जालमपुरा खाल बारिश में बनेगी मुसीबत, विद्यार्थियों का भविष्य अंधकार में

बारिश में खाळ पर बनी रपट पर आ जाता है पानी : कॉलेज परीक्षाओं का होना है आयोजन, कैसे देंगे परीक्षा

जालमपुरा खाल बारिश में बनेगी मुसीबत, विद्यार्थियों का भविष्य अंधकार में

मनोहरथाना राजकीय महाविद्यालय में आयोजित परीक्षाओं में कभी भी जालमपुरा रोड पर बना खाल परीक्षार्थियों के लिए बाधा बन सकता है। खाल में पानी या उफान आने पर परीक्षा केंद्र तक परीक्षार्थी नहीं पहुंच सकते। प्री मानसून की बारिश से ही खाल में पानी आने की शुरूआत हो चुकी है जो आगामी दिनों में इस रपट पर लगभग दो से 3 फुट पानी तेज बारिश में आ जाएगा, ऐसे में कॉलेज में परीक्षा दे रहे परीक्षार्थियों के सामने इस खाल को पार कर परीक्षा देने जाना जान जोखिम में डालना है ।

मनोहरथाना। मनोहरथाना राजकीय महाविद्यालय में आयोजित परीक्षाओं में कभी भी जालमपुरा रोड पर बना खाल परीक्षार्थियों के लिए बाधा बन सकता है। खाल में पानी या उफान आने पर परीक्षा केंद्र तक परीक्षार्थी नहीं पहुंच सकते। प्राप्त जानकारी के अनुसार जालमपुरा रोड पर स्थित राजकीय महाविद्यालय में कॉलेज में अध्ययनरत विद्यार्थियों की परीक्षाएं 9 जून से शुरू हुई है जो 10 अगस्त तक बारिश के दौरान इन परीक्षाओं के पेपर आयोजित होने हैं। जालमपुरा मार्ग पर स्थित कॉलेज के रास्ते पर उस्ताद के खेत के समीप एक खाल बहता है, जिसमें बारिश के समय हमेशा पानी रहता है, इस खाल पर बनी छोटी रपट पर यदि क्षेत्र में 2 से 3 घंटे की तेज बारिश होती है तो बारिश में ही इस पर पानी आ जाता है, ऐसे में अब प्री मानसून की बारिश से ही खाल में पानी आने की शुरूआत हो चुकी है जो आगामी दिनों में इस रपट पर लगभग दो से 3 फुट पानी तेज बारिश में आ जाएगा, ऐसे में कॉलेज में परीक्षा दे रहे परीक्षार्थियों के सामने इस खाल को पार कर परीक्षा देने जाना जान जोखिम में डालना है और यदि यह समस्या ज्यादा दिन रही तो बच्चों के भविष्य पर संकट मंडरा सकता है। कॉलेज में वर्तमान में बीए प्रथम वर्ष से लेकर तृतीय वर्ष के रेगुलर एवं प्राइवेट कुल छात्र संख्या 1898 परीक्षार्थी 9 जून से 10 अगस्त के मध्य विभिन्न परीक्षा देने के लिए पहुंचेंगे, ऐसे में कॉलेज प्रशासन एवं परीक्षार्थियों में अभी से असमंजस बना हुआ है कि यदि किसी दिन खाल की रपट पर अधिक पानी आ गया तो परीक्षार्थी परीक्षा कैसे देंगे और उनके पेपर छूटने का डर उन परीक्षार्थियों को सताने लगा है।

 इस संबंध में कॉलेज प्रशासन का कहना है कि उन्होंने गत वर्ष से ही जिला कलेक्टर से लेकर सार्वजनिक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता अधिशासी अभियंता एवं जनप्रतिनिधियों विधायक सभी को इस बारे में अवगत कराया जा चुका पर विद्यार्थियों की समस्या पर किसी ने कोई ध्यान आज तक नहीं दिया। कार्यवाहक प्रधानाचार्य ब्रजमोहन ने बताया कि कॉलेज प्रशासन द्वारा इस बारे में गत 1 वर्ष से समय-समय पर अधिकारियों को अवगत कराया जाता रहा है। पूर्व में भी कोरोना काल की वजह से परीक्षाएं आयोजित नहीं हुई। ऐसे में 1898 कुल परीक्षार्थी लगभग 2 महीने चलने वाली परीक्षाओं में परीक्षा देंगे, परीक्षा का पूरा समय संपूर्ण बारिश के दौरान है। इसके लिए 5 अगस्त 2021 से जिला कलेक्टर, अधिशासी अभियंता, विधायक को पत्र लिखकर अवगत करा दिया है। लगातार पुलिया निर्माण के लिए मांग की जा रही है । इसके लिए पीडब्ल्यूडी अकलेरा द्वारा अधीक्षण अभियंता झालावाड़ को पुलिया का एस्टीमेट 22 मार्च 2018 को भेजा जा चुका है, लेकिन अभी तक इसकी स्वीकृति नहीं हुई है। इसके लिए उप परीक्षा केंद्र के लिए भी कुलसचिव कोटा विश्वविद्यालय को लेटर भेजा जा चुका है। बारिश के मौसम में महाविद्यालय के छात्र व स्टाफ के लिए यह खाल समस्या बना हुआ है । इस पर पुलिया निर्माण अति आवश्यक है । जिससे छात्रों का भविष्य अंधकार में ना हो।   

इस बारिश में यदि वैकल्पिक परीक्षा केंद्र मनोहरथाना में अन्य स्थान पर कॉलेज परीक्षार्थियों के लिए बना दिया जाए तो इस बारिश में परीक्षार्थियों के इस समस्या का समाधान हो सकता है। -बृजमोहन, प्राचार्य कार्यवाहक

जालमपुरा के रोड पर खाल पर बनी यह पुलिया सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधीन आती है अब गत वर्षों से इधर कॉलेज बनने से बारिश में इस पुलिया पर पानी रहने से ग्रामीणों सहित बच्चों को आवागमन में परेशानी रहती है। सार्वजनिक निर्माण विभाग को यह सब ध्यान देकर इस पुलिया को ऊंचा करना चाहिए जिससे समस्या का समाधान हो सके। -ईश्वर चंद यादव, ग्राम विकास अधिकारी मनोहर थाना

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