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                            <item>
                <title>गोबर से बायोगैस तो बनने लगी लेकिन कचरे से नहीं बन सकी बिजली</title>
                                    <description><![CDATA[कोटा में गोबर से बायो गैस तो बनने लगी है। लेकिन कचरे से बिजली बनाने की योजना मूर्त रूप नहीं ले सकी है। शहर में रोजाना करीब 400 टन से अधिक कचरा निकल रहा है। वह कचरा नांता स्थित ट्रेचिंग ग्राउंड पर जा भी रहा है। लेकिन उसका वहां कोई विशेष उपयोग नहीं हो पा रहा है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/biogas-started-to-be-made-from-cow-dung-but-electricity-could-not-be-made-from-waste/article-18713"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-08/gobar-se-biogas-...kota-news-11.8.2022-copy.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा । कोटा में गोबर से बायो गैस तो बनने लगी है। लेकिन कचरे से बिजली बनाने की योजना मूर्त रूप नहीं ले सकी है। शहर में रोजाना करीब 400 टन से अधिक कचरा निकल रहा है। वह कचरा नांता स्थित ट्रेचिंग ग्राउंड पर जा भी रहा है। लेकिन उसका वहां कोई विशेष उपयोग नहीं हो पा रहा है। करीब 20 साल से अधिक समय से वहां कचरे के पहाड़ लग रहे हैं। 20 लाख मीट्रिक टन से अधिक कचरा यहां जमा हो रहा है। इस कचरे से बिजली बनाने के लिए नगर निगम ने कई साल पहले वेस्ट टू एनर्जी का प्रोजेक्ट तैयार किया था। उसके लिए चार बार टेंडर भी निकाले गए। एक फर्म ने टेंडर में शामिल होकर सर्वे का काम भी शुरू कर दिया था। जिसके लिए नगर निगम में करीब 70 लाख रुपए से अधिक की राशि भी जमा करवा ली थी। लेकिन कुछ समय बाद ही वह फर्म काम छोड़कर चली गई। निगम सूत्रों के अनुसार कचरे से बिजली बनाने के लिए जिस स्तर का कचरा चाहिए वह यहां नहीं मिल पा रहा है। जिससे कचरे से बिजली बनाना संभव नहीं हो सका है।</p>
<p>निगम के अधिकारियों का कहना है कि वेस्ट टू एनर्जी के प्रोजेक्ट देश में ही सफल नहीं हो सके। गिनती के एक दो जगह ही यह प्रोजेक्ट चल रहे हैं। तीन हजार किलो बायो गैस का रोजाना होगा उत्पादन वहीं शहर में एकत्र हो रहे गोबर से नगर विकास न्यास ने बायो गैस बनाने की योजना बनाई। बंधा धर्मपुरा स्थित देव नावायण योजना में बायो गैस का प्लांट लगाया गया है। करीब 30 करोड़ रुपए की लागत से 150 टन क्षमता का यह प्लांट लगाया गया है। जिससे करीब 3 हजार किलो बायो गैस रोजाना उत्पादन किया जाएगा। न्यास के अधीक्षण अभियंता आर.के. राठौर ने बताया कि बैंगलुरू की फर्म द्वारा बायो गैस प्लांट लगाया है। जिससे गैस बनाने का ट्रायल किया जा रहा है। उत्पादन होने में अभी समय लगेगा। उन्होंने बताया कि देव नारायण योजना में करेब 15 हजार पशुओं को शिफ्ट किया जाना है। जिसमें से करीब 10 हजार पशु शिफ्ट हो चुके हैं। उनसे एकत्र होने वाले गोबर से बायो गैस का उत्पादन किया जाएगा। इस गैस का उपयोग योजना में रहने वाले परिवारों को ही सप्लाई की जाएग़ी। जिसके लिए लाइन डाली जा चुकी है। यह एलपीजी से सस्ती भी होगी। बायो गैस प्लांट लगाने वाली फर्म 5 साल तक इसकी मरम्मत व संचालन का काम भी करेगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 11 Aug 2022 15:04:09 +0530</pubDate>
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                <title>वर्ल्ड पॉपुलेशन डे: जिंदगी खूबसूरत है, लेकिन जब ये बोझ बन जाए तो!</title>
                                    <description><![CDATA[सोचने पर मजबूर है दुनियां दानिश, जिंदगी तेरा वजूद क्या, आबाद है देश वही जो बढ़ती आबादी का ख्याल रखे। जनसंख्या पर नियंत्रण या घटते हुए संसाधनों पर चिंता करने से क्या ये सवाल, ये समस्या हल हो जाएगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/world-population-day-life-is-beautiful-but-when-it-becomes/article-14020"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-07/world-population-new.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>जयपुर।</strong> सोचने पर मजबूर है दुनियां दानिश, जिंदगी तेरा वजूद क्या, आबाद है देश वही जो बढ़ती आबादी का ख्याल रखे। जनसंख्या पर नियंत्रण या घटते हुए संसाधनों पर चिंता करने से क्या ये सवाल, ये समस्या हल हो जाएगी। समय-समय पर ये सवाल उठता रहा है, जिन्हें फिल्मों ने अपने तरीके से आम लोगों के सामने रखा। आज हम ऐसी ही कुछ फिल्मों का जिक्र करेंगे, जो परिवार  के माध्यम से देश को जागरूक करती हैं।</p>
<p><strong>दंगल:</strong> ये फिल्म इस सोच का खंडन करती है कि बेटे की चाहत में बेटियां पैदा करते जाओ क्योंकि बेटा न हुआ तो वंश, नाम खत्म हो जाएगा। बेटियां भी ये काम गर्व के साथ कर सकती हैं।</p>
<p><strong>परिवार:</strong> बढ़ते परिवार का बोझ जब बढ़ता जाता है तो इंसान टूट जाता है। सीमित परिवार ही सुखी परिवार होता है, उसे रोकने के लिए जो भी कदम उठाने पड़े उठाने चाहिए।</p>
<p><strong>पिया का घर:</strong> ये फिल्म भी छोटे घरों में बड़े परिवार की समस्या को उजागर करती है। अपनी इच्छाओं को मार के जीना भी कोई जीना है। परिवार छोटा तो देश का हर परिवार सुखी।</p>
<p><strong>जल: </strong> पानी की समस्या और पर्यावरण को बढ़ती हुई आबादी की दुविधा से जोड़ के दर्शाती है ।</p>
<p><strong>कड़वी हवा:</strong> आबादी और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के बीच असंतुलन के दुष्प्रभाव ये फिल्म दिखाती है।</p>
<p><strong>कृष 3:</strong> ये फिल्म वायरस और घनी आबादी वाले देशों में होने वाले भयंकर दुष्परिणामों पर इसके पड़ने वाले सीधे असर को दिखाती है, जो हमने कोरोना काल में भी देखा कि घनी आबादी के बीच कोई भी महामारी कितनी आसानी से फैलती है और किस तरह पूरा देश श्मशान घाट बन जाता है। वर्ल्ड पॉपुलेशन डे इसलिए बनाया जाता है कि इसकी गंभीरता को लोग समझे, जागरूक हो और अपनी सेहत, भविष्य व देश की खुशहाली का ख्याल रखे।</p>
<p>ऐसी कुछ और भी हैं फिल्में ताकि लोग ये समझे के ‘बच्चे एक या दो ही अच्छे’, इसलिए कई फिल्में हेलमेट, छतरी, पोस्टर बॉयज और जन हित में जारी, जागरूक करती हैं, हर उम्र के आदमी-औरत को कि कंडोम खरीदना या उसका उपयोग करना गलत या शर्म की बात नहीं है बल्कि अपने परिवार, अपने समाज, अपने देश के प्रति जिम्मेदारी है, जिसे उठाकर हर देशवासी देश के लिए, दुनिया के लिए, अपना योगदान करे तो ये दुनिया खूबसूरत और बहुत अच्छी बन सकती है, जहां हर जीवन, भुखमरी, बेरोजगारी, लाचारी और बेगारी से निजात पा सकता है। शुरुआत कहीं से भी हो, होगी तो ही बदलाव आएगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 10 Jul 2022 15:24:31 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ठग का मोबाइल चालू, लेकिन पुलिस की गिरफ्त से दूर</title>
                                    <description><![CDATA[सिकराय। मानपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत गनिपुर गांव में एक किसान की पत्नी आंगनवाड़ी कार्यकर्ता सागर मीना के खाते से साइबर ठग के द्वारा 58 हजार रुपए ठगी की गई थी, जिसमें ठग द्वारा आईसीआई बैंक मैनेजर बताकर आंगनवाड़ी कार्यकर्ता के खाते से राशि तीन किस्तों में पार कर ली थी। जिसकी सूचना मात्र आधे घंटे के अंदर पुलिस को दी गई उसके बावजूद भी आज तक कोई कार्रवाई के खिलाफ और पुलिस की पकड़ से ठग दूर है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/dausa/thug-s-mobile-turned-on--but-away-from-police-custody/article-13601"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-07/cyber-crime01.png" alt=""></a><br /><p>सिकराय। मानपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत गनिपुर गांव में एक किसान की पत्नी आंगनवाड़ी कार्यकर्ता सागर मीना के खाते से साइबर ठग के द्वारा 58 हजार रुपए ठगी की गई थी, जिसमें ठग द्वारा आईसीआई बैंक मैनेजर बताकर आंगनवाड़ी कार्यकर्ता के खाते से राशि तीन किस्तों में पार कर ली थी। जिसकी सूचना मात्र आधे घंटे के अंदर पुलिस को दी गई उसके बावजूद भी आज तक कोई कार्रवाई के खिलाफ और पुलिस की पकड़ से ठग दूर है।<br /><br />जानकारी के अनुसार गनीपुर निवासी किसान ने मानपुर थाने में पहुंचकर मात्र आधे घंटे में ही जानकारी दी थी और मामला दर्ज करा दिया गया था। पुलिस ने जांच करने का दावा किया था, लेकिन तीन महीना से अधिक का समय हो गए। लेकिन सिकंदरा थाने में एक बार पीड़ित को बुलाकर इतिश्री कर दी और उसके बाद आज तक पीड़ित से कोई पूछताछ नहीं की या किसी भी प्रकार की जानकारी नहीं दी गई। पीड़ित के द्वारा मानपुर थाने में ठगी का मामला दर्ज करवाया गया था और उसकी जांच सिकंदरा थाना प्रभारी कमलेश मीणा को दी थी लेकिन आज तक किसी भी प्रकार की कोई कार्रवाई नहीं की गई है। जबकि पुलिस दावा करती है कि अगर पीड़ित के द्वारा 1930 पर और 2 घंटे के अंदर थाने में पहुंचकर जानकारी रुपए ठगने की दी जाती है तो ठग द्वारा रुपए ठगने की कार्रवाई रोकी जा सकती है और की गई ठगी पीड़ित को दिलाई जा सकती है, लेकिन यहां सब कुछ उल्टा दिखाई दे रहा है। पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़ा कर रहा है।<br /><br /><strong>सरकार कह रही खोले जाएंगे साइबर के थाने, लेकिन यहां सब उल्टा</strong><br />सरकार प्रत्येक जिले में साइबर क्राइम पर अंकुश लगाने के लिए थाना खोलने की बात कह रही हैं लेकिन सिकंदरा क्षेत्र में सब उल्टा दिखाई दे रहा है। यहां 3 महीने से अधिक का समय हो गया लेकिन साइबर ठग के खिलाफ कोई भी कार्रवाई नहीं की है। जबकि टोल फ्री नंबर पर भी पीड़ित के द्वारा पैसे खाते में से कटने के बाद ही जानकारी दे दी गई थी और पुलिस को भी सूचना दे दी गई थी लेकिन आज तक कोई कार्यवाही नहीं हुई है। जिससे लगता है कि यहां सब कुछ उल्टा हो रहा है। पुलिस का सुस्त रवैया है उसके कारण आज भी ठग मस्त है।<br /><br /><strong>ठग का मोबाइल चालू, जल्द दिलाई जाए ठग से रुपए की मांग</strong><br />पीड़ित किशन सहाय के द्वारा पुलिस अधिकारियों से जल्दी से मांग की है कि ठंग को जल्दी पकड़ कर उससे 58 हजार की राशि दिलाने की मांग की है। और पीड़ित ने कहा है कि ठग का मोबाइल अभी भी चालू है और मोबाइल से पहले गाली गलौज भी करता है जब भी पुलिस उस पर कोई कार्रवाई नहीं कर रही है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>दौसा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 04 Jul 2022 18:48:18 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मेडिकल स्टोर से नगदी चोरी, कस्बे में लगातार चोरियों की वारदातें हो रही है, लेकिन खुलासा नहीं</title>
                                    <description><![CDATA[कभी दुकानों के शटर तोड़कर तो कभी मकानों के ताले तोडकर चोरी घरों में रखे जेवरात व नकद राशि चुरा कर ले जाते है, पुलिस में प्राथमिकी दर्ज करवाने के बाद पुलिस चोरों की तलाशी करना भूल जाती है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/tonk/-cash-theft-from-medical-store--there-are-frequent-incidents-of-thefts-in-the-town--but-not-disclosed/article-12613"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/t-3.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>टोडारायसिंह।</strong> पुलिस के स्लोगन आमजन में विश्वास, अपराधी में भय के विपरित कस्बे में लगातार चोरियों की वारदातें हो रही है, लेकिन पुलिस ने अभी तक एक भी चोरी का खुलासा नहीं किया है।</p>
<p><br />कभी दुकानों के शटर तोड़कर तो कभी मकानों के ताले तोडकर चोरी घरों में रखे जेवरात व नकद राशि चुरा कर ले जाते है, पुलिस में प्राथमिकी दर्ज करवाने के बाद पुलिस चोरों की तलाशी करना भूल जाती है। यही हाल कस्बे में देखा जा रहा है। पुलिस की अनदेखी से आमजन में भारी रोष व्याप्त है, आमजन सुरक्षित नजर नहीं आ रहा है।<br /> बीती रात को कस्बे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के सामने स्थित कमल मेडिकल स्टोर से नगदी चोरी होने की रिपोर्ट दुकान मालिक ने पुलिस में दर्ज करवाई है।</p>
<p><br /> पुलिस में दर्ज रिपोर्ट में मालिक छोटूलाल कमल कुमार सैनी ने बताया कि प्रतिदिन की तरह बीती रात करीब 11.30 बजे दुकान बंद कर घर चला गया, लेकिन सुबह 4 बजे ग्राहक घर पर आकर कहा कि आपकी दुकान के शटर आधे खुले हुए है। इस पर दुकान आकर देखा तो आधा शटर खुला हुआ था और ताला टूटा हुआ मिला। मालिक दुकान में जाकर देखा तो सामान बिखरा पड़ा मिला तथा गल्ला गायब था। इस पर गल्ला की तलाशी करने पर आमसागर के पास इमली के पेड के नीचे मिला। गल्ले में रखे करीब 15 हजार रुपए चोरी कर ले गए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>टोंक</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 20 Jun 2022 12:31:16 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बाड़ाबंदी में भाजपा का प्रशिक्षण शिविर, लेकिन पहले योग-ध्यान</title>
                                    <description><![CDATA[जयपुर। भारतीय जनता पार्टी के विधायको ने मंगलवार को बाड़ाबंदी की पहले दिन सुबह एक साथ योग और ध्यान से अपने दिन की शुरुआत की। भाजपा ने विधायकों की बाड़ा बंदी को प्रशिक्षण शिविर नाम दिया है । इस शिविर में 10 जून को राज्यसभा चुनाव के प्रत्याशियों का मतदान होने तक कुल 3 दिन में 13 शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। जिसकी शुरुआत सोमवार कि शाम को हो चुकी है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/bjps-training-camp-in-barabandi-but-first-yoga-meditation/article-11526"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/bjp2.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। भारतीय जनता पार्टी के विधायको ने मंगलवार को बाड़ाबंदी की पहले दिन सुबह एक साथ योग और ध्यान से अपने दिन की शुरुआत की। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया, नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया, उपनेता प्रतिपक्ष राजेंदर राठोड़ सहित सभी नेताओं ने योग में हिस्सा लिया। बाडा बंदी के पहले दिन मंगलवार को विधायकों के लिए 3 सत्र आयोजित किये जाएगे। जिनमें विधायकों को पार्टी की रीति-नीति, मोदी सरकार की 8 साल में हुए कामों और प्रदेश सरकार की विफलता वो को लेकर संवाद होगा और प्रदेश भर की सरकार के खिलाफ विभिन्न मुद्दों पर चर्चा होगी । वहीं देर शाम राज्यसभा चुनाव की वोटिंग की प्रैक्टिस की जाएगी।</p>
<p><span style="color:#ff6600;"><strong>बड़ा बंदी में शुरू हुआ भाजपाइयों का सत्र</strong></span><br />भाजपा ने विधायकों की बाड़ा बंदी को प्रशिक्षण शिविर नाम दिया है । इस शिविर में 10 जून को राज्यसभा चुनाव के प्रत्याशियों का मतदान होने तक कुल 3 दिन में 13 शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। जिसकी शुरुआत सोमवार कि शाम को हो चुकी है। मंगलवार को कुल 3 सत्र आयोजित होने हैं। भाजपा की ओर से आयोजित "विधायक अभ्यास वर्ग" के आज के प्रथम सत्र में विधायक पुष्पेंद्र सिंह की अध्यक्षता में ‘सांस्कृतिक राष्ट्रवाद एवं हमारी विकास यात्रा’ विषय पर गुलाब चंद कटारिया ने संबोधित किया। बाड़ा बंदी के दौरान लगातार तीन दिन तक शाम को विधायकों को राज्यसभा चुनाव में वोट डालने की प्रक्रिया की प्रैक्टिस कराई जाएगी। जिसे मतदान प्रशिक्षण नाम दिया गया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 07 Jun 2022 12:59:32 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
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                <title>पायलट के बयान पर गहलोत का पलटवार: इंदिरा गांधी के समय जबरदस्त वापसी का अलग था दौर, आज सरकार के काम बेहतर लेकिन पार्टी कमजोर: गहलोत</title>
                                    <description><![CDATA[जयपुर।  मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि सभी को मिलकर दमखम से राजस्थान को मॉडल स्टेट बनाना होगा। राजस्थान में अगर सरकार द्वारा बनेगी तो कांग्रेस का देश भर में नए सिरे से उदय होगा। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/gehlots-counterattack-on-pilots-statement-it-was-a-different--of-tremendous-comeback-during-indira-gandhi--today-the-government-s-work-is-better-but-the-party-is-weak/article-11088"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/cm1.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर।  मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि सभी को मिलकर दमखम से राजस्थान को मॉडल स्टेट बनाना होगा। राजस्थान में अगर सरकार द्वारा बनेगी तो कांग्रेस का देश भर में नए सिरे से उदय होगा। अगर राजस्थान में दोबारा सरकार बनती है। बजट अच्छा आया तो चर्चा हुई कि 140 सीटें आएगी, लेकिन पांच राज्यों के चुनाव नतीजे आए तो दूसरी तरह की चर्चा होने लगी। पब्लिक केवल परसेप्शन पर चलती है।<br /><br /><br />पीसीसी के दो दिवसीय कार्यशाला में बोलते हुए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि पहले तीन-तीन दिन के शिविर होते थे। सभी को बोलने का बात कहने का अवसर मिलता था।सुनने का माद्दा अब किसी में नहीं रहा। वर्षों से कार्यकर्ताओं को सुना नहीं जा रहा है। ऐसी मीटिंगों में कमियां क्या आ रही है?उनको दूर करने का प्रयास करना चाहिए।<br /><br />आज दौर है अलग:<br />गहलोत ने कहा कि वो दौर अलग था। जब इंदिरा गांधी ने जबरदस्त वापसी की। आज लोकतंत्र की जड़ों को कमजोर किया जा रहा है। भाईचारा समाप्त करने की कोशिश हो रही है। हिन्दू मुस्लिम को लड़ाया जा रहा है।हालात बहुत गंभीर है। देश के अंदर केरोसीन छिड़क दिया है।<br /><br />पार्टी कमजोर,सब दोषी:<br />गहलोत ने कहा कि डॉ चंद्रभान ने कहा कि पार्टी कमजोर है। यह सब को स्वीकार करना चाहिए। इसके लिए हम सब दोषी हैं। सरकार अच्छा काम कर रही है, लेकिन संगठन कमजोर है । राहुल गांधी ने जब कहा कि पार्टी लोगों से कनेक्ट नहीं कर पा रही है, तो उन्होंने एक शब्द में बता दिया की खामी क्या है।<br /><br /><br />हार जीत में सब सामूहिक जिम्मेदार:<br />गहलोत ने कहा कि जीत में सभी भागीदारी निभाना चाहते हैं, लेकिन हार में कोई भागीदारी नहीं बनता।हार-जीत सामूहिक जिम्मेदारी होती है । सरकार क्या काम करें इसके लिए पीसीसी अधिवेशन बहुत जरूरी है । सरकार के कार्यों की मार्केटिंग होनी चाहिए। जैसे भाजपा करती है। अपने लोग घर में चुप बैठे रहते हैं। जिससे सरकार की योजनाओं का फायदा चुनाव में नहीं मिलता है।<br /><br /><br />कार्यकर्ता जुड़ना जरूरी:<br />गहलोत ने कहा कि इस बार जो बजट पेश होगा। वह पीसीसी के अधिवेशन के आधार पर होगा। तभी कार्यकर्ता साथ जुड़ेगा।वाजिब अली को ईडी और हुड़ला को सीबीआई का नोटिस मिला । इस तरह का आतंक फैला रखा है। यह तो शुरुआत है। सरकार पर आरोप लगते हैं कि जनसुनवाई नहीं होती है। यह बात गलत है। जिला और ब्लॉक स्तर पर लोगों की सुनवाई नहीं होती। इससे लोगों को लगता है कि सरकार काम नहीं कर रही। अगर हमने इन पर अटैक नहीं किया तो जमाना हमें माफ नहीं करेगा। आपको कलेक्टर के पास जाना पड़ेगा। कलेक्टर अगर काम नहीं करता है तो सरकार उसको बदल सकती है, लेकिन कार्यकर्ता लोग अपनी समस्याओं को लेकर कलेक्टर के पास नहीं जा रहे । ब्यूरोक्रेसी तो ऐसी होती है कि जैसे ही उसको लगने लगता है कि सरकार जा रही है, तो अधिकारी मुंह फेर लेते हैं। हमारे भी जिले और ब्लॉक में चार-चार ग्रुप बने हुए हैं।इसलिए सुनवाई नहीं होती है। भाजपा-आरएसएस के पास मजबूत फौजें हैं। लेकिन हमारी पार्टी में मजबूत लोकतंत्र है। यहां तो मुख्यमंत्रियों के भी इस्तीफे हो जाते हैं।<br /><br />पायलट ने यह दिया था बयान<br /><br />बता दे कि गहलोत के आज दिए बयान से पहले बुधवार को पूर्व उप मुख्यमंत्री और पूर्व प्रदेशाध्यक्ष सचिन पायलट ने बयान दिया था कि मोदी लहर से पहले भी सरकारें रिपीट नहीं हो पा रही थी। पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट ने कहा कि 2023 में हम सरकार रिपीट करेंगे। अब मोदी लहर का बहाना नहीं चलेगा। कांग्रेस के राज्य स्तरीय कार्यशाला में भाग लेने पहुंचे सचिन पायलट में मीडिया के सामने 2023 में फिर से सरकार रिपीट करने का दावा किया। कहा कि हम रिपीट करेंगे, लेकिन यह बहाना नहीं चलेगा कि मोदी लहर में हार गए। मोदी लहर से पहले भी राजस्थान में सरकारी रिपीट नहीं होती थी। कांग्रेस पार्टी की सरकार फिर से रिपीट हो इसके लिए खास रणनीति पर काम करेंगे।<br /><br /><br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 02 Jun 2022 15:18:28 +0530</pubDate>
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                <title>तीन बहनें घर से 25 मई को निकली, पर वापस नहीं लौटी,  कुएं में मिले बहनों और बच्चों सहित 5 शव</title>
                                    <description><![CDATA[जयपुर। राजस्थान में जयपुर जिले के दूदू में एक कुंए में शनिवार सुबह तीन महिलाओं सहित पांच शव मिले। पुलिस के अनुसार सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस ने नरैना रोड पर एक खेत में स्थित कुएं से ये शव बरामद किए गए। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jaipur-three-sisters-left-the-house-on-may-25--but-did-not-return--5-bodies-including-sisters-and-children-found-in-the-well/article-10669"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-05/dudu.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान में जयपुर जिले के दूदू में एक कुंए में शनिवार सुबह तीन महिलाओं सहित पांच शव मिले। पुलिस के अनुसार सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस ने नरैना रोड पर एक खेत में स्थित कुएं से ये शव बरामद किए गए। इनमें तीन महिलाएं के साथ दो बच्चे शामिल हैं। ये तीनों महिलाएं सगी बहनें हैं जो दूदू कस्बे की रहने वाली थी। <br /><br />ये महिलाएं गत 25 मई को घर से निकली थी और वापस घर नहीं लौटी। इसके बाद इनकी तलाश की गई लेकिन कोई पता नहीं चल पाया और सुबह इनके शव कुंए में होने की सूचना मिली। मृतकों की पहचान काली देवी (27), ममता मीणा (23), कमलेश मीणा (20) एवं चार साल के हर्षित और एक बीस दिन के बच्चे के रूप में की गई है। पुलिस मामले में जांच कर रही है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 28 May 2022 15:58:00 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>अभी मरीज नहीं लेकिन मंकी पॉक्स को लेकर कोटा सतर्क</title>
                                    <description><![CDATA[ विश्व के 11 देशों में दस्तक दे चुकी मंकी पॉक्स बीमारी को लेकर स्वास्थ्य मंत्रालय गाइड लाइन जारी करने में जुट गया है। इसके लिए कोटा से भी सैम्पल भेजे जा रहे हैं। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/not-a-patient-yet-but-kota-alert-regarding-monkeypox/article-10256"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-05/92.jpg" alt=""></a><br /><p> कोटा। विश्व के 11 देशों में दस्तक दे चुकी मंकी पॉक्स बीमारी को लेकर स्वास्थ्य मंत्रालय गाइड लाइन जारी करने में जुट गया है। इसके लिए कोटा से भी सैम्पल भेजे जा रहे हैं। अमेरिका में 18 मई को मंकीपॉक्स का पहला केस मिलने के बाद अब बेल्जियम, फ्रांस, इटली और आॅस्ट्रेलिया में भी इसके मामले सामने आए हैं। यानी, अब तक यह बीमारी कुल11 देशों में फैल चुकी है, जिसके चलते विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की टीम भी एक्शन में आ गई है। हालांकि भारत में अभी इस बीमारी का एक भी केस नहीं आया लेकिन एहतियात के तौर पर इसको लेकर अभी से सावधानियां बरतना शुरू कर दिया है। विदेशों से आने वाली अंतरराष्टÑीय फ्लाइट के हर यात्री की जांच की जा रही है।   जिससे की यह संक्रमण भारत में नहीं फैले।  स्वास्थ मंत्रालय की ओर से इस बीमारी को लेकर लोगों के लिए भी गाइड लाइन तैयार की जा रही है। सरकार की ओर से हाल ही में फ्रांस, इटली, अमेरिका, बेल्जियम इटली, आॅस्ट्रेलिया की यात्रा कर आए व्यक्तिों पर भी नजर रखी जा रही है। मंकी पॉक्स को लेकर कोटा से भी सैंपल भेजे हैं जिससे पता चल सके कि यहां तो इसके मरीज नहीं है। <br /><br /><strong>डब्ल्यूएचओ आया एक्शन मोड में</strong><br />मंकीपॉक्स के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए डब्ल्यूएचओ ने भी अपनी वेबसाइट पर इससे जुड़ी सारी जानकारी को अपडेट किया है। इसके साथ ही एजेंसी प्रभावित देशों के साथ मिलकर संक्रमित लोगों की जांच भी कर रही है। ब्रिटेन में यह बीमारी समलैंगिक पुरुषों में सेक्शुअल कॉन्टैक्ट के जरिए फैली या नहीं, इसकी जांच भी जारी है। संभावित मरीजों की पहचान के लिए कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग भी की जा रही है।<br /><br /><strong>मंकी पॉक्स के दो स्ट्रेंन चल रहे</strong> <br />मेडिकल कॉलेज प्राचार्य विजय सरदाना ने बताया कि डब्लयूएचओं के अनुसार  मंकीपॉक्स एक दुर्लभ बीमारी है, जिसका संक्रमण कुछ मामलों में गंभीर हो सकता है। इस वायरस की दो स्ट्रेंन हैं- पहली कांगो स्ट्रेन और दूसरी पश्चिम अफ्रीकी स्ट्रेन। दोनों ही 5 साल से छोटे बच्चों को अपना शिकार बनाती हैं। कांगो स्ट्रेन की मृत्यु दर 10 प्रतिशत और पश्चिम अफ्रीकी स्ट्रेन की मृत्यु दर एक से दो फीसदी  है। ब्रिटेन में पश्चिम अफ्रीकी स्ट्रेन की पुष्टि हुई है।<br /><br /><strong>चेचक की तरह होता है मंकीपॉक्स</strong><br />टीकाकरण व जांच प्रभारी डॉ. अभिमुन्य शर्मा ने बताया कि यह एक वायरल इन्फेक्शन है जो पहली बार 1958 में कैद किए गए बंदर में पाया गया था। 1970 में पहली बार इंसान में इसके संक्रमण के पुष्टि हुई थी। यह ज्यादातर मध्य और पश्चिम अफ्रीकी देशों में पाया जाता है। 2017 में नाइजीरिया में मंकीपॉक्स का सबसे बड़ा आउट ब्रेक हुआ था, जिसके 75फीसदी मरीज पुरुष थे। मंकीपॉक्स का वायरस मरीज के घाव से निकलकर आंख, नाक और मुंह के जरिए आपके शरीर में प्रवेश कर सकता है। ब्रिटेन में इसका पहला मरीज 7 मई को मिला था। फिलहाल यहां मरीजों की कुल संख्या 9 है। वहीं, स्पेन में 7 और पुर्तगाल में 5 मरीजों की पुष्टि हुई है। अमेरिका, इटली, स्वीडन, फ्रांस, जर्मनी और आॅस्ट्रेलिया में मंकी पॉक्स के 1-1 मामले सामने आए हैं। साथ ही कनाडा में 13 संदिग्ध मरीजों की जांच की जा रही है। बेल्जियम में शुक्रवार को 2 मामलों की पुष्टि हुई है।<br /><br /><strong>इन जानवरों से फैलता है मंकी पॉक्स</strong><br />एक्सपर्ट्स का मानना है कि मंकी पॉक्स संक्रमित व्यक्ति के करीब जाने से फैलता है। यह वायरस मरीज के घाव से निकलकर आंख, नाक और मुंह के जरिए शरीर में प्रवेश करता है। यह संक्रमित बंदर, कुत्ते और गिलहरी जैसे जानवरों या मरीज के संपर्क में आए बिस्तर और कपड़ों से भी फैल सकता है। मरीज 7 से 21 दिन तक मंकी पॉक्स से जूझ सकता है।<br /><br /><strong>छुआछूत की बीमारी है मंकीपॉक्स सावधानी जरूरी</strong> <br />यह वायरस मरीज के घाव से निकलकर आंख, नाक और मुंह के जरिए शरीर में प्रवेश करता है। इसके अलावा बंदर, चूहे, गिलहरी जैसे जानवरों के काटने से या उनके खून और बॉडी फ्लुड्स को छूने से भी मंकीपॉक्स फैल सकता है। ठीक से मांस पका कर नहीं खाने या संक्रमित जानवर का मांस खाने से भी इस बीमारी की चपेट में आ सकते हैं। <br /><br /><strong>वैज्ञानिक ये बता रहे वजह</strong> <br />डब्ल्यूएचओं के अनुसार कोरोना महामारी के कारण बहुत समय तक इंटरनेशनल ट्रैवलिंग बंद थी। अब एकदम से पाबंदियां हटने के बाद लोगों का अफ्रीकी देशों में आना-जाना हो रहा है। शायद इसलिए ही मंकीपॉक्स के मामले सामने आ रहे हैं। ब्रिटेन में यह बीमारी समलैंगिक पुरुषों में सेक्शुअल कॉन्टैक्ट के जरिए फैली या नहीं, इसकी जांच भी जारी है। ब्रिटेन में अब तक मिले मंकी पॉक्स के ज्यादातर मामलों में मरीज वे पुरुष हैं, जो खुद को गे या बायसेक्शुअल आइडेंटिफाई करते हैं। अभी तक मंकीपॉक्स को यौन संक्रामक बीमारी नहीं माना गया है, लेकिन ऐसा हो सकता है कि समलैंगिकों में यह सेक्शुअल कॉन्टैक्ट से फैल रही हो। यह देखते हुए डब्ल्यूएचओ ने समलैंगिक पुरुषों को आगाह भी किया है।<br /><br /><strong>ये लक्षण दिखाई दें तो तुरंत कराएं जांच</strong> <br />डब्ल्यूएचओे के अनुसार, मंकीपॉक्स के लक्षण संक्रमण के 5 वें दिन से 21वें दिन तक आ सकते हैं। शुरुआती लक्षण फ्लू जैसे होते हैं। इनमें बुखार, सिर दर्द, मांसपेशियों में दर्द, कमर दर्द, कंपकंपी छूटना, थकान और सूजी हुई लिम्फ नोड्स शामिल हैं। इसके बाद चेहरे पर दाने उभरने लगते हैं, जो शरीर के दूसरे हिस्सों में भी फैल जाते हैं। संक्रमण के दौरान यह दाने कई बदलावों से गुजरते हैं और आखिर में चेचक की तरह ही पपड़ी बनकर गिर जाते हैं।<br /><br /><strong>फिलहाल भारत खतरे से बाहर</strong><br />डॉ. विजय सरदाना ने बताया कि अब तक भारत में मंकी पॉक्स का एक भी संदिग्ध मरीज नहीं है। इसलिए हमें इसका ज्यादा खतरा नहीं है। हालांकि सावधानी बरतने की जरूरत है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि यूरोप और नॉर्थ अमेरिका में मंकी पॉक्स के मामले तेजी से कैसे बढ़े, इसकी जानकारी मिलने के बाद ही वो कुछ कह पाएंगे।<br /><br /><strong>इनका कहना है...</strong><br />मंकी पॉक्स अभी भारत में नहीं आया है लेकिन इसको लेकर हर प्रकार से सावधानी की जरूरी है। स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से इसको लेकर गाइड लाइन तैयार कर जारी होने वाली है। विदेशों से यात्रा करके आए लोगों को अभी स्वास्थ्य को लेकर पूरी सावधानी बरतने की जरुरत है। कोई भी लक्षण दिखाई देने पर तुरंत जांच कराएं। कोटा में इस बीमारी नहीं फैले इसके लिए यहां के सैंपल जांच के लिए भेजे है। <br /><strong>- डॉ. विजय सरदाना, प्राचार्य मेडिकल कॉलेज</strong> <br /><br />मंकी पॉक्स को लेकर वैक्सीन व दवाएं बाजार में उपलब्ध है। चेचक में काम आने वाली वैक्सीन भी इस बीमारी में 85 फीसदी तक कारगार साबित हुई है। <br /><strong>- डॉ. अभिमन्यु शर्मा, टीकाकरण व जांच प्रभारी</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>स्वास्थ्य</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 23 May 2022 12:20:10 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>स्कूल में पढ़ाई के दौरान 2007 ‘भुल भूलैया’ मूवी देखी थी, लेकिन ये पता नहीं था कि एक दिन इसी मूवी के सिक्वल में काम करने का मौका मिलेगा: कार्तिक आर्यन</title>
                                    <description><![CDATA[ फ़ैन्स में दिखा क्रेज़]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/saw-the-movie-bhool-bhulaiya-in-2007-while-studying-in-school--but-did-not-know-that-one-day-i-would-get-a-chance-to-work-in-the-same-movie--kartik-aaryan--kartik-came-to-jaipur-to-promote-the-film-bhool-bhulaiyaa-part-2/article-9694"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-05/kartik-aryan.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। बॉलीबुड कलाकर कार्तिक आर्यन ‘ भूल भुलैया पार्ट 2’ के प्रमोशन के सिलसिले में शुक्रवार को जयपुर आए। आर्यन ने मीडिया से बातचीत के दौरान बताया कि जयपुर शहर उन्हें बहुत पसंद है। ख़ासकर यहां की मेहमान नवाज़ी अच्छी लगती है। उन्होंने बताया कि राजस्थान में भी फ़िल्म के कुछ हिस्से फ़िल्माए गया हैं। फ़िल्म में ‘ हम नशे में तुम’ सॉंग जयपुर में ही शूट किया गया है। इसके अलावा लखनऊ, मनाली और मुंबई में फ़िल्म की शूटिंग हुई है।</p>
<p>ये फ़िल्म पूरी तरह से फ़ैमिली एंटरटेन मूवी है। इसमें दर्शकों को हॉरर के साथ कॉमेडी देखने को मिलेगी। इससे पहले मैंने काफ़ी कॉमेडी फ़िल्में की है, लेकिन कॉमेडी के साथ हॉरर मूवी पहली बार की है। शूटिंग के दौरान थोड़ा नर्वस था, लेकिन फ़िल्म के डायरेक्टर अनीस बज़्मी सर और तब्बू मैडम ने अच्छा सपोर्ट किया। स्कूल पढ़ाई के दौरान 2007 में ‘भुल भूलैया’ मूवी देखी थी, लेकिन ये पता नहीं था कि क़रीब 14 साल बाद उसी फ़िल्म के सिक्वल में काम करने का मौक़ा मिलेगा। आर्यन का कहना था कि मुझे फ़िट रहना पसंद है। इसलिए रोज़ाना दो घंटे स्पोर्ट्स एक्टिविटी में अपने आपको बिजी रखता हूँ। मेरी ख़्वाहिश है कि एक दिन बॉलीबुड का नम्बर वन हीरो बनना है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>मूवी-मस्ती</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 13 May 2022 15:54:09 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>जयपुर बम ब्लास्ट का फैसला हुआ, लेकिन पीड़ितों को न्याय का अभी तक इंतजार</title>
                                    <description><![CDATA[शहर में 13 मई 2008 को हुई इस घटना के मामले में विशेष न्यायालय ने भले ही चार गुनहगारों को मृत्यु दंड़ की सजा सुना दी हो, लेकिन अभियुक्तों को फांसी नहीं मिलने के चलते शहरवासियों को सही मायने में अब तक न्याय नहीं मिल पाया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/decision-of-the-jaipur-bomb-blast-was-taken--but-the-victims-are-still-waiting-for-justice/article-9689"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-05/bomb-blast.gif" alt=""></a><br /><p>जयपुर। शहर में आठ जगह हुए सिलसिलेवार बम ब्लास्ट की घटना को आज पूरे 14 साल हो चुके हैं। चंद मिनटों के अंतराल हुए शहर को स्तब्ध करने वाली घटना के घाव आज भी शहरवाासियों के सीने में ताजा हैं। शहर में 13 मई 2008 को हुई इस घटना के मामले में विशेष न्यायालय ने भले ही चार गुनहगारों को मृत्यु दंड़ की सजा सुना दी हो, लेकिन अभियुक्तों को फांसी नहीं मिलने के चलते शहरवासियों को सही मायने में अब तक न्याय नहीं मिल पाया है।</p>
<p><br />मामले में पुलिस ने पांच आरोपियों शाहबाज हुसैन, मोहम्मद सैफ, सरवर आजमी, सैफुर्रहमान और सलमान को गिरफ्तार किया था। जबकि कुछ अन्य आरोपियों को अब तक गिरफ्त में नहीं ले पाई है। इस मामले में पुलिस ने आठ मुकदमे दर्ज किए थे और इन सभी में आरोपियों पर चार्ज तय होने के बाद ट्रायल हुई। मामलों में एक हजार से ज्यादा गवाहों के बयान दर्ज होने के बाद विशेष अदालत ने 18 दिसंबर 2019 को शाहबाज हुसैन को बरी करते हुए अन्य चारों अभियुक्तों को फांसी की सजा सुनाई थी। शाहबाज हुसैन पर आरोप लगाया गया था कि उसने घटना की जिम्मेदारी लेते हुए ईमेल भेजा था।</p>
<p><br /><strong>अभियोजन पक्ष की गलती से फांसी में देरी</strong><br />कानून के जानकारों का कहना है कि मामले में अभियोजन पक्ष ने शुरू से ही तकनीकी गलती की। जिसके चलते अभियुक्तों को अभी तक फांसी नहीं हो पाई है। एक ही दिन एक समान घटना होने के बाद भी पुलिस ने आठ ब्लास्ट के मामले में आठ अलग-अलग मामले दर्ज किए। वहीं अदालत में अलग-अलग आठ आरोप पत्र पेश किए। जिसके चलते अदालत ने भी आठों मामलों में अलग-अलग सुनवाई कर अपने फैसले दिए। जिसके चलते राज्य सरकार के डेथ रेफरेंस और अभियुक्तों की कुल अपीलों की संख्या मिलाकर करीब 44 हो गई हैं। ऐसे में हाईकोर्ट में सुनवाई में देरी होना लाजमी है।</p>
<p><br /><strong>फैसले के बाद जिंदा बम को लेकर फिर पेश किया आरोप पत्र</strong><br />विशेष न्यायालय की ओर से फैसला सुनाने के करीब आठ माह बाद अभियोजन पक्ष ने चांदपोल हनुमान मंदिर के बाहर जिंदा मिले बम को लेकर शाहबाज हुसैन सहित बाकी चारों अभियुक्तों के खिलाफ फिर से आरोप पत्र पेश कर दिया। आरोप पत्र में मूल मामले के तथ्यों को दोहराते हुए समान धाराएं रखी गई हैं। इस मामले में अदालत में अभियोजन पक्ष के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। वहीं हाईकोर्ट आरोपी शाहबाज हुसैन को गत 25 फरवरी को जमानत पर रिहा कर चुकी है।</p>
<p><br /><strong>ये हैं आरोपी</strong><br />पहला आरोपी शाहबाज हुसैन उर्फ शानू निवासी मौलवीगंज, उत्तरप्रदेश। जयपुर में 13 मई 2008 को हुए बम ब्लास्ट के बाद सबसे पहले 8 सितंबर 2008 को शाहबाज हुसैन को गिरफ्तार किया गया। हालांकि विशेष न्यायालय ने बरी कर दिया। दूसरा आरोपी मोहम्मद सैफ, निवासी सरायमीर, आजमगढ़ उत्तरप्रदेश है। इसे 23 दिसंबर 2008 को गिरफ्तार किया गया। तीसरा आरोपी मोहम्मद सरवर आजमी, निवासी चांदपट्टी, आजमगढ़ उत्तरप्रदेश है। इसे 29 जनवरी 2009 को गिरफ्तार किया गया। चौथा आरोपी सैफ उर्फ सैफुर्रहमान, निवासी आजमगढ़ उत्तरप्रदेश है। इसको 23 अप्रेल 2009 को गिरफ्तार किया गया। पांचवा आरोपी सलमान, निवासी निजामाबाद, उत्तर प्रदेश है। इसे 3 दिसंबर 2010 को गिरफ्तार किया था। इसके अलावा कई अन्य आरोपी फरार चल रहे हैं।<br /><br /><strong>16 मिनट के अंतराल में इन जगहों पर हुए बम धमाके</strong><br />1. 13 मई 2008 की शाम करीब 7.20 बजे पहला बम ब्लास्ट खंदा माणक चौक, हवा महल के सामने हुआ। इसमें 1 महिला की मौत हुई जबकि 18 लोग घायल।<br />2. दूसरा बम धमाका बड़ी चौपड़ के पास मनिहारों के खंदे में ताला चाबी वालों की दुकानों के पास शाम करीब 7.25 बजे हुआ। जिसमें 6 लोगों की मौत हुई साथ ही 27 लोग घायल हुए।<br />3. तीसरा बम ब्लास्ट शाम करीब 7.30 बजे छोटी चौपड़ पर कोतवाली थाने के बाहर पार्किंग में हुआ। इनमें 2 पुलिसकर्मियों सहित 7 लोगों की मौत हुई। जबकि 17 लोग घायल हुए थे।<br />4. चौथा बम धमाका भी इसी समय दुकान नंबर 346 के सामने, त्रिपोलिया बाजार के पास हुआ। इसमें 5 लोगों की मौत और 4 लोग घायल हुए।<br />5. पांचवां बम धमाका चांदपोल बाजार स्थित हनुमान मंदिर के बाहर पार्किंग स्टैंड पर शाम 7.30 बजे हुआ। इनमें सबसे ज्यादा 25 लोगों की मौत हुई, जबकि 49 लोग घायल हुए।<br />6. छठा बम ब्लास्ट जौहरी बाजार में पीतलियों के रास्ते की कार्नर पर नेशनल हैंडलूम के सामने शाम करीब 7.30 बजे हुआ। इनमें 8 लोगों की मौत और 19 लोग घायल हुए।<br />7. सातवां बम धमाका शाम 7.35 बजे छोटी चौपड़ पर फूलों के खंदे में हुआ। इसमें 2 लोगों की मौत और 15 लोग घायल हुए।<br />8. आठवां बम धमाका जौहरी बाजार में सांगानेरी गेट हनुमान मंदिर के बाहर शाम 7.36 बजे हुआ। इसमें 17 लोगों की मौत हुई जबकि 36 लोग घायल हुए।<br />9. नौवे ब्लास्ट की कोशिश दुकान नंबर 17 के सामने चांदपोल बाजार में एक गेस्ट हाउस के बाहर करने की थी। बम में रात 9 बजे का टाइमर सेट था, लेकिन 15 मिनट पहले बम स्कॉड टीम ने इसे डिफ्यूज कर दिया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 13 May 2022 15:20:02 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>विधायक गिर्राज सिंह मलिंगा को कोर्ट ने भेजा जेल, लेकिन कोरोना पॉजिटिव आने के कारण नहीं जाएंगे जेल, मुख्यमंत्री, मंत्रियों सहित विधायकों के संपर्क में थे आए </title>
                                    <description><![CDATA[मलिंगा बुधवार को सरेंडर करने से पहले सीएमआर गए]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/dholpur/jaipur-news--court-sent-mla-girraj-singh-malinga-to-jail--but-will-not-go-to-jail-due-to-corona-positive--came-in-contact-with-mlas-including-chief-minister--ministers/article-9644"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-05/girraj-singh-malinga13.jpg" alt=""></a><br /><p>धौलपुर। राजस्थान के धौलपुर में अदालत ने सत्तारुढ़ कांग्रेस विधायक गिर्राज सिंह मलिंगा को बिजली विभाग के दो अभियंताओं के साथ मारपीट के मामले में गुरूवार को जेल भेज दिया। लेकिन बता दे कि गिर्राज सिंह मलिंग जेल ना जाकर अस्पताल जाएंगे। दरअसल कारण यह है कि कोर्ट में पेश करने से पहले विधायक की कोरोना जांच कराई गई, जिसमें कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। ऐसे में उनको अस्पताल में अलग वार्ड में रखा जाएगा।  इससे एक दिन पहले विधायक मलिंगा जयपुर में मुख्यमंत्री समेत कई मंत्रियों, विधायकों और पुलिस अधिकारियों के संपर्क में आए थे।  सीआईडी सीबी द्वारा गुरुवार को विधायक गिर्राज सिंह मलिंगा को न्यायालय में पेश करने से पूर्व जिला अस्पताल में लाया गया जहां बोर्ड द्वारा मेडिकल कराया गया था। विधायक की ईसीजी जांच एक्सरे एवं कोरोना पॉजिटिव की जांच कराई गई थी।</p>
<p><strong>मलिंगा बुधवार को सरेंडर करने से पहले सीएमआर (CMR) गए</strong></p>
<p>विधायक मलिंगा बुधवार को सरेंडर करने से पहले सीएमआर (CMR) गए थे। सीएमआर में वे मुख्यमंत्री अशोक गहलोत सहित कई मंत्रियों और विधायकों के संपर्क में आए थे। इसके बाद पुलिस कमिश्नर उन्हें और मंत्री राजेंद्र गुढ़ा को लेकर कमिश्नर कार्यालय पहुंचे। करीब 1 घंटे तक मलिंगा कमिश्नर कार्यालय में अधिकारियों के बीच में रहे इसके बाद बाहर आकर मलिंगा ने मीडियाकर्मियों के साथ संवाद किया था। फिर मलिंगा को पांच पुलिसकर्मी एक गाड़ी में बैठाकर धौलपुर ले गए थे। ऐसे में सभी लोगों का कोरोना होम आइसोलेशन रहना जरूरी है।</p>
<p><strong>बात कोर्ट की कार्यवाही की</strong></p>
<p>वहीं बात कोर्ट कार्यवाही की करें तो अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति न्यायालय ने मलिंगा की जमानत याचिका खारिज कर दी। इससे पहले सीआईडी सीबी ने उन्हें न्यायालय में पेश किया जहां उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। बताया जा रहा है कि अब मलिंगा के वकील जमानत के लिए उच्च न्यायालय से गुहार लगायेंगे। वहीं गिर्राज सिंह मलिंगा कोरोना पॉजिटिव रहने तक अस्पताल के अलग वार्ड में आराम फरमाएंगे। मलिंगा ने इस मामले में बुधवार को पुलिस के सामने आत्मसमर्पण किया था। इसके बाद पुलिस धौलपुर लेकर आई। आत्मसमर्पण के बाद उन्होंने कहा कि उन्हें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा हैं।</p>
<p><strong>क्या था मामला</strong></p>
<p>उल्लेखनीय है कि धौलपुर जिले में बिजली विभाग के बाड़ी स्थित कार्यालय में दो अभियंताओं के साथ मारपीट के मामले में मलिंगा और अन्य लोगों के खिलाफ गत 29 मार्च को मामला दर्ज किया गया था। इस मामले में पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। मारपीट में गंभीर रुप से घायल सहायक अभियंता हर्षादिपति जयपुर के एसएमएस अस्पताल में भर्ती हैं और मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. सतीश पूनियां सहित अन्य कई नेताओं ने अस्पताल जाकर उनकी कुशलक्षेम पूछी और उनके स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली थी।</p>
<p> </p>
<p> </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                            <category>धौलपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 12 May 2022 19:48:43 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बिना आधार कार्ड अस्पताल पहुंचे तो होगी उपचार में परेशानी</title>
                                    <description><![CDATA[राज्य सरकार ने सरकारी अस्पतालों में मरीजों का उपचार तो नि:शुल्क कर दिया। लेकिन उपचार करवाने के लिए सरकारी अस्पतालों की व्यवस्थाओं के पार पाना मुश्किल होता जा रहा है। इसका एक उदाहरण है बिना आधार कार्ड के अस्पताल में पर्ची काउंटर पर पर्ची ही नहीं बनेगी इलाज तो बाद में होगा। 

]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/if-you-reach-the-hospital-without-aadhar-card--there-will-be-trouble-in-treatment/article-9472"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-05/4444.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। राज्य सरकार ने सरकारी अस्पतालों में मरीजों का उपचार तो नि:शुल्क कर दिया। लेकिन उपचार करवाने के लिए सरकारी अस्पतालों की व्यवस्थाओं के पार पाना मुश्किल होता जा रहा है। इसका एक उदाहरण है बिना आधार कार्ड के अस्पताल में पर्ची काउंटर पर पर्ची ही नहीं बनेगी इलाज तो बाद में होगा। <br /><br />एक दिन के अवकाश के बाद सोमवार को सुबह जैसे ही अस्पताल खुला वैसे ही मरीजों की भीड़ उमड़ पड़ी। गर्मी अधिक होने से शहर व दूरदराज से आने वाले अधिकतर मरीज सुबह जल्दी ही अस्पताल पहुंच गए थे। जबकि कई ग्रामीण क्षेत्रों से आए थे। बीमार होने पर अस्पताल पहुंचने की इतनी जल्दी थी कि अधिकतर लोग अपने साथ किसी तरह का कोई पहचान दस्तावेज लेकर नहीं पहुंचे। जैसे ही मरीज व उनके तीमारदार एमबीएस अस्पताल में पर्ची काउंटर की कतार में खड़े होकर पर्ची बनवाने पहुंचे। वैसे ही काउंटर पर मौजूद कर्मचारी ने उनसे पहचान के लिए आधार कार्ड मांगा। अधिकतर लोगों के पास आधार नहीं मिला। ऐसे में कर्मचारी ने उनकी पर्ची नहीं बनाई। उसका कहना था कि पर्ची बनवाने के लिए आधार कार्ड या अन्य कोई पहचान कार्ड बताना होगा। जिनके पास आधार कार्ड नहीं थे उन्हें वहां से बैरंग ही लौटना पड़ा। <br /><br /><strong>ऐसे कई मरीज शहर के थे तो कई ग्रामीण क्षेत्रों से आए हुए</strong><br />कई मरीजों ने कर्मचारियों से आग्रह किया कि वे पांच या दस रुपए शुल्क लगता है वह लें ले और पर्ची बना दें जिससे वे डॉक्टर को दिखा सकेें। लेकिन कर्मचारी का कहना था कि पर्ची का कोई शुल्क नहीं है। पर्ची नि:शुल्क बनेगी लेकिन आधार कार्ड साथ लाना होगा। ऐसे में अधिकतर मरीज परेशान हुए और सरकारी व्यवस्था पर नाराजगी भी जाहिर की। ऐसे में आस-पास रहने वाले मरीज तो अपने घर से आधार कार्ड या अन्य पहचान कार्ड लेकर आए या किसी से मंगवा लिए। जबकि बाहर से आए लोग परेशान होते रहे। ऐसे मरीज जिनके पास पहचान संबंधी कोई भी दस्तावेज नहीं था उन्हें बिना उपचार के ही लौटना पड़ा। इनमें महिलाएं व बुजुर्ग भी शामिल थे। जानकारों के अनुसार अन्य राज्यों के मरीजों से शुल्क लेने के कारण स्थानीय मरीजों को भी परेशान होना पड़ रहा है। ऐसे में जो भी मरीज अस्पताल में उपचार के लिए जाए वह अपने साथ आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस या अन्य पहचान संबंधी दस्तावेज साथ लेकर जरूर जाए। <br /><br /><strong>इनका कहना है</strong><br />राज्य सरकार ने भी आदेश जारी किया है। वह किसी एक अस्पताल के लिए नहीं सभी के लिए है। जिसमें राजस्थान के लोगों का नि:शुल्क उपचार होगा। पर्ची बनाने से लेकर जांच और दवा तक सभी नि:शुल्क मिलेंगे। जबकि राज्य के बाहर मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश व गुजरात से आने वाले मरीजों से शुल्क लिया जाता है। पर्ची बनाने से लेकर जांच व दवा तक सभी का शुल्क लगेगा। ऐसे में लोगों को पर्ची बनाते समय पहचान संबंधी 5-6 दस्तावेजों में से कोई भी एक दिखाना होगा। जिससे उसके राजस्थान व अन्य राज्यों के होने का सबूत मिल सके। सरकार द्वारा अन्य राज्यों के मरीजों की रिपोर्ट मांगी जा रही है। ऐसे में उन्हें क्या बताएंगे। जबकि पूर्व में कहा जा रहा था कि अन्य राज्यों के कई मरीज यहां उपचार के लिए आ रहे हैं। किसी को जायज परेशानी होने पर उसके साथ विचार कर काम कर दिया जाता है। <br /><strong>-डॉ. नवीन सक्सेना, अधीक्षक, एमबीएस अस्पताल</strong> <br /><br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
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                <pubDate>Tue, 10 May 2022 15:32:25 +0530</pubDate>
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