आंगनबाड़ी के बच्चों को रास नहीं आ रहा नया पोषाहार

आंगनबाड़ी केंद्रों पर घटिया फोर्टीफाइड प्रोसेस्ड पूरक पोषाहार हो रहा सप्लाई, पोषाहार की मात्रा आ रही कम, दलिया तैयार करने के मिल रहे मात्र 45 पैसे,प्रदेशाध्यक्ष निदेशक व महिला बाल विकास की मंत्री कर चुकी शिकायत

आंगनबाड़ी के बच्चों को रास नहीं आ रहा नया पोषाहार

जिले में बच्चों को कुपोषण से छुटकारा दिलाने के लिए सरकार ने पोषाहार वितरण में बदलाव कर सभी आंगनबाड़ी केंद्रों पर अगस्त से बालकों, गर्भवती, धात्री महिलाओं व किशोरियों को पोसेस्ड पूरक पोषाहार वितरण शुरू किया लेकिन ये नया पोषाहार केंद्रों से जुड़े लाभार्थियों रास नहीं आ रहा है।

 कोटा। सरकार ने आंगनवाड़ी में आ रहे बालक बालिकाओं को पोष्टिक आहार के लिए अगस्त से पोषाहार में बदलाव किए लेकिन नया पोषाहार की गुणवत्ता ठीक नहीं होने से बच्चों को दाल और दलिया रास नहीं आ रहा है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का कहना है कि केंद्रों पर जो नया पोषाहार पैकेट सप्लाई किया जा रहा है वो घटिया किस्म का है। बच्चों को मीठा दलिया बनाकर देने पर बच्चों पसंद नहीं आ रहा है। केंद्रों सप्लाई दलिया और दाल के पैकेट की मात्रा भी कम है। उल्लेखनीय है कि ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों की आंगनबाड़ी केंद्रों  जुड़ी गर्भवती,धात्री महिलाओं और बच्चों को अगस्त से फोटीर्फाइड प्रोसेस्ड पूरक पोषाहार दिया जाना शुरू किया है। पिछले जहां केंद्रों पर बालक बलिकाओं गर्भवती महिलाओं को सूखा पोषाहार चावल,दाल दिए जा रहे थे उस में अगस्त सरकार ने केंद्रों पर मिलने वाले पोषाहार में बदलाव किया है। केंद्र पर अब गेहूं, चावल, दाल व पंजीरी जैसी सूखी सामग्रियों पर रोक लगा दी थी। जिले में बच्चों को कुपोषण से छुटकारा दिलाने के लिए सरकार ने पोषाहार वितरण में बदलाव कर सभी आंगनबाड़ी केंद्रों पर अगस्त से बालकों, गर्भवती, धात्री महिलाओं व किशोरियों को पोसेस्ड पूरक पोषाहार वितरण  शुरू किया लेकिन ये नया पोषाहार केंद्रों से जुड़े लाभार्थियों रास नहीं आ रहा है।  बंद पैकेट में सामग्री का वितरण घटिया किस्म का होने की शिकायत लाभार्थी कर चुके है। 

 नाश्ता बच्चों को नहीं आ रहा पसंद
आंगनवाड़ी कार्यकर्ता संतोष ने बताया कि आंगनबाड़ी केंद्रों पर 3 से 6 वर्ष के सामान्य व अति कुपोषित बच्चों को नाश्ते में गर्म फोटीर्फाइड मूंग दाल, चावल खिचड़ी, फोटीर्फाइड न्यूट्री मीठा दलिया व प्रीमिक्स उपमा दिया दिया जा रहा है। लेकिन केंद्र पर ना तो बनाने के लिए इंधन है। बनाने के लिए मात्र 45 पैसे पर यूनिट दिया जाता है। जबकि दलिया को पकाने और तैयार करने में काफी खर्च आता है। विभाग को तीन रुपए करने की मांग की जा चुकी है।

कैटेगरी वाइज पैकेटों में लाभार्थियों को ऐसे हो रहा सामग्री का वितरण
6 माह से 3 वर्ष के बालकों को फोटीर्फाइड न्यूट्री मीठा दलिया 480 ग्राम, फोटीर्फाइड मूंग दाल, चावल खिचड़ी 480 ग्राम, फोटीर्फाइड सादा गेहूं का दलिया 540 ग्राम, फोटीर्फाइड बालाहार  बेबी प्रीमिक्स 1375 ग्राम के पैकेट में दिया जा रहा है। गर्भवती व धात्री महिलाओं को फोटीर्फाइड न्यूट्री मीठा दलिया 1400 ग्राम, मूंग दाल, चावल खिचड़ी 1400 ग्राम, फोटीर्फाइड सादा दलिया 700 ग्राम, 6 माह से 3 वर्ष के अति कुपोषित बच्चों को सामान्य बच्चों के अलावा 500 ग्राम फोटीर्फाइड मूंग दाल, चावल खिचड़ी 500, सादा गेहूं दलिया एवं 1500 ग्राम तथा बालाहार प्रीमिक्स 1125 ग्राम के दो पैकेट में दिया जा रहा है। वहीं 3 से 6 वर्ष के अति कुपोषित बच्चों को फोटीर्फाइड बालाहार प्रीमिक्स 1550 ग्राम के पैकेट में दिया दिया जा रहा। आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं का कहना है कि जो माल की सप्लाई हो रही है वो लाभार्थियों की संख्या से कम हो रही है जिससे कई लाभार्थी वंचित रह रहे है। जो माल सप्लाई हो रहा वो गुणवत्ता युक्त नहीं होने से बच्चों और गर्भवती महिलाओं को रास नहीं आ रहा है। 

 शिकायत मंत्री तक कर चुके
प्रदेश मंत्री सुमन ने बताया कि राजस्थान आंगनबाड़ी महिला कर्मचारी संघ के प्रतिनिधित्व मंडल ने 14 सितंबर को महिला बाल विकास मंत्री एवं निदेशक जयपुर को पोषहार में घटिया गुणवत्ता का माल सप्लाई की शिकायत की थी।  साथ ही आंगनबाड़ी केंद्रों पर  ईधन की  व्यवस्था नहीं होने से, सप्लाई वाला पोषाहार का माल कम दिए जाने की शिकायत की।  इसके अलावा घटिया क्वालिटी ,बदबू वाला क्वालिटीहीन माल भेजा जा रहा जो बच्चे नहीं खा रहे है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को 45 पैसे की दर  पोषाहार बनाने का मानदेय दिया जा रहा उसको बढ़ाकर 3 किया किए जाने की मांग की। 

इनका कहना है......
जिले में नये पोषहार की घटिया सप्लाई और कम मात्रा देने की। शिकायत उपनिदेशक महिला एवं बालविकास को कई बार की लेकिन कोई सुनवाई नहंीं होने पर पर  इसकी शिकायत करने 14 सितंबर को आंगनबाडी कार्यकर्ताओं का एक प्रतिनिधि मंडल मेरे नेतृत्व में जयपुर गया वहां महिला एवं बाल विकास मंत्री व विभाग के निदेशक को इस बारे में अवगत कराया की कोटा जिले में पोषाहर की सप्लाई ठीक से नहीं हो रही है।  जिले में बेबी मिक्स का  2019 का बकाया भुगतान भी अभी तक नहीं हुआ है। आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय समय नहीं डाला जा रहा है। चार  माह का बकाया चल रहा भुगतान शीघ्र करने की मांग मंत्री के सामने रखी। उन्होंने इसकी जांच कराने और गुणवत्ता युक्त पोषाहार सप्लाई कराने और उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। 
 -शाहिदा खान,प्रदेशाघ्यक्ष आंगनबाड़ी महिला कर्मचारी संघ

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