पांच साल में हर तीसरी भर्ती का पेपर हुआ आउट

कांस्टेबल भर्ती पेपर लीक मामला: जल्द से जल्द सेंटर और संचालकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग

  पांच साल में हर तीसरी भर्ती का पेपर हुआ आउट

अभ्यार्थियों के भविष्य से खिलवाड़: अभिभावक संघ

 जयपुर। प्रदेश में प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक की रीत बढ़ती जा रही है। ऐसे मामलों में कभी राज्य सरकार भर्ती परीक्षा की जांच करवाती है तो कभी बिना जांच के ही नियुक्ति दे दी जाती है। राजस्थान में पिछले 4-5 सालों में यह देखा गया है कि हर तीसरी भर्ती का पेपर आउट हो रहा है। वहीं राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड की भर्तियों में तो हर दूसरी भर्ती परीक्षा का पेपर आउट हुआ है।


अभ्यार्थियों के भविष्य से खिलवाड़: अभिभावक संघ
पेपर लीक मामला तूल पकड़ता जा रहा है। इस मामले में मंगलवार को संयुक्त अभिभावक संघ ने भी राज्य सरकार पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि पुलिस भर्ती परीक्षा का पेपर लीक मामला एक सोची समझी साजिश है। अभ्यार्थियों के भविष्य की उम्मीदों से खिलवाड़ किया गया है। संघ के प्रदेश कोषाध्यक्ष सर्वेश मिश्रा ने कहा कि राज्य सरकार पेपर लीक मामले पर गंभीरता दिखाते हुए मामले की सीबीआई जांच करवाई जाए और आरोपी एएसआई रतनलाल को बर्खास्त कर सभी आरोपियों की समाप्ति जब्त करने की कार्रवाई करें। वहीं झोटवाड़ा के जिस निजी स्कूल से पेपर लीक हुआ उस स्कूल की मान्यता रद्द कर सख्त कार्रवाई की जाए।

मोहन ने कर लिया मोबाइल बंद
14 मई को द्वितीय पारी में प्रश्न पत्र प्राप्त कर खोलने वाले स्टाफ   की सूची केन्द्राधीक्षक से ली गई तो उसमें कमल वर्मा, रोशन कुमावत, सत्यनारायण और मोहन, एएसआई रतनलाल और टीसीएस से राकेश का नाम था। इसमें मोहन परीक्षा केन्द्र पर 15 मई को नहीं मिला। उसका मोबाइल भी बंद था।

बेरोजगारों का प्रदर्शन
कांस्टेबल पेपर लीक मामले में बेरोजगार युवक दिवाकर स्कूल पहुंचे और पेपर लीक करने वालों के खिलाफ प्रदर्शन किया। दिवाकर स्कूल की मान्यता रद्द करने और दोषियों के खिलाफ 10 साल की सजा की मांग की है। राजस्थान बेरोजगार एकीकृत महासंघ अध्यक्ष उपेन यादव के नेतृत्व में रैली निकालकर बेरोजगार सेंटर के बाहर पहुंचे और विरोध प्रदर्शन कर जल्द से जल्द सेंटर और संचालकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

भाजपा के समय भी हुए पेपर आउट
कांस्टेबल भर्ती परीक्षा पेपर लीक प्रकरण पर सियासत शुरू हो गई है। भाजपा के इस मुद्दे पर सरकार को घेरने के बाद कैबिनेट मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने भाजपा नेताओं पर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि भाजपा शासन में भी पेपर आउट हुए हैं। भाजपा तो खुद नकल करवाती आई है। इसलिए भाजपा को बयानबाजी का कोई अधिकार नहीं है। कांग्रेस सरकार ने तो नकल विरोधी कानून बनाकर सख्त कदम उठाया है। कानून का उल्लघंन करने पर कानून में कठोर कार्रवाई का प्रावधान है।

नौजवानों के सपने टूटे
पर्चे तभी लीक होते हैं जब सरकार वीक होती है। सरकार चिंतन में व्यस्त थी। वहीं दूसरी ओर नौजवानों के सपने टूट रहे थे। लाखों विद्यार्थियों के अरमानों पर पानी फिर गया। स्थितियां सरकार के नियंत्रण के बाहर है। खुद सीएम दोषी है। एसओजी की कार्रवाई में रीट के दौरान छोटी मछलियां पकड़ी गई। माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के चेयरमैन रहे डीपी जारौली ने भी तब स्वीकार किया है। प्रदेश में नकल, खनन, ड्रग, भू माफिया सक्रिय है। - सतीश पूनिया, प्रदेशाध्यक्ष, भाजपा।

सरकार की मंशा पर संदेह
क के बाद एक धांधली सामने आने से सरकार की मंशा पर संदेह उपजता है। भर्ती परीक्षाओं के पेपर लगातार लीक हो रहे हैं। पुख्ता प्रबंध के बाद परीक्षा प्रक्रिया को संचालित करना चाहिए। दिखावे के लिए परीक्षा कराई जाती है और पर्चा लीक करा दिया जाता है। परीक्षा अटकी रहेगी। भर्ती होगी नहीं।- गजेन्द्र सिंह शेखावत, केन्द्रीय जलशक्ति मंत्री।

पेपर लीक अब पंरपरा सी बन गई
सरकार इतनी वीक है कि पेपर लीक अब पंरपरा सी बन गई है। इतने पेपर लीक हो चुके हैं। साफ है कि नकल माफिया की सरकार में जड़े गहरी हो चुकी है। परीक्षाएं निष्पक्षता से होना संभव ही नहीं लग रहा है। पेपर लीक बिना प्रशासनिक गठजोड़ के संभव नहीं है। लीक के तार ऊंचे ओहदों तक जुड़े हो सकते हैं। - राजेन्द्र राठौड़, उपनेता प्रतिपक्ष, विधानसभा।

सीबीआई जांच हो तो उतरेगा नकाब
एक भी परीक्षा निष्पक्षता से इस सरकार में नहीं हुई है। बड़े लोगों की भागीदारी से इनकार नहीं किया जा सकता है। पेपर लीक की सीबीआई जांच हो तो चेहरों से नकाब उतर जाए। - वासुदेव देवनानी, पूर्व शिक्षा मंत्री व विधायक

कभी होती जांच तो कभी बिना जांच के मिल रही नियुक्ति
प्रयोगशाला सहायक भर्ती-2018
1200 पदों पर तीन फरवरी 2019 को परीक्षा हुई, लेकिन आरोप लगा कि परीक्षा में पेपर छापने और ओएमआर जांचने वाली कंपनी ने सैकड़ों ओएमआर शीट को भरकर फर्जी अभ्यर्थियों का चयन कर लिया।


कृषि पर्यवेक्षक भर्ती- 2018
1832 पदों पर निकली भर्ती की परीक्षा 3 मार्च 2019 को हुई, लेकिन परीक्षा में पेपर छापने एवं ओएमआर जांचने वाली कंपनी पर फिर आरोप लगे। यहां भी बिना जांच किए नियुक्तियां दे दी गई।


एनटीटी भर्ती 2018
पूर्व प्राथमिक शिक्षा अध्यापक के 1310 पदों पर 24 फरवरी 2019 को परीक्षा हुई। आरोप लगा कि अभ्यर्थियों ने अपनी डिग्री अन्य राज्यों से फर्जी तरीके यानी बेक डेट से हासिल की थी, लेकिन भर्ती के परिणाम को दो साल बीत चुके हैं। फर्जी डिग्री वालों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।


पैरामेडिकल कैडर की परीक्षाएं
पैरामेडिकल कैडर की लैब टेक्नीशियन, सहायक रेडियोग्राफर एवं ईसीजी की 1119, 1058 और 195 पदों पर आॅनलाइन आवेदन मांगकर बिना परीक्षा लिए शैक्षणिक योग्यता के आधार पर चयन किया गया। आरोप लगा कि अभ्यर्थियों ने निजी विश्वविद्यालयों से बैक डेट में डिग्रियां ली, लेकिन ऐसी डिग्रियों का सत्यापन नहीं कराया गया।

जेईन भर्ती-2020
जेईन के सिविल ब्रांच के करीब 533 पदों पर 6 दिसंबर 2020 को हुई परीक्षा का प्रश्न पत्र लीक हुआ। 29 दिसंबर 2020 को बोर्ड ने परीक्षा को रद्द कर दिया। राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड ने फिर से 12 सितम्बर 2021 को परीक्षा कराई, लेकिन पुन: पेपर लीक हुआ। 6 दिसम्बर 2020 को कराई परीक्षा का पेपर फिर आउट हुआ, लेकिन उसकी न तो जांच हुई और ना ही यह पता लगाया गया कि पेपर कहां से लीक हुआ।


पुस्तकालयाध्यक्ष भर्ती-2018
पुस्तकाल्याध्यक्ष के 700 पदों के लिए 29 दिसंबर 2019 को हुई परीक्षा का पेपर आउट होने पर इसे रदद् कर दिया गया। दोबारा से परीक्षा 19 सितंबर 2020 को हुई, लेकिन दूसरी बार भी पेपर आउट हुआ, जिसकी जांच एसओजी ने की।


पुलिस उपनिरीक्षक भर्ती 2021
आरपीएससी राजस्थान पुलिस उपनिरीक्षक भर्ती 2021 की परीक्षा तीन चरणों में 13 से 15 सितंबर 2021 को कराई गई परीक्षा का पेपर आउट हुआ। यही नहीं डमी कैंडिडेट बैठकर परीक्षा कराने के कई मामले आए और 18 से ज्यादा आरोपी पकड़े भी गए।


आरएएस भर्ती 2018
यह परीक्षा 2019 में हुई, जिसमें साक्षात्कार में अंक दिलवाने वाले आयोग के कनिष्ठ लेखाकार को एसीबी ने गिरफ्तार किया। इस प्रकरण में आयोग की सदस्या का नाम भी था। वहीं तत्कालीन शिक्षा मंत्री पर भी सवाल खड़े हुए थे, लेकिन राज्य सरकार द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।


राजस्थान रीट परीक्षा 2021
रीट भर्ती परीक्षा प्रकरण के सम्बन्ध में वर्तमान में राजस्थान एसओजी द्वारा जांच जारी है। रीट लेवल 2 को सरकार ने रद्द कर दिया है।

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