मंकीपॉक्स महामारी का नाम बदलने का फैसला: WHO

विश्व स्वास्थ्य संगठन दुनिया भर के अपने सहयोगियों और विशेषज्ञों के साथ मंकीपॉक्स वायरस का नाम बदलने के काम में जुटा

 मंकीपॉक्स महामारी का नाम बदलने का फैसला: WHO

30 अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिकों से मिले एक पत्र के बाद डब्ल्यूएचओ ने यह कदम उठाया है। पत्र में नाम को तत्काल रूप से बदलने की आवश्यकता पर जोर दिया गया है। पत्र में लिखा गया

जिनेवा। दुनिया में तेजी से फैलते मंकीपॉक्स वायरस को कुछ वैज्ञानिकों के 'स्टिगमाटाइजिंग' (कलंकित किया जाना या किसी को दोषारोपण करना) कहे जाने के बाद विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने भी अब महामारी का नाम बदलने का फैसला किया है। न्यूयॉर्क पोस्ट ने अपनी रिपोर्ट में यह जानकारी दी।

संगठन के प्रमुख टेड्रोस अदनोम घेब्रेयियस ने कहा,''विश्व स्वास्थ्य संगठन दुनिया भर के अपने सहयोगियों और विशेषज्ञों के साथ मंकीपॉक्स वायरस का नाम बदलने के काम में जुटा हुआ है।  हम जितनी जल्दी हो सके नए नाम की घोषणा करेंगे। ''दरअसल, 30 अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिकों से मिले एक पत्र के बाद डब्ल्यूएचओ ने यह कदम उठाया है। पत्र में नाम को तत्काल रूप से बदलने की आवश्यकता पर जोर दिया गया है। पत्र में लिखा गया,''निरंतर बातचीत और मुद्दे पर लगातार विचार-विमर्श करने के बाद यह जरूरी समझा जा रहा है कि हम इसे भेदभाव रहित और गैर कलंकित नाम दें।''

इसमें कहा गया,''वायरस का नाम बार-बार अफ्रीका से जोड़ा जा रहा है और इसका नामकरण अफ्रीकी पृष्ठभूमि की तर्ज पर होना बिल्कुल गलत है, यह भेदभाव और किसी को कलंकित करना दिखाता है। मीडिया में भी वायरस से संबंधित जितनी भी तस्वीरें हैं, उनमें से अधिकतर में अफ्रीकी नजर आ रहे हैं। हाल ही में, अफ्रीका के फॉरेन प्रेस एसोसिएशन ने एक बयान जारी करके वैश्विक मीडिया से महामारी के लिए अफ्रीकी लोगों की तस्वीर के इस्तेमाल को बंद करने का आग्रह किया।वैज्ञानिकों का मानना है कि बीमारी का नामकरण कुछ ऐसा किया जाए जिससे किसी देश पर नकारात्मक प्रभाव न पड़े।

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