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                <title>बंगाल में “ऑपरेशन मदरसा” शुरू: वैध-अवैध मदरसों का सर्वे होगा ; फंडिंग, छात्रों और मौलवियों की जांच से मचा सियासी भूचाल</title>
                                    <description><![CDATA[पश्चिम बंगाल में नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी ने "ऑपरेशन मदरसा" अभियान की घोषणा की है। इसके तहत राज्यभर के मदरसों की वैधता, वित्तीय स्रोतों, पाठ्यक्रम और छात्रों की संख्या का विस्तृत सर्वे करने की मांग की गई है। भाजपा के अनुसार, इसका उद्देश्य शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और सुरक्षा सुनिश्चित करना है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/%E2%80%9Coperation-madrasa%E2%80%9D-started-in-bengal-survey-of-legal-and-illegal/article-156257"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/bengal.png" alt=""></a><br /><p>कोलकाता। पश्चिम बंगाल में नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी ने “ऑपरेशन मदरसा” अभियान की घोषणा करते हुए राज्यभर के मदरसों के सर्वे की मांग उठाई है। इस अभियान के तहत मदरसों की वैधता, संचालन व्यवस्था और वित्तीय स्रोतों की विस्तृत जांच किए जाने की बात कही गई है। शुभेंदु अधिकारी का कहना है कि राज्य में संचालित सभी मदरसों की स्थिति स्पष्ट होनी चाहिए और यह पता लगाया जाना चाहिए कि कितने मदरसे सरकारी नियमों के तहत पंजीकृत और वैध हैं तथा कितने अवैध रूप से संचालित हो रहे हैं।</p>
<p>अभियान के तहत मदरसों में पढ़ाए जाने वाले कोर्स और पाठ्यक्रम की भी जानकारी जुटाई जाएगी। इसके साथ ही यह जांच की जाएगी कि संबंधित संस्थानों में सरकारी नियमों और दिशा-निर्देशों का पालन हो रहा है या नहीं। सर्वे में यह भी देखा जाएगा कि मदरसा आवासीय है या गैर-आवासीय तथा वहां रहने वाले छात्रों की संख्या कितनी है।</p>
<p>इसके अलावा मदरसों को मिलने वाले फंड और आर्थिक स्रोतों की भी जांच की जाएगी। अभियान में मौलवियों और छात्रों की संख्या का रिकॉर्ड भी तैयार किया जाएगा। भाजपा नेताओं का कहना है कि इस सर्वे का उद्देश्य शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और सुरक्षा सुनिश्चित करना है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 07 Jun 2026 15:43:58 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>ग्रेट निकोबार परियोजना पर जयराम रमेश का पत्र: कांग्रेस ने जताई पर्यावरण पर चिंता, केंद्र से की समीक्षा की मांग</title>
                                    <description><![CDATA[कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव को पत्र लिखकर ग्रेट निकोबार द्वीप परियोजना पर पुनर्विचार करने की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि अपर्याप्त पर्यावरण प्रभाव आकलन के कारण द्वीप की अनूठी जैव विविधता, समुद्री पारिस्थितिकी और आदिवासी समुदायों पर गंभीर और विनाशकारी संकट मंडरा रहा है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/jairam-ramesh-wrote-a-letter-to-bhupendra-yadav-appealing-for/article-155817"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/great-nicobar-project-ngt-clearance-malacca-trade-hub-2026.webp" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। कांग्रेस ने ग्रेट निकोबार द्वीप विकास परियोजना पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए केंद्र सरकार से इस पर पुनर्विचार करने और पर्यावरणीय पहलुओं का समुचित आकलन कराने की अपील की है। कांग्रेस संचार विभाग के प्रभारी जयराम रमेश ने पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव को बुधवार को पत्र लिखकर कहा कि परियोजना को दी गई पर्यावरणीय मंजूरी अपर्याप्त पर्यावरण प्रभाव आकलन अध्ययनों पर आधारित है। उनका दावा है कि इससे द्वीप की जैव विविधता, समुद्री पारिस्थितिकी तथा स्वदेशी समुदायों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।</p>
<p>रमेश ने सोशल मीडिया एक्स पर पत्र साझा करते हुए कहा कि पिछले दो वर्षों से इस विषय पर उनका और मंत्री के बीच पत्राचार जारी है। परियोजना से संभावित पर्यावरणीय नुकसान पर चिंता जताते हुए उन्होंने कहा कि सरकार को इस पर पुनर्विचार करना चाहिए तथा संबंधित रिपोर्टों को सार्वजनिक कर पारदर्शिता सुनिश्चित करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि परियोजना के लिए तैयार पर्यावरण प्रभाव आकलन रिपोर्ट पर्याप्त प्राथमिक आंकड़ों पर आधारित नहीं है तथा इसमें द्वीप की संवेदनशील पारिस्थितिकी से जुड़े कई महत्वपूर्ण पहलुओं की अनदेखी की गई है।</p>
<p>रमेश ने गलाथिया खाड़ी क्षेत्र में तटीय कटाव संबंधी रिपोर्टों का हवाला देते हुए कहा कि परियोजना के दीर्घकालिक पर्यावरणीय प्रभावों का स्वतंत्र और व्यापक अध्ययन कराया जाना चाहिए। उन्होंने परियोजना से संबंधित उच्चाधिकार प्राप्त समिति की रिपोर्ट सार्वजनिक करने तथा स्थानीय एवं आदिवासी समुदायों की चिंताओं को प्राथमिकता देने की मांग भी की।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
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                <pubDate>Wed, 03 Jun 2026 14:06:52 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>परिवहन विभाग में बंद होगी इन्वार्ड व्यवस्था: मिलीभगत पर लगेगी लगाम ; 58 सेवाएं अब सिटीजन पोर्टल पर हुई उपलब्ध, अब  घर बैठे हो सकेंगे आवेदन</title>
                                    <description><![CDATA[राजस्थान परिवहन विभाग ने 1 जून से सामान्य इन्वार्ड व्यवस्था बंद करने का बड़ा प्रशासनिक सुधार किया है। अब आमजन को दलालों से मुक्ति मिलेगी। वाहन और सारथी पोर्टल की 58 सेवाएं सीधे सिटीजन पोर्टल व ई-मित्र पर ऑनलाइन उपलब्ध होंगी, जिससे प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ेगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/inward-system-will-be-closed-in-transport-department-collusion-will/article-155535"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/parivahn.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान परिवहन विभाग में पारदर्शिता बढ़ाने और आमजन को दलालों के चंगुल से मुक्त कराने की दिशा में बड़ा प्रशासनिक सुधार किया गया है। 1 जून से प्रदेश के सभी परिवहन कार्यालयों में प्रचलित सामान्य इन्वार्ड व्यवस्था बंद कर दी जाएगी। परिवहन आयुक्त पुरुषोत्तम शर्मा के निर्देश पर यह निर्णय लागू किया जा रहा है, जिसके तहत अब अधिकांश सेवाओं के लिए कार्यालयों में कर्मचारियों की ओर से इन्वार्ड नहीं किया जाएगा। इस व्यवस्था के बाद अब लोग ऑनलाइन माध्यम से सेवाओं का लाभ उठा सकेंगे। विभाग ने नई व्यवस्था के तहत वाहन पोर्टल की 26 और सारथी पोर्टल की 32 सेवाएं, यानी कुल 58 सेवाएं, सिटीजन पोर्टल पर उपलब्ध कराई हैं। </p>
<p>आमजन इन सेवाओं के लिए स्वयं ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। इसके अलावा ई-मित्र केंद्रों के माध्यम से भी आवेदन की सुविधा उपलब्ध रहेगी। अधिकारियों का मानना है कि वर्षों से परिवहन कार्यालयों में सक्रिय दलालों और कुछ कर्मचारियों की कथित मिलीभगत के कारण आम नागरिकों को अनावश्यक परेशानी का सामना करना पड़ता था। कई मामलों में आवेदन इन्वार्ड कराने के नाम पर सुविधा शुल्क लेने की शिकायतें भी सामने आती रही हैं। नई व्यवस्था से ऐसी प्रवृत्तियों पर प्रभावी रोक लगने की उम्मीद है।</p>
<p><strong>अब तक यह थी व्यवस्था </strong></p>
<p>विभिन्न  सेवाओं के लिए आवेदन कार्यालयों में जमा होते थे। कर्मचारियों की आईडी से आवेदन इन्वार्ड किए जाते थे। दलालों और कुछ कर्मचारियों की कथित मिलीभगत की शिकायतें रहती थीं। आवेदकों को अक्सर बिचौलियों का सहारा लेना पड़ता था। इन्वार्ड प्रक्रिया के नाम पर सुविधा शुल्क वसूले जाने के आरोप लगते रहे हैं।</p>
<p><strong>1 जून से यह होगा बदलाव </strong></p>
<p>परिवहन कार्यालयों की सामान्य इन्वार्ड आईडी बंद होंगी। केवल विशेष और अत्यंत आवश्यक मामलों में ही इन्वार्ड की अनुमति होगी। अधिकृत आरटीओ-डीटीओ स्तर की आईडी से ही प्रक्रिया संभव होगी। मुख्यालय स्तर पर इन्वार्ड की नियमित निगरानी होगी। नागरिक स्वयं सिटीजन पोर्टल या ई-मित्र के माध्यम से आवेदन कर सकेंगे। पारदर्शिता और जवाबदेही की ओर बड़ा कदम परिवहन विभाग का मानना है कि  ऑनलाइन प्रणाली से प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, समयबद्ध और जवाबदेह बनेगी। नागरिक आवेदन की स्थिति भी ऑनलाइन ट्रैक कर सकेंगे। इससे कार्यालयों में भीड़ कम होगी, कार्यों के निस्तारण में तेजी आएगी और वर्षों से चली आ रही दलाली व्यवस्था पर बड़ा प्रहार होगा। प्रशासनिक सुधार की दृष्टि से इस फैसले को परिवहन विभाग की महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।</p>
<p><strong>ये सेवाएं पोर्टल पर उपलब्ध</strong></p>
<p>परिवहन कार्यालय में 1 जून से इन्वार्ड व्यवस्था बंद होगी। विभाग ने 58 सेवाएं सिटीजन पोर्टल पर उपलब्ध करवा दी है। जिससे आमजन को फायदा मिलेगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 31 May 2026 12:02:57 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नीट-यूजी पेपर लीक: एनटीए ने दी सुप्रीम कोर्ट को कड़े सुरक्षा उपायों की जानकारी, बहु-चरण परीक्षाओं को शुरू करने का दिया सुझाव</title>
                                    <description><![CDATA[राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दायर कर बताया है कि नीट-यूजी (NEET-UG) परीक्षा अब कंप्यूटर आधारित (CBT) मोड में आयोजित की जाएगी। पेपर लीक जांच सीबीआई को सौंपने और परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए उच्च स्तरीय समिति की सिफारिशों के आधार पर यह ऐतिहासिक बदलाव किया जा रहा है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/neet-ug-paper-leaked-nta-informs-supreme-court-about-stringent-security/article-155418"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/nta-logo.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) ने शुक्रवार को उच्चतन न्यायालय को बताया कि राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट-यूजी) 2026 को रद्द करने और कथित पेपर लीक की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई ) को सौंपने का उसका फ़ैसला इस बात का प्रमाण है कि एजेंसी और केंद्र सरकार परीक्षा प्रक्रिया की निष्पक्षता को कितनी गंभीरता से ले रही हैं। एनटीए ने कहा कि पिछले दो सालों में कथित अनियमितताओं को लेकर हुए विवादों के बाद नीट परीक्षा प्रक्रिया की निष्पक्षता, पारदर्शिता और सुरक्षा को मज़बूत करने के लिए कई बड़े सुधार लागू किए गए हैं। उच्चतम न्यायालय में जमा किए गए एक हलफ़नामे में एनटीए ने शीर्ष न्यायालय के निर्देशों के पालन में बनाई गयी उच्च-स्तरीय समिति के गठन और कामकाज से जुड़ी समय-सीमा की जानकारी दी।</p>
<p>एजेंसी ने न्यायालय को बताया कि उसके द्वारा आयोजित सभी बड़ी परीक्षाओं में से नीट यूजी 2026 ही एकमात्र ऐसी परीक्षा है जो अभी भी पेन और पेपर टेस्ट (पीपीटी) मोड में आयोजित की जा रही थी। यह मुख्य रूप से स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय और राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) द्वारा तय की गयी योजना के अनुसार की जा रही थी। हलफ़नामे में कहा गया है, "एनटीए की अन्य सभी बड़ी परीक्षाएं पहले से ही कंप्यूटर-आधारित टेस्ट (सीबीटी) मोड में आयोजित की जाती हैं।" एनटीए ने न्यायालय को बताया कि उच्च-स्तरीय समिति ने विशेष रूप से नीट यूजी को पीपीटी से सीबीटी मोड में बदलने की सिफ़ारिश की थी। साथ ही बहु-सत्र और बहु-चरण परीक्षाओं को शुरू करने का भी सुझाव दिया था।</p>
<p>एजेंसी के अनुसार, यह बदलाव संबंधित मंत्रालय के परामर्श से अगले परीक्षा चक्र से लागू किया जाएगा। यह हलफ़नामा नीट परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और व्यापक परीक्षा सुधारों को लेकर सुप्रीम कोर्ट में लंबित याचिकाओं के संबंध में दायर किया गया था।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 29 May 2026 18:52:07 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>CBSE का दावा: सिस्टम सुरक्षित और ऑडिटेड, राजनाथ सिंह के घर पर मीटिंग से बढ़ी हलचल, धर्मेंद्र प्रधान बोले- तय होगी जवाबदेही</title>
                                    <description><![CDATA[सीबीएसई 12वीं बोर्ड के डिजिटल मूल्यांकन (OSM) विवाद पर सरकार एक्शन मोड में है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के आवास पर हुई उच्च स्तरीय बैठक में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने गड़बड़ियों को माना। कॉपियों की तकनीकी जांच के लिए आईआईटी कानपुर और मद्रास को जोड़ा गया है, वहीं विपक्ष ने न्यायिक जांच की मांग की है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/cbse-claims-the-system-is-safe-and-audited-meeting-at/article-155268"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/rajnath-singh-news.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। सीबीएसई की 12वीं बोर्ड परीक्षा के रिजल्ट और ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) सिस्टम को लेकर उठे विवाद के बाद केंद्र सरकार सक्रिय हो गई है। गुरुवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के आवास पर हुई अहम बैठक में पीएमओ, सीबीएसई और शिक्षा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने पूरे मामले पर चर्चा की। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने माना कि डिजिटल मूल्यांकन प्रक्रिया में कुछ गड़बड़ियां सामने आई हैं और सरकार इस मामले में जवाबदेही तय करेगी।</p>
<p>छात्रों ने आरोप लगाए हैं कि स्कैन की गई कॉपियां उनकी हैंडराइटिंग से मेल नहीं खा रहीं और कई उत्तरों की जांच अधूरी दिखाई दे रही है। बढ़ते विवाद के बीच सीबीएसई ने आईआईटी कानपुर और आईआईटी मद्रास को तकनीकी निगरानी में शामिल किया है। वहीं राहुल गांधी ने मामले में एसआईटी और न्यायिक जांच की मांग की है। फिलहाल सरकार ने छात्रों की शिकायतों के समाधान और रिवैल्यूएशन प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने का भरोसा दिया है।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 28 May 2026 16:39:41 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>बिजली संकट पर यूपी सीएम योगी का सख्त संदेश : बोले- लापरवाही नहीं होगी बर्दाश्त, बिना रुकावट बिजली आपूर्ति के निर्देश</title>
                                    <description><![CDATA[मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बिजली आपूर्ति व्यवस्था की समीक्षा करते हुए शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में निर्बाध बिजली देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि भीषण गर्मी में उत्पादन इकाइयां पूरी क्षमता से चलें। ट्रांसफार्मर खराब होने या लापरवाही पर जवाबदेही तय होगी और उपभोक्ताओं को समय पर सही जानकारी दी जाएगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/up-cm-yogis-strict-message-on-power-crisis-negligence/article-154860"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/cm-yogi.png" alt=""></a><br /><p>लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को लखनऊ में ऊर्जा विभाग, पावर कॉरपोरेशन एवं सभी बिजली वितरण कंपनियों के अधिकारियों के साथ प्रदेश की विद्युत आपूर्ति व्यवस्था की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने भीषण गर्मी और बढ़ती बिजली मांग को देखते हुए शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में बिना रुकावट बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बिजली की बढ़ती मांग को देखते हुए सभी उत्पादन इकाइयां पूरी क्षमता से चलाई जाएं और इनके कामों की लगातार निगरानी हो।</p>
<p>मुख्यमंत्री ने प्रदेश के पारेषण तंत्र को और अधिक मजबूत, आधुनिक और भरोसेमंद बनाने पर जोर दिया। उन्होंने फीडर स्तर पर निगरानी और जवाबदेही तय करने को कहा। मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि ट्रांसफार्मर खराब होने, फीडर बाधित होने या शिकायत निस्तारण में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि आमजन को बिजली आपूर्ति से जुड़ी सही और समयबद्ध जानकारी उपलब्ध कराई जाए। संवाद और पारदर्शिता से उपभोक्ताओं का विश्वास मजबूत होगा और शिकायतों के प्रति संवेदनशीलता बढ़ेगी।</p>
<p>मुख्यमंत्री ने उपभोक्ता सेवाओं को अधिक पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाने पर बल दिया। उन्होंने ऊर्जा मंत्री एवं विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिकायत निस्तारण व्यवस्था को और प्रभावी बनाया जाए, ताकि उपभोक्ताओं को तत्काल राहत मिल सके।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 24 May 2026 17:32:13 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>JDA की नई पहल: भूमि आवंटन से जुड़ी हर जानकारी अब आमजन के लिए उपलब्ध, बढ़ेगी जवाबदेही और पारदर्शिता</title>
                                    <description><![CDATA[जयपुर विकास प्राधिकरण (जेडीए) ने पारदर्शिता बढ़ाने के लिए वर्ष 2014 से 2026 तक के भूमि आवंटन का पूरा रिकॉर्ड अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर सार्वजनिक कर दिया है। आमजन अब घर बैठे आवंटन तिथि, भूखंड संख्या और आवेदक का नाम देख सकेंगे। वर्ष 2002 से 2013 तक का डेटा भी जल्द अपलोड होगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jdas-new-initiative-every-information-related-to-land-allocation-will/article-154643"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/jda.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। पारदर्शिता और सुशासन को मजबूत करने की दिशा में जयपुर विकास प्राधिकरण (जेडीए) ने बड़ा कदम उठाया है। अब वर्ष 2014 से 2026 तक भूमि के बदले भूमि आवंटन तथा विभिन्न संस्थाओं को किए गए भूमि आवंटन की पूरी जानकारी जेडीए की वेबसाइट पर सार्वजनिक कर दी गई है। इससे आमजन घर बैठे आवंटनों का विस्तृत ब्यौरा देख सकेंगे। जेडीए आयुक्त सिद्धार्थ महाजन ने बताया कि वेबसाइट पर जोन, योजना का नाम, भूखंड संख्या, साइज, भूमि उपयोग, प्रॉपर्टी आईडी, आवेदक का नाम और आवंटन तिथि सहित सभी महत्वपूर्ण जानकारियां उपलब्ध कराई गई हैं।</p>
<p>इसके अलावा शिक्षा, चिकित्सा, सामाजिक सेवा, खेल, शोध और जनसुविधाओं से जुड़ी संस्थाओं को आवंटित भूमि का रिकॉर्ड भी सार्वजनिक किया गया है। उन्होंने बताया कि इससे भूमि आवंटन प्रक्रियाओं में पारदर्शिता बढ़ेगी और भ्रांतियों की गुंजाइश खत्म होगी। जेडीए आयुक्त ने यह भी स्पष्ट किया कि वर्ष 2002 से 2013 तक के रिकॉर्ड को भी वेबसाइट पर अपलोड करने की प्रक्रिया जारी है। तकनीकी कार्य पूरा होते ही यह जानकारी भी आमजन के लिए उपलब्ध करा दी जाएगी।इस पहल से प्रशासन के प्रति लोगों का विश्वास मजबूत होगा और संस्थागत विकास के साथ रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 22 May 2026 14:52:37 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
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                <title>5 जून तक 46 शिविरों में 6470 खनिज परिवहन वाहनों में लगेगा वीटीएस सिस्टम, मौके पर ही होगा इंस्टालेशन कार्य</title>
                                    <description><![CDATA[खनिज परिवहन को पारदर्शी बनाने के लिए जयपुर कार्यक्षेत्र के 8 जिलों में विशेष वीटीएस (VTS) इंस्टालेशन अभियान शुरू हुआ है। इसके तहत 5 जून तक 46 शिविर लगाकर 6,470 वाहनों में ट्रैकिंग सिस्टम लगाया जाएगा। इस तकनीक से खनिज गतिविधियों की प्रभावी मॉनिटरिंग होगी और अवैध परिवहन पर रोक लगेगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/by-june-5-vts-system-will-be-installed-in-6470/article-154604"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/1200-x-600-px.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। खान विभाग के अधीक्षण खनि अभियंता (एसएमई) जयपुर कार्यक्षेत्र में खनिज परिवहन वाहनों में व्हीकल ट्रेकिंग सिस्टम (वीटीएस) लगाने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत 5 जून तक जयपुर, सीकर, झुन्झुनू, अलवर, टोंक, कोटपूतली, दौसा और नीमकाथाना सहित 8 कार्यालय क्षेत्रों में 46 शिविर आयोजित किए जाएंगे, जिनमें 6470 खनिज परिवहन वाहनों में मौके पर ही वीटीएस इंस्टालेशन किया जाएगा। अधीक्षण खनि अभियंता एनएस शक्तावत ने बताया कि वीटीएस इंस्टालेशन शिविरों का आयोजन 20 मई से प्रारंभ हो चुका है। उन्होंने कहा कि खान विभाग द्वारा तुलाई कांटों और वीटीएस सिस्टम के ऑटोमाइजेशन कार्य में तेजी लाई जा रही है, ताकि खनिज परिवहन व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और तकनीकी रूप से मजबूत बनाया जा सके।</p>
<p>उन्होंने बताया कि अतिरिक्त मुख्य सचिव अपर्णा अरोरा ने हाल ही में आयोजित समीक्षा बैठक में ऑटोमाइजेशन कार्यों को तय समय सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए थे। इसी क्रम में संबंधित क्षेत्रों में शिविर लगाकर वाहनों में मौके पर ही वीटीएस सिस्टम इंस्टॉल किए जा रहे हैं, जिससे वाहन मालिकों और परिवहनकर्ताओं को सुविधा मिल सके। एसएमई जयपुर कार्यक्षेत्र के अंतर्गत खनि अभियंता जयपुर श्याम कापड़ी के क्षेत्र में 25 से 27 मई तक 11 शिविर आयोजित किए जाएंगे, जिनमें करीब 400 वाहनों में वीटीएस इंस्टालेशन का लक्ष्य रखा गया है।</p>
<p>निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 25 मई को जोबनेर तहसील के खनिज उद्यान गांव बामनियास, त्रिवेणी इंडस्ट्रीज गुनावता तथा आमेर के पास ग्राम दादर स्थित बालाजी स्टोन क्रेशर में शिविर लगाए जाएंगे। वहीं 26 मई को दूदू क्षेत्र के पलूकलां गांव स्थित राधा गोविंद स्टोन क्रेशर, घटियाली एमएल रविशंकर तथा बस्सी तहसील के किशनपुरा गांव सहित विभिन्न स्थानों पर वीटीएस इंस्टालेशन कार्य किया जाएगा। खान विभाग के अनुसार इस अभियान से खनिज परिवहन गतिविधियों की मॉनिटरिंग अधिक प्रभावी होगी और अवैध परिवहन पर नियंत्रण लगाने में भी सहायता मिलेगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 21 May 2026 19:01:47 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही तय करने के लिए हाई लेवल कमेटी का गठन कर बनाएं एसओपी: हाईकोर्ट</title>
                                    <description><![CDATA[राजस्थान हाईकोर्ट ने परीक्षाओं में गलत प्रश्नों और त्रुटिपूर्ण उत्तर कुंजी को गंभीरता से लिया है। जस्टिस आनंद शर्मा ने मुख्य सचिव को वरिष्ठ आईएएस अफसरों की कमेटी बनाने और लापरवाह विशेषज्ञों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने कहा कि बेरोजगारी के इस दौर में अभ्यर्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/high-court-should-form-sop-by-constituting-a-high-level/article-154094"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-02/court-22.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान हाईकोर्ट ने भर्ती परीक्षाओं में त्रुटिपूर्ण प्रश्नों और गलत उत्तर कुंजी को लेकर बार-बार याचिकाएं आने को गंभीरता से लिया है। इसके साथ ही अदालत ने मुख्य सचिव को कहा है कि वे कार्मिक सचिव की अध्यक्षता में वरिष्ठ आईएएस अफसरों की एक हाई लेवल कमेटी का गठन करें। कमेटी इस विषय पर गहन परीक्षण कर भविष्य की भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता, जवाबदेही और सुचिता सुनिश्चित करने के लिए एसओपी बनाने के साथ ही अन्य सुधारात्मक उपाय भी निर्धारित करे। अदालत ने कहा है कि कमेटी यह भी परीक्षण करेगी कि क्या ऐसे प्रश्न और उत्तर कुंजी तैयार करने वाले अधिकारियों और विशेषज्ञों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई आरंभ की जा सकती है। </p>
<p>जस्टिस आनंद शर्मा की एकलपीठ ने यह आदेश तृतीय श्रेणी अध्यापक भर्ती-2022 लेवल द्वितीय को लेकर दायर 45 याचिकाओं पर संयुक्त रूप से सुनवाई करते हुए दिए। अदालत ने आदेश में कहा कि वर्तमान में बेरोजगारी ने गंभीर रूप धारण कर लिया है और प्रतिस्पर्धा असाधारण स्तर पर पहुंच गई है। ऐसे में एक-एक प्रश्न भी अत्यधिक महत्व रखता है और सैकडों अभ्यर्थियों का भविष्य प्रभावित होता है। इसलिए प्रश्न पत्र तैयार करने और उत्तर कुंजी बनाने में अत्यधिक सावधानी, निष्पक्षता व सतर्कता जरूरी है। अदालत ने कहा कि भर्ती एजेंसियों को परीक्षा संचालन में लापरवाही करने की अनुमति नहीं दी जा सकती। </p>
<p>उन पर संवैधानिक दायित्व है कि वे सक्षम विषय विशेषज्ञों के माध्यम से प्रश्न पत्र व उत्तर कुंजी पूर्ण शुचिता से तैयार करें, ताकि किसी भी गलती की संभावना नहीं हो। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता रामप्रताप सैनी ने बताया कि साल 2022 की तृतीय श्रेणी शिक्षक भर्ती लेवल 2 के परिणाम के बाद नियुक्तियां हुई। वहीं बाद में कोर्ट के आदेश से संशोधित परिणाम जारी हुआ।  इसके याचिकाकर्ताओं के अंक पूर्व में नियुक्त अभ्यर्थियों से अधिक हो गए, लेकिन नई कट आॅफ में शामिल नहीं हो सके। ऐसे में उनसे कम अंक वालों को मिली नियुक्ति के चलते उन्हें भी नियुक्ति दी जाए। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 17 May 2026 09:29:09 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>कांग्रेस का हमला: ग्रेट निकोबार परियोजना में पर्यावरण, आदिवासी अधिकार और पारदर्शिता नदारद, इन विषयों पर जवाब देने में वह विफल रही सरकार</title>
                                    <description><![CDATA[जयराम रमेश ने ग्रेट निकोबार विकास परियोजना को पारिस्थितिक आपदा करार दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने लेदरबैक कछुओं के आवास, आदिवासी अधिकारों और पारदर्शिता को दरकिनार किया है। राहुल गांधी की यात्रा के बाद, कांग्रेस ने पेड़ों की कटाई और पर्यावरणीय मंजूरी में हितों के टकराव पर सरकार से जवाब मांगा है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/congress-attacks-government-fails-to-respond-on-issues-like-environment/article-152514"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/jairam-ramesh1.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि ग्रेट निकोबार द्वीप विकास परियोजना में मोदी सरकार ने पर्यावरण, आदिवासियों के अधिकार, वित्तीय व्यवहार्यता और पारदर्शिता को पूरी तरह नजरअंदाज किया है और इन चिंताओं का जवाब देने में वह विफल रही है। कांग्रेस संचार विभाग के प्रभारी जयराम रमेश ने रविवार को सोशल मीडिया एक्स पर एक बयान में कहा कि लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी की गत 28 अप्रैल की ग्रेट निकोबार यात्रा से सरकार विचलित हुई है, इसलिए उसने एक मई को प्रेस विज्ञप्ति जारी कर ध्यान भटकाने की कोशिश की है। सरकार संभावित पर्यावरणीय संकट से ध्यान हटाने का प्रयास कर रही है।</p>
<p>जयराम रमेश ने कहा कि ग्रेट निकोबार द्वीप पारिस्थितिकी दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील और विशिष्ट क्षेत्र है। वहां गत पांच वर्षों में पक्षियों, सांपों, गिको (छिपकली) और केकड़ों सहित लगभग 50 नयी प्रजातियां खोजी गई हैं। गैलाथिया खाड़ी, जहां बंदरगाह प्रस्तावित है, तटीय विनियमन क्षेत्र-1-ए में आती है और यह लेदरबैक कछुओं का प्रमुख प्रजनन स्थल है। उन्होंने आरोप लगाया कि पर्यावरणीय मंजूरी प्रक्रिया में भारतीय वन्यजीव संस्थान और भारतीय प्राणी सर्वेक्षण जैसी संस्थाओं पर दबाव डाला गया और बाद में इन्हीं को परियोजना से जुड़े कार्य सौंपे गए, जिससे हितों के टकराव की स्थिति उत्पन्न होती है।</p>
<p>कांग्रेस नेता ने कहा कि पेड़ों की कटाई के आंकड़ों को लेकर सरकार के अलग-अलग दावे सामने आए हैं और अब तक इसमें स्पष्टता नहीं है। उन्होंने कहा कि अलग-अलग समय पर भिन्न आंकड़े दिए जाने से स्थिति संदिग्ध हो जाती है। उन्होंने प्रतिपूरक वनीकरण के प्रस्ताव को पर्यावरणीय दृष्टि से अव्यावहारिक बताते हुए कहा कि निकोबार जैसे समृद्ध पारिस्थितिक क्षेत्र की भरपाई भिन्न भौगोलिक क्षेत्र में वृक्षारोपण से नहीं की जा सकती और यह पर्यावरणीय सिद्धांतों के विपरीत है। उन्होंने कहा कि गैलाथिया खाड़ी को पहले वन्यजीव अभयारण्य घोषित किया गया था, लेकिन बाद में परियोजना के लिए इसे अधिसूचना से हटाकर इसकी श्रेणी बदली गई।</p>
<p>आदिवासी अधिकारों के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि निकोबारी समुदाय ने परियोजना को लेकर चिंता जताई है और शोंपेन जैसे संवेदनशील समुदाय की सहमति की प्रक्रिया पर भी प्रश्न उठ रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि वन अधिकार अधिनियम, 2006 के तहत अधिकारों की प्रक्रिया जल्दबाजी में पूरी की गई। परियोजना की वित्तीय व्यवहार्यता पर सवाल उठाते हुए श्री रमेश ने कहा कि प्रस्तावित हवाई अड्डे और परियोजना के अन्य दावे अव्यावहारिक प्रतीत होते हैं और इससे जुड़े कई व्यावहारिक प्रश्न अनुत्तरित हैं। उन्होंने पारदर्शिता की कमी का आरोप लगाते हुए कहा कि परियोजना से जुड़े कई महत्वपूर्ण दस्तावेज सार्वजनिक नहीं किए गए हैं और सूचना के अधिकार के तहत भी जानकारी उपलब्ध नहीं कराई जा रही है। राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि इसे परियोजना से जोड़ना उचित नहीं है और इस पर संसद में व्यापक चर्चा होनी चाहिए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 03 May 2026 17:59:26 +0530</pubDate>
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                <title>कड़ी सुरक्षा के बीच NEET परीक्षा शुरू: राजस्थान से करीब दो लाख अभ्यर्थी शामिल, एग्जाम के शांतिपूर्ण संचालन के लिए पुलिस बल, उड़न दस्ते और निगरानी टीमें लगातार सक्रिय </title>
                                    <description><![CDATA[राजस्थान में करीब दो लाख अभ्यर्थी आज नीट (NEET) परीक्षा में शामिल हो रहे हैं। दोपहर 2 बजे शुरू हुई इस परीक्षा के लिए मेटल डिटेक्टर और बायोमेट्रिक जांच के साथ सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए। भीषण गर्मी को देखते हुए प्रशासन ने पानी और छाया की व्यवस्था की, ताकि छात्र निष्पक्ष और शांतिपूर्ण माहौल में पेपर दे सकें।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/neet-exam-begins-amidst-tight-security-nearly-two-lakh-candidates/article-152538"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/jaipur-exam.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) द्वारा आयोजित NEET परीक्षा रविवार को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच शांतिपूर्वक शुरू हुई। राजस्थान से करीब दो लाख अभ्यर्थी इस महत्वपूर्ण परीक्षा में शामिल हो रहे हैं। परीक्षा दोपहर 2 बजे निर्धारित समय पर विभिन्न केंद्रों पर शुरू हुई। परीक्षा केंद्रों के बाहर सुबह से ही अभ्यर्थियों की लंबी कतारें देखने को मिलीं। प्रवेश से पहले अभ्यर्थियों की सघन जांच की गई, जिसमें मेटल डिटेक्टर, फ्रिस्किंग और पहचान पत्रों का सत्यापन शामिल रहा। पुलिस प्रशासन और परीक्षा प्रबंधन दल ने मिलकर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए, ताकि किसी भी प्रकार की अनियमितता को रोका जा सके।</p>
<p>अभ्यर्थियों को निर्धारित समय से पहले केंद्र पर पहुंचने के निर्देश दिए गए थे, जिसका पालन अधिकांश छात्रों ने किया। गर्मी को देखते हुए कई स्थानों पर पानी और छाया की भी व्यवस्था की गई, जिससे परीक्षार्थियों को राहत मिली। प्रशासन के अनुसार, परीक्षा को निष्पक्ष और पारदर्शी ढंग से संपन्न कराने के लिए विशेष सतर्कता बरती जा रही है। परीक्षा के शांतिपूर्ण संचालन के लिए पुलिस बल, उड़न दस्ते और निगरानी टीमें लगातार सक्रिय हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>शिक्षा जगत</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 03 May 2026 15:32:04 +0530</pubDate>
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                <title>मतगणना में सख्ती : चुनाव आयोग की नई पहल, मतगणना केंद्रों पर सुरक्षा बढ़ाने के लिए क्यूआर-आधारित आईडी प्रणाली शुरू </title>
                                    <description><![CDATA[तमिलनाडु में मतगणना की सुरक्षा बढ़ाने के लिए चुनाव आयोग ने क्यूआर कोड आधारित फोटो आईडी (PIC) प्रणाली शुरू की है। 4 मई को होने वाली मतगणना के लिए त्रि-स्तरीय सुरक्षा घेरा तैयार है। यह अत्याधुनिक तकनीक अनाधिकृत प्रवेश रोककर प्रक्रिया में पारदर्शिता और सटीकता सुनिश्चित करेगी। चेन्नई सहित 62 केंद्रों पर सख्त निगरानी रहेगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/strictness-in-counting-of-votes-election-commissions-new-initiative-qr-based/article-152290"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/election-commission.png" alt=""></a><br /><p>चेन्नई। चुनाव आयोग ने मतगणना केंद्रों में किसी भी अनाधिकृत व्यक्ति के प्रवेश को रोकने के लिए ईसीआईएनईटी पर क्यूआर कोड आधारित फोटो पहचान पत्र (पीआईसी) प्रणाली शुरू की है। तमिलनाडु विधानसभा के लिए 23 अप्रैल को हुए मतदान में वोटों की गिनती चार मई को पूरे राज्य के 62 केंद्रों पर की जाएगी जिनमें चेन्नई के तीन केंद्र भी शामिल हैं। चेन्नई में ही उन ईवीएम (इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन) को सुरक्षित कक्षों में रखकर सील किया गया है, जिनमें 443 महिलाओं सहित 4,032 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला हुआ है।</p>
<p>तमिलनाडु की मुख्य निर्वाचन अधिकारी अर्चना पटनायक ने कहा कि क्यूआर कोड आधारित फोटो पहचान पत्र प्रणाली को असम, केरल, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी के चुनावों और पांच राज्यों की सात सीटों पर हुए उपचुनावों में पहली बार लागू किया गया है और उसका विस्तार लोकसभा एवं राज्य विधानसभाओं के सभी आम चुनावों और उपचुनावों में किया जाएगा। यह महत्वपूर्ण पहल पिछले एक वर्ष में ईसीआई द्वारा की गई 30 से अधिक पहलों की श्रृंखला में शामिल है, जिसमें बीएलओ के लिए मानकीकृत क्यूआर कोड <br />आधारित फोटो आईडी कार्ड की शुरुआत भी शामिल है।</p>
<p>मतगणना केंद्रों पर पहचान के सत्यापन के लिए तीन स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था की गई है। पहले और दूसरे स्तर पर, रिटर्निंग अधिकारियों द्वारा जारी किए गए पहचान पत्र (पीआईसी) की मैन्युअल रूप से जांच की जाएगी। पटनायक कहा कि मतगणना कक्ष के पास स्थित तीसरे और सबसे भीतरी सुरक्षा घेरे में, क्यूआर कोड स्कैनिंग के माध्यम से सफल सत्यापन के बाद ही प्रवेश की अनुमति दी जाएगी। उन्होंने कहा कि क्यूआर कोड पर आधारित नए पीआईसी उन व्यक्तियों के लिए लागू होंगे जिन्हें चुनाव आयोग द्वारा मतगणना केंद्रों और हॉलों में प्रवेश करने के लिए अधिकृत किया गया है, जिनमें रिटर्निंग ऑफिसर, सहायक रिटर्निंग ऑफिसर, मतगणना कर्मचारी, तकनीकी कर्मी, उम्मीदवार, चुनाव एजेंट और मतगणना एजेंट आदि शामिल हैं।</p>
<p>पटनायक ने कहा कि प्रत्येक मतगणना केंद्र में मतगणना हॉल के पास अधिकृत मीडियाकर्मियों की सुविधा के लिए एक मीडिया सेंटर स्थापित किया जाएगा जिन्हें आयोग के मौजूदा निर्देशों के अनुसार चुनाव आयोग द्वारा जारी किए गए प्राधिकरण पत्रों के आधार पर प्रवेश की अनुमति दी जाएगी। सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों और रिटर्निंग अधिकारियों को इस प्रणाली के प्रभावी कार्यान्वयन के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं करने का निर्देश दिया गया है जिसमें निर्बाध एवं नियंत्रित पहुंच सुनिश्चित करने के लिए नामित चौकियों पर प्रशिक्षित कर्मियों की तैनाती शामिल है। सभी मुख्य निर्वाचन अधिकारियों, जिला निर्वाचन अधिकारियों, मतगणना अधिकारियों और सहायक मतगणना अधिकारियों को मतगणना प्रक्रिया में पारदर्शिता, सुरक्षा एवं दक्षता के उच्चतम मानकों को बनाए रखने के लिए इन निर्देशों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 01 May 2026 15:11:23 +0530</pubDate>
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