हम सबके ही प्यारे हैं राम

हम सबके ही प्यारे हैं राम

बचपन से ही रोम रोम में बसने वाले राम की महत्ता के बारे में हम सुनते आ रहे हैं। स्कूल कॉलेज के दिनों में श्रीराम के बारे में पढ़ने के बाद उनके पुरुषों में उत्तम यानि मर्यादा पुरुषोत्तम होने का पता चला।

बचपन से ही रोम रोम में बसने वाले राम की महत्ता के बारे में हम सुनते आ रहे हैं। स्कूल कॉलेज के दिनों में श्रीराम के बारे में पढ़ने के बाद उनके पुरुषों में उत्तम यानि मर्यादा पुरुषोत्तम होने का पता चला। लेकिन पिछले कुछ सालों में हुईं राजनीतिक घटनाओं को देखें तो लगने लगा कि ये वो राम नहीं जो रोम रोम में बसते हैं। लेकिन फिर मैंने वरिष्ठ पत्रकार एवं लेखक फजले गुफरान कि नई किताब 'मेरे राम सबके राम' पढ़ी। तब पता चला कि श्रीराम का मतलब क्या है और क्यों उन्हें मर्यादा पुरुषोत्तम कहते हैं।

गुफरान कि किताब सच्चे अर्थों में एक मुकम्मल किताब है। इस किताब में राम के अवतार लेने से लेकर उनके जल समाधि लेने तक की जीवन यात्रा है। राम के आदर्श जीवन को पढ़ने के बाद पता चला कि मनुष्य होने का मतलब क्या है, एक पुत्र होने का मतलब क्या है, एक भाई होने का मतलब क्या है, और सबसे बढ़कर एक पति होने का मतलब क्या है!

किसी का जीवन इतना विशाल भी हो सकता है कि उस पर सैकड़ों हजारों किताबें लिखी जाएं, नाटक रचे जाएं, महाकाव्य की रचना कि जाए! इतने के बाद भी ऐसा लगता है कि अभी बहुत कुछ है जो लिखा जाना बाकी है और अभी बहुत कुछ है जिसे पढ़े जाने की जरुरत है। लेकिन इस बहुत कुछ के बारे में अब सोचने की जरुरत नहीं है क्योंकि अब आपके हाथ में 'मेरे राम सबके राम' है जो आपको एक ऐसे जीवन की यात्रा पर ले जाएगी जो न सिर्फ सच्चे और आदर्श मनुष्य से रूबरू कराएगी, बल्कि सच्चे धर्म से भी मिलवाएगी और उस सच्चे समाज से भी जिसके निर्माण के लिए कोशिश हो रही है।

'मेरे राम सबके राम' एक ऐसी किताब है जो भारत के युवाओं को जागरूक भी करती है और श्रीराम के आदर्श पर चलने का रास्ता भी बताती है। आज विश्व भर में 300 से भी अधिक रामायण मौजूद हैं जो विभिन्न देशों की विभिन्न भाषाओं में रचित हैं। सिनेमा से लेकर साहित्य तक, लोककथाओं से लेकर नाटकों तक, हर जगह श्रीराम के जीवन की अदभुत गाथा मौजूद है। श्रीराम की जीवनी तो एक ही है लेकिन इनके जीवन को जितने लोगों ने चुना है, पढ़ा है वो सभी जानते हैं कि उनके जीवन के कितने आयाम हैं जो हमें दिखाई ही नहीं दे रहे।

Read More 103 जिला शिक्षा अधिकारियों के तबादले, अधिकांश सीबीईओ के खाली पदों पर

प्रभात प्रकाशन से आई फजले गुफरान कि यह किताब वाकई में एक सम्पूर्ण किताब कही जाएगी। इस किताब को लिखने में दर्जनों किताबों से शोधपरक जानकारियां ली गई हैं। इसलिए पाठकों के लिए तो यह किताब बहुत रोचक बन पड़ी है। श्रीराम कि पौराणिक बातों को तो अक्सर लोग जानते हैं लेकिन क्या कोई ऐतिहासिक बातों को भी जानता है? न के बराबर लोग जानते हैं। लेकिन इस किताब में इतिहास और विज्ञान के शोध ग्रंथों से तथ्य लेकर ये प्रमाणित किया गया है कि श्रीराम का इतिहास क्या है!

Read More Gold & Silver Price: चांदी 750 रुपए और शुद्ध सोना 550 रुपए महंगा

इस किताब का सबसे रोचक पहलु इसके अध्यायों की विविधता है जो श्रीराम के जीवन को समझने में आसानी पैदा करती है। श्रीराम के बारे में तो आप सभी बहुत कुछ जानते हैं, क्योंकि वो आपके आराध्य हैं। लेकिन अभी बहुत कुछ ऐतिहासिक रूप से जानना जरुरी है इसलिए ही इस किताब की रचना की गई है।

Read More मुख्यमंत्री के पिता का एसएमएस में इलाज जारी, उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी भी पहुंची हाल जानने

इस किताब को लिखने में फजले गुफरान ने ऐसी बहुत सी बातों का ध्यान रखा है जो बेहद जरुरी चीज है। मसलन कि - फजले ने इस किताब के शीर्षक के जरिये ही ये संदेश दिया है कि श्रीराम पर पूरी दुनिया के हर इंसान का हक बनता है कि सब उन्हें प्यार करें। किसी एक धर्म या एक देश के श्रीराम हो ही नहीं सकते क्योंकि उन्होंने पुरे विश्व 
का मार्गदर्शन किया है। क्योंकि राम तो हम सबके हैं और हम सबके लिए बहुत प्यारे भी हैं।

Post Comment

Comment List

Latest News

छत्तीसगढ़ कोल ब्लॉक पर दोनों सीएम के बयानों से विरोधाभास: गहलोत छत्तीसगढ़ कोल ब्लॉक पर दोनों सीएम के बयानों से विरोधाभास: गहलोत
इस मुद्दे पर गुमराह कर रहे हैं या दोनों मुख्यमंत्री मिलकर अपने-अपने राजनीतिक हितों के अनुरूप जनता को गुमराह कर...
RPF ने पिछले 7 वर्षों में 'ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते' के तहत 84,119 बच्चों को बचाया
सुस्त निवेश से 10 वर्ष में घाटी आर्थिक विकास की रफ्तार : कांग्रेस
आतंकी हमलों की रोकथाम के लिए केंद्र करे गम्भीरता से प्रयास: गहलोत
बड़ी बड़ी बातें नहीं कर केन्द्र आतंकियों के खिलाफ करें सख्त कार्यवाही: डोटासरा
जयपुर संभाग में हुआ 9 लाख 92 हजार से ज्यादा वृक्षारोपण
औषधि के उच्च मानक तय करना जरूरी, विश्व स्तरीय विनियामक ढांचे की आवश्यकता है: नड्डा