30 फीट की ऊंचाई से बाइक पर गिरी 5 टन की चट्‌टान, पत्थरों में पिस गईं मां-बेटी, पिता गंभीर घायल

सिर पर आकर गिरे कई टन वजनी पत्थर

 30 फीट की ऊंचाई से बाइक पर गिरी 5 टन की चट्‌टान, पत्थरों में पिस गईं मां-बेटी, पिता गंभीर घायल

मार्बल चट्टान ढहने से मां बेटी की मौत

राजसमंद। केलवा थाना क्षेत्र के उमटी में शनिवार सुबह दर्दनाक हादसा हो गया। यहां मार्बल माईंस की चट्टानें गिरने से बाइक सवार दंपती व उनकी मासूम बेटी चटेप में आ गए। हादसे में मां और बेटी की मौके पर ही मौत हो गई। बाइक चला रहा पिता गंभीर रूप से घायल हो गया, उसका इलाज चल रहा है।

 रोज जाते थे खेतेश्वर महादेव मंदिर
परिवार रोजाना सुबह माइंस इलाके से होकर घर से डेढ़ किलोमीटर दूर खेतेश्वर महादेव मंदिर दर्शन के लिए जाया करता था। मंदिर जाना इस परिवार की दिनचर्या का हिस्सा था। आज सुबह खेतेश्वर महादेव के दर्शन करने के लिए उमटी गांव निवासी खनन मजदूर लक्ष्मणदास वैष्णव (40), उसकी पत्नी राजेश्वरी (38) और 3 साल की बेटी खुशी बाइक पर निकले थे। माइंस से होकर मंदिर जाने वाला रास्ता खतरनाक लेकिन शॉर्टकट है। इसलिए लक्ष्मण यहीं से होकर मंदिर जाया करता था। सुबह 9.30 बजे परिवार घर से निकला और पृथ्वीसिंह मेड़तिया की पद्मिनी मार्बल माइंस से होकर गुजर रहा था। मंदिर से 300 मीटर पहले ही रास्ते में झुकी हुई चट्‌टानें 30 फीट की ऊंचाई से बाइक पर दरक पड़ीं। मां बेटी पर 5 टन की चट्‌टान गिरी। उनकी मौके पर ही मौत हो गई।  हादसे में राजेश्वरी और खुशी की मौत हो गई।

 सिर पर आकर गिरे कई टन वजनी पत्थर
खनन के कारण पहाड़ी पर कुछ चट्‌टानें झुकी हुई स्थिति में थीं। इन्हीं के नीचे से होकर मंदिर जाने का रास्ता है। बाइक पर परिवार के साथ लक्ष्मण जब इस पहाड़ी के करीब से गुजरा तो ऊपर से बड़ी चट्‌टानें और मलबा दरक कर गिर पड़ा। कई टन वजनी पत्थर सीधे राजेश्वरी और बेटी खुशी पर आकर गिरे। दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। बाइक पूरी तरह पत्थरों में पिस गई। लक्ष्मण भी पत्थरों की चपेट में आया और गंभीर रूप से घायल हो गया।

 4 बेटियों का पिता है लक्ष्मण, एक की मौत
केलवा थाना अधिकारी प्रवीणसिंह जुगतावत ने बताया कि लोकल लोगों को जब चट्‌टान गिरती दिखीं तो वे मौके पर भागे। वहां ग्रामीणों की भीड़ लग गई। पुलिस को सूचना दी गई। केलवा थाने से जाब्ता बुलाया गया। पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से पत्थर हटाकर घायल लक्ष्मण को निकाला और अस्पताल पहुंचाया। मां-बेटी के शव को निकाल जिला अस्पताल की मोर्चरी में भेजे गए। लक्ष्मण दास खनन मजदूर है और इन्हीं इलाकों में मार्बल माइंस में पत्थर खोलने का काम करता है। लक्ष्मण की 4 बेटियों में खुशी सबसे छोटी थी, हादसे में कुशी की मौत हुई। सबसे बड़ी बेटी की उम्र 13 साल, दूसरी की 8 साल और तीसरी बेटी की उम्र 6 साल है। परिवारजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

कई बार लटके हुए ब्लॉक हटाने को कहा
ग्रामीण विजयसिंह, रघुवीरसिंह और युवराजसिंह ने बताया कि माइंस मालिक पृथ्वीसिंह मेड़तिया को पहले भी कई बार रास्ते में लटके हुए मार्बल के ब्लॉक को हटाने के लिए कहा गया था। लेकिन मांइस मालिक ने इस तरफ कोई ध्यान नहीं दिया। ग्रामीणों ने खनन विभाग के कर्मचारियों की मार्बल माइंस मालिक से मिलीभगत का भी आरोप लगाया। माइंस इलाके में रहने वाले स्थानीय लोगों का कहना है कि माइंस के लिए खनन मालिक नए रास्ते बना देते हैं। रास्ते को लेकर विवाद होता रहता है।  30 फीट की ऊंचाई से गिरी 5 टन वजनी चट्‌टान और मलबा।

मार्बल माइंस मालिक ने यह कहा
माइंस मालिक पृथ्वीसिंह मेड़तिया से बात की तो उसने कहा कि माइंस हमारी है लेकिन हादसा रास्ते में हुआ है। यहां 20 साल से खनन का कार्य कर रहे हैं। एसोसिएशन का पदाधिकारी भी हूं। होली के अवकाश के कारण खनन काम बंद है। माइंस तक पहुंचने के लिए जो रास्ता बनाया गया है, वहीं यह हादसा हुआ, जिसका दुख है। परिवार को पूरी आर्थिक मदद मिलेगी। समय समय पर झुकी हुई चट्टानों को हटा दिया जाता है, लेकिन फिर भी मौसम बदलने पर पत्थर खिसक जाते हैं। माइंस मालिक नागौर के रहने वाले है।

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