कोवैक्सीन की दूसरी खुराक लेने के बाद 0.04 फीसदी हुए संक्रमित, केंद्र सरकार ने जारी किए आंकड़े

कोवैक्सीन की दूसरी खुराक लेने के बाद 0.04 फीसदी हुए संक्रमित, केंद्र सरकार ने जारी किए आंकड़े

भारत में अभी कोरोना वायरस संक्रमण की दो वैक्सीन कोविशील्ड और कोवैक्सीन मौजूद हैं। 45 साल से ज्यादा उम्र के लोग इनमें से कोई भी वैक्सीन लगवा सकते हैं। वैक्सीन के चुनाव के लिए वह स्वतंत्र हैं। बुधवार को केंद्र सरकार की ओर से एक आंकड़ा सामने रखा है, जिसमें बताया गया है कि कौनसी कोरोना वैक्सीन की दूसरी डोज लेने के बाद भी लोगों को किस दर से संक्रमण हुआ।

नई दिल्ली। भारत में अभी कोरोना वायरस संक्रमण की दो वैक्सीन कोविशील्ड और कोवैक्सीन मौजूद हैं। 45 साल से ज्यादा उम्र के लोग इनमें से कोई भी वैक्सीन लगवा सकते हैं। वैक्सीन के चुनाव के लिए वह स्वतंत्र हैं। बुधवार को केंद्र सरकार की ओर से एक आंकड़ा सामने रखा है, जिसमें बताया गया है कि कौनसी कोरोना वैक्सीन की दूसरी डोज लेने के बाद भी लोगों को किस दर से संक्रमण हुआ। इसमें कोवैक्सीन और कोविशील्ड दोनों को लेकर जानकारी दी गई। सरकार की ओर से बताया गया कि लगभग 0.04 फीसदी लोग कोवैक्सीन की दूसरी खुराक लेने के बाद भी कोरोना पॉजिटिव हुए जबकि कोविशील्ड की दूसरी खुराक लेने के बाद 0.03 फीसदी लोग कोरोना संक्रमित पाए गए। इन आंकड़ों की पुष्टि आईसीएमआर के निदेशक बलराम भार्गव ने भी की।

आकंड़ों पर एक नजर, संक्रमण दर (प्रतिशत में)
उम्र            पहली लहर            दूसरी लहर
0-10               4.03                  2.97
10-20             8.07                  8.50
20-30           20.41                19.35
30 से अधिक  67.5                  69.18

कोवैक्सीन के फेज-3 ट्रायल का डाटा जारी
भारत बॉयोटेक ने बुधवार को कहा कि उसका कोरोना वायरस टीका कोवैक्सीन तीसरे चरण के अंतरिम विश्लेषण के तहत कोविड-19 संक्रमण के हल्के, मध्यम, और गंभीर लक्षण वाले मामलों में 78 प्रतिशत प्रभावी पाया गया है। टीका बनाने वाली कंपनी ने कहा कि तीसरे चरण के अध्ययन का दूसरा अंतरिम आंकड़ा यह बताता है कि कोवैक्सीन टीका लेने के बाद इस संक्रामक बीमारी के कारण व्यक्ति को अस्पताल में भर्ती होने जरूरत 100 प्रतिशत तक कम हो जाती है। भारत बॉयोटेक के चेररमैन और प्रबंध निदेशक कृष्ण एला ने कहा कि सार्स-कोव-2 के विरुद्ध इसके प्रभावी होने की बात स्थापित हुई है। कोवैक्सीन ने मानव क्लिनिकल परीक्षण और आपात उपयोग के तहत बेहतर सुरक्षा प्रदान करने की क्षमता प्रदर्शित किया है।

कोरोना की दूसरी लहर है ज्यादा खतरनाक
स्वास्थ्य मंत्रालय ने बुधवार को एक तुलनात्मक आंकड़ा जारी किया जिसमें दर्शाया गया है कि कोविड-19 की मौजूदा दूसरी लहर में पीड़ितों की जनसांख्यिकी व गंभीरता पहली लहर के लगभग समान है। केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि 146 जिलों में कोविड-19 की सकारात्मकता दर 15 प्रतिशत से अधिक दर्ज की गई है जबकि 274 जिलों में यह दर पांच से 15 प्रतिशत के बीच रही है। नए आंकड़े देश भर में फैली इस चिंता के बीच जारी किए गए हैं कि दूसरी लहर अधिक नुकसान पहुंचाने वाली है और इसमें अधिक तबाही हो सकती है। 

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