भारत बंद बेअसर: राजस्थान, UP, MP और बिहार में नहीं दिखा असर

बंद समर्थक भी हैं सड़क से गायब हालांकि पुलिस द्वारा ऐहतियातन सुरक्षा के पुख्ता इंतेजाम किए गए हैं

भारत बंद बेअसर: राजस्थान, UP, MP और बिहार में नहीं दिखा असर

केन्द्र द्वारा सेना भर्ती के लिए लायी गयी अग्निपथ योजना के विरोध में आज बुलाए गए भारत बंद का मध्यप्रदेश में असर नहीं दिखा, हालांकि पुलिस द्वारा ऐहतियातन सुरक्षा के पुख्ता इंतेजाम किए गए हैं। वहीं, रेलवे द्वारा भी सुरक्षा की चाक चौबंद व्यवस्था की गयी है।

जयपुर। राजस्थान में सोमवार को भारत बंद का असर बेअसर रहा। जयपुर, अजमेर, उदयपुर, बीकानेर और भरतपुर सहित भारत बंद  जैसी कहीं तस्वीर नजर नहीं आई।  केन्द्र सरकार की सेना में नौकरी के लिए लागू की गयी अग्निपथ योजना के विरोध में सोशल मीडिया पर बंद के आवाहन का कोई असर यहां देखने को नहीं मिला और जनजीवन रोजमर्रा की तरह सामान्य बना रहा।

 शहर के विभिन्न बाजार प्रतिदिन की भांति समय पर खुले और आम आदमी ने भी जरूरत की चीजों की बाजार से खरीददारी की। पेट्रोल पंप , सिनेमाघरों, माल , सब्जी व फ्रूट मंडी , आड़त कारोबार, स्वर्ण आभूषण दुकानें , दुग्ध व मेडिकल व्यवसाय के अलावा लोकल ट्रांसपोर्ट निर्बाध गति से चलते रहे ।  व्यापारियों ने प्रशासन को बंद से अलग रहने की पहले ही सूचना दे दी थी । अजमेर जिला एवं पुलिस प्रशासन भी बंद को देखते हुए सतर्क और चाकचौबंद रहा। अजमेर सहित ब्यावर, किशनगढ़ , नसीराबाद, केकड़ी, सरवाड़ , पुष्कर में मुस्तैदी से पेट्रोलिंग की गयी और विभिन्न क्षेत्रों में फ्लैग मार्च भी निकाला।

अजमेर दरगाह क्षेत्र में भी पुलिस का अतिरिक्त जाब्ता तैनात किया गया। अजमेर रेल्वे स्टेशन पर जीआरपी पुलिस ने मोर्चा सम्भालें रखा।
 उल्लेखनीय है कि केन्द्रीय गृह सचिव की ओर से पूरे देश में बंद को देखते हुए सुरक्षा बंदोबस्त के निर्देश दिए गये थे। बंद का आवाहन विभिन्न छात्र संगठनों की ओर से था लेकिन पुलिस भी उपद्रवियों से सख्ती से निपटने के लिये तैयार है।

केन्द्र द्वारा सेना भर्ती के लिए लायी गयी अग्निपथ योजना के विरोध में आज बुलाए गए भारत बंद का मध्यप्रदेश में असर नहीं दिखा, हालांकि पुलिस द्वारा ऐहतियातन सुरक्षा के पुख्ता इंतेजाम किए गए हैं। वहीं, रेलवे द्वारा भी सुरक्षा की चाक चौबंद व्यवस्था की गईं। पुलिस मुख्यालय भोपाल द्वारा मुहैया कराई गई जानकारी के अनुसार भारत बंद के आह्वान के मद्देनजर राजधानी भोपाल में ऐहतियातन सुरक्षा के कड़े इंतेजाम किए गए थे। कहीं से भी अप्रिय घटना की सूचना नहीं आईं। रेलवे स्टेशनों और बस स्टैण्ड के बाहर पुलिस का कड़ा पहरा रहा। उधर, रेल प्रशासन द्वारा रेल यात्रियों की यात्रा सुरक्षित हो और स्टेशन परिसर में किसी भी तरह की अनहोनी को टालने, उपद्रवियों से निपटने का सख्त संदेश देने के लिए भोपाल मंडल के स्टेशनों पर ऐहतियातन रेल सुरक्षा बल और जीआरपी के जवान तैनात रहें, जो कि चौबीस घण्टे सभी गतिविधियों पर नजर बनाए रखे। केन्द्र सरकार द्वारा सेना भर्ती के लिए अग्निपथ योजना लायी गई है। इसी के विरोध में विभिन्न संगठनों द्वारा आज भारत बंद का आह्वान किया गया था।

 भारत बंद का बिहार में कोई खास असर नहीं, बंद समर्थक भी हैं सड़क से गायब
सेना में भर्ती की नई अग्निपथ योजना के विरोध में लगातार चार दिनों तक हंगामे में डूबे बिहार में सोमवार को भारत बंद का जनजीवन पर कोई खास असर नहीं देखा गया। भारत बंद के मद्देनजर बिहार में सुरक्षा के कड़े इंतजाम रहें। सभी संवेदनशील और प्रमुख स्थानों पर पुलिस की बड़ी संख्या में मौजूदगी के कारण बंद समर्थक भी सड़कों पर नहीं उतरें। सिर्फ वामपंथी छात्र संगठन ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) के कार्यकर्ता पटना में प्रदर्शन किया। हालांकि सड़कों पर आवागमन सामान्य रहा । कार्यालय और दुकानें भी खुली रही। राज्य में एहतियात के तौर पर ट्रेनों को रात्रि आठ बजे से सुबह चार बजे तक ही चलाने के निर्णय के कारण रेल यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। वहीं, राज्य के 22 जिलों में इंटरनेट सेवा पर लगी रोक को अगले 12 घंटे तक के लिए बढ़ा गया था। उधर तोडफ़ोड़-आगजनी से संबंधित सीसीटीवी फुटेज और सोशल मीडिया में पोस्ट के आधार पर दोषियों की पहचान, प्राथमिकी तथा उपद्रवियों के फोटो पोस्टर जारी किए जाने और उनकी गिरफ्तारी की चल रही कार्रवाई के कारण पिछले चार दिनों तक उत्पात मचाने वाले प्रदर्शनकारी अब सड़क पर कहीं नजर नहीं आएं ।

 भारत बंद यूपी में बेअसर, ट्रेन निरस्त होने से बढ़ी यात्रियों की दुश्वारी
अग्निपथ योजना के विरोध में कुछ संगठनो के भारत बंद के आवाहन का उत्तर प्रदेश में कोई असर नहीं दिखा। हालांकि कुछ ट्रेनो के एहतियात के तौर पर निरस्त किये जाने से हजारों यात्री रेलवे स्टेशनों पर फंस गये हैं। मुरादाबाद मण्डल मे भारत बंद बेअसर रहा और सडकों पर यातायात सामान्य रहा। किसी बड़े राजनीतिक दल ने भारत बंद का समर्थन नहीं किया। 'अग्निपथ' के खिलाफ कुछ संगठनों की ओर से आज भारत बंद का ऐलान किया गया था। बिहार, उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में भड़की हिंसा के मद्देनजर भारत बंद को लेकर पुलिस प्रशासन चौकन्ना रहा। भारत बंद के दौरान सुरक्षा व्यवस्था सख्त कर दी गई। नागरिक पुलिस के साथ ही राजकीय रेलवे पुलिस, रेलवे सुरक्षा बल से लेकर खुफिया एजेंसी अलर्ट पर रही। मुरादाबाद मण्डल के बिजनौर, रामपुर, सम्भल तथा अमरोहा में भारत बंद के समर्थन का ऐलान ही नहीं किया था। बावजूद इसके ट्रेन निरस्त होने से लोगों को सफर करने में परेशानी उठानी पड़ रही है। यात्रियों को बसों से जाना पड़ा।

सेना में भर्ती के लिए सरकार की अग्निपथ योजना को लेकर जगह-जगह प्रदर्शनकारियों द्वारा ट्रेनों में आग लगाने की घटना ने कई ट्रेनों के पहिये जरूर थाम दिए हैं। परिचालन कारणों से उत्तर रेलवे,मुरादाबाद मण्डल से प्रारंभ होने वाली एवं गुजरने वाली 30 रेलगाड़यिों का निरस्तीकरण किया गया है। लंबी दूरी की अधिकांश ट्रेनों को रद कर दिया है। ऐसे में यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सोमवार को रेलवे स्टेशन पर तमाम लोग रेलगाडिय़ों के आने का इंतजार करते नजर आए। इनमें अधिकांश मजदूर हैं, मजदूरों का मानना है कि बिहार की ओर जाने वाली कोई भी ट्रेन मुरादाबाद से गुजरेगी तो हम उसमें सवार हो जाएंगे। मण्डल रेल प्रशासन सूत्रों ने बताया कि आनंद विहार-दानापुर जनसाधारण, मुजफ्फरपुर सप्तक्रांति,रक्सौल सछ्वावाना, रक्सौल सत्याग्रह, मालदा टाउन, श्रमजीवी, न्यू जलपाईगुड़ी, गरीबरथ, अमृतसर-जयनगर स्पेशल, शहीद, गंगा सतलुज, अर्चना एक्सप्रेस आदि ट्रेनें निरस्त होने से लोगों को मायूस होकर लौटना पड़ रहा है।

 

 

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