करौली बॉर्डर पर सियासी बवाल: तेजस्वी सूर्या, सतीश पूनिया सहित भाजपाइयों को करौली की बॉर्डर पर रोका, फिर धरने से हिरासत तक का सियासी सफर

पुलिस और बीजेपी कार्यकर्ता आपस में भिड़े

करौली बॉर्डर पर सियासी बवाल: तेजस्वी सूर्या, सतीश पूनिया सहित भाजपाइयों को करौली की बॉर्डर पर रोका, फिर धरने से हिरासत तक का सियासी सफर

धरने पर बैठे बीजेपी नेता

जयपुर/दौसा। करौली में दंगा पीड़ितों से मिलने और न्याय रैली निकालने के लिए करौली जा रहे भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया भारतीय जनता युवा मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष तेजस्वी सूर्या और मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष हिमांशु शर्मा सहित भाजपाइयों को पुलिस ने करौली की बॉर्डर पर ही रोक लिया। इस पर भाजपाइयों ने वहां पर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। बीजेपी करौली मामले पर बुधवार को न्याय यात्रा निकाल रही थी। इससे पहले पूनिया और सूर्या जयपुर में सवाई मानसिंह अस्पताल में भी गए थे जहां उन्होंने करौली दंगे में घायल से मुलाकात की और घटना की जानकारी ली। सतीश पूनिया और तेजस्वी सूर्या को रोकने के बाद दौसा-करौली बॉर्डर पर सियासी बवाल मच गया है। बीजेपी नेता कार्यकर्ता मौके पर ही धरना प्रदर्शन किया।

बॉर्डर पर बड़ी संख्या पर पुलिस बल तैनात है।  बीजेपी कार्यकर्ताओं को रोकने के दौरान पुलिस और बीजेपी कार्यकर्ता आपस में भिड़ते नजर आएं। बाद में भाजपाइयों ने जब मेरी गेट तोड़कर अंदर घुसने की कोशिश की तो पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर उन्हें खदेड़ा और मौके पर मौजूद भाजपा कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारियां की गई ।  पुलिस ने तेजस्वी सूर्या,  सतीश पुनिया,  मनोज राजोरिया को हिरासत में लिया। पुलिस भाजपा नेताओं को मेहंदीपुर बालाजी मोड़ लेकर पहुंची।  मंगलम मिडवे में भाजपा नेताओं को हिरासत से रिहा किया।  जिसके बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में बीजेपी नेताओं ने कांग्रेस सरकार पर हमला बोलते हुए युवा मोर्चा राष्ट्रीय अध्यक्ष तेजस्वी सूर्या और प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया ने कटाक्ष किए। बीजेपी नेताओं ने करौली हिंसा के पीड़ितों को मुआवजा व सुरक्षा देने की मांग की। इस दौरान युवा मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष हिमांशु शर्मा, भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष मुकेश दाधीच व प्रदेश मंत्री नरेंद्र गुर्जर भी रहे मौजूद

इससे पहले पूनिया और सूर्या ने कहा कि वह करौली जाने के लिए आए हैं और दंगा पीड़ितों से मिलकर वह न्याय यात्रा निकाले बगैर यहां से नहीं जाएंगे अगर अगर पुलिस अपनी बात पर अड़ी रही तो सामूहिक रूप से गिरफ्तारियां देंगे।

 


 


 

Post Comment

Comment List

Latest News

रिश्वतखोर पटवारी को 3 साल की सजा , 50000 रुपए जुमार्ना रिश्वतखोर पटवारी को 3 साल की सजा , 50000 रुपए जुमार्ना
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम न्यायालय कोटा ने रिश्वत लेने के 10 साल पुराने मामले में एक पटवारी को बुधवार को 3...
कन्हैयालाल हत्याकांड सरकार की तुष्टीकरण की नीति का है परिणाम : पूनिया
पर्यटन को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से करे प्रचारित : सिंह
ईआरसीपी पर गुमराह कर रहे हैं मुख्यमंत्री, सब चाहते हैं योजना को मंजूरी मिले :राठौड़
रिफाइनरी की तरह ईआरसीपी पर भी जनता की आवाज सुननी पड़ेगी, हम योजना बंद नहीं करेंगे: गहलोत
युवाओं को उद्यम के क्षेत्र में बढ़ने के लिए की योजनाओं की घोषणा : शर्मा
कन्हैयालाल हत्याकांड के विरोध में सांंगरिया में व्यापारियों का प्रदर्शन: प्रतिष्ठान बंद