राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी का चंडीगढ़ दौरा, राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया से की शिष्टाचार भेंट
पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया
जयपुर। राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने चंडीगढ़ प्रवास के दौरान पंजाब राजभवन में गुलाबचंद कटारिया से शिष्टाचार भेंट की। इस अवसर पर देवनानी ने राज्यपाल कटारिया का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया तथा राजस्थान विधानसभा का स्मृति चिह्न देकर उनका अभिनंदन किया।
भेंटवार्ता के दौरान विधानसभा अध्यक्ष ने राजस्थान विधानसभा भवन में किए गए विभिन्न नवाचारों की जानकारी देते हुए भवन के द्वारों के नामकरण की अवधारणा से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि विधानसभा के प्रमुख प्रवेश द्वारों को कर्तव्य द्वार, शक्ति द्वार, सुशासन द्वार, संकल्प द्वार और शौर्य द्वार नाम दिए गए हैं, जिनके माध्यम से लोकतंत्र के मूल आदर्शों तथा जनप्रतिनिधियों के दायित्वों को प्रतीकात्मक रूप से अभिव्यक्त किया गया है। देवनानी ने बताया कि विधानसभा भवन के बाहरी द्वारों को राजस्थान के विभिन्न सांस्कृतिक अंचलों- बृज, शेखावाटी, वागड़, हाड़ौती, मारवाड़, मेवाड़, मेरवाड़ा और ढूंढाड़ के नाम समर्पित किया गया है। इसका उद्देश्य प्रदेश की सांस्कृतिक विविधता, लोक परंपराओं और क्षेत्रीय गौरव को लोकतांत्रिक व्यवस्था से जोड़ना है।
राज्यपाल कटारिया ने विधानसभा अध्यक्ष की इस पहल की सराहना करते हुए इसे लोकतांत्रिक संस्थाओं को जनभावनाओं और सांस्कृतिक मूल्यों से जोड़ने वाला महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के नवाचार नागरिकों में लोकतंत्र के प्रति आत्मीयता, जुड़ाव और गौरव की भावना को मजबूत करते हैं।

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