पश्चिम एशिया संघर्ष के बाद से होर्मुज जलडमरूमध्य क्षेत्रीय तनाव का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। वैश्विक कच्चे तेल की लगभग 20 प्रतिशत आपूर्ति इसी सामरिक समुद्री मार्ग से होकर गुजरती है। इसके अलावा प्राकृतिक गैस, उर्वरक और अन्य महत्वपूर्ण वस्तुओं की वैश्विक आपूर्ति के लिए भी यह जलमार्ग अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 30 May 2026 11:39:04 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>जापान और फिलीपींस ने अपने संबंधों को रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक बढ़ाया: प्रधानमंत्री ताकाइची सनाए</title>
                                    <description><![CDATA[जापान की प्रधानमंत्री ताकाइची सनाए और फिलीपींस के राष्ट्रपति मार्कोस जूनियर ने संबंधों को व्यापक रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक बढ़ाने का फैसला किया है। दोनों देश गोपनीय सैन्य सूचना सुरक्षा और गश्ती पोतों के हस्तांतरण पर सहमत हुए हैं। इसके साथ ही एआई, अंतरिक्ष और आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करने पर सहयोग बढ़ेगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/japan-and-philippines-elevate-their-relations-to-the-level-of/article-155339"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/takaichi.png" alt=""></a><br /><p>टोक्यो। जापान और फिलीपींस ने अपने द्विपक्षीय संबंधों को व्यापक रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक बढ़ाने पर सहमति जताई है। यह जानकारी जापान के प्रधानमंत्री कार्यालय ने दी। प्रधानमंत्री कार्यालय ने गुरुवार को एक बयान में कहा, "28 मई को जापान की प्रधानमंत्री ताकाइची सनाए ने फिलीपींस गणराज्य के राष्ट्रपति फर्डिनेंड रोमुआल्डेज़ मार्कोस जूनियर से शिखर सम्मेलन किया, जो राजकीय अतिथि के रूप में जापान की यात्रा पर हैं। दोनों नेताओं ने अपने द्विपक्षीय संबंधों को व्यापक रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक बढ़ाने का निर्णय लिया, जो फिलीपींस के लिए अपनी तरह की पहली साझेदारी है। यह द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने के प्रति उनके दृढ़ संकल्प को दर्शाता है।"</p>
<p>बयान में यह भी कहा गया है कि दोनों पक्ष गोपनीय सैन्य सूचनाओं की सुरक्षा के लिए एक समझौते पर औपचारिक बातचीत शुरू करने पर सहमत हुए हैं। इसमें यह भी जोड़ा गया है कि जापान और फिलीपींस गश्ती पोतों सहित उपकरणों के हस्तांतरण पर सहयोग में तेजी लाने का इरादा रखते हैं। इसके अतिरिक्त, जापान और फिलीपींस ने कथित तौर पर एशिया में आपूर्ति श्रृंखलाओं को मजबूत करने सहित आर्थिक सहयोग को और गहरा करने तथा कृषि, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, अंतरिक्ष, ऊर्जा और मानव संसाधन विकास में सहयोग विकसित करने पर सहमति व्यक्त की।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 29 May 2026 17:16:19 +0530</pubDate>
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