कोरोना की वापसी

16 हजार से भी अधिक मामले दर्ज हो रहे है

कोरोना की वापसी

पिछले दिनों कोरोना के कमजोर पड़ने से भय का माहौल लगभग खत्म हो गया था, लेकिन अब संक्रमितों की संख्या बढ़ रही है और मौतों की भी।

देश में कोरोना की वापसी शुरू हो गई है, जो काफी चिंताजनक है। देश के विभिन्न भागों से 16 हजार से भी अधिक मामले दर्ज हो रहे है और इससे भी ज्यादा गंभीर यह है कि हर दिन 50 से अधिक कोरोना संक्रमितों की मौत की खबरें आ रही हैं। पिछले दिनों कोरोना के कमजोर पड़ने से भय का माहौल लगभग खत्म हो गया था, लेकिन अब संक्रमितों की संख्या बढ़ रही है और मौतों की भी। इससे अब फिर भय का माहौल बनने लगा है। देश में इस समय कुल सक्रिय मामलों का आंकड़ा 1 लाख 28 हजार से अधिक हो गया है। कोरोना के अलावा मौसमी बीमारियों का जोर भी बढ़ा हुआ है। इसी के बीच कोरोना की वापसी से अस्पतालों पर मरीज का दबाव बढ़ने लगा है। केन्द्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने कोरोना के मामले में विशेषकर सात राज्यों-दिल्ली, कर्नाटक, केरल, महाराष्ट्र, ओडिशा, तेलंगाना व तमिलनाडु को अधिक सतर्कता बरतने का आग्रह किया है। पत्र के माध्यम से राज्यों को कहा गया है कि भीड़भाड़ वाले समारोह व आयोजनों से बचा जाए, क्योंकि इन राज्यों में सामूहिक आयोजनों में वृद्धि की बात सामने आ रही है। हर जगह भीड़ बढ़ रही है और सभी प्रकार की पाबंदियां बंद हैं। 

लोगों में भी अनियमितता अधिक देखी जा रही है। स्कूलों पर भी गंभीरता से नजर रखने के लिए कहा गया है, जहां मौसमी बीमारियों के साथ-साथ कोरोना के मामले भी सामने आ रहे हैं। ना केवल भारत सरकार, बल्कि चिकित्सा विज्ञान के विशेषज्ञ भी पिछले कई दिनों से देश को चेता रहे है कि सभी को कोरोना से बचाव की सभी प्रकार की सावधानियां रखने की जरूरत है। लोगों को ध्यान में रखना चाहिए कि देश में कोविड की मौजूदगी यथावत बनी हुई है। लोगों को इसे गंभीरता से लेने की जरूरत है। लोग कोरोना से संक्रमित होने के बावजूद भीड़भाड़ वाले इलाकों में घूम रहे हैं। लोग सर्दी-जुखाम, खांसी आदि को मौसम की बीमारियों के कारण मान रहे है और कोरोना जांच से बच रहे हैं। कोरोना के मामले बढ़ने और मौतों की मुख्य वजह भी यही है कि लोग मौसम की बीमारियों को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं।

 

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