अंतरिक्ष में है मलबे के टुकड़े : इसरो

समावेशी उपयोग के लिए स्थायी समस्या बन गये हैं

अंतरिक्ष में है मलबे के टुकड़े : इसरो

क्रियाशील अंतरिक्ष संपत्तियों के साथ कक्षीय मलबे सहित अंतरिक्ष में स्थित वस्तुओं के टकराव के बढ़ते खतरे बाह्य अंतरिक्ष के सुरक्षित एवं समावेशी उपयोग के लिए स्थायी समस्या बन गये हैं।

चेन्नई। क्रियाशील अंतरिक्ष संपत्तियों के साथ कक्षीय मलबे सहित अंतरिक्ष में स्थित वस्तुओं के टकराव के बढ़ते खतरे बाह्य अंतरिक्ष के सुरक्षित एवं समावेशी उपयोग के लिए स्थायी समस्या बन गये हैं। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने स्पेस सिचुएशनल असेसमेंट पर जारी एक रिपोर्ट में कहा कि ये खतरे अंतरिक्ष तक अबाध पहुंच को प्रतिबंधित करते हैं और अंतरिक्ष के क्षेत्र में काम करने वाले सभी भागीदारों को उन्हें कम करने के लिए उचित उपाय करने के वास्ते प्रेरित करते हैं। संगठन ने कहा कि वर्तमान में, अंतरिक्ष मलबे के लाखों टुकड़े हजारों क्रियाशील उपग्रहों के साथ पृथ्वी के ऊपर विभिन्न ऊंचाइयों पर पृथ्वी की परिक्रमा कर रहे हैं। अंतरिक्ष मलबे में रॉकेट के हिस्से होते हैं, जिनका उपयोग उपग्रहों के प्रक्षेपण के लिए किया जाता है। इसके अलावा निष्क्रिय उपग्रह, मिशन संचालन के दौरान मुक्त हुई सामग्री, अंतरिक्ष वस्तुओं के कक्षा में टूटने से निर्मित टुकड़े और एंटी-सैटेलाइट (एएसएटी) परीक्षणों के दौरान बने टुकड़े भी होते हैं।

ये अंतरिक्ष पिंड पृथ्वी की निम्न कक्षाओं में 27 हजार किमी प्रति घंटे की औसत गति से चलते हैं इसलिए, एक सेंटीमीटर आकार के छोटे टुकड़े के साथ भी टकराव एक क्रियाशील अंतरिक्ष संपत्ति के लिए विनाशकारी हो सकता है। ये परिक्रमा करने वाले अंतरिक्ष मलबे वर्तमान में कक्षा में मौजूद लगभग 3000 क्रियाशील उपग्रहों के लिए खतरा हैं, जिनका उपयोग महत्वपूर्ण आधुनिक संचार, वाणिज्य, यात्रा और सुरक्षा प्रणालियों के लिए किया जाता है। क्रियाशील अंतरिक्ष संपत्तियों को किसी मामूली क्षति से भी संचार, वित्त, बिजली, परिवहन, समय निर्धारण और महत्वपूर्ण रक्षा संबंधी पहलुओं सहित कई महत्वपूर्ण प्रणालियों पर व्यापक प्रभाव पड़ेगा।









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