दूषित खाद्य सामग्री पर कैसे लगे अंकुश

एक तिहाई यानी 11 जिलों में ही खाद्य जांच लैब है

दूषित खाद्य सामग्री पर कैसे लगे अंकुश

राजस्थान में लोगों को शुद्ध खाद्य पदार्थ मिले इसके लिए चिकित्सा विभाग में अलग से खाद्य सुरक्षा को लेकर विंग काम कर रही है। अभी प्रदेश में शुद्ध खाद्य सामग्री पर संशय बरकरार है, क्योंकि प्रदेश के एक तिहाई यानी 11 जिलों में ही खाद्य जांच लैब है।

जयपुर। राजस्थान में लोगों को शुद्ध खाद्य पदार्थ मिले इसके लिए चिकित्सा विभाग में अलग से खाद्य सुरक्षा को लेकर विंग काम कर रही है। अभी प्रदेश में शुद्ध खाद्य सामग्री पर संशय बरकरार है, क्योंकि प्रदेश के एक तिहाई यानी 11 जिलों में ही खाद्य जांच लैब है। पद के मुकाबले आधे ही खाद्य सुरक्षा अधिकारी तैनात हैं, लेकिन वे भी तय जांच नमूने नहीं ले रहे हैं। साल में कोरी आधी जांचें हो रही है। गहलोत सरकार ने फरवरी 2021 में मिलावटखोरों के खिलाफ कार्रवाई के लिए नया कानून बनाकर 6 माह से आजीवन कारावास की सजा का प्रावधान किया, लेकिन अधिकारी एक भी मिलावटखोर को अभी तक सजा नहीं दिला पाए हैं। स्थिति यह है कि सालभर में लिए गए जांच नमूनों में से आधे मामलों में भी कोर्ट में चालाना पेश नहीं हुए। जांचें भी अधूरी पड़ी है। ऐसे में जनता को शुद्ध खाद्य पदार्थ मिलना अभी दूर की कौड़ी ही साबित हो रहा है।

प्रदेश में 22 जिलों में जांच लैब नहीं
केवल जयपुर, जोधपुर, कोटा, अजमेर, अलवर, भरतपुर, बीकानेर, बांसवाड़ा, जालौर, चूरू में खाद्य जांच लैब है। शेष 22 जिलों में जांच लैब नहीं है।

 13 खाद्य विश्लेषक के जिम्मे जांच
प्रदेश में जांच लैबों में केवल 13 खाद्य विश्लेषक हैं जो जांच को आने वाले सैंपलों की जांच करते हैं। ऐसे में मिलावटखोरों के लिए गए सैंपल जांच से पहले ही पड़े-पड़े की खराब हो जाते हैं।

Read More कोटा उत्तर वार्ड 70- बेजुबान बन रहे काल का ग्रास,गंदगी से परेशानी

91 खाद्य सुरक्षा अधिकारी के पद, 48 ही कार्यरत
प्रदेश में 91 खाद्य सुरक्षा अधिकारियों के पद हैं, लेकिन केवल 48 के करीब ही पद भरे हुए हैं। अगर पद बढ़े तो करीब 9 हजार जांच नमूने और लिए जा सकते हैं।

6439 जांच सैम्पल ही लिए, लेने थे 10 हजार
नियम है कि हर खाद्य सुरक्षा अधिकारी को हर माह 20 खाद्य पदार्थों के नमूने लेने ही होंगे। इस हिसाब से करीब 10 हजार जांच सैपल लेने चाहिए थे, लेकिन लिए केवल 6439 नमूने। गंभीर बात यह है कि इनमें से 17 फीसदी से अधिक खाद्य पदार्थ के नमूने घटिया निकले। 674 सब स्टैन्डर्ड, 302 मिस ब्रान्ड और 162 पूर्णत: हानिकारक मिलावट वाले खाद्य पदार्थ मिले।

अब फिर से 10 जून से शुद्ध के लिए युद्ध अभियान
चिकित्सा विभाग अब फिर से खाद्य सुरक्षा दिवस पर 10 जून से शुद्ध के लिए युद्ध अभियान चला रहा है, लेकिन संसाधनों के अभाव, खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की कमी, लापरवाही और जांच और सजा में देरी के चलते मिलावटखोरों के हौंसलों पर कोई फर्क पड़ता नहीं दिखेगा।

Read More अब स्मार्ट लुक में नजर आएगा ग्रामीण हाट बाजार

Post Comment

Comment List

Latest News