UP में योगी एक्शन: कानपुर हिंसा मामले के आरोपी हयात के रिश्तेदार इश्तियाक की अवैध इमारत पर चला बुलडोजर, प्रयागराज सहित अन्य जिलों में उपद्रव से जुड़े 227 संदिग्ध गिरफ्तार

कानपुर विकास प्राधिकरण (KDA) की ओर से की गई कार्रवाई

UP में योगी  एक्शन: कानपुर हिंसा मामले के आरोपी हयात के रिश्तेदार इश्तियाक की अवैध इमारत पर चला बुलडोजर, प्रयागराज सहित अन्य जिलों में उपद्रव से जुड़े 227 संदिग्ध गिरफ्तार

कानपुर। शुक्रवार को नमाज के बाद देशभर में हुई अराजकता से कई सवाल खड़े हो गए है। लेकिन उत्तर प्रदेश के कानपुर में पिछले सप्ताह शुक्रवार को जुमे की नमाज के बाद हुये उपद्रव मामले के मुख्य आरोपी हयात जफर हाशमी के एक करीबी रिश्तेदार मो. इश्तियाक की एक इमारत के अवैध निर्माण पर शनिवार को सुबह बुलडोजर से हटाने की कार्रवाई शुरु की गईं।

कानपुर। शुक्रवार को नमाज के बाद देशभर में हुई अराजकता से कई सवाल खड़े हो गए है। लेकिन उत्तर प्रदेश के कानपुर में पिछले सप्ताह शुक्रवार को जुमे की नमाज के बाद हुये उपद्रव मामले के मुख्य आरोपी हयात जफर हाशमी के एक करीबी रिश्तेदार मो. इश्तियाक की एक इमारत के अवैध निर्माण पर शनिवार को सुबह बुलडोजर से हटाने की कार्रवाई शुरु की गईं।

कानपुर विकास प्राधिकरण (KDA) की ओर से शहर के बेना झाबर इलाके में स्थित इश्तियाक की इमारत के अतिक्रमण वाले हिस्से को तोडऩे की कार्रवाई की गई। केडीए के सचिव शत्रुघ्न वैश्य ने बताया कि बिल्डर कारोबारी इश्तियाक की इस इमारत में हुए अवैध निर्माण एवं अतिक्रमण को हटाने का नोटिस पहले कई बार दिया गया। नोटिस पर अमल नहीं होने के बाद प्राधिकरण ने शनिवार को अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की है। वैश्य ने बताया कि इस इमारत का आवासीय श्रेणी का नक्शा पारित कराया गया था लेकिन इसका व्यवसायिक इस्तेमाल होने की बात भी सामने आई थी। समझा जाता है कि इश्तियाक, कानपुर हिंसा मामले के मुख्य आरोपी का करीबी रिश्तेदार है।

चार बुलडोजर से अवैध इमारत धवस्त
कानपुर के किसी प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी ने हालांकि यह स्पष्ट नहीं किया है कि इश्तियाक का बेकन गंज हिंसा मामले से कोई संबंध है या नहीं। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि इश्तियाक की इमारत को अतिक्रमण मुक्त करने के अभियान को पूरा कराने के लिये केडीए के अनुरोध पर कार्रवाई के दौरान पीएसी और आरएएफ की एक एक कंपनी और कई थानों की पुलिस टीमों को तैनात किया गया है। इमारत के अतिक्रमण वाले हिस्सों को तोडऩे के लिये चार बुलडोजर तथा कई मजदूर लगाये गये हैं।

प्रयागराज सहित अन्य जिलों में उपद्रव से जुड़े मामलों में 227 संदिग्ध गिरफ्तार
उत्तर प्रदेश में शुक्रवार को जुमे की नमाज के बाद प्रयागराज, सहारनपुर, मुरादाबाद और फिरोजाबाद सहित कुछ अन्य शहरों में उपद्रवी तत्वों द्वारा नारेबाजी और पथराव की घटनाओं के मामले में बीती रात गिरफ्तारियों का दौर चलता रहा। उपद्रव और हिंसा से जुड़े इन मामलों में पुलिस ने शनिवार को सुबह तक 227 लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया।

प्रदेश के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (कानून व्यवस्था) प्रशांत कुमार की ओर से शनिवार को यह जानकारी दी गईं। उन्होंने बताया कि इन घटनाओं के बाद पुलिस ने उपद्रवग्रस्त इलाकों से अब तक 227 संदिग्ध लोगों को हिंसा फैलाने की कोशिश करने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया। कुमार ने बताया कि रात भर चली धरपकड़ की कार्रवाई के दौरान सहारनपुर जिले में तीन अन्य को गिरफ्तार किया गया है। इसके साथ ही जिले में अब तक गिरफ्तार हुए लोगों की संख्या 48 हो गये हैं। इसके अलावा प्रयागराज में 68, हाथरस में 50, मुरादाबाद में 25, फिरोजाबाद में 08 और अंबेडकरनगर में 28 संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार प्रयागराज हिंसा मामले के मास्टरमांइड की पहचान किये जाने का पुलिस ने दावा किया है। सूत्रों ने बताया कि मोहम्मद जावेद नामक शख्स को प्रयागराज हिंसा का मास्टरमाइंड है। फिलहाल वह पुलिस की गिरफ्त से दूर है। पुलिस उसकी सरगर्मी से तलाश कर रही है।

मुख्यमंत्री कार्यालय के सूत्रों ने बताया कि शुक्रवार को प्रदेश के विभिन्न इलाकों में हुई हिंसा के मामले में पुलिस एवं प्रशासनिक कार्रवाई पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खुद नजर रखे हुए हैं। मुख्यमंत्री ने दो उच्च स्तरीय बैठकों में हिंसा से जुड़े आरोपियों की पहचान कर इनके सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिये।  इस बीच राज्य सरकार के आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि शुक्रवार को उपद्रव की घटनाओं का सामने करने वाले राज्य के विभिन्न शहरों में फिलहाल शांति है। पुलिस और सुरक्षा बल के जवान इन शहरों में स्थिति पर पैनी नजर रखे हुए हैं।    

गौरतलब है कि बीते दिनों भारतीय जनता पार्टी (BJP) के कुछ नेताओं द्वारा पैगंबर मुहम्मद के बारे में की गईं विवादित टिप्पणी के विरोध में इन स्थानों पर उपद्रव हुए हैं। बीते सप्ताह शुक्रवार को कानपुर के बेकनगंज इलाके में जुमे की नमाज के बाद भाजपा नेताओं के खिलाफ नारेबाजी कर रहे प्रदर्शनकारियों ने पथराव कर हिंसा फैलाने की कोशिश की थी। इस घटना के बाद राज्य सरकार ने सभी जिलों में इस सप्ताह जुमे की नमाज के बाद कानपुर जैसी वारदात ना हो, इसके लिये पुख्ता सुरक्षा इंतजाम किये थे।

शुक्रवार को जुमे की नमाज के बाद सबसे पहले उपद्रव फैलाने की कोशिश करने की रिपोर्ट दोपहर बाद प्रयागराज से मिली। प्राप्त जानकारी के मुताबिक प्रयागराज के खुल्दाबाद इलाके में अटाला बाग स्थित एक मस्जिद में जुमे की नमाज के बाद कुछ लोगों के समूह ने पैगम्बर मुहम्मद के बारे में की गईं विवादित टिप्पणी के विरोध में नारेबाजी शुरु कर दी। इस बीच कुछ लोगों ने पथराव भी किया। इसके बाद सहारनपुर शहर और देवबंद, फिरोजाबाद और मुरादाबाद, अंबेडकरनगर और हाथरस में भी इसी तरह की घटनायें होने की जानकारी स्थानीय प्रशासन ने दी।

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