फिर खुला आसमान

कोरोना महामारी के चलते पिछले लंबे समय से बंद अंतरराष्ट्रीय उड़ानें 27 मार्च से फिर बहाल हो जाएंगी।

फिर खुला आसमान

इस फैसले से न केवल विदेश जाने वाले यात्रियों को राहत मिलेगी बल्कि ट्रेवल एवं टूरिज्म गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।

कोरोना महामारी के चलते पिछले लंबे समय से बंद अंतरराष्ट्रीय उड़ानें 27 मार्च से फिर बहाल हो जाएंगी। इस फैसले से न केवल विदेश जाने वाले यात्रियों को राहत मिलेगी बल्कि ट्रेवल एवं टूरिज्म गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। कोरोना की वजह से मार्च, 2020 से लेकर अब तक अंतरराष्ट्रीय उड़ाने बंद होने से इस उद्योग की कमर टूट गई थी। अब कोरोना का असर दिन प्रतिदिन कम हो रहा है। हालात बेहतर होते हुए भी यदि इस फैसले को आगे तक और टाला जाता तो इस इण्डस्ट्री में संकट और गहरा जाता और इसे फिर संभलने मेंं कई मुश्किलें खड़ी हो जातीं। इस इण्डस्ट्री में काम करने वाले करीब दस लाख लोगों की नौकरी संकट में पड़ने का खतरा बढ़ जाता। सरकार के राजस्व संग्र्रह में इस इण्डस्ट्री का योगदान करीब 10 प्रतिशत है। 2019 पर गौर करें तो ट्रेवल इण्डस्ट्री ने 30 बिलियन डॉलर की कमाई सिर्फ विदेशी यात्रियों से की थी। कोरोना शुरू होने से पहले 2019 में करीब 25 मिलियन भारतीय विदेश घूमने गए थे और 11 मिलियन विदेशी पर्यटक भारत आए थे। इस तरह पिछले दो साल में अंतरराष्ट्रीय उड़ानें बंद होने से करीब 60 से 65 बिलियन डॉलर का नुकसान उठाना पड़ा है। दो साल तक उड़ाने बंद रहने और कोरोना लॉकडाउन के चलते इस इण्डस्ट्री में काम करने वाले या इससे जुड़े लाखों लोगों की नौकरियां खत्म हो चुकी हैं। कोरोना का असर कम होता देख दुनिया के कई देशों ने विदेशी यात्रियों के लिए रास्ते खोल दिए हैं। तब से भारत में भी विदेशी यात्रियों के लिए उड़ाने शुरू करने की मांग उठ रही थी। नागरिक उड्डयन मंत्रालय के अनुसार भारतीय एयरलाइंस और हवाई अड्डों को वित्त वर्ष 2020-21 के दौरान 20 हजार करोड़ रुपए का नुकसान हुआ था। वहीं, हवाई अड्डों का संचालन करने वाली कंपनियों को भी 5 हजार करोड़ रुपए का नुकसान झेलना पड़ा। कई एयरलाइंस ने अपने किराए बढ़ा दिए हैं, जिससे यात्रियों को ज्यादा जेब खाली करनी पड़ रही है। किराये में 30 से 40 प्रतिशत तक की वृद्धि कर दी गई है। उड़ानें शुरू होने से विमानन उद्योग व पर्यटन उद्योग की गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। मांग व आपूर्ति में संतुलन कायम होगा। अंतरराष्ट्रीय यात्रा सस्ती होने की उम्मीद जगेगी। लेकिन रूस-यूक्रेन का युद्ध और रूस पर लगे आर्थिक प्रतिबंधों की आंच भी इण्डस्ट्री पर पड़ेगी। युद्ध समाप्त होने के बाद ही विमानन उद्योग सामान्य हो सकेगा। फिर भी नियमित अंतरराष्ट्रीय उड़ाने शुरू होने से यात्रियों को राहत मिलेगी।

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