वन्यजीवों की देखरेख के लिए वाइल्ड लाइफ सर्विलांस परियोजना का विस्तार

विस्तार के लिए 15.30 करोड़ को स्वीकृति दी

वन्यजीवों की देखरेख के लिए वाइल्ड लाइफ सर्विलांस परियोजना का विस्तार

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने वाइल्ड-लाइफ सर्विलांस परियोजना के विस्तार के लिए 15.30 करोड़ को स्वीकृति दी है। वन्यजीवों के संरक्षण तथा उनके संवर्धन के लिए राज्य सरकार की प्रतिबद्धता के अनुरूप मुख्यमंत्री ने यह निर्णय लिया है।

जयपुर। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने वाइल्ड-लाइफ सर्विलांस परियोजना के विस्तार के लिए 15.30 करोड़ को स्वीकृति दी है। वन्यजीवों के संरक्षण तथा उनके संवर्धन के लिए राज्य सरकार की प्रतिबद्धता के अनुरूप मुख्यमंत्री ने यह निर्णय लिया है। इस परियोजना के उचित क्रियान्वयन के साथ ही वन्यजीवों की बेहतर देखरेख सुनिश्चित हो सकेगी। वाइल्ड-लाइफ  सर्विलांस परियोजना वन्य क्षेत्रों की बेहतर देखरेख के लिए एकीकृत सॉफ्टवेयर आधारित समाधान है, जो उच्च स्तरीय थर्मल-ऑप्टिकल कैमरे, वायरलेस नेटवर्क, संचार उपकरण, सौर ऊर्जा प्रणाली व ड्रोन आदि से लैस है। झालाना, सरिस्का, रणथम्भौर, मुकुन्दरा तथा इस प्रणाली के सफल अनुभव के बाद अब इस स्वीकृति से इस परियोजना का विस्तार प्रदेश के महत्वपूर्ण अभ्यारण्य, राष्ट्रीय उद्यान व अन्य संरक्षित क्षेत्रों में भी किया जाएगा। इस प्रणाली की मदद से वन्य क्षेत्रों में अवैध शिकार (पोचिंग), आगजनी, कीमती लकड़ी की चोरी सहित बाघ व अन्य वन्यजीव प्रजातियों की विभिन्न गतिविधियों की निगरानी 24 घंटे स्वचलित तरीके से प्रभावी ढंग से हो सकेगी। इससे वन विभाग की निगरानी क्षमताओं में वृद्धि होगी तथा विभिन्न वनस्पतियों व वन्य जीवों के बचाव की दक्षता में भी सुधार हो सकेगा।

अजमेर का ढसूक उप स्वास्थ्य केन्द्र, पीएचसी में क्रमोन्नत
अजमेर की पंचायत समिति अराई में स्थित ढसूक उप स्वास्थ्य केन्द्र को प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र (पीएचसी) में क्रमोन्नत करने के प्रस्ताव को मुख्यमंत्री ने मंजूरी दे दी है। इस निर्णय से लोगों को स्थानीय स्तर पर बेहतर उपचार की सुविधा उपलब्ध हो सकेगी। स्थानीय जनप्रतिनिधियों तथा आमजन की मांग के चलते उन्होंने नियमों में शिथिलता देते हुए यह निर्णय लिया है।

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