29 शहरों की तर्ज पर अन्य शहरों के भी बनेंगे जीआईएस आधारित मास्टर प्लान : शहरी विकास और नियोजन में होगा सुधार, एक उप-योजना प्रस्तावित
1 अक्टूबर 2021 को अमृत 2.0 का शुभारंभ किया
आवास और शहरी कार्य मंत्रालय ने 1 अक्टूबर 2021 को अमृत 2.0 का शुभारंभ किया था, जिसके तहत 50,000-99,999 की आबादी वाले वर्ग-II शहरों के लिए जीआईएस आधारित मास्टर प्लान बनाने पर एक उप-योजना प्रस्तावित की गई।
जयपुर। अमृत मिशन में शामिल राज्य के 29 शहरों की तर्ज पर अन्य शहरों के लिए भी जीआईएस आधारित मास्टर प्लान बनाए जाएंगे, जिससे शहरी विकास और नियोजन में सुधार होगा। नगर नियोजक विभाग के अनुसार भारत सरकार ने शहरी बुनियादी ढांचे में सुधार के लिए 25 जून 2015 को "अटल मिशन फॉर कायाकल्प एंड शहरी परिवर्तन" (अमृत) मिशन शुरू किया था। अमृत मिशन के तहत 500 शहरों में जीआईएस आधारित मास्टर प्लान बनाने की योजना है, जिससे शहरी विकास और नियोजन में सुधार हो सके। जीआईएस (भू-स्थानिक सूचना प्रणाली) का उपयोग शहरों के मानचित्रण, भूमि उपयोग योजना, और मास्टर प्लान बनाने में मदद करता है।
आवास और शहरी कार्य मंत्रालय ने 1 अक्टूबर 2021 को अमृत 2.0 का शुभारंभ किया था, जिसके तहत 50,000-99,999 की आबादी वाले वर्ग-II शहरों के लिए जीआईएस आधारित प्लान बनाने पर एक उप-योजना प्रस्तावित की गई। इसके तहत राज्य सरकार ने अन्य शहरों के लिए जीआईएस आधारित मास्टर प्लान बनाने की योजना बनाई है।
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