कागजों में घोषणा, कैसे मिटे पशुओं का मर्ज

पशुपालकों को नहीं मिल रहा लाभ

कागजों में घोषणा, कैसे मिटे पशुओं का मर्ज

पिछले दिनों गोवंश में लंपी बीमारी का प्रकोप भी फैला था, जिससे सैंकड़ों गोवंश ने इलाज के अभाव में दम तोड़ दिया था। राज्य सरकार ने गत वर्ष के बजट में मोबाइल यूनिट की घोषणा की थी, लेकिन अभी तक सभी जगह यह सुविधा शुरू नहीं हो पाई।

कोटा। पशुपालन विभाग ने पशुपालकों के पशुओं का घर पर ही उपचार करने के लिए हर उपखंड मुख्यालय पर मोबाइल यूनिट की घोषणा तो कर रखी है, लेकिन जिला मुख्यालय के अलावा कहीं पर भी यूनिट स्थापित नहीं की गई है। इससे बीमार पशुओं का समय पर उपचार नहीं हो पा रहा है। मजबूरी में पशुओं को नजदीकी पशु चिकित्सालय या उप पशु चिकित्सालय पर ले जाकर उपचार करवाना पड़ रहा है। पिछले दिनों गोवंश में लंपी बीमारी का प्रकोप भी फैला था, जिससे सैंकड़ों गोवंश ने इलाज के अभाव में दम तोड़ दिया था।  राज्य सरकार ने गत वर्ष के बजट में मोबाइल यूनिट की घोषणा की थी, लेकिन अभी तक सभी जगह यह सुविधा शुरू नहीं हो पाई। 

जिले में हैं करीब 6 लाख पशु 
प्रदेश में पशुओं की संख्या 5 करोड़ 80 लाख है। जबकि कोटा जिले में करीब 6 लाख पशु है। इनमें करीब 4 लाख गौवंश व भैंसवंश हैं। कोटा में केवल जिला मुख्यालय पर ही मोबाइल यूनिट उपलब्ध हैं। इसके अलावा अन्य जगह पर कोई सुविधा नहीं है। जिले के सभी उपखंडों को 8 नोडलों में विभाजित कर रखा है। पशुपालकों एवं पशु चिकित्सकों की माने तो हर उपखंड में एक मोबाइल यूनिट हो तो पशुपालक तत्काल पशुओं का इलाज करा सकते हैं। 

हर साल होती है पशुओं की मौत
मोबाइल यूनिट के अभाव में समय पर उपचार नहीं मिलने के कारण हर वर्ष बीमार होकर सैकड़ों की संख्या में पशुओं की मौत होती है। पशुओं में खुरपका-मुंहपका सहित अनेक प्रकार की बीमारियां होती रहती है, लेकिन कई चिकित्सालयों में चिकित्सक के नहीं होने से पशुओं को समय पर उपचार नहीं मिल पाता। ऐसे में इन स्थानों पर मोबाइल यूनिट काफी काम आ सकती है। पशुपालक की सूचना पर मोबाइल यूनिट मौक पर जाकर बीमार पशु का उपचार करती है।

यह होती है मोबाइल यूनिट
पशुपालन विभाग के अनुसार पशु चिकित्सालय की एक मोबाइल यूनिट में एक पशु चिकित्सक, एक कंपाउंडर एवं एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी होता है। नियमानुसार उपखंड मुख्यालय के नोडल पर पशुपालक को उसके बीमार पशुओं के इलाज के लिए कॉल करना होगा। इसके बाद मोबाइल यूनिट दवाई लेकर उसके घर पर जाएगी और बीमार पशु का इलाज करेगी।

गति पकड़ रहा टीकाकरण अभियान
खुरपका व मुंहपका रोग से बचाव के लिए जिले में पशुओं में टीकाकरण किया जा रहा है। अब टीकाकरण अभियान लगातार गति पकड़ता जा रहा है। जिले में अब तक 1 लाख 69 हजार पशुओं का टीकाकरण हो चुका है। जिले में दो लाख पशुओं की टीकाकरण करने का लक्ष्य दिया गया है। फरवरी से मार्च माह के बीच यह रोग पशुओं में तेज गति से फैलता है। इस कारण पशुपालन विभाग की टीमें ज्यादा से ज्यादा टीकाकरण करने में जुटी हुई है।

इनका कहना है
जिले में केवल जिला मुख्यालय पर ही मोबाइल यूनिट संचालित है। इसके अलावा उपखंड मुख्यालय पर मोबाइल यूनिट नहीं है। यह सही है कि हर उपखंड मुख्यालय पर मोबाइल यूनिट हो तो इसका अच्छा लाभ मिल सकता है। आगामी बजट में मोबाइल यूनिट उपलब्ध होने की संभावना है।
-चम्पालाल मीना, संयुक्त निदेशक पशुपालन विभाग कोटा

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